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प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ, काशी-वडनगर के बीच हो रही यात्रा

वाराणसी  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत लिखी जाएगी तो उसमें यह भी लिखा जाएगा कि उन्होंने देश को नक्सलवाद से कैसे मुक्ति दिलाई, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 कैसे समाप्त किया, करोड़ों लोगों को गरीबी से कैसे बाहर निकाला, संसद में महिलाओं को बराबर की भागीदारी कैसे दिलाई और नौजवानों के सपनों को कैसे पंख दिए। एक महान नेता लोगों को स्वावलंबी बनाता है और प्रधानमंत्री मोदी ने यही किया है।   प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि काशी और वडनगर को जोड़ने वाली यात्रा प्रधानमंत्री की जन्मभूमि को कर्मभूमि से जोड़ने की यात्रा है। एक ओर काशी है, जहां से उनके सार्वजनिक जीवन को नई ऊर्जा मिली और दूसरी ओर वडनगर है, जहां उन्हें मां हीराबेन का आशीर्वाद और संस्कार मिले। उन्होंने इसे सेवा, संस्कार और साधना की संगम यात्रा बताया।   पहले सरकारों को कुर्सी बचाने की रहती थी चिंता राजनाथ सिंह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि 2014 से पहले भारत के हाथ से अवसर निकल जाते थे। पहले की सरकारें सोती रहती थीं या उन्हें अपनी कुर्सी बचाने की चिंता रहती थी। उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया की बड़ी चिप निर्माता कंपनी भारत में फैक्ट्री लगाना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उसे दो बार अनुमति नहीं दी और देश ने रोजगार का बड़ा अवसर खो दिया।   भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकंडक्टर को बढ़ावा देने की पहल की तो सवाल उठाए गए कि भारत में इसकी इंडस्ट्री कैसे लग सकती है। पीएम मोदी को अभी दशकों तक देश की सेवा करनी है। पहले 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और पिछले 12 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी योग्यता का निर्वाहन कर रहे हैं। 25 वर्षों तक उन्होंने अनवरत जन सेवा का काम किया है। पीएम ने भारत को ऐसे स्थिति में पहुंचाया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर आज भारत जो बोलता है उसे पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है कि भारत बोल क्या रहा है। पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भारत बोलता था उसे जितना गंभीरता से लिया जाना चाहिए था वो नहीं होता था। दो हजार साल पुराना काशी-वडनगर का रिश्ता रक्षा मंत्री ने कहा कि वडनगर और काशी का रिश्ता बहुत पुराना है। करीब दो हजार साल पहले बौद्ध भिक्षुओं ने सारनाथ से वडनगर की यात्रा की थी। उस समय उद्देश्य ज्ञान और अध्यात्म को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना था। आज उसी प्राचीन परंपरा को नए रूप में सेवा यात्रा के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री के द्वारा गुजरात में लिए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि क्रिकेट में टेस्ट मैच की गति से चलने वाले विकास कार्य को उन्होंने वन-डे मैच में बदलने का काम किया।   मोबाइल की टॉर्च जलवाकर पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि वह दुनिया के बड़े नेताओं से मिलते समय उन्हें भारत में बनी वस्तुएं उपहार में देते हैं। उन्होंने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से बना पिकॉक ब्रोच दिए जाने का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने उपस्थित लोगों से मोबाइल की टॉर्च जलवाकर प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दिलाई।   250 बाइक से वडनगर जाएंगे 500 यात्रीः पंकज चौधरी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि काशी से 250 बाइक पर सवार 500 यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जा रहे हैं। इसी तरह 250 बाइक पर 500 यात्री गुजरात की पवित्र नदियों का जल लेकर वडनगर से काशी आ रहे हैं। सात अक्तूबर को वडनगर में बाबा हाटकेश्वर को जल अर्पित किया जाएगा और काशी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर यात्रा पूर्ण होगी।   प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे पंकज चौधरी ने कहा कि हजारों किलोमीटर की यह यात्रा 10 राज्यों के 193 जिलों और 1,159 गांवों से होकर गुजरेगी। उत्तर प्रदेश के 50 जिले यात्रा के मार्ग में आएंगे। प्रतिदिन 60 से 80 स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। यात्रा के दौरान वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और प्लास्टिक मुक्त भारत का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रत्येक पड़ाव पर 15 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी, स्थानीय नेताओं से संवाद होगा और स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के निरोगी जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत का मान-सम्मान वैश्विक स्तर पर बढ़ा है। काशी के सांसद के रूप में वह काशी के कोने-कोने को विकसित कर रहे हैं।   नरेंद्र मोदी भारत के सम्मान और गौरव का नामः चिराग पासवान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पूर्व में भी सरकारें रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को देश और विदेश में नई पहचान दिलाने का काम किया है। पिछले 12 वर्षों में उन्होंने हर दिशा में अपनी सोच को स्थापित किया है और आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। नरेंद्र मोदी केवल देश के प्रधानमंत्री का नाम नहीं, भारत के सम्मान और गौरव का नाम है। यदि देश का प्रत्येक युवा उनके व्यक्तित्व का अंश भर भी अपने जीवन में उतार ले तो देश का भविष्य और बेहतर होगा।   काशी की धरती पर खड़ा होना गर्व का क्षणः चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि काशी की धरती पर खड़ा होना उनके लिए गर्व का क्षण है। काशी सबसे प्राचीन नगरी है और नई सोच देती है। वडनगर से काशी तक प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा की यात्रा दिखाई है। आज देश बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। अन्नदाता मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तकनीक की समझ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। यही नया और आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने वाराणसी में बड़ी संख्या में लोगों के आने का जिक्र करते हुए यहां बालाजी … Read more

