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ओंकारेश्वर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, हेलीपैड और अस्पताल निर्माण को मंजूरी

भोपाल  प्रदेश में सिंहस्थ 2028 के लिए बनाई गई मंत्रिमंडलीय समिति ने ओंकारेश्वर में बड़वाह, ओंकारेश्वर और खेड़ी घाट क्षेत्र को मिलाकर नया विकास प्राधिकरण गठित करने को मंजूरी दे दी है। इससे खंडवा और खरगोन जिले के विकास कार्यों में तेजी आएगी। इसके साथ ही समिति ने ओंकारेश्वर में हेलीपैड और अस्पताल बनाने को भी स्वीकृति दी है। यह निर्माण कार्य किसी भी तरह की आपदा के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह निर्णय आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सिंहस्थ 2028 के लिए गठित मंत्रिमंडलीय समिति की छठवीं बैठक में लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में सिंहस्थ के लिए 17 नए कार्यों को स्वीकृति दी गई। इनमें उज्जैन सहित ओंकारेश्वर के कार्य भी शामिल हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर में बड़ा अस्पताल बनाने और हेलीपैड बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह निर्माण आपदा के स्थिति में विशेष रूप से सहायक होंगे। विकास प्राधिकरण को मंजूरी मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बड़वाह, ओंकारेश्वर, खेड़ी घाट क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्यों के लिए अलग से प्राधिकरण गठित किया जाए। इससे खंडवा- खरगोन जिलों में होने वाले कार्यों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और विकास गतिविधियां समय से पूर्ण करने में मदद मिलेगी। वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शिप्रा नदी के साथ विकसित हो रहे घाटों का निर्माण चरणबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। घाटों तक आने-जाने के मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का निर्माण भी साथ-साथ किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा कि शिप्रा नदी पर बन रहे घाटों के पास मौजूद आश्रमों तथा गुरुकुलों को घाटों के प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे आश्रम और गुरुकुलों को मदद मिलेगी और सिंहस्थ के बाद भी घाटों का लंबे समय तक उपयोग हो सकेगा।

मजदूरों के लिए खुशखबरी! पूरे पंजाब में 10 लाख श्रमिकों का निशुल्क पंजीकरण करेगी सरकार

