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बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन से मजबूत होगा प्रदेश का रेल नेटवर्क

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 हजार 783 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इनमें बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इन परियोजनाओं से प्रदेश के रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी, यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा तथा उद्योग और व्यापार के लिए माल परिवहन अधिक सुगम एवं प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आधुनिक और मजबूत रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व गति से कार्य हो रहा है। छत्तीसगढ़ को भी इसका निरंतर लाभ मिल रहा है। नई मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को गति देने के साथ प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक विकास और रोजगार की नई संभावनाओं को विस्तार देंगी। मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। रेल नेटवर्क की क्षमता और कनेक्टिविटी में होगा विस्तार केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत तीन परियोजनाओं में खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइन, कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन तथा बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन शामिल हैं। इनकी कुल अनुमानित लागत 10 हजार 783 करोड़ रुपए है और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूर्ण करने की योजना है। इन तीनों परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इनसे लगभग 4 हजार 790 गांवों और करीब 56 लाख की आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। बिलासपुर-पेंड्रा रेल कॉरिडोर को मिलेगी मजबूती बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन और कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन की स्वीकृति छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखती है। इन परियोजनाओं से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि होगी। अतिरिक्त लाइन क्षमता से ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा, रेल यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी तथा यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय हो सकेगी। इस रेल कॉरिडोर की क्षमता में वृद्धि से छत्तीसगढ़ की देश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी। इसका लाभ आम यात्रियों के साथ प्रदेश की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मिलेगा। उद्योग और व्यापार को मिलेगी नई गति स्वीकृत रेल परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात सहित महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। मल्टीट्रैकिंग से रेल नेटवर्क की माल ढुलाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। तीनों परियोजनाओं से कुल मिलाकर प्रतिवर्ष लगभग 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई क्षमता विकसित होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ खनिज और औद्योगिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। ऐसे में बेहतर रेल और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगा। माल परिवहन अधिक सुगम होने से उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधा मिलेगी और प्रदेश में निवेश, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। पर्यटन और आस्था के प्रमुख केंद्रों तक बेहतर होगी पहुंच इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ सहित संबंधित क्षेत्रों के महत्वपूर्ण पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की रेल कनेक्टिविटी में भी सुधार होगा। इनमें अचानकमार टाइगर रिजर्व, मल्हार का पुरातात्विक स्थल, रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर और खुटाघाट बांध सहित अनेक प्रमुख स्थल शामिल हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिलेगी। पीएम गति शक्ति के विजन को मिलेगी मजबूती ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार की गई हैं। इनका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना तथा लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाना है। रेलवे पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम है। इन तीनों परियोजनाओं से देश में लगभग 12 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत तथा करीब 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है, जो लगभग 2.48 करोड़ वृक्ष लगाने के पर्यावरणीय प्रभाव के बराबर है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क किसी भी राज्य के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। नई रेल परियोजनाएं प्रदेश में सुगम आवागमन, मजबूत कनेक्टिविटी और औद्योगिक प्रगति को गति देते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

पंजाब में अब घर-दुकान बनाने के नियम बदले, पार्किंग से फायर एग्जिट और हाईटेंशन तार तक नए प्रावधान

