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डिप्टी सीएम ने सड़क हादसों में कमी के लिए दिए सख्त निर्देश

 जयपुर उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन तथा सड़क सुरक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और मानव जीवन की सुरक्षा व सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाते हुए साझा जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तथा दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरकार सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर और प्रभावी प्रयास कर रही है। डॉ. बैरवा शुक्रवार को शासन सचिवालय में आयोजित स्टेट रोड सेफ्टी काउंसिल की 22वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने 21वीं बैठक में लिए गए निर्णयों की क्रियान्विति की समीक्षा की तथा राज्य में सड़क सुरक्षा गतिविधियों, केन्द्र सरकार की पीएम राहत योजना की प्रगति और राज्य सरकार की 10 वर्षीय सड़क सुरक्षा कार्ययोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री डॉ. बैरवा ने सड़क सुरक्षा नियमावली में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश देते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए तथा सहायता राशि स्वीकृत करने में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उन्होंने सड़क सुरक्षा मित्रों को प्रोत्साहन राशि के साथ आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वाहन चालकों के लाइसेंस नवीनीकरण के समय उन्हें उचित प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही विद्यालयों और महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बैठक में राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित आबादी क्षेत्रों, स्कूलों, अस्पतालों, जंक्शनों तथा उनसे जुड़ी छोटी सड़कों पर नियमानुसार रोड फर्नीचर एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मोटर वाहन कर्मकार अधिनियम, 1961 के अनुसार वाहन चालकों द्वारा निर्धारित समय तक ही वाहन संचालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता एवं प्रवर्तन कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया। डॉ. बैरवा ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई एवं यात्रियों की सुरक्षित, सुगम एवं आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए बसों की फिटनेस, मरम्मत और रखरखाव कार्यों को प्राथमिकता देने तथा बस एवं ट्रक चालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और पर्याप्त विश्राम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सभी जिलों के शिक्षण संस्थानों में बेसिक लाइफ सपोर्ट बीएलएस प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा और जीवनरक्षक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उपमुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले “गुड सेमेरिटन” को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुड सेमेरिटन को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। राज्य में अब तक 340 गुड सेमेरिटन सम्मानित किए जा चुके हैं। बैठक में राज्य के राजमार्गों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम आईटीएमएस की स्थापना की प्रगति तथा राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा अभियान की समीक्षा भी की गई। बैठक में शासन सचिव डॉ. जोगा राम, परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री भवानी सिंह देथा, प्रशिक्षण एवं यातायात डीजीपी श्री अनिल पालीवाल,महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार,यातायात एडीजीपी डॉ.बी.एल मीना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

‘अंत्योदय’ संकल्प के साथ ग्रामीण सेवा शिविरों का संचालन, मंत्री जोगाराम पटेल ने किया अवलोकन

 जयपुर संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शुक्रवार को पंचायत समिति लूणी की ग्राम पंचायत शिकारपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान जिला कलक्टर  आलोक रंजन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा भी साथ रहे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग के उत्थान और कल्याण के लिए अनवरत काम कर रही है। उन्होंने कहा ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों के माध्यम से ‘लक्ष्य-अंत्योदय,प्रण-अंत्योदय, पथ-अंत्योदय’ का संकल्प साकार हो रहा है। जोगाराम पटेल ने कहा आमजन को राज्य सरकार की विभिन्न जन-कल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ सीधे उनके घर-द्वार तक पहुँचाने के लिए 12 जून से 15 जुलाई तक प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा इन शिविरों में आमजन से जुड़े काम हाथों-हाथ संपादित किए जा रहे है। विधि मंत्री ने कहा अभियान के तहत 22 विभागों के अनेक कार्य संपादित किये जा रहे है। उन्होंने कहा शिविर में प्रत्येक नागरिक का कार्य उसी दिन पूर्ण करने का हरसंभव प्रयास करें। उन्होंने कहा यदि कोई कार्य अपूर्ण या लंबित रहते हैं तो विभागीय अधिकारी उन कार्यों का समयबद्ध रूप से निस्तारण सुनिश्चित करें। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधि मंत्री ने कहा हमारी सरकार ने युवाओं को 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। अब तक 1 लाख 25 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई है। उन्होंने कहा 1 लाख 35 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन है और इस वर्ष 1 लाख 25 हजार पदों का भर्ती कैलेण्डर भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा हमारे कार्यकाल में बिना पेपरलीक के 350 से अधिक परीक्षाएं आयोजित की गई हैं। जोगाराम पटेल ने कहा किसानों की उन्नति एवं आर्थिक संबल देने के लिए खेत तलाई, फॉर्म पौंड, तारबंदी और कृषि यंत्रों के लिए सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा पशुपालकों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना और गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा सभी पशुपालक अपने पशुओं का बीमा करवायें। जोगाराम पटेल ने कहा शिविर में आपसी सहमति से बँटवारा, राजस्व रिकॉर्ड में शुद्धि, रास्ता खोलने के प्रकरणों का निस्तारण भी किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिक इन शिविरों में आकर  अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। संसदीय कार्य मंत्री ने शिकारपुरा धाम में राजाराम जी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा- अर्चना कर प्रदेश के खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने आश्रम के गादीपति महंत दयाराम महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।

