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AI फेक वीडियो पर भड़के सलमान खान, बोले- ऐसे लोगों को जेल भेजना चाहिए

बॉलीवुड के दबंग हीरो सलमान खान अब हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हैं. चाहे पैपराजी कल्चर हो या सोशल मीडिया ट्रोलिंग. 'बिग बॉस' के मंच से एक बार फिर एक्टर ने ट्रोल्स और एआई (AI) का गलत इस्तेमाल करके फर्जी वीडियो बनाने वालों को आड़े हाथों लिया है और उन्हें सख्त चेतावनी दी है. सलमान का फूटा गुस्सा सलमान ने वीकेंड का वार एपिसोड में कहा कि आजकल कई लोग AI का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. लोगों की आवाज और चेहरों का इस्तेमाल करके फेक वीडियो बना रहे हैं. इसका मासूम लोगों पर बुरा असर पड़ रहा है. सलमान ने इस तरह के फेक कंटेंट पर अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने ऐसे वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की और कहा कि ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए. भाईजान बोले- किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर डब कर दी और किसी को गाली दे दी. आपको पता है ये लोग क्या कर रहे हैं? ये AI वीडियो बना रहे हैं. यहां तक कि इन फर्जी (AI) वीडियोज में मैं भी हूं. देखने में ये बिल्कुल रियल लगते हैं. सलमान ने दी चेतावनी सलमान आगे बोले- कुछ लोग जिन्हें नहीं पता कि यह AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) है, वो इसे यह सोचकर पोस्ट कर देंगे कि सलमान खान वहां मौजूद थे. लेकिन जिन लोगों को यह बात पता है, जिन्होंने यह वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं? अब ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे डाला जाना चाहिए. जब तक इनमें से एक-दो लोग अंदर (जेल) नहीं जाएंगे, तब तक यह सब रुकने वाला नहीं है. सलमान ने AI के गलत इस्तेमाल से निपटने के लिए सख्त कानूनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़े नियमों की मांग भी की. एक्टर ने कहा- सोशल मीडिया पर सेंसरशिप होनी ही चाहिए. मैं इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से उठाने जा रहा हूं. सलमान ने पिछले हफ्ते भी ट्रोल्स को चेतावनी दी थी. ट्रोलिंग कल्चर को खत्म करने की सलमान की इस पहल को लोग काफी सराह रहे हैं. वैसे इस बारे में आपका क्या कहना है?  

जबलपुर-गया पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन के 3 फेरे, 24 कोच के साथ चलेगी ट्रेन

 ग्वालियर  पितृपक्ष के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए बिहार के गया पहुंचते हैं। इस दौरान रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई देती है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने की व्यवस्था की है। उपलब्ध रेलवे शेड्यूल के अनुसार रेल प्रशासन ने जबलपुर–गया–जबलपुर के बीच पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। गाड़ी संख्या 01701/01702 के 3-3 ट्रिप चलाए जाएंगे। 24 कोच वाली होगी ट्रेन पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन में 24 कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु सफर कर सकेंगे। पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन में 4 सामान्य श्रेणी, 12 शयनयान श्रेणी, 4 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी और 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के कोच होंगे। इसके अलावा 2 एलएलआरडी कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन में कुल 24 कोच रहेंगे। ठहराव और विस्तृत समय-सारिणी की जानकारी के लिए भारतीय रेल की वेबसाइट या एनटीईएस ऐप का उपयोग किया जा सकता है। जबलपुर से गया जाने वाली ट्रेन का शेड्यूल गाड़ी संख्या 01701 जबलपुर–गया एक्सप्रेस स्पेशल 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर 2026 को जबलपुर स्टेशन से रात 9:25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन सिहोरा रोड (9:50/9:52), कटनी (12:10/12:15), मैहर (1:40/1:42), सतना (2:00/2:05), मानिकपुर (4:10/4:12), प्रयागराज छिवकी (6:00/6:05), मिर्जापुर (8:18/8:20), पंडित दीन दयाल उपाध्याय (10:10/10:20), भभुआ रोड (10:58/11:00), सासाराम (11:30/11:32), डेहरी-ऑन-सोन (11:50/11:52) और अनुग्रह नारायण रोड (12:10/12:12) होते हुए दोपहर 2:30 बजे गया पहुंचेगी। गया से जबलपुर जाने वाली ट्रेन का शेड्यूल गाड़ी संख्या 01702 गया–जबलपुर एक्सप्रेस स्पेशल 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर 2026 को गया स्टेशन से दोपहर 3:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अनुग्रह नारायण रोड (4:15/4:17), डेहरी-ऑन-सोन (4:32/4:34), सासाराम (4:50/4:52), भभुआ रोड (5:23/5:25), पंडित दीन दयाल उपाध्याय (6:55/7:05), मिर्जापुर (8:43/8:45), प्रयागराज छिवकी (10:15/10:20), मानिकपुर (1:30/1:32), सतना (3:25/3:30), मैहर (3:50/3:52), कटनी (5:25/5:30) और सिहोरा रोड (7:20/7:22) होते हुए सुबह 8:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी।