चंडीगढ़  पंजाब में सरकार ने बिल्डिंग बनाने के नियम बदल दिए हैं। इनमें घर-दुकान भी शामिल हैं। जिनमें फायर एग्जिट से लेकर पार्किंग और छत तक बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा हाईटेंशन तारों के नीचे या दूरी को लेकर भी अब नए नियम निर्धारित किए गए हैं। सोसाइटीज में पार्किंग के लिए भी अब तय नियम फॉलो करने होंगे। इसके लिए सरकार ने पंजाब शहरी नियोजन और बिल्डिंग (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। 1. 21 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में सभी सीढ़ियां फायर एग्जिट यदि इमारत की ऊंचाई 21 मीटर (लगभग 6-7 मंजिल) से अधिक है, तो उसमें चढ़ने-उतरने के लिए बनी सभी सीढ़ियों को अनिवार्य रूप से 'फायर एग्जिट' यानी आपातकालीन निकास की तरह बनाया जाएगा। आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में लोग बिना किसी रुकावट के सुरक्षित और तेजी से बाहर निकल सकें, इसके लिए यह व्यवस्था जरूरी होगी। 2. बिजली की ओवरहेड लाइन के नीचे निर्माण नहीं बिजली की ओवरहेड लाइन के आसपास इमारत बनाते समय निर्धारित दूरी रखना जरूरी होगा। 3. दुकान, बूथ और SCO की ऊंचाई 5 मीटर तक बूथ, सामान्य दुकानों और SCO में फर्श से छत तक की ऊंचाई अधिकतम 5 मीटर रखी जा सकेगी। 4. मेजेनाइन में सिर्फ सामान रख सकेंगे बूथ में मुख्य मंजिल और छत के बीच बनाई जाने वाली मेजेनाइन यानी अतिरिक्त छोटी मंजिल का इस्तेमाल सिर्फ सामान रखने के लिए किया जा सकेगा। यहां दुकान का कारोबार या ग्राहकों के बैठने की व्यवस्था नहीं की जा सकेगी। मेजेनाइन का क्षेत्रफल बूथ के कुल एरिया के दो-तिहाई (2/3) से अधिक नहीं होगा। इसमें कॉरिडोर का क्षेत्रफल शामिल नहीं होगा। खास बात यह है कि मेजेनाइन का यह क्षेत्र FAR में शामिल नहीं किया जाएगा। 5. छत पर सोलर पैनल के लिए राहत अब छत पर सोलर पैनल लगाते समय पैनल के नीचे 2.4 मीटर (लगभग 8 फीट) तक की खाली जगह रखी जा सकेगी। सोलर पैनल और उन्हें लगाने के लिए बनाए गए ढांचे को इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में भी नहीं गिना जाएगा। यानी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए इस अतिरिक्त ढांचे को FAR की गणना में नहीं जोड़ा जाएगा। 6. छत पर 6 वर्गमीटर तक टॉयलेट अब छत पर अधिकतम 6 वर्ग मीटर (लगभग 64.5 वर्ग फीट) जगह में टॉयलेट बनाया जा सकेगा। इसकी अधिकतम ऊंचाई 2.75 मीटर (लगभग 9 फीट) होगी। टॉयलेट को भी इमारत की कुल ऊंचाई में शामिल नहीं किया जाएगा। FAR में शामिल नहीं किया जाएगा। 7. लिफ्ट सीधे छत तक जा सकेगी अब आवासीय और कमर्शियल समेत सभी तरह की इमारतों में लिफ्ट को सीधे छत तक ले जाने की अनुमति होगी। लिफ्ट का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) 2016 और संबंधित लिफ्ट कानून के अनुसार करना होगा। लिफ्ट की जांच और सर्टिफिकेशन पंजाब के चीफ इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से क्षमता प्रमाण पत्र प्राप्त व्यक्ति ही कर सकेगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर छत तक जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। 8. कार पार्किंग को लेकर भी नए नियम कार पार्किंग के लिए भी लिफ्ट, क्लब हाउस और स्टिल्ट को लेकर भी नियम तय कर दिए गए हैं। 9. जिम और इंडोर गेम्स में FAR की राहत पोडियम पर बने कॉमन जिम या इंडोर गेम्स एरिया का सिर्फ आधा हिस्सा (50%) FAR में गिना जाएगा। इससे ऐसे कॉमन एरिया के निर्माण में FAR के लिहाज से राहत मिलेगी।

PM मोदी के 25 साल के सफर का जश्न, वडनगर से वाराणसी तक BJP निकालेगी खास यात्रा; जानें पूरा कार्यक्रम