असीम मंडल के सरेंडर से माओवादी संगठन को बड़ा झटका, झारखंड में कई इनामी नक्सली हो चुके हैं निष्क्रिय

रांची  झारखंड में माओवादी संगठन के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बीच अब एक और बड़े इनामी माओवादी ने आत्मसमर्पण कर दिया है। झारखंड का एक करोड़ रुपये का इनामी माओवादी सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर उर्फ मनोज उर्फ दीपक उर्फ राकेश ने गुरुवार को कोलकाता एसटीएफ के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसके विरुद्ध ओडिशा सरकार ने भी 1.20 करोड़ रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस तरह असीम मंडल पर कुल 2.20 करोड़ रुपये का इनाम था। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोना थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचुक का रहने वाला है। ऐसे में झारखंड में कई माओवादी है, जिनका क्लोज चैप्टर हो चुका है। आइए जानते हैं। झारखंड में सक्रिय रहे आठ माओवादी, जिनपर एक करोड़ या इससे ऊपर इनाम घोषित था मार्च 2018 : झारखंड के बूढ़ा पहाड़ पर सक्रिय रहे भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नक्सली कमांडर और सेंट्रल कमेटी के सदस्य देव कुमार सिंह उर्फ अरविंद की मौत हो गई थी। उसपर झारखंड सरकार ने एक करोड़ व बिहार सरकार ने 50 हजार का इनाम रखा था। 11 फरवरी 2019 : अरविंद की मौत के बाद सुधाकर ने बूढ़ा पहाड़ में माओवादियों की बागडोर संभाली। वह भी सेंट्रल कमेटी सदस्य था और उसपर भी राज्य सरकार ने एक करोड़ का इनाम रखा था। उसने तेलंगाना में अपनी पत्नी 25 लाख रुपये की इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य नीलिमा के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था। 14 नवंबर 2021 : झारखंड पुलिस ने सरायकेला-खरसांवा में एक करोड़ के इनामी माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ किसन व उसकी पत्नी 25 लाख की इनामी शीला मरांडी को गिरफ्तार किया था। 21 अप्रैल 2025 : बोकारो जिला में एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक मुठभेड़ में मारा गया था। 15 सितंबर 2025 : हजारीबाग जिले के गिरहोर थाना क्षेत्र स्थित पनतीतरी जंगल में सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य अनुज उर्फ सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश उर्फ अमलेश मारा गया था। 22 जनवरी 2026 : सारंडा में पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा थाना क्षेत्र में आपरेशन मेगाबुरु के दौरान माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य एक करोड़ का इनामी अनल उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश सहित 17 माओवादी मारे गए थे। 29 जुलाई 2026 : माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य 2.20 करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल के अलावा चार अन्य माओवादी धनबाद में गिरफ्तार। मिसिर बेसरा पर एक करोड़ रुपये का इनाम झारखंड सरकार ने तो एक करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम ओडिशा सरकार ने घोषित कर रखा था। 17 सितंबर 2026 :माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य 2.20 करोड़ के इनामी असीम मंडल ने कोलकाता एसटीएफ के सामने किया आत्मसमर्पण। उसपर झारखंड सरकार ने एक करोड़ व ओडिशा सरकार ने 1.20 करोड़ रुपये का इनाम रखा था।

