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तबादला आदेशों से MSME विभाग में नाराजगी, अब जूनियर अधिकारियों को मिली वरिष्ठों की CR लिखने की जिम्मेदारी

भोपाल  वाणिज्यिक कर विभाग के बाद अब मध्यप्रदेश के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) विभाग में तबादलों और प्रभार आदेशों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विभाग के भीतर आरोप लग रहे हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज कर जूनियर अधिकारियों को बड़े पदों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस फैसले का विभाग के कई अधिकारी खुलकर विरोध कर रहे हैं। विवाद 15 और 16 जून को जारी हुए प्रभार आदेशों को लेकर है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग ने ऐसी व्यवस्था लागू कर दी है जिसे कर्मचारी "चार्ज के ऊपर चार्ज" की व्यवस्था बता रहे हैं। यानी जिन अधिकारियों का मूल पद सहायक प्रबंधक है और जो वर्तमान में प्रभारी प्रबंधक के रूप में काम कर रहे हैं, उन्हें जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है। इन अधिकारियों को मिला महाप्रबंधक का प्रभार     सुबोध कुमार श्रीवास्तव को मंडीदीप     जेपी तिवारी को रीवा     शिवशंकर सिंह को निवाड़ी     सुरेश कुमार गोस्वामी को भिंड     राममूर्ति खरे को अनूपपुर     अजय तिवारी को शिवपुरी     बीएल अहिरवार को दमोह जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक का प्रभार दिया गया है। यही नियुक्तियां पूरे विवाद की मुख्य वजह बनी हुई हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ये सभी अधिकारी प्रभारी प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उन्हें महाप्रबंधक जैसे उच्च पद का प्रभार सौंपा गया है। 60 से ज्यादा राजपत्रित अधिकारी होने के बावजूद नहीं मिला मौका अधिकारियों का कहना है कि विभाग में एमपीपीएससी के माध्यम से चयनित वर्ष 2016, 2017 और 2019 बैच के 60 से अधिक वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी कार्यरत हैं। इनमें प्रबंधक और सहायक संचालक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद इन अधिकारियों को नजरअंदाज कर प्रभारी प्रबंधकों को महाप्रबंधक का प्रभार देने से विभाग में असंतोष बढ़ गया है। अधिकारियों का सवाल है कि जब नियमित रूप से चयनित और वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध हैं, तो उन्हें जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई। पदोन्नति रोकी, फिर भी बड़े पदों का प्रभार दिया विभाग के भीतर यह भी नाराजगी है कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि एक ओर विभाग पदोन्नति नहीं कर रहा, वहीं दूसरी ओर प्रभारी व्यवस्था के जरिए जूनियर अधिकारियों को वरिष्ठ पदों का प्रभार देकर वरिष्ठता और योग्यता को दरकिनार किया जा रहा है। कई अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था विभागीय पदक्रम और सेवा नियमों के विपरीत है तथा इससे वरिष्ठ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित होगा। जूनियर अधिकारी लिखेंगे वरिष्ठों की सीआर विवाद की एक बड़ी वजह गोपनीय चरित्रावली (सीआर) भी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अब वर्ग-2 राजपत्रित अधिकारी ऐसे अधिकारियों के अधीन काम करेंगे जो मूल रूप से वर्ग-3 सेवा श्रेणी से हैं। ऐसी स्थिति में जूनियर अधिकारी वरिष्ठ अधिकारियों की सीआर लिखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों के लिहाज से असामान्य स्थिति है। प्रशासनिक आधार पर उठ रहे सवाल विभाग के भीतर चर्चा है कि यदि नियमित राजपत्रित अधिकारी उपलब्ध हैं, तो फिर प्रभारी व्यवस्था के जरिए उच्च पदों का प्रभार देने के पीछे क्या प्रशासनिक आधार अपनाया गया है। इसी कारण इन आदेशों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विभाग में असंतोष का माहौल इन आदेशों के बाद विभाग के कई अधिकारी खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि वरिष्ठता, योग्यता और चयन प्रक्रिया को महत्व देने के बजाय प्रभार व्यवस्था के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं। इससे विभाग में असंतोष और निराशा का माहौल बन गया है। फिलहाल विभाग की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रभार आदेशों को लेकर चर्चा और विरोध लगातार बढ़ रहा है।

CM साय बोले- सोमनाथ मंदिर हमारी आस्था, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रमुख केंद्र

