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स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा चोट से उबर रहे, दोहा डायमंड लीग में नहीं लेंगे हिस्सा

नई दिल्ली  भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा 19 जून को होने वाली दोहा डायमंड लीग में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वह इन दिनों स्विट्जरलैंड में पीठ की चोट से उबर रहे हैं। टोक्यो ओलिंपिक 2020 के स्वर्ण पदक और पेरिस ओलिंपिक 2024 के रजत पदक विजेता नीरज ने पिछले वर्ष दोहा में ही अपने डायमंड लीग अभियान की शुरुआत की थी और पहली बार 90 मीटर का आंकड़ा पार किया था। हरियाणा के 28 वर्षीय नीरज इस समय अपने लंबे समय के फिजियोथेरेपिस्ट इशान मरवाहा और कोच जय चौधरी के साथ स्विट्जरलैंड के बिएन शहर में 47 दिनों के आफ सीजन प्रशिक्षण शिविर में हैं। वे इस वर्ष होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटे हैं। दोहा के कतर स्पोर्ट्स क्लब में होने वाली प्रतियोगिता में दुनिया के कई शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ी भाग लेंगे। इनमें श्रीलंका के विश्व नंबर एक खिलाड़ी रुमेश थरंगा पथिराजे शामिल हैं, जिन्होंने चार जून को रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। उनके अलावा पाकिस्तान के पेरिस ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के मौजूदा विश्व चैंपियन केशार्न वालकाट भी मैदान में उतरेंगे। प्रतियोगिता में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होगी। ग्रेनाडा के पूर्व दो बार के विश्व चैंपियन और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता एंडरसन पीटर्स तथा अमेरिका के विश्व कांस्य पदक विजेता कर्टिस थांपसन भी इसमें हिस्सा लेंगे।

रायपुर में नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप, शादी का वादा कर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज; अधिकारी मेडिकल लीव पर

रायपुर राजधानी रायपुर के गंज थाना में सूरजपुर जिले में पदस्थ एक नायब तहसीलदार के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। रायपुर निवासी एक युवती की शिकायत पर पुलिस ने नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आने के बाद से आरोपित अधिकारी के फरार होने की चर्चा है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सोशल मीडिया के जरिए हुई थी पहचान पुलिस सूत्रों के अनुसार युवती और आरोपित अधिकारी की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई थी। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि दिवाकर भास्कर ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे के आधार पर उसने युवती को रायपुर के एक होटल में बुलाया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता का कहना है कि कुछ समय बाद जब उसने शादी की बात दोबारा उठाई, तब आरोपित लगातार टालमटोल करने लगा। इसके बाद युवती को संदेह हुआ कि उससे धोखे से संबंध बनाए गए हैं। मामले को गंभीर मानते हुए उसने गंज थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर दर्ज होने के बाद से फरार जानकारी के मुताबिक दिवाकर भास्कर वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद से वह पुलिस की पहुंच से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने 6 जून से मेडिकल लीव ले रखी है और तब से कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुए हैं। पुलिस टीम आरोपित की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। उसके निवास सहित अन्य संदिग्ध स्थानों पर भी जांच की जा रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस को आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता नहीं मिली थी। संरक्षण मिलने के आरोपों पर पुलिस का जवाब मामले के सामने आने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों और शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपित अधिकारी को संरक्षण दिया जा सकता है। इस संबंध में गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से भी शिकायत की गई है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की होगी जांच पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना के दौरान होटल में ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और आरोपित से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।

ग्रामीण शिक्षा को बढ़ावा: नावली स्कूल अब 12वीं तक अपग्रेड, बेटियों को मिलेगी राहत

