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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, गुरदासपुर के कादियां को मिला सब-डिवीजन का दर्जा

गुरदासपुर. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि कादियां हल्के को सब-डिवीजन के रूप में अपग्रेड किया जाएगा, जिससे लोगों की लंबे समय से लटकती मांग पूरी होगी और आधुनिक प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स के माध्यम से सभी प्रमुख सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी कादियां में विशेष जनता कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अकाली नेतृत्व पर तीखे निशाने साधते हुए कहा कि उन्होंने वोट हासिल करने के लिए लोगों को डराया-धमकाया और वर्षों तक पंजाब को लूटा। पंजाबियों को "चोरों, लुटेरों और ठगों" के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से अपील की कि वे साल 2027 के चुनावों में 'झाड़ू' को इतने निर्णायक ढंग से चलाएं कि विपक्षी दल को सूबे को गंदला करने का फिर कोई मौका न मिले। मुख्यमंत्री ने किसानों को यह भरोसा भी दिया कि कीड़ी शुगर मिल के गन्ने के बकाए जल्द ही अदा कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की लोक-पक्षीय पहलकदमियों, जिनमें 90 फीसद घरों के लिए शून्य बिजली बिल और 47 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा शामिल है, का जिक्र करते हुए लोगों से 'रंगला पंजाब' बनाने में एकजुट होने की अपील की। इस कार्यक्रम की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 'एक्स' पर लिखा: "माझे की बहादुर धरती और कादियां हल्के के लोगों के अपार प्यार और स्नेह के लिए तहे दिल से धन्यवाद। लोगों की लंबे समय से लटकती आ रही मांग को पूरा करते हुए मैंने घोषणा की है कि कादियां को अब सब-डिवीजन बनाया जाएगा। एस.डी.एम., डी.एस.पी., और ए.डी.सी. के कार्यालय एक ही आधुनिक इमारत से काम करेंगे, जिससे लोगों को सरकारी सेवाएं लेने में होने वाली ख्वारी खत्म होगी। हल्के के विकास को और तेज करने के लिए गुरइकबाल सिंह माहल को हल्के का नया सेवादार नियुक्त किया गया है।" "पारंपरिक राजनीतिक नेताओं द्वारा शोषण का दौर अब खत्म हो गया है। आज पंजाब के 90 फीसद घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं, और 47 लाख परिवार पहले ही 10 लाख रुपये के कैशलेस स्वास्थ्य उपचार के कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। आओ, हम सब मिलकर खुशहाल पंजाब का निर्माण करें।" विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यह बड़ी भीड़ दिखाती है कि कादियां के लोग बदलाव लाने और इस हल्के को उस परिवार से मुक्त करवाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जिसने दशकों तक यहां राज किया है। पिछली सरकारों ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को अनदेखा किया, पर हमारी सरकार ने इसकी तरक्की को सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश की है। सीमा पर रहने वाले लोग सच्चे देशभक्त हैं जो हमेशा देश के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे हैं, और हमारी सरकार उनकी भलाई के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध है।" मुख्यमंत्री ने कहा, "इस विधानसभा हल्के की लंबे समय तक नुमाइंदगी करने वाले स्मगलरों ने पंजाब की पीढ़ियों को बरबाद कर दिया है। लोगों को आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें उचित सबक सिखाना चाहिए।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हम पड़ोस की बेकरियों में बने बिस्कुट खाकर बड़े हुए हैं, जबकि पहाड़ों के कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े ये नेता अपने पिता-दादाओं द्वारा स्मगल किए गए सोने के बिस्कुट खाते रहे हैं। उनके पास न तो कोई विचारधारा है और न ही जनता की सेवा के लिए कोई वचनबद्धता। उनका एकमात्र उद्देश्य हमेशा सत्ता पर काबिज होना रहा है। अब समय आ गया है कि लोग बेकरी के बिस्कुटों और सोने के बिस्कुटों के बीच फर्क को समझें।" उन्होंने कहा, "इन शाही नेताओं का आम पंजाबियों से कोई लेना-देना नहीं है। इनकी गाड़ियां, कपड़े और जीवनशैली हमसे बिल्कुल अलग है। जिन्होंने विधानसभा, राज्यसभा और लोकसभा में इस क्षेत्र का नुमाइंदगी की, उन्होंने कभी इसके विकास के लिए काम नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने सड़कों पर टोल लगाए और लोगों पर बोझ डाला। यहां तक कि उनका अपना घर भी बंटा हुआ है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के झंडे लहरा रहे हैं।" मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "मेरा नाम पारंपरिक पार्टियों के नेताओं के लिए डरावना सपना बन गया है क्योंकि मैंने उनके बुरे कामों को लोगों के सामने बेनकाब किया है। वे इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को सफलतापूर्वक चला रहा है। लोगों ने इन नेताओं को पहले ही नकार दिया है क्योंकि हमेशा पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने परिवारों की परवाह की है।" कादियां को जल्द ही सब-डिवीजन बनाने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सभी औपचारिक प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर ली जाएंगी ताकि लोगों को अपने कार्यों के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल डूबता हुआ जहाज है और उसके समझदार नेता भी जनता के हित में पार्टी छोड़ रहे हैं। वर्षों तक लोगों ने अकालियों को इस सोच के साथ वोट दिए कि वे महान गुरुओं की पवित्र ‘तकड़ी’ का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन उन्होंने जनता को लूटा और अवैध कारोबारों में हिस्सेदारी की।” मुख्यमंत्री ने कहा, “अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा जानते हैं कि वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। इसलिए वे फर्जी वीडियो के माध्यम से धार्मिक मुद्दों पर मुझे बदनाम करने के लिए एकजुट हो गए हैं। अकाली नेतृत्व ने पंजाब को बेरहमी से लूटा और आम लोगों पर अनेकों अक्षम्य अत्याचार किए। उन्होंने राज्य को तबाह करने वाले माफिया को संरक्षण दिया और नशे के कारोबार को बढ़ावा दिया, जिसके कारण लंबे शासनकाल में पंजाब की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार पूरे पंजाब में 43,000 किलोमीटर से अधिक लिंक सड़कों का नवीनीकरण कर रही है तथा ठेकेदारों को उनके रखरखाव के लिए जवाबदेह बनाया गया है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सरकारी खजाने का प्रत्येक पैसा जनता के कल्याण और पंजाब के सर्वांगीण विकास पर विवेकपूर्ण ढंग से खर्च हो।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। पहली बार किसानों को दिन के समय भी बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति मिल रही … Read more

