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वाहन चालकों के लिए खुशखबरी! ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर अब नहीं देनी होगी एक्साइज ड्यूटी

  नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण सप्लाई लाइन प्रभावित हुई है. पेट्रोल-डीजल की सप्लाई प्रभावित होने का असर कीमतों पर नजर भी आ रहा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इस बीच अब भारत सरकार ने ईंधन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने एथेनॉल के अधिक मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त कर दी है. अब अधिक एथेनॉल वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी।  भारत सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक 22 से 30 फीसदी तक एथेनॉल के मिश्रण वाला पेट्रोल अब एक्साइज ड्यूटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है. यानी अब ई-22, ई-25, ई-27 और ई-30 श्रेणी के पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी होगी।  सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस फैसले का तेल कंपनियों से लेकर आम किसान और उपभोक्ता तक, सभी को फायदा होगा. सरकार के इस कदम को पेट्रोल की कीमतें स्थिर रखने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. एथेनॉल के ज्यादा मिश्रण से पेट्रोल की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिल सकेगी।  एथेनॉल का मिश्रण अधिक होने को किसानों के लिए भी लाभदायक बताया जा रहा है. एथेनॉल का कनेक्शन कृषि क्षेत्र से है. सरकार के इस फैसले का तत्कालिक प्रभाव जो भी रहे, इसके पीछे दीर्घकालिक रणनीति बताई जा रही है. ज्यादा एथेनॉल के मिश्रण वाले पेट्रोल एक्साइज ड्यूटी शून्य हो जाने के बाद ई-20 या प्रीमियम पेट्रोल के मुकाबले कहीं सस्ते होंगे।  इससे इसकी मांग बढ़ेगी. हालांकि, ये पेट्रोल सभी वाहनों में अभी से ही इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे, लेकिन वाहन बनाने वाली कंपनियां ऐसे इंजन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित होंगी जो ज्यादा एथेनॉल वाले पेट्रोल पर चल सकें. बता दें कि हाल ही में ई-85 पेट्रोल भी लॉन्च कर दिया गया था. हालांकि, यह पेट्रोल केवल फ्लेक्स फ्यूल वाहनों में ही इस्तेमाल हो सकेगा।   

US Inflation Crisis: ईरान संघर्ष ने बढ़ाई ट्रंप की टेंशन, महंगाई पर काबू पाना हुआ मुश्किल

वाशिंगटन मिडिल ईस्ट में युद्ध एक बार फिर तेज हो गई है. लगातार दूसरे दिन अमेरिका-ईरान के बीच हमलों का सिलसिला जारी है. इस बीच कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है. ईरान युद्ध न सिर्फ दुनिया के तमाम अन्य देशों के लिए, बल्कि खुद अमेरिका के लिए भी बड़ी सिरदर्दी बनता जा रहा है और अमेरिकियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।  ईरान युद्ध के चलते तेल-गैस की सप्लाई में रुकावट और एनर्जी प्राइस में तगडी़ बढ़ोतरी से अमेरिका भी पीड़ित है और यहां महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है. मई महीने में अमेरिका में महंगाई दर के आंकड़े आ गए हैं और ये डोनाल्ड ट्रंप की टेंशन बढ़ाने वाले हैं. दरअसल, US Inflation मई में तीन साल के हाई पर पहुंच गई।  4 फीसदी के पार US में महंगाई रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जंग के चलते पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अमेरिका में महंगाई के रूप में देखने को मिला है. अमेरिकी लेबर स्टेटिस्टिक्स ब्यूरो ने बुधवार को बताया कि रिटेल महंगाई (CPI) मई में सालाना आधार पर बढ़कर 4.2% हो गई, जो कि अप्रैल 2023 के बाद सबसे ज्यादा है. उस समय ये 3.8 फीसदी पर पहुंची थी।  अब अमेरिकियों की सेविंग पर संकट  अमेरिका में महंगाई दर के ये अनुमान इकोनॉमिस्ट के सर्वे और अनुमानों के अनुरूप ही रहे हैं. महंगाई में लगातार तीसरे महीने मजबूत उछाल ने अमेरिकी परिवारों पर बढ़ते दबाव को उजागर किया है. साक्ष्य बताते हैं कि ज्यादातर लोग अब अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी बचत का भी उपयोग कर रहे हैं. ये लगातार दूसरा महीना है, जबकि महंगाई दर वेतन वृद्धि से अधिक रही, जिससे आर्थिक ग्रोथ पर भी दबाव पड़ सकता है।  युद्ध, महंगाई और अमेरिकी बाजार क्रैश  ईरान के साथ एक बार फिर शुरू हुए युद्ध ने ग्लोबल टेंसन को चरम पर पहुंचा दिया है, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में फिर से आग लगने लगी है और खबर लिखे जाने तक ये 95 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. इस बीच अमेरिका में पड़ी महंगाई की मार का सीधा अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है. US Inflation Data आते ही यहां कोहराम सा मच गया. Dow Jones 953 अंक की बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ।  ट्रंप की राजनीति पर पड़ेगा असर  अमेरिका में बढ़ती महंगाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक राजनीतिक बोझ बनती जा रही है, जो नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रही है. बता दें कि ट्रंप ने 2024 का राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महंगाई को कम करने के वादे किए थे और इसका फायदा उन्हें मिला था। 

