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‘स्ट्रीट फाइटर’ का ट्रेलर रिलीज, विद्युत जामवाल के धांसू एक्शन ने मचाया धमाल

विद्युत जामवाल की अदाकारी वाली हॉलीवुड फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' का ट्रेलर रिलीज हुआ है। इसमें अभिनेता ने शानदार एक्शन किए हैं। फैंस उनके एक्शन पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।   विद्युत जामवाल हॉलीवुड में अपनी पहचान बना रहे हैं। वह अपकमिंग एक्शन फिल्म 'स्ट्रीट फाइटर' में वीडियो गेम कैरेक्टर 'धलसिम' का रोल निभा रहे हैं। हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का नया ट्रेलर रिलीज किया है। ट्रेलर को यूजर्स पसंद कर रहे हैं। विद्युत जामवाल के फैंस ट्रेलर में उनके सीन को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं और उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। फैंस कर रहे विद्युत की तारीफ किताओ सकुराई के निर्देशन में बनी इस लाइव-एक्शन फिल्म में जामवाल, कैपकॉम की मशहूर वीडियो-गेम फ्रेंचाइजी के योग मास्टर 'धलसिम' का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के ट्रेलर में दर्शकों को एक्टर का एक्शन अवतार करीब से देखने को मिला है। इसमें ऐसे कॉम्बैट सीन भी शामिल हैं, जो उनकी फुर्ती और एक्शन को दिखाते हैं। यह किरदार अपने अनोखे योग-आधारित फाइटिंग स्टाइल के लिए मशहूर है। फैंस अभिनेता की मार्शल आर्ट्स स्किल्स और इस आइकॉनिक रोल के लिए उनकी काबिलियत की तारीफ कर रहे हैं। धलसिम को लेकर फैंस हुए उत्साहित जब धलसिम का किरदार निभाने के लिए विद्युत को कास्ट करने की घोषणा हुई, तो लोगों में इसे लेकर काफी दिलचस्पी पैदा हुई। मार्शल आर्ट्स और एक्शन फिल्मों में उनके बैकग्राउंड को देखते हुए, फैंस उन्हें फिल्म में एक्शन करते हुए देखने के लिए उत्साहित थे। पहले रिलीज हुआ टीजर और ट्रेलर इस साल की शुरुआत में 'स्ट्रीट फाइटर' का पहला टीजर और टीजर रिलीज हुआ। इसमें विद्युत के किरदार की झलक मिली थी। वहीं नए क्लिप में उन्हें फाइटिंग रिंग में अपने जबरदस्त मूव्स दिखाते हुए देखा जा सकता है। विद्युत जामवाल का हॉलीवुड में डेब्यू बॉलीवुड की कई फिल्मों में अपना एक्शन दिखा चुके अभिनेता विद्युत जामवाल 'स्ट्रीट फाइटर' से हॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं। जामवाल ने कलारीपयट्टू में जबरदस्त ट्रेनिंग ली है। स्ट्रीट फाइटर' की कास्ट और रिलीज की तारीख     'स्ट्रीट फाइटर', जिसे 1987 में लॉन्च किया गया था, फाइटिंग गेम्स की एक सीरीज है।     यह अलग-अलग तरह के मार्शल आर्टिस्ट के बीच जबरदस्त लड़ाई पर आधारित है।     फिल्म में एंड्रयू कोजी, नोआ सेंटिनियो, कैलिना लियांग और डेविड डस्टमालचियन हैं।     इनके अलावा फिल्म में कोडी रोड्स, जेसन मोमोआ, कर्टिस '50 सेंट' जैक्सन और ओरविले पेक अहम किरदारों में हैं।     यह फिल्म भारत और इंटरनेशनल लेवल पर 16 अक्टूबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।    