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ छत्तीसगढ़ से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, कलाकार एवं साहित्यकार हुए रवाना छत्तीसगढ़ के शिवालयों की माटी और पावन नदियों का जल भगवान सोमनाथ को श्रद्धालु करेंगे अर्पित रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है।  सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें।  मुख्यमंत्री साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।  इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

रोहतक में डॉक्टरों और शिक्षक से लंबी पूछताछ, NEET मामले में नहीं मिले ठोस सबूत

रोहतक  नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके। डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।  

बारिश और तेज हवाओं से बदलेगा मौसम, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाये रहने, हल्की से मध्यम वर्षा तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 27 जून तक झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. पंजाब से बिहार तक एक टर्फ सक्रिय है. झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य टर्फ भी बना हुआ है, जिससे राज्य में नमी बढ़ रही है. विभाग ने कहा है कि झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में 23 जून के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है. दो से तीन डिग्री गिर सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार 25 जून तक राज्य में अधिकांश स्थानों पर बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसके बाद तापमान में फिर दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. गुमला में सबसे ज्यादा बारिश हुई पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. सबसे अधिक बारिश चैनपुर (गुमला जिला) में 40.2 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम में 23.5 मिलीमीटर बारिश हुई. आज तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी (कोल्हान) और निकटवर्ती मध्य (राजधानी और आसपास) जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. 23 से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी.

कनाडा से पंजाबियों को राहत! नए रिफ्यूजी नियम लागू, अवैध एंट्री के बाद भी मिलेगा असाइलम का मौका

जालंधर कनाडा में रह रहे पंजाबियों को कनाडा सरकार ने वीजा नियमों में राहत दी है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने बिल C-12 के तहत 6 नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब कनाडा पहुंचने के 14 दिन के अंदर शरणार्थी का दावा किया जा सकता हैं।  IRCC के अनुसार, ये बदलाव सिस्टम में बढ़ रहे आवेदनों के बोझ को कम करने, प्रशासनिक देरी को समाप्त करने और इमिग्रेशन व्यवस्था सही करने के लिए किए गए हैं। इससे केवल जरूरतमंदों को समय पर सुरक्षा मिल सकेगी। इन बदलावों से जो लोग तय समय-सीमा के कारण अयोग्य माने जाएंगे, उनके लिए भी प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट (PRRA) का सुरक्षा विकल्प बरकरार रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी को भी ऐसे स्थान पर न भेजा जाए, जहां उसे जान का जोखिम हो। पहले रिफ्यूजी वीजा के लिए अप्लाई करने की सीमा एक साल थी। इससे इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास पेंडिंग मामलों का अंबार लग गया था। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को भी सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कनाडा इमिग्रेशन के 6 प्रमुख बदलाव…     शरणार्थी दावे के लिए एक साल का नियम: अब कोई भी व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल के भीतर ही शरण (Asylum claim) के लिए दावा कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल बाद दावा करता है, तो उसके मामले को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास नहीं भेजा जाएगा और वह अयोग्य माना जाएगा।     अवैध रूप से सीमा पार करने वालों के लिए 14 दिन की समय-सीमा: यदि कोई व्यक्ति अमेरिका से कनाडा की सीमा को आधिकारिक चेकपोस्ट से अलग किसी अन्य रास्ते से पार करता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर शरण का दावा करना अनिवार्य है। 14 दिनों के बाद किए गए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।     आवेदन प्रक्रिया का आधुनिकीकरण: शरणार्थी प्रणाली को तेज और आसान बनाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार केवल उन्हीं आवेदनों को स्वीकार करेगी, जो पूरी तरह से दस्तावेजों के साथ तैयार होंगे, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।     डेटा साझा करने का अधिकार: अब इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह शरणार्थियों से संबंधित जानकारी अन्य सरकारी विभागों (प्रांतीय और संघीय) के साथ साझा कर सके। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में बेहतर तालमेल बिठाना और सुरक्षा को पुख्ता करना है।     इमिग्रेशन दस्तावेजों में किया जा सकता बदलाव: जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार के पास अब वीजा, वर्क परमिट या स्टडी परमिट जैसे दस्तावेजों को रद्द करने, निलंबित करने या बदलने की व्यापक शक्तियां हैं। ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार को संसद में इसकी जानकारी देनी होगी।     देश निकाले से पहले जोखिम का मूल्यांकन होगा: जो लोग नए नियमों के कारण शरण के लिए अयोग्य पाए जाते हैं, उनके लिए भी एक सुरक्षा विकल्प मौजूद है। इसे प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट कहते हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी को भी ऐसे देश में वापस न भेजा जाए, जहां उसे जान का खतरा या उत्पीड़न का डर हो। आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी रिफ्यूजी के लिए वे लोग अप्लाई करते हैं जो कनाडा के नियम पूरे न करने पर (पूरा टैक्स न देने, पेपर क्लीयर न करने के कारण) अपना पीआर अप्लाई नहीं कर पाते। रिफ्यूजी के तहत बिना पीआर के भी रह सकते हैं। हालांकि, आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी।