दिल्ली की 2.2 करोड़ आबादी जनगणना में कवर, 14 जून तक चलेगा हाउस लिस्टिंग अभियान

नई दिल्ली  दिल्ली में चल रही जनगणना 2026 के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन का अंतिम चरण में है। अब तक कुल 55 लाख से अधिक घरों को कवर किया जा चुका है, जिसमें 76.63 लाख परिवार रहते हैं। यानी 98% घर कवर हो चुके हैं। अधिकारियों का दावा है कि अगले दो दिनों में 100% जनगणना हो जाएगी। अभी तक जनगणना के हिसाब से दिल्ली की 2.2 करोड़ आबादी कवर की जा चुकी है। दिल्ली में 16 मई से जनगणना-2026 के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन का काम शुरू हुआ था। पहले 15 दिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का फिर 1 जून से घर-घर जाकर यह काम चल रहा है जो 14 जून तक चलेगा। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में कुल 45 हजार से अधिक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक तैयार किए गए थे। अनुमान के मुताबिक हर ब्लॉक में 150-200 घर रखे गए थे। कहां-कहां कितना हुआ काम? आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी जिला सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां अब तक 8.23 लाख घर को कवर किया जा चुका है, जिसमें 6.30 लाख परिवार रहते हैं। वहीं, पुरानी दिल्ली जिला सबसे कम आबादी वाला क्षेत्र रहा, जहां 2.95 लाख घरों को कवर किया गया है। आउटर नॉर्थ में 99.14 फीसदी, नॉर्थ-वेस्ट में 98.48 फीसदी और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में 98.13 फीसदी घरों को कवर किया जा चुका है। ईस्ट व नॉर्थ जिले में अभी 95 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। जनगणना 2026 की प्रक्रिया दो चरणों में चलेगी जनगणना 2026 का आयोजन दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण हाउस लिस्टिंग और आवास गणना का है, जो फिलहाल जारी है। इसके बाद दूसरा चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) का होगा, जिसकी शुरुआत फरवरी 2027 में की जाएगी। इस चरण में नागरिकों की संख्या और सामाजिक-आर्थिक जानकारी जुटाई जाएगी।      क्यों जरूरी होती है जनगणना? अगर अभी तक आप जनगणना में शामिल नहीं हुए हैं तो 14 जून तक का समय है। 14 तक एन्यूमरेटर बचे हुए घरों में एक बार फिर से दस्तक देंगे। दरअसल, गर्मी की छुट्टी के कारण कई घरों में लोग नहीं मिले। जनगणना कर्मी ने इनके पड़ोसियों से अपना नंबर भी शेयर किया है। यह जनगणना इसलिए जरूरी है क्योंकि आंकड़ों के आधार पर ही सरकार अपनी नीतिगत फैसले लेती है।

