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चाणक्य नीति: इन 4 बातों में शर्म करना नुकसानदायक

 आचार्य चाणक्य ने न केवल राजनीति और कूटनीति के गुण सिखाए हैं, बल्कि एक सुखी और सफल जीवन जीने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं.  चाणक्य नीति के अनुसार, व्यक्ति की सबसे बड़ी बाधा उसकी झिझक या शर्म होती है. कई बार हम समाज और लोगों की परवाह में वे काम नहीं कर पाते जो हमारे भविष्य और खुशहाली के लिए अनिवार्य हैं. 1. धन के लेन-देन में स्पष्टता अक्सर लोग पैसे के लेन-देन में शर्म महसूस करते हैं. अगर आपने किसी को उधार दिया है और उसे मांगने में आप संकोच कर रहे हैं, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति बिगाड़ सकता है. आचार्य चाणक्य का स्पष्ट मानना है कि अपना पैसा मांगने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपना हक मांगने में हिचकिचाता है, वह धीरे-धीरे अपनी जमा-पूंजी गंवा देता है. 2. भोजन करने में संकोच न करें पुराने समय में माना जाता था कि अतिथि के सामने या किसी के घर पर भोजन करने में अधिक औपचारिकताएं नहीं बरतनी चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि भूख लगने पर भोजन मांगने या खाना खाने में कभी शर्म नहीं करनी चाहिए. जो व्यक्ति अपनी भूख छिपाता है, वह खुद को कष्ट ही देता है. एक स्वस्थ शरीर के लिए समय पर भोजन करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. 3. सीखने और ज्ञान प्राप्त करने में शर्म ज्ञान का कोई अंत नहीं है. यदि आप किसी नई चीज़ को सीखने के लिए उत्सुक हैं, तो सवाल पूछने में बिल्कुल न झिझकें. चाहे आप अपने से छोटे व्यक्ति से ही क्यों न सीख रहे हों, ज्ञान के मामले में शर्म करने वाला व्यक्ति कभी आगे नहीं बढ़ सकता. जिज्ञासा ही उन्नति का मार्ग है, इसलिए हमेशा सीखते रहें. 4. काम के चुनाव में हिचकिचाहट आज के दौर में कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता. यदि आप मेहनत से अपनी आजीविका चला रहे हैं, तो उसमें शर्म कैसी? चाणक्य का मानना है कि ईमानदारी से किया गया हर काम सम्मान के योग्य है. जो व्यक्ति काम में शर्म करता है, वह कभी आत्मनिर्भर नहीं बन पाता. याद रखें, खाली बैठने से बेहतर है कि आप अपने हुनर और मेहनत पर विश्वास रखें.

3,298 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा तिथि घोषित, जल्द जारी होंगे पंजाब पुलिस कांस्टेबल एडमिट कार्ड

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस में होने वाली 3,298 कांस्टेबल (जिला एवं आर्म्ड कैडर) भर्ती-2026 के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है।जारी जानकारी के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इस संबंध में एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे। मार्च महीने में निकाली थी भर्ती बता दें कि, पंजाब पुलिस ने यह भर्ती मार्च 2026 में जारी की थी। इस दौरान जिला कैडर में 2,522 और आर्म्ड कैडर में 776 पदों पर भर्ती की जानी है। अब इस भर्ती के लिए परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई है। शुरुआत में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में दोबारा लिंक खोलकर 5 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया। इस वजह से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।  

प्रदेश में 24 जून को होगी ग्राम सभा, आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

प्रदेश में 24 जून को होगी ग्राम सभा, आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा रायपुर  छत्तीसगढ़ में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम सभाओं में जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं।   ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं SOP के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।   इसके अलावा ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।   ग्राम सभाओं में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।   प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है।