कोयला चोरी रोकने की तैयारी तेज, आम्रपाली खदान में CISF की तैनाती से बढ़ेगी निगरानी

  चतरा चतरा स्थित नॉर्थ कर्णपुरा कोलफील्ड के आम्रपाली ओपेन कास्ट माइंस की सुरक्षा व्यवस्था 18 सितंबर से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले होगी. आम्रपाली प्रोजेक्ट राज्य की प्रमुख कोयला खदानों में शामिल है, जहां रोज करीब 70 हजार टन कोयले का उत्पादन होता है. खदान से बड़े पैमाने पर कोयले के कथित अवैध कारोबार की शिकायतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने यहां सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्णय लिया है. सीआईएसएफ के डीजी 17 सितंबर को झारखंड दौरे पर आ रहे हैं. वह 18 सितंबर को रांची पहुंचेंगे और यहीं से आम्रपाली प्रोजेक्ट की नई सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत करेंगे. फिलहाल आम्रपाली प्रोजेक्ट में सीआईएसएफ के 200 जवानों की तैनाती की गई है. आने वाले दिनों में जवानों की संख्या और बढ़ाई जाएगी. प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए डीआईजी स्तर के एक विशेष पद की भी व्यवस्था की गई है. कोयला चोरी रोकने के लिए केंद्र ने बढ़ाई निगरानी ज्ञात हो कि गृह मंत्री ने पिछले दिनों दिल्ली में झारखंड में कोयले की चोरी को लेकर चिंता जताई थी. इसे पूरी तरह रोकने के लिए जीरो कोल लीकेज अभियान चलाने की बात कही गई थी. इसके साथ ही कोयला चोरी के मामलों में कार्रवाई के लिए सीआईएसएफ को नए अधिकार भी दिए गए हैं. इसके बाद राज्य में कोयला खदानों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है. एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, चतरा और हजारीबाग जिले की दो खदानों मगध और आम्रपाली से हर साल दो हजार करोड़ रुपए से अधिक के कोयले की चोरी होती है. इसे पूरी तरह रोकने के लिए सीआईएसएफ, राज्य पुलिस और कोयला कंपनी मिलकर काम कर रहे हैं. आम्रपाली में सीआईएसएफ की तैनाती को इसी कवायद का अहम हिस्सा माना जा रहा है. जीरो कोल लीकेज प्लान के तहत उठाए जा रहे कदम अवैध खनन और कोयला चोरी पर रोक लगाने के लिए जीरो कोल लीकेज अभियान के तहत खदानों की निगरानी और परिवहन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ा जा रहा है. इसके तहत ड्रोन पेट्रोलिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और वेजब्रिज मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. हर ट्रक और डंपर की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है, जबकि वेजब्रिज के जरिए कोयले का सही वजन दर्ज किया जा रहा है. अवैध गतिविधि का पता चलते ही कार्रवाई के लिए अलर्ट सिस्टम तैयार किया गया है. अभियान से जुड़ी पूरी व्यवस्था को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ा गया है. पिछले दो माह में ही इस अभियान के तहत छह करोड़ रुपए से अधिक का अवैध कोयला जब्त किया गया है.