नूंह  विद्यालय शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा जिला नूंह के राजकीय मिडिल स्कूल नावली खंड फिरोजपुर झिरका (कोड-6097) को उन्नत कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का दर्जा प्रदान किया गया है। इस उन्नयन के साथ विद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए 21 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है। स्वीकृत पदों में एक प्रधानाचार्य, 14 पीजीटी (अंग्रेजी, हिंदी, गणित, इतिहास, राजनीति विज्ञान, उर्दू, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, भूगोल एवं गृह विज्ञान), एक लिपिक, तीन लैब अटेंडेंट तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 10 माह की अवधि के लिए इन पदों के वेतन एवं भत्तों के लिए लगभग एक करोड़ 49 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इस स्वीकृति से विद्यालय में वरिष्ठ माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए आवश्यक आधारभूत मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। विद्यालय के वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर उन्नयन से नावली एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूरस्थ विद्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे विशेष रूप से छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र में शिक्षा के स्तर को नई मजबूती प्राप्त होगी। विज्ञान पढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा स्थानीय ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। वहीं इसी वर्ष से इस विद्यालय में विद्यार्थियों को दाखिला लेने का अवसर मिलेगा,अब छात्राओं को पढ़ने के लिए दूसरे गांव में नहीं जाना पड़ेगा। विद्यार्थियों को गांव में ही आर्ट्स,कामर्स और विज्ञान पढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। छात्राओं का ड्राॅप आउट बढ़ा बता दें कि वर्तमान समय में विद्यालय में छठी,सातवीं,आठवीं कक्षा में लगभग 220 विद्यार्थी अध्यनरत हैं,जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक बेटियां शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उच्च शिक्षा की सुविधा गांव के स्कूल में उपलब्ध न होने के कारण छात्राओं का ड्राॅप आउट बढ़ रहा था। विद्यालय को 12वीं तक अपग्रेड करेंगे बेटियों को पढ़ने के लिए नवाली से पास के सरकारी स्कूल साकरस में जाना पड़ता था,जिसकी दूरी करीब छह किलोमीटर है। जबकि दर्जनों छात्राएं 10 किलोमीटर दूर मांडीखेड़ा स्कूल पढ़ने जाती हैं। सरकारी बस सुविधा उपलब्ध न होने से भी छात्राओं को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में विद्यालय को 12वीं तक का अपग्रेड करना गांव की प्रमुख मांग थी जो आज पूरी हो गई।  

iPhone 15 vs iPhone 16: कीमत घटने के बाद कौन सा iPhone 2026 में ज्यादा सही?

