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उत्कृष्ट विद्यालय में विद्यार्थियों से किया संवाद

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनविश्वास अभियान अंतर्गत मुरैना जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में दिव्यांगजनों के उपचार, पुनर्वास एवं समग्र विकास के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का अवलोकन किया तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में संचालित न्यूरोलॉजिकल पुनर्वास कक्ष, बाल पुनर्वास कक्ष, शिशु एवं बाल चिकित्सा उपचार कक्ष तथा विद्युत चिकित्सा कक्ष सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही उपचार एवं चिकित्सा सुविधाओं, पुनर्वास की व्यवस्थाओं तथा उनकी प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद कर बढ़ाया उत्साह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्र में उपस्थित दिव्यांग बच्चों से आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभवों एवं गतिविधियों के बारे में चर्चा की। मुख्यमंत्री को दिव्यांग बच्चों ने अपने हाथों से बनाई गई गौशाला की पेंटिंग भेंट की। एक बच्चे ने विभिन्न राष्ट्रीय प्रतीकों को सांकेतिक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए उनके बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों की रचनात्मकता, प्रतिभा एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीयता से संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण भी वितरित किए। इनमें ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, बैसाखी, छड़ी, घुटने के सहायक पट्टे, दृष्टिबाधितजनों के लिए विशेष छड़ी, कॉलर बेल्ट एवं श्रवण यंत्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया उत्कृष्ट विद्यालय मुरैना का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत मुरैना के उत्कृष्ट विद्यालय क्र.-1 में पहुँचकर विद्यालय का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से विज्ञान और गुरुत्वाकर्षण के संबंध में संवाद किया। इसके साथ ही विद्यालय में स्थापित प्रयोगशाला का निरीक्षण कर प्रयोगशाला के बारे में भी विद्यार्थियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों की कक्षा में पहुँचकर बच्चों से विज्ञान विषय के संबंध में संवाद किया। उन्होंने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्कूल पहुँचने पर विद्यार्थियों और अध्यापकों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. सुदाम खाड़े, संभागीय आयुक्त श्री मनोज खत्री, कलेक्टर मुरैना श्री लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक मुरैना श्री धर्मराज मीणा सहित जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

सीएम हेल्पलाइन पर अब तक 2.31 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज, 2.05 लाख से अधिक का हुआ निराकरण

रायपुर आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुशासन की पहली कसौटी है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 कम समय में ही प्रदेशवासियों के लिए भरोसे का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। राशन, पेंशन, बिजली, आवास, पेयजल और अन्य नागरिक सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अब लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। नागरिक घर बैठे 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने आज नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 के कार्यालय पहुंचकर इसके कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान यह बात कही।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों, उनके निराकरण, शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक तथा विभागवार और जिलेवार प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों से  जिलों में शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से स्वयं बातचीत कर जाना कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्या का समाधान हुआ या नहीं। नागरिकों ने मुख्यमंत्री से सीधे संवाद में अपने अनुभव साझा किए और शिकायतों के निराकरण पर संतुष्टि व्यक्त की। 2.31 लाख शिकायतें दर्ज, 88.85 प्रतिशत का हो चुका निराकरण समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार अब तक प्राप्त कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने हेल्पलाइन के शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों का निराकरण अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पिछली समीक्षा में दिए गए निर्देशों पर भी अच्छा कार्य हुआ है। इस व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिक को वास्तविक रूप से राहत मिले और वह समाधान से संतुष्ट हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सबसे महत्वपूर्ण है। शिकायत बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित नागरिक की समस्या वास्तव में दूर हुई है। नागरिकों से मिलने वाला फीडबैक ही इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता का आधार होना चाहिए। एक शिकायत से 80 से अधिक परिवारों को मिली राहत, बदला गया खराब ट्रांसफॉर्मर मुख्यमंत्री  साय ने समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के शिकायतकर्ता  दमन साहू से सीधे बातचीत की।  साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे गांव के लगभग 80 से 85 परिवार प्रभावित थे। स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।  साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब गांव में बिजली व्यवस्था सामान्य है और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने संबंधित अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सीधे आम नागरिक के दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसी शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक शिकायत का संवेदनशीलता से समाधान कई परिवारों के जीवन में राहत ला सकता है। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के दस दिनों के भीतर मिली पीएम आवास की लंबित किस्त जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी  वीरेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उनके आवास निर्माण की दूसरी किस्त मिलने में विलंब हो रहा था। राशि नहीं मिलने से आवास निर्माण का काम भी प्रभावित हो रहा था। उन्होंने अपनी समस्या सीएम हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई। शिकायत के लगभग दस दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में आवास की दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो गई।  यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि राशि मिलने से अब वे अपने आवास का निर्माण आगे बढ़ा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार करने वाली महत्वपूर्ण योजना है। पात्र हितग्राहियों को योजना की किस्त समय पर मिलनी चाहिए, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे प्रकरणों में विशेष संवेदनशीलता बरतने को कहा। नौ महीने से रुकी थी पेंशन, 1076 पर शिकायत के बाद मिला लाभ मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी  तोरण साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी माताजी को लगभग नौ महीने से पेंशन की राशि नहीं मिल रही थी। पेंशन नहीं मिलने के कारण परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग द्वारा प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की गई। इसके बाद उनकी माताजी की पेंशन पुनः प्रारंभ हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।  साहू ने समस्या का समाधान होने पर संतुष्टि जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल है। पात्र हितग्राहियों को इसके लिए परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। आम नागरिक के लिए छोटी समस्या भी हो सकती है बड़ी परेशानी : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि शासन-प्रशासन की दृष्टि में कोई प्रकरण सामान्य हो सकता है, लेकिन संबंधित नागरिक के लिए वही समस्या बहुत महत्वपूर्ण होती है। राशन कार्ड में सुधार, पेंशन का भुगतान, बिजली आपूर्ति, पेयजल, आवास की किस्त या राजस्व संबंधी छोटे से कार्य में देरी भी किसी … Read more

