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मन की बात: गांधी जयंती पर खादी और स्वदेशी अपनाने की पीएम मोदी की अपील

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, 'नवरात्रि के इस समय में हम शक्ति की उपासना करते हैं। हम नारी-शक्ति का उत्सव मनाते हैं। व्यापार से लेकर खेल तक और शिक्षा से लेकर विज्ञान तक आप किसी भी क्षेत्र को लीजिए, देश की बेटियां हर जगह अपना परचम लहरा रहीं है। आज वे ऐसी चुनौतियों को भी पार कर रही हैं, जिनकी कल्पना तक मुश्किल है।' पीएम मोदी ने कहा, '2 अक्टूबर को गांधी जयंती है। गांधी जी ने हमेशा स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया और इनमें खादी सबसे प्रमुख थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद खादी की रौनक कुछ फीकी पड़ती जा रही थी, लेकिन बीते 11 साल में खादी के प्रति देश के लोगों का आकर्षण बहुत बढ़ा है। मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि 2 अक्टूबर को कोई ना कोई खादी सामान जरूर खरीदें और गर्व से कहें ये स्वदेशी हैं।' छठ पूजा का भी पीएम मोदी ने किया जिक्र मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'छठ पूजा ऐसा एक पावन पर्व है जो दीवाली के बाद आता है। इसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं। आज ये एक वैश्विक उत्सव बन रहा है। भारत सरकार छठ महापर्व को UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है। जब छठ पूजा UNESCO की सूची में शामिल हो जाएगी, तो दुनिया के हर कोने में लोग इसकी भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर सकेंगे।' लता मंगेशकर को पीएम मोदी ने किया याद पीएम मोदी ने कहा, 'आज लता मंगेशकर की भी जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रुचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता। उनके गीतों में वो सब कुछ है जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। उन्होंने देशभक्ति के जो गीत गाए, उन गीतों ने लोगों को बहुत प्रेरित किया। भारत की संस्कृति से भी उनका गहरा जुड़ाव था। मैं लता दीदी के लिए हृदय से अपनी श्रद्धांजलि प्रकट करता हूं।' 'अमर शहीद भगत सिंह युवाओं के लिए प्रेरणापुंज' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह, हर भारतवासी, विशेषकर देश के युवाओं के लिए एक प्रेरणापुंज है। निर्भीकता उनके स्वभाव में कूट-कूटकर भरी थी। उन्होंने कहा, 'भगत सिंह लोगों की पीड़ा के प्रति भी बहुत संवेदनशील थे और उनकी मदद में हमेशा आगे रहते थे। मैं शहीद भगत सिंह को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।'

फाइनल में पाकिस्तान का जलवा, भारत को तीन बार झेलने पड़े करारे घाव

 नई दिल्ली यूएई में जारी टी20 एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला आज यानी 28 सितंबर को खेला जाना है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एशिया कप के फाइनल में पहली बार भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना होना है। 41 साल पहले एशिया कप की शुरुआत हुई थी और अभी तक एक भी बार हमें इंडिया-पाकिस्तान के बीच फाइनल नहीं देखने को मिला था, लेकिन इस बार ऐसा होने जा रहा है। इंडिया और पाकिस्तान इस एशिया कप में दो बार आमने-सामने हुए हैं। दोनों बार भारत ने मैच जीते हैं, लेकिन फाइनल में पाकिस्तान की टीम भारत के खिलाफ खूंखार हो जाती है। ये हम नहीं कह रहे, बल्कि आंकड़े कह रहे हैं। दरअसल, टीम इंडिया और पाकिस्तान इससे पहले 12 बार किसी न किसी टूर्नामेंट या किसी न किसी सीरीज या कप के फाइनल में भिड़े हैं और आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि 12 में से 8 बार विजेता पाकिस्तान रहा है, जबकि सिर्फ 4 बार भारत को जीत मिली है। इसके अलावा 5 या इससे ज्यादा टीमों वाले टूर्नामेंट में 5 बार फाइनल में भारत और पाकिस्तान भिड़े हैं और इनमें से 3 बार भारतीय टीम को हार मिली है। इस तरह यहां भी फाइनल में भारत का पलड़ा भारी है, लेकिन मौजूदा टीम को देखें तो भारत पाकिस्तान से कहीं बेहतर है। कम से कम 5 टीमों वाले टूर्नामेंट की बात करें तो भारत और पाकिस्तान 5 बार फाइनल में भिड़े हैं। इंडिया ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेटर 1985 के फाइनल में पाकिस्तान को हराया था, जबकि पाकिस्तान ने ऑस्ट्रल एशिया कप 1986 और 1994 में जीता। भारत ने 2007 के टी20 विश्व कप फाइनल में पाकिस्तान को हराया था, जबकि पाकिस्तान ने चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल में टीम इंडिया को मात दी थी। T20I क्रिकेट में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान हेड टू हेड इंडिया और पाकिस्तान टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक 15 बार आमने-सामने हुए हैं। इनमें से 12 बार भारतीय टीम को जीत मिली है, जबकि सिर्फ तीन मैचों में पाकिस्तान की टीम को जीत मिली है। पिछले पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों में से चार मैच भारत ने जीते हैं, जबकि सिर्फ एक मैच पाकिस्तान ने जीता है, जो टी20 एशिया कप 2022 का सुपर 4 का मुकाबला था।  