रोहित शर्मा बस की सीढ़ियों से गिरे, सपोर्ट स्टाफ ने तुरंत संभाला; चोट की पुष्टि नहीं

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद तिरुवनंतपुरम से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। 27 सितंबर 2026 की रात ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में मैच खत्म होने के बाद जब भारतीय टीम होटल लौट रही थी, तब पूर्व कप्तान रोहित शर्मा टीम बस की सीढ़ियों से उतरते वक्त संतुलन खो बैठे और जोर से नीचे गिर गए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रोहित का पैर सीढ़ी से फिसल गया, जिसके बाद वहां मौजूद सपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दौड़कर उन्हें उठाया और संभाला। राहत की बात यह है कि BCCI या रोहित शर्मा की ओर से किसी भी तरह की चोट की पुष्टि नहीं की गई है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विराट कोहली रोहित शर्मा को लेकर काफी चिंता में आ गए और बाकि अन्य खिलाड़ी जीत का जश्म मना रहे थे। दो महीने बाद वनडे फॉर्मेट में रोहित की हुई है वापसी 39 साल के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने दो महीने के लंबे ब्रेक के बाद वनडे प्रारूप में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने 19 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला था। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों की वनडे टीम में वापसी हुई है। भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा तिरुवनंतपुरम में खेले गए सीरीज के पहले वनडे में भारत ने वेस्टइंडीज पर 8 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जस्टिन ग्रीव्स के शतक, जॉन कैंपबेल और अमिर जांगू के अर्धशतकों की मदद से 50 ओवर में 295/7 का स्कोर बनाया। भारत के लिए कुलदीप यादव ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए। 296 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल (110) और विराट कोहली (139)* के शानदार शतकों की बदौलत बेहद आसानी से 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया। सीरीज का आगे का शेड्यूल शुभमन गिल की कप्तानी और केएल राहुल की उप-कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम अब सीरीज के अगले दो मुकाबलों के लिए तैयार है। 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में दूसरा मुकाबला और 3 अक्टूबर 2026 में न्यू चंडीगढ़ में तीसरा वनडे खेला जाएगा। 3 वनडे मैचों की सीरीज खत्म होने के बाद 17 अक्टूबर तक दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की T20I सीरीज भी खेली जाएगी।  

LPU में तनाव के बीच इंटरनेट सेवा बंद, चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात

जालंधर. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में यौन उत्पीड़न की अफवाह के बाद मचे बवाल ने पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। हालांकि अभी हालात काबू में बताए जा रहे हैं लेकिन फिर भी कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में एहतियात के तौर पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के आसपास इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। पुलिस प्रशासन के द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर सभी कदम उठाए जा रहे हैं। फिर से बड़ी गड़बड़ी की आशंका डीजीपी गौरव यादव के दौरे के बाद पुलिस ने परिसर के बाहर फिर से बड़ी संख्या में फोर्स तैनात कर दी है। पुलिस अब दोबारा से पहले जैसे हालात बनने नहीं देना चाहती। बताया जा रहा है कि पुलिस को आशंका है कि रविवार को जिन शरारती तत्वों ने छात्रों के बीच घुसकर गुंडागर्दी, तोड़फोड, आगजनी जैसी वारदात को अंजाम दिया था वह फिर से गड़बड़ी कर सकते हैं। इसलिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस प्रशासन ने हर सिचुएशन से निबटने के लिए कमर कस ली है। डीजीपी यादव ने दिलाया छात्रों की सुरक्षा का भरोसा सीएम भगवंत मान ने डीजीपी गौरव यादव को खुद मौके पर जा स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए हैं। ऐसे में डीजीपी गौरव ने खुद एलपीयू यूनिवर्सिटी का दौरा किया और वहां छात्रों से बात की।

