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WhatsApp पर जुड़ेगा AI का पूरा नेटवर्क! कई AI Agents से सीधे बात कर सकेंगे यूजर्स

 नई दिल्ली  वॉट्सऐप का इस्तेमाल हम रोज चैटिंग, फोटो-वीडियो शेयर करने और कई जरूरी कामों के लिए करते हैं. अब कंपनी इसमें एक ऐसा फीचर जोड़ने की तैयारी कर रही है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए काफी काम का हो सकता है. इस नए फीचर की मदद से यूजर्स वॉट्सऐप के अंदर ही थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स जुड़ सकेंगे।  अभी अगर आपको किसी AI टूल का इस्तेमाल करना है, तो उसके लिए अलग वेबसाइट या ऐप खोलना पड़ता है. लेकिन वॉट्सऐप के इस नए फीचर के बाद ऐसा जरूरी नहीं होगा. यूजर्स सीधे वॉट्सऐप के अंदर ही अलग-अलग एआई एजेंट से बात कर सकेंगे. आइए जानते हैं यह फीचर कैसे काम कर सकता है।  क्या है ये नया फीचर? रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे थर्ड-पार्टी एआई एजेंट और बोट्स को वॉट्सऐप से जोड़ा जा सकेगा।  मान लीजिए आप वॉट्सऐप पर किसी से बात कर रहे हैं और उसी दौरान आपको किसी एआई एजेंट की जरूरत पड़ जाती है. ऐसे में आपको अलग ऐप या वेबसाइट खोलने की जरूरत नहीं होगी. आप वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट को जोड़कर उसका इस्तेमाल कर सकेंगे।  यानी AI के लिए सिर्फ वॉट्सऐप के अपने फीचर्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. अलग-अलग कंपनियां और डेवलपर्स अपने एआई एजेंट को वॉट्सऐप के साथ जोड़ सकेंगे।  मान लीजिए आपको किसी एआई एजेंट से जानकारी लेनी है, कोई सवाल पूछना है या कोई काम करवाना है. ऐसे में आपको बार-बार अलग ऐप पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वॉट्सऐप के अंदर ही उस एआई एजेंट के साथ बातचीत की जा सकेगी।  कैसे काम करेगा? इस फीचर के आने के बाद संभव है कि यूजर्स को वॉट्सऐप में ही ऐसे AI बोट्स दिखाई दें, जिन्हें वे अपनी जरूरत के हिसाब से जोड़ सकें. इसके बाद सामान्य वॉट्सऐप चैट की तरह AI से बातचीत की जा सकेगी।  हालांकि, यह फीचर अभी आने की तैयारी में है और इसके काम करने का पूरा तरीका आने वाले समय में और साफ होगा. यह भी देखना होगा कि वॉट्सऐप किन एआई एजेंट को सपोर्ट करता है और यूजर्स को कितने विकल्प मिलते हैं।  यूजर्स को क्या फायदा होगा? सबसे बड़ा फायदा यही होगा कि AI का इस्तेमाल करने के लिए बार-बार ऐप बदलने की जरूरत कम हो सकती है. वॉट्सऐप पहले से ही करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है. ऐसे में अगर एआई एजेंट भी यहीं मिल जाते हैं, तो उनका इस्तेमाल करना काफी आसान हो सकता है।  फिलहाल यह फीचर कब तक सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, इसकी आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है. लेकिन अगर वॉट्सऐप इसे बड़े स्तर पर जारी करता है, तो AI और मैसेजिंग दोनों के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।   

छात्राओं के लिए बड़ी सौगात, लखन लाल देवांगन ने बांटी 1500 एजुकेशन किट; कॉलेजों में बनेगा विशाल डोम