एशियन गेम्स 2026: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया का ऐलान, गोल्ड डिफेंड करने की चुनौती

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का एशियन गेम्स 2026 के लिए ऐलान कर दिया गया है. चयन समिति ने सितंबर में जापान के आइची-नागोया में होने वाले इस बहु-खेल आयोजन के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की. टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उपकप्तान होंगी।  भारतीय टीम इस बार डिफेंडिंग चाम्पियन के रूप में मैदान में उतरेगी. पिछले एशियन गेम्स (2023) में चीन के हांगझोउ में भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर महिला क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था. ऐसे में इस बार टीम के सामने गोल्ड मेडल बचाने की चुनौती होगी।  टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा चेहरों को भी जगह मिली है. शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, रेणुका ठाकुर और राधा यादव जैसी खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं. वहीं जी. कमलिनी, भारती फुलमाली, श्री चरणी, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा को भी मौका दिया गया है।  हालांकि, ऑलराउंडर श्रेयांका पाटिल का चयन उनकी फिटनेस क्लियरेंस के अधीन रखा गया है. अगर उन्हें मेडिकल मंजूरी मिलती है, तभी वे टीम के साथ एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगी।  मेन्स क्रिकेट इवेंट के लिए क्या है क्वालिफिकेशन? छह में से पांच टीमों का फैसला ICC मेन्स टी20I रैंकिंग के आधार पर होगा. 31 दिसंबर 2026 तक अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ओशिनिया से सबसे ऊंची रैंकिंग वाली एक-एक टीम सीधे LA28 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेगी. मेजबान अमेरिका (USA) भी क्वालिफाई कर सकता है, लेकिन इसके लिए उसे 30 जून 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच किसी भी समय ICC मेन्स टी20I रैंकिंग में टॉप-15 में जगह बनानी होगी. यदि यूएसए टॉप-15 में जगह नहीं बना पाता, तो उसका ऑटोमैटिक स्थान उस महाद्वीप की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम को मिलेगा, जिसने 31 दिसंबर 2026 तक पहले से क्वालिफाई नहीं किया होगा।  आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी को खेल के इतिहास का बड़ा पड़ाव बताया. जय शाह कहते हैं, 'ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी हमारे खेल के लिए ऐतिहासिक पल है. यह दुनिया भर के खिलाड़ियों और प्रशंसकों तक क्रिकेट को पहुंचाने का शानदार अवसर है. नया क्वालिफिकेशन सिस्टम सभी सदस्य देशों को ओलंपिक तक पहुंचने का स्पष्ट रास्ता देता है।  आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजोग गुप्ता ने कहा कि नया क्वालिफिकेशन मॉडल प्रतिस्पर्धा और वैश्विक प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन बनाता है. संजोग कहते हैं, 'यह सिस्टम प्रतिस्पर्धा के स्तर को बनाए रखने के साथ दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. नया ओलंपिक क्वालिफायर इस सफर को और रोमांचक बनाएगा।  बता दें कि 1900 के पेरिस ओलंपिक में क्रिकेट भी हिस्सा था. अब 128 साल बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी हो रही है. महिला और पुरुष दोनों वर्गों में छह-छह टीमें खेलेंगी. हर टीम 15 खिलाड़ियों का स्क्वॉड चुन सकेगी. टीमों को तीन-तीन के दो ग्रुप्स में बांटा जाएगा.शीर्ष दो टीमें गोल्ड मेडल मुकाबला खेलेंगी, जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल के लिए भिड़ेंगी. कैलिफोर्निया के पोमोना स्थित फेयर प्लेक्स मैदान क्रिकेट मैचों की मेजबानी करेगा।  एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला टीम हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी. कमलिनी (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, श्रेयांका पाटिल* (फिटनेस क्लियरेंस के अधीन), राधा यादव और नंदनी शर्मा.