पंजाब के 13 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जालंधर में झमाझम बारिश

 जालंधर  पंजाब के जालंधर में सोमवार को तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य के 13 जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। तापमान में 1.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग के मुताबिक आज पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, तरनतारन, रूपनगर, मोहाली, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और बरनाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार को भी कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, लेकिन वह रिकॉर्ड नहीं हो पाई। राज्य के सभी जिलों में तापमान गिरा है। सबसे कम तापमान रूपनगर में 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मानसून की विदाई का दौर जारी मौसम विभाग के अनुसार, इस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी आ रही है। इससे बादल बन रहे हैं और बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, ज्यादा बारिश होने के आसार नहीं हैं। पंजाब-चंडीगढ़ से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है। मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर और चंडीगढ़ से होकर गुजर रही है। वहीं, पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। आज से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी। पंजाब में बिजली की खपत कम हुई मौसम ठंडा होने से गर्मी कम हुई है। इससे बिजली की खपत भी कम हुई। पंजाब में बिजली की मांग 9,724 मेगावाट रही। ग्रिड से 4,618 मेगावाट बिजली ली गई, जबकि 4,867 मेगावाट बिजली लेने का शेड्यूल था। यानी तय शेड्यूल से 249 मेगावाट कम बिजली ली गई। पंजाब में बिजली का उत्पादन 5,101 मेगावाट रहा।  

एशियन गेम्स 2026: पिंकी बलहारा ने रचा इतिहास, कुराश में जीता ब्रॉन्ज मेडल

 नई दिल्ली एशियन गेम्स-2026 में भारत के लिए सोमवार को पिंकी बलहारा ने कुराश में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस मेडल के साथ ही पिंकी ने इतिहास रच दिया। पिंकी को महिलाओं की 78 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल मैच में साउथ कोरिया की सुमिन मो के हाथों 0-5 से हार झेलनी पड़ी और इस तरह उनके हिस्से ब्रॉन्ज मेडल आया। ये पिंकी का एशियन गेम्स में दूसरा मेडल है। इससे पहले उन्होंने जकार्ता में साल 2018 में हुए एशियन गेम्स में 52 किलोग्राम भारवर्ग में मेडल अपने नाम किया था। इस बार मेडल जीतते हुए पिंकी ने इतिहास रच दिया। वह कुराश में एशियन गेम्स में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। ऐसा रहा सफर प्री क्वार्टर फाइनल में पिंकी को बाय मिली थी और इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गारम लिन को 3-0 से मात देते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया था। सेमीफाइनल में अगर वह जीत जातीं तो गोल्ड की दावेदार होतीं। इस जीत के बाद पिंकी ने कहा कि वह घुटने के दर्द से परेशान थीं। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अपनी रिपोर्ट में पिंकी के हवाले से लिखा है, "क्वार्टर फाइनल मैच में मैं चोटिल हो गई थी। मुझे घुटने में चोट लगी थी। क्वार्टर फाइनल में भी मेरे सामने कोरियाई खिलाड़ी थी। इसलिए सेमीफाइनल में मेरी विरोधी जानती थी कि मुझे दाएं घुटने में चोट लगी है।" दिल्ली के नेब सराय की रहने वाली पिंकी ने कहा, "मैं अटैक कर रही थी, लेकिन वह मेरे घुटने पर बार-बार मार रही थीं। इसलिए मैं पेनल्टी पर हार गई। 78 किलोग्राम में मेरा दूसरा टूर्नामेंट है। इससे पहले मैं मई में उज्बेकिस्तान में हुई एशियन चैंपियनशिप में इस कैटेगरी में खेली थी।" नौ साल की उम्र में शुरू किया था सफर पिंकी मुनिरका में बाबा गंगा नाथ जूडो और कुराश अकादमी में ट्रेनिंग करती हैं जिसके उनके मामा और जाने-माने कोच समुंदर टोकस चलाते हैं। नौ साल की उम्र में पिंकी ने कुराश खेलना शुरू किया था। क्या है कुराश खेल? कुराश मार्शल आर्ट की एक पुरानी विधा है जो सेंट्रल एशिया खासकर उज्बेकिस्तान में होती है। इसे दो खिलाड़ी खेलते हैं जिनमें से एक हरी जैकेट पहनता है तो दूसरा नीली। इसमें टारगेट दूसरे खिलाड़ी को जमीन पर गिराना होता है। अगर पीठ के बल गिरा दिया जाता है तो गिराने वाले को जीत दे दी जाती है। अगर साइड से गिराया जाता है तो अंक मिलते हैं। अगर पेट के बल या साइड से गिराया जाता है तो कम अंक मिलते हैं। जिसके ज्यादा अंक होते हैं वही खिलाड़ी जीतता है।  