गर्भवती महिला पत्रकार के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई, CJI सूर्यकांत की पीठ में 26 अक्टूबर को मामला

नई दिल्ली  लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर एक गर्भवती महिला पत्रकार ने धक्का देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में पहले मामला पुलिस के पास पहुंचा। अब इस पर सुप्रीम कोर्ट भी सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि 26 अक्टूबर को तीन महीने की गर्भवती महिला पत्रकार की अर्जी पर सुनवाई करेगा। महिला पत्रकार का आरोप है कि 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के सुप्रीम कोर्ट मार्च में राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया था। इसे लेकर बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर जमकर हमला किया था। 26 को सीजेआई बेंच करेगी सुनवाई महिला पत्रकार ने बताया कि 12 अक्तूबर को राहुल गांधी चुनाव आयोग की मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) से जुड़ी प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल करने के लिए विपक्ष के मार्च का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया। इस संबंध में महिला पत्रकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिस पर शुक्रवार को अदालत एक अंतरिम आवेदन को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हो गया। महिला पत्रकार ने लगाया है ये आरोप महिला पत्रकार का आरोप है कि ये पूरा घटनाक्रम सर्वोच्च कोर्ट की रजिस्ट्री के अंदर हुआ। इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया था। वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने इस आवेदन को सूचीबद्ध करने की मांग की थी। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या कोर्ट ने इससे जुड़े मामलों में नोटिस जारी किया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि आवेदन को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया जाएगा। सीजेआई सूर्यकांत ने क्या कहा जब गौरव भाटिया ने इस बात पर अनिश्चितता जताई कि क्या उस मामले में नोटिस जारी किया गया है जिसका जिक्र उन्होंने गुरुवार को सर्वोच्च कोर्ट के सामने किया था। इस पर CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों में नोटिस जारी कर दिया गया है।  

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों-पुलों के कार्यों का किया निरीक्षण

रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने जांजगीर-चांपा और कोरबा जिले का दौरा कर निर्माणाधीन सड़कों एवं पुलों का निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड पर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों में तेजी लाते हुए शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने पामगढ़ और कोरबा में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर दोनों जिलों में निर्माणाधीन, स्वीकृत और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी भी इस दौरान मौजूद थे। विभागीय सचिव  बंसल को पामगढ़ रेस्ट हाऊस में बैठक के दौरान बिलासपुर सेतु संभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांजगीर-चांपा जिले के धनवारपारा (सलनी)-नवागांव मार्ग पर बोराई नदी पर उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसके 905 मीटर में बी.टी. कार्य शेष है। सचिव  बंसल ने अधिकारियों को वर्तमान संपादित अनुबंध के अनुसार बी.टी. कार्य पूर्ण कराते हुए अनुबंध शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों की मांग के अनुसार 1200 मीटर अतिरिक्त बी.टी. सड़क के निर्माण के लिए पृथक पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने को कहा।  बंसल ने अधिकारियों को पी.डब्ल्यू.एम.आई.एस. (PWMIS) में पूर्व वर्षों के पूर्ण कार्यों के अंतिम पूर्ण देयक से संबंधित कार्यवाही पूर्ण कर अद्यतन डॉटा पी.डब्ल्यू.एम.आई.एस. में एन्ट्री करने के निर्देश दिए। उन्होंने पामगढ़ रेस्ट हाउस में अच्छी साफ-सफाई रखने तथा जरूरी मरम्मत के भी निर्देश दिए।   बंसल ने कोरबा में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर सी.जी.आर.आई.डी.सी.एल. योजना के अंतर्गत प्रगतिरत कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा मार्ग (इंडस्ट्रियल कॉरीडोर) में खोलार नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुँच मार्ग का कार्य दिसम्बर-2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्रैश बैरियर पर हैण्ड-रेल लगाने को कहा। उन्होंने कोरबा कलेक्टर को इंडस्ट्रियल कॉरीडोर मार्ग में खोलार नाला पर कटाव को रोकने रिटेनिंग वॉल एवं पिचिंग सहित अन्य प्रोटेक्शन कार्य के लिए निर्देशित किया। उन्होंने सीपत-बलौदा-कोरबा (कुदुरमाल) मार्ग पर हसदेव नदी में उच्च स्तरीय फोरलेन पुल एवं पहुँच मार्ग के निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करने के भी निर्देश दिए।

कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा के परिवार से 25 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप, शोएब ढेबर की 3 राज्यों में तलाश

 रायपुर  कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा और उनके परिवार को गैंगस्टरों के नाम पर धमकाकर 25 करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी मांगने के मामले में फरार शोएब ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने उसे विदेश भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी कराया है। वहीं, उसकी गिरफ्तारी पर डीसीपी सेंट्रल तारकेश्वर पटेल ने पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। पुलिस की टीमें छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में उसकी तलाश कर रही हैं। शोएब, शराब और कोयला लेवी समेत विभिन्न मामलों में आरोपित अनवर ढेबर का पुत्र है। गिरफ्तारी के बाद जमानत, फिर हुआ फरार पुलिस के अनुसार, कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा ने 14 सितंबर को अज्ञात कालर की ओर से प्रोटेक्शन मनी के लिए धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान सिम कार्ड और मोबाइल के आइएमइआइ नंबर के आधार पर शोएब ढेबर की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया था। 27 सितंबर को उसे रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में पेश किया गया। इस दौरान जिस दोस्त को उसकी गिरफ्तारी की सूचना दिए जाने की बात सामने आई, उसने अदालत में आरोपित को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उसे जमानत मिल गई। पुलिस ने अगले ही दिन न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए अपील की और दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी कराया। इसके बाद पुलिस टीम ने शोएब के घर, होटल और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। अब पुलिस उसकी तलाश के साथ ही उन परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है, जिनमें वह गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पकड़ से बाहर हो गया। परिवार को भी धमकियां मिलने की चर्चा मामले में पुलिस शोएब के रिश्तेदारों और परिचितों के संपर्कों की भी जांच कर रही है। आशंका है कि रायपुर में उसके कई संपर्क हो सकते हैं। उसके परिवार को भी कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के लिए धमकियां मिलने की बात सामने आई है। पुलिस उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। एजाज ढेबर ने भी दर्ज कराई थी शिकायत रायपुर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने भी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि बिश्नोई गैंग के नाम पर फोन कर उनसे 50 करोड़ रुपये की प्रोटेक्शन मनी मांगी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ढेबर परिवार को अंतरराष्ट्रीय काल के जरिए धमकियां दिए जाने की जानकारी मिली थी। इस मामले में काल करने वाले व्यक्ति के संबंध में जुटाई गई जानकारियां गृह विभाग को भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने जांच के संबंध में आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। गृह विभाग ने मांगी फरार होने की रिपोर्ट शोएब ढेबर के जमानत पर छूटने और दोबारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद फरार होने के घटनाक्रम को लेकर गृह विभाग ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। पुलिस अब लुकआउट सर्कुलर के जरिए उसके विदेश जाने की आशंका रोकने और पांच हजार रुपये के घोषित इनाम के बीच संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। फिलहाल उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर, आत्मविश्वास से भर रही नई उड़ान

