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इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान की हार से वसीम अकरम निराश, बोले- ‘पहले से पता था 0-3 होगा’

करांची  पाकिस्तान क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर लगातार मुश्किलों में घिरी हुई है. दो टेस्ट मैच गंवाने के बाद टीम तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से पीछे है और अब तीसरे टेस्ट में उसके सामने क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है. आज (9 स‍ितंबर) से तीसरा टेस्ट एजबेस्टन (बर्म‍िंघम) में होना है, जहां पाकिस्तान टीम अपनी बची-खुची इज्जत बचाने के लिए उतरेगा. ऐसे में सवाल है कि कहीं वसीम अकरम का यह दावा सही ना हो जाए।  द एथलेट‍िक से बात करते हुए वसीम अकरम ने दावा किया कि इस सीरीज के नतीजे का अंदाजा पहले ही हो गया था. अकरम ने दावा किया है कि सीरीज शुरू होने से पहले ही उन्हें पता था कि पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ 3-0 से सीरीज गंवा देगा. अकरम ने 'द एथलेट‍िक' के हवाले से कहा- मुझे सीरीज शुरू होने से पहले ही पता था कि हम इंग्लैंड से 3-0 हारने वाले हैं।  वसीम अकरम को आखिर क्यों इतनी निराशा थी ? अकरम ने पाकिस्तान टीम की तीनों प्रमुख यूनिट पर सवाल उठाए. उनके मुताबिक टीम की बल्लेबाजी संघर्ष कर रही है, गेंदबाजी एवरेज लेवल से भी नीचे है और फील्डिंग उससे भी खराब स्थिति में है. ये कोई रॉकेट साइंस नहीं है।  पाकिस्तान अब इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट हार चुका है और तीसरा व आखिरी टेस्ट बुधवार से शुरू होना है. ऐसे में अकरम की 3-0 वाली भविष्यवाणी अब टीम के सामने खड़ी दिखाई दे रही है।  दूसरे टेस्ट के बाद PCB ने किया बड़ा सफाया पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन की चर्चा सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रही. दूसरे टेस्ट के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऐसा फैसला लिया, जिसने दुनियाभर के क्रिकेट फैन्स और एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया।  PCB ने टीम में बड़ा फेरबदल करते हुए 7 खिलाड़ियों को इंग्लैंड से वापस पाकिस्तान भेज दिया. इसके साथ ही हेड कोच सरफराज अहमद और उनके सपोर्ट स्टाफ को भी पद से हटा दिया गया।  टीम के प्रदर्शन के बाद PCB की इस कार्रवाई पर क्रिकेट जगत में काफी सवाल उठे. वसीम अकरम भी इस पूरे मामले को लेकर खिलाड़ियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं, लेकिन उनका मानना है कि खिलाड़ियों का रवैया भी हालात सुधारने में मदद नहीं कर रहा।  दो हाथों से ही ताली बजती है… ऐसा क्यों बोले अकरम  अकरम ने पाकिस्तान की स्थिति समझाने के लिए एक मशहूर कहावत का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा- पाकिस्तान में एक कहावत है- आप सिर्फ दो हाथों से ही ताली बजा सकते हैं।  अकरम के मुताबिक उनसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या वह पाकिस्तान क्रिकेट की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं. लेकिन उनका मानना है कि समस्या इतनी गहरी है कि सिर्फ किसी एक व्यक्ति के प्रयास से इसे ठीक नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट में समस्याएं बहुत गहरी हैं।  वसीम अकरम ने पाकिस्तान के मौजूदा खिलाड़ियों की स्थिति पर भी बात की. उनका कहना है कि ये देश के टॉप खिलाड़ी हैं और इनके नीचे ऐसा कोई मजबूत सिस्टम मौजूद नहीं है, जहां से लगातार बेहतर खिलाड़ी तैयार होते रहें।  अकरम ने कहा कि घरेलू स्तर पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट सिस्टम पिछले कुछ वर्षों में पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा है. इसमें निरंतरता की कमी है और खिलाड़ियों को पर्याप्त धैर्य भी नहीं दिया जाता. उनके मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट में समस्या सिर्फ नेशनल टीम के प्रदर्शन की नहीं है. इसके पीछे घरेलू क्रिकेट का कमजोर ढांचा भी बड़ी वजह है।  इंग्लैंड में पाकिस्तान की हालत खराब वसीम अकरम खुद उस पाकिस्तान टीम का अहम हिस्सा रहे हैं, जिसने इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन किया था. वह 1987 और 1996 में इंग्लैंड में पाकिस्तान की लगातार तीन टेस्ट सीरीज जीत का हिस्सा रहे थे।  1996 में इंग्लैंड में सीरीज जीतने वाली पाकिस्तान टीम की कप्तानी भी अकरम ने की थी. यही वजह है कि इंग्लैंड की परिस्थितियों और पाकिस्तान क्रिकेट की मौजूदा स्थिति पर उनकी टिप्पणी को खास महत्व दिया जा रहा है।  फिलहाल पाकिस्तान 0-2 से पीछे है और तीसरा टेस्ट उसके लिए सीरीज बचाने से ज्यादा क्लीन स्वीप से बचने की लड़ाई बन गया है. अकरम ने जो 3-0 का अनुमान सीरीज शुरू होने से पहले लगाया था, अब वही पाकिस्तान टीम के सामने सबसे बड़ा खतरा बनकर खड़ा है। 