रायपुर में आज निकलेगा भव्य झांकी जुलूस, सुरक्षा में 2000 जवान, शराब दुकानें रहेंगी बंद

रायपुर. राजधानी रायपुर में गणेश विसर्जन झांकी आज रात 9 बजे से निकाली जाएगी. बड़ी संख्या में लोगों के मौजूदगी का अनुमान है. झांकी रूट के साथ शहर की अन्य सड़कों पर भी पुलिस पेट्रोलिंग पार्टियां तैनात रहेंगी. झांकी देखने आने वाले लोगों की पार्किंग से लेकर सुरक्षा तक चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट लागू होने के बाद यह पहली झांकी होने वाली है. सुबह से प्रशासन बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगने के लिए सड़क पर बैरिकेडिंग की तैयारी में जुटा हुआ है. शाम 6 बजे से पारंपरिक झांकी रूट पर खुलने वाली सड़कों को बैरिकेडिंग करके ट्रैफिक को दूसरे ओर डायवर्ट किया जाएगा. वहीं शहर में रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. झांकी के दौरान सुरक्षा के लिए तीन लेयर में सिक्योरिटी प्लान तैयार कर 2000 जवानों को तैनात किया जा रहा है. शाम 5 बजे से ट्रैफिक पुलिस की भी ड्यूटी शाम को पांच बजे से शुरू हो जाएगी. कई वॉच टॉवर बनाए गए हैं. झांकी रूट पर कई ड्रोन उड़ाए जाएंगे. इनसे वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए निगरानी भी रखी जाएगी. किसी भी आपराधिक गतिविधियों के दौरान धरपकड़ के लिए एसीसीयू क्राइम ब्रांच की 20 टीमें तैनात रहेंगी. शराब दुकानें बंद रहेंगी  रायपुर नगर निगम के अलावा बिरगांव, उरला, सिलतरा और डूंडा की देशी-विदेशी शराब दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं. आज शाम 4 बजे से सभी दुकानें को सील कर दिया जाएगा. रायपुर कमिश्नर के पत्र लिखने के बाद कलेक्टर ने यह निर्णय लिया है. आबकारी विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. झांकी के दौरान नशे में हुल्लड़ और असमाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य यह कदम उठाया गया है. हर जोन में एडिशनल डीसीपी रहेंगे मौजूद रायपुर के  शारदा चौक से रात 9 बजे झांकी प्रारंभ होगी. जयस्तंभचौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदरबाजार, कंकालीतालाब रोड से पुरानीबस्ती, लाखेनगर, सुंदरनगर होते ही रायपुरा महादेवघाट की ओर बढ़ेगी. झांकी रूट को 6 सुरक्षा जोन में बांटा गया है, जिसमें 30 सेक्टर बनाए गए हैं. हर जोन में डीसीपी के नेतृत्व में एडिशनल डीसीपी अधिकारी प्रभारी के रूप में ड्यूटी देंगे. हर सेक्टरों की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को सौंपी गई है. सदरबाजार में धीमी आवाज में बजेगा साउंड सिस्टम निगम ने निरीक्षण कर सदरबाजार के 10 जर्जर मकानों को नोटिस देकर सील कर दिया है. झांकी देखने कोई इन घरों की छत पर न चढ़े इसलिए पुलिस भी तैनात किए जाएंगे. सदरबाजार में साउंड सिस्टम धीमी आवाज में बजेगा. वहीं साउंड सिस्टम को शोर मापने के लिए मशीन भी लगाई जाएगी. 50 डेसिबल के अधिक साउंड पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.  इन जगहों पर वाहनों की पार्किंग झांकी देखने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था की गई है. तेलीबांधा, पंडरी और राजातालाब क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन शहीद स्मारक भवन के पास पार्क कर सकेंगे. वहीं कटोरा तालाब और टिकरापारा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गांधी मैदान के पास पार्किंग की व्यवस्था रहेगी. मठपारा और पुरानी बस्ती क्षेत्र के श्रद्धालु इंडोर स्टेडियम के पास वाहन पार्क कर सकेंगे. इसी तरह विवेकानंद आश्रम, लाखेनगर, समता कॉलोनी और चौबे कॉलोनी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु ईदगाह भाठा मैदान और नवीन मार्केट में वाहन पार्क कर सकेंगे. झांकी के दौरान इन रास्तों से जारी रहेगा आवागमन झांकी वाली रात ट्रैफिक डायवर्जन के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों से वाहनों का आवागमन जारी रहेगा. तेलीबांधा-शास्त्री चौक से जीई रोड होते हुए टाटीबंध की ओर जाने वाले वाहन शास्त्री चौक से कालीबाड़ी, पचपेढ़ी नाका और रिंग रोड-1 होकर जा सकेंगे. इसके अलावा वाहन चालक फाफाडीह चौक से स्टेशन रोड, चौबे कॉलोनी और समता कॉलोनी होते हुए भी आवागमन कर सकेंगे. खमतराई-फाफाडीह की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालक रिंग रोड-2 का उपयोग कर सकेंगे. वहीं धमतरी रोड और पचपेढ़ी नाका से रेलवे स्टेशन या मेकाहारा की ओर जाने वाले वाहन चालक कालीबाड़ी चौक, शास्त्री चौक और मरही माता चौक होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे.

