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अयोध्या में दीपोत्सव पर लग रहे 3D थीमेटिक एंट्री गेट और सेल्फी प्वाइंट

दीपोत्सव- 2026 विशेष रामायण थीम पर सज रही प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में दीपोत्सव पर लग रहे 3D थीमेटिक एंट्री गेट और सेल्फी प्वाइंट 13 थीमेटिक प्रवेश द्वार व 20 सेल्फी प्वाइंट बनेंगे श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण कहीं है प्रसंगों और कांड का चित्रण, तो कहीं लिखी हैं चौपाइयां योगी सरकार के नेतृत्व में दसवें भव्य दीपोत्सव की तैयारियां जोरों पर अयोध्या,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में दसवें दीपोत्सव को अद्वितीय बनाने के लिए रामनगरी को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से सजाया जा रहा है, जिसमें 3D थीमेटिक एंट्री गेट और सेल्फी प्वाइंट प्रमुख आकर्षण बनकर उभर रहे हैं। इन व्यवस्थाओं से न केवल श्रद्धालु रामायण के पावन प्रसंगों से जुड़ेंगे, बल्कि दीपोत्सव की यादों को सदा के लिए संजोकर भी रखेंगे। योगी सरकार के दूरदर्शी प्रयासों से अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मोक्ष एडवर्टाइजिंग एंड इवेंट्स मैनेजमेंट कंपनी के प्रतिनिधि के अनुसार, दीपोत्सव पर 13 थीमेटिक एंट्री गेट बनाए जा रहे हैं। इनमें तीन हाईवे से प्रवेश द्वारों पर तथा दस राम की पैड़ी पर स्थापित किए जा रहे हैं। इन गेटों पर रामायण की चौपाइयां अंकित की गई हैं, जो श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की लीलाओं का स्मरण कराएंगी। वहीं, 20 सेल्फी प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं। इनमें दस रामकथा मार्ग पर तथा शेष दस लता चौक से राम की पैड़ी तक लगाए जा रहे हैं। ये कलाकृतियां भक्ति और प्रेरणा का बनेंगी स्रोत इन सेल्फी प्वाइंटों की थीम रामायण के विशिष्ट प्रसंगों पर आधारित है। इनमें महर्षि वाल्मीकि आश्रम, श्रीराम द्वारा धनुष भंग, श्रीराम-सीता विवाह, शबरी की भक्ति और श्रीराम की कृपा, श्रीराम-भरत मिलाप, जटायु को प्रभु का अंतिम स्नेह तथा श्रीराम-निषादराज मिलन जैसे प्रसंग शामिल हैं। लता चौक से राम की पैड़ी तक के प्वाइंट रामायण के सातों कांड- बालकांड, सुंदरकांड, लंकाकांड आदि पर केंद्रित होंगे। विशेष रूप से इन संरचनाओं को धनुष के आकार में उकेरा जा रहा है, जो अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और प्रभु श्रीराम के प्रतीक को जीवंत करता है। सेल्फी प्वाइंटों पर सुमेरु पर्वत लेकर उड़ते हनुमान, वर्षा से श्रीराम की रक्षा करते केले के पत्ते के नीचे खड़े हनुमान, श्रीराम-लक्ष्मण को कंधे पर लेकर उड़ते हनुमान, जटायु से वार्तालाप, अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट, रावण वध, केवट मिलन, रावण पर बाण चलाते श्रीराम, लंका दहन और माता सीता की अग्नि परीक्षा जैसे भावपूर्ण दृश्य दर्शाए गए हैं। डिजिटल आकर्षण और पारंपरिक भक्ति का सुंदर संगम योगी सरकार के निरंतर प्रयासों से अयोध्या में आधारभूत संरचना के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हो रहा है। दीपोत्सव में ये थीमेटिक इंस्टॉलेशन डिजिटल आकर्षण और पारंपरिक भक्ति का सुंदर संगम प्रस्तुत करेंगे। श्रद्धालु इन प्वाइंटों पर तस्वीरें लेकर दीपोत्सव की स्मृतियों को सदा सहेज सकेंगे।

लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला का आयोजन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे शुभारंभ