लुधियाना में आज प्रदर्शन से बिगड़ेगी ट्रैफिक व्यवस्था, जालंधर बाईपास चौक पर धरना; 22 रास्ते प्रभावित

 लुधियाना जालंधर बाईपास चौक पर बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हुई बेअदबी के विरोध में बुधवार को वाल्मीकि समाज, रविदास समाज समेत विभिन्न जत्थेबंदियां सड़क पर उतरेंगी। संगठनों की ओर से सुबह 10 बजे जालंधर बाईपास चौक में धरना दिया जाएगा। इसके चलते जालंधर-पानीपत हाईवे समेत आसपास की करीब 22 सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है। धरने को लेकर पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस की ओर से फिलहाल जगराओं पुल से समराला चौक फ्लाईओवर की तरफ जाने वाले ट्रैफिक तथा सदर्न बाईपास की ओर जाने वाले ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है। हालांकि पुलिस ने इसे फिलहाल अस्थायी व्यवस्था बताया है। धरने के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर जरूरत के मुताबिक अन्य रास्तों पर भी यातायात को मोड़ा जा सकता है। 22 सड़कों पर पड़ सकता है असर जालंधर बाईपास चौक पर धरना होने के कारण चौक से जुड़ी करीब 22 सड़कों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। जालंधर-पानीपत हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के अलावा आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बुधवार को इस रूट पर जाने से पहले वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। जरूरी सेवाओं को रहेगी छूट पुलिस प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि धरने के दौरान एम्बुलेंस, डॉक्टरों, स्कूलों और मेडिकल सेवाओं से जुड़े वाहनों को जरूरी छूट दी जाएगी। आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित न होने देने के लिए पुलिस कर्मियों को विशेष तौर पर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का प्रयास है कि प्रदर्शनकारियों के धरने के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। वहीं, विभिन्न संगठनों के धरने को देखते हुए जालंधर बाईपास चौक और इसके आसपास पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।

18 सितंबर को बन रहा गुरु-मंगल योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन-करियर में होगा लाभ