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  पूरे पंजाब में 10 लाख निर्माण मजदूरों के मुफ्त पंजीकरण और पुराने पंजीकरण को नवीनीकृत करने के लिए बड़ी मुहिम का ऐलान किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर कल्याण योजनाओं का लाभ सीधे मजदूरों तक पहुंचाया जाए. पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हर निर्माण मजदूर को सामाजिक सुरक्षा लाभ, कल्याण सहायता और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।  इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन निर्माण मजदूरों के पंजीकरण, वित्तीय सहायता और कल्याण योजनाओं के माध्यम से उनकी भलाई, सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद लंबे प्रोसेसिंग समय के कारण मजदूरों के लिए कल्याण योजनाएं आवश्यक सफलता हासिल नहीं कर सकीं।  कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस समय बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड के पास 2.21 लाख मजदूर पंजीकृत हैं, जो पंजाब भर में चल रही बड़े पैमाने की निर्माण गतिविधियों और शहरीकरण को देखते हुए काफी कम है. पंजीकरण में सुधार के लिए राज्य भर में और पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।  मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब सरकार इस विशेष मुहिम के दौरान मजदूरों पर पंजीकरण शुल्क का बोझ खत्म करेगी ताकि अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा सके. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह देखा गया है कि मजदूर अक्सर पंजीकरण कराने में हिचकते हैं क्योंकि उन्हें पंजीकरण शुल्क के रूप में 145 रुपये जमा कराने होते हैं. पंजीकरण कराने और नवीनीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए इस विशाल पंजीकरण मुहिम के दौरान आवेदकों को यह शुल्क जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी. इस मुहिम के दौरान लगभग 10 लाख मजदूरों को पंजीकृत किया जाएगा और पंजाब सरकार इसके लगभग 15 करोड़ रुपये के वित्तीय खर्च को खुद सहन करेगी।  उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार पंजीकरण के बाद भी मजदूरों की मदद करना जारी रखेगी. उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार उन सभी मजदूरों का पंजीकरण शुल्क का खर्च उठाएगी, जो एक साल के अंदर किसी भी लाभ का फायदा नहीं उठाते. श्रम विभाग को गांवों में शाम के समय विशेष शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं क्योंकि मजदूर उस समय काम से लौटते हैं और इससे अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को लेबर चौकों पर मजदूरों के लिए उपलब्ध सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा, “लेबर चौकों पर शेड बनाए जाने चाहिए और पीने के पानी की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए ताकि मजदूरों को काम की प्रतीक्षा करते समय किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।  मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने आवेदनों के निपटान में होने वाली देरी को कम करके कल्याण योजनाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए पहले ही महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2022-23 में मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का प्रोसेसिंग समय 203 दिन था. पंजाब सरकार ने अब इसे घटाकर 73 दिन कर दिया है. लंबा प्रोसेसिंग समय मजदूरों के लिए कल्याण योजनाओं का लाभ लेने में बड़ी बाधा थी, इसलिए यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।  कौशल विकास के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बोर्ड को 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का विवरण ‘पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन’ के साथ साझा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा, “बोर्ड को कौशल प्रशिक्षण के लिए 50,000 पंजीकृत निर्माण मजदूरों का डेटा पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन को उपलब्ध कराना चाहिए. यह प्रशिक्षण केवल निर्माण स्थलों, पंजाब स्किल डेवलपमेंट मिशन के प्रशिक्षण केंद्रों और बी.ओ.सी.डब्ल्यू. वेलफेयर बोर्ड द्वारा लगाए गए शिविरों में ही दी जानी चाहिए।  उन्होंने कहा कि मजदूरों को ऐसे विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जो उनके कौशल और कमाई की क्षमता को बढ़ा सकें. उन्होंने कहा, “राजगीरी (मेसनरी), बार बेंडिंग एंड फिक्सिंग, शटरिंग कारपेंटरी, स्कैफोल्डिंग (पैड़ बांधना), क्वालिटी एशोरेंस, कंस्ट्रक्शन पेंटिंग, कंस्ट्रक्शन इलेक्ट्रिकल वर्क्स, सर्वेक्षण, सड़कों और रनवे का निर्माण, आंतरिक और बाहरी फिनिशिंग, फैब्रिकेशन, ड्राफ्टिंग, शटरिंग कारपेंटरी और अन्य संबंधित क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए कि महिला मजदूरों को पंजाब सरकार की प्रमुख कल्याण योजनाओं का लाभ मिले. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिला मजदूरों को ‘मांवा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता भी मिले.” बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।   

अमित बजाज के ठिकानों पर ED का छापा, दस्तावेजों की गहन पड़ताल जारी

जालंधर  पंजाब के जालंधर में ठेकेदार अमित बजाज के न्यू जवाहर नगर स्थित आवास पर आज सुबह करीब 8:30 बजे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। अमित बजाज इनकम टैक्स, जीएसटी (GST) और वैट (VAT) के जाने-माने वकील हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बजाज शहर के कई बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के टैक्स संबंधी मामले देखते हैं। सूत्रों के अनुसार, इन पूंजीपतियों द्वारा किए गए निवेश (Investment) और टैक्स में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका है, जिसे लेकर ईडी यह जांच कर रही है। फिलहाल, ईडी की टीमें एडवोकेट के घर पर मौजूद हैं और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इस छापेमारी के बाद से ही शहर के कारोबारी और कानूनी जगत में हड़कंप मच गया है। टैक्स में गड़बड़ी की जांच जारी अमित बजाज नगर निगम के ठेकेदार भी है। वह शहर के कई मशहूर उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के टैक्स संबंधी मामले देखते हैं और उन पर पूंजीपतियों की इन्वेस्टमेंट और टैक्स में गड़बड़ी की जांच चल रही है। ईडी ने उनके घर न्यू जवाहर नगर और पास ही स्थित ऑफिस पर आज सुबह 8:30 बजे रेडी शुरू की है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्शन जारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (Hampton Sky Realty Ltd.) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में 6 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी जांच के क्रम में लुधियाना और जालंधर (पंजाब), बरेली (उत्तर प्रदेश) तथा दिल्ली-नोएडा क्षेत्र में एक साथ छापामारी की। जांच एजेंसी के अनुसार, जिन परिसरों पर तलाशी ली जा रही है उनमें मामले से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक कार्यालय शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जांच के तहत की जा रही है। तलाशी के दौरान दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और एजेंसी द्वारा बरामद सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।  