बनारस   पीएम मोदी के 25 साल के शासन को भव्य तरीके से मनाए जाने की तैयारी है. इस मौके पर बनारस से वडनगर तक कलश यात्रा का ऐलान क‍िया गया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा क‍ि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन सेवा और समर्पण के 25 साल पूरे होने वाले हैं. ऐसे में अगले महीने 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित क‍िया जाएगा. 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने तक चलने वाला 'सेवा संकल्प अभियान' आयोजित होगा. 17 सितंबर को हम हर वर्ष सेवा दिवस के रूप में मनाते हैं और पूरा कार्यक्रम सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाते हैं।   भाजपा अध्‍यक्ष ने कहा, पीएम मोदी ने पिछले 25 वर्षों में जन सेवा से राष्ट्रसेवा के मंत्र को पकड़ते हुए पूरी तरह से सेवा यात्रा को जारी रखा है. 25 करोड़ गरीब परिवारों को गरीबी रेखा से बाहर लाना, 80 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराना, 100 करोड़ लोगों से अधिक को सामाजिक सुरक्षा योजना से जोड़ना, 12 करोड़ शौचालय, कोविड की फ्री वैक्सीन और 4 करोड़ से अधिक गरीबों के लिए आवास बनाना सामान्य घटना नहीं है. उनका सफर एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में प्रारंभ हुआ और आज देश के प्रधान सेवक के रूप में उन्होंने काम को आगे बढ़ाया, यह केवल उनके स्पष्ट विजन, दृढ़संकल्प और सामाजिक जीवन में लगातार गुणात्मक परिवर्तन कैसे आए, कैसे लोगों के जीवन में बदलाव आए इसका प्रयास उन्होंने किया।  'आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आ रहा है'  नितिन नवीन ने आगे कहा, ''पीएम मोदी ने जब देश का नेतृत्व संभाला तो पूरे देश में एक निराशा, एक अंधकार का माहौल था, पॉलिसी पैरालिसिस कह सकते हैं हमारे इकोनॉमी को फ्रेजाइल फाइव के रूप में देखा जाता था, लेकिन आज भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में सामने आ रहा है।  7 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी स्कूलों में होंगे कार्यक्रम उन्‍होंने कहा, "प्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर को हर वर्ष हम सेवा दिवस के रूप में मनाते हैं. 17 सितंबर को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा. 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी स्कूलों में चित्रकारी, ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता कराई जाएगी. इसमें उत्कृष्ट चित्रों को और भाषण प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्यमंत्री के स्तर पर और अन्य केंद्रीय मंत्री के स्तर पर प्रमाण पत्र देने की योजना है।  सभी जिलों में सेवा ज्योतिकलश यात्रा के माध्यम से होंगे कार्यक्रम उन्‍होंने कहा क‍ि 7 अक्टूबर, जिस दिन 'हेडऑफ द गवर्नमेंट' के रूप में प्रधानमंत्री के जनसेवा और समर्पण के 25 साल पूरे होंगे, उस दिन देशभर के सभी जिलों में सेवा ज्योतिकलश यात्रा के माध्यम से कार्यक्रम करेंगे. इस कार्यक्रम में उनके 25 वर्षों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाएगी, इस कार्यक्रम में विकसित भारत 2047 का भी संकल्प लिया जाएगा। 

हत्या के मामले में 5 साल से फरार आरोपी इटारसी से गिरफ्तार, रीठी पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास दबोचा, चरसलाल की हत्या कर फरार हो गया था आरोपी

कटनी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रीठी पुलिस ने हत्या के मामले में करीब पांच साल से फरार चल रहे आरोपी को इटारसी से गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस ने इटारसी रेलवे स्टेशन के पास से की। पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी 2022 को मर्ग क्रमांक 12/22 में मृतक चरसलाल पारधी पिता रामरस पारधी, निवासी ललितपुर बूढ़ा की मृत्यु की जांच की गई थी। जांच में सामने आया कि जोनस लाल पारधी, रूलबाबू पारधी और चंसूर उर्फ बिस्किटलाल पारधी ने लोहे की रॉड और बरछी से मारपीट कर चरसलाल पारधी की हत्या कर दी थी। बीच-बचाव करने पहुंचे अजूबा पारधी और टन्नी पारधी के साथ भी मारपीट की गई थी। मामले में थाना रीठी में अपराध क्रमांक 33/22 के तहत धारा 302 और 324 भादवि में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, लेकिन आरोपी एक स्थान पर स्थायी रूप से निवास नहीं करने के कारण गिरफ्तारी में कठिनाई आती रही। आरोपियों के नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध न्यायालय में फरारी चालान भी प्रस्तुत किया गया था। इसी बीच रीठी पुलिस को सूचना मिली कि हत्या के मामले में फरार आरोपी रूलबाबू पारधी इटारसी, जिला नर्मदापुरम में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम को तत्काल इटारसी रवाना किया गया। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को इटारसी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। कार्रवाई में निरीक्षक मोहम्मद शाहिद, उप निरीक्षक दिनेश चौहान, प्रधान आरक्षक अजय मेहरा, प्रधान आरक्षक नितेश दुबे, आरक्षक शमशेर सिंह, आरक्षक अमन सिंह थाना रीठी तथा साइबर सेल के शुभम गौतम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सबालेंका ने नोस्कोवा को दी मात, US Open 2026 के सेमीफाइनल में बनाई जगह; मुकाबला रहा बेहद रोमांचक

