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टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने सेलेक्शन में पारदर्शिता पर उठाए सवाल, PM मोदी से की अपील

नई दिल्ली भारत की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मन‍िका बत्रा ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने के बाद सेलेक्शन प्रोसेस पर गंभीर सवाल उठाए हैं. देश की टॉप महिला पैडलर ने कहा कि उन्हें टीम से बाहर किए जाने का फैसला बेहद निराशाजनक है और इस संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट कारण भी नहीं बताया गया. वैसे मन‍िका बत्रा की हाल‍िया और ताजा आईटीटीएफ टेबल टेनिस विश्व रैंकिंग में 51वें नंबर पर हैं. 31 वर्षीय मन‍िका बत्रा को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) द्वारा घोषित एशियन गेम्स स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया. उन्हें मुख्य टीम के बजाय रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में स्वस्तिका घोष के साथ रखा गया है. सेलेक्शन प्रोसेस पर उठाए सवाल मन‍िका ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सिर्फ सेलेक्शन ना होने का दुख नहीं है, बल्कि इस बात ने ज्यादा निराश किया है कि सेलेक्शन मानदंडों की व्याख्या और उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया. उनका दावा है कि उन्हें बाहर करने के पीछे कोई व‍िशेष्ज्ञ कारण शेयर न हीं किया गया. भारतीय स्टार ने कहा कि सेलेक्शन प्रोसेस में एकरूपता को लेकर सवाल उठते हैं. उनके मुताबिक, पिछले एशियन गेम्स सेलेक्शन साइक‍िल में जिन मानकों और नियमों को अपनाया गया था, इस बार उनके मामले में अलग तरीके से लागू किया गया. यदि नियम वही थे, तो फिर उनके साथ अलग व्यवहार क्यों किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए. घरेलू टूर्नामेंट नहीं खेलने का पड़ा असर मन‍िका बत्रा का चयन नहीं होने की मुख्य वजह घरेलू प्रतियोगिताओं में उनकी अनुपस्थिति मानी जा रही है. घरेलू इवेंट्स में हिस्सा नहीं लेने के कारण वह टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की रैंकिंग में शामिल नहीं हैं. यही कारण उनके चयन के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बना. हालांकि मन‍िका का मानना है कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी रही है और चयन से जुड़ी जानकारी खिलाड़ियों को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए. पीएम मोदी और खेल मंत्री से की अपील मन‍िका बत्रा ने इस मुद्दे को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से हस्तक्षेप की अपील की है.   उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने सेलेक्शन प्रोसेस लेकर स्पष्टता मांगी है और संबंधित संस्थाओं से अनुरोध किया है कि मामले की जांच की जाए ताकि सेलेक्शन क्राइटेर‍िया का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके. मन‍िका ने कहा कि एशियन गेम्स 2026 टीम में उनका सेलेक्शन न होना बेहद दुखद है. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह जानना जरूरी है कि सेलेक्शन के फैसले किन आधारों पर लिए जा रहे हैं. भारतीय टेबल टेनिस में बड़ा नाम हैं मन‍िका मन‍िका बत्रा भारतीय टेबल टेनिस की सबसे सफल खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. राष्ट्रमंडल खेलों और इंटरनेशनल लेव पर उन्होंने भारत को कई महत्वपूर्ण पदक दिलाए हैं. ऐसे में एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए उनका मुख्य टीम में चयन न होना खेल जगत में चर्चा का विषय बन गया है. अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि भारतीय ओलंपिक संघ, खेल मंत्रालय या टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

NDA में दरार के संकेत? उम्मीद से ज्यादा वोट मिलने पर कांग्रेस उत्साहित, BJP की बढ़ी चिंता