शिक्षक दिवस पर योगी का संदेश- शिक्षा मजबूत होगी तो मजबूत होगा राष्ट्र

 गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजनीति हर क्षेत्र में हो सकती है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में राजनीति नहीं होनी चाहिए। विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण की जगह हैं। यहां शिक्षक का ध्यान किसी राजनीतिक विचार या स्वार्थ के बजाय बच्चों की शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा निखारने पर होना चाहिए। शिक्षा जितनी मजबूत होगी, समाज और राष्ट्र की नींव उतनी ही मजबूत होगी। मुख्यमंत्री बोले- हर क्षेत्र में राजनीति हो सकती है, लेकिन शिक्षा को इससे दूर रखना जरूरी शिक्षक दिवस पर शनिवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करते हुए शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया। सीएम ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला नहीं, बल्कि बच्चों को सही दिशा देने वाला मार्गदर्शक है। उसके आचरण और कार्यशैली का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है। शिक्षक अपने आचरण, नवाचार और समर्पण से बदल सकते हैं विद्यालयों की तस्वीर सीएम योगी ने कहा कि विद्यालय में संसाधन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उससे अधिक जरूरी शिक्षक की इच्छाशक्ति और कार्य के प्रति समर्पण है। सीमित संसाधनों में भी कई शिक्षक नवाचार के जरिए अपने विद्यालय की तस्वीर बदल रहे हैं। ऐसे प्रयोगों को दूसरे विद्यालयों तक पहुंचाने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को उनका लाभ मिल सके। केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, संस्कार, अनुशासन भी जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है। बच्चों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है। हर बच्चे की क्षमता अलग होती है, इसलिए शिक्षक को उसकी प्रतिभा पहचानकर उसे आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। शिक्षक खुद को करें अपडेट मुख्यमंत्री ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप शिक्षकों से खुद को अपडेट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा का विकल्प नहीं, बल्कि उसे बेहतर बनाने का माध्यम है। इसका प्रभावी इस्तेमाल कर शिक्षण को अधिक सरल, रोचक और उपयोगी बनाया जा सकता है। बेहतर काम करने की जिम्मेदारी योगी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर दिया जाने वाला सम्मान केवल उपलब्धि की स्वीकृति नहीं, बल्कि आगे और बेहतर काम करने की जिम्मेदारी भी है। सम्मानित शिक्षक अपने अनुभव और प्रयोगों को दूसरे शिक्षकों के साथ साझा करें, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई गति मिल सके। यूपी के 81 शिक्षकों को किया सम्मानित समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें बेसिक शिक्षा के 61 और माध्यमिक शिक्षा के 20 शिक्षक शामिल रहे। 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार तथा पांच शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रत्येक शिक्षक को प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।  

उम्मेद अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने के निर्देश, सैटेलाइट अस्पतालों में बढ़ेंगी सीजेरियन सुविधाएं

