samacharsecretary.com

भरतपुर में रिश्तों की मिसाल: हरियाणवी सिंगर काजल चौधरी बनीं ‘कलयुग की श्रवण कुमार’

 जयपुर राजस्थान के जिले भरतपुर में  रिश्तों की एक ऐसी अनूठी मिसाल सामने आई है, जिसने हर आंख को नम कर दिया. हरियाणा की एक बहू अपनी 90 साल की सास को प्लास्टिक के टब में बिठाकर, उसे अपने सिर पर उठाए पैदल ही '84 कोस' की कठिन परिक्रमा करवा रही है.  जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायल होते ही हर कोई इस नजारे को देखकर भावुक हो गया.  कौन हैं टब में सांस को बिठाकर कंधो पर '84 कोस' की परिक्रमा करने वाली बहू? इस बहू का नाम काजल चौधरी है. जो हरियाणा के हताना गांव की रहने वाली हैं और पेशे से एक लोकप्रिय हरियाणवी लोक गायिका (सिंगर) हैं. काजल की 90 साल की सास चन्द्री देवी पिछले कई सालों से शारीरिक रूप से बेहद कमजोर और चलने-फिरने में लाचार हैं. चन्द्री देवी के मन में लंबे समय से ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस की परिक्रमा करने की इच्छा थी, लेकिन शारीरिक अक्षमता के कारण वह बेबस थीं. जब उनकी बहू काजल को इस बात का पता चला, तो उन्होंने अपनी सास के इस सपने को पूरा करने की कोशिश की.  टब में बैठी सास, सिर पर उठाए बहू हरियाणा के हताना गांव की हरियाणवी सिंगर काजल चौधरी अपनी 90 वर्षीय सास चन्द्री देवी को बड़े प्लास्टिक के टब में बिठाकर सिर पर रखकर पैदल 84 कोस की परिक्रमा करवा रही हैं. गांव बनचारी से परिक्रमा शुरू कर सिंगर काजल ने जहां-जहां से गुजर रही थीं, लोग फूल-मालाओं से उनका स्वागत कर रहे थे. बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखने पहुंच रहे हैं. 'सास ने बेटी की तरह पाला, अब फर्ज निभाने की बारी मेरी' काजल चौधरी ने बताया कि उनकी सास चलने-फिरने में असमर्थ हैं. बरसों से उनके मन में 84 कोस परिक्रमा करने की इच्छा थी. सास की यही इच्छा पूरी करने के लिए वह उन्हें भरतपुर की ब्रजभूमि लेकर आई है. काजल ने कहा कि सास ने उन्हें हमेशा बेटी जैसा प्यार दिया.आज जो कुछ भी है सास के आशीर्वाद से है. ऐसे में उनकी इच्छा पूरी करना मेरा फर्ज है. सिंगर काजल बनीं कलयुग की श्रवण कुमार ब्रजभूमि में सास-बहू के इस अद्भुत प्रेम की चर्चा हर जुबान पर है. लोग काजल को कलयुग की श्रवण कुमार बता रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आज के समय में जब रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं, काजल ने समाज को नई दिशा दिखाई है.

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में बड़ा एक्शन, अवैध मदरसों पर कार्रवाई और अपराधियों की परेड

 गाजियाबाद  यूपी के गाजियाबाद में पुलिस-प्रशासन का 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' जारी है. सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा इलाके को अपराध मुक्त करने के लिए चलाए जा रहे इस ऑपरेशन के तीसरे और फाइनल दिन मंगलवार को तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया. वक्फ निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा. पुलिस ने घर-घर जाकर 600 अपराधियों का सत्यापन किया, संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और पुराने बदमाशों से अपराध न करने की शपथ दिलवाई।  खोड़ा के तीन अवैध मदरसे किए गए सील आपको बता दें कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविन्द्र गौड़, डीएम रविन्द्र एम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चन्द्र तिवारी की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन की अगुवाई की. मोहल्ले-मोहल्ले जाकर अपराधियों की शिनाख्त की गई और कानूनी एक्शन लिया गया।  इन सबके बीच प्रशासन की टीम ने खोड़ा के मदरसा रहमानिया अरबिया कासिम-उल उलूम (मोहल्ला बीरबल), सुल्तान अलारफीन मदरसा और एक अन्य मदरसे को सील कर नोटिस चस्पा कर दिया है. यह कार्रवाई मदरसों के गैर-मान्यता प्राप्त होने, अवैध संचालन, कार्यालय में पंजीकृत न होने और परिसर में अग्निशमन व विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी (NOC) न होने के कारण की गई. संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।  अपराधियों का सत्यापन और थानों में ली शपथ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का असर अब पूरे गाजियाबाद जिले में दिखने लगा है. खोड़ा कॉलोनी में घर-घर जाकर 3 दिन के अंदर 600 अपराधियों और हिस्ट्रीशीटर्स का वेरिफिकेशन किया गया. इसके अलावा, साहिबाबाद, इंदिरापुरम और खोड़ा थानों में करीब 150 पुराने अपराधियों को बुलाकर चेतावनी दी गई, जिसके बाद करीब 80 लोग तख्ती लेकर साहिबाबाद थाने पहुंचे और भविष्य में कभी अपराध न करने की शपथ ली।  संदिग्ध किराएदारों की जांच और असद के घर पर नोटिस खोड़ा के घने आबादी वाले इलाके में बिना वेरिफिकेशन के रह रहे किराएदारों और कमर्शियल जगहों की लिस्ट खंगालकर चेकिंग चलाई जा रही है. मुख्य आरोपी असद के घर के दरवाजे पर एसडीएम (SDM) का नोटिस लगा है, जिसे सोमवार को कुछ लोगों ने तोड़ने की कोशिश की थी. पड़ोसी ललित के मुताबिक असद के पिता नवाब ने यह मकान 6 महीने पहले किसी डीलर को बेच दिया था, लेकिन असद कभी-कभार गली में आया करता था।  असद के मददगार गिरफ्तार, सारिक मेवाती फरार पुलिस ने इस मामले में गहराई से जांच करते हुए कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है और कुछ को छोड़ दिया गया है. मुख्य आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साजिश रचने और मदद करने के आरोप में उसके पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी सारिक मेवाती अभी भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है। 

