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आकाश आनंद की फिर होगी BSP में वापसी? मायावती ने शक्तियां बहाल करने को लेकर रखी शर्त

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी अनुशासन और मिशन को सर्वोपरि रखते हुए एक्स पर एक बयान जारी किया है. उन्होंने व्यक्तिगत स्वार्थ के चलते पार्टी हितों को नुकसान पहुंचाने के आरोपी पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ पर निशाना साधा, जिसके कारण उनके दामाद आकाश आनंद को भी झटका लगा है और अब केवल ससुर के संन्यास लेने पर ही आकाश की पार्टी में सक्रिय भूमिका बहाल होना संभव बताया गया है।  अशोक सिद्धार्थ पर गंभीर आरोप मायावती ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी के मिशन से अधिक अपने निजी और पारिवारिक स्वार्थ को महत्व दिया है. पार्टी द्वारा कई बार मौके दिए जाने के बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं छोड़ी, जिसका खामियाजा उनके दामाद आकाश आनंद को भी भुगतना पड़ रहा है. पार्टी ने अपने आंतरिक अनुशासन और मूवमेंट के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा रुख अपनाया है।  आकाश आनंद की वापसी की शर्त पार्टी प्रमुख ने साफ कर दिया है कि यदि अशोक सिद्धार्थ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर राजनीति से पूरी तरह संन्यास का ऐलान कर देते हैं, तभी आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करने का रास्ता खुलेगा. इसके बाद ही बसपा नेतृत्व आकाश को उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकता है, क्योंकि पार्टी में इस बात को लेकर आम राय बनी हुई है।  बदलता राजनीतिक घटनाक्रम इससे पहले आकाश आनंद के सोशल मीडिया प्रोफाइल बायो में लगातार बदलाव देखने को मिले थे, जिसमें उन्होंने खुद को पहले कार्यकर्ता और बाद में समर्थक लिख लिया था. पार्टी पदाधिकारियों को भी आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ को सोशल मीडिया पर अनफॉलो करने के निर्देश दिए गए थे. दूसरी ओर, मायावती के छोटे भतीजे ईशान आनंद को सक्रिय राजनीति में आगे लाए जाने और मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाए जाने की चर्चाएं भी तेजी से चल रही हैं। 

रामलला के दरबार को रवाना हुई आस्था की रेल, बिलासपुर से 850 श्रद्धालु अयोध्या-काशी यात्रा पर निकले

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को निरंतर प्रभु राम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। इसी कड़ी में आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास से भरे माहौल में जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विशेष ट्रेन से रवाना हुए श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि प्रभु राम की जन्मभूमि अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी के आध्यात्मिक दर्शन का अविस्मरणीय अवसर है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अयोध्या में  रामलला के दर्शन के साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा। हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को किया गया रवाना बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी एवं जिला पंचायत सभापति मती भारती नीरज माली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, उनके परिजन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं में प्रभु राम के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु जय राम के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को लेकर भावुक नजर आए। परिजनों ने भी अपने प्रियजनों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देकर विदा किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा—धार्मिक यात्राएं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि  रामलला दर्शन योजना छत्तीसगढ़ वासियों को देश की  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है।  अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या और काशी केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थलों की यात्रा से श्रद्धालुओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बिलासपुर संभाग से यात्रा पर रवाना हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की। अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ के भी होंगे दर्शन  रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में  रामलला के भव्य मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यात्रा के दौरान वाराणसी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे। अयोध्या और काशी की यह संयुक्त धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। एक ओर अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहीं काशी विश्वनाथ धाम भगवान शिव की आराधना का विश्वविख्यात तीर्थ है। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण होगी। प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिकों को मिल चुका है दर्शन का लाभ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित  रामलला दर्शन योजना प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिक  रामलला के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिकों, विशेषकर उन लोगों को लाभ मिल रहा है, जिनके लिए अयोध्या और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा व्यक्तिगत स्तर पर कर पाना कठिन होता है। श्रद्धालुओं और परिजनों में दिखा उत्साह बिलासपुर से विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर स्टेशन पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उमंग दिखाई दी। लोगों ने कहा कि प्रभु राम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और जीवन का यादगार क्षण है। श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से उन्हें अयोध्या धाम जाने और प्रभु राम के दर्शन करने का अवसर मिला है। काशी विश्वनाथ के दर्शन भी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रहे हैं। प्रशासन, टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी ने संभाली व्यवस्थाएं यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा, यात्रा प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया गया। यह धार्मिक यात्रा छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने तथा उनकी आस्था को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है। आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम बिलासपुर संभाग से 850 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई यह विशेष ट्रेन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम की यात्रा है। अयोध्या में  रामलला के दर्शन और काशी में बाबा विश्वनाथ की आराधना का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का यह सिलसिला निरंतर जारी है। बिलासपुर से रवाना हुई विशेष ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई दे रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु राम के दर्शन की अभिलाषा हर श्रद्धालु के लिए कितनी भावपूर्ण और आत्मिक अनुभूति है।