रायपुर : एजुकेशन किट वितरण- उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को दी सौगात, कॉलेजों में विशाल डोम निर्माण की घोषणा बेटियां जितना पढ़ेंगी, उतना ही सशक्त होगी परिवार, समाज और प्रदेश – लखन लाल देवांगन रायपुर शासकीय मिनीमाता कन्या महाविद्यालय, कोरबा में आयोजित दीक्षारम्भ समारोह में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित छात्राओं का स्वागत किया और अतिथियों द्वारा महाविद्यालय की लगभग 1,500 छात्राओं को सीएसआर (CSR) मद के माध्यम से एजुकेशन किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत अति विशिष्ट अतिथि तथा कलेक्टर कुणाल दुदावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।  एजुकेशन किट वितरण- उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने 1500 छात्राओं को दी सौगात, कॉलेजों में विशाल डोम निर्माण की घोषणा *अन्य शासकीय कॉलेजों में भी बनेंगे विशाल डोम*         शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास पर जोर देते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में डीएमएफ (DMF) मद से विशाल डोम का निर्माण कराया जाएगा। *विकास मॉडल के केंद्र में GYAN*         मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश का विकास मॉडल GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) वर्ष 2021-22 के 19.6 प्रतिशत से बढ़कर वर्तमान में 27.5 प्रतिशत हो गया है। *मेहनत से सफलता के शिखर तक पहुँचें बेटियाँ- महापौर*        महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने छात्राओं को देश का भविष्य और विकसित भारत की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए निरंतर मेहनत और संघर्ष के साथ सफलता के शिखर तक पहुँचने का आह्वान किया। *शिक्षा डीएमएफ की सर्वाेच्च प्राथमिकता- कलेक्टर*      कलेक्टर कोरबा कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया कि जिले में डीएमएफ मद के कार्यों में शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले के छात्र-छात्राओं को देश के किसी भी शासकीय महाविद्यालय में उच्च अध्ययन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस अवसर पर स्थानीय पार्षद, महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पपिया चतुर्वेदी, प्राध्यापकगण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में पानी टैंकर खरीद पर बड़ा सवाल! 1.30 लाख की टंकी के लिए खर्च किए 2.50 लाख

डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ जनपद के ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर खर्च होने वाली 15वें वित्त की राशि से पानी टैंकर खरीदी अब सवालों के घेरे में है. आरोप है कि GeM पोर्टल के जरिए ऐसी खरीदी कराई गई, जिसमें बाजार कीमत और पंचायतों से किए गए भुगतान के बीच बड़ा अंतर है. कई पंचायतों में 2.50 लाख रुपये तक के भुगतान की जानकारी सामने आई है. मामला सिर्फ महंगे टैंकर की खरीदी तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रस्ताव, आपूर्ति, सत्यापन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल, 1.30 लाख का टैंकर ढाई लाख में क्यों? उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 2500 लीटर क्षमता वाले कृषि टैंकर की बाजार कीमत लगभग 1.30 लाख रुपये के आसपास बताई जा रही है, लेकिन ग्राम पंचायत अछोली, सलोनी, तोतल भर्री, प्लांदुर, पिपरखार और मोहनपुर में इसी क्षमता के टैंकर के लिए 2.50 लाख रुपये का बिल सामने आया है. यानी बाजार कीमत की तुलना में भुगतान लगभग दोगुना होने का दावा है. आखिर कीमत तय करने का आधार क्या था, यह जांच का बड़ा सवाल है. टैंकर पहले पंचायत में पहुंचा, प्रस्ताव बाद में मामले में ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिवों से मिली जानकारी और उनके बयानों ने पूरी प्रक्रिया पर और सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि कुछ जगह पंचायत का प्रस्ताव बनने से पहले ही पानी टैंकर पहुंच गया. बाद में GeM पोर्टल की प्रक्रिया पूरी कर भुगतान कराया गया. पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हें GeM की तकनीकी प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी और जनप्रतिनिधियों के दबाव में उन्होंने इसे शासकीय कार्य मानकर भुगतान कर दिया. एक ही जिले में टैंकर, लेकिन कीमतों में बड़ा अंतर डोंगरगढ़ के बेलगांव और बोरतलाव क्षेत्र की पंचायतों में दो पहिया ट्रॉली वाले टैंकर के लिए भी करीब 2.50 लाख रुपये तक भुगतान किए जाने की जानकारी है. वहीं मुरमुन्दा क्षेत्र के धनडोंगरी और खल्लारी में चार पहिया टैंकर के लिए करीब 2.45 लाख रुपये भुगतान का उल्लेख है. सवाल यह है कि जब क्षमता और टैंकर की बनावट में अंतर है, तो कीमतों का निर्धारण किस तकनीकी मूल्यांकन पर हुआ? सोलर फर्म से कृषि टैंकर की खरीदी क्यों? दस्तावेजों के अनुसार कई पंचायतों ने भिलाई स्थित मेसर्स सिटी सोलर से शिवशक्ति एग्रो का वाटर टैंकर खरीदा. सवाल यह नहीं है कि GeM पर फर्म पंजीकृत थी या नहीं, बल्कि सवाल यह है कि क्या खरीद से पहले बाजार दर, उत्पाद की गुणवत्ता और अन्य उपलब्ध विक्रेताओं की तुलना की गई थी? जब स्थानीय स्तर पर कृषि उपकरणों के विक्रेता मौजूद हैं, तो दूर की फर्म से इतनी अधिक कीमत पर खरीद का आधार क्या था? वहीं पंचायतों से मिले दस्तावेजों की पड़ताल में बिलों पर HSN कोड का कॉलम खाली होने की बात सामने आई है. अब इसकी वैधता और GST/GeM नियमों के अनुरूपता की जांच जरूरी है. मूल टैक्स इनवॉयस, GST विवरण और GeM पर दर्ज उत्पाद की जानकारी सामने आने के बाद ही साफ होगा कि बिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के मुताबिक थी या नहीं. पंचायतों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ मामलों में GeM पर ऑर्डर देने से पहले आवश्यक अनुशंसा और सामग्री पहुंचने के बाद निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं होने का आरोप है. यदि टैंकर वास्तव में प्रस्ताव से पहले पहुंच गया था, तो फिर उसका ऑर्डर किसने और कब दिया? सामग्री की गुणवत्ता किस अधिकारी ने जांची? और भुगतान से पहले सत्यापन किस आधार पर हुआ? इन सवालों के जवाब सरकारी रिकॉर्ड से निकलेंगे. सरपंच और सचिवों ने क्या कहा? अछोली सरपंच नंदकुमार साहू ने मामले को लेकर कहा कि टैंकर खरीदी प्रक्रिया के लिए जेम पोर्टल प्रोसेस की जानकारी नहीं थी. टैंकर पहले आया गया था. बाद में खरीदी का प्रक्रिया पूरी की गई. ग्राम पंचायत अछोली सचिव पूर्निमा मंडावी ने कहा कि 15वें वित्त आयोग  के तहत 2.50 लाख रुपए की लागत से पानी टैंकर खरीदा गया है. जेम पोर्टल से खरीदी की गई है. ग्राम पंचायत पलानदूर सचिव हरिशचंद्र चंद्रवंशी ने बताया कि पानी टैंकर आने के बाद खरीदी का प्रस्ताव भेजा गया. इसकी स्वीकृति राशि 2.50 लाख रुपए है. जिला पंचायत सदस्य किरण साहू द्वारा सप्लाई किया गया है. भुगतान के पूर्व सामाग्री का सत्यापन प्राधिकृत अधिकारी द्वारा नहीं किया गया है. जांच में खुल सकता है राज मामले में प्रति टैंकर एक से डेढ़ लाख रुपये तक के कथित कमीशन के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. लेकिन यदि जांच में यह साबित होता है कि सरकारी भुगतान और वास्तविक खरीद कीमत के बीच असामान्य अंतर था, तो उस अंतर की रकम का लाभ किसे मिला, यह जांच का सबसे अहम बिंदु होगा. जिन टैंकरों को पंचायत की राशि से खरीदा गया, उनकी बॉडी पर संबंधित जनप्रतिनिधियों के नाम लिखे जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. यदि सरकारी राशि से खरीदी गई सामग्री को किसी जनप्रतिनिधि के व्यक्तिगत विकास कार्य के रूप में प्रचारित किया गया है, तो इसकी वैधानिकता और औचित्य भी जांच के दायरे में आना चाहिए. पूरे मामले में पंचायतों के प्रस्ताव, प्रशासनिक स्वीकृति, GeM ऑर्डर, वेंडर की जानकारी, टैक्स इनवॉयस, HSN विवरण, भुगतान रिकॉर्ड, टैंकर की वास्तविक कीमत और सामग्री सत्यापन जैसे दस्तावेजों के आधार पर शिकायत की तैयारी की जा रही है. जांच हुई तो यह सिर्फ महंगे टैंकर की खरीदी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि 15वें वित्त की राशि से लेकर GeM पर ऑर्डर और पंचायत खाते से भुगतान तक पूरी प्रक्रिया की परतें खुल सकती हैं. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है, सरकारी टैंकर की कीमत बाजार से इतनी ज्यादा क्यों और खरीद की प्रक्रिया इतनी गोपनीय क्यों रही? बता दें कि ऐसा ही मामला खैरागढ़ जिले में भी सामने आया है, जहां टैंकर खरीदी में धांधली करने का आरोप लगा है. 5000 लीटर क्षमता वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली टैंकर की कीमत करीब 1.80 लाख से 2 लाख रुपए के आसपास बताई जा रहा है, जबकि यहां एक टैंकर के लिए 3 लाख रुपए की राशि स्वीकृत किया गया है.