खराब पिच पर लेस्टरशायर को मिली सजा, 27 अंक कटे और ₹6.43 लाख का जुर्माना

नई दिल्ली इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट क्लब लेस्टरशायर को खराब पिच के कारण भारी नुकसान झेलना पड़ा है। क्लब पर 5,000 पाउंड (₹6.43 लाख) का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही 27 अंक भी काटे गए हैं। इस वजह से कल्ब डिवीजन वन से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है। इस क्लब के मैदान पर सौरव गांगुली की बायोपिक शूट हो रही है। क्लब ने खराब पिच के लिए फिल्म की शूटिंग को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, क्रिकेट डिसिप्लेन पैनल ने यह दलील स्वीकार नहीं की और कल्ब पर भारी जुर्माना लगा दिया। मैच रेफरी ने कहा था कि काउंटी चैम्पियनशिप मैच में लीसेस्टरशायर ने ग्लैमोरगन के खिलाप खराब पिच तैयार की। यह मैच 20 से 23 अगस्त तक के बीच हुआ था। क्रिकेट डिसिप्लेन पैनल ने भी क्लब को खराब पिच के लिए जिम्मेदार ठहराया और सजा सुनाई। नहीं मिले जीत के अंक लीसेस्टरशायर ने ग्लैमोरगन के खिलाफ मैच 42 रन से जीता, लेकिन पैनल ने जीत से मिले 19 पॉइंट काट लिए। इसके साथ ही 8 पॉइंट की पेनाल्टी लगाई। क्लब के पास अब फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 10 दिन हैं। अगर लीसेस्टरशायर अपील नहीं करता है या उसकी अगली अपील भी खारिज कर दी जाती है तो कल्ब पर डिवीजन वन से रेलीगेशन का खतरा बना रहेगा। गांगुली की फिल्म शूटिंग से जुड़ा मामला लीसेस्टरशायर के हेड ग्राउंड्समैन कैलम लेविन ने इस मामले को सौरव गांगुली की बायोपिक की शूटिंग से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, "इस बार यह एक इस्तेमाल की हुई पिच है। 10 हफ्ते पहले इस पर दो टी20 मैच हुए थे। गेम से पहले कई ऐसे हालात थे जो मेरे कंट्रोल से बाहर थे, जैसे मौसम 35 डिग्री था। चार दिन पहले एक अनशेड्यूल बॉलीवुड फिल्मिंग इवेंट भी था, और मुझे पिच पर काम करने की इजाजत नहीं थी। मुझे इसे कवर करने या कुछ भी करने की इजाजत नहीं थी।" आखिरी मैच में जीत जरूरी लीसेस्टरशायर के पास 12 मैचों में 89 पॉइंट्स हैं। काउंटी चैंपियनशिप के टॉप टियर में बने रहने के लिए उसे अपने डिवीजन वन मैच में हैम्पशायर को हराना होगा। क्लब की तरफ से कहा गया कि वह कानूनी तौर पर अपनी स्थिति का आंकलन कर रहे हैं। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा। कल्ब प्वाइंट्स की पेनाल्टी और भारी जुर्माने के खिलाफ अपील कर सकता है।