चेचक के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता, अंबाला में 20 संक्रमितों को किया गया होम आइसोलेट

अंबाला. अंबाला कैंट के टैगोर गार्डन में चेचक के केस सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति है। आनन-फानन में विभाग की टीमों ने इस क्षेत्र का दौरा किया और मरीजों की जांच शुरू की। इस दौरान लोगों की स्क्रीनिंग की और जो भी मरीज सामने आए उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। विभाग की मानें, तो अभी तक इस क्षेत्र में बीस केस सामने आ चुके हैं, जिनमें बच्चे व व्यस्क भी शामिल हैं। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर कोई कसर नहीं छोड़ रहा है, जबकि इन मरीजों का रोजाना फालोअप किया जाएगा। मरीजों को दवाइयां आदि दी हैं तथा बताया है कि कैसे अन्य लोगों को इस बीमारी से बचना है। जो भी मरीज हैं उनको उनके घर में ही आइसोलेट कर दिया गया है। फिलहाल मरीजों के स्वजनों को कहा गया है कि स्वास्थ्य पर नजर रखें और यदि दिक्कत बढ़े तो डाक्टर से संपर्क करें। इस तरह से केस आए सामने जानकारी के अनुसार टैगोर गार्डन के कुछ बच्चे एक स्थान पर खेलने व पढ़ने जाते हैं। इसके बाद उनमें चेचक के लक्षण दिखाई देने लगे। शुरुआत में यह कम थे, जबकि धीरे-धीरे यह बढ़ने लगे। इसकी जानकारी जब स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाई तो विभाग ने अपनी टीम इस क्षेत्र में भेजी। इस दौरान जब डाक्टरों ने चेक किया तो पाया कि सही में इन में चेचक के लक्षण थे और मरीज काफी बीमार हैं। इन मरीजों के सारे आवश्यक टेस्ट किए गए। डाक्टरों का दावा है कि अभी किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है। यह बीमारी कैसे आई और कौन इसका कैरियर है, इसके बारे में अभी कुछ पता नहीं है। माना जा रहा है कि इस क्षेत्र में और भी मरीज सामने आ सकते हैं, जबकि स्क्रीनिंग कई लोगों की हुई है। टैगोर गार्डन के दो हिस्सों में हैं मरीज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब टैगोर गार्डन के क्षेत्र में जांच शुरू की तो दो हिस्सों में यह मरीज मिले। विभाग का कहना है कि अभी बीस मरीज सामने आए हैं। सूत्रों का कहना है कि मरीजों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग कर रहा है ताकि मरीजों का पता लगाया जा सके। दावा, मरीजों की संख्या ज्यादा हाे सकती है जिस तरह से एक ही क्षेत्र से करीब बीस केस चेचक के सामने आए हैं, उससे माना जा रहा है कि मरीजों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग अभी बीस केसों की पुष्टि कर रहा है। हालांकि टीमें मंगलवार को भी इन क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगी, जबकि मरीजों का फालोअप करेंगे और अन्य को भी चेक करेंगी। करीब 70 मरीजों का चेकअप, तीन वार्डों में केस स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 70 लोगों का चेकअप किया और मौके पर उनको दवाइयां दी हैं। इसी तरह बताया जा रहा है कि वार्ड 14, 16 और 18 में भी ऐसे ही केस सामने आए हैं। हालांकि अभी स्क्रीनिंग का काम किया जाएगा, लेकिन माना जा रहा है कि केसों की संख्या बीस से अधिक है और यदि लगातार स्क्रीनिंग हुई तो यह संख्या और बढ़ सकती है। यह है चेचक चेचक एक वायरस है और संक्रामक बीमारी है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज को आइसोलेट यानी कुछ दिनों के लिए अन्य लोगों से अलग रखना पड्ता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। खांसने, छींकने पर भी यह फैल सकता है। इसमें शरीर पर बड़े-बड़े दाने हो जाते हैं, जिनमें तरल पदार्थ रहता है। मरीज के लिए खाने के बरतन, कपड़े, तौलिया आदि अलग रखा जाता है। दस दिनों का विंडो पीरियड होता है और इसके बाद धीरे-धीरे यह समाप्त होने लगता है। खास है कि इस दौरान मरीज को दवाइयां नियमित रूप से लेते रहना चाहिए। मरीजों को घरों में आइसोलेट किया अंबाला कैंट के टैगोर गार्डन क्षेत्र से बीस मरीज चेचक के सामने आए हैं। इन मरीजों को विभाग की टीम ने दवाइयां दी हैं और आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए हैं। इन को घरों में ही आइसोलेट किया गया है। मरीजों का फालोअप किया जाएगा और नियमित दवाइयां दी जाएंगी। दस दिनों का विंडो पीरियड है और इसके बाद मरीज सामान्य होने लगता है। इस में काफी सावधानी व परहेज बरतना होगा। -डॉ. सुनील हरि, महामारी नियंत्रक, नागरिक अस्पताल अंबाला शहर  