भारत में आईफोन (iPhone) खरीदने का सपना देखने वालों के लिए 2026 दिलचस्प साल बन गया है. एक तरफ iPhone 15 की कीमत लॉन्च के मुकाबले काफी कम हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ iPhone 16 भी अब पहले जितना महंगा नहीं रहा. ऐसे में दोनों मॉडल्स के बीच कीमत का अंतर पहले की तुलना में काफी घट गया है. यही वजह है कि कई खरीदार इस दुविधा में हैं कि कम पैसे बचाकर iPhone 15 लेना समझदारी होगी या फिर थोड़ा ज्यादा खर्च करके iPhone 16 खरीदना बेहतर फैसला साबित होगा. अगर आप भी नया iPhone लेने की योजना बना रहे हैं, तो दोनों फोन्स के बीच का अंतर समझना जरूरी है. कीमत कम हुई तो मुकाबला हुआ और दिलचस्प कुछ समय पहले तक iPhone 16 को प्रीमियम विकल्प माना जाता था, जबकि iPhone 15 बजट के हिसाब से बेहतर डील माना जाता था. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. ऑनलाइन सेल, बैंक ऑफर और एक्सचेंज डील्स की वजह से दोनों डिवाइसेज की कीमतों में अंतर कम हो गया है. यही कारण है कि अब फैसला सिर्फ कीमत पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक मिलने वाली वैल्यू और फीचर्स पर भी निर्भर करता है. कई खरीदारों के लिए यह तय करना आसान नहीं है कि अतिरिक्त रकम खर्च करने का फायदा वास्तव में मिलेगा या नहीं. प्रॉसेसर में है सबसे बड़ा अंतर दोनों स्मार्टफोन देखने में काफी हद तक एक जैसे लगते हैं, लेकिन अंदर की ताकत अलग है. iPhone 15 में ए16 बायोनिक चिपसेट मिलता है, जबकि iPhone 16 में नया ए18 प्रॉसेसर दिया गया है. रोजमर्रा के इस्तेमाल में दोनों फोन शानदार परफॉर्मेंस देते हैं. सोशल मीडिया, वीडियो स्ट्रीमिंग, मल्टीटास्किंग और गेमिंग जैसे काम दोनों डिवाइसेज आसानी से संभाल लेते हैं. हालांकि आने वाले वर्षों में नए फीचर्स और सॉफ्टवेयर अपडेट्स के मामले में iPhone 16 को बढ़त मिल सकती है. जो लोग 4 से 5 साल तक एक ही फोन इस्तेमाल करने का सोच रहे हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है. कैमरा क्वाॅलिटी में दोनों हैं दमदार फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए अच्छी खबर यह है कि दोनों स्मार्टफोन्स में 48 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा मिलता है. इससे हाई-क्वाॅलिटी फोटो और वीडियो कैप्चर किये जा सकते हैं. iPhone 16 में कैमरा सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए कुछ सुधार किए गए हैं, लेकिन सामान्य यूजर के लिए दोनों फोन्स के बीच का अंतर बहुत बड़ा महसूस नहीं होगा. अगर आप पुराने iPhone या किसी एंड्रॉयड फोन से अपग्रेड कर रहे हैं, तो दोनों ही डिवाइस कैमरा के मामले में बड़ा सुधार साबित हो सकते हैं. बैटरी और रोजमर्रा का अनुभव बैटरी लाइफ के मामले में iPhone 16 को उसके नए प्रॉसेसर का फायदा मिलता है. बेहतर पावर एफिशिएंसी की वजह से यह थोड़ी लंबी बैटरी लाइफ देने में सक्षम है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि iPhone 15 कमजोर है. सामान्य उपयोग में यह भी पूरे दिन आराम से साथ निभा सकता है. दोनों फोन्स में यूएसबी-सी पोर्ट, डायनामिक आइलैंड और प्रीमियम बिल्ड क्वाॅलिटी जैसे फीचर्स मौजूद हैं. यानी दैनिक उपयोग का अनुभव दोनों में काफी स्मूद और फ्लैगशिप स्तर का मिलता है. किसके लिए सही है iPhone 15 और किसे लेना चाहिए iPhone 16? अगर आपका मकसद कम बजट में Apple इकोसिस्टम में एंट्री लेना है, तो iPhone 15 अभी भी सबसे आकर्षक विकल्पों में से एक है. इसमें वे लगभग सभी जरूरी फीचर्स मिल जाते हैं जिनकी आम यूजर को जरूरत होती है. वहीं अगर आप लेटेस्ट हार्डवेयर चाहते हैं, भविष्य में आने वाले एआई फीचर्स का फायदा उठाना चाहते हैं और लंबे समय तक फोन बदलने का इरादा नहीं है, तो iPhone 16 ज्यादा समझदारी भरा विकल्प साबित हो सकता है. कुल मिलाकर फैसला कीमत के अंतर पर निर्भर करेगा. यदि iPhone 15 काफी कम कीमत में उपलब्ध है, तो यह 2026 में भी सबसे वैल्यू-फॉर-मनी iPhones में शामिल रहेगा. लेकिन अगर दोनों मॉडल्स के बीच अंतर बहुत कम है, तो iPhone 16 पर थोड़ा अतिरिक्त खर्च भविष्य के लिए बेहतर निवेश साबित हो सकता है.

‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद पर कॉमेडियन प्रणित मोरे ने मांगी माफी