कृषि को केवल जीविकोपार्जन का साधन न मानकर इसे किसानों के लिए लाभ का व्यवसाय बनाया जाए

भोपाल  बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर निवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कृषि विकास, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद कर कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है तथा किसानों को उन्नत तकनीक, बेहतर सुविधाएं और शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मौजूद किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ और सबकी समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे दुग्ध उत्पादन, अन्न उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी जिसमें भी उनकी रुचि है, एक नई शुरुआत के साथ आगे बढ़ें। हमारी सरकार फील्ड से लेकर फैक्ट्री तक हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसान इस बलराम कृषि महोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसान कल्याण वर्ष के माध्यम से पूरे वर्ष किसानों के हित में निरंतर कार्य किया जाए। किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग बढ़ाने से किसानों को उत्पादन एवं आय में वृद्धि का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने, उन्नत कृषि यंत्रों, नवीन तकनीकों और बेहतर कृषि उत्पादन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उन्नत बीजों के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम हो और उत्पादन में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परंपरागत कृषि पद्धतियों के साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भी बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के साथ कृषि क्षेत्र में आवश्यक अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं, महिलाओं, गरीबों और किसानों को आगे बढ़ाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि के साथ पशुपालन, पर्यटन और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। गौशाला एवं पशुपालन से संबंधित योजनाओं के माध्यम से भी ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेकर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तथा प्राकृतिक खेती, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के हित में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ एवं रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की अवधि 6-6 माह निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान जिस दिन ऋण लेगा, उस दिनांक से एक वर्ष की अवधि में ऋण चुका सकेगा। प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में अध्यक्ष अपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक  महेंद्र सिंह यादव, प्रदेश प्रभारी बलराम कृषि महोत्सव  कपिल दार्दे और विधायक निवाड़ी  अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि  राजेश पटेरिया, कलेक्टर मती जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ राय सिंह नरवरिया द्वारा अन्य अतिथियों की उपस्थिति में देवेन्द्रपुरा निवासी कृषक  उदयभान कुशवाहा को संरक्षित खेती, पठाराम के कृषक  सतीश बंशकार को औषधिय खेती, तरीचर कलां के कृषक  सुरेश कुमार साहू को निजी कस्टम हायरिंग केंद्र, मड़िया खास के  कुलदीप सिंह दांगी को ई कृषि यंत्र अनुदान, टीला के कृषक  अरविंद घोष को डेयरी प्लस, सुजानपुरा के कृषक  सुरेन्द्र कुमार यादव को गौ-मैत्री योजना, चचावली के कृषक  लालाराम सूत्रकार को प्राकृतिक खेती एवं थौना निवासी  कैलाश नारायण केवट को मत्स्य बीज उत्पादन के लिये सम्मानित किया गया। साथ ही शासकीय कन्या उ. मा. वि निवाड़ी की छात्रा कु. शिवानी कुशवाहा ने कक्षा 10वीं परीक्षा में प्रदेश की प्रवीण सूची में 9वां स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया एवं जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।  