योगी आदित्यनाथ ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां, 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने का दावा

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के मौके पर शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों ने भारत की विकास यात्रा की सराहना की है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने अपनी शक्ति और सामर्थ्य का परिचय पूरे विश्व को दिया है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज का भारत बिना रुके, बिना डिगे और बिना थके आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक देश में लोगों को जाति, धर्म, भाषा और संप्रदाय के नाम पर बांटने की राजनीति हुई, लेकिन मोदी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना के साथ काम किया है। मोदी सरकार ने 25 करोड़ आबादी को गरीबी रेखा से निकाला उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता संभालने के समय देश की आबादी लगभग 120 करोड़ थी। इन 12 वर्षों में सरकार की योजनाओं के माध्यम से 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में सफलता मिली है। योगी ने कहा कि दुनिया में बहुत कम ऐसे देश हैं जिनकी आबादी 25 करोड़ से अधिक है और भारत ने इतनी बड़ी आबादी को गरीबी से बाहर निकालकर ऐतिहासिक कार्य किया है। सीएम योगी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं का सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 65 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले हैं। यूपी के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का लाभ वहीं देशभर में बने 12 करोड़ शौचालयों में से करीब 3 करोड़ शौचालय उत्तर प्रदेश में बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत देश में जारी 60 करोड़ कार्डों में से 15 करोड़ लाभार्थी उत्तर प्रदेश के हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन योजना का लाभ मिल रहा है। जनधन खाते, उज्ज्वला योजना, स्वास्थ्य बीमा और अन्य योजनाओं ने गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। योगी ने कहा कि सरकार ने कभी वोट बैंक की राजनीति नहीं की, बल्कि गरीबों के उत्थान को प्राथमिकता दी। बेटियों को जन्म से स्नातक तक शिक्षा सहायता योजना का लाभ महिलाओं के सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक तक शिक्षा सहायता की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। सेना, अंतरिक्ष और उद्योग जैसे क्षेत्रों में महिलाओं को अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में ड्रॉपआउट दर कम हुई है और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके सफल नेतृत्व और 12 वर्षों के कार्यकाल के लिए बधाई भी दी। 2027 में 2017 से बड़ी जीत होगी- पंकज चौधरी वहीं इस मौके पर यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर सरकार बनाएगी और जीत की हैट्रिक लगाएगी। उन्होंने कहा कि 2027 में पार्टी को 2017 से भी बड़ी जीत हासिल होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो विकास यात्रा शुरू हुई थी, वह अब विकसित भारत के संकल्प में बदल चुकी है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया गया है, जिससे जनता का भरोसा भाजपा के प्रति लगातार मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि जनता ने बीते वर्षों में बदलते भारत को देखा है। देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की हैं।

अवैध माइनिंग की शिकायत पड़ी भारी! पानीपत में तीन दोस्तों को स्कॉर्पियो से कुचलकर मार डाला