ब्लैक फिल्म, हूटर और फैंसी नंबर प्लेट वालों पर पुलिस सख्त

 जयपुर सड़क सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान अब सख्ती के चरण में पहुंच गया है।  पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मात्र 6 दिनों में 50,174 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अवैध ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, अनधिकृत लेखन, मॉडिफिकेशन और हूटर-फ्लैशर लगाने वालों पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसते हुए छठे दिन  रिकॉर्ड 10,825 चालान बनाए। राजस्थान पुलिस की ‘पहले समझाइश, फिर सख्ती’ नीति के तहत यह अभियान सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में अभियान संचालित है। अभियान 4 जून से शुरू हुआ था, जिसमें अब तक वाहनों के शीशों पर अवैध काली फिल्म लगाने के मामलों में सर्वाधिक 19 हजार 694 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई दर्ज की गई। इसके साथ ही, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह प्रदर्शित करने वाले 13 हजार 46 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, पदनाम, प्रतीक एवं अन्य लेखन प्रदर्शित करने के 6 हजार 791 मामलों में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की हैं। वहीं 4 हजार 757 वाहनों में अवैध बॉडी अथवा चेसिस मॉडिफिकेशन पाए जाने पर वाहन चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन किया गया। अभियान के दौरान अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर का उपयोग करने वाले 3 हजार 244 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। साथ ही, प्रेशर हॉर्न एवं एयर हॉर्न का उपयोग करने वाले 2 हजार 642 वाहन चालकों को भी नियमों के उल्लंघन पर दंडित किया गया है।  छठे दिन सर्वाधिक मामले दर्ज अभियान में छठे दिन सर्वाधिक 10 हजार 825 वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए चालान बनाए गए। इस दिन 4 हजार 220 वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाई गई। नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले 2 हजार 449 वाहनों और 1 हजार 784 वाहनों पर अनाधिकृत लेखन पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन किया गया। प्रेशर व एयर हॉर्न पर 571,  अनाधिकृत लाल, नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के लिए 763 वाहनों पर कार्रवाईयां की गई हैं। अभियान के प्रथम दिन 4 जून को 4716, 5 जून को 7300, 6 जून को 9362, 7 जून को 9523, 8 जून को 8448 और छठे दिन 9 जून को 10825 कार्रवाई की गई। सड़क सुरक्षा में 'पहले समझाइश फिर सख्ती' उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस सड़क सुरक्षा की दिशा में 'पहले समझाइश, फिर सख्ती' की नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डॉ. मीणा ने बताया कि सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रवर्तन एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों की पालना करने के लिए अपील की है।

गर्मी से मिली राहत, अब बारिश और वज्रपात का खतरा: 15 जून तक झारखंड में अलर्ट

 रांची  रांची समेत आसपास के जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के तेवर ने तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिया है। दिनभर तेज धूप के बाद अचानक शाम छह बजे उमड़-घुमड़ आए काले बादल ने राहत की बरसात कर दी। करीब आधे घंटे तक हुई वर्षा से मौसम सुहाना हो गया और आमजनों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी Jharkhand Weather Forecast में बताया गया कि 11 और 12 जून को राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से यानी देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा और साहिबगंज के अलावा निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद और खूंटी में मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा के बहने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, इसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूरे राज्य में यह स्थिति 15 जून तक बनी रहेगी। बुधवार को ऐसा रहा मौसम पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं कहीं हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षापात 37.2 मिमी दुमका में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार का रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजधानी रांची का अधिकतम 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों तक यानी 12, 13, 14 और 15 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। ऐसा रहेगा रांची में अगले चार दिनों का तापमान 11 जून : अधिकतम 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस 12 जून : अधिकतम 37 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस 13 जून : अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस 14 जून : अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस मेघगर्जन, आकाशीय बिजली व आंधी से इस तरह बचें – आंधी तूफान से पौधारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है – खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली लोगों और मवेशियों को घायल कर सकता है – घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें – सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें – कंक्रीट की फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सामने न रहें – विद्युत इलेक्ट्रानिक उपकरणों को अनप्लग करें – तुरंत जलस्रोतों से बाहर निकलें – बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।  

दंबुला में वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक खेल, बिना छक्के 200 के स्ट्राइक रेट से खेली तेज पारी