CM का बड़ा फैसला, ट्रांसफर अवधि में 24 घंटे का विस्तार; कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने तबादला अवधि में 24 घंटे की अतिरिक्त राहत देते हुए इसकी समय-सीमा बढ़ा दी है। अब प्रदेश में आज रात 12 बजे तक तबादले किए जा सकेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के ट्रांसफर की तारीख एक दिन के लिए बढ़ाई गई है। यानी आज रात 12 बजे तक ट्रांसफर आदेश जारी किए जा सकेंगे। पहले सरकार द्वारा इसकी आखिरी तारीख 15 जून तक रखी गई थी। 2017 में इंदौर मेट्रो की लगाई गई 7515 करोड़ रुपये की लागत अब एलाइनमेंट बदलने से ज्यादा हो गई है। इसे कहीं अंडरग्राउंड भी किया गया, जिसके बाद यह 12900 करोड़ रुपये हो गई है। इंदौर मेट्रो रेल का 31 किमी का नेटवर्क है। 5.388 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई। 21 जून को जबलपुर में योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उपस्थित रहेंगी। गौरतलब है कि 20 मई को हुई कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 22 मई को आदेश जारी कर सभी विभागों को 15 जून तक तबादले करने के निर्देश दिए थे। अब सरकार ने एक दिन का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है। रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक केंद्र निजी संचालन के लिए देंगे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो 20 बिस्तर के ऊपर है डॉक्टर और स्टाफ की कमी देखी गई है, विशेषज्ञ नहीं है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि तीन जिलों में रीवा, देवास और गुना में 18 सामुदायिक केंद्रों के निजी तौर पर संचालन के लिए दिए जाएगा। यह नई नीति पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकृति दी गई है। निजी व्यक्ति डॉक्टर, स्टाफ से लेकर पूरे संसाधन लेकर आएंगे। परिसंपत्ति सरकार की रहेगी और दवाइयां की उपलब्धता सरकार द्वारा की जाएगी। टेंडर की प्रक्रिया करेंगे, जो कम से कम लागत का आफर देगा, उसे दिए जाएंगे‌। एक अन्य निर्णय में परोपकारी व कल्याणकारी संस्थाएं यदि कोई चिकित्सालय मध्य प्रदेश में लगाना चाहती हैं तो उन्हें सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। सुपर स्पेशलिटी के उपकरणों को क्षेत्रवार मशीनों के लिए पूंजीगत अनुदान दिया जाएगा। पांच मंत्रियों की कमेटी बनाई गई पांच मंत्रियों की एक कमेटी बनाई गई है जो पूरे मापदंड निर्धारित करेगी। यहां आयुष्मान के पैकेज की सुविधा भी मिलेगी। कमेटी में मंत्री राजेंद्र शुक्ला, राकेश सिंह, चेतन्य काश्यप, नरेंद्र शिवाजी पटेल और राधा सिंह को रखा गया है। कैबिनेट के प्रमुख फैसले     इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट की बढ़ी हुई लागत को मंजूरी मिली।     वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने वाली 3 योजनाएं जारी रहेंगी।     गांवों के पुनर्वास के लिए मुआवजा मंजूरी पर चर्चा हुई।     श्रम विभाग की कई योजनाओं को आगे भी जारी रखने का फैसला।     स्थानीय निधि ऑडिट से जुड़ी योजनाओं को मंजूरी।     हाईकोर्ट के आदेश के तहत लोक निर्माण विभाग के एक मामले में पेंशन मंजूर की गई।     रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आउटसोर्स व्यवस्था से संचालित होंगे, इसके पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी।     सामाजिक न्याय विभाग की संस्थाओं में मानदेय पर काम कर रहे कर्मचारियों को संविदा कर्मचारी बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