मिशन शक्ति फेज 6 घर-घर पहुंच रहा नारी सशक्तीकरण का संदेश, योगी सरकार में महिला कल्याण विभाग ने संभाली कमान मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बेटियों को मिल रहा नेतृत्व का अवसर, आत्मविश्वास से भर रही नई उड़ान सभी 75 जिलों में जागरूकता अभियान, रैलियों से लेकर साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं तक महिलाओं-बालिकाओं को किया जा रहा जागरूक महिला सुरक्षा से आत्मनिर्भरता तक 15 बिंदुओं पर विभाग कर रहा काम 50 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी, वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से जुड़ीं 1.8 लाख से ज्यादा बालिकाएं लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। शारदीय नवरात्र के अवसर पर 11 से 20 अक्टूबर तक संचालित इस अभियान में महिला कल्याण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। बेटियां एक दिन की अफसर बन समझ रहीं प्रशासनिक कार्यप्रणाली महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बेटियों को एक दिन का जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बनाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य बेटियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना है। इससे बेटियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और भविष्य में जिम्मेदार पदों पर पहुंचने का हौसला मिल रहा। सभी 75 जिलों में रैलियां, पदयात्राओं से जन-जन तक पहुंच रहा संदेश लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अलीगढ़, भदोही, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, उन्नाव और इटावा समेत प्रदेशभर में रैलियां, पदयात्राएं, प्रभात फेरियां और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों, छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं। अभियान के शुरुआती दिनों में रैलियों और पैदल मार्च में 50 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करने के साथ बालिकाओं को सांकेतिक प्रशासनिक दायित्व सौंपकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। मेले, प्रदर्शनी स्टॉल और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी महिला सशक्तीकरण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। साइबर सुरक्षा से बाल विवाह उन्मूलन तक 15 गतिविधियों पर जोर महिला कल्याण विभाग अभियान के तहत 15 प्रमुख गतिविधियों पर काम कर रहा है। इनमें जनजागरूकता रैलियां, महिला सम्मान समारोह, बालिका नेतृत्व विकास, करियर काउंसलिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संबंधी कार्यशालाएं शामिल हैं। साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की पहचान एवं सूचना देने संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश अधिनियम-2013, विधिक साक्षरता शिविर और लोक अदालत सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इसके अतिरिक्त वृद्धजन आवासों और आश्रय गृहों में संवेदीकरण, कन्या जन्मोत्सव, नवजात शिशु किट एवं पोषण वितरण, किशोरी स्वास्थ्य, माहवारी स्वच्छता और सेनेटरी पैड वितरण जैसी गतिविधियां भी संचालित हैं। बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए शपथ एवं जनसंवाद तथा महिला नेतृत्व में यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ वित्तीय साक्षरता पर फोकस महिला कल्याण विभाग की टीमें गांवों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों में जनसंपर्क कर महिलाओं एवं परिवारों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना की जानकारी दे रही हैं। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़कर सरकारी सहायता का लाभ दिलाना है। बेसिक शिक्षा विभाग की वित्तीय साक्षरता गतिविधियों से अब तक 1,18,657 बालिकाएं जुड़ चुकी हैं। इसके माध्यम से बालिकाओं में आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। करियर मार्गदर्शन, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को सम्मानित कर प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं की जानकारी, लापरवाही पर कार्रवाई 17 अक्टूबर-20 को शुरू हुआ मिशन शक्ति पांच चरणों के बाद अब छठवें चरण में पहुंच गया है। अभियान के तहत महिला शरणालय, शक्ति सदन, सखी निवास, नारी संरक्षण गृह और अन्य आश्रय सुविधाओं की जानकारी जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाई जा रही है, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रय और सहायता सेवाओं का लाभ उठा सकें। आपातकालीन हेल्पलाइन के प्रचार-प्रसार के जरिए भी महिलाओं को संकट के समय उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। महिला कल्याण एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार मिशन शक्ति के प्रभावी क्रियान्वयन और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता पर जोर दे रही है। संबंधित अधिकारियों को अभियान में प्राथमिकता के आधार पर सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

Meerut Snake Bite Case: अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मिली मौत की सजा