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्ध उपस्थिति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को किया सम्मानित रायपुर  मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा कार्यालयीन समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को अगस्त माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।               मुख्य सचिव ने कहा कि मंत्रालय में 10 बजे से पूर्व आने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मुख्य सचिव ने कहा कि अटेंडेंस एवं ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशंसा पत्र पाने में महिला अधिकारी अग्रणी है। मुख्य सचिव ने प्रशंसा पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्य सचिव ने बताया कि आगामी मूल्यांकन में 1 अप्रैल 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक की अवधि का संचयी (क्यूमुलेटिव) आकलन किया जाएगा। इसके लिए ई-ऑफिस एवं कार्यालयीन उपस्थिति के आधार पर मंत्रालय में स्कोरबोर्ड तैयार किया जाएगा। जिससे सभी अपने प्रदर्शन का आकलन कर बेहतर कार्य के लिए प्रेरित हो सकें। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने में ई-ऑफिस की महत्वपूर्ण भूमिका है।  विभागीय श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन             ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग प्रथम, आदिम जाति विकास विभाग द्वितीय तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग तृतीय स्थान पर रहा। मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, सहायक अनुभाग अधिकारी, वरिष्ठ सचिवालय सहायक, कनिष्ठ सचिवालय सहायक तथा अन्य कर्मचारियों को भी ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए। संयुक्त सचिव श्रेणी में आदिम जाति विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत प्रथम, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के अनुपम त्रिवेदी द्वितीय तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के गजपाल सिंह सिकरवार तृतीय स्थान पर रहे।            उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के दूरदेशी राम सोन्टापर प्रथम, सामान्य प्रशासन विभाग-1 के किशोर कुमार भूआर्य द्वितीय तथा वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन) विभाग के शिव कुमार सिंह तृतीय स्थान पर रहे।           अवर सचिव श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के कैलाश कुमार नेताम प्रथम, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अरूण कुमार मिश्रा द्वितीय पर तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के मगन लाल पवार तृतीय स्थान पर रहे।             अनुभाग अधिकारी श्रेणी में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मनीराम रात्रे प्रथम स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के वीरेन्द्र कुमार द्वितीय स्थान पर तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिलाम्बर ओहोदर तृतीय स्थान पर रहे।            सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मोहम्मद शाहिर अंसारी प्रथम स्थान पर, श्रम विभाग के गोपाल प्रसाद चंद्रा द्वितीय स्थान पर तथा सामान्य प्रशासन विभाग-4 के जलेश राम तृतीय स्थान पर रहे।             वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मुकेश राम प्रधान प्रथम स्थान पर, आदिम जाति विकास विभाग की सुअंजू दत्ता द्वितीय स्थान पर तथा आदिम जाति विकास विभाग की सुप्रमिला यादव तृतीय स्थान पर रहीं।              कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सामान्य प्रशासन विभाग-1 के रामकुमार सिंह प्रथम स्थान पर, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रभु सिंह राठिया द्वितीय स्थान पर तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संदीप कुमार तारम तृतीय स्थान पर रहे।             टेक्निकल सेक्शन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जगन्नाथ साहू प्रथम स्थान पर, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की श्रीमती माया देवांगन द्वितीय स्थान पर तथा आदिम जाति विकास विभाग के स्मीत कुमार गुप्ता तृतीय स्थान पर रहे।            समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए सहायक अनुभाग अधिकारी आलोक जोशी, सहायक अनुभाग अधिकारी अमृत टोप्पो, संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेद्वी, निज सचिव श्रीमती आराधना साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी बागेश कुमार धु्रव, सहायक ग्रेड-2 भूवनेश्वर साहू, उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, सहायक अनुभाग अधिकारी देवेन्द्र साहू, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, निज सहायक दुष्यंत कुमार साहू, उप सचिव श्रीमती हेमिन बाघे, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती कांती सूर्यवंशी, सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, सहायक अनुभाग अधिकारी सुमीरा, वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम धु्रव, कनिष्ठ सचिवालय सहायक मोहन लाल यादव, अवर सचिव ओम प्रकाश पात्रे, सहायक अनुभाग अधिकारी पवन कुमार साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी पीयूष वैरागड़े, कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रदीप राय, वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रीमती प्रमिला यादव, भृत्य राज कुमार सोरी, अवर सचिव राजीव कुमार झड़े, वरिष्ठ सचिवालय सहायक राजेश कुमार टोप्पो, स्टेनोटायपिस्ट सुराखी सिदार, अनुभाग अधिकारी संदीप कुमार शेंडेे, सहायक अनुभाग अधिकारी संतोष महिलांग, अनुभाग अधिकारी शिव कुमार गोड़, वरिष्ठ सचिवालय सहायक सोहन लाल साहू, सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे, अनुभाग अधिकारी सुनील मैत्री, अनुभाग अधिकारी सुसुनीता गौतम, भृत्य सुरेन्द्र कुमार साहू, कनिष्ठ सचिवालय सहायक विनित चंद्रवंशी, सहायक अनुभाग अधिकारी विनोद कुमार अथंकर को सम्मानित किया गया।             जून, जुलाई, अगस्त माह के ई-ऑफिस रैंकिंग में प्रथम स्थान पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, दूसरे स्थान पर आदिम जाति विकास विभाग तथा तीसरे स्थान पर गृह विभाग रहा। जून, जुलाई, अगस्त माह के ई-ऑफिस रैकिंग में प्रथम स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-1 के अवर सचिव कैलास कुमार नेताम, द्वितीय स्थान पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव दूरदेशी राम सोनटापर, तृतीय स्थान पर लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक प्रभु सिंह राठिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव पूरन लाल साहू चौथे स्थान पर तथा विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अरूण कुमार मिश्रा पांचवे स्थान पर रहें।             जून, जुलाई, अगस्त माह के अटेंडेंश रैंकिंग में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव, उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक मेलू राम धु्रव, सामान्य प्रशासन विभाग की स्टेनोटायपिस्ट सुराखी सिदार, विमानन विभाग की सहायक अनुभाग अधिकारी श्रीमती सुधा शेंडे प्रथम स्थान पर रहें।