 दांबुला श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई नेशन A सीरीज 2026 के मुकाबले में भारत A के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं. अफगानिस्तान A के खिलाफ गुरुवार (11 जून) को मुकाबले में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव ने सिर्फ 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली. आमतौर पर बड़े शॉट्स और छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले वैभव इस बार अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया, लेकिन चौकों की ऐसी बरसात की कि अफगानिस्तान A के गेंदबाज दबाव में आ गए. उनकी पारी में कुल 9 चौके शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 200 रहा.   भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की. अफगानिस्तान A ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने नई गेंद का फायदा उठाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले और टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि शानदार अर्धशतक की ओर बढ़ रहे वैभव सातवें ओवर में आउट हो गए. पारी के 7.1 ओवर में अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने बैकफुट से गाइड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर इशाक रहीमी के दस्तानों में चली गई. इस तरह वैभव 22 गेंदों में 44 रन बनाकर पवेलियन लौटे. हालांकि वैभव, जिस तरह आउट हुए उस तरीके पर सवाल भी उठे. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी, क्योंकि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकते थे. फिर भी उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स के भरोसे नहीं, बल्कि क्लासिकल स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग के दम पर भी तेजी से रन बना सकते हैं. यही वजह है कि उनकी यह पारी कई क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली के शुरुआती दिनों की याद दिला गई, जब चौकों के जरिए रन गति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी. खास बात यह है कि व‍िराट कोहली भी छक्के जड़ने से ज्यादा इन‍िंग बिल्ट करने में व‍िश्वास करते हैं, उसी अंदाज में वो वैभव भी खेलने उतरे थे. इससे पहले श्रीलंका ए के ख‍िलाफ मंगलवार को हुए मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, तब भी उन्होंने 3 चौके जड़े थे. आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी फ‍िलहाल तो अब तक चौकों में ही डील करते नजर आए हैं. भारत A प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विपराज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज. अफगानिस्तान A प्लेइंग XI: इमरान मीर (कप्तान) ,हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इजाज अहमद अहमदजई, बहिर शाह, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर),फरमानुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, खलील गुरबाज, मोहम्मद इब्राहिम, जहीर खान

खान सर विवाद के बाद सरकार सख्त, बिना मान्यता चल रहे स्कूलों को जारी हुआ नोटिस

पटना  बिहार की राजधानी पटना में शुरू हुए खान सर कोचिंग विवाद के बाद सरकार ने कोचिंग सेंटर और स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस बीच सरकार को जानकारी मिली है कि राज्य में 37 हजार निजी (प्राइवेट) स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। अब सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने इन प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बिना मान्यता वाले स्कूलों को मान्यता के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। प्राइवेट स्कूलों को 15 दिन का दिया टाइम शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम की समीक्षा के दौरान विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीइओ) को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति चल रहे निजी विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर मान्यता प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी करें। 15 दिन के बाद अगर कोई प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चलते हुए पाया जाता है तो फिर उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बिहार में कितने प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त? बिहार में वर्तमान में 19186 प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त है। जबकि 1012 विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद राज्य में लगभग 37 हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। ये आंकड़े शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला स्तर पर लंबित मान्यता आवेदनों का शीघ्र निपटारा किया जाये। साथ ही ऐसे विद्यालय जो अब तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पाये हैं, उन्हें अंतिम अवसर दिया जाए। 1 जुलाई से सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच बिहार में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 से 31 जुलाई तक सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की सघन जांच की जाएगी। शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्राधिकार के जिलों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कराने का निर्देश दिया है।  

जालंधर डॉक्टर डेथ केस: करोड़ों का लोन, रिश्तों में दरार और कई अनसुलझे सवाल, सामने आई पूरी कहानी