जयपुर  मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को जोधपुर के डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के सभागार में जिले की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। श्रीनिवास ने सुरक्षित मातृत्व, गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाओं एवं स्वस्थ शैशव के लिए संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए हाई रिस्क प्रेगनेंसी की प्रभावी मॉनिटरिंग, गुणवत्तापूर्ण एंटीनेटल केयर तथा नवजात शिशुओं के लिए कंगारू केयर जैसी व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्रसव सखी सहित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा उपयोगी कार्यप्रणालियों को अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी अपनाने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध परामर्श, आवश्यक जांच एवं समुचित फॉलोअप उपलब्ध कराने तथा हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान से लेकर उपचार तक निरंतर निगरानी की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।  उम्मेद चिकित्सालय में मानक प्रोटोकॉल एवं उपचार प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश मुख्य सचिव ने उम्मेद चिकित्सालय में अत्यधिक मरीज भार के मद्देनजर उपलब्ध चिकित्सा संसाधनों एवं उपचार व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने ऑपरेशन थिएटरों में निर्धारित मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल की प्रभावी पालना, उपचार प्रक्रियाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा मरीजों की सुरक्षा के दृष्टिगत व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। श्रीनिवास ने एनेस्थिसियोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स एवं गायनेकोलॉजी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय के साथ कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर एवं जटिल मामलों में त्वरित चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करने तथा उपचार प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। सैटेलाइट अस्पतालों में सीजेरियन सेवाओं के विस्तार की दिशा में कार्यवाही के निर्देश मुख्य सचिव ने जिले के सैटेलाइट अस्पतालों की भूमिका को और प्रभावी बनाने के लिए बिलाड़ा, भोपालगढ़, धवा, पीपाड़ शहर, ओसियां एवं बालेसर स्थित चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक मानव संसाधन एवं सहायक चिकित्सकीय सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा तथा उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों पर पड़ने वाले भार को भी कम किया जा सकेगा। उन्होंने इन चिकित्सा संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ सीजेरियन सेक्शन सेवाओं को चरणबद्ध रूप से ऑपरेशनलाइज करने की दिशा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस संबंध में आवश्यक संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की उपलब्धता के लिए राज्य स्तर पर समुचित सहयोग एवं समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। एंटीनेटल केयर एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में प्रक्रिया-प्रवाह को और बेहतर बनाने के निर्देश मुख्य सचिव ने जिले में एंटीनेटल केयर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए गर्भवती महिलाओं को निर्धारित अंतराल पर आवश्यक परामर्श एवं जांच सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने हाई रिस्क प्रेगनेंसी की शीघ्र पहचान, नियमित फॉलोअप एवं आवश्यकता के अनुरूप उपचार की समेकित व्यवस्था विकसित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने उम्मेद चिकित्सालय में अपनाई जा रही प्रभावी कार्यप्रणालियों एवं नवाचारों को उपयोगी बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में चिन्हित कर अन्य चिकित्सा संस्थानों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। राउंड-द-क्लॉक ऑपरेशन थिएटर, एचडीयू एवं आईसीयू सेवाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश मुख्य सचिव ने उम्मेद चिकित्सालय में अत्यधिक मरीज भार के बावजूद चिकित्सा सेवाओं के सुचारू संचालन की समीक्षा की। उन्होंने राउंड-द-क्लॉक ऑपरेशन थिएटर, हाई डिपेंडेंसी यूनिट एवं इंटेंसिव केयर यूनिट में गंभीर मरीजों एवं नवजात शिशुओं को उपलब्ध कराई जा रही जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाओं की सतत मॉनिटरिंग एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने उम्मेद चिकित्सालय को मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं एवं संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा गंभीर मामलों में समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा सेवाओं में किए जा रहे सुधार एवं प्रक्रिया-प्रवाह को निरंतर आगे बढ़ाने तथा प्रभावी व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप देने की आवश्यकता बताई। बैठक में डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एस. जोधा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की चिकित्सा व्यवस्थाओं, उपचार पद्धति, चिकित्सकीय संसाधनों, स्वास्थ्य अवसंरचना तथा विभिन्न चिकित्सा सेवाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।  