सड़क-पुलों की गुणवत्ता से लेकर नई निर्माण तकनीकों तक इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला का आयोजन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव करेंगे शुभारंभ पुल एवं भवन निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया और सड़कों के रखरखाव से जुड़े तकनीकी विषयों पर होगा प्रशिक्षण मुख्य अभियंताओं से लेकर उप अभियंताओं तक की उपस्थिति अनिवार्य, एनआईटी के विशेषज्ञ और वरिष्ठ इंजीनियर देंगे प्रशिक्षण रायपुर  लोक निर्माण विभाग प्रदेशभर के इंजीनियरों को सड़क, पुल और भवन निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने निर्माण की विभिन्न तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण देगा। इसके लिए विभाग द्वारा 4 नवम्बर को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय गुणवत्ता नियंत्रण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव सुबह 10 बजे कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।  इस एक दिवसीय कार्यशाला में इंजीनियरों को पुलों की मजबूती और गुणवत्ता नियंत्रण, भवन निर्माण, सड़क निर्माण की आधुनिक तकनीकों, सर्वेक्षण, प्राक्कलन, निविदा प्रक्रिया और निर्माण कार्यों के रखरखाव से जुड़े तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ ही एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) रायपुर के विशेषज्ञ भी अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण देंगे। विभाग ने प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों और उप अभियंताओं को कार्यशाला में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग की इस कार्यशाला में निर्माण कार्यों की प्रारंभिक तैयारी से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण और रखरखाव तक के विभिन्न तकनीकी विषयों को शामिल किया गया है। इंजीनियरों को रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट और व्हाइट टॉप कंक्रीट जैसी सड़क निर्माण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही फ्लेक्सिबल पेवमेंट, पुल निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण, भवन निर्माण तथा भवनों के रखरखाव से संबंधित तकनीकी विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। सर्वेक्षण एवं प्राक्कलन, निविदा दस्तावेजों की प्रक्रिया तथा वर्क्स एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटिग्रेटेड सिस्टम (WAMIS), गवर्नमेंट ई-प्रीक्योरमेंट सिस्टम ऑफ नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (GePNIC) और पंजीयन संबंधी विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे। पुल निर्माण और सड़क की नई तकनीकों पर विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण कार्यशाला में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी गुणवत्ता एवं निर्माण प्रक्रिया पर प्रशिक्षण देंगे। मुख्य अभियंता एस.के. कोरी पुल निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण तथा कार्यपालन अभियंता पी.के. गुप्ता सर्वेक्षण एवं प्राक्कलन के संबंध में जानकारी देंगे। अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव निविदा दस्तावेजों से संबंधित विषय पर प्रशिक्षण देंगे। वरिष्ठ वैज्ञानिक बिनोद कुमार ऑनलाइन माध्यम से रोलर कॉम्पैक्टेड कंक्रीट और व्हाइट टॉप कंक्रीट तकनीक पर व्याख्यान देंगे। सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता डी.के. प्रधान भवन निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रशिक्षण देंगे। एनआईटी रायपुर के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सनी देओल फ्लेक्सिबल पेवमेंट तथा प्रोफेसर जी.डी. रामटेके भवनों के रखरखाव के तकनीकी पहलुओं से इंजीनियरों को अवगत कराएंगे। छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम (CGRIDCL) के अतिरिक्त प्रबंध संचालक शशांक पाण्डेय वर्क्स एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटिग्रेटेड सिस्टम (WAMIS), गवर्नमेंट ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम ऑफ नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (GePNIC) और पंजीयन प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण देंगे।

भोपाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा, कुछ स्कूलों में छुट्टी