 जालंधर  पंजाब के जालंधर में सरकारी लेडी डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी सूद की मौत के बाद उनके पति और नेशनल आई केयर हॉस्पिटल से जुड़े डॉक्टर पीयूष सूद पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. लेडी डॉक्टर के परिजनों का दावा है कि डॉ. मीनाक्षी लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही थीं. परिवार ने पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर, मारपीट और उनकी जानकारी के बिना उनके नाम पर करोड़ों रुपये का लोन लेने के आरोप लगाए हैं. वहीं पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।  मृतका के पिता प्रमोद कुमार के मुताबिक उनकी बेटी की शादी अक्टूबर 2018 में डॉक्टर पीयूष सूद के साथ हुई थी. परिवार का आरोप है कि शादी के बाद खरीदी गई थार गाड़ी का लोन डॉ. मीनाक्षी के नाम पर लिया गया था और उसकी किश्तें भी वही भर रही थीं. परिजनों का दावा है कि बाद में अस्पताल और अन्य कामों से जुड़े लोन भी उनके नाम पर लिए गए।  पति से रह रही थीं अलग  पिता का कहना है कि जुलाई 2025 से उनकी बेटी पति से अलग रह रही थी. परिवार के अनुसार कुछ दिन पहले जब डॉ. मीनाक्षी बैंक में मकान खरीदने से संबंधित प्रक्रिया के लिए पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का लोन चल रहा है. परिजनों का आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे. इसके बाद वह काफी परेशान रहने लगी थीं. मृतका की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ कई बार मारपीट की गई. परिवार का दावा है कि डॉक्टर पीयूष सूद कई मौकों पर खुद फोन कर मारपीट की बात स्वीकार करते थे और बाद में माफी मांगते थे. पिता ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी उनकी बेटी का गला घोंटकर जान लेने की कोशिश की गई थी. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।  नर्स के साथ अफेयर का भी आरोप  परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर पीयूष सूद का अस्पताल में काम करने वाली एक महिला के साथ कथित संबंध था. पिता के अनुसार जब डॉ. मीनाक्षी को इस बात का संदेह हुआ तो उन्होंने अस्पताल के CCTV फुटेज की जांच की. परिवार का दावा है कि फुटेज में दोनों को साथ देखा गया. परिजनों का कहना है कि संबंधित फुटेज पुलिस को भी उपलब्ध कराए गए हैं. थाना नंबर 6 के प्रभारी सुशील कुमार ने बताया कि महिला डॉक्टर की मौत के मामले में परिजनों के बयानों के आधार पर BNS की धारा 106 के तहत मामला दर्ज किया गया है।  उन्होंने कहा कि आरोपी पति से अभी पूछताछ नहीं हो पाई है और कानूनी प्रक्रिया जारी है. एएसआई सतपाल के अनुसार सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. घर के दरवाजे बंद थे. लोगों की मौजूदगी में घर का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां डॉक्टर मीनाक्षी का शव जमीन पर पड़ा मिला. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार  मृतका की मां का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी बेटी की मौत किन परिस्थितियों में हुई. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. वहीं पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. मृतका के पिता के अनुसार बेटी मार पिटाई से तंग थी, इसलिए वह डॉक्टर पीयूष से अलग रहने लगी थी।  नया मकान बनाना चाह रही थी  पिता का कहना है कि जून 2026 में वह अपना मकान लेने का प्लान बना रही थी. मकान लेने के लिए कुछ दिन पहले जब बैंक में गई तो पता चला कि उसने नाम पर 2.5 करोड़ का लोन चल रहा है. जबकि कागजों पर उसके साइन भी नहीं थे. पिता प्रमोद ने बताया कि अब बेटी तलाक लेना चाहती थी. मैंने बेटी को कहा था कि तुम्हारा कोर्ट से तलाक करवा देते हैं. तुम कुछ देर रुक जाओ. इस बीच लोन की बात पता चल गई जिससे बेटी परेशान हो गई. उन्होंने बताया कि मीनाक्षी कपूरथला के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थी. पिता ने कहा कि डॉक्टर पीयूष ने ही बेटी को मरने के लिए मजबूर किया है. परिवार की मांग है कि पुलिस डॉक्टर पीयूष को अरेस्ट करे और इंसाफ दिलाए। 

ममता को एक और बड़ा झटका? देर रात बागी नेताओं ने शुभेंदु से की मुलाकात, सायोनी घोष की मौजूदगी से बढ़ी चर्चा

