samacharsecretary.com

‘75 की चीनी हो गई, 75 का पौआ भी…’ वायरल भोजपुरी गाने ने महंगाई पर साधा निशाना

इन दिनों ये लाइनें आप इंस्टा रील्स और वीडियोज में खूब सुन रहे होंगे. ये लाइन बढ़ती महंगाई पर सीधा कटाक्ष करती है. 75 रुपये की चीनी हो गई है,और 75 का ही पौआ भी मिलता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधा सवाल करते हुए पूछा जाता है कि बताइये चाय पिएं या शराब? साफ है कि महंगाई पर जनता का गुस्सा अब सिर्फ बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है. अब तो भोजपुरी गाने भी महंगाई का हिसाब-किताब बताने लगे हैं. सरकार पर तंज कसता ये गाना सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है. बस फिर क्या था, ये लाइन सोशल मीडिया पर लोगों की जुबान पर चढ़ गई. गाने के जरिए महिलाओं ने बढ़ती महंगाई और खासकर रसोई के बिगड़ते बजट पर तंज कसा है. चीनी महंगी हुई तो गाने में पूछ लिया- चाय पिएं या पउवा? गाने का अंदाज बेहद देसी और सीधा है. इसमें चीनी के दाम बढ़ने को शराब के पौआ की कीमत से जोड़कर सरकार पर व्यंग्य किया गया है. गाने के बोल के मुताबिक, जब चीनी और पौआ की कीमत लगभग एक जैसी हो जाए तो सवाल उठता है कि आखिर चाय बनाई जाए या पौआ खरीदा जाए. यही मजेदार और चुभने वाला अंदाज इस गाने को लोगों के बीच तेजी से वायरल कर रहा है. गाने में आगे बात सिर्फ चीनी तक नहीं बल्कि पेट्रोल-डीजल तक के बढ़ते दामों की भी बात की गई है. सिंगर का कहना है कि सरकार ने माहोल को बिगाड़ दिया है. न महंगा सेट, न मॉडल्स… फिर भी वायरल हो गया गाना इस गाने की सबसे खास बात इसका सिंपल सा वीडियो है, जिसे बेहद सादगी से फिल्माया गया है. गाने को अशोक प्रेमी यादव ने आवाज दी है, जबकि इसके बोल संदीप बाबू ने लिखे हैं. वीडियो में कोई बड़ा सेट, ग्लैमरस मॉडल या महंगी लोकेशन नजर नहीं आती. अशोक प्रेमी यादव खुद माइक हाथ में लेकर स्टूडियो में बैठे गाना गाते दिखाई देते हैं. कुछ सीन्स में AI का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन कुल मिलाकर वीडियो बेहद सिंपल रखा गया है. इसके बावजूद गाने ने महज 10 दिनों में ढाई लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं और लगातार वायरल हो रहा है. मतलब साफ है कि इस गाने के बोल ही इतने धारदार हैं कि सुनने वालों के सीधा दिल पर लग रहे हैं. भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर बोले- ‘न्यूजपेपर से भी तेज हो गई’ गाना वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के मजेदार रिएक्शन भी सामने आ रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि भोजपुरी इंडस्ट्री तो न्यूजपेपर से भी तेज हो गई है, क्योंकि किसी भी करंट अफेयर या ताजा मुद्दे पर तुरंत गाना तैयार हो जाता है. वहीं एक अन्य यूजर ने गाने की तारीफ करते हुए लिखा कि महंगाई के मुद्दे पर बहुत बढ़िया गीत गाया गया है. पहले मर्डर केस पर भी बने थे भोजपुरी गाने ये पहली बार नहीं है जब किसी ताजा मुद्दे को भोजपुरी गाने का हिस्सा बनाया गया हो. भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर एक बात फेमस है कि यहां अपनी बात कहने का तरीका ही गाना है, किसी को कोई संदेश देना या ताना मारता होता है तो गाने को ही जरिया बनाया जाता है. इससे पहले मेरठ के चर्चित नीले ड्रम मर्डर केस पर भी कई भोजपुरी गाने बनाए गए थे. इन गानों को लोगों ने खूब सुना, लेकिन मामले को गाने और मनोरंजन का विषय बनाने को लेकर भोजपुरी इंडस्ट्री की आलोचना भी हुई थी. हालांकि इस बार मामला थोड़ा अलग है. चीनी की महंगाई पर बनाया गया ये गाना सीधे-सीधे रोजमर्रा की परेशानी और रसोई के बजट पर व्यंग्य करता है. इसी वजह से सोशल मीडिया पर इसे खूब पसंद किया जा रहा है. फिलहाल ‘75 की चीनी हो गई…’ वाली लाइन सोशल मीडिया पर खूब घूम रही है और भोजपुरी के देसी अंदाज में महंगाई का ये तंज लोगों को खूब गुदगुदाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर रहा है.