भोपाल  भाजपा बुधवार को भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाल रही है। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्‌डा भी शामिल होंगे। टीटी नगर स्थित अटल पथ पर सभा के साथ पदयात्रा शुरू होगी, जो रोशनपुरा चौराहे तक जाएगी। भाजपा ने भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से करीब एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया है, जबकि यातायात पुलिस ने कार्यक्रम में 40 से 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया है। पदयात्रा के मद्देनजर ट्रैफिक डायवर्जन को देखते हुए राजधानी के कुछ स्कूलों ने बुधवार की छुट्‌टी घोषित कर दी है। जेपी नड्डा, CM डॉ.मोहन यादव करेंगे सभा को संबोधित पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल होंगे। इनके अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।गौरतलब है कि पहले इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के बाद उनकी जगह जेपी नड्डा भोपाल पहुंचेंगे।  अटल पथ से रोशनपुरा तक निकलेगी पदयात्रा भाजपा की पदयात्रा सुबह 10 बजे टीटी नगर के अटल पथ स्थित प्लेटिनम प्लाजा से शुरू होगी। यहां सभा के बाद यात्रा न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक पहुंचेगी।पदयात्रा के मार्ग पर अलग-अलग सामाजिक समूहों, व्यापारियों और अन्य संगठनों की ओर से स्वागत मंच बनाए जाने की तैयारी है। कार्यक्रम के चलते न्यू मार्केट और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। एक लाख लोगों के जुटने का दावा भाजपा ने भोपाल और नर्मदापुरम संभाग से करीब एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए दोनों संभागों की अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुबह 8 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन पदयात्रा और सभा को देखते हुए भोपाल यातायात पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की है। बुधवार सुबह 8 बजे से शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना है।इन इलाकों में विशेष रूप से यातायात प्रभावित हो सकता है भदभदा चौराहा भारत माता चौराहा जवाहर चौक माता मंदिर रोशनपुरा चौराहा लिंक रोड-1 पॉलिटेक्निक चौराहा पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे इन मार्गों पर जाने से पहले यातायात व्यवस्था का ध्यान रखें और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। सामाजिक समूहों की भागीदारी दिखाने की तैयारी पदयात्रा के रास्ते में डॉक्टर, वकील, इंजीनियर और विभिन्न जाति-वर्ग के लोग स्वागत मंच बनाएंगे। थर्ड जेंडर समुदाय के लोग भी अलग मंच से पदयात्रा का स्वागत करेंगे। भाजपा इस आयोजन के जरिए सामाजिक समूहों की भागीदारी दिखाने की तैयारी में है। अटल पथ से रोशनपुरा चौराहे तक जाएगी पदयात्रा सभा के बाद पदयात्रा अटल पथ से शुरू होकर न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा चौराहे तक जाएगी। रास्ते में अलग-अलग सामाजिक समूहों की ओर से स्वागत की तैयारी की गई है। पदयात्रा के दौरान न्यू मार्केट और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है। शहर के कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन लागू पदयात्रा और सभा में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण यातायात पुलिस ने शहर के कई प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन लागू किया है। पुलिस के मुताबिक, भदभदा चौराहा, भारत माता चौराहा, जवाहर चौक, माता मंदिर, रोशनपुरा, लिंक रोड-1 और पॉलिटेक्निक चौराहे के आसपास यातायात का दबाव बढ़ सकता है। 1200 बसें और 2 हजार चार पहिया वाहन पहुंचेंगे यातायात पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करीब 1200 बसों और 2 हजार चार पहिया वाहनों के भोपाल पहुंचने की संभावना है। इनके लिए अलग-अलग मार्ग, यात्री उतारने के स्थान और पार्किंग तय की गई है।