रोबोटिक्स में बड़ा बदलाव: Figure AI में इंसानों से ज्यादा हुए ह्यूमनॉयड रोबोट्स

आखिरकार एक कंपनी में इंसानों की तुलना में ह्यूमनॉयड रोबोट्स की संख्या ज्यादा हो गई है. फिगर AI नाम की कंपनी के सीईओ ने खुद पोस्ट करके बताया है कि उनके कर्मचारियों की संख्या में अब इंसानों से ज्यादा ह्यूमनॉयड रोबोट्स शामिल हो चुके हैं. अब कंपनी के पास कुछ ही इंसान बतौर कर्मचारी बचे हुए हैं. X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर फिगर AI के सीईओ ब्रेट एडॉक ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी के वर्कफॉर्स में बड़ा बदलाव है. उन्होंने पोस्ट में लिखा, फिगर AI में पहली बार रोबोट की संख्या इंसानों से ज्यादा हो गई है. सीईओ ने पोस्ट में एक ग्राफ भी दिखाया है, जिसमें साफ दिखाया गया है कि कैसे अचानक से इंसानों की तुलना में रोबोट्स कर्मचारियों की संख्या में इजाफा हुआ है. फिगर AI के सीईओ ब्रेट एडॉक का पोस्ट पोस्ट में शेयर किए गए ग्राफ पर टाइटल दिया है कि हेडकाउंट बनाम रोबोट्स. ग्राफ के अंदर दो ट्रैक को दिखाया है, जिसमें एक रोबोट और दूसरा इंसान को दिखाता है. साल 2022 से 20226 तक का डेटा दिखाने की कोशिश की है. ग्राफ में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि साल 2025 के पहले क्वार्टर में संख्या बहुत ही धीरे-धीरे बढ़ रही है. इसके बाद साल 2025 के चौथे क्वार्टर में रोबोट्स की संख्या में तेजी से उछाल देखा है, फिर साल 2026 के दूसरे क्वार्टर में यह संख्या इंसानी कर्मचारियों से भी आगे निकल चुकी है. रोबोट्स की फोटो भी पोस्ट की फिगर AI के सीईओ ने अलग पोस्ट में एक इमेज भी शेयर की है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि पावर ऑन और फोटो में रोबोट्स को दिखाया गया है. दर्जनों रोबोट्स बॉक्स के अंदर हैं. कई कंपनियां कर रही हैं छंटनी दुनिया में बहुत सी कंपनियां हैं, जहां इंसान कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जबकि रोबोट्स/आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर जोर है. हालांकि कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया है कि इंसानों की तुलना में AI की सर्विस कंपनियों के लिए ज्यादा खर्चीली पढ़ रही है. Figure AI क्या है? Figure AI, असल में एक रोबोटिक्स स्टार्टअप है, जो हाल ही में वायरल भी हो चुकी है. इस कंपनी के रोबोट फिगर 3 रोबोट को बतौर इन्टर्न रखा, जो 8 घंटे की शिफ्ट तक कर रहा है.