दवाओं की बिक्री पर नई सख्ती, प्रिस्क्रिप्शन के बिना सिरप देने पर रोक

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने दवाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब खांसी समेत सभी तरह के सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगे, यानी अब मेडिकल स्टोर से कोई भी कफ सिरप या अन्य सिरप आधारित दवा खरीदने के लिए पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होगा।  क्या है नया नियम? 9 जून को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि Drugs (5th Amendment) Rules, 2026 लागू कर दिए गए हैं, इसके तहत एक बड़ा बदलाव किया गया है अब ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल K से “Syrups” को हटा दिया गया है।  पहले शेड्यूल K के तहत कुछ दवाएं ऐसी थीं जिन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदा जा सकता था (OTC दवाएं), लेकिन अब इस लिस्ट से सिरप को बाहर कर दिया गया है. अब कफ सिरप समेत सभी तरह के सिरप बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेंगे। क्या है नया नियम? केंद्र सरकार ने 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 लागू किए हैं. यह संशोधन Drugs and Cosmetics Act, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत किया गया है और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है।  ड्रग्स रूल्स में क्या बदलाव किया गया? सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की Schedule K में सूचीबद्ध दवाओं की श्रेणी से "Syrups" शब्द को हटा दिया है. इसके परिणामस्वरूप सिरप अब ओवर-द-काउंटर दवाओं की श्रेणी में नहीं रहेंगे और उनकी बिक्री पर सख्त नियामकीय नियंत्रण लागू होगा।  अब बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी कफ सिरप नए नियम के तहत कफ सिरप सहित औषधीय सिरप खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना होगा. इससे उन सिरपों की सामान्य खरीद प्रभावित होगी, जिन्हें अब तक लोग सीधे मेडिकल स्टोर से खरीद लेते थे।  बच्चों की मौत के मामलों के बाद लिया गया फैसला सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों ने दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. इन घटनाओं के बाद सिरप के निर्माण और बिक्री पर कड़े नियंत्रण की मांग तेज हो गई थी।  जनता से सुझाव लेने के बाद लागू हुआ संशोधन इस संशोधन का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जिस पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. सरकार ने कहा कि प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन अधिसूचित किया गया।  फार्मेसियों को करना होगा नए नियमों का पालन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब देशभर की फार्मेसियों को सिरप और संबंधित औषधीय फॉर्मूलेशन की बिक्री के लिए संशोधित नियमों का पालन करना होगा. इसके तहत बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाएं बेचना संभव नहीं होगा।  क्यों लिया गया यह फैसला? स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ये कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है. पिछले कुछ समय से कफ सिरप और दूसरी सिरप वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही थी।      कई मामलों में ओवरडोज का खतरा     बिना जरूरत दवा लेना     बच्चों में गलत डोज     मिलावटी सिरप से नुकसान इन सभी समस्याओं को देखते हुए सरकार ने सख्ती बढ़ाई है. मेडिकल स्टोर के लिए भी सख्त नियम नए नियम लागू होने के बाद अब मेडिकल स्टोर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि     बिना डॉक्टर पर्ची के सिरप न बेचें     नियम तोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है छोटे पैक में ही मिलेगी दवा सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है, अब सभी सिरप और लिक्विड दवाएं सिंगल-यूनिट पैक में ही बेची जाएंगी.     5 ml, 10 ml जैसी छोटी पैकिंग     एक बार की डोज वाला पैक यह नियम कब लागू होगा? 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में लागू. पुराने स्टॉक बेचने के लिए कंपनियों को 6 महीने का समय मिल है. ऐसा इसलिए क्योंकि खुली बोतल से ओवरडोज या गलत डोज का खतरा साथ ही मिलावट या खराब होने की संभावना रहती थी।   इससे क्या होगा फायदा?     ओवरडोज का खतरा कम होगा     बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ेगी     दवा की क्वालिटी बनी रहेगी     मिलावट और खराब दवा का जोखिम घटेगा