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के मामले में बड़ी कार्रवाई

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी, परिवहन एवं अवैध रूप से हथियार रखने वालों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और मजबूत सूचना तंत्र के परिणामस्वरूप पिछले दो सप्ताह में छतरपुर, खरगोन, ग्वालियर, इंदौर एवं मुरैना पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों में कुल 48 अवैध फायर आर्म्स, जिंदा राउंड, खाली खोखा, हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरण एवं वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से अवैध हथियारों के स्रोत एवं इनके नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। खरगोन थाना बिस्टान पुलिस ने अवैध फायर आर्म्स के निर्माण एवं तस्करी से जुड़े फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर ग्राम सिगनूर में नहर के पास छिपाकर रखी 10 अवैध देशी पिस्टल, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 50 हजार रूपये है, तथा पिस्टल निर्माण में प्रयुक्त ग्राइंडर, सांड़सी, कानस, पेचकस एवं हथौड़ी आदि संसाधन जब्त किए गए है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व से 11 आर्म्स एक्ट के प्रकरण दर्ज पाए गए। इसके अतिरिक्त खरगोन पुलिस द्वारा अवैध फायर आर्म्स की तस्करी/परिवहन के विरुद्ध की गई एक अन्य कार्रवाई में 01 आरोपी को गिरफ्तार कर 10 अवैध पिस्टल एवं 01 मोटरसाइकिल जब्त की गई। दोनों कार्रवाइयों में खरगोन पुलिस ने कुल 20 अवैध पिस्टल जब्त की हैं। ग्वालियर अवैध हथियार रखने एवं सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले बदमाशों के विरुद्ध चलाए जा रहे “ऑपरेशन ईगल” के तहत ग्वालियर पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 15 आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया। कार्रवाई में 315 बोर के 14 देशी कट्टे, 15 जिंदा राउंड, 01 खाली खोखा तथा 32 बोर की 01 पिस्टल एवं 05 जिंदा राउंड बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान महाराजपुरा, मुरार, पनिहार, उटीला, डबरा देहात, पुरानी छावनी, गोला का मंदिर, झांसीरोड, सिरोल, हजीरा, बिजौली, कंपू एवं थाटीपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त थाना इंदरगंज, गोला का मंदिर, महाराजपुरा एवं डबरा सिटी पुलिस द्वारा अलग-अलग 04 कार्यवाहियों में अवैध हथियारों का प्रदर्शन एवं वारदात की फिराक में घूम रहे आरोपियों/विधि-विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लेकर कुल 04 अवैध देशी कट्टे/पिस्टल एवं जिंदा राउंड बरामद किए गए। छतरपुर थाना लवकुशनगर पुलिस ने ग्राम किशनपुरा में अवैध हथियार निर्माण की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण की दो फैक्ट्रियों का खुलासा किया। कार्रवाई में निर्माता एवं विक्रेता सहित 02 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों स्थानों से 315 बोर एवं 12 बोर के देशी कट्टे, अधबने हथियार, अधबने कट्टों के साँचे एवं नाल सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त बड़ी संख्या में उपकरण एवं संसाधन जब्त किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों का निर्माण कर बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक के विरुद्ध पूर्व में अवैध शराब से संबंधित 02 अपराध भी पंजीबद्ध होना पाया गया। इंदौर क्राइम ब्रांच इंदौर ने अवैध फायर आर्म्स की तस्करी एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 03 देशी पिस्टल, 01 देशी कट्टा, 04 जिंदा कारतूस तथा 01स्कूटी जब्त की गई। जब्त मशरुका की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाखरुपये है। प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों के विरुद्ध पूर्व से आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से अवैध हथियारों की आपूर्ति एवं नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मुरैना थाना पोरसा पुलिस ने फायरिंग के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर 04 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 315 बोर के 03 अवैध देशी कट्टेएवं मोटरसाइकिल, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख रूपये से अधिक है, जब्त की गई। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के निर्माण एवं तस्करी के स्रोतों तक पहुंचकर कार्रवाई करने के साथ ही हथियार रखने वाले बदमाशों की लगातार निगरानी एवं धरपकड़ की जा रही है। अवैध हथियारों के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