न्यूयॉर्क  अमेरिकी ओपन में एरिना सबालेंका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। मंगलवार को खेले गए रोमांचक मुकाबले में उन्होंने विंबलडन चैंपियन लिंडा नोस्कोवा को 7-6 (1), 3-6, 7-6 (10-7) से मात दी। मुकाबला काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा और दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। सबालेंका ने निर्णायक सेट का टाईब्रेकर जीतकर मुकाबला अपने नाम किया और लगातार तीसरे अमेरिकी ओपन खिताब की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा। “एक समय लगा सब कुछ खत्म हो गया” जीत के बाद सबालेंका ने नोस्कोवा के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “क्या जबरदस्त मुकाबला था। वह क्या शानदार खिलाड़ी है। एक समय तो मुझे लगा कि सब कुछ खत्म हो गया। इससे मुझे थोड़ा सहज होने और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिली।” सबालेंका के लिए यह जीत इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि अमेरिकी ओपन में आगे बढ़ने के साथ-साथ उनकी महिला सिंगल्स की नंबर-1 रैंकिंग भी दांव पर लगी थी। जीत के साथ उन्होंने अपनी रैंकिंग बचाने की दिशा में अहम कदम उठाया। अब पेगुला से होगी सबालेंका की टक्कर सेमीफाइनल में सबालेंका के सामने अब तीसरी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला की चुनौती होगी। पेगुला ने क्वार्टरफाइनल में 26वीं वरीयता प्राप्त एम्मा नवारो को 3-6, 6-4, 6-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। सबालेंका और पेगुला के बीच अमेरिकी ओपन में पहले भी कड़ी टक्कर देखने को मिली है। सबालेंका ने 2024 के फाइनल और पिछले साल के सेमीफाइनल में पेगुला को हराया था। ऐसे में इस बार पेगुला के पास पिछली हार का हिसाब बराबर करने का मौका होगा। पुरुष क्वार्टरफाइनल में टियाफो की रोमांचक जीत अमेरिकी ओपन के पुरुष वर्ग में भी मंगलवार को रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। 11वीं वरीयता प्राप्त फ्रांसिस टियाफो ने एलेक्स मिशेलसेन को पांच सेट तक चले मुकाबले में हराया। टियाफो ने यह मुकाबला 5-7, 3-6, 7-5, 6-3, 7-6 (10-6) से अपने नाम किया। मुकाबले का फैसला भी निर्णायक सेट के टाईब्रेकर में हुआ, जहां टियाफो ने धैर्य बनाए रखते हुए जीत दर्ज की। खिताब की ओर सबालेंका का एक और कदम सबालेंका अब अमेरिकी ओपन में लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश में हैं। हालांकि सेमीफाइनल में पेगुला उनके सामने बड़ी चुनौती होंगी। दोनों खिलाड़ियों के पिछले मुकाबलों को देखते हुए यह मैच बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। सबालेंका की नजर जहां फाइनल में पहुंचने पर होगी, वहीं पेगुला घरेलू दर्शकों के सामने बड़ा उलटफेर करना चाहेंगी।

बरही पुलिस की अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, अलग अलग ठिकानों में दबिश, 34 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त