बेंगलुरु  भारत की राजनीति में इन दिनों विपक्षी खेमे में टूट की खबरें लगातार आती रही हैं। वर्षों के बाद यह पहला मामला सामने आया है जिसमें केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को तगड़ा झटका लगा है। कर्नाटक में गुरुवार को घोषित हुए विधान परिषद चुनाव के नतीजों में कांग्रेस ने पांच सीटों पर आरामदायक जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही विपक्षी भाजपा-जेडीएस गठबंधन के खेमे में हड़कंप मच गया है। चुनाव के आंकड़ों से यह साफ हो गया है कि विपक्ष के कई विधायकों ने पाला बदलकर कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की है। इस भीतरघात के बाद अब कर्नाटक में NDA के नेता अपनी ही पार्टियों में छिपे गद्दारों की तलाश में जुट गए हैं। चुनाव में गद्दारी के पुख्ता सबूत तो मिल चुके हैं, लेकिन गुप्त मतदान होने के कारण दोषियों का कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लग रहा है। कांग्रेस को मिले उम्मीद से ज्यादा वोट कांग्रेस उम्मीदवार विनय कार्तिक सबसे ज्यादा 32 वोट पाकर विजयी घोषित हुए। यह संख्या जीत के लिए जरूरी कोटे से कहीं अधिक थी और कांग्रेस विधायकों की अपनी ताकत से भी काफी ज्यादा थी। वोटों के इस गणित से अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्हें भाजपा और जेडीएस के कम से कम एक दर्जन 12 विधायकों का साथ मिला है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि उनके खेमे से केवल तीन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जेडीएस के कम से कम 8 विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवारों का समर्थन किया है। जेडीएस नेताओं ने भाजपा के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उनका तर्क है कि उनके खेमे से केवल 4 वोट ही कांग्रेस को जा सकते थे, बाकी की पूरी मदद भाजपा विधायकों की तरफ से मिली है। शक के घेरे में आए बड़े नाम इस उलटफेर के बाद जेडीएस के जीटी देवगौड़ा और एमआर मंजूनाथ तथा भाजपा के दिग्गज नेता रमेश जारकीहोली, बीपी हरीश, एम चंद्रप्पा और एचके सुरेश तुरंत जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, इन सभी नेताओं ने क्रॉस-वोटिंग के आरोपों से साफ इनकार किया है। गठबंधन की सिरदर्दी इस चुनाव में गुप्त मतदान प्रणाली होने की वजह से जिम्मेदारी तय करना बेहद मुश्किल हो गया है। राज्यसभा या अन्य ओपन वोटिंग के उलट जहां पार्टी व्हिप के जरिए यह जांचा जा सकता है कि किसने किसे वोट दिया, विधान परिषद की इस प्रक्रिया ने संदेह के लिए तो बहुत जगह छोड़ दी है, लेकिन सबूत जुटाने का कोई मौका नहीं दिया है। इस अनिश्चितता ने गठबंधन के भीतर अविश्वास को और गहरा कर दिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पार्टी इन गद्दारों की पहचान करेगी और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर जेडीएस के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद इसे अपनी पहली चुनावी जीत बताते हुए डीके शिवकुमार काफी उत्साहित दिखे। हालांकि, उन्होंने इस कयासबाजी को हवा न देते हुए हल्के अंदाज में कहा, "मुझे कोई अंदाजा नहीं है कि किसने क्रॉस-वोटिंग की है।" NDA के लिए बड़ा झटका यह चुनावी नतीजा भाजपा और जेडीएस दोनों के लिए ही आने वाले दिनों में बड़ी मुसीबतें खड़ी कर सकता है। पहले से ही अस्तित्व के संकट से जूझ रही जेडीएस के लिए यह हार एक बड़ा झटका है। अब पार्टी आलाकमान को अपने दूसरे स्तर के नेताओं और पार्टी के भीतर पनप रहे असंतोष पर गंभीरता से ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। भाजपा में विजयेंद्र पर बढ़ेगा दबाव भाजपा के लिए भी यह परिणाम बेहद चिंताजनक है। इस बगावत से पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट गुट को बल मिलेगा, जो लगातार यह दावा कर रहा है कि राज्य में नेतृत्व की कमी के कारण पार्टी भटक रही है। विरोधी नेता अब प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र को पद से हटाने के लिए दबाव और तेज कर सकते हैं।

सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश अव्वल, राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन; CM ने गिनाईं उपलब्धियां