खाने का स्वाद बिगड़ा तो भड़के IPL क्रिकेटर और उनके IPS पिता! भोपाल में कुक की पिटाई, मामला दर्ज

 भोपाल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता रिटायर्ड आईपीएस पिता शैलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं. भोपाल पुलिस ने अपने घर के रसोइए के साथ मारपीट करने, गाली-गलौज करने और उसे अवैध रूप से बंधक बनाकर रखने के आरोप में दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।  इस मामले में परिवार के ड्राइवर को भी सह-आरोपी बनाया गया है. यह पूरी घटना भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मेंदोरी गांव स्थित उनके आवास की है. मूल रूप से रीवा जिले के रहने वाले 31 वर्षीय पीड़ित रसोइए विपेंद्र सिंह तोमर ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।  विपेंद्र के मुताबिक, उन्हें हाल ही में एक परिचित के जरिए ₹15000 प्रति माह वेतन, रहने-खाने की सुविधा और भविष्य में सरकारी नौकरी दिलाने के आश्वासन पर पूर्व पुलिस अधिकारी के नील बड़ बंगले पर काम के लिए लाया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि काम शुरू करने के कुछ ही घंटों के भीतर खाने की क्वालिटी को लेकर उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया गया और गाली-गलौज की गई।  कमरे में बंद होकर बचाई जान पीड़ित कुक के अनुसार, जब उसने घर के खराब माहौल को देखकर नौकरी छोड़ने और वापस रीवा लौटने की इच्छा जताई, तो आरोपी भड़क गए. उसका मोबाइल फोन जबरन छीन लिया गया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके और उस पर जबरन काम करने का दबाव बनाया गया।  खुद को बचाने के लिए कुक ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया, लेकिन आरोप है कि पिता-पुत्र की जोड़ी और उनके ड्राइवर ने दरवाजा खोलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. पुलिस द्वारा कराए गए मेडिकल परीक्षण में पीड़ित के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मारपीट की पुष्टि हुई है।  भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज रातीबड़ पुलिस ने औपचारिक शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 296(B) (अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना/मारपीट) और धारा 3(5) (साझा आपराधिक दायित्व/समान इरादे से कई लोगों द्वारा किया गया कृत्य) शामिल हैं। 