MP सरकार पर बढ़ा कर्ज का बोझ, RBI से ₹1500 करोड़ और लेगी मोहन सरकार

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट के पहले एक बार फिर 1500 करोड़ का बजट लेने जा रही है. यह कर्ज सरकार विकास से जुड़े प्रोजेक्ट के लिए लिया जा रहा है. ओपन मार्केट से लिए जा रहा यह कर्ज राज्य सरकार दो हिस्सो में ले रही है, इसे आगामी 18 और 30 सालों में चुकाया जाएगा. इस कर्ज के साथ मध्य प्रदेश पर कर्ज को बोझ बढ़कर 5 लाख 42 हजार 614 करोड़ हो जाएगा. इसके पहले राज्य सरकार ने 16 सितंबर को भी 2500 करोड़ का कर्ज लिया था।  सरकार लगातार ले रही कर्ज वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार को लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है. राज्य सरकार सितंबर माह में तीसरी बार कर्ज ले रही है. यह कर्ज सरकार सड़क सहित दूसरे विकास के कामों के लिए ले रही है. 1 सितंबर 2026 को राज्य सरकार ने 3600 करोड़ का कर्ज लिया था. यह कर्ज सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक के मुंबई कार्यालय के जरिए दो अलग-अलग सरकारी सिक्योरिटी की नीलामी से लिया गया था. इसमें 1600 करोड़ का कर्ज 18 साल के लिए और 2000 करोड़ का कर्ज 30 साल के लिए लिया गया था।  16 सितंबर को 2500 करोड़ का कर्ज लिया है. तीन अलग-अलग किस्तों में लिया गया यह कर्ज 8, 12 और 22 सालों में चुकाया जाएगा. अब राज्य सरकार 1500 करोड़ का लोन लेने जा रही है. यह कर्ज सरकार दो किस्तों 800 करोड़ और 700 करोड़ के रूप में ले रही है. पहला कर्ज सरकार 18 सालों के लिए ले रही है, जबकि 700 करोड़ का लोन सरकार 30 साल के लिए ले रही है।  मध्यप्रदेश पर कर्ज पहुंच 5.42 लाख करोड़ लगातार लिए जा रहे कर्ज से मध्य प्रदेश पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता रहा है. वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश पर कर्ज 4 लाख 88 हजार 714 करोड़ करोड़ रुपए था. जबकि पिछले छह माह में राज्य सरकार 54 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज ले चुकी है. सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज को लेकर कांग्रेस ने वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है।  कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अविनीश बुंदेला ने आरोप लगाया है कि, ''सरकार के पास वित्तीय प्रबंधन नहीं है. सरकार लगातार कर्ज लेकर फिजूलखर्जी कर रही है. सुख सुविधाओं और सरकारी आयोजनों में कर्ज का पैसा उड़ाया जा रहा है. सरकार को जनता को बताना चाहिए कि पिछले सालों में लिया गया कर्ज कहां कहां खर्च किया गया है। 