ओंकारेश्वर ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंची। सिकल सेल से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 1.25 करोड़ लोगों के स्क्रीनिंग की लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ।  राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा आज सिकल सेल दिवस पर लोगों के स्वास्थय के बारे में जागरुक करना है। सिकल सेल एनिमिया में मध्यप्रदेश सरकार ने बहुआयामी उपलब्धि हासिल किया है। इसके लिए मैं राज्य सरकार की सराहना करती हूं। ये संतोष की बात है कि 2023 में राष्ट्र मिशन में उन्होंने जो लक्ष्य देश के सामने रखे थे। उसमें स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा हुआ है। जितना मुझे अवगत कराया गया है उसमें सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो गई है। लोगों को कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया इनमें ज्यादातर को लोगों को जेनेटिक कॉउंसलिंग कार्ड भी दिया गया है। सिकल सेल से जुड़े चुनौती को भारत सरकार ने बहुत ही गंभीरता से लिया है। पिछले कुछ वर्षों से समग्र रुप से जो प्रयास किए है, वो अत्यंत सराहनीय है। लगभग तीन वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से एनिमिया सिकल सेल मिशन को लॉंच किया था। इस पहल के पीछे न केवल सरकार का दृढ़ संकल्प था। बल्कि इस चुनौती से जुड़े हर आयाम का समुचित निष्कर्ष देने का दूरदर्शी सोच भी थी। मुझे बताया गया कि केंद्रीय स्वास्थय मंत्रालय और केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय के संयुक्त मॉडल के रुप में देश में पहली बार ऐसा मिशन पूरा किया गया। केवल स्वास्थय से जुड़ी समस्याओं के रुप में नहीं देखा जाता है। इसे जनजातीय स्वास्थय का मुद्दा, अनुवांशिका से जुड़े जागरुकता और प्रीवेंटिव हेल्थ कैयर की चुनौती से सामाजिक आचरण में बदलाव के रुप में भी देखा गया है। मुझे बताया गया है कि इस मिशन की पृष्टभूमि में स्तरों पर किए गए वैज्ञानिक और सामाजिक अध्ययन रहे हैं। आईसीएमआर, ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, AIIMS, NAHM, WHO और विभिन्न राज्यों सरकारों ने इस विषय पर विभिन्न आयामों पर काम किया है। मैं यह जानकार खुश हूं, आज मैं कुछ स्टॉल को देख रही थी। केवल एलोपेथ नहीं, आयुर्वेद भी इसमें रिसर्च करके निकाले है। 2027 तक लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग करना लक्ष्य आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर ओंकारेश्वर में माननीय राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति में जनजागरूकता का यह महत्वपूर्ण आयोजन हो रहा है। हमें प्रसन्नता है कि मध्य प्रदेश ने सिकल सेल स्क्रीनिंग के क्षेत्र में कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हमारा लक्ष्य वर्ष 2027 से पहले सभी लक्षित लोगों की स्क्रीनिंग पूरी करना है, ताकि इसके बाद उपचार और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा सके। सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित जनजातीय समाज सदैव इस अभियान को याद रखेगा। सरकार इस बीमारी के उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सीएम बोले- 2027 तक 1.60 करोड़ स्क्रीनिंग का लक्ष्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओंकार महाराज और मां नर्मदा की पावन भूमि पर आज विश्व सिकल सेल दिवस कार्यक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नेतृत्व में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राज्यपाल मंगूभाई पटेल शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, तभी इस अभियान की नींव रखी गई थी। वर्ष 2023 में शहडोल से सिकल सेल उन्मूलन अभियान 2.0 की शुरुआत हुई। पिछले तीन वर्षों में मध्य प्रदेश में 1 करोड़ 32 लाख लोगों की सिकल सेल जांच (स्क्रीनिंग) की जा चुकी है। वर्ष 2027 से पहले 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस अभियान की लगातार निगरानी की और हर दो महीने में समीक्षा बैठक लेकर इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इलाज प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई कार्यक्रम में सिकल सेल मरीजों, नियमित रक्तदाताओं और समाज में जागरूकता फैलाने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. आनंद ओनकर ने बताया कि खालवा, छैगांव माखन, पुनासा और पंधाना विकासखंडों से ऐसे सरपंचों का चयन किया गया है, जिन्होंने अपने गांवों में सिकल सेल स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से सिकल सेल एनीमिया की पहचान, स्क्रीनिंग और इलाज प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें मरीजों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और बीमारी से बचाव के तरीकों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सक स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श भी प्रदान की गई। डॉक्टर बोले-सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक बीमारी डॉक्टर ओनकर ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसकी पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ोतरी को विवाह पूर्व जांच से रोका जा सकता है। विवाह से पहले युवक-युवती दोनों की जांच कर उन्हें संभावित जोखिमों की जानकारी दी जाती है। जांच रिपोर्ट और सिकल सेल कार्ड के आधार पर संतान में बीमारी की संभावना बताई जाती है, जिसके बाद नवयुगल स्वयं निर्णय लेते हैं। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देशन में खंडवा जिले में बड़े पैमाने पर सिकल सेल स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जनजागरूकता, समय पर जांच और उचित परामर्श से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। विश्व सिकल सेल दिवस का यह आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले, चांदी ₹22,000 लुढ़की; गोल्ड रेट में भी बड़ी गिरावट