कटनी जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ बरही पुलिस ने लगातार दो दिनों में कार्रवाई करते हुए 7 अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर कुल 34 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब जब्त की। साथ ही ग्राम पिपरियाकला के पारधी टोला में रेलवे स्टेशन के पीछे करीब 540 किलो महुआ लाहन नष्ट कराया गया। पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को ग्राम पिपरियाकला पारधी टोला रेलवे स्टेशन के पीछे करीब 36 कंटेनरों में रखा लगभग 540 किलो महुआ लाहन बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 54 हजार रुपये बताई गई। पुलिस ने मौके पर ही लाहन को नष्ट कराया। इसी कार्रवाई के दौरान चार अलग-अलग स्थानों से सुशील आदिवासी से 5 लीटर, कोमल प्रसाद कोल से 5 लीटर, रामदयाल साहू से 2 लीटर और प्रेमलाल प्रजापति से 2 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। सभी मामलों में आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत कार्रवाई की गई। वहीं 8 सितंबर 2026 को बरही पुलिस ने तीन अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 20 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की। पुलिस ने दुःखी बाई भूमिया से 5 लीटर, राजू कोल से 5 लीटर और रामचरण कोल से 10 लीटर शराब बरामद की। इन मामलों में भी धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा एसडीओपी विजयराघवगढ़ वीरेंद्र धार्वे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बरही निरीक्षक अरविंद कुमार चौबे के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में बरही पुलिस टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है

UP में विदेशी निवेश को रफ्तार, उन्नाव में ₹2,078 करोड़ का प्लांट लगाएगी क्राउन, हजारों रोजगार की उम्मीद

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। प्रदेश की आकर्षक एफडीआई नीति-2023 के तहत वैश्विक पैकेजिंग कंपनी क्राउन होल्डिंग्स की भारतीय इकाई क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने उन्नाव स्थित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) में अपने पहले ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम बेवरेज कैन विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया। करीब ₹2,078.44 करोड़ के निवेश से स्थापित होने वाला यह संयंत्र भारत में क्राउन होल्डिंग्स की पहली विनिर्माण इकाई होगी। लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला अत्याधुनिक प्लांट देश के तेजी से बढ़ते पेय पदार्थ उद्योग की पैकेजिंग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 200 को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर परियोजना से 200 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, परिवहन, रखरखाव और स्थानीय वेंडर नेटवर्क में भी रोजगार एवं कारोबार के नए अवसर पैदा होंगे। भूमिपूजन समारोह में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा कि प्रदेश में अब केवल औद्योगिक परियोजनाओं का पंजीकरण नहीं हो रहा, बल्कि उन्हें तेजी से धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। उन्नाव में क्राउन की परियोजना इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह निवेश उत्तर प्रदेश के मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम पर अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के विजन को साकार करने की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। 116 करोड़ कैन सालाना होगी शुरुआती क्षमता करीब 40 एकड़ में प्रस्तावित संयंत्र की प्रारंभिक स्थापित क्षमता 116.2 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 178.6 करोड़ कैन प्रतिवर्ष तक किया जा सकेगा। पहले वर्ष में करीब 67 करोड़ कैन के उत्पादन का अनुमान है, जो नौवें-दसवें वर्ष तक बढ़कर लगभग 170 करोड़ कैन प्रतिवर्ष हो सकता है। क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का गठन मार्च 2026 में हुआ है। यह क्राउन होल्डिंग्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसका पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है। परियोजना का मूल्यांकन उत्तर प्रदेश की एफडीआई, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 एवं फॉर्च्यून इंडिया 500 कंपनियों के लिए निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत किया गया है। योगी सरकार की नीतियों से यूपी बना निवेश का पसंदीदा ठिकाना योगी सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत आधारभूत ढांचे और निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं से उत्तर प्रदेश में देश-विदेश की कंपनियों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्नाव में क्राउन का निवेश इसी बदलते औद्योगिक परिदृश्य की बड़ी मिसाल है। इस तरह के बड़े निवेश से केवल एक नई औद्योगिक इकाई स्थापित नहीं हो रही, बल्कि उसके साथ एमएसएमई, लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, वेयरहाउसिंग और सेवा क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ प्रदेश के औद्योगिक आधार को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों के साथ हुई घटना पर जताई नाराजगी