योगी सरकार की बड़ी पहल, यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी बेहतर अंतरराज्यीय बस सेवा

योगी सरकार की पहल से यूपी-बिहार के यात्रियों को मिलेगी बेहतर अंतरराज्यीय बस सुविधा यूपी-बिहार के बीच और मजबूत होगा बस सेवा नेटवर्क, परिवहन मंत्रियों की अहम बैठक सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत, यूपी-बिहार के नए बस मार्गों पर बनी सहमति यूपी-बिहार के बीच नए हाईवे पर दौड़ेंगी बसें, नए मार्ग तय करने की तैयारी, किराये में एकरूपता पर भी सहमति बिहार सरकार की तरफ से दिए गए कई आश्वासन, दूसरे चरण की बैठक जल्द, यात्रियों को होगा सीधा लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच आवागमन को और आसान बनाने की दिशा में योगी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों राज्यों की जनता, खासकर सीमावर्ती जिलों के यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें यूपी रोडवेज और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के बीच बस सेवाओं के विस्तार और नए मार्गों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। नए मार्गों पर बस संचालन की तैयारी बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी उत्तर प्रदेश-बिहार अंतरराज्यीय परिवहन करार और मई 2026 में हुए उसके विस्तार के तहत निर्धारित 25 मार्गों पर बस संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से बिहार के अलग-अलग जिलों से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। नए हाईवे से जुड़ेंगे नए बस मार्ग दोनों राज्यों के बीच हाल के वर्षों में कई नए हाईवे और सड़क मार्ग तैयार हुए हैं। इन्हें बस सेवा से जोड़ने के लिए नए मार्गों का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही दूसरे चरण की बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी है। बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित मार्गों का मानचित्र सहित विस्तृत विवरण जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। यात्रियों की सुविधा और किराये में एकरूपता पर जोर बैठक में दोनों राज्यों की जनता को बेहतर परिवहन सुविधा देने पर विशेष जोर दिया गया। खासतौर पर सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए बस सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। वहीं दोनों राज्यों की बस सेवाओं में किराये के निर्धारण में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी है। साथ ही नए मार्गों का दोबारा परीक्षण कर समान किलोमीटर के आधार पर परिवहन करार करने पर विचार किया गया। यूपी रोडवेज की बसों के संचालन में नहीं आएगी बाधा बिहार सरकार ने भरोसा दिलाया कि बिहार में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा या असुविधा नहीं होने दी जाएगी। दोनों राज्यों के परिवहन विभाग और परिवहन निगम के अधिकारी प्रस्तावित मार्गों का परीक्षण कर आगे की कार्रवाई करेंगे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का सख्त निर्देश, नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर

रायपुर : नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठोस सुधार- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एफआईआर और चार्जशीट के ऑनलाइन प्रेषण, ई-साक्ष्य, नाफिस तथा ई-समन के त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष बल रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है तथा इसके लिए कानून में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जानी चाहिए। नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठोस सुधार- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा         नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए हर स्तर पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी मापदंडों में सुधार की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। एफआईआर से न्यायालय तक की प्रक्रिया हो त्वरित       कार्यात्मक दक्षता के मापदंड पर सुधार के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो। इसी मापदंड के अंतर्गत उन्होंने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफिस) तथा ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने के लिए सभी थानों को तकनीकी एवं कार्यात्मक दृष्टि से शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। शर्मा ने यह भी कहा कि ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामील शीघ्र सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए। प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत लंबित अधिसूचनाएं शीघ्र जारी हों         गृह मंत्री शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनाएं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, तभी नए कानूनों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंच सकेगा। राज्य स्तरीय कठिनाइयों के समाधान पर विचार-विमर्श          बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी), नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों के साथ इनके तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान अपेक्षित है, उन पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण कराया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।           बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी अमित गर्ग, महानिदेशक बीपीआरडी आलोक मित्तल, गृह विभाग की प्रमुख सचिव गृह सुनिहारिका बारिक, गृह सचिव सुनेहा चंपावत एवं हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, महानिदेशक जेल हिमांशु गुप्ता, संचालक अभियोजन प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा, सीएपीटी भोपाल अनिल किशोर यादव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, जिले के पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी, तथा दिल्ली से एनसीआरबी एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए। क्या है एनसीएलआई डैशबोर्ड          नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से तीनों नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशव्यापी क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।

11 सितंबर को सक्ती में भव्य कार्यक्रम की तैयारी तेज, विजय शर्मा और गुरु खुशवंत साहेब ने व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

रायपुर : सक्ती में 11 सितंबर को होगा भव्य आयोजन, तैयारियों को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने लिया जायजा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे मुख्य अतिथि, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होगा कार्यक्रम प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों का गृह प्रवेश, पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन सहित विभिन्न विकास कार्यों का होगा लोकार्पण-शिलान्यास रायपुर केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आगामी 11 सितंबर 2026 को सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होने वाले वृहद कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के गृह प्रवेश, पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन के साथ विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन-शिलान्यास सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने लिया जायजा          कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ग्राम जेठा पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित संबंधित अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। *हर व्यवस्था की बारीकी से ली जानकारी*        उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने सर्वप्रथम कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए रूट मैप का अवलोकन किया। इसके बाद मुख्य मंच, टेंट एवं पंडाल, दर्शक दीर्घा, पत्रकार दीर्घा, अतिथियों एवं आमजनों की बैठक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बायो टॉयलेट, बैरिकेटिंग, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन तथा अतिथियों के आगमन एवं निकासी से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक व्यवस्था की वर्तमान प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों, हितग्राहियों और आमजनों की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।            उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने कहा। उन्होंने पर्याप्त पार्किंग, सुचारू यातायात, प्रवेश एवं निकासी व्यवस्था तथा कार्यक्रम स्थल पर स्वच्छता, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। *विकास कार्यों का होगा लोकार्पण और भूमिपूजन*        उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को ग्राम जेठा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन-शिलान्यास किया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों के गृह प्रवेश तथा पंचायत पदाधिकारी एवं लखपति दीदी सम्मेलन का आयोजन होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों एवं आमजनों के शामिल होने की संभावना है। *जनप्रतिनिधियों से भी की भेंट-मुलाकात*         निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने जिले के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी भेंट-मुलाकात की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रम को वृहद और व्यवस्थित स्वरूप देने में जिला प्रशासन को पूरा सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का कार्यक्रम है और इसे बेहतर ढंग से आयोजित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कार्यक्रम की सफलता के लिए सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।          निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव सुऋचा शर्मा, वीबी जीरामजी आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती द्रौपदी कीर्तन चंद्रा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गगन जयपुरिया सहित कलेक्टर श्रीमती जयजैन, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर तथा अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों की जानकारी अब एक क्लिक पर, राज्यपाल डेका ने पोर्टल किया शुरू