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और दोनों कीमती धातुएं दो दिनों से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही अचानक चांदी की वायदा कीमत में फिर बड़ी गिरावट आ गई. महज दो दिनों में ही ये कीमती धातु 22000 रुपये सस्ती हो गई है. दूसरी ओर से सोना भी काफी सस्ता हो गया है और 10 Gram 24 Karat Gold Rate गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया है।  खुलते ही 8000 रुपये टूटी चांदी MCX पर चांदी की कीमत में आई गिरावट पर नजर डालें, तो 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली सिल्वर का प्राइस बीते कारोबारी दिन टूटते हुए 2,37,572 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और शुक्रवार को कारोबार की ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,29,561 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ऐसे में एक झटके में 1 Kg Silver 8,011 रुपये सस्ती हो गई।  Silver दो दिन में 22000 रुपये सस्ती  चांदी की वायदा कीमत में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को भी बड़ी गिरावट आई थी और ये कारोबार के अंत तक फिसलती रही थी. इस हिसाब से अगर दो दिनों में आई गिरावट को देखें, तो चांदी की कीमत बुधवार को 2,51,807 रुपये पर क्लोज हुई थी और ये गुरुवार को 2,37,572 रुपये, जबकि शुक्रवार को 2,29,561 रुपये पर आ गई. ऐसे में चांदी दो दिन में ही 22,246 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।  Gold Rate में इतनी गिरावट चांदी के बाद बात करें सोने की वायदा कीमत के बारे में, तो ये भी Silver Price के कदम से कदम मिलाकर चल रही है और लगातार टूटती नजर आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold का भाव खुलने के साथ ही गिरकर 1,46,252 रुपये के लेवल पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन 1,49,309 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था. यानी सोना अचानक 3,057 रुपये सस्ता हो गया।  हाई से कितना टूट गया सोना?  बीते दो कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में आई गिरावट की बात करें, तो 17 जून को 10 ग्राम सोने का भाव 1,53,879 रुपये था और यहां से ये कीमती पीली धातु 7,627 कमजोर हो गई है. वहीं अगर हाई लेवल से तुलना करें, तो बीते जनवरी महीने में वायदा सोने की कीमत पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकली थी और इस एक्सपायरी वाले वायदा सोना का हाई 2,04,375 रुपये है, जिससे अब गोल्ड 58,123 रुपये सस्ता मिल रहा है।  अचानक क्यों बिखरने लगे सोना-चांदी?  Gold Silver Rate Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, US Fed ने जून 2026 की बैठक रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया है यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और ये 3.50% से 3.75% के दायरे में हैं. ही बरकरार रखा है, लेकिन फेड अधिकारियों ने महंगाई बढ़ने की चिंता जताते हुए आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई है, जिसका असर सोने चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला है।  (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल

बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस पर इस हफ्ते एक बड़ा सरप्राइज देखने को मिला है. निर्देशक विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म हॉन्टेड 3D: ईकोज ऑफ द पास्ट ने सभी उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन किया है. कमाई के मामले में बाकी रिलीज फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है. फिल्म के साथ रिलीज हुईं “मैं वापस आऊंगा” और “भारत भाग्य विधाता” को पीछे छोड़ते हुए इस हॉरर फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. फिल्म की सफलता पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने बात की. विक्रम भट्ट बोले- हमने सोच-समझकर प्रमोशन किया था शोशा से बातचीत में फिल्म की सफलता पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें फिल्म की परफॉर्मेंस देखकर कोई हैरानी नहीं हुई. उन्होंने कहा, “मैं हैरान नहीं हूं, क्योंकि फिल्म का प्रमोशन किया गया था, लेकिन वहां जहां हमें लगा कि हमारा ऑडियंस मौजूद है. हमारे पास इतना बजट नहीं था कि हम हर जगह प्रचार करते, इसलिए हमने चुनिंदा जगहों पर ही फोकस किया.” उन्होंने आगे कहा, “होर्डिंग्स लगाए गए थे, लेकिन हमने जरूरत से ज्यादा दिखावा नहीं किया क्योंकि हमें पता था कि यह एक मास फिल्म है और असली ऑडियंस वहीं से आएगी.” एआई विवाद पर भी दिया जवाब फिल्म में एआई के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों पर भी विक्रम भट्ट ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा , “लोग असली लोकेशन को भी एआई मान रहे हैं, जो मजेदार है. अगर पहले से प्रचार में यह बोल दिया जाए कि एआई इस्तेमाल हुआ है, तो हर चीज एआई लगने लगती है.” उन्होंने यह भी कहा, “हमने एआई इसलिए इस्तेमाल किया क्योंकि इतने बड़े विजुअल्स इतने कम बजट में बनाना संभव नहीं था. कुछ लोगों ने कहा कि ये भूत तो एआई है. अरे, मैं कहां से असली भूत लाऊं? भूत तो एआई, स्पेशल इफेक्ट्स, सीजीआई या प्रोस्थेटिक्स से ही बना होगा ना. मैं एक असली भूत नहीं ला सकता और उसे सुबह नौ बजे शूटिंग के लिए आने के लिए नहीं कह सकता.” अन्य रिलीज फिल्मों से तुलना पर विक्रम भट्ट का बयान विक्रम भट्ट ने अन्य रिलीज फिल्मों से तुलना पर बात करते हुए कहा, “मुझे बिल्कुल भी खुशी नहीं होती. क्योंकि मैं खुद भी कई बार इस स्थिति से गुजर चुका हूं. मैं नहीं चाहता कि किसी की फिल्म के खराब नंबर आएं. उन्होंने आगे कहा, “हां, मैं चाहता हूं कि मेरी फिल्म के अच्छे नंबर आएं, लेकिन किसी और के नुकसान पर नहीं. मुझे लगता है कि हमारे देश में इतनी जगह है कि दो या तीन फिल्में एक साथ सफल हो सकती हैं. मैं बस खुश हूं कि मेरी फिल्म अच्छा कर रही है.”

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में योग दिवस के उपलक्ष्य में अधिकारी हुए शामिल

 जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में राजस्थान विधानसभा परिसर स्थित कर्तव्य द्वार पर शुक्रवार प्रातः 6 बजे सामूहिक योग कार्यक्रम योगोत्‍सव का आयोजन किया गया। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायकगण, विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।  इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। योग स्वस्थ शरीर, संतुलित मन एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि प्रदान करता है। शारीरिक समन्वय, मानसिक एकाग्रता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। देवनानी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनावमुक्त जीवन, रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा स्वस्थ समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।   सामूहिक योगाभ्यास की शुरुआत देवनानी ने दीप प्रज्‍ज्‍वलन के साथ किया। कार्यक्रम में विधायक गोपाल शर्मा, गोपीचन्‍द मीणा, हरि सिंह रावत, शंकर सिंह रावत, ताराचन्‍द जैन, श्रीमती गीता बरवड और श्रीमती शोभा रानी कुशवाहा मौजूद थे। वैदिक मंगलाचरण एवं प्रार्थना के साथ सूक्ष्म व्यायाम जैसी शिथिलीकरण क्रियाएं कराई गई। योगाचार्य सत्‍यपाल सिंह और योगाचार्य मेघसिंह ने सामान्‍य योग प्रोटोकाल के अनुरूप योगासन, प्राणायम, ध्‍यान और शांतिपाठ कराया। ताड़ासन, वृक्षासन, अर्धचक्रासन, पादहस्तासन एवं त्रिकोणासन का अभ्यास खडे होकर कराया गया। भद्रासन, वज्रासन, उष्‍ट्रासन, शशकासन, उन्‍तानमंडूकासन, वक्रासन और अर्ध-उष्ट्रासन का अभ्यास बैठकर कराया गया। उदर के बल लेट कर मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, वहीं पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले आसनों में सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध-हलासन, पवनमुक्तासन एवं शवासन का अभ्यास कराया गया। योगाभ्यास के दौरान प्रतिभागियों ने प्राणायाम एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का भी अभ्यास किया, जिससे शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का अनुभव प्राप्त हुआ।  कार्यक्रम का समापन देवनानी ने सामूहिक संकल्प के साथ किया। देवनानी ने विश्व कल्याण, मानव एकता और स्वस्थ जीवन की कामना के साथ योग ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को सशक्त बनाते हुए सम्पूर्ण मानवता को स्वस्थ, सद्भाव और संतुलित जीवन को दिशा प्रदान करने का संकल्‍प कराया। योग कार्यक्रम में प्रमुख सचिव भारत भूषण शर्मा, विशिष्‍ट सहायक के.के. शर्मा सहित विधानसभा सचिवालय के अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।  

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल सुजैन ने की सौजन्य भेंट रायपुर  राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुसुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की।             सुसुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता श्रीमती इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट होगा और सुरक्षित, आपात स्थितियों के लिए तैयार होगा अलग ऑपरेशन जोन

रांची  बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को देश के अत्याधुनिक और सुरक्षित हवाई अड्डों की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। एयरपोर्ट परिसर में विशेष आईसोलेशन वे के निर्माण की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है। रनवे-तीन क्षेत्र में इसके लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। 20 एकड़ क्षेत्र इस परियोजना के लिए विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित आईसोलेशन वे की लंबाई करीब 350 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर होगी। विमानों की आवाजाही के लिए 20 मीटर चौड़ा मार्ग बनाया जाएगा, जबकि दोनों ओर 3.5-3.5 मीटर चौड़ा शोल्डर होगा, जहां लाइटिंग और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। रांची एयरपोर्ट में यह सुविधा शुरू होने के बाद झारखंड को भी देश के उन चुनिंदा एयरपोर्ट्स में स्थान मिलेगा, जहां किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए अलग ऑपरेशन जोन उपलब्ध होगा। आपात स्थिति में होगा उपयोग हाल के दिनों में विमान में बम रखने, एयरपोर्ट को उड़ाने और हाईजैक जैसी धमकियों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रांची एयरपोर्ट को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आइसोलेशन वे सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। आईसोलेशन वे ऐसी विशेष सुविधा है, जहां किसी संदिग्ध या आपात स्थिति वाले विमान को सामान्य परिचालन क्षेत्र से अलग ले जाकर खड़ा किया जाता है। विमान में बम की सूचना, हाईजैक की आशंका, संक्रमण फैलने का खतरा अथवा किसी संवेदनशील उड़ान की सुरक्षा जैसे मामलों में इसका उपयोग किया जाता है। इससे यात्रियों, अन्य विमानों और एयरपोर्ट संचालन पर खतरे का असर नहीं पड़ता। परियोजना का डिजाइन स्वीकृत हो चुका है और प्लानिंग अंतिम चरण में है। जमीन उपलब्ध होते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। आपात स्थिति में विमान को सीधे आईसोलेशन वे में भेजकर सुरक्षा एजेंसियां विशेष अभियान चला सकेंगी, जिससे एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। विनोद कुमार, निदेशक एयरपोर्ट  