शिक्षक दिवस पर हरियाणा के 78 शिक्षकों का सम्मान, मिलेगा 1 लाख का कैश अवॉर्ड

पंचकूला हरियाणा के पंचकूला जिले के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में शनिवार को राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 78 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। इनमें सबसे ज्यादा 13 शिक्षक शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले पानीपत से हैं। सरकार ने वर्ष 2024 के लिए 40 और वर्ष 2025 के लिए 38 शिक्षकों के नाम जारी किए थे। शिक्षकों को मिलेगा एक लाख रुपये का कैश अवॉर्ड शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर के मौके पर चयनित शिक्षकों को यह पुरस्कार दिया जाना है। शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजय सिंह दहिया की ओर से इस संबंध में लेटर जारी किया गया था। पुरस्कार के तहत शिक्षकों को एक लाख रुपये का कैश अवॉर्ड, सिल्वर मेडल और सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके अलावा चयनित शिक्षकों को दो एडवांस इंक्रीमेंट भी मिलेंगे। बिल्कुल, तस्वीर में दिए आंकड़ों को साफ-सुथरी टेबल में ऐसे रखा जा सकता है: जिला    सम्मानित शिक्षक पानीपत    7 भिवानी    5 सोनीपत    4 गुरुग्राम    3 रेवाड़ी    3 हिसार    2 कुरुक्षेत्र    2 कैथल    2 जींद    2 सिरसा    1 फतेहाबाद    1 नूंह    1 फरीदाबाद    1 रोहतक    1 करनाल    1 यमुनानगर    1 चरखी दादरी    1 कुल    38 यह सत्र 2025 के लिए सम्मानित होने वाले 38 शिक्षकों का जिलेवार आंकड़ा है। पानीपत से 13 शिक्षक सम्मानित राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए पानीपत से कुल 13 शिक्षकों का चयन हुआ है। इनमें वर्ष 2025 के लिए 7 और वर्ष 2024 के लिए 6 शिक्षक शामिल हैं। इस तरह दोनों वर्षों को मिलाकर पानीपत पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की संख्या के मामले में सबसे आगे है। वर्ष 2024 के लिए हिसार, झज्जर, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद से एक-एक शिक्षक को सम्मानित किया जाएगा। इन जिलों से इस सत्र के लिए सबसे कम नाम चयनित हुए हैं। 2025 में भिवानी से 5 शिक्षक वर्ष 2025 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए पानीपत के बाद भिवानी से सबसे ज्यादा 5 शिक्षकों का चयन हुआ है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद, नूंह, फरीदाबाद, रोहतक, करनाल, यमुनानगर और चरखी दादरी से एक-एक शिक्षक को पुरस्कार के लिए चुना गया है। राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंच पर चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया। बिल्कुल, तस्वीर में दिए गए आंकड़ों को साफ टेबल में ऐसे रखा जा सकता है: जिला    सम्मानित शिक्षक पानीपत    6 रेवाड़ी    6 सोनीपत    4 भिवानी    3 गुरुग्राम    3 जींद    3 कैथल    3 चरखी दादरी    3 करनाल    3 पंचकूला    2 फरीदाबाद    1 महेंद्रगढ़    1 झज्जर    1 हिसार    1 कुल    40

दलीप ट्रॉफी फाइनल में आज होगा महामुकाबला, केएल राहुल नहीं खेलेंगे; सिराज उतरेंगे मैदान पर

 नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीम्स भिड़ने के लिए तैयार हैं. 6 सितंबर (रविवार) से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ये हाई वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा. खिताबी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा भी मैदान पर उतरेंगे. वहीं साउथ जोन के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल केएल राहुल फाइनल का हिस्सा नहीं हैं. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को जरूर साउथ जोन की टीम में शामिल किया गया है और वो खिताबी मैच में नजर आएंगे l ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने फाइनल से पहले अपनी टीम के सभी प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता की पुष्टि की. उधर साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने भी साफ कर दिया कि केएल राहुल इस मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे. वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा के दलीप ट्रॉफी फाइनल में खेलने को लेकर असमंजस बना हुआ था क्योंकि ये तीनों खिलाड़ी अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज का भी हिस्सा हैं l 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला बेहद खास होगा. आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी धाक जमा चुके वैभव ने दलीप ट्रॉफी में भी अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरी हैं. ईस्ट जोन के लिए ईशान किशन और वैभव की मौजूदगी टीम की बल्लेबाजी को मजबूत करेगी. दूसरी तरफ तिलक वर्मा की अगुवाई में साउथ जोन के पास भी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है. दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन कर फाइनल का टिकट हासिल किया है l अजीत अगरकर भी फाइनल देखेंगे दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले पर चयनकर्ताओं की भी नजर रहेगी. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर चेन्नई में फाइनल देखने पहुंचेंगे. अगरकर की मौजूदगी इसलिए भी अहम है क्योंकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) में उनके भविष्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. हालिया बीसीसीआई समीक्षा बैठक में वह पारिवारिक कारणों से शामिल नहीं हो सके थे. उनका मौजूदा अनुबंध 4 अक्टूबर तक है. ऐसे में चेन्नई में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ उनकी संभावित बातचीत भी अहम मानी जा रही है l दलीप ट्रॉफी के साथ ही बीसीसीआई एशियन गेम्स को लेकर भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है. भारतीय मेन्स टीम के अभ्यास के लिए मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान को नेट गेंदबाज के तौर पर जापान भेजने की तैयारी है. यह योजना मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण के सुझाव के बाद बनाई गई है. टीम मैनेजमेंट चाहता है कि जापान में अभ्यास के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को अलग-अलग तरह के तेज गेंदबाजों के खिलाफ पर्याप्त तैयारी का मौका मिले l मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और मोहसिन खान भारतीय एशियन गेम्स दल में शामिल नहीं होंगे. उन्हें सिर्फ नेट गेंदबाज के तौर पर टीम के साथ रखा जाएगा. भारतीय टीम के 20 सितंबर को दिल्ली से जापान रवाना होने की उम्मीद है, जबकि मेन्स टीम का पहला मुकाबला 28 सितंबर को निर्धारित है. बीसीसीआई ने तीनों तेज गेंदबाजों के जापानी वीजा के लिए आवेदन भी कर दिया है l