नशे के मुद्दे पर राहुल गांधी से भिड़े केजरीवाल, बोले- ‘लाशों पर राजनीति करना बंद करें’

चंडीगढ़. पंजाब में नशे के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। राहुल गांधी के आरोपों और इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट के बाद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर पंजाब में नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि पहली बार देश में कोई राज्य नशे के खिलाफ इस तरह अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या फैली और अब उनकी सरकार इसे खत्म करने का प्रयास कर रही है। केजरीवाल ने कहा-  पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये नशे को साफ़ करने की कोशिश कर रही है। मुझे बेहद दुख है कि आप जैसा नेता लाशों के ऊपर गंदी राजनीति कर रहा है। निर्णायक युद्ध लड़ रही सरकार – राहुल जी, पंजाब सरकार नशे के विरुध्द निर्णायक युद्ध लड़ रही है। पंजाब में नशा कौन लाया? आपकी कांग्रेस सरकार लायी। अकाली दल और बीजेपी की सरकार लायी। पहली बार पूरे देश में कोई राज्य नशे के ख़िलाफ़ इस तरह से युद्ध छेड़ रहा है। आज पंजाब सरकार काँग्रेस, अकाली दल और बीजेपी के फैलाये… – Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) गुलजार सिंह की मौत राजनीति न करें गुलजार सिंह की मौत को लेकर राहुल गांधी के आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बेहद दुख है कि राहुल गांधी जैसे नेता एक व्यक्ति की मौत पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने के लिए कल आपके विधायक भी जब उस गांव में गये तो गांव वालों ने उन्हें निकाल दिया। केजरीवाल ने अपने पेज पर एक वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने राहुल गांधी से निवेदन किया कि वे भी एक चक्कर इस गांव का लगाकर आएं। पंजाब सरकार के किसी मंत्री, किसी विधायक का इस व्यक्ति की मौत से कोई लेना देना नहीं और वे इस तरह की गंदी राजनीति मत कीजिए। गुलजार सिंह मौत पर सियासत तेज – इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में सरकारी नाकामी पर सवाल उठाने वालों को धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह ने वित्त मंत्री से नशे के कारोबार पर सवाल किया था, जिसके बाद उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और प्रताड़ित किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह ने जहर खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। अब केजरीवाल के जवाब के बाद इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति और गरमा गई है।

नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना’ की अवधारणा पर आगे बढ़ रहा यूपी, आंगनवाड़ी से रखी जा रही विकसित भारत की नींव: सीएम योगी