घर-घर कूड़ा उठान व्यवस्था होगी मजबूत, हाई पावर कमेटी लगाएगी टेंडर पर मुहर

गुरुग्राम साइबर सिटी में घर-घर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था को स्थायी और बेहतर बनाने पर मंगलवार को फैसला होगा। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा जारी 606 करोड़ रुपये के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन टेंडर को चंडीगढ़ में होने वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में मंजूरी मिलने की संभावना है। वहीं, मंजूरी मिलने के बाद अगले पांच वर्षों के लिए प्राइवेट एजेंसियों को काम सौंप दिया जाएगा, जिससे शहर में कूड़ा उठान व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। जैसे ही बैठक में टेंडर पर मुहर लगेगी। एजेंसियां तीन महीने में काम शुरू कर देगी। नगर निगम क्षेत्र में 14 जून 2024 के बाद से कोई स्थायी एजेंसी कार्यरत नहीं है। पिछले करीब दो वर्षों से कूड़ा कलेक्शन का कार्य अस्थायी व्यवस्था के तहत विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कराया जा रहा है। स्थायी एजेंसी नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में समय पर कूड़ा उठान और निगरानी से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं। चार जोन को दो क्लस्टर में बांटा नई व्यवस्था के तहत नगर निगम ने शहर के चारों जोनों को दो अलग-अलग क्लस्टर में विभाजित किया है। जोन-1 और जोन-2 को एक क्लस्टर तथा जोन-3 और जोन-4 को दूसरे क्लस्टर में शामिल किया गया है। पहले क्लस्टर के लिए चार निजी एजेंसियों ने आवेदन किया है, जबकि दूसरे क्लस्टर के लिए दो एजेंसियों ने भागीदारी की है। 606 करोड़ रुपये का है टेंडर नगर निगम ने दोनों क्लस्टरों के लिए कुल 606 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। इसमें जोन-एक और जोन-दो के क्लस्टर के लिए 295 करोड़ रुपये तथा जोन-तीन और जोन-चार के क्लस्टर के लिए 311 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। टेंडर आवंटन के बाद संबंधित एजेंसियां अगले पांच वर्षों तक कूड़ा कलेक्शन का कार्य करेंगी। गीले और सूखे कचरे के अलग संग्रह पर रहेगा जोर नई डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था में स्रोत स्तर पर ही गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने पर विशेष फोकस रहेगा। निगम प्रशासन का मानना है कि इससे कचरा प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और रीसाइक्लिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। हाई पावर कमेटी देगी अंतिम मंजूरी, तीन महीने में शुरू होगा काम नगर निगम के चीफ इंजीनियर विजय ढाका ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी में टेंडर सौंपने पर निर्णय होगा। कमेटी की मंजूरी के बाद चयनित एजेंसियों को कार्य आवंटित कर दिया जाएगा और नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। तीन महीने के अंदर एजेंसियां काम शुरू करेंगी।  