झीरम घाटी हमले के दोषियों पर कोर्ट का फैसला, 13 साल बाद सभी 10 आरोपी दोषी करार

रायपुर  छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले और दहला देने वाले अध्यायों में से एक, झीरम घाटी नक्सल हमले के मामले में आखिरकार न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एनआईए की विशेष अदालत ने करीब 13 साल पुराने इस मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए सभी 10 बचे हुए आरोपियों को दोषी करार दिया है। लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों और समर्थकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। 25 मई 2013 को हुआ था नरसंहार यह वीभत्स घटना 25 मई 2013 की है, जब कांग्रेस पार्टी की 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान दरभा की झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर सुनियोजित हमला किया था। इस भीषण नक्सल हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 32 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद 27 मई 2013 को केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को शनिवार को दोषी ठहराया. इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी.बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने बताया कि जगदलपुर में एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभय सिंह राजपूत की अदालत ने दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया।  उन्होंने बताया कि अदालत ने सजा की अवधि पर आदेश 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए.चौधरी ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे. हमें अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है. इसके बाद ही अपील के आधार के बारे में बता पाएंगे।  कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर घात लगाकर हुआ था हमला यह हमला 25 मई 2013 को हुआ था जब माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा' पर घात लगाकर हमला किया था।  इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे.मारे गए लोगों में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल तथा वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे।  एनआईए ने 40 मुख्य आरोपियों समेत 150 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जबकि शेष 10 आरोपी हिरासत में थे। इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। न्यायिक आयोग का भी हुआ था गठन यह रैली 2013 के अंत में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी.घटना के बाद राज्य पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन रमन सिंह नीत तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने हमले के दो दिन के भीतर ही इसकी जांच एनआईए को सौंप दी थी. राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का भी गठन किया था।  अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों के नाम एनआईए कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:     प्रमिला मोडियम     चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना     सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम     मुक्का मांडवी     कोसा कवासी उर्फ कोसाराम     आयत मरकाम     मड़कामी देवा     जोग मड़कामी     बंजमी सेना उर्फ चमरू उर्फ देंगा     महादेव