18 सितंबर 2026 को मंगल ग्रह अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में विराजमान हैं. इस प्रकार कर्क राशि में गुरु और मंगल का दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में गुरु और मंगल की युति से गुरु-मंगल योग का निर्माण होता है. गुरु ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के कारक हैं, वहीं मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक हैं. यद्यपि मंगल नीच राशि में रहेंगे, लेकिन उच्च के गुरु के साथ होने से उनका नीचभंग भी होगा. इस शुभ संयोग से कई राशियों को करियर, धन और मान-सम्मान में जबरदस्त लाभ मिलेगा. मिथुन राशि शुभ प्रभाव: आपकी राशि के दूसरे (धन व वाणी) भाव में यह युति बनने जा रही है. लाभ: अचानक धन लाभ के मजबूत योग बनेंगे. आपकी वाणी में सौम्यता और आकर्षण रहेगा, जिससे बड़े व्यावसायिक सौदे फाइनल हो सकते हैं. अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. कर्क राशि शुभ प्रभाव: यह संयोग आपकी ही राशि में बन रहा है, जिससे आपका आत्मविश्वास और प्रभाव तेजी से बढ़ेगा. लाभ: रुके हुए काम पूरे होंगे. समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. नया व्यापार शुरू करने या करियर में बदलाव के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. कन्या राशि शुभ प्रभाव: आपकी राशि के ग्यारहवें (लाभ) भाव में गुरु और मंगल का मिलन होगा. लाभ: आय के नए और स्थायी स्रोत बनेंगे. यदि आप लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या निवेश पर काम कर रहे हैं, तो उससे बड़ा वित्तीय फायदा मिलेगा. मित्रों और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा. तुला राशि शुभ प्रभाव: आपके दशम (कर्म) भाव में यह शुभ संयोग बनने से कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा. लाभ: नौकरीपेशा जातकों को पदोन्नति, वेतन वृद्धि या मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है. सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में सफलता मिलेगी और नए व्यापारिक अवसर प्राप्त होंगे. वृश्चिक राशि शुभ प्रभाव: नवम (भाग्य) भाव में गुरु-मंगल की युति से आपका भाग्य पक्ष मजबूत होगा. लाभ: धर्म-कर्म के कार्यों में रुचि बढ़ेगी. लंबी दूरी की लाभदायक यात्राएं होंगी. प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए यह समय वरदान समान है. शुभ फल बढ़ाने के सरल उपाय – मंगलवार और गुरुवार के दिन हनुमान जी और भगवान विष्णु की पूजा करें. – माथे पर केसर या पीले चंदन का तिलक लगाएं. – जरूरतमंदों को गुड़, चने की दाल या केसर युक्त दूध का दान करें.

शो खत्म कर लौट रहे एमी विर्क की गाड़ी पर चलीं गोलियां, कनाडा में मचा हड़कंप; बाल-बाल बचे सभी

चंडीगढ़  कनाडा के एबट्सफोर्ड में पंजाबी गायक एमी विर्क के कार्यक्रम के बाद उनके काफिले पर कथित तौर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाए जाने का मामला सामने आया है। एबट्सफोर्ड पुलिस ने मैक्कलम रोड के 2500-ब्लॉक में हुई गोलीबारी की पुष्टि की है। हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि गोलीबारी में निशाना कौन था और एमी विर्क उस वाहन में सवार थे या नहीं। पुलिस के मुताबिक बीती रात करीब 11 बजे के बाद एक गहरे रंग की एसयूवी में सवार लोगों ने दूसरी गाड़ी पर कई गोलियां चलाईं। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। गोलीबारी के कुछ ही देर बाद सनीसाइड प्लेस के 2400-ब्लॉक में एक एसयूवी को आग के हवाले किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन को पूरी तरह जला हुआ पाया। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि जले हुए वाहन का गोलीबारी की घटना से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर इतना जरूर कहा है कि जिस वाहन को निशाना बनाया गया, उस पर गोलीबारी जानबूझकर की गई थी। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक 5 सितंबर की रात एबट्सफोर्ड के रोजर्स फोरम हॉल में एमी विर्क का कार्यक्रम था। दावा है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रात करीब 11 बजे एमी विर्क वाहनों के काफिले के साथ शहर की ओर रवाना हुए। इसी दौरान काफिले में शामिल एक रॉल्स रॉयस पर दूसरे वाहन में सवार लोगों ने गोलियां चला दीं। सूत्रों का दावा है कि संबंधित रॉल्स रॉयस बुलेटप्रूफ थी, जिसके कारण वाहन में सवार किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि एमी विर्क उसी वाहन में सवार थे। यह भी स्पष्ट नहीं है कि गोलीबारी के समय गायक के साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे। इस बीच सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे चर्ण दत्त चार्ली नाम के व्यक्ति की एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें उसने गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया कि हमला एमी विर्क के कार्यक्रम के प्रमोटर को निशाना बनाकर किया गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी अब तक गोलीबारी को किसी गिरोह से जोड़कर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।  एबट्सफोर्ड पुलिस के प्रवक्ता सार्जेंट पॉल वॉकर ने लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस के मुताबिक घटना की रात 10:45 से 11:30 बजे के बीच मैक्कलम रोड के 2500-ब्लॉक या रात करीब 11 बजे सनीसाइड प्लेस के 2400-ब्लॉक के आसपास मौजूद लोगों के पास यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी या डैशकैम फुटेज है, तो वे पुलिस से संपर्क करें।  फिलहाल पुलिस गोलीबारी, जले हुए वाहन और दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है। 