140 साल पुरानी परंपरा, रज संक्रांति पर अंगारों पर भक्त चले

 खरसावां चिलचिलाती धूप में खरसावां के गीतिलोता स्थित शिव मंदिर में आस्था और  परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला. सोमवार को रज संक्रांति के मौके पर सैकड़ों शिव भक्तों (भोक्ताओं) ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चल कर अपनी हठभक्ति व अटूट श्रद्धा का परिचय दिया. दोपहर करीब एक बजे तेज तेज धूप व हिट वेब के बीच भक्ताओं ने वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को उत्साह के साथ निभाया. भक्ताओं ने रविवार से व्रत रख कर यहां मंदिर परिसर में भगवान शिव की पूजा अर्चना की. फिर सोमवार को खुले आसमान के नीचे सुबह दस बजे से ही सुखी लकड़ियों को जला कर अंगार तैयार किया. दोपहर करीब एक बजे ढ़ोल-नगाड़ों की थाप पर जलते अंगरों में नंगे पांव चले. आस्था की इस परंपरा को निभाने में युवा भी आगे रहे हठभक्ति की इस परंपरा में युवाओं की भागीदारी भी काफी बड़ी रही. सबसे पहले जलते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट की और फिर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया. ढोल-नगाड़ों की धुन पर  पूरे उत्साह के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए. भोक्ताओं ने अंगारों पर चलकर अपनी मन्नत पूरी होने की खुशी जाहिर की. श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास ही उन्हें यह शक्ति प्रदान करता है. शरीर को कष्ट देकर मिलती है आत्मिक शांति भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं के अद्भुत संगम के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया. हठभक्ति में शामिल भक्तों का कहना है कि शरीर को कष्ट देकर उन्हें मानसिक और आत्मिक शांति मिलती है. उनका मानना है कि यह पूरी प्रक्रिया भगवान शिव को समर्पित है और उनकी कृपा से ही भक्त बिना किसी नुकसान के आग पर चल पाते हैं. भोक्ताओं के अनुसार वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है, लेकिन आज तक किसी भक्त को आग पर चलने से कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ. श्रद्धालुओं का कहना है कि न तो किसी को गंभीर जलन की समस्या हुई और न ही किसी को इलाज की जरूरत पड़ी. भक्त इसे भगवान की महिमा और आस्था की शक्ति मानते हैं. 140 वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में अंगारों में चलने के यह भक्ति की परंपरा वर्षो पुरानी है. स्थानीय लोगों के साथ 140 वर्षों से भी अधिक पुरानी है. हर वर्ष भक्त रज संक्रांति के मौके पर यहां आग पर चल कर अपनी हठ भक्ति को प्रदर्शित करते है. भोक्ताओं की मानें तो हठ भक्ति को पारण करने में मन व आत्मा को बेहद सुकुन मिलता है. वर्षो से इस गांव चली आ रही यह परंपरा अब भी पूरे उत्साह के साथ हर वर्ष पूरा किया जा रहा है. भक्तों के अनुसार पूरी प्रक्रिया ही भगवान को समर्पित है. हजारों श्रद्धालुओं ने देखा भक्ति का अनोखा दृश्य गीतिलोता के शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. श्रद्धालु पूरे आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे. बड़ी संख्या में श्रद्धालु रविवार शाम से लेकर सोमवार दोपहर तक मंदिर परिसर में जमें रहे.

अक्षय कुमार शूटिंग पर हेलीकॉप्टर से जाते थे, फराह खान ने सुनाया मजेदार किस्सा

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार अपनी फिटनेस, अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब वो फिल्म की शूटिंग पर रोज हेलीकॉप्टर से पहुंचा करते थे? ये खुलासा खुद एक्टर अक्षय कुमार और फिल्ममेकर फराह खान ने किया है. हाल ही में फराह खान, अक्षय कुमार, प्रियदर्शन और राजपाल यादव फिल्म 'भूत बंगला' के प्रमोशन के दौरान साथ बैठे थे. इस दौरान फराह और अक्षय ने साल 2010 में आई फिल्म 'तीस मार खान' की शूटिंग से जुड़ा एक मजेदार किस्सा शेयर किया. अक्षय की 'रईसी' का किस्सा! फराह खान ने बताया कि फिल्म की शूटिंग महाराष्ट्र के मालशेज घाट में चल रही थी. शूटिंग लोकेशन मुंबई से करीब ढाई घंटे की दूरी पर थी. इसलिए पूरी टीम और कलाकार वहीं रुकते थे, ताकि समय पर सेट पर पहुंच सकें. फराह ने कहा- हमारी रोज सुबह 8 बजे की कॉल टाइम होती थी. बाकी सभी लोग वहीं ठहरे हुए थे, लेकिन अक्षय हर शाम शूटिंग खत्म होने के बाद मुंबई अपने घर लौट जाते थे और अगले दिन सुबह 7:45 बजे सेट पर पहुंच जाते थे. फराह की ये बात सुनकर राजपाल यादव भी हैरान रह गए. तब फराह और अक्षय ने उनसे पूछा- बताओ कैसे? लेकिन राजपाल कोई जवाब नहीं दे पाए. इसके बाद अक्षय ने खुद खुलासा करते हुए कहा- मैं हेलीकॉप्टर से आता-जाता था. अक्षय का जवाब सुनते ही वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े. फराह ने आगे मजाक करते हुए कहा- मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार किसी एक्टर को हेलीकॉप्टर को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते देखा था. लेकिन इसकी तारीफ करनी पड़ेगी कि वो हमेशा समय पर पहुंचता था. फराह-अक्षय की नोकझोंक इस पर अक्षय ने तुरंत जवाब दिया- लेकिन इससे किसी को क्या परेशानी थी? मैं खुद उस फिल्म का प्रोड्यूसर भी था. फराह ने भी हंसते हुए कहा- और मैं भी थी. इसने मेरे सारे पैसे खर्च करवा दिए. अक्षय ये सुनकर चौंक गए और बोले- मैंने पैसे खर्च करवा दिए? उस फिल्म से सबसे ज्यादा कमाई तो आपने ही की थी. इसके बाद दोनों की नोकझोंक देखकर वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे. बता दें कि 'तीस मार खान' रिलीज के वक्त भले ही आलोचनाओं का शिकार हुई थी, लेकिन वक्त के साथ फिल्म ने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया. वहीं फिल्म का मशहूर गाना 'शीला की जवानी' आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा बना हुआ है.

भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद, दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू से फिलहाल राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। सोमवार सुबह शुरू हुई बारिश का दौर मंगलवार को भी जारी रहा। मंगलवार सुबह जनकपुरी, दिल्ली हवाई अड्डा समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान नियंत्रित रहेगा और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। आज 38 डिग्री तक जा सकता है तापमान मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक 16 जून को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 17 जून को दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 17 जून को मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी कोई चेतावनी जारी नहीं की है। 18 जून को अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे तथा नमी का स्तर 35 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इस दिन भी किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 19 जून को भी मौसम का मिजाज लगभग समान बना रहेगा। अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, जबकि आर्द्रता 35 से 60 प्रतिशत के बीच बनी रह सकती है। 20 जून को कैसा रहेगा मौसम 20 जून को एक बार फिर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसी तरह 21 जून को भी गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। इस दिन अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सबसे अहम बात यह है कि मौसम विभाग ने फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लिए किसी भी प्रकार का येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है। हालांकि, उमस का असर बना रह सकता है, लेकिन हल्की बारिश और तेज हवाएं मौसम को अपेक्षाकृत खुशनुमा बनाए रखेंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, जिसके चलते आगामी दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।  

भोजशाला मामले में नई चर्चा, फैसले को एक महीना पूरा; SOP लागू करने पर बना असमंजस

धार  इंदौर हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के फैसले को एक माह पूरा हो चुका है, लेकिन भोजशाला को लेकर पुरातत्व विभाग की तरफ से दिशा-निर्देशों को लेकर एसओपी जारी नहीं की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि हमने विभाग को मेल किए तो अफसर सुप्रीम कोर्ट में केस होने का हवाला देकर मामला टाल रहे हैं, जबकि अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी नहीं हुई है। हमने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कहा है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। पुरातत्व विभाग की तरफसे हाईकोर्ट के फैसले के बाद कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। हमारी मांग है कि पूर्व में खुदाई के दौरान भोजशाला से निकली प्रतिमाओं को फिर से भोजशाला में स्थापित किया जाए। आपको बता दें कि पिछले माह 15 मई को इंदौर हाईकोर्ट ने भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदुओं को पूजा का अधिकार दिया था। फैसले के बाद भोजशाला में नमाज बंद हो गई और अब हर दिन भोजशाला में पूजा होती है। कोर्ट के फैसले के बाद आए मंगलवार और शुक्रवार को भोजशाला में विशेष आरती की गई और हजारों हिंदू परिवारों ने वहां जाकर पूजा की थी। याचिकाकर्ता आशीष गोयल का कहना है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव धार में सरस्वती लोक बनाने की घोषणा कर चुके हैं। इसकी कैबिनेट बैठक में मंजूरी भी मिल चुकी है। अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उधर लंदन के संग्रहालय में रखी मां वाग देवी की प्रतिमा को लाने की कवायद भी चल रही है। इसे लेकर मंत्री सावित्री ठाकुर प्रयास कर रही है। 

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा  आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा रायपुर,  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास, पंचायतों की वित्तीय स्थिति, आवास योजनाओं, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय विकास कार्यों जैसे जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा एवं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी ग्राम पंचायतों में  24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा की जाएगी। आवास हेतु पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची होगी तैयार          ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं एसओपी के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।   वीबी जी राम जी के संबंध में ग्रामीणों को दी जाएगी जानकारी          ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में विकसित भारत, रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, बेरोजगारी भत्ते के बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी भुगतान और ग्राम सभा आधारित विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।  ग्राम सभा में अधिक से अधिक सहभागिता हेतु ग्रामीणों से अपील        प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। ग्राम सभा में पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों की समीक्षा, पंचायतों के आय-व्यय का अनुमोदन, विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, आवास प्लस 2.0 की प्रतीक्षा सूची तथा पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों को भी ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।