310 किलो से 112 किलो तक: इस शख्स की हैरान करने वाली वेट लॉस जर्नी

ब्राजील के रहने वाले एक शख्स का वजन बढ़कर 310 किलो हो गया था. भारी शरीर के कारण वह डिप्रेशन में आ गया और सोशल फोबिया की वजह से उसने खुद को घर में कैद कर लिया था. लाठी के सहारे चलने वाले इस शख्स के साथ एक दिन ऐसी घटना घटी कि उसका स्वाभिमान जाग गया. इसके बाद उसने बिना कोई भारी वर्कआउट किए सिर्फ एक देसी फॉर्मूले से अपना 112 किलो वजन कम कर लिया है. आज सोशल मीडिया पर उसकी वेट लॉस जर्नी जमकर वायरल हो रही है. तो आइए जानते हैं, इतने भारी-भरकम शरीर के साथ उसने कैसे वजन कम किया. कार का दरवाजा नहीं खुला तो रो पड़ा 112 किलो वजन कम करने वाले शख्स का नाम जूलियो मामुटे (JULIO MAMUTE) है. उसने पॉडकास्ट में बताया, वजन बढ़ने के बाद उसने घर से निकलना बंद कर दिया था. इस बीच उसकी बहन के बेटे का जन्म हुआ. वह अपने भतीजे के लिए ऑनलाइन एक खिलौना खरीदकर उसे देने पहुंचा. लेकिन हैरान करने वाली बात यह थी कि भारी शरीर के कारण वह कार का दरवाजा तक नहीं खोल पाया. उसने रोते हुए अपनी बहन को फोन किया और कहा, 'मुझसे नहीं हो पा रहा, तुम नीचे आकर गिफ्ट ले जाओ.' बस इस लाचारी और अपमान ने उसे अंदर तक हिला दिया. उसने सोचा कि अगर आज वह भतीजे से नहीं मिल पा रहा तो कभी अपने खुद के बच्चे नहीं संभाल पाएगा. घुटने जवाब दे चुके थे फिर किया ये काम वजन 310 किलो होने की वजह से जिम जाना या रनिंग करना घुटनों के लिए नामुमकिन था. ऐसे में उसने दिमाग लगाया और वॉटर एरोबिक्स क्लास जॉइन की. हालांकि, वहां बुजुर्ग महिलाओं की गॉसिप और केक-कॉफी के चक्कर में वर्कआउट नहीं हो पाता था. इसके बाद उसने सीधा स्विमिंग पूल का रास्ता चुना. उसने दिन में 2 बार स्विमिंग करना शुरू किया. 112 में से 80 किलो वजन स्विमिंग से घटाया इस शख्स का कहना है कि उसने जो 112 किलो वजन घटाया है, उसमें से 80 किलो वजन सिर्फ और सिर्फ स्विमिंग की वजह से कम हुआ है. पानी ने उसके घुटनों पर दबाव भी नहीं आने दिया और उसकी पूरी बॉडी टोन हो गई. जनवरी 2025 में उसने अपना सोशल मीडिया पेज बनाया और आज उसका एक वीडियो 10.5 करोड़ से ज्यादा व्यूज बटोर चुका है. स्विमिंग से वेट लॉस कैसे होता है? स्विमिंग वजन घटाने का एक बेहतरीन और असरदार तरीका है क्योंकि यह एक फुल-बॉडी वर्कआउट है, जिसमें सिर से लेकर पैर तक की सभी मसल्स एक साथ काम करते हैं. जब आप पानी में तैरते हैं तो पानी का रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) हवा के मुकाबले लगभग 12 गुना ज्यादा होता है, जिससे शरीर को आगे बढ़ने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है और बहुत तेजी से कैलोरी बर्न होती है. अच्छी बात यह है कि पानी के भीतर आपके शरीर का वजन महसूस नहीं होता जिससे भारी वजन होने पर भी घुटनों, रीढ़ की हड्डी और जोड़ों पर कोई दबाव या झटका नहीं पड़ता. यह आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों का काम एक साथ करती है, जिससे बिना किसी इंजरी के रिस्क के शरीर का एक्स्ट्रा फैट बहुत तेजी से पिघलने लगता है.

छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री साय ने संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।