Asia Cup सेमीफाइनल में भारत का बांग्लादेश से मुकाबला, पाकिस्तान के सामने श्रीलंका; जानें पूरा शेड्यूल

 नई दिल्ली Women's Asia Cup 2026 के सेमीफाइनल्स का शेड्यूल कन्फर्म हो चुका है। इस टूर्नामेंट का आखिरी लीग मैच मेजबान यूएई और बांग्लादेश के बीच खेला गया। उस मैच में बांग्लादेश की टीम ने बाजी मारी और सेमीफाइनल का टिकट कटाया। इस तरह टॉप 4 की सभी टीमें फाइनल हो गईं। टीम इंडिया ने सबसे पहले सेमीफाइनल का टिकट कटाया था, जबकि इसके बाद श्रीलंका ने दूसरे ग्रुप से टॉप 4 में जगह सुनिश्चित की थी। वहीं, पाकिस्तान की टीम ने टीम इंडिया के ग्रुप से सेमीफाइनल में एंट्री मारी और अब बांग्लादेश की टीम ने भी इन तीनों को जॉइन कर लिया है। वुमेंस एशिया कप 2026 के ग्रुप ए से टीम इंडिया और पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में पहुंची है, जबकि ग्रुप बी से श्रीलंका और बांग्लादेश ने टॉप 4 में एंट्री की है। ऐसे में दोनों सेमीफाइनल दो अलग-अलग ग्रुप वाली टीमों के बीच होंगे। ग्रुप ए की टॉपर टीम ग्रुप बी की दूसरे नंबर वाली टीम से भिड़ेगी और ग्रुप बी की टॉपर टीम ग्रुप ए की दूसरे नंबर वाली टीम से भिड़ेगी। इस तरह टीम इंडिया के सामने पहले सेमीफाइनल मैच में बांग्लादेश की टीम होगी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका के सामने बांग्लादेश की टीम होगी। टीम इंडिया ग्रुप ए की नंबर वन टीम है, जबकि श्रीलंका ग्रुप बी की नंबर वन टीम है। टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच मुकाबला गुरुवार 10 सितंबर को दुबई में शाम को साढ़े 6 बजे से खेला जाएगा। उस समय भारत में रात के 8 बजे होंगे। वहीं, दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच आयोजित होगा, जो शुक्रवार 11 सितंबर को दुबई के ही दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। ये मैच भी शाम को साढ़े 6 बजे से आयोजित होगा। उस समय भारत में रात के 8 बज रहे होंगे। फिर हो सकती है भारत-पाकिस्तान की टक्कर सेमीफाइनल मैचों के बाद फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। ये मुकाबला रविवार 13 सितंबर को दुबई में ही आयोजित होना है। दोनों सेमीफाइनल मैचों की विजेता टीमें खिताब के लिए लड़ेंगी। ऐसे में संभावना इस बात की भी है कि भारत के सामने एक बार फिर से पाकिस्तान की टीम हो सकती है और इस बार मुकाबला फाइनल में होने के आसार हैं। हालांकि, इसके लिए भारत को बांग्लादेश को हराना होगा और पाकिस्तान की टीम को श्रीलंका के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। Women's Asia Cup 2026 के सेमीफाइनल्स का शेड्यूल पहला सेमीफाइनल – भारत बनाम बांग्लादेश – 10 सितंबर को दुबई में रात 8 बजे से (IST) दूसरा सेमीफाइनल – श्रीलंका बनाम पाकिस्तान – 11 सितंबर को दुबई में रात 8 बजे से (IST) फाइनल – सेमीफाइनल 1 वर्सेस सेमीफाइनल 2 की विजेता – 13 सितंबर को दुबई में रात 8 बजे से (IST)