पाकिस्तान क्रिकेट में मचा बवाल, खिलाड़ियों के अनुशासन को लेकर PCB की जांच शुरू

नई दिल्ली इंग्लैंड दौरे के बीच ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अपनी टीम के खिलाड़ियों के आचरण और अनुशासन को लेकर आंतरिक जांच शुरू कर दी है. पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी के सलाहकार आमिर मीर ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि मामले की जांच बोर्ड के मौजूदा नियमों और प्रक्रियाओं के तहत की जा रही है l   पीसीबी ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि जांच किस घटना या किन खिलाड़ियों को लेकर शुरू की गई है. पीसीबी ने इतना जरूर कहा है कि मामले से जुड़े सभी लोगों को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिया जाएगा. साथ ही बोर्ड ने अपुष्ट दावों और सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा है l पीसीबी की जांच के बीच ऐसी रिपोर्ट सामने आई है कि लंदन में टीम के सुरक्षा अधिकारी ने पाकिस्तान के दो खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए थे. बताया जा रहा है कि फोन कई घंटों तक उनके पास रहे. कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जांचकर्ताओं की नजर लंदन में खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनके कुछ लोगों के साथ कथित संपर्क पर है. हालांकि, पीसीबी ने अभी तक ना तो फोन जब्त किए जाने की पुष्टि की है और न ही यह बताया है कि खिलाड़ियों के मोबाइल डेटा की जांच की गई थी l इसी वजह से फिलहाल इन दावों को आधिकारिक तथ्य नहीं माना जा सकता. अगर जांच में किसी खिलाड़ी के खिलाफ नियमों के उल्लंघन के ठोस सबूत मिलते हैं, तो भारी जुर्माने या प्रतिबंध जैसी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, पीसीबी ने संभावित सजा को लेकर भी कोई जानकारी नहीं दी है l पाकिस्तान टीम का इंग्लैंड दौरा पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है. लॉर्ड्स में पहले टेस्ट में मिली करारी हार के बाद पीसीबी ने टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव किया था. सात खिलाड़ियों को दौरे के बीच ही वापस पाकिस्तान भेज दिया गया. इसके अलावा मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी हटा दिया गया था l 

बस्ती से विदेश पहुंचा 25 हजार कुंतल शीरा, यूपी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला ग्लोबल बाजार