स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने गुरुग्राम में हुए अपने कॉमेडी शो से जुड़े '370 रुपये की बिरयानी' विवाद पर माफी मांगी है. हर तरफ से मिल रही नफरत और विवाद को बढ़ता देख प्रणित ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अब एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो अपनी गलती को स्वीकार करते दिखे. उन्होंने अपनी गलती के लिए माफी भी मांगी है. प्रणित ने ये भी बताया कि उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था, इसलिए वो अब सभी से माफी मांग रहे हैं. प्रणित ने मांगी माफी वीडियो में प्रणित ने कहा कि वो इस ट्र्रोलिंग के हकदार हैं, क्योंकि वो उस लड़के को ऐसे बयान देने से रोक सकते थे, लेकिन इसके बजाय उन्होंने उसे एक मंच दे दिया, जिससे चीजें और बढ़ गईं. उन्होंने दर्शकों से उन्हें एक मौका देने की रिक्वेस्ट की और भरोसा दिलाया कि वो एक बेहतर इंसान बनेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि वो अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई को लेकर अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं. माफी मांगते हुए प्रणित बोले- मैं यह बात काफी समय से करना चाहता था, लेकिन मेरा इंस्टाग्राम सस्पेंड हो गया था. आप सबने मेरा क्राउड वर्क देखा होगा, जिसकी वजह से मुझे काफी नफरत मिल रही है और मुझे लगता है कि मैं शायद यह नफरत डिजर्व भी करता हूं. प्रणित आगे बोले-  जब मैं उस लड़के के साथ क्राउड वर्क कर रहा था, उसने काफी अपमानजनक बातें बोली थीं और सब लोग उस पर हंस रहे थे, तो मैं भी बहक गया. मुझसे समझने में चूक हुई.  मुझे लगता है कि यह मेरी सबसे बड़ी गलती थी. मैं चाहता तो उसे वहीं रोक सकता था, स्टैंड ले सकता था, जो मैं नहीं कर पाया. 'मैंने उसे एक प्लेटफॉर्म दिया जिससे चीजें इतनी बढ़ गईं. जिनको भी इस वजह से ठेस पहुंची है, उन सब से मैं माफी मांगना चाहता हूं. जो भी कानूनी कार्रवाई मेरे खिलाफ चल रही है, उनमें मैं अधिकारियों के साथ सहयोग भी कर रहा हूं. मैं आपसे बस यही रिक्वेस्ट करता हूं कि मुझे एक और चांस दें. मैं बेहतर इंसान बन कर दिखाऊंगा. 370 रुपये की बिरयानी पर क्यों छिड़ा विवाद? दरअसल, प्रणित मोरे के कॉमेडी शो में हिमांशु जांगड़ा नाम के एक लड़के ने कहा था कि उसने डेट पर एक लड़की को 370 रुपये की बिरयानी खिलाई थी, जिसके बदले वो लड़की संग फिजिकल रिलेशन बनाकर उससे वो पैसे वसूलना चाहता था. हिमांशु ने लड़की के लिए कहा था- मेरे 370 रुपये लगे हैं, उन्हें वसूल तो करूंगा. हिमांशु ने 370 रुपये वसूल करने के लिए लड़की संग इंटीमेट होने की कोशिश भी की. लड़की को लेकर हिमांशु के भद्दे कमेंट्स को प्रणित सपोर्ट करते दिखे थे. वो उसमें काफी दिलचस्पी ले रहे थे. वीडियो क्लिप देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर कई लोगों ने आपत्ति जताई और महिलाओं के प्रति इसे बड़ा अपमान मानते हुए प्रणित के खिलाफ लीगल एक्शन की मांग की. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कही थी ये बात बता दें कि प्रणित मोरे का माफीनामा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान के बाद आया है. देवेंद्र फडणवीस ने प्रणित की कंट्रोवर्सी पर कहा था- हर कोई स्टैंड-अप कॉमेडी का आनंद लेता है और मैं खुद भी इसे देखता हूं, लेकिन मनोरंजन के चक्कर में सामाजिक सीमाओं या गरिमा का उल्लंघन करना सही नहीं है.

यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026: लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल टेस्ट की पूरी प्रक्रिया