‘अनुपमा’ में बड़ा ट्विस्ट: प्रेम और अनु के मिलन पर आया नया अपडेट

टीवी शो ‘अनुपमा’ इन दिनों अपने नए ट्विस्ट और टर्न की वजह से लगातार चर्चा में बना हुआ है. खासतौर पर प्रेम का किरदार दर्शकों का ध्यान खींच रहा है. शुरुआत में प्रेम को एक केयरिंग, इमोशनल और प्यार करने वाले इंसान के रूप में दिखाया गया था, लेकिन अब उसका बदला हुआ अंदाज फैंस को हैरान कर रहा है. वह अनु से नफरत कर रहा है. इसी बीच शिवम खजूरिया ने बताया कि अपमकिंग एपिसोड में प्रेम और अनु का मिलन कब होगा. क्या प्रेम के दिल में है अनुपमा के लिए प्यार शिवम से पूछा गया कि क्या प्रेम के दिल में आज भी अनुपमा के लिए कोई फीलिंग्स बाकी है. इस पर एक्टर ने फिल्मीबीट संग बात करते हुए कहा कि जब किसी से बहुत ज्यादा प्यार होता है, तभी उसके लिए सबसे ज्यादा नफरत भी महसूस होती है. प्रेम के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. उसके अंदर का दर्द और धोखे का एहसास इतना गहरा है कि उसे कुछ समझ नहीं आ रहा है. अपकमिंग एपिसोड में प्रेम और अनुपमा का कब होगा मिलन जब शिवम से पूछा गया कि अपकमिंग एपिसोड में अनु और प्रेम का मिलन कब होगा. इसपर एक्टर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि उनका मिलन जल्द ही होगा. कहानी अभी प्रेम के दर्द, उसके संघर्ष और उसके अंदर चल रही उथल-पुथल को दिखाने पर फोकस कर रही है. एक बार इसका पता लग जाए, उसके बाद ही दोनों के बीच किसी तरह का समाधान निकलेगा.” पिछले कई हफ्तों से अनुपमा की टीआरपी को बड़ा झटका लग रहा है. शो 5वें नंबर पर है. वसुधा टॉप पर बनी हुई है. ऐसा लग रहा है कि दर्शक कहानी से ज्यादा जुड़ नहीं पा रहे हैं.

निवेश बढ़ाने की तैयारी में JIADA, 99 साल की लीज समेत कई सुझाव मिले

 रांची झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (JIADA) राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने के लिए नया ‘जियाडा रेगुलेशन 2026’ लाने की तैयारी में है. इस नए रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए सोमवार को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में जियाडा के एमडी वरुण रंजन ने विभिन्न उद्योग संगठनों के उद्यमियों से सीधा संवाद किया और उनसे पूछा कि वे कैसा रेगुलेशन चाहते हैं? एमडी ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य निवेश को आसान बनाना और उद्यमियों की समस्याओं को दूर करना है. 99 साल के लिए लीज की मांग कार्यक्रम में शामिल FJCCI, JASSIA और AIADA के प्रतिनिधियों ने जियाडा के सामने अपनी कई महत्वपूर्ण मांगें और सुझाव रखें. जिसमें उद्यमियों ने कहा कि पहले औद्योगिक क्षेत्रों में 99 साल की लीज पर जमीन मिलती थी, जिसे घटाकर 30 साल कर दिया गया है. बिहार समेत कई राज्यों ने इसे दोबारा 99 साल कर दिया है, झारखंड में भी यही व्यवस्था लागू होनी चाहिए. साथ ही साथ निवेशकों ने ऐसे ‘प्लग एंड प्ले’ परिसरों की मांग की जहां विकसित भूमि, तैयार शेड, बिजली, पानी, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हों, ताकि उद्योग तुरंत शुरू हो सकें. ओनरशिप ट्रांसफर (स्वामित्व हस्तांतरण) को आसान बनाने के लिए ज्वाइंट वेंचर के प्रावधान शामिल करने का भी सुझाव दिया गया. इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों के लिए 10 फीसदी आवासीय सुविधा की मांग की गई. इस पर जियाडा की ओर से बताया गया कि इंडस्ट्रियल एरिया में वर्किंग वुमेंस हॉस्टल का निर्माण कराया जा रहा है. आदिवासी उद्यमियों की अनदेखी का लगा आरोप एक तरफ जहां जियाडा नए नियमों पर मंथन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘ट्राईबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (TICC&I – टिक्की) झारखंड चैप्टर ने इस बैठक को लेकर सरकार और अधिकारियों के खिलाफ गहरी नराजगी व्यक्त की है. टिक्की ने सरकार पर आदिवासी उद्यमियों की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाया है. टिक्की के प्रदेश अध्यक्ष बैद्यनाथ मांडी ने कहा कि 12 जुलाई 2019 को जियाडा के आठवीं निदेशक मंडल की बैठक में एसटी-एससी (ST-SC) उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में 50% की छूट पर जमीन उपलब्ध कराने का फैसला सर्वसम्मति से पास हुआ था, लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि झारखंड को बने 25 वर्ष हो गए, लेकिन आदिवासियों के लिए कोई स्पष्ट उद्योग-व्यापार नीति नहीं बनी. इस महत्वपूर्ण बैठक में भी टिक्की जैसे बड़े स्टेकहोल्डर को आमंत्रित नहीं किया गया. इस बात का समर्थ करने वालों में बसंत तिर्की, राज मार्शल मार्डी, गोमिया सुंडी सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे.