लखनऊ  योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था अब केवल स्थानीय और घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रह गई है। प्रदेश के कृषि उत्पाद प्रसंस्करण के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। बस्ती से 25 हजार कुंतल शीरे का विदेश निर्यात इसका एक प्रमुख उदाहरण है। इससे करीब पांच लाख अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है। खास बात यह है कि शीरा अलग शुल्क वर्गीकरण में आता है, इसलिए इससे हुई विदेशी मुद्रा अर्जन की राशि प्रदेश के मुख्य आबकारी निर्यात आंकड़ों से अलग है।  उत्तर प्रदेश में गन्ने और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़े उद्योगों को अब सिर्फ स्थानीय बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार भी उपलब्ध हो रहा है। इससे खेतों में तैयार होने वाले कच्चे माल के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था का बड़ा नेटवर्क है। गन्ने से चीनी के साथ शीरा जैसे उप-उत्पाद भी तैयार होते हैं।  योगी सरकार की निर्यात नीति से बढ़ी वैश्विक पहुंच योगी सरकार की त्रिवर्षीय आबकारी निर्यात नीति 2026-29 का जोर प्रदेश की उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहित करने पर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में प्रदेश के आबकारी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 45.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में राष्ट्रीय वृद्धि 18.3 फीसदी रही। अप्रैल-जून 2026 में यूपी का आबकारी निर्यात 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 87.9 लाख डॉलर था। यानी प्रदेश ने करीब 39.9 लाख डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की। हालांकि, बस्ती के शीरे से मिली करीब पांच लाख डॉलर की विदेशी मुद्रा अलग शुल्क वर्गीकरण के कारण इन आंकड़ों से अतिरिक्त है। कृषि से लेकर लॉजिस्टिक्स तक जुड़ी पूरी चेन कृषि उत्पाद का विदेश पहुंचना केवल किसान और निर्यातक के बीच का कारोबार नहीं है। इसके पीछे प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और लॉजिस्टिक्स की पूरी श्रृंखला काम करती है। निर्यात बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है। फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक एक्सपोर्ट चेन हो रही तैयार आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि प्रदेश में निर्यात बढ़ने का असर केवल आबकारी इकाइयों तक सीमित नहीं है। उद्योग की पिछली कड़ी गन्ना, शीरा और अनाज जैसे कृषि उत्पादों से जुड़ी है, जबकि आगे कांच की बोतल, पैकेजिंग, ढक्कन, लेबलिंग, भंडारण और परिवहन जैसे अनेक क्षेत्र जुड़े हैं। उत्पादन और निर्यात बढ़ने के साथ इन सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। इससे खेत से फैक्ट्री और फैक्ट्री से विदेशी बाजार तक एक व्यापक एक्सपोर्ट चेन तैयार हो रही है।

संजय दत्त से मराठी बोलने को कहा तो बोले- ‘6 साल यरवदा में रहा, फिर भी नहीं सीख पाया’, छूटी हंसी

मुंबई में रविवार को एक इवेंट के दौरान बॉलीवुड के ‘संजू बाबा’ यानी संजय दत्त का एक मजेदार अंदाज देखने को मिला. मंच पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के साथ मौजूद संजय दत्त से जब मराठी में बोलने की उम्मीद की गई, तो एक्टर ने ऐसा जवाब दिया कि वहां मौजूद लोग हंस पड़े. दरअसल, कार्यक्रम में प्रताप सरनाईक ने मराठी भाषा को लेकर बात करते हुए कहा कि इन दिनों वह सभी को मराठी सिखा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने मजाकिया अंदाज में संजय दत्त को भी मराठी बोलने के लिए कह दिया. मंत्री ने कहा कि वह सोच रहे थे कि संजय दत्त के आने के बाद उनसे मराठी में बात करवाई जाए. उन्होंने कहा कि संजय हिंदी में बोलते हैं, लेकिन यहां मौजूद सभी लोग मराठी समझते हैं. अब बारी थी संजय दत्त की. माइक हाथ में आते ही संजय ने मराठी बोलने की बजाय ऐसा मजेदार जवाब दिया कि पूरा माहौल हल्का-फुल्का हो गया. ‘6 साल जेल में रहा, तब भी मराठी नहीं सीख पाया’ संजय दत्त ने प्रताप सरनाईक को संबोधित करते हुए कहा- प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, यरवदा में. तब भी मराठी नहीं सीख पाया. मैं थोड़ा सीखा था. संजय का ये जवाब सुनकर वहां मौजूद लोगों को गुस्सा नहीं आया बल्कि चेहरे पर हंसी आ गई. एक्टर ने इसी अंदाज में मराठी बोलने की रिक्वेस्ट को टाल दिया और फिर प्रताप सरनाईक के साथ अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया. संजय ने कहा कि वह प्रताप भाई के आभारी हैं कि उन्होंने उन्हें यहां बुलाया. साथ ही उन्होंने बताया कि दोनों का रिश्ता काफी पुराना है और करीब 25 साल से एक-दूसरे को जानते हैं. मराठी को लेकर क्यों छिड़ी है बहस? दरअसल, महाराष्ट्र में इन दिनों मराठी भाषा को लेकर बहस तेज है. परिवहन विभाग की ओर से मुंबई में ऑटो चलाने वाले ड्राइवरों के लिए कामकाज जारी रखने के लिए मराठी के कुछ जरूरी वाक्यों की समझ रखने से जुड़ा फैसला सामने आया है. इस फैसले को लेकर शहर में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. इसी मुद्दे के बीच प्रताप सरनाईक का संजय दत्त से मराठी बोलने का कहना भी चर्चा में आ गया. कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं और लिख रहे हैं कि- संजय दत्त 50 साल से ज्यादा समय से मुंबई में रह रहे हैं. खुद उन्होंने कहा है कि यरवदा जेल में 6 साल बिताने के बाद भी वह मराठी नहीं सीख पाए. उन्होंने यह बात सबके सामने बिना किसी झिझक के स्वीकार की. तो अब सवाल है कि क्या MNS और उद्धव ठाकरे की पार्टी भी संजय दत्त के साथ वैसा ही व्यवहार करेगी, जैसा वे टैक्सी ड्राइवरों, ऑटो ड्राइवरों और सड़क किनारे सामान बेचने वाले लोगों के साथ करते हैं? संजय दत्त और सलमान खान की भी दिखी थी जोड़ी वर्कफ्रंट की बात करें तो संजय दत्त हाल ही में साल 2026 में आई अरबी फिल्म ‘7 Dogs’ में कैमियो करते नजर आए थे. खास बात ये है कि इस फिल्म में उन्होंने सलमान खान के साथ स्क्रीन शेयर की थी. वहीं उनकी पिछली थिएट्रिकल रिलीज निर्देशक अभिजीत मोहन वारंग की पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म 'आखिरी सवाल’ थी. फिल्म में नमाशी चक्रवर्ती, अमित साध, तृधा चौधरी और समीरा रेड्डी भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे.

किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा! छत्तीसगढ़ में 7 सिंचाई योजनाओं के लिए ₹30.74 करोड़ स्वीकृत

छत्तीसगढ़- सात सिंचाई योजनाओं के लिए 30.74 करोड़ रूपए स्वीकृत किसानों को मिलेगी बेहतर सिंचाई सुविधा बलौदाबाजार-भाटापारा और रायपुर जिले के हजारों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा फायदा रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के जल संसाधन विभाग ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग नहरों के जीर्णाेद्धार, रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा।               जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलेवार स्वीकृत कार्यों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के बलौदा शाखा नहर (वितरक 11 एवं 12)में रिमॉडलिंग, सीसी लाइनिंग एवं पक्के निर्माण कार्यों के लिए 4.99 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, इससे 339.05 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। इसी प्रकार सोंढूर परियोजना (बेन्द्री वितरक नहर) के भाटापारा शाखा नहर के बेन्द्री वितरक नहर की रिमॉडलिंग व सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ मंजूर। इससे 355 हेक्टेयर क्षेत्र को पानी मिलेगा।              रायपुर जिला (धरसींवा विकासखंड) के भाटापारा शाखा नहर कार्य में महानदी परियोजना अंतर्गत विभिन्न सुधार कार्यों हेतु 4.20 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 14) के आर.डी. 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोडरू आर.डी. 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर रोड निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 8 व माइनर 1) में भूमिगत पाइपलाइन तथा कंक्रीट व मुरमीकरण रोड निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रूपए, मांढ़र शाखा नहर (वितरक 11।, 13, 14 व माइनर्स) महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णाेद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।            जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों से क्षेत्र में जल प्रबंधन बेहतर होगा और अंतिम छोर (टेल एरिया) तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।

फोन में फुल सिग्नल फिर भी इंटरनेट स्लो? इस सीक्रेट कोड से चेक करें असली नेटवर्क स्ट्रेंथ