 यूपी पुलिस में सरकारी नौकरी के लिए लाखों युवाओं ने 32 हजार वाली भर्ती का पेपर दिया है। लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को ली जा चुकी है। अब कैंडिडेट्स आंसर-की और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इन सभी के बीच आपको भर्ती के अगले चरण के बारे में भी डिटेल में जानकारी होनी भी जरूरी है। तभी आप अभी से उसकी तैयारी शुरू कर सकते हैं। इस भर्ती में सेलेक्शन के लिए कॉम्पिटिशन तगड़ा है, ऐसे में अच्छी तैयारी ही आपको पुलिस की इस नौकरी के करीब ले जा सकती है। यूपी पुलिस सिपाही रिटन एग्जाम कटऑफ क्वालिफाई करने के अगले चरण में फिजिकल टेस्ट होता है। जिसके लिए भर्ती बोर्ड द्वारा पूरा शेड्यूल जारी किया जाता है। यह प्रक्रिया लिखित परीक्षा के रिजल्ट जारी के बाद शुरू होती है। लेकिन आमतौर पर अभ्यर्थी इसकी प्रिपरेशन एग्जाम देने के बाद से ही शुरू कर देते हैं। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती 2026 यूपी पुलिस की इस भर्ती के जरिए आरक्षी नागरिक पुलिस (कॉन्स्टेबल) महिला/पुरुष, कॉन्स्टेबल पीएसीसी/सश्स्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल, महिला बटालियन, घुड़सवार और जेल वार्डर के पद भरे जाएंगे। सबसे ज्यादा पद इसमें कॉन्स्टेबल पीएससी/सशस्त्र पुलिस और कॉन्स्टेबल नागरिक पुलिस के हैं। इसके बाद अन्य पोस्ट में रिक्तियां हैं। इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, मेडिकलट टेस्ट आदि चरणों के जरिए किया जाता है। रिटन एग्जाम में आपकी पढ़ाई और बौद्धिक क्षमता को देखा जाता है। वहीं फिजिकल टेस्ट में कैंडिडेट्स की शारीरिक क्षमता का परीक्षण लिया जाता है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल फिजिकल टेस्ट के चरण 1. डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: लिखित परीक्षा में सफल पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाता है। इसमें कैंडिडेट्स के आरक्षण, उम्र, शैक्षिक योग्यता संबंधित सभी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है। आवेदन पत्र और दस्तावेज दोनों में अंकित सूचनाएं समान होनी चाहिए। इसके लिए आप डॉक्यूमेंट्स आप अभी से तैयार कर सकते हैं।     आधार कार्ड     पैन कार्ड     10वीं की मार्कशीट     12वीं की मार्कशीट     जाति प्रमाण पत्र ओबीसी/ईडब्ल्यूएस/ एससी/ एसटी (जो भी लागू हो)     मूल निवास प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     आय प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)     पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ     अन्य डॉक्यूमेंट्स (जिनका जिक्र आपने आवेदन के समय किया हो) 2. हाइट: महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए हाइट संबंधित नियम अलग-अलग तय किए गए हैं। लड़कों की हाइट- सामान्य/अन्य पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों के पुरुष अभ्यर्थियों की न्यूनतम लंबाई 168 सेमी होनी चाहिए। वहीं एसटी पुरुषों की हाइट 160 सेमी तक मान्य होगी। लड़कियों की हाइट- समान्य/ओबीसी/एससी महिला कैंडिडेट्स की लंबाई 152 सेमी होनी चाहिए। वहीं एसटी महिलाओं की हाइट 147 सेमी तक हो। 3. सीना: पुरुष अभ्यर्थियों की हाइट के साथ सीना का माप भी लिया जाएगा। जनरल/ओबीसी/एसटी अभ्यर्थियों का न्यूनतम सीना 79 सेमी बिना फुलाए और फूलने के बाद 84 सेमी होना चाहिए। वहीं एसटी कैंडिडेट्स की छाती 77 सेमी और फुलने के बाद 82 सेमी तक हो। 4. वजन: महिला अभ्यर्थियों का न्यूनतम वज 40 केजी तक होना जरूरी है। यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती में दौड़ कितनी होती है? डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और हाइट चेस्ट और वजन की मेजरमेंट के बाद कैंडिडेट्स को दौड़ लगानी होती है।     पुरुषों की रनिंग- लड़कों को 4.8 किमी दौड़ के लिए 25 मिनट दिया जाता है।     महिलाओं की दौड़- लड़कियों को 14 मिनट में 2.4 किमी की दौड़ पूरी करनी होती है। जो अभ्यर्थी दौड़ निश्चित समय में पूरी नहीं करते हैं, वो असफल हो जाते हैं और भर्ती के इसी चरण से बाहर हो जाते हैं। शारीरिक दक्षता परीक्षा में भी सफल होने वाले कैंडिडेट्स में से बोर्ड लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर चयन सूची तैयार करता है। जिसमें अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की जानकारी होती है।