ऑपरेशन सिंदूर की जीत को समर्पित रही 15 हजार किमी की यात्रा, साइकिल से चारधाम पहुंचे दीपक शर्मा

पानीपत सौंधापुर गांव निवासी 37 वर्षीय दीपक शर्मा ने 15 हजार किलोमीटर चार धाम की यात्रा साइकिल से तय की। यह यात्रा एक साल में मई 2026 में पूरी की है। यह यात्रा ऑपरेशन सिंदूर की जीत को समर्पित रही। दीपक शर्मा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के समय देश की जीत पर यात्रा का संकल्प लिया था। दीपक इससे पहले दो फरवरी 2025 को पानीपत से महाकुंभ तक (एक हजार किलोमीटर) की लगभग 10 दिन की यात्रा केवल साइकिल से पूरी कर चुके हैं। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न शहरों में लोगों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। दीपक ने बताया कि वह रोजाना 70 से 80 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर अपने आगे के लक्ष्य की ओर बढ़ते थे। युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे दीपक उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं, जिन्होंने अपने जुनून को समाज सेवा और राष्ट्रहित के संदेश से जोड़ दिया। दीपक ने साइकिल से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ भारत, जल बचाओ और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। साइकिल यात्रा कर 25 मई 2025 से 30 मई 2026 तक चार धाम द्वारकाधीश, रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी और बद्रीनाथ के दर्शन किए। पत्नी ने भी दीपक से हुई प्रेरित दीपक की साइकिल यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू उनकी पत्नी जयंती बनी हैं। शादी के बाद दोनों ने ऋषिकेश से पानीपत तक की यात्रा साइकिल से पूरी की थी। पति के जज्बे और समर्पण को देखकर जयंती भी साइकिल के प्रति प्रेरित हुईं। कई यात्राओं में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं। दोनों दंपती आज समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बन चुके हैं। पत्नी जब साइकिल से गांव पहुंची तो उनको सब देखकर सलाम कर रहे थे। साइकिल बनी पहचान, कई मंचों पर मिला सम्मान दीपक को साइकिल यात्रा के दौरान जागरूकता फैलाने के लिए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मंत्री कृष्णलाल पंवार, मंत्री महिपाल ढांडा, गुजरात, गोवा के राज्यपाल, गोवा के मुख्यमंत्री, कर्नाटक व केरल के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सम्मानित कर चुके हैं। दीपक का कहना है कि सम्मान उनका लक्ष्य नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना उनकी प्राथमिकता है। उनका सपना है कि अधिक से अधिक युवा साइकिल को अपनाएं और पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ें। विकसित भारत का संदेश लेकर निकले चारधाम यात्रा के दौरान दीपक ने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने लोगों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण बचाने, स्थानीय उत्पादों के उपयोग, डिजिटल लेनदेन, महिलाओं के सम्मान और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। दीपक ने एक पेड़ मां के नाम अभियान का संदेश भी दिया।  