Heat Wave Alert: पंजाब में दो दिन और सताएगी भीषण गर्मी, 11 जून से मौसम लेगा करवट

चंडीगढ़  पंजाब में दो दिन भीषण गर्मी रहेगी। मौसम विभाग ने प्रदेश में लूट का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा।  आनंदपुर साहिब प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र रहा जहां अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आने की संभावना है।  12 जून को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। 13 और 14 जून को भी कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को बठिंडा में 44 डिग्री, फरीदकोट में 43 डिग्री, पटियाला और अबोहर में पारा 42.6 डिग्री रहा।    राज्य में 11 जून से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर देखने को मिल रहा है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे गर्मी से राहत तो मिलेगी ही और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। वहीं, फिलहाल लगातार पड़ रही गर्मी के चलते पठानकोट व मोहाली को छोड़ अधिकतर सभी शहरों का तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है।  सामान्य से 2.3 डिग्री गर्म पंजाब  मौसम विभाग की तरफ से सोमवार शाम जारी जानकारी के अनुसार राज्य के तापमान में तकरीबन 1 डिग्री की बढ़ौतरी राज्य में देखने को मिली है। जिससे राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री अधिक देखने को मिला है। वहीं, राज्य में सबसे अधिक गर्म शहर रूपनगर रहा। रूपनगर के श्री आनंदपुर साहिब में तापमान 44.5 उिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा, अमृतसर शहर का तापमान 41.8 डिग्री, लुधियाना में 42 डिग्री, बठिंडा में 44.3 डिग्री, फाजिलका में 42.6 डिग्री, फिराजपुर में 41 डिग्री और मोहाली व पठानकोट में 39.7 डिग्री दर्ज किया गया।  जाने कैसा रहेगा आने वाले दिनों में मौसम जारी पूर्वानुमान के अनुसार 9 जून को फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा और मानसा सहित कुछ जिलों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। 10 जून को गर्मी का दायरा और बढ़ने की संभावना है तथा राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान ऊंचा रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार तेज धूप और शुष्क हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। हालांकि 11 जून से मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण पंजाब के कई हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 जून को कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 12 जून को भी मौसम का बदला हुआ रुख जारी रहने की संभावना है। राज्य के उत्तरी, मध्य और पूर्वी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का मानना है कि बारिश और तेज हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। 9 जून से 12 जून तक मौसम का अनुमान     9 जून: दक्षिण-पश्चिमी जिलों में लू का यलो अलर्ट     10 जून: अधिकांश जिलों में गर्मी और लू का असर     11 जून: पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना     12 जून: कई जिलों में बारिश, आंधी और तापमान में गिरावट  

वर्दी में रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाली, 6 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