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में बच्चों के पोषाहार की सप्लाई तक में शराब माफिया का दखल था। तीन-तीन महीने तक आंगनवाड़ी केंद्रों पर राशन नहीं पहुंचता था और बच्चे अपना टाट लेकर केंद्रों पर आते थे। न शुद्ध पेयजल की व्यवस्था थी, न शौचालय और न गर्म भोजन की सुविधा। पूर्ववर्ती सरकारों में गलती कोई और करता था, लेकिन उसकी गाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मिलती थी। 2017 के बाद सरकार ने पोषाहार वितरण व्यवस्था में बदलाव कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की। आज आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों, किशोरियों तथा उनके परिवारों के पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल को समर्पित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह (9 सितंबर से 8 अक्टूबर, 2026) का वाराणसी में शुभारंभ किया। सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने नन्हें बच्चों को गोद में लेकर दुलारा और उनका अन्नप्राशन कराया। सीएम योगी ने इस मौके पर यूपी समेत देश विभिन्न राज्यों से आई आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से संवाद किया और आंगनवाड़ी केंद्रों पर आधारित लघु फिल्म भी देखी। नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना’ की अवधारणा पर आगे बढ़ रहा यूपी मुख्यमंत्री ने शासन की आदर्श व्यवस्था की शाश्वत अवधारणा को रामराज्य से जोड़ते हुए गोस्वामी तुलसीदास की पंक्तियों ‘नहिं दरिद्र कोउ दुखी न दीना। नहिं कोउ अबुध न लच्छन हीना॥’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसका आशय ऐसी व्यवस्था से है, जहां कोई गरीब, दुखी, दीन-हीन या कमजोर न हो और हर व्यक्ति स्वस्थ एवं समर्थ समाज के निर्माण में योगदान दे सके। इसी सोच के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार मातृ एवं शिशु पोषण, महिलाओं के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। कुशल युवा ही भारत को नेतृत्व देगा सीएम ने कहा कि सक्षम विद्यार्थी आगे चलकर कुशल युवा बनेगा और यही कुशल युवा आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला रखेगा। वही भारत को नेतृत्व देगा और विकसित भारत के संकल्पों को आगे बढ़ाएगा। इसलिए बच्चों के शुरुआती वर्षों में पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा पर निवेश देश के भविष्य में निवेश है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वर्ष 2001 से जिन योजनाओं और विजन को जमीन पर उतारा, वही मॉडल आज देश के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश भी इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का बदला स्वरूप सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति बेहद खराब थी। बड़ी संख्या में केंद्र जर्जर अवस्था में थे। बच्चों के लिए पेयजल, शौचालय और हॉट मील जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं। पोषाहार की आपूर्ति भी नियमित नहीं थी। सरकार बनने के बाद जब आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा की गई तो पोषाहार आपूर्ति व्यवस्था में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। उस समय पोषाहार की आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था में एक शराब माफिया से जुड़े व्यक्ति के शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। इसे देखते तत्काल इसकी गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए और आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव किया गया। पिछले साढ़े नौ वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को नया स्वरूप दिया गया। नए मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के अनुकूल आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। एक केंद्र के निर्माण एवं रिनोवेशन पर करीब 30 लाख रुपये तक खर्च किए जा रहे हैं। बाउंड्रीवॉल, बच्चों के लिए शौचालय, शुद्ध पेयजल, पोषण वाटिका और एलईडी स्क्रीन जैसी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘मेरी आंगनवाड़ी-मेरी जिम्मेदारी’ बने पोषण माह का आधार मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘मेरी आंगनवाड़ी, मेरी जिम्मेदारी’ रखी गई है। इसका उद्देश्य स्पष्ट है कि आंगनवाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है। प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, ग्राम पंचायत और गांव के नागरिकों को अपनी आंगनवाड़ी की जिम्मेदारी लेनी होगी। पोषण माह में पांच प्रमुख विषयों- आहार विविधता और पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं हॉट-कुक्ड मील, सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल शिक्षा यानी प्रारंभिक शिक्षा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर खास ध्यान देने की आवश्यकता है। बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए संतुलित एवं विविध आहार जरूरी है। भोजन में अत्यधिक नमक या मिठास से बचना चाहिए। केवल मूंग की दाल की खिचड़ी देने के बजाय उसमें गाजर व दूसरी सब्जियां शामिल करने से भोजन का स्वाद, रंग और पोषण तीनों बेहतर होते हैं। पोषण अभियान तभी सफल होगा, जब बच्चे खुशी से भोजन करें। 1.90 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों से 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक सेवाएं सीएम ने कहा कि प्रदेश में करीब 1.90 लाख आंगनवाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं और 897 बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हर माह करीब 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पोषण सेवाएं पहुंच रही हैं। करीब 35.46 लाख बच्चों को हॉट-कुक्ड मील उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि करीब 46 लाख बच्चों के वजन, स्टंटिंग और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।  