NEET परीक्षा से जुड़े इनपुट पर STF का एक्शन, रोहतक में दो डॉक्टर समेत तीन लोग हिरासत में

रोहतक. नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके। डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।

उबले अंडे दोबारा गर्म करना कितना सुरक्षित? जानिए सही तरीका और सावधानियां

अक्सर लोग सुबह हेल्दी नाश्ता करने के कारण या फिर सुबह की जल्दबाजी में अंडे खाना पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें पकाना काफी आसान है. लेकिन कई लोग बार-बार पकाने या उबालकर रखने के चक्कर में एक साथ अंडे उबाल लेते हैं और उन्हें फ्रिज में रख देते हैं. बाद में जब उन्हें खाना होता है तो वे फ्रिज से निकालकर अंडों को दोबारा गर्म या उबालने लगते हैं. वैसे तो बचे हुए खाने को दोबारा गर्म करना एक नॉर्मल बात है लेकिन अंडों के मामले में थोड़ी सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. ऐसा करना कितना सही है? इस बारे में सभी को जानना काफी जरूरी है क्योंकि गलत तरीका आपकी सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. क्या अंडे दोबारा गर्म करना सेफ है? Healthline के अनुसार, पहले से उबले या पके हुए अंडों को दोबारा गर्म करना पूरी तरह से सुरक्षित है बस उन्हें सही तरीके से स्टोर किया गया हो. उबले हुए अंडों को पकाने के बाद 2 घंटे के अंदर फ्रिज में रख देना चाहिए. दोबारा गर्म करते समय अंडे का तापमान कम से कम 74 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचना चाहिए ताकि उसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला पूरी तरह खत्म हो सकें. यदि अंडा लंबे समय तक कमरे के तापमान पर बाहर रखा रहा हो तो उसे दोबारा गर्म करके खाने की भूल बिल्कुल न करें. माइक्रोवेव में भूलकर भी न करें गर्म उबले हुए अंडे को दोबारा गर्म करने का सबसे आसान तरीका लोगों को माइक्रोवेव लगता है जो कि सबसे बड़ी गलती है. ब्रिटिश फूड सेफ्टी एक्सपर्ट वेबसाइट Commodious के मुताबिक, साबुत उबले अंडे को माइक्रोवेव में कभी भी गर्म नहीं करना चाहिए. दरअसल, माइक्रोवेव की वेव्स अंडे के अंदर मौजूद पानी के मॉलिक्यूल्स को तेजी से भाप में बदल देती हैं. चूंकि अंडे का छिलका या उसका सफेद हिस्सा इस भाप को बाहर नहीं निकलने देता इसलिए अंडे के अंदर बहुत ज्यादा प्रेशर बन जाता है. जैसे ही आप इसे खाने के लिए काटते हैं या मुंह में लेते हैं, यह बम की तरह फट सकता है जिससे चेहरा जलने का गंभीर खतरा रहता है. अंडा दोबारा गर्म करने का सही तरीका क्या है? अगर आप उबले हुए अंडे को दोबारा गर्म और फ्रेश करना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे सुरक्षित तरीका है उबलते पानी का इस्तेमाल करना. इसके लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में पानी उबाल लें और गैस बंद कर दें. अब उबले हुए अंडों (बिना छिलका उतारे) को उस गर्म पानी में डाल दें और बर्तन को 10 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें. इस तरीके से अंडे के अंदर की नमी बरकरार रहती है, उसका टेक्सचर रबर जैसा नहीं होता और वह बिना किसी ब्लास्ट के रिस्क के अंदर तक अच्छी तरह गर्म हो जाता है.

नहर टूटने से गुरदासपुर में हाहाकार, कई घर जलमग्न; बाढ़ जैसे बने हालात

गुरदासपुर. पंजाब सरकार की ओर से नहरों को मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के किए जा रहे दावों के बीच गुरदासपुर जिले के सठियाली हेड वर्क्स के पास अपर बारी दोआब नहर में बड़ा कटाव हो गया। नहर में करीब 40 फीट से अधिक चौड़ा कट लगने के कारण पानी आसपास के घरों, खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नहर रात के समय टूटी। नहर विश्राम गृह में रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने बताया कि रात करीब 3 बजे अचानक उनके कमरों में पानी भरना शुरू हो गया। इसके बाद पता चला कि नहर टूट चुकी है। तेज बहाव के साथ पानी श्री हरगोबिंदपुर-गुरदासपुर मार्ग को पार करता हुआ आसपास के घरों और खेतों में जा घुसा। नहर टूटने से किसानों की हाल ही में लगाई गई धान की फसल पूरी तरह पानी की चपेट में आ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और प्रभावित परिवारों के लिए हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रभावित निवासी तरसेम सिंह, सुरजीत सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से खाने के लिए रखी गेहूं, घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुएं खराब हो गई हैं। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार से की मांग  उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन अभी करना संभव नहीं है, लेकिन यह लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। इस संबंध में मौके पर मौजूद नहरी विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, एक निजी ठेकेदार की भारी पोकलेन मशीनों की मदद से नहर के कटाव को बंद करने का काम जारी है। हालांकि नहर में पानी का बहाव लगातार जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले लगाई गई धान की फसल पानी में डूब गई है और इसके बचने की संभावना बेहद कम है। किसानों ने चिंता जताई कि उनके पास दोबारा धान लगाने न तो पौध उपलब्ध है और न ही नुकसान की भरपाई का कोई भरोसा दिया गया है। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए और नहर की मजबूती के लिए स्थायी प्रबंध किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