निवेशकों को राहत देने के लिए नीतियों में जरूरत के मुताबिक छूट देंगे: CM डॉ. यादव

निवेशकों को देंगे आवश्यकतानुसार नीतियों (पॉलिसी) में छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश उद्योग क्षेत्र में आशाओं और असीम अवसरों की धरती 900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को बनाया सुगम और सरल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए 2700 से अधिक नियमों और लगभग 900 कानूनों को समाप्त कर उद्योग और व्यापार-व्यवसाय क्षेत्र को सरल, सुगम बनाने का प्रयास किया है। इस कदम से उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बना है। निर्धारित नीतियों के अंतर्गत और आवश्यकता होने पर निवेशकों को नीतियों में आवश्यक छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को दुबई में "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्य पद्धति के आधार पर दुनियाभर में रहने वाला भारतीय समुदाय आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते राज्य को विकास के नए आयाम दिए। अब उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद दुनिया हमारी अर्थव्यवस्था की शक्ति देख रही है। दुबई वैश्विक अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है। यूएई से अफ्रीका और एशिया के साथ यूरोप में व्यापार होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश दुनिया का इकलौता राज्य है, जहां हीरे और स्वर्ण भंडार मौजूद है। अफ्रीका के बाद मध्यप्रदेश एक मात्र धरती है, जहां कटनी और सिंगरौली में सोने की खदान मिली है। मध्यप्रदेश में माइनिंग क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। निवेशक यहां आएं और अपने व्यापार-व्यवसाय के राज्य को समृद्ध बनाएं। होटल व्यवसाय शुरू करने पर मध्यप्रदेश सरकार 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। दुनिया की सबसे सस्ती बिजली 2.17 पैसे प्रति यूनिट बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करवा रहा है। हमारी सरकार ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आशाओं और असीम संभावनाओं की धरती है। नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की सोच हमें जोड़ती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को जीआईएस-2027 का निमंत्रण देते हुए कहा कि देश की सबसे अच्छी एविएशन पॉलिसी मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी हो गई है। हमारी सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ भी दे रही है। अगले महीने प्रदेश से शारजाह से भी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह उनकी निरंतर दूसरे वर्ष दुबई की यात्रा है। इसके पहले पर्यटन निगम के अध्यक्ष के नाते भी दुबई आने का अवसर मिला था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं और प्रदेश की विशेषताओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार में लगभग 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर नजर आने लगे हैं। मध्यप्रदेश से आज 76 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। देश में सबसे तेज विकास दर और बेरोजगारी को खत्म करने की दर मध्यप्रदेश की है। यहां अपराध मुक्त वातावरण और समय सीमा में कामों के निपटारे का प्रावधान सभी को आकर्षित करता है। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए राज्य में अब केवल 29 दिन में जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है। प्रदेश सरकार ऑन द स्पॉट लैंड अलॉटमेंट में विश्वास रखती है। मध्यप्रदेश में 1 लाख से अधिक इंडस्ट्रियल लैंड बैंक और 5 लाख किलोमीटर से अधिक रोड नेटवर्क है। सभी व्यवस्थाएं करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। है। बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के साथ दुबई का भाग्य भी बदलता चला गया। हम मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिए वक्त से, वक्त को पहचानने वालों के बीच आए हैं। मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन सेक्टर में अपार संभावनाएं : एसीएस मंडलोई दुबई में इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट सेशन के तीसरे दिन औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश अनुकूल नीतियों और विकसित हो रहे औद्योगिक इको सिस्टम के साथ लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन क्षेत्रों की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। एसीएस मंडलोई ने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित कई प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा नर्मदा एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ रहे औद्योगिक अवसरों की जानकारी दी गई। खनन क्षेत्र में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और डायमंड और स्वर्ण खनिज संसाधनों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। पर्यटन सेक्टर में मध्यप्रदेश की समृद्ध विरासत, वन्य जीव और प्राकृतिक स्थलों के बारे में निवेशकों को जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए, जबकि पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 वर्ष तक की लीज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न पर्यटन स्थलों पर निजी निवेश की संभावनाएं प्रदर्शित की गईं। मुख्यमंत्री डॉ . यादव की सक्रियता और निवेशकों से सीधा संवाद मध्यप्रदेश की ताकत : भारत के काउंसिल जनरल डॉ. रेड्डी दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उद्योग जगत से निरंतर संवाद और हर कार्यक्रम में समान ऊर्जा के साथ सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश के साथ जुड़ाव और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास और विशाल पर्यटन एवं आध्यात्मिक संभावनाओं की सराहना की। आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने कहा कि भगवान राम ने 14 वर्ष के वनवास में से अधिकांश समय मध्यप्रदेश के चित्रकूट में बिताया। ऐसे राज्य में निवेश का सौभाग्य निवेशकों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश में अधिकतम निवेश के लिए दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं। उद्योगपति और सांसद राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश देश की प्रगति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश में उद्योगों को हर तरह से सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश देश का सबसे उन्नतशील राज्य … Read more