MI पर सेंटनर का आरोप: चोटिल होने के बाद 2 करोड़ की सैलरी में कटौती से नाराज़गी

 मुंबई मुंबई इंडियंस के स्टार स्पिन ऑलराउंडर मिचेल सेंटनर ने IPL 2026 के दौरान हुए अपने चोटिल होने और भुगतान को लेकर बड़ा दावा किया है. न्यूजीलैंड के सीमित ओवरों के कप्तान सेंटनर ने कहा कि टूर्नामेंट बीच में छोड़ने के बाद उन्हें मुंबई इंडियंस की ओर से उनकी तय सैलरी का केवल आधा हिस्सा ही मिला, जिससे उन्हें निराशा हुई. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 4 जून से शुरू होने वाले पहले टेस्ट से पहले ग्रेड क्रिकेटर पॉडकास्ट (Grade Cricketer Podcast) पर बातचीत के दौरान सेंटनर से IPL 2026 के दौरान लगी चोट और टूर्नामेंट छोड़ने को लेकर सवाल पूछा गया. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने चोट का बहाना बनाकर IPL छोड़ा और कुछ ही समय बाद न्यूजीलैंड की टेस्ट टीम में शामिल हो गए. इन आरोपों पर जवाब देते हुए सेंटनर ने पूरी घटना बताई. उन्होंने कहा कि दूसरे बच्चे के जन्म के कारण वह मुंबई इंडियंस का पहला मैच नहीं खेल पाए थे. इसके बाद सीधे भारत पहुंचकर उन्होंने दिल्ली के खिलाफ मुकाबला खेला, जहां उनके दाएं कंधे में चोट लग गई. कुछ समय बाद वापसी करने पर उनके बाएं कंधे में भी चोट लग गई. मैंने अपना शरीर दांव पर लगाया, क्यों बोले सेंटनर? सेंटनर ने कहा- मैंने दो हफ्तों के भीतर दोनों कंधों में चोट झेली. मुझे लगा कि मैं टीम के लिए अपना शरीर दांव पर लगा रहा हूं, लेकिन शायद ऐसा नहीं माना गया. उन्होंने आगे दावा किया कि चोट के बाद मुंबई इंडियंस ने उन्हें उनकी 2 करोड़ रुपये की फीस का केवल आधा हिस्सा दिया. सेंटनर के मुताबिक यह बात उन्हें काफी खली. आईपीएल 2026 में सेंटनर का कैसा रहा प्रदर्शन IPL 2026 में सेंटनर ने मुंबई इंडियंस के लिए कुल 4 मैच खेले. इस दौरान उन्होंने पांच विकेट हासिल किए. उनका बॉल‍िंग एवरेज 25 रहा, जबकि इकोनॉमी रेट 8.92 रही. वहीं उन्होंने इस दौरान कुल 26 रन भी बनाए. 27 अप्रैल को उन्हें आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर घोषित कर दिया गया था. उनके स्थान पर साउथ अफ्रीका के अनुभवी स्पिनर केशव महाराज को टीम में शामिल किया गया. डॉक्टरों ने सेंटनर को क्या सलाह दी? सेंटनर ने यह भी खुलासा किया कि डॉक्टरों के अनुसार उन्हें करीब आठ सप्ताह तक क्रिकेट से दूर रहना था, लेकिन उन्होंने उम्मीद से कहीं तेजी से रिकवरी की. न्यूजीलैंड के स्पिनर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह आठ सप्ताह की चोट से केवल चार सप्ताह में उबर गए और अब मीडिया में सवालों का सामना कर रहे हैं. तो क्या MI ने सेंटनर के साथ गलत किया? दिलचस्प बात यह है कि IPL के नियमों के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान चोटिल होता है, तो उसे नीलामी या अनुबंध के समय तय की गई पूरी राशि मिलने का प्रावधान है. ऐसे में सेंटनर का दावा कई सवाल खड़े करता है. वैसे बीसीसीआई ने ऐसा कोई न‍ियम नहीं बनाया है, जिसमें सीजन खत्म होते ही पूरी सैलरी ख‍िलाड़ी को म‍िल जाए. कई बार ये 2-3 क‍िश्तों में आती है, संभवत: इस बात की जानकारी सेंटनर को ना हो. फिलहाल मुंबई इंडियंस ने सेंटनर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. फ्रेंचाइजी की ओर से न तो भुगतान संबंधी दावे पर और न ही खिलाड़ी के साथ हुई बातचीत पर कोई बयान जारी किया गया है. ऐसे में इस पूरे मामले पर अब सबकी नजरें मुंबई इंडियंस के जवाब पर टिकी हैं.

अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर बढ़ाई गई निगरानी

अमृतसर. ब्लू स्टॉर ऑपरेशन की बरसी की वर्षगांठ के मद्देनजर अमृतसर में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने मंगलवार को अमृतसर पहुंचकर सुरक्षा तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बातचीत की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मीडिया से बातचीत करते हुए स्पेशल डीजीपी प्रवीण सिन्हा ने कहा कि हर वर्ष छह जून से पहले अमृतसर में धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब पुलिस ने इस बार भी व्यापक और बहुस्तरीय सुरक्षा योजना तैयार की है। उन्होंने बताया कि पूरे अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा ग्रिड स्थापित किया गया है, जिसमें विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया है। प्रवीण सिन्हा ने बताया कि पंजाब पुलिस के अलावा सीमा सुरक्षा बल, त्वरित कार्रवाई बल और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 11 कंपनियां अमृतसर तथा आसपास के जिलों में तैनात की गई हैं। इसके साथ ही अमृतसर शहर में 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों और लगभग 30 अनुभवी राजपत्रित अधिकारियों को विशेष ड्यूटी पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है, ताकि किसी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों। इसके लिए अमृतसर पुलिस, आसपास के जिलों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के बीच लगातार तालमेल बनाए रखा गया है। हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए विशेष योजना के तहत सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अमृतसर अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र स्पेशल डीजीपी ने कहा कि अमृतसर अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। कुछ असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्व पंजाब के शांतिपूर्ण माहौल को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं, लेकिन पंजाब पुलिस ऐसी हर गतिविधि पर पूरी तरह नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस प्रमुख के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया गया है। आतंकी घटनाओं का बरसी से सीधा संपर्क नहीं हाल के दिनों में सामने आई कुछ घटनाओं के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में प्रवीण सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनका छह जून के कार्यक्रमों से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस को पहले से कुछ संभावित योजनाओं की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर समय रहते कार्रवाई कर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस की केस सुलझाने की दर देश में सबसे बेहतर दरों में शामिल है और बाकी मामलों की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जैसे-जैसे महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस छह जून के कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और प्रदेश में अमन-शांति बनाए रखने पर है।

राजस्थान मौसम अपडेट: तेज हवाओं और बारिश से तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट की संभावना

 जयपुर राजस्थान में पिछले एक हफ़्ते से हो रही भारी बारिश और ओले गिरने से तापमान में कमी आई है, वहीं भारी बारिश और तूफ़ान ने आम ज़िंदगी पर असर डाला है. लेकिन मौसम सुहावना होने से लोगों को चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है. तापमान में आई गिरावट की वजह से मौसम विभाग ने जानकारी जारी की है कि आने वाले दिनों में यह राहत जारी रहेगी. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance)   एक्टिव हुआ है. जिसके असर से 3-4 जून को बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, भरतपुर, अजमेर, उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में तेज आंधी तूफान और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की काफी उम्मीद है. मंगलवार को जैसलमेर में चली थी धूल भरी आंधी इस बीच, मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटों में यानी बुधवार सुबह तक पूर्वी राजस्थान की कुछ जगहों पर हल्की बारिश दर्ज की गई है. वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर सहित कई इलाकों में कल ( मंगलवार) शाम तक हल्की बारिश के साथ धूल भरी आंधी चली. इस दौरान राज्य में सर्वाधिक वर्षा रामगढ़ (जैसलमेर) में 15.0 मिलीमीटर हुई जबकि सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस फलोदी में दर्ज किया गया. राजस्थान मौसम अपडेट 3 जून एक और नए मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आज 3 जून को एक बार पुनः जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ भागों में तेज मेघगर्जन तेज अंधड़ (60-70 Kmph), जयपुर, भरतपुर व कोटा संभाग के कुछ भागों में भी कहीं-कही आंधी बारिश होने की संभावना है। अगले 48 घंटे में 4 डिग्री तक गिरेगा पारा मौसम केंद्र द्वारा बुधवार दोपहर बाद के लिए आधिकारिक चेतावनी जारी करते हुए राज्य के पश्चिमी और उत्तरी जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है. जिसके तहत जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और अजमेर संभाग में ऑरेज और सीकर, चुरू, झुंझुनूं और राजसमंद में येलो अलर्ट जारी किया गया है. वही इन भागों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी और झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है. इसके असर से अगले 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के बड़े हिस्से में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की कमी देखने को मिल सकती है. आंधी बारिश के प्रभाव से आगामी एक सप्ताह ज्यादातर भागों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री से नीचे दर्ज होने व 'हीटवेव' से राहत बने रहने का अनुमान है, 5 जून से मौसम लौटेगा अपने पुराने रंग में  मौसम केंद्र द्वारा जारी आने वाले पांच दिनों के पूर्वानुमान के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि यह मौसमी तंत्र सिलसिलेवार तरीके से आगे बढ़ रहा है. 3 और 4 जून को  इस पश्चिमी विक्षोभ का असर अपने चरम पर रहेगा, जिससे पश्चिमी, उत्तरी और  दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के कुछ इलाकों में अलर्ट की स्थिति बनी रहेगी. हालांकि, 5 जून से राज्य को इस  को आंधी तूफान और झमाझम बारिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.  इसके बाद पश्चिमी राजस्थान पूरी तरह से सामान्य होकर 'ग्रीन जोन' में तब्दील हो जाएगा और केवल कुछ उत्तरी व मध्य जिलों में ही आंशिक रूप से 'येलो अलर्ट' प्रभावी रहेगा.