टेक-होम राशन में तकनीक और पारदर्शिता मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार की नवीन पोषण गाइडलाइन के अनुरूप प्रदेश में रेसिपी आधारित अनुपूरक पोषाहार लागू किया गया है। टेक-होम राशन यानी टीएचआर व्यवस्था को तकनीक आधारित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। प्रदेश में 204 टीएचआर प्लांट स्थापित हो चुके हैं और इनके संचालन में महिला स्वयं सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस व्यवस्था से 20 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। टीएचआर के परिवहन से लेकर आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने की प्रक्रिया में जीपीएस ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पैकेट पर क्यूआर कोड लगाया गया है, जिससे उसकी डिजिटल ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित हो सके। पोषाहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारी भारत सरकार की महत्वपूर्ण संस्था को दी गई है। आंगनवाड़ी प्रारंभिक शिक्षा की पहली पाठशाला योगी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, सीखने की क्षमता और सर्वांगीण … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिले में अवैध शराब से हुई लोगों की मृत्यु पर व्यक्त किया शोक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब से लोगों की हुई मृत्यु के प्रकरण में कठोरतापूवर्क कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए। जिले में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब सामग्री को जब्त करने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज सागर के बुन्देलखंड मेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के साथ-साथ आस-पास और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा जहाँ कहीं भी शंका या संदिग्ध गतिविधि की गुंजाइश हो, वहाँ तत्परता से पड़ताल की जाए और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि किसी निर्दोष के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हो। अफवाह फैलाने वालों पर करे सख्त कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सोशल मीडिया या अन्य विभिन्न माध्यमों पर अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। समाज को साथ लेकर चलेगा नशा विरोधी अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में नशा विरोधी अभियान को गति देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही, नशा मुक्ति के क्षेत्र में कार्यरत स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को साथ लेकर जनजागरूकता और नशा मुक्ति के प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जाएं। प्रदेश में कठोर कानून का है प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार के रहते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के समय कठोर कानून बनाया गया कि इसमें धारा 49 और बाकी 304 जोड़ते हुए हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा देने का प्रावधान है। इस प्रकार की घटना में लिप्त है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह उस पर कठोर से कठोर कार्रवाई करें, जिनके अवैध अतिक्रमण हैं या अलग से किसी ने इस प्रकार से अपना साम्राज्य चलाया है, उस पर भी काम करें। नशा मुक्ति के लिए सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत हमने पूरे राज्य में निर्देश जारी किए हैं कि नशा मुक्ति अभियान चलाने के लिए धार्मिक संस्थाओं के साथ, सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ अलग-अलग स्तर पर शासन की ओर से भी नशा मुक्ति के अभियान चलाने की आवश्यकता है। हम सबको इससे निपटने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रतिबद्धता की जरूरत पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के वार्डों में जाकर जाना बंडा के प्रभावितों का हाल, परिजन को बंधाया ढांढस बंडा के अवैध शराब मामले के प्रभावितों को त्वरित राहत देने और उनका ढांढस बंधाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना और पीड़ित परिवारों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिजन से कहा कि सरकार हर स्थिति में आपके साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी। पीड़ितों के परिजनों से पूछा—"परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है।" निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बीएमसी के प्रभारी डीन, अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सकों से पीड़ितों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही आवश्यक दवाओं, टेस्ट और विशेषज्ञों की तैनाती 24 घंटे सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान दमोह सांसद  राहुल सिंह लोधी, रहली विधायक  गोपाल भार्गव, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह, सागर विधायक  शैलेन्द्र जैन, नरयावली विधायक  प्रदीप लारिया, बंडा विधायक  वीरेन्द्र सिंह लोधी, बीना विधायक मती निर्मला सप्रे, देवरी विधायक  ब्रज बिहारी पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरा सिंह राजपूत,  श्याम तिवारी, महापौर मती संगीता तिवारी, नगर निगम अध्यक्ष  वृन्दावन अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, डाक्टर्स, मौजूद थे।  

तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को खेल मंच, CG में 15 विधाओं में दिखाएंगे अपनी प्रतिभा

भिलाई. इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा की व्यस्त पढ़ाई के बीच अब सीएसवीटीयू से जुड़े विद्यार्थियों को मैदान पर अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मौका मिलने जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय की खेल समिति ने एकीकृत राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2026-27 की तैयारी शुरू कर दी है। तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने महाविद्यालयों से खिलाड़ियों की जानकारी मांगी है। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में कुल 15 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें कबड्डी, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, खो-खो, शतरंज, रस्साकशी, भारतोलन, गटका, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और कैरम शामिल हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय ने संबद्ध महाविद्यालयों को प्रस्तावित प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आवश्यक जानकारी निर्धारित प्रारूप में 10 सितंबर तक भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रतियोगिता की खास बात यह है कि खेलों को केवल पुरुष विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रखा गया है। महिला वर्ग को भी सभी निर्धारित खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया गया है। इससे तकनीकी संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं की खेल प्रतिभा को मंच मिलने की उम्मीद है। तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए यह प्रतियोगिता सिर्फ ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं होगी। अलग-अलग कॉलेजों से निकलने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के बाद आगे की प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो सकते हैं।

पंजाब में मुफ्त बिजली का बढ़ता बोझ, पावरकॉम को सरकार से ₹9,650 करोड़ लेने हैं; अब लेगा ₹10 हजार करोड़ का लोन

पटियाला  पंजाब में उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली की सुविधा जारी है लेकिन इसकी कीमत पावरकाम की आर्थिक सेहत पर भारी पड़ रही है। पंजाब सरकार से बिजली सब्सिडी के 7550 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जबकि विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के करीब 2100 करोड़ रुपये और बकाया हैं। यानी सरकार और उसके विभागों पर पावरकाम का कुल बकाया करीब 9650 करोड़ रुपये पहुंच गया है।  नकदी संकट के बीच पावरकाम को अपने जरूरी खर्च चलाने के लिए बाजार से कर्ज लेने की तैयारी करनी पड़ रही है। 7550 करोड़ रुपये की लंबित सब्सिडी में करीब 4000 करोड़ रुपये पिछले दो वित्तीय वर्षों का बकाया ब्याज समेत है।  इसके अलावा करीब 3550 करोड़ रुपये चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की सब्सिडी के हैं। सरकारी विभागों में जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग पर करीब 1000 करोड़, स्थानीय निकाय विभाग पर 850 करोड़, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग पर 380 करोड़ और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पर करीब 125 करोड़ रुपये के बिजली बिल लंबित हैं। आम उपभोक्ता का बिल बकाया होने पर पावरकाम कनेक्शन काट सकता है, लेकिन सरकारी विभागों और आवश्यक सेवाओं के कनेक्शनों पर ऐसी कार्रवाई व्यावहारिक रूप से आसान नहीं है। इसका सीधा असर निगम के कैश फ्लो पर पड़ रहा है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच पावरकाम को बाहर से बिजली और कोयला खरीदने, मरम्मत के लिए स्पेयर पार्ट्स व अन्य सामग्री जुटाने तथा वेतन समेत नियमित खर्चों का भुगतान करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। बिना सरकारी गारंटी 10 हजार करोड़ जुटाएगा पावरकाम आर्थिक दबाव के चलते पावरकाम अब बिना सरकारी गारंटी करीब 10 हजार करोड़ रुपये का बाजार ऋण लेने की तैयारी में है। इसके लिए गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) और बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई गई है। प्रक्रिया के लिए मर्चेंट बैंकरों से ऑनलाइन बोलियां भी आमंत्रित की गई हैं। पावरकाम पर पहले से करीब 18 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां हैं। ऐसे में नया कर्ज उसके ब्याज बोझ को और बढ़ाएगा। दरें घटाने से 7800 करोड़ के राजस्व घाटे का खतरा पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल के मुताबिक, हाल के एआरआर में खर्च का वास्तविक आकलन कम करके बिजली दरें घटाई गईं। उनका दावा है कि इससे पावरकाम पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ा है और चालू वित्तीय वर्ष में वास्तविक खर्च की जरूरतों के मुकाबले करीब 7800 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, बिजली दरों में कटौती के बाद सरकार का सालाना सब्सिडी बिल करीब 5300 करोड़ रुपये घटकर लगभग 15,200 करोड़ रुपये रह गया है, लेकिन मौजूदा सब्सिडी का भुगतान समय पर नहीं हो रहा। बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच 1584 मेगावाट उत्पादन ठप पंजाब में बिजली की रिकॉर्ड मांग के बीच मंगलवार को 1584 मेगावाट उत्पादन क्षमता ठप रही। राज्य में बिजली की मांग 16,505 मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि पावरकाम के अपने स्रोतों से महज 4605 मेगावाट बिजली उपलब्ध रही। सरकारी क्षेत्र के गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट का एक यूनिट मंगलवार को बंद हो गया।  रोपड़ और लहरा मुहब्बत थर्मल का एक-एक यूनिट पहले से बंद है। कोयले की कमी के कारण निजी क्षेत्र के तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल भी पूरी क्षमता से नहीं चल सके। दोनों से 894 मेगावाट कम उत्पादन हुआ। 3380 मेगावाट क्षमता वाले इन दोनों प्लांटों से कुल 2486 मेगावाट बिजली ही मिली।  तलवंडी साबो में करीब पांच और राजपुरा में छह दिन का कोयला ही बचा है। रणजीत सागर बांध और यूबीडीसी के चार यूनिट बंद रहने से भी 195 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा। मंगलवार की मांग पिछले साल के इसी दिन के मुकाबले 7344 मेगावाट अधिक रही। सुबह नौ बजे 16,505 मेगावाट की मांग के मुकाबले पावरकाम ने नार्दर्न ग्रिड से 11,171 मेगावाट बिजली ली, जबकि उसका शेड्यूल 11,150 मेगावाट का था।   