पानीपत. गांव डिकाडला में बुधवार देर रात तीन दोस्तों को स्कॉर्पियो से कुचलकर मार डाला। मृतकों की पहचान डिकाडला के नरेंद्र गाहल्याण (46), विनोद (48) व अनिप गाहल्याण (36) के रूप में हुई। स्वजन का आरोप है कि सड़क हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। नरेंद्र खेतीबाड़ी के साथ प्रॉपर्टी का काम करता था, अनिप बी-टेक पासआउट था। तीनों बुधवार रात सड़क किनारे बात कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार स्कार्पियो ने उन्हें टक्कर मार दी। स्वजन के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि नरेंद्र और अनिप की मौके पर ही मौत हो गई। विनोद ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। पुलिस को दी थी अवैध माइनिंग की शिकायत नरेंद्र के भाई विरेंद्र गाहल्याण ने पुलिस को बताया कि गांव के कुछ लोगों की ट्रॉली और डंपर कुछ माह पहले अवैध माइनिंग मामले में पकड़े गए थे। आरोपितों को शक था कि नरेंद्र की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई थी, इसके चलते वे रंजिश रखते थे। पुलिस ने मनीष, संदीप, रविंद्र, नवीन, तुषार, सचिन, नीरज, राजबीर और सूरज समेत नौ लोगों पर हत्या का केस दर्ज किया है। वारदात में प्रयोग स्कार्पियो बरामद की है। भागते समय स्कार्पियो में आग लग गई थी, जिसके बाद आरोपित उसे छोड़कर फरार हो गए थे। एफएसएल ने साक्ष्य जुटाए हैं। गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की हैं। मामले की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। स्वजन ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। -भूपेंद्र सिंह, एसपी, पानीपत

श्रावणी मेले में कांवरियों को मिलेगी टेंट सिटी और स्वच्छ भोजन की सुविधा

पटना विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू हो रहा है, जो 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा। मेले को भव्य, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। इस संबंध में पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि हर साल करीब 40 लाख से अधिक श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर पैदल देवघर के लिए रवाना होते हैं। इस भारी भीड़ को देखते हुए सुल्तानगंज के बाबा अजगैबीनाथ मंदिर से लेकर दुम्मा बॉर्डर तक के पूरे मेला पथ को शिवमय बनाया जाएगा।  अत्याधुनिक टेंट सिटी और स्विस कॉटेज की सौगात इस संबंध में पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए तीनों जिलों के विभिन्न रूटों पर अत्याधुनिक टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 3000 कांवरियों के रुकने की क्षमता होगी। इसके अलावा, भागलपुर में वीआईपी सुविधाओं से युक्त 25 स्विस कॉटेज भी बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धौरी और असरगंज में पहली बार ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। जिलों के अनुसार भोजन और आराम करने की हो रही व्यवस्था पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ में 500 बेड की टेंट सिटी बनाई जा रही है। वहीं बांका जिला के अबरखा में 600 बेड, गोड़ियारी में 250 बेड और धौरी में 200 बेड की व्यवस्था की जा रही है। लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि धौरी में पहली बार इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मुंगेर जिला के  खैरा, धोबई, तारापुर और संग्रामपुर में 200-200 बेड, जबकि असरगंज में 300 बेड की व्यवस्था की जा रही है। असरगंज में भी इस तरह की व्यवस्था पहली बार की जा रही है। इतना ही नहीं सभी टेंट सिटी में भोजन प्रबंधन का जिम्मा जीविका दीदी की रसोई को सौंपा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को पूरी तरह शुद्ध और स्वच्छ भोजन मिल सके।

मौसम ने ली करवट, आंधी, बारिश और ओलों ने गर्मी का तोड़ा कहर

बठिंडा. पिछले तीन दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे लोगों को वीरवार शाम बड़ी राहत मिली, जब अचानक मौसम ने करवट लेते हुए तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का रूप धारण कर लिया। शाम आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। पिछले कई दिनों से जिले में तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था और पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल थे। वीरवार शाम हुई हल्की बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को तपती गर्मी से राहत दिलाई। बारिश शुरू होते ही लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और ठंडी हवाओं का आनंद लिया। मौसम में आए इस बदलाव का किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार तापमान में गिरावट और नमी बढ़ने से फसलों को फायदा पहुंचेगा। वहीं पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं को भी भीषण गर्मी से राहत मिली है।