बलराम कृषि महोत्सव किसानों की सेवा और सम्मान का उत्सव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक सरकार किसानों के साथ है मुख्यमंत्री ने भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में वीसी से की सहभागिता जिले के किसानों से की इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड की धरती जय जवान-जय किसान का सबसे अच्छा और सार्थक उदाहरण है। कभी डकैतों की समस्या से जूझने वाले इस क्षेत्र की पहचान आज उद्योग, रोजगार और कृषि से हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा और इनके प्रति आभार व्यक्त करने का त्यौहार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को भिंड जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, अन्न उत्पादन, मछली पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अपने हीरे जैसी जमीन किसी को न बेचें, बल्कि अपने बच्चों को भी इसी पूंजी में परिश्रम और समर्पण का बीजरूपी निवेश करना सिखायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि, पशुपालन और मछली पालन में भिंड तेजी से प्रगति कर रहा है। चंबल, सिंध और पहुज जैसी नदियों के पानी से सिंचित भिंड में बाजरा, गेहूं और सरसों खूब होती है। सरसों के उत्पादन में भिंड की अपनी अलग पहचान है। मुरैना-भिंड में प्रदेश की 50 प्रतिशत से ज्यादा सरसों की पैदावार होती है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए कहा कि भिंड जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती में भी रुचि ले रहे हैं। यहां 3 हजार से अधिक किसानों ने 1250 हेक्टेयर रकबे में प्राकृतिक खेती की है। यहां दुग्ध संकलन में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। लगभग 60 गौशालाओं में गौसेवा भी हो रही है। अब पांडरी गांव में स्वावलंबी गौशाला के लिए 5 हजार निराश्रित गौवंश के आश्रय की तैयारी की जा रही है। मछली पालन में भी यहां के प्रगतिशील लोगों ने नई तकनीक अपनाई है। भवथरा गांव में 25 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक लगाई गई है, जिससे 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर एक नया इतिहास रचेंगे। यहां के किसानों ने पशुपालन और मछली पालन में रुचि लेकर इतिहास रचने की शुरुआत कर दी है। सरकार हमेशा इनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं से भिंड की खेती-किसानी बदल रही है। उन्होंने कहा कि भिंड जिले को ऐतिहासिक पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना का लाभ मिलने जा रहा है, इससे यहां की खेती की तस्वीर बदल जाएगी। सिमार स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो गया है। इससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि अटेर में कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा किया जाएगा। इससे 96 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन सिंचित होगी। वर्तमान में राजघाट, चंबल और हर्सी नहर प्रणालियों से जिले में 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर जमीन सिंचित हो ही रही है। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव की पहल पर पूरे प्रदेश में उत्सव के माहौल में बलराम कृषि महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसमें कृषक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान बलराम की कृपा से किसान कल्याण वर्ष केआयोजनों के अच्छे परिणाम आएंगे। कार्यक्रम में मंत्री शुक्ला और विधायक भिण्ड नरेंद्र सिंह कुशवाह द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दबोहामोड़ के रामसनेही शर्मा को फलोद्यान नर्सरी, बडेरा के पर्वत सिंह को नर्सरी, टुडिला के जगदीश सिंह कंसाना को प्राकृतिक खेती, मानगढ़ के रंजीत सिंह को जैविक खेती, बरूअनपुरा के गंगाराम बघेल को जैविक खेती, सोनेलाल का पुरा के अजय सिंह को केंचुआ खाद उत्पादन, उदन्नखेडा के लक्ष्मण सिंह नरवरिया को जैविक खेती, सैपुरा के संदीप सिंह को उन्नत तकनीकी से टमाटर एंव मिर्च उत्पादन, क्यारीपुरा के कुलदीप सिंह भदौरिया को जैविक खेती और बड़ागांव नं. 1 के गुरुप्रसन्न राजावत को देशी बीज संरक्षण के लिए शाल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के मेधावी विद्यार्थियों- निराली बघेल, कृतिका दुबे, प्रिंसी, साक्षी शर्मा, छवि परमार, सोनम देवी, साहिल यादव और अभय शर्मा को कक्षा 10वी और 12वी की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। समारोह स्थल पर कृषकों की सुविधा हेतु कृषक पंजीयन, ई-केवाईसी तथा फॉर्मर आईडी पंजीयन के विशेष स्टाल लगाए गए थे। कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी विभाग, कृषक कल्याण विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मत्स्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित भिण्ड द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई जिसके माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का भी प्रदर्शन और विक्रय किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेन्द्र यादव, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरोज बघेल, कपिल यार्दे, देवेन्द्र नरवरिया सहित बड़ी संख्या में जिले के प्रगतिशील किसानबंधु उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि भिंड जिले के कुछ प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के साथ-साथ ताईवानी अमरूद और हल्दी का उत्पादन लिया है। इसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।  

पटना में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, 13 जिलों की निगरानी के लिए मंत्रियों और सचिवों की तैनाती