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में सरकारी डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़कर 70 साल हुई

लखनऊ  यूपी के सरकारी डॉक्टरों के लिए खुशखबरी है। अब उनकी रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 70 साल कर दी है। सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक रिअप्वॉइंटमेंट के माध्यम से सेवाएं दे सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख चिकित्सकीय संवर्ग है। इसमें चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों को 70 साल की आयु तक सेवाएं देने का अवसर मिलने से उनके लंबे अनुभव का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। डिप्टी सीएम ने बताया कि विशेष रूप रूप से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी वाले विभागों में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को डॉक्टरों की रिटायर्मेंट के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिक सक्षम बनेंगी स्वास्थ्य सेवाएं विश्वविद्यालय और डिग्री कॉलेजों में तृतीय श्रेणी कर्मियों के 2500 पदों पर भर्ती होगी। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को जल्द पदों का विस्तृत अधियाचन भेजा जाएगा। उच्च शिक्षा, कृषि शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा के विश्वविद्यालयों के साथ ही डिग्री कॉलेजों में भी तृतीय श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। उच्च शिक्षा के ही शिक्षण संस्थानों में 500 से ज्यादा पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे ही दूसरे विभागों के उच्च शिक्षण संस्थानों में भी पद रिक्त चल रहे हैं। पहले उच्च शिक्षण संस्थान कर्मियों के पदों पर भी खुद भर्ती करते थे। अब आयोग के जरिए भर्ती होगी। लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे 7 डॉक्टरों को नोटिस उधर, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तैनात सात नॉन पीजी रेजिडेंट (एनपीजेआर) डॉक्टरों ने वेतन असमानता दूर करने की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया है। आंदोलन का संज्ञान लेते हुए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा कार्यालय ने कॉलेज प्रशासन को सातों डॉक्टरों के नाम सौंपते हुए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। नॉन पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों का आरोप है कि एमबीबीएस करने के बाद एक ही काउंसलिंग से तैनात होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज और ग्रामीण अस्पतालों में तैनात एनपीजेआर को अलग-अलग मानदेय मिलता है। मेडिकल कॉलेज की तुलना में सीएचसी पर तैनात होते ही एनपीजेआर को करीब डेढ़ गुना ज्यादा मानदेय मिलता है, जिसे वेतन असमानता बताते हुए डॉक्टर समान वेतन की मांग कर रहे हैं।

बिहार के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव, 12वीं पास छात्रों को मिलेगा प्लेसमेंट का मौका