अब खाद माफियाओं की खैर नहीं! कालाबाजारी की शिकायत करने वालों को मिलेगा ₹1000 का पुरस्कार

 अशोकनगर  किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सूचना दाता प्रोत्साहन योजना लागू की है।योजना के तहत खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और बिक्री की सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उप संचालक कृषि अमित भदौरिया ने बताया कि योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और किसानों को राहत प्रदान करना है। इसके तहत बिना लाइसेंस उर्वरक विक्रय या निर्माण, निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण, तय मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री, नकली खाद का निर्माण तथा सरकारी अनुदान वाले उर्वरकों के औद्योगिक उपयोग जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी। गोपनीय रहेगी सूचनादाता की पहचान कृषि विभाग के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। कोई भी किसान या नागरिक सीएम किसान हेल्पलाइन 155253 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करा सकता है। यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध गतिविधि प्रमाणित होती है, तो प्रोत्साहन राशि सीधे सूचनादाता के बैंक खाते में भेजी जाएगी।  

3 भारतीय नागरिकों की मौत से बढ़ा तनाव, UN ने भी अमेरिका को सुनाई खरी-खरी; नियम-कायदों की दिलाई याद

नई दिल्ली ओमान तट के पास एक कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। नागरिकों की जान जाने की इस गंभीर घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी उप-राजदूत जेसन मीक्स को दोबारा तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है। पिछले कुछ ही दिनों में यह दूसरी बार है जब भारत ने किसी अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है। 30 मिनट तक चला कड़ा कूटनीतिक विरोध विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने जेसन मीक्स को तलब किया। यह बैठक लगभग 40 मिनट तक चली, जिसमें भारत ने कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले और उसमें तीन भारतीयों के मारे जाने पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। चूंकि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, इसलिए उनकी जगह जेसन मीक्स को यह कूटनीतिक विरोध सौंपने के लिए बुलाया गया। अमेरिका ने जहाजों पर हमला किया; टाइमलाइन     8 जून: अमेरिकी हमले में जहाज 'मैरीवेक्स' निशाना बना; 24 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया     9 जून: 'एमटी सेटेबेलो' पर हमला; 3 भारतीयों की मौत, 21 को बचाया गया     10 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया     11 जून: 'एमटी जलवीर' पर हमला; 20 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया     12 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया निशाना बने तीन प्रमुख जहाज और भारतीयों की मौत हालिया विवाद मुख्य रूप से तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों से जुड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल मौजूद था। 'Settebello' पर हमला और मौतें: बुधवार को ओमान के सोहर बंदरगाह के पास इस पलाऊ-झंडे वाले टैंकर को निशाना बनाया गया। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना द्वारा दागी गई मिसाइल के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय सवार थे। इस भयावह हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि 21 को बचा लिया गया। 'MT Marivex' पर हमला: इससे पहले सोमवार को एक अन्य टैंकर, 'MT Marivex' पर भी अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किया गया था। उस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया था।  अमेरिकी नौसेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत पर संयुक्त राष्ट्र समेत दूसरे संगठनों और देशों ने अमेरिकी कार्रवाई की तीखी आलोचना की है और इसे अस्वीकार्य बताया है. अमेरिकी दादागीरी के सामने तनकर खड़े होते हुए अंतर्राष्ट्रीय मेरीटाइम संगठन (अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ) ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्र में व्यक्ति की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. वहीं UN ने कहा कि वो IMO के बयान से इत्तेफाक रखता है।  बुधवार को अमेरिका ने पलाऊ के झंडे वाले एक टैंकर पर हमला किया था. इस टैंकर का नाम MT सेटेबेलो है. अमेरिका नौसेना ने सेटेबेलो पर मिसाइलों से हमला किया था. इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी।  भारत ने गुरुवार को कहा कि पिछले चार दिनों में ओमान के तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई. नई दिल्ली ने इन हमलों को लेकर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।  दुनिया भर में जहाजों की सुरक्षा और समुद्री अनुशासन करने वाली संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने इस घटना के लिए अमेरिका की तीखी आलोचना की।  IMO ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई इस घटना में जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई और तीन नाविकों की मौत हो गई।  IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने कहा कि वह किसी भी पक्ष की ओर से की गई ऐसी किसी भी हरकत की "कड़ी" निंदा करते हैं, जिससे नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा को खतरा हो।  "यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है. मेरी संवेदनाएं उन तीन नाविकों के परिवारों के साथ हैं जिनकी जान चली गई और उन सभी लोगों के साथ भी जो क्रू सदस्यों के बारे में खबर का इंतजार कर रहे हैं।  डोमिंग्वेज़ ने कहा कि IMO ने हर समय नाविकों, आम नागरिक जहाजों और नेविगेशन की आज़ादी की सुरक्षा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है।  डोमिंग्वेज़ ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. नाविकों की सुरक्षा एक साझा ज़िम्मेदारी है जिसे सबसे ज़्यादा अहमियत दी जानी चाहिए।  IMO के बयान से सहमति जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल ने इस हमले की निंदा की. सेक्रेटरी-जनरल के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने ने कहा कि, 'खास बात यह है कि सेट्टेबेलो टैंकर पर हमला हुआ और कई भारतीय नाविक मारे गए. और इस हमले की इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइज़ेशन (IMO) के सेक्रेटरी-जनरल ने साफ़ तौर पर निंदा की थी. और हम उस बात का पूरी तरह से समर्थन और अनुमोदन करते हैं।    एमटी जलवीर पर हमला: ताजा मामला इस गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर से जुड़ा है। अमेरिकी मध्य कमान ने एक बयान में कहा कि उसने एमटी जलवीर को ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध का कथित तौर पर उल्लंघन करके ईरानी तेल परिवहन करने के प्रयास के आरोप में निष्क्रिय कर दिया। कमान ने कहा कि चालक दल द्वारा 'अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार पालन न करने' के बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हमला किया। ओमान बंदरगाह के पास इस टैंकर पर हमले के बाद उसमें सवार 22 भारतीयों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया था। पिछले चार दिनों में ओमान तट के निकट अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय चालक दल वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले की यह तीसरी घटना है। भारत का सख्त रुख भारतीय नागरिकों की जान जाने से यह कूटनीतिक विवाद अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक शिपिंग और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों … Read more

समर्थ की शादी में डांस करना पड़ा भारी? ट्विशा शर्मा के पिता ने वकीलों के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

भोपाल  बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। इसी बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है और 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम' से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की है। ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक रूसिया के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारी की भूमिका पर भी उठ सवाल उन्होंने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए। शिकायत के अनुसार, इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में गिरिबाला सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई थी। समर्थ की शादी में किया था डांस शर्मा ने शिकायत के साथ एक तस्वीर भी सौंपी है, जिसमें 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते हुए दिखाया गया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ मौजूद थे। ट्विशा शर्मा के पिता ने 'चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल' रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल किया है। लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका निभाई उन्होंने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका क्यों निभाई। इसके अलावा, ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में देखे गए एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में उस व्यक्ति की पहचान तथा घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख दिया गया है। पांडे ने शुक्रवार को कहा, "हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।" शिकायत में लीगल एड वकीलों की भूमिका और आरोपी के साथ उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हुए कानूनी प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने की भी मांग की गई है।     ट्विशा शर्मा केस में आया नया मोड़     ट्विशा के पिता ने दर्ज कराई आपत्ति     असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना की भूमिका पर सवाल     16 जून तक रिमांड पर हैं समर्थ और उसकी मां 16 जून को खत्म होगी रिमांड इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून को समाप्त हो रही है। एजेंसी उस दिन दोनों को अदालत में पेश करेगी, जहां यह तय किया जाएगा कि उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए। सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद से अब तक किसी रिमांड की मांग नहीं की गई है।