स्मार्टफोन में ऊपर आपको सिग्नल बार देखने को मिलता है. इससे आपको पता चलता है कि फोन में कितना सिग्नल आ रहा है. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता कि सिग्नल बार फुल है तो नेटवर्क भी स्ट्रॉन्ग होगा l कई बार ऐसा होता है कि सिग्नल बार में सिर्फ एक बार होने के बावजूद इंटरनेट और कॉल ठीक से चलती है. वहीं, फुल सिग्नल होने के बाद भी कई बार न तो ढंग से कॉल लगती है और न ही इंटरनेट चलता हैl इस परेशानी का सबसे आसान तरीका है यह जानना कि आपके फोन में असल में कितना सिग्नल मिल रहा है. इससे आपको नेटवर्क से जुड़ी दिक्कतों का अंदाजा पहले ही लग सकता है. आइए जानते हैं इसके बारे में l जानिए कैसे चेक करें असली नेटवर्क सिग्नल मोबाइल में कितना नेटवर्क आ रहा है, यह जानने के लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है. इसका एक बहुत आसान तरीका है. सिर्फ एक नंबर डालकर आप नेटवर्क सिग्नल की पूरी जानकारी देख सकते हैं. खोलें डायल पैड सबसे पहले अपने स्मार्टफोन का डायल पैड खोलें, जिससे आप किसी को फोन करते हैं. अब यहां आपको एक कोड डालना है. Android यूजर्स के लिए *#*#4636#*#* कोड है, जबकि iPhone यूजर्स के लिए *3001#12345#* कोड इस्तेमाल किया जाता है. कोड डालने के बाद कॉल बटन दबाएं. इसके बाद आपके फोन में एक डैशबोर्ड खुलेगा. यहां आपको सिम कार्ड और फोन 4G या 5G पर चल रहा है या नहीं, जैसी जानकारी देखने को मिल सकती है. इसके बाद आपको यहां कुछ नंबर दिखाई देंगे, जैसे -103 dBm. यही आपके फोन के सिग्नल की असली स्ट्रेंथ बताता है. इससे पता चलता है कि आपके इलाके में नेटवर्क कितना अच्छा या खराब है. कितने नंबर पर सिग्नल सबसे अच्छा? इन नंबरों की मदद से आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपके फोन में नेटवर्क कितना अच्छा आ रहा है. आमतौर पर -75 dBm के आसपास या उससे ज्यादा मजबूत सिग्नल अच्छा माना जाता है. ऐसे सिग्नल पर कॉल और इंटरनेट का एक्सपीरियंस बेहतर रह सकता है. वहीं, अगर सिग्नल -110 dBm के आसपास या उससे नीचे चला जाता है, तो नेटवर्क काफी कमजोर माना जाता है. ऐसे में कॉल ड्रॉप होने या इंटरनेट की स्पीड कम होने जैसी दिक्कत आ सकती है. इसलिए अगली बार फोन में सिग्नल बार देखकर परेशान होने के बजाय ये नंबर चेक कर लें. इससे आपको पता चल जाएगा कि आपके फोन में असल में कितना नेटवर्क आ रहा है.

मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वैश्विक बाजारों और नए निवेश की संभावनाओं का विस्तार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में दुनिया भर के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और मजबूत कनेक्टिविटी, विकसित औद्योगिक आधार तथा निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण तेजी से देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर पूरा प्रशासनिक सहयोग मिलेगा और सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 के आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच पारंपरिक निवेश से आगे बढ़कर वैश्विक नवाचार, आर्थिक साझेदारी और नए अवसरों का सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक परिस्थितियां, आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास आज निवेश की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे समय में सतत और समावेशी भविष्य के लिए वैश्विक समृद्धि के नए निवेश मार्ग इस आयोजन की थीम बेहद प्रासंगिक है। भारत-यूएई संबंधों को नई आर्थिक ऊर्जा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के संबंध आज अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने गहरे विश्वास ने दोनों देशों के संबंधों को नई रणनीतिक और आर्थिक ऊर्जा दी है। वर्ष 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते सीईपीए ने व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और वर्ष 2032 तक इसे 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश में फाइलें डेस्क पर नहीं रुकेंगी, सरकार निवेशकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में उन्हें हर स्तर पर पूर्ण प्रशासनिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रतिबद्धता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपकी फाइलें सरकारी दफ्तरों की डेस्क पर इंतजार नहीं करेंगी, सरकार स्वयं आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को तेजी से धरातल पर उतारने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने यूएई और दुनिया भर के निवेशकों को खाद्य प्रसंस्करण एवं एग्री-बिजनेस, टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। कृषि और फूड प्रोसेसिंग में बड़ी संभावना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और यूएई की अर्थव्यवस्थाओं में अनेक समानताएं हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। विशेष रूप से कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए विश्वसनीय और दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है। सोयाबीन, गेहूं, दालों, मक्का, मसालों और अन्य कृषि उत्पादों के साथ प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खाड़ी क्षेत्र एक बड़ा और स्थायी बाजार बन सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुबई जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से प्रदेश के कृषि उत्पादों को जोड़ने से किसानों को बेहतर बाजार और उनकी उपज के बेहतर मूल्य मिल सकते हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और फूड प्रोसेसिंग में निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे। चंदेरी-महेश्वरी से वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन तक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की समृद्ध वस्त्र परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चंदेरी और महेश्वरी जैसी पारंपरिक पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और गारमेंट निर्माण से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक टेक्सटाइल वैल्यू चेन में महत्वपूर्ण स्थान बनाना है। उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक विनिर्माण के मजबूत आधार बन चुके हैं। ऑप्टिकल फाइबर और उन्नत विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता और मजबूत हुई है। एआईएम कांग्रेस से मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक म.प्र. की पहुंच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूएई केवल मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंचने का महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार भी है। वहीं मध्यप्रदेश भौगोलिक रूप से भारत के विशाल घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, विकसित औद्योगिक क्षेत्र और बहु-माध्यम लॉजिस्टिक्स प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस के दौरान दुबई के बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया। प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचाने से स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर सृजित होंगे। अरब संसद अध्यक्ष से भी हुई अहम चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से मुलाकात कर अरब देशों और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री … Read more

मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर बड़ा कदम! CM मोहन यादव ने शेख सौद बिन सकर से की मुलाकात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से की मुलाकात मध्यप्रदेश और रास अल खैमाह के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने दुबई प्रवास के दूसरे दिन संयुक्त अरब अमीरात की सुप्रीम काउंसिल के सदस्य एवं रस-अल-खैमा के शासक शेख सौद बिन सकर अल कासिमी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण और प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न औद्योगिक और व्यवसायिक अवसरों की जानकारी दी।बैठक में मध्यप्रदेश और रस-अल-खैमा के बीच निवेश संवर्धन, औद्योगिक सहयोग, निवेशकों के संपर्क और बाजार पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा दोनों प्रमुखों के मध्य सिरेमिक एवं निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स एवं मेडिकल डिवाइस, पर्यटन एवं आतिथ्य, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए दोनों पक्षों के बीच संस्थागत समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया गया। निवेशकों को मध्यप्रदेश में भूमि की पहचान, आवश्यक अनुमतियों, अधोसंरचना से जुड़ी सुविधाओं और राज्य-स्तरीय नोडल सहयोग के माध्यम से समयबद्ध सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में भी चर्चा हुई। रस-अल खैमा की कंपनियों एवं संस्थानों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की संयुक्त रूप से पहचान करने का प्रस्ताव रखा गया। रस-अल-खैमा विनिर्माण, सिरेमिक, निर्माण सामग्री, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में स्थापित केंद्र है। वहीं मध्यप्रदेश अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, प्रतिस्पर्धी लागत, उपलब्ध औद्योगिक भूमि, स्थापित अधोसंरचना और सिंगल विंडो सुविधा के माध्यम से निवेशकों को भारतीय बाजार तक प्रभावी पहुंच उपलब्ध करता है। बैठक में दोनों पक्षों की पूरक क्षमताओं के आधार पर सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।  

MP में निवेश के लिए ग्लोबल मंच पर CM मोहन यादव की पहल, इथियोपिया के राष्ट्रपति को GIS-2027 का आमंत्रण