नेपाल में कुदरत का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से 21 लोगों की मौत; 5 लापता

काठमांडू नेपाल में चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड के कारण कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई. जबकि पांच लोग लापता हैं और पांच अन्य घायल हो गए. भीषण बारिश, भयंकर तूफान, बाढ़, भूस्खलन और हिमस्खलन से देश के कुछ हिस्से बुरी तरह प्रभावित हुए ।  नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के एक ऑफिशियल अपडेट के मुताबिक लैंडस्लाइड की वजह से ज़्यादातर मौतें हुई. इस दौरान 14 लोगों की मौत हो गई और पांच लोग लापता हैं. बाढ़ की वजह से चार मौतें हुई, जबकि लगातार भारी बारिश की वजह से तीन मौतें हुई।  खराब मौसम ने देशभर में 247 परिवारों को सीधे तौर पर प्रभावित किया, जिससे कई घर पूरी तरह से तबाह हो गए और 80 अन्य को आंशिक नुकसान हुआ. एनडीआरआरएमए ने बताया कि यह बंगाल की खाड़ी से बने एक कम दबाव वाले सिस्टम के बाद हुआ है, जिससे 24-27 सितंबर तक कई इलाकों में बहुत ज़्यादा बारिश हुई।  3000 लोगों सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया एनडीआरआरएमए ने पुष्टि की कि बढ़ते जल स्तर और भूस्खलन के मद्देनजर इमरजेंसी टीमों ने लगभग 3,000 निवासियों को ज़्यादा जोखिम वाले इलाकों से सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया. सशस्त्र पुलिस बल इकाइयों और स्थानीय अधिकारियों के साथ बचाव कार्यों में विस्थापित परिवारों को खाना और जरूरी राहत दी गई. जाजरकोट, म्याग्दी और संखुवासभा के बुरी तरह प्रभावित पहाड़ी जिलों में फंसे हुए लोगों को इमरजेंसी हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल करके निकाला गया।  9000 विदेशी पर्यटकों और ट्रेकर्स आपदा प्राधिकरण ने बताया कि बारिश के दौरान नेपाल में लगभग 9,000 विदेशी पर्यटकों और ट्रेकर्स के सक्रिय होने का अनुमान है. नेपाल पर्यटन बोर्ड और स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसियों के साथ मिलकर एनडीआरआरएमए ने अंग्रेजी में सुरक्षा सलाह जारी की, जिसमें कमजोर इलाकों में पर्यटकों को आश्रय लेने और हालात सुधरने तक यात्रा रोकने की सलाह दी गई।  106 जगहों पर 100 एमएम से अधिक बारिश एनडीआरआरएमए के मॉनिटरिंग स्टेशनों ने चार दिनों में देश भर में 106 जगहों पर 100 एमएम से ज़्यादा बारिश रिकॉर्ड की. सबसे ज़्यादा बारिश दुमकुआली, नवलपरासी (बरदाघाट सुस्ता ईस्ट) में हुई, जहाँ 455.2 एमएम बारिश हुई. इसके बाद कास्की के पोखरा में 407.2 एमएम और तनहुन के अंबू खैरेनी में 373.2 एमएम बारिश हुई।  तूफान के पीक के दौरान सुरक्षा जोखिमों को मैनेज करने के लिए एनडीआरआरएमए के सेंट्रल मॉनसून रिस्पॉन्स कमांड सेंटर ने लोकल अधिकारियों को कमज़ोर सड़क हिस्सों पर गाड़ियों का ट्रैफ़िक रोकने का निर्देश दिया और प्रभावित जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी।  5000 से ज्यादा डायरेक्ट एसएमएस अलर्ट एजेंसी ने फील्ड रेस्पॉन्डर्स को 5,000 से ज़्यादा डायरेक्ट एसएमएस अलर्ट भी भेजे जबकि बाढ़ संबंधित विभाग ने बाढ़ वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को 814,000 से ज़्यादा अर्ली-वॉर्निंग टेक्स्ट मैसेज भेजे. एनडीआरआरएमए की प्रवक्ता शांति बसनेट ने कहा कि सभी 77 जिलों में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस और तीनों नेशनल सिक्योरिटी एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि डेटा कलेक्शन और रिकवरी की कोशिशें जारी हैं।  