लखनऊ  उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया पर रील बनाने की होड़ थम नहीं रही है। बार-बार चेतावनियों के बावजूद पुलिस के जवान और अफसर वर्दी में रील बनाते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला शाहजहांपुर का है जहां ड्यूटी के दौरान रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करना छह पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। एसपी सौरभ दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार महिला और दो पुरुष सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रिय पुलिसकर्मी भी सतर्क हो गए हैं। मामला शाहजहांपुर के परौर थाने का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार थाने में तैनात कुछ महिला सिपाहियों ने ड्यूटी के दौरान थाने और कार्यालय परिसर में रील बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड की थी। वीडियो में पुलिसकर्मी वर्दी में नजर आ रहे थे। बताया जा रहा है कि वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद किसी ने उसे एक्स पर साझा करते हुए कार्रवाई की मांग कर दी। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच में ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाए जाने और सोशल मीडिया पर अपलोड किए जाने की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की गई। लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में मंजू कुमारी, मोनिका, जविता, मोनिका, दिलशाद और मोहित मिश्रा शामिल हैं। क्या बोले एसपी शाहजहांपुर के एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि ड्यूटी के दौरान रील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करना अनुशासनहीनतामें आता है।जांच कराई गई थी,आरोप सही पाए गए। अनुशासन बनाए रखने के लिए छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। आगे भी इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हर महीने की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजने का भी आदेश दिया था। कहा गया था कि रिपोर्ट के साथ आपत्तिजनक पोस्ट का स्क्रीनशॉट और URL (लिंक) भी संलग्न रखना अनिवार्य होगा। ऐसा इसलिए ताकि सबूत सुरक्षित रहे। पिछले दिनों अमिताभ यश ने जारी किया था ये आदेश बता दें कि पिछले दिनों यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने रील बनाने वाले पुलिसवालों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की थी। उन्होंने ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर तुरंत विभागीय ऐक्शन लेने का आदेश दिया था। प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को आदेश दिया गया था कि सोशल मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले अफसरों और जवानों की लिस्ट बनाएं और उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें।

शनि ढैय्या 2026: सिंह और धनु राशि पर जारी रहेगा असर

ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का देवता और सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है. शनि एक राशि में करीब ढाई वर्ष तक रहते हैं. जब शनि किसी राशि के चौथे या आठवें भाव में आते हैं, तो उस राशि पर शनि ढैय्या शुरू हो जाती है, जिसका असर जीवन के कई पहलुओं पर देखने को मिलता है. फिलहाल शनि मीन राशि में विराजमान हैं और साल 2026 में भी इसी राशि में रहेंगे. इस गोचर के कारण सिंह और धनु राशि के जातक शनि ढैय्या के प्रभाव में हैं. यह स्थिति इन दोनों राशियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. कब शुरू हुई और कब खत्म होगी शनि ढैय्या? सिंह और धनु राशि पर शनि ढैय्या की शुरुआत 29 मार्च 2025 से हो चुकी है. इन राशियों को 3 जून 2027 के बाद अस्थायी राहत मिलेगी. हालांकि, 20 अक्टूबर 2027 से 23 फरवरी 2028 तक ढैय्या का प्रभाव एक बार फिर लौटेगा. इसके बाद ही पूरी तरह से शनि ढैय्या समाप्त मानी जाएगी. शनि ढैय्या के दौरान क्या होता है असर ज्योतिष के अनुसार, इस अवधि में व्यक्ति को कामकाज में रुकावट, आर्थिक उतार-चढ़ाव, स्वास्थ्य समस्याएं और रिश्तों में तनाव का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, यह समय व्यक्ति को धैर्य, अनुशासन और कर्म के महत्व को समझने का भी अवसर देता है. शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के उपाय शनि मंत्र और चालीसा का जाप रोजाना या शनिवार के दिन 'ऊं शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें और शनि चालीसा का पाठ करें. इससे मानसिक शांति मिलती है और शनि की कृपा बनी रहती है. शनिवार को दान करना शनिवार के दिन काला तिल, काले वस्त्र, उड़द दाल या सरसों के तेल का दान करना शुभ माना जाता है. यह उपाय शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने में मदद करता है. हनुमान जी की पूजा हनुमान जी की नियमित आराधना करें. मान्यता है कि हनुमान जी की कृपा से शनि का कष्ट कम होता है, इसलिए मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ लाभकारी रहता है. पीपल के वृक्ष की पूजा शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसकी परिक्रमा करें. यह उपाय शनि दोष शांत करने के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है. शिवलिंग पर जल अर्पित करें प्रतिदिन शिवलिंग पर जल चढ़ाना भी शनि के प्रभाव को संतुलित करता है. भगवान शिव की कृपा से जीवन में स्थिरता आती है. पशु-पक्षियों को भोजन कराएं कौवों, कुत्तों और जरूरतमंद पशु-पक्षियों को भोजन खिलाना पुण्यदायी माना जाता है और इससे शनि के कष्ट कम होते हैं. जरूरतमंदों की सहायता करें गरीबों, बुजुर्गों और असहाय लोगों की मदद करें. शनि कर्म के देवता हैं, इसलिए अच्छे कर्म करने से उनके अशुभ प्रभाव स्वतः कम होने लगते हैं.