Inflation Alert: खाद्य पदार्थों के बढ़ते दामों से तेज हुई रिटेल महंगाई, जानिए कितना बढ़ा असर

नई दिल्ली देश में खाने-पीने की चीजों के दाम मई महीने में बढ़े हैं. रिटेल महंगाई दर मई के महीने में बढ़कर 3.93 प्रतिशत पहुंच गई है. अप्रैल महीने में महंगाई दर 3.48 प्रतिशत थी. हालांकि, महंगाई दर रिजर्व बैंक के अनुमान 4 प्रतिशत से नीचे रही है।  महंगाई दर रिजर्व बैंक के अनुमान 4 प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे है. लगातार 16वें महीने महंगाई दर आरबीआई के लक्ष्य के नीचे रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और ईरान युद्ध के कारण महंगाई दर बढ़ी है. जून के मॉनिटरी पॉलिसी में आरबीआई ने वित्त वर्ष 27 के लिए महंगाई दर को सुधार करते हुए पहले के 4.6 प्रतिशत की तुलना में बढ़ाकर 5.1 फीसदी किया था।  ईरान, अमेरिका और इजरायल युद्ध के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रेशर बढ़ा है. करेंसी मार्केट पर भी इसका असर पड़ा है. हालांकि, इन सब झटकों के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत है और देश की जीडीपी 7.8 प्रतिशत है. खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमत महंगाई दर को बढ़ा रही है. इसकी कारण CPI में तेजी आई है।  अप्रैल के मुकाबले मई में दर्ज हुई बड़ी बढ़त सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि मई महीने की खुदरा महंगाई दर ने अप्रैल के 3.48% के स्तर से एक लंबी छलांग लगाई है और यह सीधे 3.93% पर जा पहुंची है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सीपीआई (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) की गणना श्रृंखला में हाल ही में किए गए ढांचागत बदलावों के बाद से अब तक की यह सबसे बड़ी और उच्चतम रीडिंग दर्ज की गई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उतार-चढ़ाव और घरेलू स्तर पर चुनिंदा खाद्य वस्तुओं की कीमतों में आई मौसमी तेजी को माना जा रहा है, जिसने खुदरा बाजार के रुख को बदल दिया है। आरबीआई के निर्धारित बजटीय लक्ष्य के भीतर आंकड़े महंगाई के इस बढ़ते ग्राफ के बीच आम आदमी और नीति निर्माताओं के लिए सबसे बड़ी तसल्ली यह है कि यह आंकड़ा अब भी केंद्रीय बैंक के नियंत्रण दायरे में है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक को देश की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए खुदरा महंगाई दर को 4% के मानक स्तर से नीचे रखने का वैधानिक लक्ष्य सौंपा हुआ है, जिसमें परिस्थितियों के अनुसार 2% का ऊपरी और निचला मार्जिन (टोलरेंस बैंड) शामिल किया गया है। वर्तमान में 3.93% की दर पर होने के कारण यह केंद्रीय बैंक के लिए नीतिगत ब्याज दरों (रेपो रेट) की समीक्षा करते समय बहुत अधिक आक्रामक रुख अपनाने के दबाव को कम करती है। पश्चिम एशिया के संकट का घरेलू बाजार पर सीधा असर बाजार विश्लेषकों का स्पष्ट अनुमान है कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में जारी सैन्य और राजनीतिक गतिरोध के चलते वैश्विक व्यापारिक मार्गों पर माल ढुलाई की लागत में भारी इजाफा हुआ है। इस वैश्विक संकट के कारण भारत आयातित खाद्य तेलों, ईंधनों और अन्य आवश्यक कच्चे माल के लिए अधिक भुगतान कर रहा है, जिसका संचयी प्रभाव देश के भीतर खुदरा वस्तुओं के अंतिम मूल्य संवर्धन पर दिखाई दे रहा है। यदि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर यह तनाव और गहराता है, तो आगामी तिमाहियों में घरेलू बाजार के भीतर खुदरा महंगाई दर के इस 4% के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।