दुबई में इथियोपिया के राष्ट्रपति से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में निवेश और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 का दिया न्योता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात प्रवास के दौरान इथियोपिया के राष्ट्रपति महामहिम ताये अत्स्के सेलासी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं के साथ भारत-इथियोपिया आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच व्यापारिक एवं निवेश सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और प्रदेश में वैश्विक निवेशकों के लिए नए अवसर लगातार विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इथियोपिया के उद्योग एवं व्यापार जगत को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश कृषि, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने इथियोपिया के राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक निवेशकों के साथ साझेदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भारत-इथियोपिया आर्थिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर मुलाकात के दौरान भारत और इथियोपिया के बीच आर्थिक संबंधों को और व्यापक बनाने तथा मध्यप्रदेश और इथियोपिया के बीच निवेश एवं व्यावसायिक सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।  

यूपी टेक्स-2026: लखनऊ में 8 और 9 सितंबर को जुटेंगे देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी और निर्माता

लखनऊ उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र को नई पहचान और गति देने की दिशा में योगी सरकार का प्रयास लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। इसी कड़ी में यूपी टेक्स-2026 का आयोजन 8 और 9 सितंबर 2026 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका उद्घाटन करेंगे, जिसमें देश के प्रतिष्ठित वस्त्र व्यवसायी एवं निर्माता हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के जरिए प्रदेश के वस्त्र उद्योग की संभावनाओं, निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसरों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। हथकरघा और वस्त्रोद्योग विभाग योगी सरकार में लगातार उपलब्धियों की तरफ बढ़ रहा है। वर्ष 2017-18 से अब तक वस्त्रोद्योग क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश हैंडलूम, पावरलूम, सिल्क, टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2017’ तथा ‘उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग पॉलिसी-2022’ लागू की गई हैं। इन नीतियों के तहत नई वस्त्र इकाइयों तथा विस्तार/विविधीकरण करने वाली इकाइयों को लाभ पहुंचाते हुए 214 इकाइयों के पक्ष में ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ जारी किए गए हैं। वहीं 157 इकाइयों को कुल 416.75 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता वितरित की जा चुकी है। 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ की मदद योगी सरकार ने हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को स्वरोजगार और उत्पादन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना शुरू की। वित्तीय वर्ष 2023-24 से शुरू इस योजना के तहत अब तक 4,122 बुनकरों को 73.18 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता से लाभान्वित किया जा चुका है। योजना में नए करघों की खरीद, कार्यशाला निर्माण और प्रशिक्षण आदि के लिए सहायता का प्रावधान है। अनुसूचित जाति के हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों को विशेष रूप से लाभ पहुंचाने के लिए ‘झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना’ भी संचालित है। इसके तहत अब तक 4,039 बुनकरों को 77.45 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है। 99,929 पावरलूम बुनकरों को बिजली दर में राहत पावरलूम बुनकरों को उत्पादन लागत में राहत देने के लिए ‘अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना’ के तहत भी बड़ा कदम उठाया गया है। योजना के अंतर्गत 99,929 पावरलूम विद्युत कनेक्शनधारक बुनकरों को लाभ पहुंचाने के लिए अब तक 3,446.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अनुमोदित की जा चुकी है। टेक्सटाइल पार्कों से बढ़ेगा निवेश और रोजगार प्रदेश में आधुनिक टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर भी सरकार का जोर है। लखनऊ-हरदोई की सीमा पर 1 हजार एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाओं से युक्त पीएम मित्र पार्क की स्थापना की जा रही है, जिसका बाउंड्री-वॉल निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके अलावा 3 अक्टूबर 2025 को ‘संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क योजना’ घोषित की गई। इसके तहत वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर और अमरोहा में टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में भी टेक्सटाइल पार्कों के लिए भूमि चिह्नित करने की कार्यवाही जारी है। नई योजनाओं से कौशल और बुनकरों की आय बढ़ाने पर जोर वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभाग ने दो नई योजनाएं भी शुरू की हैं। ‘उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना’ के जरिए प्रदेश में स्थापित होने वाली वस्त्र इकाइयों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित एवं कुशल श्रमिक उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं ‘मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना’ के माध्यम से बुनकरों को समूह में संगठित कर सामूहिक उत्पादन के जरिए उनके कारोबार को आर्थिक मजबूती देने, आय बढ़ाने और विदेशी मुद्रा अर्जित करने की दिशा में काम किया जाएगा।