 पटना बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे। पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। गंगा नदी का जलस्तर पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। बिहार बाढ़ की स्थिति बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-     बक्सर – नंद किशोर राम     भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद     पटना – विजय चौधरी     सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव     वैशाली – निशांत कुमार     बेगूसराय – रामकृपाल यादव     समस्तीपुर – दामोदर रावत     लखीसराय – सुनील कुमार     खगड़िया – मदन सहनी     मुंगेर – संजय पासवान     भागलपुर – नीतीश मिश्रा     कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

यूपी में बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया

बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया 4.02 लाख लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट प्रभावितों को वितरित की गईं 1072 मेडिकल टीमें रख रहीं स्वास्थ्य का ध्यान, 24 जिलों में राहत-बचाव अभियान जारी   बाढ़ संकट में सरकार की तत्परता बनी सुरक्षा कवच, अब तक नहीं होने दी कोई जनहानि अयोध्या में जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया से सूचना मिलते ही परिवार को पहुंचाई मदद रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रभावित परिवारों को वितरित की राहत सामग्री लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार तेज गति से जारी है। सरकार की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि शुक्रवार को ही 4,799 लोगों का रेस्क्यू किया गया। राहत अभियान के तहत अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79,666 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। 1,821 नाव एवं मोटरबोट रेस्क्यू कार्य में लगाई गई हैं। बाढ़ से अब तक कोई जनहानि की सूचना नहीं है। 6 हजार से ज्यादा लोग शरणालय में रह रहे वर्तमान में 24 जिलों में बाढ़ का असर है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और राहत कार्य किया जा रहा है। अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके साथ ही 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 6 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। 4 लाख से ज्यादा लंच पैकेट किए वितरित बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। बाढ़ की शुरूआत से अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। शुक्रवार को भी 38 हजार से ज्यादा लंच पैकेट और 6 हजार से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटी गईं। इससे प्रभावित लोगों को संकट की स्थिति में तत्काल भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सरकार का विशेष फोकस बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय रखा गया है। प्रदेश में अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.75 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। 1,821 नाव-मोटरबोट से लगातार रेस्क्यू जलभराव और बाढ़ के कारण जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नाव और मोटरबोट के जरिए राहत एवं बचाव दल पहुंच रहे हैं। अब तक 1,821 नाव एवं मोटरबोट का प्रयोग किया जा चुका है। इससे प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। अब तक बाढ़ से कोई व्यक्ति या पशुहानि दर्ज नहीं हुई है, जो रेस्क्यू ऑपरेशंस और निगरानी व्यवस्था की अहम उपलब्धि है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 485 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। प्रभावित 24 जिले अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी। सोशल मीडिया से सूचना पर पहुंची मदद, आवास का दिया भरोसा अयोध्या में सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार की परेशानी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। बीकापुर के खजुराहट गांव के बरगदीया मजरे में प्रभावित अर्पिता पाण्डेय के परिवार को खाद्य सामग्री, सब्जियां, तिरपाल, बर्तन, गैस सिलेंडर सहित जरूरी गृह उपयोगी सामान उपलब्ध कराया गया। विधायक डॉ. अमित चौहान भी राहत सामग्री लेकर पहुंचे। प्रशासन ने परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्राथमिकता से शुरू कर दी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे राज्यमंत्री रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता न बरतने और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक समयबद्ध तरीके से राहत व सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में AI की एंट्री, शिक्षक दिवस पर हेमंत सोरेन ने बताया भविष्य का रोडमैप

रांची शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के तरीके में भी बदलाव जरूरी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीक विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के मुताबिक बेहतर शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार दिया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर सरकार का फोकस हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर मौजूद कमियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी सुधार लाकर विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। AI से बदलेगा पढ़ाने का तरीका मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में AI और आधुनिक तकनीक शिक्षण प्रक्रिया को ज्यादा सहज और प्रभावी बना सकती है। तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों की जरूरत और क्षमता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक शिक्षा के साथ मूल्यों से जुड़ाव जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है। नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उसे अपने मूल्यों, संस्कृति और जड़ों से जोड़े रखना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज और नई पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।