 मेरठ  सांप के डसने से मौत का मामला समझे जा रहे अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार देने के बाद यह फैसला सुनाया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों की गवाही हुई। इस हत्याकांड का पर्दाफाश तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा के पोस्टमार्टम कराने के फैसले से हुआ था। परिवार और पत्नी के विरोध के बावजूद कराए गए पोस्टमार्टम में अमित की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी। गला दबाकर हत्या, सांप से डसवाने की साजिश मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के सैदपुर निवासी रविता की शादी नौ वर्ष पहले बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं। अमित के साथ काम करने वाला अमरदीप पड़ोस में रहता था और रविता को चाची कहकर बुलाता था। इसी रिश्ते की आड़ में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई वर्ष पहले प्रेम संबंध हो गए। 12 अप्रैल 2025 को अमित पत्नी और बच्चों के साथ शाकंभरी देवी के दर्शन करने गया था। लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित की नजर बचाकर अमरदीप से बात की। इसके बाद दोनों ने अमित की हत्या की साजिश रची। शाम तक सांप की व्यवस्था कर ली गई और अमरदीप ने उसे खेत में छिपा दिया। रात करीब दस बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया। इसके बाद अमरदीप थैले में सांप लेकर पहुंचा। रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद दोनों ने शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया। सांप की पूंछ अमित की कमर के नीचे दबने से उसने पांच बार काटा। इससे शरीर पर बने निशानों के कारण हत्या को सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई। पोस्टमार्टम से खुला हत्या का राज 13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार किया और बेटे को अमित के पास भेजा। चारपाई पर सांप देखकर बेटे ने शोर मचा दिया। परिवार ने अमित की मौत सांप के डसने से होना मान लिया। शव को बुलंदशहर के गुलावटी ले जाकर झाड़-फूंक भी कराई गई। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा। इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचीं। परिवार और रविता पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। तीन दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया। 86 तारीखों के बाद सुनाया फैसला अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में सुनवाई के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सात अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या का पर्दाफाश करने वाली अहम कड़ी साबित हुई।  

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ‘युवा उड़ान 2026’ का भव्य आयोजन, युवाओं को राष्ट्र निर्माण और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प से जोड़ा

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मल्टीपर्पज स्कूल पेंड्रा के असेंबली हॉल में जिला स्तरीय ‘युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास, सामाजिक जिम्मेदारी, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर  विजय दयाराम के. सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प से बनेगा विकसित भारत :  तोमर छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है और उनकी ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार तथा कठिन परिश्रम से ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत का संकल्प साकार हो सकेगा। उन्होंने बताया कि ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का शुभारंभ 31 अगस्त 2026 को बीजापुर जिले से किया गया था। इसी क्रम में आज 21वें जिले के रूप में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में इसका आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करना, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और उन्हें देश एवं प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है।  तोमर ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक जानकारियों और अफवाहों से सावधान रहने तथा किसी भी सूचना की सत्यता जांचने के बाद ही उस पर विश्वास करने की अपील की। उन्होंने युवाओं को अपनी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक का सदुपयोग करने का संदेश दिया।  तोमर ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानकर लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की सहभागिता आवश्यक : विधायक  मरपच्ची मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, परिश्रम और सकारात्मक सोच के माध्यम से न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले के युवाओं ने बढ़ाया गौरव : कलेक्टर कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने जिले का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। जिले के युवाओं ने शिक्षा और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, लक्ष्य निर्धारित करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने कहा कि युवाओं को उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए अपने कौशल और क्षमताओं का निरंतर विकास करना चाहिए। राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका है और उनके सामूहिक प्रयासों से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। नुक्कड़ नाटक से यातायात सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता का संदेश कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने, सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनने, नशे से दूर रहने और युवा राजवीर योजना के संबंध में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि यातायात नियमों का पालन कर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है। वहीं नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साइबर अपराधों से बचाव के लिए युवाओं को किया जागरूक कार्यक्रम के दौरान युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध फोन कॉल से सावधान रहने, व्यक्तिगत एवं बैंकिंग संबंधी जानकारी गोपनीय रखने तथा सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी गई। युवाओं को बताया गया कि डिजिटल तकनीक का सुरक्षित एवं जागरूक उपयोग आज के समय की आवश्यकता है। साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता अपनाकर ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से बचा जा सकता है। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की अवधारणा पर व्याख्यान कार्यक्रम में डॉ. राजेश कुमार कुशवाहा ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं को इस अवधारणा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, नागरिक जिम्मेदारियों और शासन व्यवस्था के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। जिला स्तरीय ‘युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम युवाओं को अपनी क्षमताओं को पहचानने, सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने और विकसित भारत @2047 के संकल्प में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण मंच बना। कार्यक्रम के माध्यम … Read more