रायपुर : निजी विश्वविद्यालयों की अद्यतन जानकारी के लिए नया वेब पोर्टल शुरू, राज्यपाल डेका ने किया शुभारंभ रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा तैयार किए गए नए वेब पोर्टल cgpurc.cgstate.gov.in का क्लिक कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष  वी. के. गोयल सहित आयोग के अन्य सदस्य उपस्थित थे। नए पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इसमें अध्यादेश के आधार पर संचालित पाठ्यक्रमों का विवरण, अकादमिक कैलेंडर, प्रवेशित विद्यार्थियों की जानकारी, विद्यार्थियों की अंकसूची ,डिग्री तथा गत वर्षों के परीक्षा परिणाम अपलोड किए जाएंगे। पोर्टल पर विश्वविद्यालयों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क, कार्यरत अधिकारियों, विभिन्न समितियों एवं उनके सदस्यों तथा पीएचडी शोध-निर्देशकों की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा एनईपी-2020, नैक प्रत्यायन, अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू, स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, स्टार्टअप, जॉब ओरिएंटेशन प्रोग्राम, कैंपस प्लेसमेंट और ई-लाइब्रेरी से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। पोर्टल में शैक्षणिक स्वीकृतियों, भरे एवं रिक्त पदों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों में पारदर्शिता, सूचना की सुगमता और प्रभावी निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।

नशरा संधू का कहर, 7 रन देकर झटके 6 विकेट; पाकिस्तान ने रचा इतिहास

नई दिल्ली  महिला एशिया कप में पाकिस्तान महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हॉन्ग कॉन्ग, चाइना को 72 रनों के बड़े अंतर से मात दी और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 143 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी हॉन्ग कॉन्ग, चाइना की टीम पाकिस्तानी गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के आगे ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और 19 ओवरों में महज 71 रनों पर ढेर हो गई। पाकिस्तान ने बनाए 143 रन पाकिस्तान की शुरुआत ओपनिंग बल्लेबाज मुनीबा अली (6) के रूप में जल्दी झटके के साथ हुई लेकिन शवाल जुल्फिकार और आयशा जफर ने पारी को संभाला। शवाल जुल्फिकार ने 35 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 47 रनों की सर्वाधिक पारी खेली, जबकि आयशा जफर ने 19 गेंदों में 4 चौकों की बदौलत 26 रन बनाए। अंत में कप्तान फातिमा सना ने 24 गेंदों में नाबाद 24 रन (2 छक्के) और तुबा हसन ने 14 रनों का योगदान देकर टीम को 143 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हॉन्ग कॉन्ग, चाइना की ओर से जोयलीन कौर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवरों में 19 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि इकरा सहर और कैरी चान को 2-2 सफलताएं मिलीं। हॉन्ग कॉन्ग, चाइना के बल्लेबाज नहीं चले 144 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हॉन्ग कॉन्ग, चाइना टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उन्होंने महज 1 रन के स्कोर पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों- कप्तान नताशा माइल्स (1) और मारिको हिल (0) के विकेट गंवा दिए। इसके बाद पावरप्ले खत्म होते ही मैदान पर नशरा संधू का तूफान देखने को मिला। हॉन्ग कॉन्ग की ओर से केवल कैरी चान ने अकेले संघर्ष करते हुए 47 गेंदों में 4 चौकों की मदद से 30 रनों की पारी खेली, जबकि जोयलीन कौर ने 10 रन बनाए। कैरी के अलावा टीम की कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सकी और पूरी टीम 71 रनों पर सिमट गई। नशरा संधू ने लिए 6 विकेट पाकिस्तान की स्पिनर नशरा संधू ने इस मुकाबले में ऐतिहासिक और कातिलाना गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने 4 ओवरों के स्पेल में केवल 7 रन देकर 6 विकेट चटकाए जो उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होने के साथ-साथ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी पाकिस्तानी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आंकड़ा बन गया है। उनके इस करिश्माई प्रदर्शन के आगे हॉन्ग कॉन्ग के बल्लेबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। नशरा के अलावा कप्तान फातिमा सना, सादिया इकबाल, उम्म-ए-हानी और आयशा जफर को 1-1 विकेट हासिल हुआ। इस शानदार जीत के साथ पाकिस्तान ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया है जहां उनका सामना श्रीलंका से होगा। वहीं, इस हार के बाद हॉन्ग कॉन्ग, चाइना की टीम बिना कोई मैच जीते टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।

बाराबंकी में ‘रंग दे बसंती’ युवा संवाद, छात्रों को मिला नवाचार और AI का खास गुरुमंत्र