विदिशा में शुरू हुआ कैंसर डे-केयर सेंटर, अब इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत

विदिशा   देश में पिछले साल 2025 में कुल 12 लाख नए कैंसर रोगी पाए गए. अनुमान है कि साल 2030 तक देश में हर साल 20 लाख कैंसर रोगी मिलेंगे. देश में बढ़ते कैंसर के खतरे पर केंद्रीय परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ये बात कही. विदिशा मेडिकल कॉलेज में कैंसर डे-केयर सेंटर के शुभारंभ अवसर डॉ. जितेंद्र सिंह बोल रहे थे।  विदिशा में लगे कैंप से पता चला खतरा कितना बड़ा विदिशा स्थित अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में कैंसर रोगियों के सुलभ और आधुनिक इलाज के लिए कैंसर कीमोथेरेपी डे-केयर सेंटर का शुभारंभ हुआ. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया "मुझे पता चला है कि विदिशा में इसी साल जून में आयोजित कैंप में 3 हजार लोगों की जांच की गई. इसमें 600 लोगों में कैंसर कन्फर्म हुआ. इसके अलावा 250 लोग कैंसर के सस्पेक्ट मिले. ये आंकड़े बताते हैं कि कितना बड़ा खतरा हमारे सामने है. सरकार का प्रयास है कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत मेडिकल टेक्नोलॉजी का लाभ देश के अंतिम छोर पर बैठे हर नागरिक तक पहुंचे।  जीवनशैली में बदलाव लाने पर जोर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा "विदिशा जैसे क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के डे-केयर मॉडल की शुरुआत अत्यंत सराहनीय और क्रांतिकारी कदम है. कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों और उनके परिवारों को बड़े शहरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं. अब इस डे-केयर सेंटर के शुरू होने से दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा. देश में कैंसर के संदिग्ध मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इलाज के साथ लोगों को जीवनशैली में बदलाव करने और कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने की जरूरत है।  डे केयर सेंटर में बैठेंगे विशेषज्ञ डॉक्टर इस मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा "विदिशा में कैंसर डे-केयर सेंटर प्रारंभ होने से विदिशा, रायसेन, सीहोर और आसपास के ग्रामीण अंचलों के कैंसर पीड़ितों को कीमोथेरेपी और प्रारंभिक उपचार के लिए भोपाल, इंदौर, दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. डे-केयर मॉडल के तहत मरीज सुबह अस्पताल आकर विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में कीमोथेरेपी व दवाइयां प्राप्त कर सकेंगे. कैंसर की अगर समय पर पहचान हो जाए तो इसका इलाज संभव है।  विदिशा में बनेगा कैंसर अस्पताल : शिवराज शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की "आने वाले समय में यहां रेडियोथेरेपी सहित अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी. विदिशा में पूर्ण कैंसर अस्पताल स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा. टाटा मेमोरियल सेंटर (मुंबई) के मार्गदर्शन और एम्स भोपाल के तकनीकी समन्वय से ये सेंटर संचालित किया जाएगा. भविष्य के पूर्ण अस्पताल के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया भी जारी है।