गार्ड से गोली चलाने के आरोप मामले में खान सर को अंतरिम राहत, कोर्ट ने मांगी केस डायरी

पटना  पटना कोर्ट ने कोचिंग फायरिंग केस में फैजल खान उर्फ खान सर की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। जिला जज की अदालत ने सोमवार को खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला रिजर्व कर लिया था, जो आ गया है। अदालत ने खान सर के मामले की केस डायरी के साथ-साथ उनका आपराधिक इतिहास पुलिस से पेश करने कहा है और अब इस पर अगली सुनवाई 30 जून को होगी। किसी भी कोर्ट में आम तौर पर जमानत की अर्जी दायर होने पर पुलिस से केस डायरी और आरोपी की क्रिमिनल हिस्ट्री मांगी जाती है। खान सर को अग्रिम जमानत नहीं मिली है, लेकिन गिरफ्तारी पर रोक लगने से उनकी चिंता और मुश्किलें दोनों कम हो गई हैं। बता दें कि 2 जून की रात पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल स्टडीज पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था, जिसके आरोप में ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रौशन आनंद सर जेल में बंद हैं। हमले के दौरान खान सर के दो गार्ड द्वारा हवाई फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों गार्ड को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था और बाद में खान सर पर भी मुकदमा दर्ज कर लिया था। तब से खान सर पुलिस की पहुंच से दूर रहकर गिरफ्तारी से न्यायिक राहत के इंतजार में थे। अदालत ने खान सर पर पुलिस द्वारा किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगाई है। इसका व्यावहारिक मतलब यह हुआ कि खान सर की गिरफ्तारी पर फिलहाल कोर्ट से रोक लग गई है। अदालत ने पुलिस से कहा है कि वो खान सर का आपराधिक इतिहास और इस केस की डायरी भी कोर्ट में पेश करे। खान सर की अग्रिम जमानत अर्जी पर अब अगली सुनवाई 30 जून को होगी। पुलिस ने हत्या का प्रयास और आर्म्स ऐक्ट की धाराओं के तहत खान सर पर मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद से खान सर गायब थे। खान सर को पकड़ने पुलिस कोचिंग सेंटर भी गई थी, लेकिन वहां मिले नहीं। तब से इस तरह की अटकलें थीं कि खान सर वकील के जरिए अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकते हैं या कोई उपाय ना दिखे तो सीधे कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। सोमवार को खान सर की जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपन फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब खान सर को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। फैजल खान के वकील ने क्या कहा?     खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने बताया कि मामले की सुनवाई अभी जारी रहेगी. फिलहाल कोर्ट ने खान सर को अंतरिम राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. इसका मतलब है कि पुलिस अभी उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती।      वकील ने कहा कि अदालत ने केस डायरी और अन्य जरूरी दस्तावेज तलब किए हैं. अगली सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है, जिसकी जानकारी बाद में दी जाएगी.     उन्होंने बताया कि अग्रिम जमानत याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार किया और अंतरिम संरक्षण (इंटरिम प्रोटेक्शन) दिया. जब तक कोर्ट का अगला आदेश नहीं आता, तब तक खान सर स्वतंत्र रूप से आ-जा सकते हैं।      वकील के मुताबिक फिलहाल खान सर को कोर्ट में पेश होने की कोई जरूरी नहीं है. अगर अदालत की ओर से कोई निर्देश दिया जाता है, तभी उन्हें उपस्थित होना होगा. अब मामले में आगे की सुनवाई केस डायरी आने के बाद होगी, जिसके बाद जमानत याचिका पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।