दिन में पहले शेयर किए गए एक अलग अपडेट में एनडीआरआरएमए ने लैंडस्लाइड से हुई रुकावटों के कारण बड़ी नदी बेसिन के किनारे रहने वाली आबादी के लिए हाई-अलर्ट एडवाइजरी जारी की. अथॉरिटी ने बताया कि मनांग के डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर चामे में लैंडस्लाइड से मार्सयांगडी नदी के पानी के बहाव में रुकावट आई।  इसी तरह मस्तंग में थासांग रूरल म्युनिसिपैलिटी के वार्ड 3 में स्थित निसी में एक और लैंडस्लाइड ने काली गंडकी नदी के बहाव को थोड़ा रोक दिया. एनडीआरआरएमए ने दोनों नदियों के निचले इलाकों में रहने वालों से बहुत ज़्यादा सावधान रहने को कहा है, क्योंकि अधिकारी संभावित फ्लैश फ्लड के खतरों पर नजर रख रहे हैं।  उफान पर नारायणी नदी अधिकारियों ने रविवार सुबह सेंट्रल नेपाल में नारायणी नदी के किनारे रहने वाले सभी लोगों के लिए चेतावनी जारी की, क्योंकि नदी 9 मीटर के चेतावनी लेवल को पार कर बस्तियों में घुस गई थी. चितवन जाने वाले हाईवे, जो पूरे देश में आने-जाने का रास्ता है, भी बंद हैं, और कई जगहों पर लैंडस्लाइड की खबर है।  अधिकारी के मुताबिक कई जगहों पर लैंडस्लाइड की वजह से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में रुकावट आई है, जबकि लगातार बारिश से हालत और खराब हो रहे हैं. विलेज काउंसिल के डिप्टी चेयरपर्सन प्रेम बहादुर घरती मगर ने एएनआई को फोन पर बताया, 'बागलुंग जिले के निशिखोला विलेज काउंसिल में लैंडस्लाइड में दबने से चार लोगों की मौत हो गई।  जिले से होकर बहने वाली कालीगंडकी नदी भी घरों और पुलों को बहा ले गई जिससे रोड कनेक्टिविटी कट गई है. बाढ़ और बाढ़ के खतरे के बाद कई जिलों में सिक्योरिटी फोर्स लोगों को निकाल रही हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जा रही है।  इसके अलावा नेपाल एक और मुसीबत से जूझ रहा है, क्योंकि नेपाल के ऊंचाई वाले मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप में हिमस्खलन के बाद दो लाशें बरामद हुई. एनडीआरआरएमए ने नेपाल पुलिस हेडक्वार्टर के जरिए एक्स पर एक पोस्ट में कन्फर्म किया कि मौके पर भेजे गए सर्च और रेस्क्यू कर्मचारियों ने ऊंचाई वाले कैंप में दो मरे हुए लोगों को बरामद किया।  हिमालयी देश में यह नई मुसीबत भोटेकोशी बाढ़ की त्रासदी के एक महीने बाद आई है, जिसमें अब तक 1400 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 6000 से ज़्यादा लोग लापता हैं. यह बाढ़ 26 अगस्त की सुबह रसुवा जिले में नदी किनारे की बस्तियों में आई, जिससे नुवाकोट और धाडिंग समेत आस-पास के इलाके तेज़ी से प्रभावित हुए।  इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान से इस घटना का असर साफ दिखता है. आठ चालू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (281 MW) और चार बन रहे (388 MW) डैमेज हो गए, जिससे 431.1 MW की जेनरेशन कैपेसिटी पर असर पड़ा. गलछी-बेत्रावती-रसुवागढ़ी रोड और पृथ्वी हाईवे के बड़े हिस्से या तो तबाह हो गए या बुरी तरह डैमेज हो गए। 