भारत से तनाव पाकिस्तान पर पड़ा भारी, शहबाज सरकार को 40 अरब डॉलर की चपत

लाहौर  आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान (Pakistan Crisis) को भारत से पंगा लेना हमेशा ही भारी पड़ता है, फिर बात चाहे जंग के मैदान की हो या फिर बिजनेस की. इसका ताजा उदाहरण ये है कि भारत के साथ ट्रेड रुकने से पाकिस्तान को भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है, जो 40 अरब डॉलर (11 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये) का है. अब पाकिस्तानी इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने भारत के साथ व्यापार फिर से शुरू करने की गुहार लगाई है।    PAK का अब आई भारत की याद रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की बिजनेस कम्युनिटी ने देश में बढ़ते आर्थिक नुकसान, ज्यादा इम्पोर्ट कॉस्ट और घरेलू इंडस्ट्रीज पर दबाव का हवाला देते हुए भारत के साथ ट्रेड रिलेशन फिर से शुरू करने की डिमांड शहबाज शरीफ सरकार से की है।  PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, काउंसिल के चेयरमैन नूर मुहम्मद कसूरी ने कहा है कि लंबे समय से चल रही व्यापार रुकावट की वजह से पाकिस्तानी बिजनेस को जरूरी कच्चा माल और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट दूर के देशों से खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे माल ढुलाई का खर्च और डिलीवरी का समय काफी बढ़ गया है और लगातार घाटा हो रहा।  पुलवामा अटैक के बाद से इतना नुकसान  पाक-इंडिया बिजनेस काउंसिल के मुताबिक, साल 2019 में बाइलेटरल ट्रेड रुकने के बाद से ही पाकिस्तान को लगातार नुकसान हो रहा है. एक बिजनेस एडवोकेसी ग्रुप के मुताबिक, 2019 में भारत के साथ ट्रेड रुकने के बाद से पाकिस्तान को लगभग अब तक 40 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है।   यह सस्पेंशन  पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terror Attack) और उसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद किया गया था. पाक इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि कमर्शियल रिश्ते फिर से शुरू करने से फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, खेती और पेट्रोलियम में इंपोर्ट कॉस्ट कम हो सकती है।  भारत के साथ व्यापार से सिर्फ फार्मा इंडस्ट्री हर साल $3 अरब बचा सकती है. कसूरी के मुताबिक, अगर भारत से जरूरी कच्चे माल का आयात फिर से शुरू होता है, तो फिर बड़ा फायदा हो सकता है. उन्होंने कहा कि भारतीय कच्चे माल तक पहुंच बहाल करने से पाकिस्तानी दवा कंपनियों को प्रोडक्शन खर्च कम करने और सप्लाई-चेन की क्षमता में सुधार करने में मदद मिल सकती है।  कपड़ा मिलों पर $5 अरब का एक्स्ट्रा बोझ पाकिस्तान की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को भी भारत से पंगा लेने का खामियाजा उठाना पड़ा है. इस ट्रेड रुकावट का नुकसान खासकर घरेलू कॉटन प्रोडक्शन में गिरावट से आयात पर डिपेंडेंसी बढ़ गई है. कसूरी ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि ब्राजील, मिस्र, चीन और अमेरिका जैसे देशों से कपास मंगाने के बाद टेक्सटाइल बनाने वालों को लगभग 5 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा है।  खाद, स्टील और पेट्रोल-डीजल आयात पर असर  फार्मास्यूटिकल्स और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के अलावा, भारत की अच्छी-खासी प्रोडक्शन कैपेसिटी के बावजूद पाकिस्तान कई जरूरी चीजें दूर के बाजारों से इंपोर्ट कर रहा है. इनमें चीनी, फर्टिलाइजर, सीमेंट, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, लोहा और स्टील, सब्जियां और भारी मशीनरी शामिल हैं।  नूर मुहम्मद कसूरी ने कहा कि जियोग्राफिकल नजदीकी भारत को ज्यादा सस्ता सप्लायर बनाती है, खासकर उन प्रोडक्ट्स के लिए जिनमें ट्रांसपोर्टेशन का खर्च ज्यादा होता है. उदाहरण के लिए, भारतीय तेल रिफाइनरियां कई मौजूदा इंटरनेशनल सप्लायर्स की तुलना में पाकिस्तान के ज्यादा पास हैं, जिससे पेट्रोलियम की डिलीवरी तेज और सस्ती हो सकती है।  उन्होंने कहा है कि भारतीय खेती और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स तक पहुंच से पाकिस्तानी मैन्युफैक्चरर्स के लिए इनपुट कॉस्ट कम हो सकती है. इन सब चिंताओं का हवाला देते हुए पाकिस्तान बिजनेस काउंसिल ने भारत के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग की मांग की है। 

दिवाली पर भक्तों को राहत, काशी विश्वनाथ धाम में जारी रहेगी ऑनलाइन टिकट बुकिंग

 वाराणसी वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दरवाजे दिवाली और धनतेरस के पावन अवसर पर भक्तों के लिए लगातार खुले रहेंगे. मंदिर के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी है कि इन बड़े पर्वों पर दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी पूरी तरह जारी रहेगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।  हालांकि, मंदिर प्रशासन ने एक विशेष समय के लिए बुकिंग बंद रखने का फैसला लिया है. काशी विश्वनाथ मंदिर के एसडीएम शंभू शरण के अनुसार, आगामी 9 नवंबर को दोपहर के वक्त होने वाली 'श्रृंगार भोग आरती' के तुरंत बाद से लेकर 10 नवंबर की शाम को होने वाली 'सप्तऋषि आरती' तक सभी प्रकार की टिकट बुकिंग अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी।  न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह निर्णय 'अन्नकूट' उत्सव से जुड़ी जरूरी तैयारियों को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए लिया गया है. इस निश्चित समयावधि को छोड़कर बाकी सभी दिनों में मंदिर की आम दर्शन व्यवस्था, ऑनलाइन सेवाएं और अन्य सभी प्रबंध हमेशा की तरह सुचारू रूप से चलते रहेंगे. श्रद्धालु बिना किसी बाधा के बाबा विश्वनाथ के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे।   कपाट खुलना: धनतेरस और दिवाली के दौरान मंदिर खुला रहता है और भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकते हैं. • ऑनलाइन टिकट बुकिंग: दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहती है.  • विशेष सजावट: श्री काशी विश्वनाथ धाम में दिवाली और धनतेरस पर विशेष फूल-मालाओं और रोशनी की भव्य सजावट की जाती है. • अन्नपूर्णा मंदिर: पास स्थित माता अन्नपूर्णा मंदिर में भी दीवाली उत्सव और विशेष फूलों का श्रृंगार व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. • देव दीपावली (24 नवंबर 2026): दिवाली के कुछ दिनों बाद आने वाली देव दीपावली के अवसर पर काशी के गंगा घाटों और काशी विश्वनाथ मंदिर में लाखों दीपों का भव्य दीपोत्सव होता है.