‘कॉकटेल 2’ ने वीकेंड पर मचाया धमाल, 3 दिनों में 75 करोड़ के पार पहुंची कमाई

सिनेमाघरों में एक बार फिर लव ट्राएंगल का जादू लौट आया है. बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की मच-अवेटेड फिल्म 'कॉकटेल 2' को ऑडियंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. ये ही वजह है कि महज 3 दिनों में कमाई 75 करोड़ रुपये पार हो गई है. कुल मिलाकर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पहले वीकेंड में शानदार कमाई की. हालांकि, फिल्म को लेकर समीक्षकों और दर्शकों की राय थोड़ी बंटी हुई नजर आ रही है, लेकिन इसके बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म लगातार अपने पैर जमाए हुए है. खासकर वीकेंड पर फिल्म ने अच्छी रफ्तार पकड़ी है, जिससे मेकर्स ने थोड़ी राहत की सांस जरूर ली होगी. तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर दिखा उछाल Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, 'कॉकटेल 2' ने अपनी रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार बढ़त हासिल की है. रविवार को देशभर के करीब 10,462 शोज़ से फिल्म ने 17.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. अगर इसकी तुलना दूसरे दिन (शनिवार) की कमाई से करें, जहां फिल्म ने 16.25 करोड़ रुपये कमाए थे, तो रविवार को इसके बिजनेस में 9.2% का उछाल देखने को मिला है. यह आंकड़े साफ करते हैं कि वीकेंड का फिल्म को भरपूर फायदा मिला है. तीन दिनों में कुल इतनी हुई कमाई शुरुआती तीन दिनों के सफर के बाद अब फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 47.50 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गया है. वहीं, अगर भारत में इसके ग्रॉस कलेक्शन की बात करें, तो यह अब तक 57 करोड़ रुपये हो चुका है. भारतीय दर्शकों के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी फिल्म को ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिल रहा है. तीसरे दिन फिल्म ने विदेशों से 4 करोड़ रुपये बटोरे, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 19.25 करोड़ रुपये हो गया है.  इन सभी आंकड़ों को मिलाकर 'कॉकटेल 2' का अब तक का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 76.25 करोड़ रुपये हो चुका है. भारी-भरकम बजट बना चुनौती भले ही फिल्म का कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसकी राह इतनी आसान नहीं है. 'कॉकटेल 2' का कुल बजट करीब 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. इस भारी-भरकम बजट के लिहाज से फिल्म की इस शुरुआती कमाई को बहुत ज्यादा मजबूत नहीं, बल्कि एक मिला-जुला रिस्पॉन्स माना जा रहा है. वीकेंड पर फिल्म ने अपनी पकड़ तो मजबूत रखी है, लेकिन अपनी लागत निकालने और मुनाफे की तरफ बढ़ने के लिए इसे आने वाले वर्किंग डेज (सोमवार से गुरुवार) में भी इसी तरह की मजबूत रफ्तार बनाए रखनी होगी. क्या है फिल्म की दिलचस्प कहानी? होमी अदजानिया की डायरेक्ट की गई फिल्म 'कॉकटेल 2' कुणाल (शाहिद कपूर) और दिया (रश्मिका मंदाना) की कहानी है, जो बचपन के प्रेमी हैं. हालांकि उनके बीच गहरा रिश्ता है, लेकिन वे शादी की तरफ अगला कदम बढ़ाने से हिचकिचाते हैं. सिसिली में छुट्टियों के दौरान उनकी जिंदगी में एक अनपेक्षित मोड़ आता है, जहां वे दिया की करीबी दोस्त एली (कृति सेनन) से दोबारा मिलते हैं. एली उन्हें अपने ट्रैवल प्लान छोड़कर उसके साथ समय बिताने के लिए मना लेती है. अब इसके बाद क्या कुछ होता है. ये ही देखने लायक है.