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज भोपाल में इंटर्न्स, जूडा एवं एमटीए के प्रतिनिधियों से विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना की जानकारी मिलते ही नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जीएमसी भोपाल में प्रेस वार्ता में संबोधित कर रहे थे। छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी, घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था की जाएगी उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि शांतिपूर्वक अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ इस प्रकार की घटना नहीं होनी चाहिए। मेडिकल कैंपस में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्र-छात्राओं पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। घायल छात्रों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि का निर्णय उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत वृद्धि करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की इस मांग पर पहले से ही चर्चा चल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ यादव सतत संवाद कर रहे थे। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर में कहा कि सकारात्मक चर्चा का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रतिनिधिमंडल ने निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भाव से कार्य करें युवा चिकित्सक उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने युवा चिकित्सकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा भाव और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा से चिकित्सकों को वास्तविक परिस्थितियों को समझने और व्यापक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार डॉक्टरों को तैयार करने में पूरा सहयोग कर रही है और अपेक्षा है कि चिकित्सक अपने बॉन्ड की अवधि में ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं देंगे चिकित्सक समाज के लिए महत्वपूर्ण एसेट हैं। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार और मुस्कुराकर बात करना भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को सकारात्मक समाधान के लिए बधाई दी।  

सीएसवीटीयू भिलाई द्वारा बीआईटी दुर्ग में ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का भव्य आयोजन