WhatsApp पर वायरल हुआ फर्जी दिवाली बोनस मैसेज, PIB ने किया अलर्ट

नई दिल्ली दिवाली का त्योहार आने वाला है और ऐसे में लोग जमकर शॉपिंग कर रहे हैं. इसी बीच WhatsApp पर एक ऐसा मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों को ₹8,000 दिवाली बोनस देने का दावा किया जा रहा है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है, तो सावधान हो जाइए. क्योंकि इस बोनस के नाम पर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो सकती है।  वॉट्सऐप पर भेजे जा रहे इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की तरफ से दिवाली पर लोगों को ₹8,000 दिए जा रहे हैं. इसके लिए लोगों को एक लिंक भेजा जा रहा है. मैसेज में कहा जा रहा है कि लिंक पर क्लिक करके अपनी जानकारी भरें और ₹8,000 का बोनस पाएं।  लेकिन सच कुछ और ही है. PIB यानी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने इस मैसेज को फर्जी बताया है. सरकार की तरफ से ऐसे किसी दिवाली बोनस का ऐलान नहीं किया गया है. यानी अगर आपको भी यह मैसेज मिलता है, तो इसे सच समझने की गलती न करें।  कैसे होती है इस स्कैम में ठगी? इस तरह के स्कैम में ठग लोगों को पैसे मिलने का लालच देते हैं. इसके बाद वॉट्सऐप पर एक लिंक भेजते हैं. जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके सामने एक वेबसाइट खुल सकती है. यहां आपसे नाम, मोबाइल नंबर और बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है।  कई बार ठग OTP और UPI PIN भी मांगते हैं. अगर आपने ये जानकारी दे दी, तो आपके बैंक अकाउंट से पैसे निकल सकते हैं. इसलिए ₹8,000 पाने के चक्कर में अपनी मेहनत की कमाई खतरे में न डालें।  इस स्कैम से कैसे बचें? अगर आपके WhatsApp पर भी ₹8,000 बोनस वाला मैसेज आता है, तो उस पर दिए गए लिंक पर क्लिक न करें. किसी को भी अपना OTP, UPI PIN या बैंक की जानकारी न दें. सरकारी योजनाओं की जानकारी हमेशा सरकारी वेबसाइट पर ही चेक करें।  अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करके शिकायत करें. इसके अलावा cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसलिए दिवाली पर मिलने वाले ₹8,000 के बोनस के लालच में न आएं. थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। 