बिहटा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में तेजी, निर्माण गतिविधियों और अतिक्रमण की होगी समीक्षा

पटना बिहटा एयरपोर्ट से विमान परिचालन को लेकर आ रहीं कठिनाइयों को जल्द दूर किया जाएगा। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बुधवार को इससे जुड़ा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। बैठक में बिहटा एयरफोर्स स्टेशन की ओर से ग्रुप कैप्टन अश्विनी कुमार ने विमानों के सुचारू परिचालन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं को प्रस्तुत किया। 100 मीटर में निर्माण गत‍िव‍िध‍ियों की होगी समीक्षा इनमें बिहटा हवाई अड्डा के रनवे के एप्रोच फनल में अनधिकृत निर्माणों की पहचान, एयरफोर्स स्टेशन की बाहरी दीवार के शिखर से 100 मीटर के दायरे में निर्माण गतिविधियों की समीक्षा, स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मानसूनी नालियों के अतिक्रमण एवं अवरोध का निराकरण आदि के मुद्दे शामिल रहे। इसके अलावा एयरफोर्स स्टेशन, बिहटा से सटी भूमि के आवंटन तथा रक्षा भूमि के म्यूटेशन में प्रशासनिक सहयोग और नवनिर्मित 33 केवी फीडर लाइन को एयरफोर्स स्टेशन के लिए समर्पित किए जाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। समन्‍वय स्‍थाप‍ित कर पूरा करें काम प्रधान सचिव पंकज कुमार ने बैठक में संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देने को कहा। बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था एवं कमजोर वर्ग प्रभाग) के. सुहिता अनुपम तथा विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि‍ करीब 1400 करोड़ से अधिक के इस प्रोजेक्‍ट का काम अप्रैल 2027 तक पूरा करना है। इसके तहत दो मंज‍िला टर्मिनल, 10 विमानों के लि‍ए हैंगर, एयरोब्रिज, आवासीय परिसर, प्रशासनिक भवन, कार पार्किंग व अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जानी है। परिसर में एप्रॉन का निर्माण कार्य जारी है।  

शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री

विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना-मुख्यमंत्री असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायतामुख्यमंत्री 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित 100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार श्रमिक बहनों के साथ मुख्यमंत्री ने किया दोपहर का भोजन, आत्मीय संवाद कर जाना परिवार का हाल-चाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रज्ज्वलित किया ‘आशीर्वाद का दीया’ रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें – इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है। श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है। 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘श्रमेव जयते’ के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे – सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में … Read more