नई दिल्‍ली ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस तिनका-तिनका होती नजर आ रही है. विधायकों के एक बड़े ग्रुप के ऋतब्रत बनर्जी के साथ जाने के बाद अब टीएमसी लोकसभा सांसदों का एक ग्रुप भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने जा रहा है, जल्‍द ही इसका ऐलान हो सकता है. बीती रात टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल, माला रॉय, मिताली बाग और सायोनी घोष केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पहुंचे. इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी पहुंचे, जिससे नई अटकलों का दौर शुरू हो गया है. क्‍या टीएमसी के बागी लोकसभा सदस्‍य बीजेपी का हाथ थामने जा रहे हैं? भूपेंद्र यादव के घर एक घंटा चली बागी TMC सांसदों की बैठक  भूपेंद्र यादव के घर मुख्‍यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई बागी टीएमसी सांसदों की बैठक में क्‍या बात हुई, ये तो सामने नहीं आई है. लेकिन इतने जरूर संकेत मिल रहे हैं कि टीएमसी बिखर रही है और जल्‍द ही कोई बड़ा ऐलान हो सकता है. बताया जा रहा है कि सायोनी घोष समेत 4 से 5 टीएमसी सांसद इस बैठक में शामिल हुए. ये बैठक लगभग एक घंटे तक चली. हैरानी की बात ये रही कि इस बैठक में टीएमसी के बागी लोकसभा सांसदों का नेतृत्‍व करने का दावा कर रहीं काकोली घोष इस बैठक में नहीं पहुंचीं. सूत्रों की मानें तो अब टीएमसी के बागी ग्रुप में ज्‍यादा से ज्‍यादा समर्थन जुटाने पर जोर है. टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 19 बागी हो गए हैं।  बागियों में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और यूसुफ पठान का भी नाम!   सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में बीजेपी संग टीएमसी नेताओं की और भी बैठकें हो सकती हैं. बता दें कि बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र भी सौंपा है, जिसमें 19 सांसदों के नाम हैं. इन नामों में शत्रुघ्‍न सिन्‍हा और यूसुफ पठान का भी नाम है. काकोली घोष इस बागी सांसदों के ग्रुप का नेतृत्‍व कर रही हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से ऐसी कोई लिस्‍ट जारी नहीं की गई है, जिसमें ये कहा गया हो कि उनकी पार्टी के सांसद बागी हो रहे हैं।  ममता बनर्जी ने 1 जनवरी, 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की. उन्होंने देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के नेतृत्व पर पश्चिम बंगाल में तत्कालीन सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आंदोलन संगठित करने में अनिच्छा का आरोप लगाया था।  क्‍या TMC का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? ममता बनर्जी की दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से हुई मुलाकात के बाद दोनों पार्टियों के संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चा तेज हो गई हैं. इसी बीच टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने इन चर्चाओं पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास 64 विधायक है और आगे ये संख्या बढ़ेगी, लेकिन कोई भी कांग्रेस में शामिल होने वाले नहीं है. ममता बनर्जी की कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से हुई बैठक और बुधवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अभिषेक बनर्जी की अलग से हुई बैठक के बाद टीएमसी के कांग्रेस में पुनर्विलय की अटकलों को बल मिला. ममता बनर्जी के कोलकाता लौटने के बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों ने उनसे तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में पुनर्विलय की संभावना के बारे में पूछा. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री बिना कुछ कहे जल्दी से अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से चली गईं। 

गुरु रंधावा के जिम पर ताबड़तोड़ गोलियां, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का दावा; दिल्ली में सनसनी

 नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा के मालिकाना हक वाले एक जिम के बाहर अज्ञात हमलावरों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग की गई है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।  इस सनसनीखेज हमले की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित पोस्ट और ऑडियो क्लिप के जरिए गैंग ने इस फायरिंग का दावा किया है।  वायरल ऑडियो में कथित तौर पर गैंग के एक सदस्य को यह कहते सुना जा सकता है कि गुरु रंधावा के अभिनेता सलमान खान के साथ करीबी रिश्ते हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया है. ऑडियो में इस हमले को महज एक 'ट्रेलर' बताया गया है।  पुलिस कर रही है जांच घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और जिम के बाहर के विजुअल्स और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या यह वाकई गैंग की ही हरकत है या किसी ने दहशत फैलाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल किया है।  दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वायरल हो रहे ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।  दिल्ली पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा, 11 जून 2026 की सुबह तड़के थाना पश्चिम विहार ईस्ट में "24 आवर्स फिटनेस" जिम, पुष्कर एन्क्लेव, पश्चिम विहार, दिल्ली में फायरिंग की घटना संबंधी एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई. प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि चेहरे को कपड़े से ढके हुए बाइक सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने जिम के शीशों पर कुछ राउंड फायरिंग की. इस घटना में किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है. स्थानीय पुलिस और जिला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है तथा मामले में उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है. आरोपियों की पहचान, उनकी तलाश और जल्द गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।