हवाई टिकटों पर एयरलाइंस कितना बढ़ा सकती हैं किराया? जानें क्या हैं नियम

 नई दिल्ली दिवाली और छठ को लेकर हवाई जहाज का किराया इन दिनों काफी ज्यादा हो गया है. पैसेंजर सोशल मीडिया पर इसकी शिकायत भी कर रहे हैं. साथ ही यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या फ्लाइट की टिकटों की किराया कितना ज्यादा हो इसकी कोई लिमिट भी है या नहीं?  चलिए जानते हैं इसका क्या जवाब हो सकता है. क्या हवाई जहाज का भी मैक्सिमम किराया तय किया जा सकता है? भारत में एयरलाइन कंपनियों के पास नॉर्मल ऑपरेशन के लिए कोई परमानेंट, फिक्स्ड मैक्सिमम किराए की लिमिट नहीं है. इसके बजाय, कैरियर ऑपरेटिंग कॉस्ट, डिमांड, सीट की उपलब्धता और मार्केट की स्थितियों के आधार पर अपने टिकट के दाम डायनैमिकली तय होती है।   एयरलाइंस आमतौर पर डिमांड, सीटों की उपलब्धता, बुकिंग के समय और किराये की अलग-अलग क्लास के आधार पर कीमत तय करती हैं. ऐसा कोई नियम नहीं है जिसके तहत हवाई जहाज का अधिकतम किराया फिक्स किया जाए. हां, कुछ विशेष परिस्थितियों और आपात स्थिति में सरकार एयरलाइंस के किराये में हस्तक्षेप कर सकती है।  संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में इस साल फरवरी में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के राज्य मंत्री ने इस मुद्दे पर डिटेल में बताया था. उनके जवाब के मुताबिक, हवाई किराए सरकार के रेगुलेशन के दायरे में नहीं आते हैं. एयरलाइंस को 'एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937' के नियम 135 का पालन करते हुए, अपनी ऑपरेशन जरूरतों के आधार पर हवाई किराए तय करने की छूट है।  हवाई किराए सप्लाई और डिमांड जैसे आर्थिक फैक्टर के आधार पर बदलते रहते हैं. सीटों की मौजूदा उपलब्धता, ईंधन की लागत, विमान की क्षमता, मौसमी बदलाव और अन्य संबंधित कारक टिकट की कीमतों पर काफी असर डालते हैं. साथ ही बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए सरकार आमतौर पर हवाई किराए को कंट्रोल नहीं करती है।    कब सरकार किराये में हस्तक्षेप कर सकती है हालांकि, सरकार स्थिति पर नजर रखती है और महामारी, महाकुंभ या पहलगाम हमले जैसी असाधारण परिस्थितियों में हस्तक्षेप करती है, ताकि यात्रियों के लिए हवाई यात्रा किफायती बनी रहे. जैसे दिसंबर 2025 की शुरुआत में एक घरेलू एयरलाइन की उड़ानों में भारी व्यवधान और हवाई किराए में अत्यधिक वृद्धि को देखते हुए, सरकार ने 6 दिसंबर 2025 के एक आदेश के जरिए, घरेलू एयरलाइंस द्वारा वसूले जाने वाले अधिकतम किराए को दूरी के आधार पर अस्थायी रूप से सीमित कर दिया था।  इसके अलावा, हवाई किराए में पारदर्शिता लाने के लिए, DGCA ने 'टैरिफ मॉनिटरिंग यूनिट' (TMU) भी बनाई है. यह यूनिट हर महीने एयरलाइंस की वेबसाइटों के जरिए 78 चुनिंदा रूटों पर हवाई किराए की रैंडम जांच करती है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि एयरलाइंस अपने द्वारा घोषित किराए की सीमा से बाहर जाकर पैसे न वसूलें।  जैसा कि 'एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937' के नियम 135 के उप-नियम (2) में प्रावधान है।  जब दिसंबर 2025 में सरकार ने घरेलू हवाई किराए पर इमरजेंसी कैप लगाया था. तब 500 km तक के रूट पर एक तरफ का किराया 7500 रुपये से ज्यादा नहीं लेने की बात कही गई थी. वहीं 1000 से 1500 km के बीच के रूट जैसे दिल्ली-मुंबई के लिए अधिकतम किराया 15,000 रुपये तय किए गए थे।  नए नियम में क्या होगा अब सरकार ने भारतीय वायुयान नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे. नए नियमों के तहत भी सामान्य दिनों में हवाई किराए की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है. एयरलाइंस ऑपरेशन की लागत और दूसरे संबंधित कारकों को ध्यान में रखकर किराया तय करेंगी और इसकी जानकारी DGCA को देंगी।  DGCA इन किरायों की निगरानी करेगा. हालांकि, किसी असाधारण परिस्थिति में जनहित को देखते हुए केंद्र सरकार किराये में हस्तक्षेप कर सकेगी. नए नियमों में टिकट बुकिंग के दौरान किराया, टैक्स, फीस और कैंसिलेशन चार्ज जैसी सभी जानकारियां अलग-अलग बताना भी जरूरी होगा। 