भारत पर 100% टैरिफ का रास्ता साफ, अमेरिकी संसद ने रूस प्रतिबंध बिल को दी मंजूरी

वाशिंगटन  अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूसी अधिकारियों और आर्थिक क्षेत्रों को लक्षित करने वाले व्यापक प्रतिबंध पैकेज को 262 मतों से 159 से पारित कर दिया. अब इसे आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास साइन करने के लिए भेजा गया है।  साउथ कैरोलिना के स्वर्गीय सीनेटर लिंडसे ग्राहम के सम्मान में इस कानून का नाम रखा गया था. इसे एक साल से ज़्यादा समय तक बातचीत के बाद बनाया गया. ट्रंप का समर्थन हासिल करना तब बहुत जरूरी हो गया जब इस पैकेज में ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों को पांच साल के लिए बढ़ाने की राष्ट्रपति की मांग को शामिल किया गया।  यह कदम ट्रंप के व्हाइट हाउस में दोबारा आने के बाद यूक्रेन को सपोर्ट करने वाला सबसे बड़ा अमेरिकी कानूनी प्रयास है. यह कदम 2024 के इमरजेंसी सहायता पैकेज के बाद लगभग दो साल तक चली पार्लियामेंट्री रुकावट के बाद उठाया गया।  यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस कदम की जोरदार वकालत की, वोट से पहले सीधे सांसदों से अपील की और एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'युद्ध के दौरान, कभी-कभी कुछ न करने से बेहतर होता है कि कोई ऐसा फैसला लिया जाए जो उतना सही न हो।  यह कानून रूसी अधिकारियों, फाइनेंशियल संस्थानों और बैंकिंग अधिकारियों के खिलाफ सजा बढ़ाता है, साथ ही उन जहाजों को भी टारगेट करता है जिनका इस्तेमाल मौजूदा पश्चिमी सीमाओं को तोड़कर रूसी एनर्जी शिपमेंट के फ्लो को बनाए रखने के लिए एक शैडो फ्लीट में किया जाता है।  इसके अलावा यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप को रूसी पेट्रोलियम या नैचुरल गैस के पांच प्राइमरी इंपोर्टर्स पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगाने का निर्देश देता है. इसमें उन देशों को छूट शामिल है जो रूसी नैचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15 परसेंट से कम इंपोर्ट करते हैं और जिन्होंने उन खरीद को कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं।  भारत के लिए यह कानून एक नया कानूनी रास्ता बनाता है, जिससे वाशिंगटन नई दिल्ली के लगातार रूसी एनर्जी खरीदने के जवाब में भारतीय इंपोर्ट पर 100 परसेंट तक टैरिफ लगा सकेगा. क्योंकि भारत और चीन, रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से हैं, इसलिए सपोर्टर्स ने साफ तौर पर दोनों देशों को टैरिफ क्लॉज के मुख्य टारगेट के तौर पर पहचाना है. ये अमेरिकी मार्केट तक पहुंच का इस्तेमाल उन देशों के खिलाफ फायदे के तौर पर करते हैं जो रूसी एनर्जी रेवेन्यू बनाए रखते हैं और मॉस्को के मिलिट्री कैंपेन को फाइनेंस करते हैं. लेकिन यह बिल भारतीय सामान पर अलग से 100 परसेंट टैरिफ लागू नहीं करता है. इसके बजाय यह एग्जीक्यूटिव ब्रांच को तय कानूनी शर्तों के तहत ऐसे टैरिफ लगाने का अधिकार देता है, अगर यह कदम लागू होता है और बाद में ट्रंप इसे लागू कर सकते हैं।  सीनेट ने पहले 7 अगस्त को 86-11 के भारी बहुमत से इस कानून को मंजूरी दी थी, हालांकि इसके टैरिफ क्लॉज को लेकर हुए विवादों के कारण हाउस में बाद में इसकी रफ़्तार धीमी हो गई. हाउस से पास होने के बाद यह कानून अब ट्रंप के साइन के लिए उनके पास जाएगा, जिसके बाद प्रशासन के पास रूस और रूसी एनर्जी कॉमर्स में लगे देशों पर दबाव डालने के लिए सप्लीमेंट्री बैन और टैरिफ अथॉरिटी होगी। 