रायपुर  छत्तीसगढ़  (सीएसवीटीयू) भिलाई द्वारा भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग परिसर में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं स्टार्टअप अभिनंदन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं प्रदेश़ के राज्यपाल  रमेन डेका ने 72 महिला स्व-सहायता-समूहों को मिलेट हेल्थ कार्ट और 24 स्टार्टअप्स को इग्निशन ग्रांट वितरण किया। समारोह में सांसद  विजय बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर, वैशाली नगर विधायक  रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  प्रेमप्रकाश पाण्डेय, दुर्ग महापौर मती अल्का बाघमार और सहकार भारती के  कलीराम शर्मा भी सम्मिलित हुए। उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की सार्थकता तभी जब रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे  मुख्य अतिथि राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से नए छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आज यहां दो महत्वपूर्ण यात्राओं का शुभारंभ हो रहा है, एक हमारी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर नवाचारकर्ताओं के माध्यम से सपनों को उद्यम में बदलने प्रात्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और तकनीकी ज्ञान की सार्थकता तभी है, जब वह समाज की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़कर रोजगार व उद्यमिता के नए अवसर पैदा करे। राज्यपाल ने कहा कि मिलेट से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है।  महिला स्वावलंबी बनती है तब परिवार मजबूत होता है छत्तीसगढ की कृषि परंपरा में मिलेट अर्थात मोटे अनाज का विशेष महत्व रहा है। आज वहीं पारंपरिक ’ अन्न’ (मिलेट) पोषण के साथ-साथ अब आय का नया जरिया बन रहा है। मिलेट पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ किसानों, ग्रामीण परिवारों और महिला उद्यमियों के लिए आय के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है। महिला स्व-सहायता समूह की बहनों को निःशुल्क मिलेट हेल्थ कार्ट प्रदान किए जाने के साथ ही उन्हें एक सक्षम व्यावसायिक इकाई के रूप में विकसित करने के लिए उत्पाद निर्माण, एफएसएसएआई मानकों, गुणवत्ता नियंत्रण, व्यवसाय प्रबंधन और विपणन का संपूर्ण प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता-समूहों को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की इस पहल पर बल देते हुए बताया कि जब एक महिला स्वावलंबी बनती है तो उसका परिवार मजबूत होता है और पूरे समुदाय में आत्मविश्वास पैदा होता है। महिला स्व-सहायता समूह ने गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी  राज्यपाल  डेका ने युवा नवाचार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 24 नवाचार-आधारित स्टार्टअप्स को कुल 50 लाख की इग्निशन ग्रांट प्रदान की जा रही है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार के मार्ग में असफलताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन उनसे सीखकर निरंतर आगे बढ़ना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं परंपरागत रूप से श्रम, कौशल और उद्यमशीलता की मिसाल बन रही हैं, महिला स्व- सहायता समूहों ने गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। अब आवश्यकता इस बात की है कि उनके पारंपरिक कौशल को आधुनिक प्रशिक्षण, तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा जाए। महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का एक मजबूत केंद्र-सीएसव्हीटीयू राज्यपाल  डेका ने तकनीकी विश्वविद्यालय के ज्ञान और संसाधनों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि सीएसव्हीटीयू-फोर्टे (फाउंडेशन फॉर रूरल टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप) आने वाले समय में ग्रामीण उद्यमिता, महिला स्वावलंबन और तकनीकी नवाचार का एक मजबूत केंद्र बनेगा। उन्होंने सभी महिला एसएचजी की बहनों और युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। महिला समूह मिलेट खाद्यान को जन-जन तक पहुंचाना है सांसद  विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने मिलेट को पारंपरिक अनाज ’ अन्न’ के रूप में इसे सहकारिता के साथ जोड़कर जन-जन तक पहुॅचाया है। प्रधानमंत्री जी पहल पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी ज्ञान के साथ महिला समूह को जोड़कर मिलेट खाद्यान को सभी के सहयोग से जन-जन तक पहुंचाना है। विधायक  ललित चंद्राकर ने आज के इस आयोजन को विकसित भारत निर्माण की मजबूत शुरूआत बताते हुए कहा कि एसएचजी के माध्यम से महिलाएं सशक्त एवं आर्थिक रूप से मजबूत होने जा रहीं हैं। स्टार्टअप के माध्यम से युवाओं में विश्वास जागृत हुआ है। उन्होंने सरकार की योजनाओं से जुड़कर युवाओं को स्वावलंबी बनने का आह्वान किया। विधायक  रिकेश सेन ने कहा कि स्टार्टअप योजना छत्तीसगढ़ के विकास में रीढ़ की हड्डी साबित हुई है। कार्यक्रम को महापौर  अल्का बाघमार और सहकार भारती के  कलीराम शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के आरंभ में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरूण अरोड़ा ने स्वागत उद्बोधन में आयोजन के उद्देश्य, महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास और नवाचार पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्रध्यापकगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता-समूह की बहनें व युवा वर्ग उपस्थित थे।

स्कूल वैन से गिरकर मासूम छात्र की मौत, विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र की घटना, निजी स्कूल वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों को लेकर उठे सवाल

कटनी  विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूल वैन से गिरकर एक मासूम छात्र की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। घटना ने स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और निजी शिक्षण संस्थानों की परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्र रोजाना की तरह स्कूल वैन से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में वैन का दरवाजा अचानक खुलने अथवा वाहन के अनियंत्रित होने से बच्चा सड़क पर गिर पड़ा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने तत्काल घायल छात्र को उपचार के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में निजी स्कूलों की परिवहन व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कई निजी स्कूल वाहनों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े निर्धारित मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि कुछ वाहनों में दरवाजों के सुरक्षित लॉक सिस्टम, बच्चों की निगरानी के लिए अटेंडेंट तथा वाहन की फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर लापरवाही बरती जाती है। वहीं, अनफिट या क्षमता से अधिक बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इस घटना के बाद लोगों ने प्रशासन से स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, क्षमता और सुरक्षा मानकों की सघन जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही विजयराघवगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल में भी आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस द्वारा हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। वाहन चालक की भूमिका, वाहन की फिटनेस तथा स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी समेत विभिन्न पहलुओं पर पुलिस जानकारी और साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर यदि किसी की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हादसे ने छोड़ा बड़ा सवाल एक मासूम की जान जाने की इस घटना ने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी आखिर कितनी गंभीरता से की जा रही है। अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र के सभी स्कूल वाहनों की तत्काल जांच कराकर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।