अवैध शराब पर सख्ती की तैयारी, सीएम डॉ. यादव ने जताई प्राथमिकता

अवैध शराब के परिवहन, भण्डारण और क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव देवास में हुए हादसे के प्रति संवेदनशील है राज्य सरकार खतरनाक कार्बाइड गन और प्रतिबंधित पटाखों से बचाएं बच्चों को मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति चाक-चौबंद रखने के दिए गए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति चाक-चौबंद रहना चाहिए। अपराधियों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही का अभियान जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीपावली पर्व पर प्रतिबंधित पटाखे उपयोग में न लाने का आमजन से आह्वान भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में बुलाई गई बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कानून व्यवस्था की स्थिति के संबंध में चर्चा करने के टीवी चैनल प्रतिनिधियों को जानकारी दी कि अवैध शराब के परिवहन, भण्डारण और क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एंटी ड्रग माफिया के खिलाफ वर्ष 2029 तक कठोर कार्रवाई करने का जो निर्णय लिया गया है उसके परिपालन में दीपावली पर्व के संदर्भ में लॉ एण्ड आर्डर से संबंधित जरूरी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली पर प्रतिबंध के बावजूद उपयोग की जाने वाली विस्फोटक सामग्री पर रोक लगाई गई है। अभिभावकों से भी अपने बच्चों को ऐसे पटाखों जिसमें कार्बाइड गन भी शामिल है, से बचाने का आहवान किया है। देवास हादसे के प्रति संवेदनशील है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को बताया कि बीते दिन देवास के पास जो घटना हुई, उसे लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। देवास हादसे के प्रति राज्य सरकार संवेदनशील है। राज्य के अंदर एन्टी ड्रग्स से लेकर जिस प्रकार की गतिविधियों को लेकर भारत सरकार ने अपेक्षा की है, उसके अंतर्गत सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे के लिए हमारा अभियान सबसे सफल रहा। समय-सीमा में प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा किया गया। इसी प्रकार का पूरा मैकेनिज्म बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा समूह कार्य कर रहा है। इन्हें सभी आवश्यक साधन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब के परिवहन, भण्डारण, अवैध शराब के क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर पूरे राज्य में एक साथ कार्रवाई की जाए। जो लोग इन कृत्य में संलिप्त पाए जाएं, उन पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। देवास की घटना की जानकारी मिलते ही हमने मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा। देवास जिले में थाना प्रभारी से संबंधित दुखद घटना होते ही तत्काल राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल को मौके पर भेजा गया। स्पेशल डीजी उपेन्द्र जैन भी मेरे निर्देश पर मौके पर पहुंचे तथा उनके मार्गदर्शन में वर्तमान में जांच की जा रही है। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी शोकाकुल परिवार से मिले और सरकार की ओर से संदेवनाएं व्यक्त की गईं। उनके द्वारा देवास के कलेक्टर, एसपी द्वारा की जा रही कार्यवाही के संबंध में चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोकाकुल परिवार की सहायता के लिए वीर बलिदानी स्व. दिलीप पुरी की पत्नी को एसआई के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दी जा रही है। पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई। अवैध कार्य करने वालों और शराब माफिया के खिलाफ पुलिस हमेशा डटकर खड़ी रहेगी। हमारे पुलिस जवान ऐसे लोगों के खिलाफ हमेशा खड़े रहते हैं। प्रदेश के जिलों में अपराधियों के विरूद्ध गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास की घटना में शामिल अवैध शराब के नेटवर्क के मुख्य सरगना राहुल जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है। वाहन चालक और वाहन मालिक को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा दक्षता का परिचय देते हुए अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल को निलंबित किया गया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को ऐसे मामलों के लिए योजना बनाकर निरंतर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।  

हैकर्स ने स्मार्ट फ्रिज सिस्टम को बनाया निशाना, क्या भारत पर भी मंडरा रहा खतरा?