विश्वकर्मा जयंती पर कृष्णा गौर बोलीं- युवा पीढ़ी धर्म और गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ा रही

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के दिव्य शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। उनका अद्वितीय ज्ञान, कौशल और निर्माण क्षमता हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। भारतीय संस्कृति में भगवान विश्वकर्मा का विशेष महत्व है और उनकी जयंती हमें सृजन, परिश्रम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी धर्म, संस्कृति और हमारी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। राज्यमंत्री गौर विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गोविंदपुरा क्षेत्र के बागसेवनिया स्थित विश्वकर्मा मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में साकार हो रहा 'विकसित भारत' का संकल्प राज्यमंत्री गौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मोत्सव पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ है।प्रधानमंत्री मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश में निर्माण और विकास की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ रही है। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प के तहत प्रधानमंत्री मोदी समाज के सभी वर्गों के कल्याण और देश के सर्वांगीण विकास के लिए अहर्निश कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद प्रताप बारे, प्रदीप पाठक, रामबाबू पाटीदार, सुरेंद्र पंडित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय रहवासी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पर्स गिफ्ट करते समय न करें ये गलतियां, खाली वॉलेट देना माना जाता है अशुभ

किसी खास मौके पर अपनों को पर्स या वॉलेट गिफ्ट करना आम बात है. यह ऐसा तोहफा है जो खूबसूरत होने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी आता है. लेकिन वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में पर्स को केवल एक सामान नहीं माना जाता, क्योंकि इसका सीधा संबंध धन और आर्थिक स्थिति से जोड़ा जाता है. यही वजह है कि किसी को पर्स देते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि छोटी-सी गलती भी इस तोहफे के शुभ प्रभाव को कम कर सकती है. खाली पर्स देकर न करें शुरुआत अगर आप किसी को पर्स गिफ्ट कर रहे हैं तो उसे बिल्कुल खाली न देने की सलाह दी जाती है. मान्यता के अनुसार पर्स में एक सिक्का या नोट रखकर देना शुभ माना जाता है. ऐसा करने के पीछे यह विचार है कि नए पर्स के साथ धन और समृद्धि की शुरुआत हो. रंग चुनते समय रखें ध्यान पर्स खरीदते समय उसका रंग भी महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तु की मान्यताओं में लाल, हरा, भूरा और सुनहरा जैसे रंग शुभ माने जाते हैं. वहीं बहुत गहरे रंग के पर्स को गिफ्ट करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसलिए तोहफा खरीदते समय सिर्फ पसंद ही नहीं, रंग का भी ध्यान रखा जा सकता है. खराब या टूटा पर्स गिफ्ट न करें किसी को उपहार में देने वाला सामान साफ-सुथरा और अच्छी स्थिति में होना चाहिए. खासतौर पर पर्स के मामले में पुराने, फटे, कटे या खराब क्वालिटी वाले पर्स को गिफ्ट करने से बचना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं में खराब और अस्त-व्यस्त वस्तुओं को सकारात्मकता के लिए अच्छा नहीं माना जाता. उधार के पैसों से गिफ्ट करने से बचें वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि किसी को पर्स गिफ्ट करने के लिए उधार लेकर पैसा खर्च नहीं करना चाहिए. माना जाता है कि उपहार अपनी क्षमता के अनुसार देना बेहतर होता है. इसलिए अगर बजट कम है तो महंगा पर्स खरीदने के लिए कर्ज या उधार लेने के बजाय अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही तोहफा चुनें. पर्स गिफ्ट करते समय एक बात जरूर याद रखें पर्स को धन रखने की जगह माना जाता है, इसलिए इसे गिफ्ट करते समय साफ-सफाई, गुणवत्ता और उसके अंदर कुछ धन रखने जैसी बातों का ध्यान रखा जाता है. हालांकि ये बातें वास्तु और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इनका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.