पंजाब ह्यूमन राइट्स कमीशन सख्त, 35 कथित एनकाउंटर मामले में पुलिस से मांगा जवाब

 चंडीगढ़  पंजाब स्टेट एंड चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन ने राज्य में कथित पुलिस एनकाउंटरों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पंजाब मानवाधिकार संगठन (पीएचआरओ) के अध्यक्ष रंजीत सिंह की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने पंजाब के डीजीपी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने पंजाब पुलिस को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।शिकायतकर्ता ने आयोग में आरोप लगाया है कि पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को हथियार या नशा तस्करी की बरामदगी के लिए ले जाती है और रास्ते में उनका एनकाउंटर कर देती है। आरोप यह भी है कि मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। मामले की अगली सुनवाई 30 जून 2026 को निर्धारित की गई है। शिकायत में राज्यभर में हुए 35 पुलिस एनकाउंटरों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई मामलों में पुलिस की कार्रवाई का पैटर्न लगभग एक जैसा दिखाई देता है। शिकायत के अनुसार, आरोपित को किसी हथियार या अन्य बरामदगी के लिए मौके पर ले जाया जाता है। वहां आरोपित की ओर से पुलिसकर्मी का हथियार छीनने या हमला करने की कोशिश का दावा किया जाता है और इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपित के पैर में गोली लगने की कहानी सामने आती है। पुलिस अधिकारियों के वर्जन पर उठे सवाल पीएचआरओ ने आयोग को बताया कि कई मामलों में पुलिस का आधिकारिक वर्जन सवालों के घेरे में है। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई से मामलों को अदालत तक पहुंचने से पहले ही खत्म करने की कोशिश की जाती है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों के बयान कानून से बाहर जाकर हिंसक कार्रवाई को बढ़ावा देते हैं। शिकायत में गुरदासपुर के हालिया एनकाउंटर का भी उल्लेख किया गया है। दावा किया गया है कि घटना के वास्तविक हालात पुलिस के सार्वजनिक दावों से मेल नहीं खाते। साथ ही “गोली का बदला गोली” जैसे बयानों पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसी सोच कानून के शासन और संविधान प्रदत्त जीवन के अधिकार के विपरीत है। अब विस्तार से जानिए क्या है पूरा मामला:-     पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रही: पंजाब मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष रणजीत सिंह ने इस मामले में शिकायत की। शिकायत में पंजाब में पिछले कुछ समय के दौरान हुए 35 एनकाउंटरों पर सवाल उठाए गए।  शिकायत में दावा किया गया कि कई मामलों में पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी को बरामदगी के लिए ले जाया जाता है, वह हथियार छीनने या फायरिंग करने की कोशिश करता है और फिर जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग जाती है।     एनकाउंटर पूर्व नियोजित या फर्जी हो सकते हैं: शिकायतकर्ता के अनुसार इस तरह के एनकाउंटर पूर्व नियोजित या फर्जी हो सकते हैं। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा कि गुरदासपुर में हाल ही में हुए एक एनकाउंटर का जिक्र करते हुए दावा किया गया कि जमीनी तथ्यों और पुलिस के आधिकारिक दावों में अंतर है।     एनकाउंटर को लेकर जारी किए गए निर्देशों की अनदेखी: सत्ताधारी दल के कुछ प्रतिनिधि "गोली का बदला गोली" जैसी सोच को बढ़ावा दे रहे हैं। यह संविधान के अनुच्छेद 21, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। साथ ही हाई कोर्ट की तरफ से एनकाउंटर को लेकर जारी किए गए निर्देशों की अनदेखी है।     कुछ इन मामलों का किया गया जिक्र: शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कई कथित एनकाउंटर मामलों का उल्लेख किया है। इनमें 20 दिसंबर 2023 को अमृतसर के जंडियाला गुरु इलाके में गैंगस्टर और हेरोइन तस्कर अमृतपाल सिंह, दिसंबर 2025 में अमृतसर में फायरिंग मामले के आरोपी अमृतपाल सिंह, फरवरी 2026 में गुरदासपुर में 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह, 2023 में फतेहगढ़ साहिब में गैंगस्टर तेजा मेहंदीपुरिया, मार्च 2024 में गैंगस्टर सुखविंदर सिंह और फरवरी 2024 में बरनाला में गैंगस्टर गुरमीत सिंह सहित संजू बहमन और सुखदेव सिंह जैसे मामलों का जिक्र किया गया है। दो साल में बढ़े केस यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो पंजाब में पुलिस मुठभेड़ों के मामलों में पिछले दो वर्षों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस ने 2025 में राज्य में कम से कम 47 पुलिस मुठभेड़ दर्ज की गईं, जिनमें कई गैंगस्टर, नशा तस्कर और संगठित अपराध से जुड़े आरोपित शामिल थे। वहीं जनवरी से जून 2026 के बीच ही 35 से अधिक एनकाउंटर सामने आ चुके हैं। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली प्रमुख जिले रहे।  