 पटना बिहार के सरकारी स्कूलों में भी प्लेसमेंट की सुविधा मिलेगी। राज्य सरकार 12वीं कक्षा में ऐसे इच्छुक बच्चों को प्लेसमेंट की सुविधा देगी जो आगे पढ़ाई नहीं करना चाहते या फिर जो 12वीं के बाद ही करियर बनाना चाहते हैं। इसके लिए बड़े व्यावसायिक कंपनियों की मदद ली जाएगी। इसमें बड़ी कंपिनयों और बड़े औद्योगिक घरानों से भी सहयोग लिया जाएगा। बिहार सरकार अब सरकारी स्कूलों के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाई के बाद सीधे रोजगार से जोड़ने की तैयारी में है। इस व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य उन विद्यार्थियों को अवसर देना है, जो इंटरमीडिएट के बाद परिवार की आर्थिक स्थित या अन्य कारणों से कामकाजी दुनिया में प्रवेश करना चाहते हैं। ऐसे बच्चों को विद्यालय से ही प्लेसमेंट की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। अवसर विकसित होंगे प्रस्तावित नई पहल के तहत विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की रुचि, योग्यता और कौशल का आकलन कर उन्हें निजी कंपनियों तथा विभिन्न रोजगार क्षेत्रों से जोड़ा जाएगा। सरकार इसके लिए बड़े व्यावसायिक समूहों और उद्योग जगत का सहयोग लेने की योजना बना रही है। देश की नामी-गिरामी कंपनी और बड़े औद्योगिक घरानों सहित अन्य कंपनियों की भागीदारी से प्लेसमेंट, प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप के अवसर विकसित किए जाएंगे। कौशल के अभाव में बेहतर प्सेलमेंट नहीं मिलता बिहार में 13 लाख बच्चे सरकारी विद्यालयों में इंटर की पढ़ाई करते हैं। इंटर स्तर पर मेडिकल, इंजीनियरिंग, एनडीए के सात-साथ रेलवे, बैंक में बड़ी संख्या में लड़के जाते हैं। निजी क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में बच्चे जाते हैं। लेकिन जानकारी और कौशल के अभाव में उन्हें बेहतर प्सेलमेंट नहीं मिल पाता। इसीलिए सरकार ने यह व्यवस्था शुरू की है। सरकार की बड़े औद्योगिक घरानों और कंपनियों से अपेक्षा होगी कि वे विद्यार्थियों के लिए एंट्री-लेवल रोजगार, प्रशिक्षु पद, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराएं। विद्यार्थियों के पास दो विकल्प होंगे राज्य में पहले से कौशल विकास और उद्योग-संबद्ध प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाते रहे हैं। नई व्यवस्था से 12वीं पास विद्यार्थियों के सामने दो स्पष्ट रास्ते होंगे। पहला तो उच्च शिक्षा में दाखिला। दूसरा कौशल प्रशिक्षण के बाद नौकरी या अप्रेंटिसशिप चुनना। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए यह पहल आय का साधन बनाने में उपयोगी हो सकती है। विशेष विद्यालयों का चयन किया जाएगा इस योजना में केवल नौकरी दिलाने पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाने पर भी जोर रहेगा। 12वीं के बाद चयनित युवाओं को संचार कौशल, डिजिटल दक्षता, कार्यस्थल व्यवहार, तकनीकी प्रशिक्षण तथा क्षेत्र-विशेष की जरूरतों के अनुरूप तैयारी कराई जा सकती है। इसके लिए कुछ विशेष सरकारी विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जहां 12 वीं के बाद बच्चों को रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। इन विद्यालयों में बड़ी कंपनियों को भी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हम 12 वीं के बाद इच्छुक बच्चों को उनके बेहतर करियर और रोजगार दोनों में मदद करेंगे। जो बच्चे रोजगार चाहते हैं, उनके लिए प्लेसमेंट की योजना बनायी जा रही है। हम विद्यालय के बाद ही उनके लिए रोजगार का प्रबंध करेंगे।