CGPSC घोटाले की जांच तेज, ED ने सोनवानी, ध्रुव और वासनिक के घरों पर मारी रेड

रायपुर/दुर्ग. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के भर्ती घोटाले में सीबीआई के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो चुकी है. ईडी की टीम ने आज एक के बाद एक पांच जगहों पर दबिश दी है. इनमें आयोग के मामले में पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी, पूर्व सचिव जीवन किशोर ध्रुव, पूर्व परीक्षा नियंत्रण आरती वासनिक, राज्यपाल के पूर्व सचिव आईएएस अमृत खलको के अलावा एक और आरोपी ललित गणवीर के भाई भूपेंद्र गनवीर का निवास शामिल है. जानकारी के अनुसार, ईडी की पांच टीम भर्ती घोटाले में आरोपी पूर्व चेयरमैन टामन सोनवारी के ग्राम सरबदा में दबिश दी है. वहीं दो टीमों ने पूर्व सचिव जेके ध्रुव के भिलाई सेक्टर-10 स्थित निवास पर और अन्य टीम ने पूर्व परीक्षा नियंत्रण आरती वासनिक के रायपुर स्थित निवास पर दबिश दी है. इसके साथ एक अन्य आरोपी ललित गणवीर के भाई कृषि विस्तार अधिकारी भूपेंद्र गणवीर के राजनांदगांव के शिक्षक कॉलोनी स्थित निवास और राज्यपाल के पूर्व सचिव आईएएस अमृत खलको के तालपुरी, भिलाई स्थित आवास पर ईडी की टीम ने दबिश दी है. टीम परिवार के सदस्यों से पूछताछ करने के साथ दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है. बता दें कि अमृत खलको की की बेटी नेहा और बेटा निखिल का डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयन हुआ था. अमृत खलको बालोद जिले के कलेक्टर, बस्तर संभाग के कमिश्नर, आयुक्त समाज कल्याण, एमडी बीज निगम जैसे पदों पर पदस्थ रहे हैं. इसके अलावा राज्यपाल के सचिव थे, उनके रिटायरमेंट के बाद फिर से उन्हें संविदा नियुक्ति दी गई थी. सीजीपीएसपी भर्ती घोटाले में नाम सामने आने के बाद पद से उन्हें हटा दिया गया था. वर्ष 2020 से 2022 के बीच का है मामला यह घोटाला 2020 से 2022 के बीच सामने आया था, जब सीजीपीएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और साक्षात्कार प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं. अधिकारियों ने कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों और परिचितों को फायदा पहुंचाने के लिए योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी की. परिणामस्वरूप, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे प्रतिष्ठित पदों पर चयनित होने वाले कई नाम सवालों के घेरे में आ गए. इस प्रक्रिया ने न केवल भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए, बल्कि राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता को भी चुनौती दी. इस दिशा में जुलाई 2023 में कार्रवाई शुरू हुईं, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने 2020-22 की परीक्षाओं में पक्षपात के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंप दी. सीबीआई की जांच के अनुसार, पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने नियमों में हेरफेर कर अपने परिजनों को लाभ पहुंचाया. उदाहरण के तौर पर, भतीजे के चयन को सुनिश्चित करने हेतु ‘रिश्तेदार’ शब्द को ‘परिवार’ में बदल दिया गया. इसी तरह, प्रश्न पत्रों का लीकेज कर परीक्षा पास करवाने के आरोप भी लगे हैं. आयोग के तत्कालीन सचिव जीवन किशोर ध्रुव, आरती वासनिक और ललित गणवीर जैसे अधिकारियों पर भी पद के दुरुपयोग का इल्जाम है. सभी आरोपी फिलहाल रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं. गिरफ्तारियों की फेहरिस्त लंबी है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने टामन सिंह सोनवानी के अलावा बजरंग पावर इस्पात कंपनी के निदेशक श्रवण कुमार गोयल, उनके बेटे शशांक गोयल, बहू भूमिका कटियार, उप नियंत्रक ललित गणवीर, निशा कोसले, दीपा आदिल, सुमित ध्रुव समेत कई अन्य को हिरासत में लिया था, इनमें से कई लोग जमानत पर रिहा भी हो चुके हैं.