वास्तु शास्त्र: किचन सिंक के नीचे गलत सामान रखने से हो सकता है आर्थिक नुकसान

 रसोई घर हमारे घर का सबसे जरूरी हिस्सा होता है. अक्सर जगह कम होने की वजह से लोग किचन सिंक के नीचे के खाली हिस्से का इस्तेमाल सामान रखने के लिए करने लगते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र कहता है कि सिंक के नीचे वाली जगह का सही इस्तेमाल न करना घर में गरीबी और कलह का कारण बन सकता है. सिंक का सीधा संबंध जल तत्व (पानी) से होता है. वास्तु के अनुसार, जल की दिशा और स्वच्छता का हमारे आर्थिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. अगर हम यहाँ गलत चीजें रखेंगे, तो घर की शांति और बरकत भंग हो सकती है. आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार सिंक के नीचे क्या नहीं रखना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है: सिंक के नीचे ये सामान कभी न रखें कूड़ेदान (Dustbin): सिंक के नीचे डस्टबिन रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष है. जल के स्थान पर गंदगी रखने से नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है, जिससे न केवल बीमारियों का खतरा बढ़ता है, बल्कि घर में फालतू के खर्च और आर्थिक तंगी भी आती है. कोशिश करें कि कचरा डिब्बा किचन से थोड़ा दूर रहे. झाड़ू और पोंछा: झाड़ू को हमेशा नजरों से दूर और साफ जगह पर रखना चाहिए. सिंक के नीचे झाड़ू रखने से घर में हमेशा आपसी कलह और तनाव बना रहता है. वास्तु में झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, इसलिए इसे सिंक जैसी जल वाली जगह से दूर रखना ही शुभ है. पुराने और गंदे बर्तन: रात भर सिंक में जूठे बर्तन छोड़ना वास्तु में बहुत बड़ा दोष माना गया है. यह राहु के प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे घर में अशांति फैलती है और लक्ष्मी जी नाराज होती हैं. रात में किचन साफ करके ही सोना चाहिए. साफ-सफाई का एसिड या केमिकल: सिंक के पास पानी का पाइप होता है. यहां खतरनाक केमिकल या एसिड रखने से वास्तु के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है. यह क्षेत्र को दूषित करता है और घर की सकारात्मकता को कम करता है. वास्तु के अनुसार विशेष सावधानियां लीकेज न होने दें: वास्तु के अनुसार, पानी का टपकना या पाइप से पानी रिसना धन की हानि का संकेत है. सिंक के नीचे की जगह हमेशा सूखी और साफ होनी चाहिए. यदि वहाँ नमी (Seepage) है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. बिजली का सामान: कई लोग सिंक के नीचे पुराने इलेक्ट्रिक उपकरण रख देते हैं. वास्तु में जल और अग्नि (बिजली) का असंतुलन घर के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है. सामान व्यवस्थित रखें: अगर आप वहाँ जगह बनाना चाहते हैं, तो केवल बर्तन धोने वाला नया साबुन, साफ स्पंज या साफ़ सफाई का केवल जरूरी सामान ही रखें. सामान को प्लास्टिक के बंद डिब्बों में रखें ताकि नमी न आए.

मानगो नगर निगम में आजीविका सुधार की बड़ी पहल, 5 साल की सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान पर काम शुरू

जमशेदपुर  मानगो नगर निगम क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार और शहरी आजीविका को मजबूत बनाने के लिए अगले पांच वर्षों की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को मानगो नगर निगम में महापौर सुधा गुप्ता की अध्यक्षता में सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान (सीएलएपी) को लेकर फोकस ग्रुप डिस्कशन का आयोजन किया गया। इसमें शहरी गरीबों, स्वयं सहायता समूहों, पथ विक्रेताओं, युवाओं और स्थानीय कारीगरों की आजीविका को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार के निर्देश पर दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत राज्य के 10 नगर निकायों में सिटी लाइवलीहुड एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कालीकट, केरल और नगर विकास एवं आवास विभाग के बीच समझौता हुआ है। एनआईटी कालीकट आगामी पांच वर्षों के लिए शहर की आजीविका संबंधी जरूरतों और संभावनाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करेगा। बैठक में जिला उद्योग केंद्र, जेएसएलपीएस, टाउन वेंडिंग कमेटी, एरिया लेवल फेडरेशन, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि तथा एनआईटी कालीकट की टीम के सदस्यों सहित विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। सभी ने सहभागिता आधारित विकास मॉडल को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। महिलाओं के उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर महापौर सुधा गुप्ता ने बैठक में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों के लिए साप्ताहिक हाट शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने से उन्हें उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए विशेष रणनीति बनाने का निर्देश भी दिया। वेंडिंग जोन और बस अड्डे से बढ़ेंगे अवसर महापौर ने शहर को व्यवस्थित बनाने के लिए वेंडिंग जोन विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे कारोबार करने वाले पथ विक्रेताओं के लिए निर्धारित स्थान विकसित होने से ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। इसके अलावा प्रस्तावित बस अड्डे को रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में भी योजना तैयार की जा रही है। गरीबी उन्मूलन और कौशल विकास पर रहेगा फोकस अपर नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि योजना के तहत शहरी गरीबों और कमजोर वर्गों की पहचान कर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। उप महापौर राहुल कुमार कश्यप ने कहा कि जागरूकता अभियान, सामुदायिक संस्थाओं को मजबूत बनाने, आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने तथा बाजार से जोड़ने की रणनीति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही सर्वेक्षण के माध्यम से आजीविका से जुड़े लोगों की चुनौतियों और अवसरों का मूल्यांकन कर रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तैयार की जाएंगी।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारत का पहला टेस्ट, पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक टक्कर तय