बाराबंकी में रंग दे बसंती का युवा संवाद, छात्रों को मिला नवाचार और एआई का गुरुमंत्र साईं कॉलेज में इंटर के छात्र-छात्राओं ने क्विज और टैलेंट क्रिएशन में लिया हिस्सा  रंग दे बसंती टीम ने विजेताओं को ट्रॉफी से किया सम्मानित प्रदेशभर में प्रतिभाओं का चयन, नवाचार के लिए छात्रों को 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद कवि सम्मेलन से वॉल पेंटिंग तक, रचनात्मक कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को मंच दे रहा रंग दे बसंती लखनऊ  उत्तर प्रदेश में युवाओं को रचनात्मक अभिव्यक्ति का मंच देने और माफिया राज व भय की संस्कृति के खिलाफ सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से ‘रंग दे बसंती’ अभियान के तहत विभिन्न शहरों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बाराबंकी के लखपेड़ाबाग स्थित साईं कॉलेज में अभियान की टीम ने इंटरमीडियट के छात्र-छात्राओं से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के साथ भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने तथा शिक्षा के साथ नवाचार और एआई आधारित शिक्षा की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने क्विज प्रतियोगिता और टैलेंट क्रिएशन जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कॉलेज के प्रिंसिपल सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि रंग दे बसंती जैसे मंच विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगे। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी प्रतिभा को निखारने और आत्मविश्वास के साथ उसे प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। रंग दे बसंती की टीम ने प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं नैतिक, शगुन यादव, प्रखर, उमैरा कुल्सुंग और अदिति सोनी को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। रंग दे बसंती के प्रदेश संयोजक ने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों से योग्य छात्र-छात्राओं का चयन किया जा रहा है। चयनित प्रतिभाओं को शैक्षिक गतिविधियों के साथ नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए 15 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद भी दी जा रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। आवेदन फॉर्म रंग दे बसंती के इंस्टाग्राम पेज और वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। अभियान के तहत प्रदेश के कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कवि सम्मेलन, लखनऊ विश्वविद्यालय में वॉल पेंटिंग तथा मुजफ्फरनगर के एसडी कॉलेज में कॉमिक बुक विमोचन जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं तक अभियान की पहुंच बढ़ाई जा रही है। अभियान की मूल भावना बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग है। इसके माध्यम से युवाओं को डर और दबाव की संस्कृति के बजाय अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और संवाद का मंच देने पर जोर दिया जा रहा है। योगी सरकार की ओर से युवाओं को शिक्षा, कौशल, तकनीक और नवाचार से जोड़ने पर दिए जा रहे जोर के बीच रंग दे बसंती जैसे अभियान सकारात्मक और रचनात्मक युवा ऊर्जा को दिशा देने की पहल के रूप में सामने आ रहे हैं।

दुबई दौरे के तीसरे दिन निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव, निवेश पर होगी चर्चा

दुबई प्रवास के तीसरे दिन निवेशकों से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारजाह चैंबर, बीआह और इमार के शीर्ष प्रतिनिधियों से करेंगे मुलाकात यूएई के प्रमुख उद्यमियों से निवेश पर होगी वन-टू-वन मीटिंग भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई यात्रा के तीसरे दिन 8 सितंबर को मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकों और संवाद सत्रों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री दुबई में यूएई के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश अनुकूल नीतियों पर चर्चा करेंगे। इनमें राणा होल्डिंग्स, जेम्स एजुकेशन, क्रेसेंट ग्रुप, प्योर हेल्थ, शराफ ग्रुप, चोइथराम्स, डीपी वर्ल्ड, ब्यूमर्क कॉरपोरेशन, वेस्ट ज़ोन, केजीके ग्रुप, विस्टास मीडिया कैपिटल और वीएफएस ग्लोबल के प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष महामहिम अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद चैंबर और आईबीपीसी शारजाह के प्रतिनिधियों के साथ राउण्ड टेबल मीटिंग के संवाद में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाएं साझा करते हुए इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीआह समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा इमार के समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भी मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में पर्यावरण प्रबंधन, शहरी विकास, रियल एस्टेट और अधोसंरचना के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी तथा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए आमंत्रण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मीडिया से संवाद भी करेंगे। इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश : संवाद सत्र में यूएई के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को सामने रखेंगे।