मुरादाबाद में CM योगी का अनोखा अंदाज, दो अनजान बच्चियों के हाथों कराया ‘श्री राम वाटिका’ का लोकार्पण

मुरादाबाद में दिखा सीएम योगी का वात्सल्य: दो अनजान बच्चियों के हाथों कराया 'श्री राम वाटिका' का लोकार्पण मुरादाबाद विकास और विरासत के संगम के बीच मुरादाबाद में एक भावुक नजारा देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब करोड़ों रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का लोकार्पण किया, तो सबसे खास और भावुक पल 'श्री राम वाटिका' के उद्घाटन का रहा। इस भव्य वाटिका का लोकार्पण किसी राजनेता या अधिकारी ने नहीं, बल्कि वहां मौजूद दो नन्ही बच्चियों वांची और आची ने मुख्यमंत्री के सानिध्य में किया। मुख्यमंत्री और नन्ही बच्चियों का पुराना है स्नेह का नाता मुख्यमंत्री के साथ फीता काटने वाली छह वर्षीय वांची और उसकी छोटी बहन आची का सीएम योगी से यह स्नेहिल जुड़ाव नया नहीं है। दरअसल, इसके पीछे एक बेहद भावुक कहानी है। मुरादाबाद के रहने वाले इन बच्चियों के पिता अमित कुमार अपनी बेटी वांची के स्कूल एडमिशन को लेकर तीन महीने से परेशान चल रहे थे। इसके बाद, जून 2025 में उन्होंने ‘जनता दर्शन’ में बेटी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी गुहार लगाई थी। महज तीन घंटे में दूर की थी पिता की परेशानी बच्चों के प्रति विशेष स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री ने न केवल उनकी फरियाद सुनी थी, बल्कि महज तीन घंटे के भीतर उनकी समस्या का समाधान भी कर दिया था। सीएम के त्वरित निर्देश पर आरटीई के तहत उसी दिन सोमवार दोपहर को वांची का एडमिशन मुरादाबाद के प्रतिष्ठित 'सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल' में हो गया था।  सुरक्षा घेरे के बीच बेटियों को दिया सम्मान श्री राम वाटिका के लोकार्पण के दौरान जब मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा, तो उनसे मिलने यह दोनों बच्चियों भी पहुंची थी। एक पल की भी देरी किए बिना, मुख्यमंत्री ने पूरे वात्सल्य के साथ उन दोनों बहनों को अपने पास बुलाया और उन्हीं नन्हे हाथों से इस भव्य श्री राम वाटिका का फीता कटवाकर इसे जनता को समर्पित कर दिया। बच्चियों के चेहरों की मुस्कान और इस अनूठे पल ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया।

यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक में घुसी वोल्वो; 4 की मौत, 19 लोग घायल

 मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे की जानकारी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि लखनऊ से नोएडा की तरफ जा रही एक वोल्वो बस आगे चल रहे ट्रेलर से टक्करा गई, जिसमें चार यात्रियों की मौत हो गई और उन्नीस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।  पुलिस ने बताया कि मथुरा स्थित राया थाना क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे माइलस्टोन 112 के पास सड़क हादसे की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची टीम ने आस-पास के लोगों के साथ मिलकर तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी 19 घायल यात्रियों को एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।  पुलिस ने बताया कि हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है. पुलिस टीम ने मृतकों के शव को कब्जे में ले लिया और उनकी पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। आमने-सामने हुई बस और ट्रक की भिड़ंत सीओ महावन संजीव कुमार ने बताया कि राया थाना क्षेत्र में बिहार नंबर की बस और राजस्थान नंबर के ट्रक के बीच टक्कर हुई। टक्कर के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया सूचना मिलते ही पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में करीब 20 से 25 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। एक यात्री की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान की जा रही है। वहीं हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये हादसा उस वक्त हुआ, जब लखनऊ से नोएडा की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बस अचानक सामने चल रहे ट्रेलर (ट्रक) से टकरा गई. हादसे के वक्त बस में सवार करीब 65 यात्रियों सवार थे जो अपनी-अपनी सीटों पर  सो रहे थे, तभी जोरदार धमाके के साथ बस के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई।  

वर्ल्ड कप 2026 में उलटफेर पर उलटफेर, ब्राजील आगे बढ़ा लेकिन जर्मनी और नीदरलैंड्स हुए बाहर