 नई दिल्ली आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप का मंच तैयार है। टीम इंडिया रविवार को अपना पहला मैच खेलेगी और ये मैच होगा चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के साथ। इन दोनों देशों का मैच किसी भी फॉर्मेट में हो रोमांच अपने सिर चढ़कर बोलता है, क्योंकि हार दोनों ही टीमें बर्दाश्त नहीं कर सकती। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम वनडे विजेता के तौर पर इस टूर्नामेंट में गई है और अब उसकी कोशिश टी20 का खिताब भी अपने नाम करने पर है। हालांकि, पहले मैच में पाकिस्तान की चुनौती उसके लिए आसान नहीं होगी। इस मैच का दबाव काफी अलग रहता है और इसी कारण इसे हाई वोल्टेज मैच कहा जाता है। क्या कहते हैं आंकड़े दोनों टीमों के बीच अभी तक टी20 में कुल 16 मैच खेले गए हैं। इनमें से भारत ने 13 मैचों में जीत हासिल की है जबकि दो मैचों में पाकिस्तान ने बाजी मारी है। हालांकि, पाकिस्तान की ये दो जीत उसे टी20 वर्ल्ड कप में ही मिली है। इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम छह बार पाकिस्तान से भिड़ी है जिसमें से चार में उसे जीत नसीब हुई है। आंकड़ों में तो टीम इंडिया का पलड़ा भारी है, लेकिन क्रिकेट आंकड़ों का खेल नहीं है। खासकर भारत और पाकिस्तान का मैच, जहां दोनों टीमों का सबकुछ दांव पर लगा होता है इन खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें भारत को जीत चाहिए तो इसके लिए उसकी दमदार बल्लेबाजी का चलना काफी जरूरी है। टीम की कमान संभाल रही हरमनप्रीत कौर का बल्ला चलना काफी जरूरी है। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की जोड़ी ने अगर पैर जमा लिए तो फिर पाकिस्तान की गेंदबाजों की लाइन लैंग्थ बिगड़नी तय है। खासकर शेफली का बल्ला अगर चल गया तो तूफान मचना तय है क्योंकि वह तूफानी अंदाज में रन बनाने के लिए जानी जाती हैं

राष्ट्र प्रथम की भावना पर जोर, मुख्यमंत्री बोले—गुमनाम नायकों की कहानी है ‘भारत भाग्य विधाता’

जयपुर  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के जवाहर सर्किल स्थित एंटरटेनमेंट पैराडाइज मिराज सिनेमा में फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की स्पेशल स्क्रीनिंग देखी। इस अवसर पर फिल्म की अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, सांसद मंजू शर्मा एवं फिल्म के निर्माता- निर्देशक , नर्स प्रोफेशनल्स एवं छात्राएं उपस्थित रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम‘ की भावना और समाज के प्रति संवेदनशीलता ही नागरिक की सबसे बड़ी पहचान होती है। राष्ट्र को सर्वाेपरि मानकर अपना सर्वस्व समाज और देश के लिए समर्पित करने वाले गुमनाम नायकों की प्रेरक गाथा को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ में प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया गया है।   मुख्यमंत्री ने कहा कि देश ने 26/11 जैसे आतंकी हमलों से लेकर कोविड महामारी जैसे कठिन दौर में भी अनगिनत कर्मयोगियों की सेवा भावना को देखा है। चिकित्सकों, नर्सों, सुरक्षाकर्मियों तथा अन्य सेवा प्रदाताओं ने ऐसे समय में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए मानवता और राष्ट्रसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। यह फिल्म उन असंख्य लोगों के त्याग, साहस और समर्पण को रेखांकित करती है जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए निरंतर कार्य करते हैं। उन्होंने फिल्म के निर्माता एवं उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रेरणादायी फिल्में युवाओं को कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सभी समाज में सेवा एवं सहयोग के लिए आगे बढ़े। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए नर्सेज को सम्मानित भी किया गया।