 नई दिल्ली सोचिए, आप किसी सुपरमार्केट में जाते हैं और वहां रखे फ्रिज का तापमान अचानक इतना बढ़ जाता है कि उसमें रखा दूध, दही, सब्जियां और बाकी खाने-पीने का सामान खराब होने लगता है. आपको लगेगा कि फ्रिज में कोई तकनीकी खराबी आ गई है, लेकिन अगर इसके पीछे हैकर्स का हाथ हो तो? जी हां, यूरोप के कई देशों से ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां हैकर्स ने सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर सिस्टम को निशाना बनाया है. इस घटना के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या भारत के स्मार्ट फ्रिज और कूलिंग सिस्टम भी सेफ हैं? आइए जानते हैं इसके बारे में।  यूरोप के कई देशों में फ्रिज हुए हैक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीडन, बेल्जियम, लक्जमबर्ग और आयरलैंड समेत यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट के कूलिंग सिस्टम पर साइबर अटैक हुआ है. इस हमले में हैकर्स ने फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग्स के साथ छेड़छाड़ की. कुछ जगहों पर फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।  इसका नतीजा यह हुआ कि फ्रिज में रखा दूध, मीट और दूसरी खाने-पीने की चीजें खराब हो गईं. कई सुपरमार्केट को अपना सामान फेंकना पड़ा. स्वीडन की ICA और Coop जैसी सुपरमार्केट चेन के स्टोर भी इस घटना की चपेट में आ गए हैं. बेल्जियम में Carrefour और IKEA के कुछ स्टोर में भी ऐसी परेशानी सामने आई।  . आखिर हैकर्स ने फ्रिज को कैसे हैक किया? अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर कोई फ्रिज को कैसे हैक कर सकता है? आजकल बड़े सुपरमार्केट में ऐसे स्मार्ट कूलिंग सिस्टम लगाए जाते हैं, जिन्हें इंटरनेट के जरिए कंट्रोल किया जा सकता है।  इनकी मदद से स्टोर में बैठे बिना भी फ्रिज का तापमान बदला जा सकता है. टेक्नीशियन दूर बैठकर ही सिस्टम की जांच और सेटिंग्स में बदलाव कर सकते हैं. लेकिन यही सुविधा अब साइबर सिक्योरिटी के लिए खतरा बन रही है।  अगर किसी हैकर को इन सिस्टम का एक्सेस मिल जाता है, तो वह तापमान बदल सकता है, कूलिंग बंद कर सकता है या डीफ्रॉस्ट मोड चालू कर सकता है. पुराने सॉफ्टवेयर और कमजोर सिक्योरिटी वाले सिस्टम में यह खतरा और बढ़ जाता है।  क्या भारत में भी हो सकता है ऐसा हमला? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत के सुपरमार्केट भी ऐसे साइबर अटैक का शिकार हो सकते हैं? फिलहाल भारत में इस तरह के किसी हमले की खबर सामने नहीं आई है. लेकिन देश में भी बड़े स्टोर और रिटेल चेन स्मार्ट कूलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करते हैं।  ऐसे में अगर इन सिस्टम की सिक्योरिटी कमजोर है, तो हैकर्स इनके लिए खतरा बन सकते हैं. इससे बचने के लिए कंपनियों को अपने सिस्टम का सॉफ्टवेयर अपडेट रखना चाहिए, मजबूत पासवर्ड लगाना चाहिए और रिमोट एक्सेस को सुरक्षित बनाना चाहिए।  यानी अब साइबर सिक्योरिटी सिर्फ मोबाइल और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रह गई है. सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर भी हैकर्स के निशाने पर आ सकते हैं. भारत में फिलहाल ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। 

त्योहारी सीजन में यात्रियों को राहत, बांद्रा टर्मिनस से गोरखपुर तक साप्ताहिक ट्रेन

रतलाम   दीपावली और छठ पूजा के त्योहारों पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेल मंडल से गुजरने वाली बांद्रा टर्मिनस–गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इससे यात्रियों को सुविधा होगी और उनका सफर आसान होगा। इसके साथ ही अन्य ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार ट्रेन 05092 बांद्रा टर्मिनस से प्रत्येक बुधवार दोपहर 1:45 बजे रवाना होकर रात 11:30 से 11:35 बजे के बीच रतलाम पहुंचेगी और अगले दिन रात 11:55 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन 11 और 18 नवंबर 2026 को चलेगी। गलवार रात 10:25 से 10:30 बजे के बीच रतलाम पहुंचेगी वापसी में ट्रेन 05091 प्रत्येक सोमवार रात 9:55 बजे गोरखपुर से रवाना होकर मंगलवार रात 10:25 से 10:30 बजे के बीच रतलाम पहुंचेगी और बुधवार दोपहर 12 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन नौ और 16 नवंबर को चलेगी। दोनों दिशाओं में ट्रेन बोरीवली, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, भवानी मंडी, कोटा, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, बादशाहनगर, गोंडा और बस्ती स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें एसी द्वितीय व तृतीय श्रेणी, शयनयान और सामान्य द्वितीय श्रेणी के डिब्बे होंगे। ट्रेन में चढ़ते समय महिला का मंगलसूत्र चोरी उज्जैन: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय एक महिला के गले से अज्ञात बदमाश मंगलसूत्र चोरी कर ले गया। घटना का पता ट्रेन में बैठने के बाद चला। महिला ने जीआरपी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस प्लेटफार्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।पुलिस के अनुसार शशि पत्नी ओमप्रकाश निवासी सीहोर अपने रिश्तेदार के यहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ग्राम लेकोड़ा गई थी। वहां से पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से उज्जैन पहुंची थी। सोमवार सुबह उसे अन्य रिश्तेदारों के साथ काचीगुड़ा एक्सप्रेस से सीहोर जाना था। ट्रेन के जनरल कोच में सवार होने के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उनके गले से मंगलसूत्र चोरी कर लिया। ट्रेन में बैठने के बाद शशि को मंगलसूत्र गायब होने का पता चला। इसके बाद उन्होंने जीआरपी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। जीआरपी पुलिस स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर आरोपित की पहचान करने में जुटी है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में जीआरपी ने मंगलसूत्र चोरी के मामलों में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया था।