मिनी नंदिनी योजना में बदले नियम, दूसरे राज्यों के व्यापारियों से गाय मंगाने की मिलेगी सुविधा

सहारनपुर  पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत गायों की खरीद प्रक्रिया में बदलाव किया है। नई व्यवस्था से योजना में चयनित पशुपालकों को साहीवाल और गिर जैसी उन्नत नस्ल की गाय खरीदने के लिए गुजरात, राजस्थान या दूसरे राज्यों में खुद जाने की जरूरत नहीं होगी। वे दूसरे राज्यों के व्यापारियों के माध्यम से भी गाय मंगा सकेंगे। इससे समय और अतिरिक्त खर्च बचने की उम्मीद है। कम होगी खरीद की भागदौड़ अब तक दूसरे राज्यों से गाय खरीदने के लिए पशुपालकों को संबंधित प्रदेशों तक जाना पड़ता था। आने-जाने का खर्च और समय लगने के साथ पशुओं के चयन में भी कई तरह की परेशानियां आती थीं। नई व्यवस्था में पशुपालक दूसरे राज्यों के व्यापारियों से संपर्क कर गाय मंगाने का विकल्प चुन सकेंगे। इससे खरीद के लिए होने वाली भागदौड़ कम होगी और उनके सामने विकल्प भी बढ़ेंगे। योजना के तहत साहीवाल और गिर जैसी उन्नत नस्लों को महत्व दिया जा रहा है। इन नस्लों की गायों में पशुपालकों की रुचि रहती है। बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है। दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा उत्तर प्रदेश सरकार नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में खरीद प्रक्रिया सरल बनाने की पहल भी इसी दिशा में है। गाय खरीदने के लिए दूसरे राज्यों तक जाने की जरूरत कम होने से पशुपालकों को आर्थिक और व्यावहारिक राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एमपी सिंह गौर ने बताया कि नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को योजना के निर्धारित नियमों और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। इससे गायों की खरीद में आने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं और उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन को प्रोत्साहन मिलेगा।

झारखंड में आठ महीने होगा बालू का उठाव, 444 घाट चिह्नित लेकिन सिर्फ 14 घाटों से खनन की अनुमति

रांची झारखंड में चार महीने पहले बालू खनन पर लगी रोक हटा ली गई। वैध घाटों से बालू उठाव की अनुमति संबंधित आदेश जारी हो गया है। अब अगले आठ महीने तक बालू का उठाव हो सकेगा। खान एवं भूतत्व विभाग ने झारखंड में 444 बालू घाट चिह्नित किए हैं। हालांकि अभी सिर्फ 14 घाट ऐसे हैं, जिनकी लीज हो चुकी है। इन घाटों से ही खनन कार्य किया जा सकता है। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण का आकलन है कि झारखंड में चार महीने बारिश होते हैं। खनन विशेषज्ञों की मानें तो यही वह अवधि होती है जब नदी में बालू जमा होता है। कुछ कीटाणु ऐसे होते हैं जो बारिश में तेजी से पनपते हैं। वहीं कीटाणु नदी की तटहटी के पत्थरों को कुरेदते रहते हैं। इससे बालू में लाल कण बढ़ते रहते हैं। चार महीने के दौरान नदियों में बालू जमा होता जाता है। पलामू और गढ़वा में अधिकतर घाटों की नीलामी नहीं हो सकी है। कई जिला ऐसे हैं, जहां एक भी बालू घाट चालू नहीं हो सके हैं। पर्यावरणीय स्वीकृति, ग्रामसभा की अनुमति, घाट संचालन की अनुमति का प्रमाणपत्र मिलने के बाद खनन कार्यालय द्वारा घाट की लीज की जानी है। इसके बाद बालू निकाला जा सकता है। खान एवं भूतत्व विभाग का अनुमान है कि नए साल में पलामू को छोड़ बाकी जिलों में घाटों से बालू का उठाव प्रारंभ हो जाएगा।