डॉ. राजेश्वरी अम्मा का जीवन निःस्वार्थ सेवा और मानवता की मिसाल: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर : निःस्वार्थ सेवा और मानवता की मिसाल है डॉ. राजेश्वरी अम्मा का जीवन : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सत्य साई संजीवनी अस्पताल में डॉक्यूमेंट्री फिल्म “डॉ. अम्मा” की हुई स्क्रीनिंग रायपुर नवा रायपुर स्थित सत्य साई संजीवनी अस्पताल में माता डॉ. सी. राजेश्वरी जी के प्रेरणादायी जीवन और मानवता की निःस्वार्थ सेवा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म “DR. AMMA – 50 Years of Healing, Humanity & Hope” की स्क्रीनिंग आयोजित हुई। कार्यक्रम में मंत्री रामविचार नेताम एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए। रायपुर : निःस्वार्थ सेवा और मानवता की मिसाल है डॉ. राजेश्वरी अम्मा का जीवन : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि माता डॉ. सी. राजेश्वरी जी ने अपना संपूर्ण जीवन मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया है। उनका जीवन सेवा, समर्पण और करुणा की प्रेरणादायी गाथा है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म के माध्यम से उनके जीवन, कार्यों और समाज के प्रति योगदान को लाखों लोग जान सकेंगे तथा उनसे प्रेरणा प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि निःस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा करने वाले व्यक्तित्व समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत होते हैं। डॉ. राजेश्वरी अम्मा जी का जीवन यह संदेश देता है कि सेवा का संकल्प समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन सकता है। वित्त मंत्री चौधरी ने इस पुनीत अवसर पर सत्य साई परिवार सहित डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माण और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं सत्य साई परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

सुबह-सुबह कांग्रेस के दिग्गज नेता पर ED की कार्रवाई, कई ठिकानों पर रेड; सांसद बेटी भी रडार पर

बेंगलुरु  कर्नाटक में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके करीबियों के कई ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक ED ने जारकीहोली के साथ-साथ उनकी बेटी और सांसद प्रियंका जारकीहोली और उनके साले मंजूनाथ के ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। मामला बेलगावी में कई बार को अवैध रूप से लाइसेंस देने का है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच छापेमारी शुरू की। बेंगलुरु शहर के 5 मुख्य ठिकानों के अलावा बेलगावी और महाराष्ट्र में स्थित मंत्री और उनके साले मंजूनाथ के घर और दफ्तरों की भी तलाशी ली जा रही है। अधिकारी परिसरों में मौजूद वित्तीय दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति के कागजातों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। क्या हैं आरोप? मामला आबकारी विभाग में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि सतीश जारकीहोली ने अपने मंत्री पद के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए लगभग 18 बार को नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से लाइसेंस दिलाए। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन बार से हासिल हुई काली कमाई को अवैध रूप से विदेशों में निवेश किया गया। शुरुआती जांच में 3 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध के हेरफेर की बात भी सामने आई है। अब ईडी इस फंड ट्रांसफर के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाने के लिए कागजातों को खंगाल रही है। साले पर हुआ था एक्शन इससे पहले बीते जनवरी महीने में ED ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त वाई मंजूनाथ के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की थी। मंजूनाथ जारकीहोली के साले हैं। ED ने तब मंजूनाथ से जुड़े कम से कम छह ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान ED ने कई अहम दस्तावेज जब्त किए थे। अधिकारियों को मंजूनाथ के घर से नकदी मिलने की भी जानकारी सामने आई थी। ED की शुरुआती जांच में आरोप था कि सरकारी पद पर रहते वाई मंजूनाथ ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति बनाई। जांच एजेंसी को संदेह था कि उन्होंने करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जुटाई है। उन पर यह आरोप भी लगा कि उन्होंने बेलगावी, बेंगलुरु, मैसूर, दावणगेरे और बल्लारी समेत कई शहरों में बेनामी नामों से बार और शराब कारोबार में निवेश किया। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने के बाद ED अधिकारियों ने वाई मंजूनाथ को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया था।