नागौर-जोधपुर फोरलेन डेढ़ साल से अटका, बीकानेर हिस्से का टेंडर अब जारी

नागौर  बीकानेर से जोधपुर के बीच एनएच-62 के फोरलेन में तब्दील होने पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहनों को दौड़ने वाली सड़क मिलने में अभी लम्बा इंतजार करना पड़ेगा। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने जोधपुर से नागौर के हिस्से के लिए डेढ़ साल पहले स्वीकृति जारी की, लेकिन वर्क ऑर्डर अभी तक नहीं हुआ है। वहीं तीन महीने पहले मंत्रालय ने नागौर से बीकानेर तक के हिस्से की भी वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी, लेकिन कुछ विशेष होता दिख नहीं रहा। जबकि अधिकारी इस मार्ग से अतिक्रमण हटाने सहित अन्य कार्य शुरू होने की बात कह रहे हैं। कुल 212 किलोमीटर फोरलेन पर 2752 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च होंगे। फोरलेन के इस हिस्से में 20 से अधिक ओवरब्रिज होने से इस पर आने वाले कस्बों और गांवों को पार करने की राह सुगम होगी और वाहन नागौर शहर में आने की बजाय बाईपास से ही निकल सकेंगे। पत्रिका ने उठाया मुद्दा नागौर-जोधपुर फोरलेन के साथ नागौर शहर के चारों तरफ रिंग रोड की जरूरत को लेकर पत्रिका ने लगातार मुद्दा उठाया। समाचारों के जरिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर दिलाया गया कि शहर से होकर गुजरने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर दिन-रात भारी वाहनों का दबाव रहता है। इसके चलते दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। इसके बाद मामला केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री तक पहुंचा और दोनों परियोजनाओं व नागौर में रिंग रोड को मंजूरी मिली। नागौर टू जोधपुर डेढ़ साल से काम अटका नागौर-जोधपुर रोड पर नेतड़ा तक 87 किमी और बीकानेर रोड से लाडनूं रोड को मिलाने वाले 16 किमी के बाईपास की स्वीकृति सड़क परिवहन मंत्रालय ने मार्च 2025 में जारी की। इस पर कुल 1393.34 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। डेढ़ साल से प्रोजेक्ट अटका है। बीकानेर टू नागौर टेंडर प्रक्रिया शुरू वर्तमान में दो लेन एनएच-62 का 109.24 किमी नागौर से बीकानेर तक फोरलेन बनेगा। केन्द्रीय मंत्रालय ने जून 2026 में 1359.31 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की। यहां प्रतिदिन 14 हजार पीसीयू (पैसेंजर कार यूनिट) वाहनों का आवागमन है। विभाग ने 24 सितंबर को 1100.69 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है। कार्य शीघ्र शुरू होगा नागौर-जोधपुर फोरलेन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और स्वीकृति पत्र (एलओए) की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि इस कार्य को यथाशीघ्र शुरू करवाया जाए। -अनिल धौलिया, एक्सईएन, एनएच, नागौर खंड