ह्यूस्टन फीफा विश्व कप 2026 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही था- क्या 48 टीमों वाला टूर्नामेंट अपनी गुणवत्ता बचा पाएगा? आलोचकों का दावा था कि ज्यादा टीमें आएंगी, छोटे देशों की भरमार होगी और बड़े देशों की राह आसान हो जाएगी.  लेकिन नॉकआउट दौर के शुरुआती मुकाबलों ने इस धारणा को पूरी तरह पलट दिया है।  यह वर्ल्ड कप बड़ा जरूर हुआ है, लेकिन कमजोर नहीं. उल्टा, अब यह पहले से कहीं ज्यादा निर्दयी हो गया है. यहां सिर्फ बड़ा नाम होने से कोई सुरक्षित नहीं है. ब्राजील बच तो गया, लेकिन जर्मनी बाहर हो गया. नीदरलैंड्स भी घर लौट गया… और दुनिया ने साफ देख लिया कि अब फुटबॉल का पुराना शक्ति संतुलन तेजी से बदल रहा है।  ब्राजील जीता नहीं… किसी तरह बच निकला ह्यूस्टन में पांच बार का विश्व चैम्पियन ब्राजील जापान के खिलाफ उस तरह नहीं खेला, जैसा उससे उम्मीद थी. मैच पर नियंत्रण रखने वाली टीम खुद दबाव में थी।  पहले हाफ में काइशू सानो ने जापान को बढ़त दिलाई. जापान ने अनुशासित डिफेंस, तेज काउंटर अटैक और बेखौफ फुटबॉल से ब्राजील को परेशान कर दिया।  कैसेमिरो ने बराबरी जरूर दिलाई, लेकिन उसके बाद भी ब्राजील का दबदबा नहीं दिखा. समय खत्म होने को था, अतिरिक्त समय लगभग तय था. तभी 95वें मिनट में गैब्रियल मार्टिनेली ने गोल कर ब्राजील को 2-1 से जीत दिलाई. 95वें मिनट तक ब्राजील सिर्फ मैच नहीं, अपनी प्रतिष्ठा भी बचाने की लड़ाई लड़ रहा था।  स्कोरलाइन जीत की थी, लेकिन कहानी बच निकलने की थी. जर्मनी… और पेनल्टी की बादशाहत भी खत्म अगर ब्राजील की जीत चेतावनी थी, तो जर्मनी की हार उसका सबसे बड़ा सबूत. चार बार की विश्व चैम्पियन जर्मनी ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन पराग्वे ने दिखा दिया कि नॉकआउट में इतिहास नहीं, सिर्फ मौजूदा प्रदर्शन काम आता है।  जूलियो एनसिसो ने पराग्वे को बढ़त दिलाई. काई हैवर्ट्ज ने बराबरी कराई. इसके बाद मुकाबला धैर्य और अनुशासन का बन गया।  पेनल्टी शूटआउट में वही जर्मनी हार गया, जिसकी पहचान वर्षों तक पेनल्टी में अजेय रहने की रही थी. पराग्वे ने 4-3 से शूटआउट जीतकर विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया।  मोरक्को ने फिर साबित किया… 2022 कोई इत्तेफाक नहीं था ग्रुप चरण में अपराजित रहने वाला नीदरलैंड्स भी खुद को सुरक्षित समझ रहा होगा।  लेकिन मोरक्को ने फिर वही किया, जो उसने कतर विश्व कप में किया था. उसने दिग्गज को उसकी ही उम्मीदों के बोझ तले दबा दिया. कोडी गाकपो के गोल के बाद लगा कि डच टीम जीत जाएगी. लेकिन इंजरी टाइम में इस्सा डियोप ने बराबरी कर दी. पेनल्टी शूटआउट में यासीन बुनू हीरो बने और मोरक्को ने एक और यूरोपीय महाशक्ति को बाहर का रास्ता दिखा दिया।  ये 'अपसेट' नहीं… फुटबॉल की नई हकीकत है अगर ये तीन नतीजे अकेले होते, तो इन्हें संयोग कहा जा सकता था. लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर कुछ और कहानी कह रही है।  ब्राजील ग्रुप चरण में मोरक्को से ड्रॉ खेला. स्पेन को केप वर्डे ने रोका. पुर्तगाल डीआर कांगो और कोलंबिया से बराबरी पर रहा. इंग्लैंड घाना के खिलाफ जीत नहीं सका. जापान अपराजित रहा. पराग्वे तीसरे स्थान से नॉकआउट में पहुंचा और फिर जर्मनी को बाहर कर दिया। यानी यह किसी एक रात का चमत्कार नहीं, बल्कि विश्व फुटबॉल के बदलते समीकरणों का ऐलान है. 48 टीमों वाला वर्ल्ड कप कमजोर नहीं… ज्यादा खतरनाक है. जिस विस्तार की आलोचना हो रही थी, वही अब इस विश्व कप की सबसे बड़ी ताकत बन गया है।  ज्यादा टीमों का मतलब सिर्फ ज्यादा मैच नहीं है. इसका मतलब है कि अब ज्यादा देशों को नॉकआउट तक पहुंचने का मौका मिल रहा है. और एक बार जब कोई टीम नॉकआउट में पहुंच जाती है, तो वहां नाम नहीं, सिर्फ 90 मिनट का प्रदर्शन मायने रखता है।  छोटी टीमें अब सिर्फ डिफेंड नहीं करतीं. वे रणनीति के साथ खेलती हैं, दबाव झेलती हैं, मौके का इंतजार करती हैं और फिर दिग्गजों को वहीं चोट पहुंचाती हैं, जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है।  अब किसी की बारी हो सकती है… ब्राजील की 95वें मिनट की राहत, जर्मनी की विदाई और नीदरलैंड्स का पतन बाकी दिग्गजों के लिए साफ संदेश है. अब फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना और पुर्तगाल के लिए भी संदेश साफ है- अगला शिकार कोई भी हो सकता है।  फीफा विश्व कप 2026 ने नया नियम लिख दिया है- मैच शुरू होने तक इतिहास आपके साथ होता है, उसके बाद सिर्फ आपका फुटबॉल।  ब्राजील बच गया. जर्मनी गिर गया. नीदरलैंड्स भी टूट गया.. और विश्व कप 2026 ने पूरी दुनिया को बता दिया- अब फुटबॉल में 'दिग्गज' जैसी कोई स्थायी उपाधि नहीं बची. हर नॉकआउट मैच में इतिहास फिर से लिखा जाएगा। 