किंग चार्ल्स ने इदरीस एल्बा को नाइटहुड से किया सम्मानित, विंडसर कैसल में हुआ भव्य समारोह

 अभिनेता  इदरीस एल्बा को 'नाइटहुड' की उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह समारोह विंडसर कैसल लंदन में 2 जून को आयोजित हुआ था। इस खास मौके पर एल्बा के अलावा कई हस्तियों को भी सम्मानित किया। इनमें जेन टोरविल, क्रिस्टोफर डीन, मीरा स्याल भी शामिल थीं। सेवाओं के लिए किए गए सम्मानित 'हाइजैक' स्टार  इदरीस एल्बा को किंग चार्ल्स  ने उन्हें यह उपाधि प्रदान की। लंदन में समारोह में राजा चार्ल्स ने  कार्यकर्ता, संगीतकार, और अभिनेताओं को नाइट की उपाधि से सम्मानित किया। इसी मौके पर एड्रिस को युवाओं के लिए उनके द्वारा दी गई सेवाओं के लिए 'नाइटहुड' इस सम्मान से नवाजा गया। इसके बाद एड्रिस एल्बा ने सोशल मीडिया पर राजपरिवार के पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, 'हम इसके लिए आभारी हैं। हमारा काम इसी तरह चलता रहेगा।' कंधो पर शाही तलवार का स्पर्श ब्रिटेन के शाही परिवार के राजा चार्ल्स ने इस समारोह में जब  इदरीस एल्बा को सम्मानित किया। तब वह शाही परिवार के सम्मान में घुटनों पर बैठ गए। इसके बाद राजा चार्ल्स ने उनके कंधों पर उनकी तलवार पर स्पर्श करके उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इन खूबसूरत पलों की तस्वीर राजपरिवार ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर कीं। जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'विंडसर कैसल में राजा द्वारा आयोजित आज के सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाले सभी लोगों को बधाई।'   किंग चार्ल्स से एल्बा की दूसरी मुलाकात अभिनेता इदरीस एल्बा और किंग चार्ल्स की यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले वह किंग ट्रस्ट के साथ अपने काम के सिलसिले में बकिंघम पैलेस में एक गार्डन पार्टी में भी शामिल हुए थे। एक्टर ने कला के क्षेत्र में 18 साल की उम्र में की थी। जिसके लिए उन्हें किंग ट्रस्ट ने मदद की थी। एक मीडिया हाउस से बातचीत में उन्होंने बताया था कि उनके लिए  युवाओं और उनकी समस्याओं के लिए आवाज उठाने के लिए सम्मानित होना बड़ी बात है।   इदरीस एल्बा के साथ यह हस्तियां भी सम्मानित एक्टर  इदरीस एल्बा के साथ जेन टोरविल और क्रिस्टोफर डीन के डेमहुड और नाइटहुड से सम्मानित किया गया, अभिनेत्री और लेखिका मीरा स्याल को डेमहुड से नवाजा गया। इंटरटेंनर पॉल इलियट को एमबीई (ब्रिटिश साम्राज्य के सबसे उत्कृष्ट आदेश के सदस्य) का सम्मान मिला। बेट्टी ब्राउन को न्याय के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए ओबीई (ब्रिटिश साम्राज्य के सबसे उत्कृष्ट आदेश के अधिकारी) से सम्मानित किया गया।  

ममता बनर्जी को बड़ा झटका? TMC के 59 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के खेमे में जाने की चर्चा

कोलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के महज एक महीने के भीतर राज्य की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा और अप्रत्याशित भूचाल आ चुका है. पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आधिकारिक तौर पर दोफाड़ होने की कगार पर पहुंच गई है. कोलकाता के सियासी गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, टीएमसी के भीतर की गुटबाजी अब एक खुली जंग में तब्दील हो चुकी है, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस का आड़ा-तिरछा विभाजन तय माना जा रहा है. इस बड़े उलटफेर ने राज्य से लेकर देश भर के राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है।  59 विधायक हुए बागी? मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, बुधवार सुबह ठीक 10 बजे ऋतब्रता बनर्जी और संदीपान साहा के नेतृत्व में टीएमसी के बागी विधायकों का एक बहुत बड़ा हुजूम अचानक विधानसभा पहुंच गया. सूत्रों का दावा है कि पार्टी के कुल 80 विधायकों में से दो-तिहाई से कहीं अधिक, यानी कुल 59 नाराज विधायक अब ऋतब्रता बनर्जी के पाले में खड़े हो चुके हैं. इन सभी विधायकों ने एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे विधानसभा अध्यक्ष रथेंद्र बसु को सौंपने की तैयारी की जा चुकी है।  ममता के धरने में दिखी कम संख्या इस अभूतपूर्व टूट के बीच सबसे ज्यादा चौंकाने वाला आंकड़ा ममता बनर्जी के खेमे का सामने आया है. राजनीतिक गलियारों में दावा किया जा रहा है कि अब पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ महज 21 विधायक ही शेष बचे हैं. इस दावे को मंगलवार को तब और हवा मिल गई जब कोलकाता के वाई चैनल पर आयोजित ममता बनर्जी के धरने में पूरी पार्टी से सिर्फ 6 विधायक और 5 सांसद ही शामिल होने पहुंचे. विधायकों की इस बेहद कम संख्या ने खुद टीएमसी नेतृत्व को भी गहरे संकट में डाल दिया है।  ऋतब्रता को विपक्ष का नेता बनाने का दांव ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाला यह बागी गुट अब पूरी ताकत के साथ विधानसभा में खुद को असली तृणमूल कांग्रेस के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुट गया है. बागी विधायकों के दस्तखत वाले पत्र के जरिए विधानसभा अध्यक्ष से मांग की जा रही है कि ऋतब्रता बनर्जी को आधिकारिक तौर पर विपक्ष का नेता घोषित किया जाए. इसके साथ ही संदीपान साहा को उप-विपक्ष का नेता और मुर्शिदाबाद के विधायक अखरुज्जमान को मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।  ममता के पास सिर्फ 21 विधायक? सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 59 विधायकों के बागी रुख अख्तियार कर लेने के बाद अब आधिकारिक तौर पर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के पास सिर्फ 21 विधायक बचे हैं. विधायकों का ये नंबर गेम बताता है कि टीएमसी इस वक्त पूरी तरह से मुश्किलों में घिरी हुई।  बताया जा रहा है कि टीएमसी के ये बागी विधायक विधानसभा पहुंच गए हैं, जहां वह विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस से मुलाकात करेंगे. इसके लिए स्पीकर भी सदन पहुंच गए हैं. बताया जा रहा है कि स्पीकर से मुलाकात के दौरान ऋतब्रत नेता प्रतिपक्ष के लिए अपनी बात रखेंगे।  क्या है बागी विधायकों की मांग टीएमसी के इन बागी विधायकों की मांग है कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय के बजाय पार्टी के किसी अन्य बेहद वरिष्ठ नेता को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (लीडर ऑफ अपोजिशन) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाए, जिसके लिए उन्होंने ये कड़ा रुख अपनाया है। उधर, टीएमसी के बागी विधायकों में शामिल मुस्तफिजुर रहमान ने कहा कि टीएमसी के 59 विधायकों ने हस्ताक्षर किया है. हम सभी ममता बनर्जी के खिलाफ नहीं है, लेकिन हम चाहते हैं कि किसी वरिष्ठ नेता को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए। विधानसभा के मौजूदा समीकरणों को देखें तो इस अभूतपूर्व बगावत के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के पास अब केवल 21 वफादार विधायक ही बचे हैं, जिससे पार्टी के पूरी तरह विभाजित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए बंगाल विधानसभा में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर शानदार जीत दर्ज कर टीएमसी को सत्ता से बेदखल कर दिया।  दिग्गज और अल्पसंख्यक नेताओं की बड़ी बगावत इस विद्रोह की सबसे खास बात यह है कि इसमें ममता बनर्जी के पुराने और सबसे भरोसेमंद सिपहसालार शामिल हैं. बागी गुट में पूर्व मंत्री जावेद खान, शूलि साहा, वीरभूम के कद्दावर नेता काजल शेख, पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा, मुर्शिदाबाद के विधायक नियामत शेख, सामशेरगंज के विधायक मोहम्मद नूर आलम, उत्तर दिनाजपुर के विधायक गुलाम रब्बानी, डोमजूर के विधायक तापस मैती और हावड़ा मध्य के विधायक अरूप राय जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं. मालदा की विधायक और पूर्व मंत्री साबीना यास्मीन ने खुलेआम ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन कर दिया है. इसके अलावा, मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों के अधिकांश अल्पसंख्यक विधायक भी इसी बागी गुट के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।  फर्जी हस्ताक्षर पर छिड़ी कानूनी जंग इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में एक बड़ा कानूनी मोड़ तब आया, जब अभिषेक बनर्जी की तरफ से विधानसभा भेजे गए एक पत्र पर बागी विधायकों ने अपने फर्जी हस्ताक्षर होने का आरोप लगा दिया. ऋतब्रता बनर्जी और संदीपान साहा ने स्पीकर से लिखित शिकायत की है कि विधायकों की मर्जी के बिना उनके दस्तखत का गलत इस्तेमाल किया गया है. इस गंभीर शिकायत के बाद राज्य की सीआईडी (CID) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।