CM योगी आज रामपुर और बरेली दौरे पर, करोड़ों की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात

सीएम योगी मंगलवार को रामपुर व बरेली के दौरे पर, विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात रामपुर में 690 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे सीएम योगी इंटरमीडिएट-हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को करेंगे सम्मानित बरेली में मंडल के विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की करेंगे समीक्षा लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 30 जून को रामपुर व बरेली के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मुरादाबाद से सीधे रामपुर पहुंचेंगे, जहां शाहाबाद में वह रामपुर के मिलक एवं बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों में 690 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। यहां वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी इंटरमीडिएट/हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देंगे। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के पात्र परिजनों को अनुदान राशि देंगे। मुख्यमंत्री सामाजिक विकास में विशेष योगदान देने वाले व्यापारियों का सम्मान भी करेंगे।  रामपुर के बाद मुख्यमंत्री बरेली पहुंचेंगे, जहां वह सर्किट हाउस में बरेली मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा और नए कार्यों की कार्ययोजना के संबंध में बैठक करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री बरेली के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।

देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हरित विकास, निवेश और रोजगार… इसी दिशा में आगे बढ़ रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देश में ग्रीन एनर्जी का पावर हाउस बन रहा है मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव नीमच बन रहा ग्रीन पावर का ग्लोबल कैपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री जोशी ने किया नीमच एवं शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण नीमच को 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों की सौगात, 38 इकाइयों का लोकार्पण और भूमि-पूजन नीमच के भादवा माता मंदिर में विकास कार्यों के लिए 17 करोड़ की योजना मंजूर जल गंगा संवर्धन अभियान में नीमच बना नंबर 1, मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाली पंचायतों को किया सम्मानित छात्राओं को दिये हेलमेट, विशाल प्रदर्शनी का शुभारंभ कर किया अवलोकन औद्योगिक विकास और सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर केंद्रित लघु फिल्मों का हुआ प्रदर्शन मुख्यमंत्री ने सोलर एनर्जी कंपनी प्रतिनिधियों को दिये प्रशस्ति-पत्र  नीमच स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश ने हरित विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ नीमच में 500 मेगावॉट क्षमता वाले नीमच सोलर पार्क तथा 450 मेगावॉट क्षमता वाले शाजापुर सोलर पार्क का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास तथा नीमच जिले की प्रभारी मंत्री सुनिर्मला भूरिया, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केंद्रीय मंत्री जोशी ने 1,553.98 करोड़ रुपये की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का भी भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 550 मेगावॉट क्षमता वाला आगर सोलर पार्क भी निर्माणाधीन है, जिसकी इकाइयों के लिए 2.44 और 2.45 रुपये प्रति यूनिट की दरें प्राप्त हुई हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद मध्यप्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीमच जिले में करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 98 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश का हरित विकास हमारा लक्ष्य है। हरित विकास के जरिए प्रदेश में अधिकाधिक मात्रा में निवेश लाने और इसके जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा से इस क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के नए औद्योगिक ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित हो रहे हैं। नीमच न केवल मध्यप्रदेश का, बल्कि ग्रीन पॉवर सेक्टर का ग्लोबल कैपिटल बन रहा है। उन्होंने बताया कि यहां देश का सबसे बड़ा पंप स्टोरेज बन रहा है। नीमच जिले में कुल 675 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं कार्यशील हैं और लगभग 1 हजार 952 से अधिक मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेजी से जारी हैं। नीमच के नए सोलर पार्क से मिलेगी 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली, यह देश में सबसे सस्ती मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि नीमच में नए सोलर पार्क का शुभारंभ ऐतिहासिक अवसर है। इससे देश में सबसे सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। नीमच की धरती ने प्रदेश को दो मुख्यमंत्री दिए। नीमच ने अफीम उत्पादन और नेत्रदान अभियान में शीर्ष स्थान हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में सूर्य देवता ऊर्जा के स्त्रोत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल गंगा संरक्षण अभियान के अंतर्गत 19 मार्च से 30 जून तक कुंए, बावड़ी, नदी, तालाब और अन्य सभी जल स्त्रोतों के संरक्षण के उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। राज्य सरकार ने 3 महीने में 10 हजार करोड़ की राशि खर्च कर प्रदेशभर में 2 लाख से अधिक जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया है। जल गंगा संरक्षण अभियान में नीमच ने देश में 10वां और प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने म.प्र. के बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉप 10 में स्थान बनाने वाले नीमच के विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की मौजूदगी में आज 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है। कुल 2080 करोड़ की लागत से नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 करोड़ मेगावॉट के सोलर पार्क की सौगात मिली है। साथ ही नीमच में 1553.98 करोड़ की 38 औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी हुआ है। नीमच के नए सोलर पार्क से 2.14 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी, जो देश में सबसे सस्ती दर है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार देने वाला राज्य है। प्रदेश में फूड पार्क, पीएम मित्र पार्क तैयार किए जा रहे हैं। नीमच में 1200 करोड़ से अधिक लागत का सोलर ग्लास तैयार करने वाले प्लांट का भूमि-पूजन हुआ है। नीमच को बहुत जल्द जावरा-उज्जैन होकर भोपाल राजमार्ग की सौगात मिलने वाली है। मंदसौर से भोपाल तक नया हाई-वे भी बनाया जाएगा। नीमच में गांधी सागर अभ्यारण्य चीतों का नया घर बन चुका है। बहुत जल्द यहां दो और चीते मुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के किसानों से गेहूं का एक-एक दाना खरीदा गया है। किसानों को गेहूं के लिए 2625 रुपए प्रति क्विंटल कीमत का भुगतान किया है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदा है। गेहूं के उत्पादन और खरीदी में मध्यप्रदेश ने पंजाब जैसे राज्य को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली उपलब्ध करा रही है। किसान कल्याण वर्ष में सरकार किसानों के साथ … Read more

राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल की गूंज, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने की जमकर सराहना

रायपुर : केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने राष्ट्रीय सम्मेलन में की छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल की सराहना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में डीलर दीदी मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान आरसेटी और कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी हुई प्रशंसा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने किया। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने राष्ट्रीय सम्मेलन में की छत्तीसगढ़ के मटेरियल बैंक मॉडल की सराहना          छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा “डीलर दीदी” के रूप में किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।          इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और 10,000 से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।          केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरसेटी के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक राज मिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है ।उन्होंने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।        उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार संवर्धन और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश के जनकल्याणकारी कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।