जब एक-दूसरे पर गिर पड़े लोग… रैली में मौजूद गवाहों ने बताई सच्चाई

करूर तमिलनाडू के करूर में तमिलगा वेत्री कजगम (TVK) चीफ ऐक्टर विजय की रैली में मची भगदड़ में अब तक 39 लोगों की मौत हो गई है। वहीं रैली में मौजूद लोगों का कहना है कि जब भीड़ में अफरा-तफरी मचनी शुरू हुई तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि यह भगदड़ कैसे रुकेगी। इतनी ज्यादा भीड़ में किया भी क्या जा सकता था। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शी नंद कुमार ने कहा, हम भी वहां मौजूद थे। भीड़ को नियंत्रित करने का कोई रास्ता ही नहीं था। कई प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विजय रैली स्थल पर दोपहर में ही पहुंचने वाले थे, हालांकि उन्हें पहुंचने में 6 घंटे की देरी हो गई। कुमार ने कहा, सबको यही लगा था कि रैली समय से शुरू होगी और इसीलिए लोग बच्चों को भी साथ लेकर गए थे। लोग भूख-प्यास से परेशान होने लगे। उन्होंने कहा, सुरक्षा का इंतजाम होने के बाद भी भीड़ इतनी थी कि स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा, जब भगदड़ मची तो कहीं इतनी जगह भी नहीं थी कि ऐंबुलेंस पहुंच सके। ऐसे में राहत-बचाव में भी देरी हुई। एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, हम मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन कोई हिलने-डुलने में भी सक्षम नहीं था। लोग एक दूसरे पर गिर रहे थे। हम सांस भी नहीं ले पा रहे थे। एक पिता अपनी 12 साल की बेटी को लेकर रैली में आया था। उन्होंने कहा, वह केवल बेहोश हुई थी। मुझे लगा सब ठीक हो जाएगा। लेकिन उसकी मौत हो गई। बता दें कि करूर-एरोड हाइवे पर वेलुसमीपुरम में ऐक्टर विजय की रैली आयोजित की गई थी। यहां वह भाषण देने आने वाले थे। शाम के 8 बजे के करीब उनका भाषण शुरू हुआ को ग्राउंड में कहीं पैर रखने की जगह नहीं थी। अनुमान से तीन गुना ज्यादा लोग वहां मौजूद थे। ऐक्टर विजय ने घटना पर दुख जताया है। वहीं तमिलनाडु के सीएम ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया है।

भारी भगदड़ के बाद विजय का बड़ा कदम, पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद

करूर करूर में भगदड़ के बाद तमिलगा वित्रा कजगम (TVK) चीफ और ऐक्टर विजय ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इस रैली में जिन लोगों की जान गई है उनके परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। बता दें कि शनिवार को तमिलनाडु के करूर में मची भगदड़ में कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये देने का ऐलान किया था। शनिवार को ऐक्टर से राजनेता बने विजय ने एक बड़ी रैली का आयोजन किया था। इसमें 10 हजार लोगें के पहुंचने का अनुमान था। हालांकि पहुंचने वालों की संख्या 27 हजार को भी पार कर गई। लोग सुबह से ही विजय का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में वे गर्मी और भूख-प्यास से परेशान थे। ऐक्टर विजय शाम को 7 बजे के बाद पहुंचे। उनके भाषण के दौरान ही लोग बेहोश होकर गिरने लगे और भगदड़ मच गई। इसमें करीब 39 लोगों की मौत हो गई और 100 के करीब लोग घायल हो गए। घटना को लेकर राजनीति गलियारों में आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को ही तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से करूर में अभिनेता एवं टीवीके प्रमुख विजय की रैली में मची भगदड़ के बाद की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें स्थिति से निपटने के लिए हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना पर तमिलनाडु सरकार से रिपोर्ट भी मांगी है। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव के. पलानीस्वामी ने रविवार को दावा किया कि शनिवार को यहां टीवीके की राजनीतिक रैली में हुई भगदड़ पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा में हुई चूक का सबूत है। पलानीस्वामी ने कहा कि अगर पुलिस और राज्य सरकार ने पर्याप्त एहतियाती कदम उठाए होते तो ऐसी ‘‘त्रासदी’’ टाली जा सकती थी। इस हादसे में 39 बेकसूर लोगों की जान चली गई और 51 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पलानीस्वामी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सभा में सुरक्षा चूक के सबूत हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण अफरा-तफरी और भगदड़ मची। टीवीके को अपने पार्टी कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए एहतियाती कदम उठाने चाहिए थे, क्योंकि उसने अब तक चार सभाएं की हैं।’’  

बेरोजगारी पर RSS नेता का अनोखा फार्मूला: घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दें

नई दिल्ली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) के मुख्य संरक्षक इंद्रेश कुमार देश में रोहिंग्या और अन्य घुसपैठियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि भारत में मौजूद सभी घुसपैठियों को मुस्लिम देशों में बांट दिया जाए तो देश के मुसलमानों की बेरोजगारी की समस्या का समाधान हो सकता है। इंद्रेश कुमार ने यहां के तालकटोरा स्टेडियम में एमआरएम के अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान और बंगलादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी की मांग की और अत्याचार रोकने के लिए वहां के सरकार से कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार जैसे राज्यों में रोहिंग्या सहित अवैध घुसपैठियों की मौजूदगी पर चिंता जताते हुए इसे भारतीय मुसलमानों की रोजगार और संसाधनों की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। उन्होंने घुसपैठ की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "घुसपैठिए नौकरी करेंगे तो यहां का मुसलमान कैसे रोजगार हासिल कर पाएंगे?" इस दौरान उन्होंने कहा, 'आतंकवाद किसी धर्म का नहीं बल्कि शैतानियत का नाम है। हम हिन्दुस्तानी थे, हैं और रहेंगे। हमारी पहचान कोई छीन नहीं सकता।' इस कार्यक्रम में कुमार के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदम्बिका पाल, भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी,ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी, अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती सहित काफी संख्या में बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, नशामुक्ति और राष्ट्रीय एकता के लिए संगठित और आक्रामक अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान पाल ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने हमेशा राष्ट्र-विरोधी ताकतों का जवाब दिया है और देश को जोड़ने का काम किया है। उन्होंने वक्फ संशोधन अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार वक्फ की एक-एक इंच जमीन का डिजिटलीकरण कर रही है ताकि उसे मुसलमानों की तरक्की में लगाया जा सके। संसद और सरकार वक्फ सुधारों को पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह संशोधन मुस्लिम समाज के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। ख्वाजा नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "भारत दुनिया का सबसे न्यायप्रिय देश है, जहां हर नागरिक को बराबरी का अधिकार प्राप्त है।" उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रयास समाज में भरोसा और सद्भाव बढ़ाने का हैं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच अब केवल सुधार की बात नहीं करता बल्कि अब यह जमीनी स्तर पर बदलाव के लिए ठोस योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए काम कर रहा है। तालकटोरा स्टेडियम की यह गूंज आने वाले वर्षों में भारत के कोने-कोने तक पहुंचेगी l महासम्मेलन में मंच के सभी राष्ट्रीय संयोजक, प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय संयोजक, सभी प्रांतों के संयोजक सह संयोजक और महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद थे। मौजूद लोगों में अलग अलग वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और हज समितियों से जुड़े लोग भी थे। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अपने 25 वर्षों के इतिहास में तीन तलाक समाप्ति, राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 तथा 35ए को हटाने, पीएफआई पर प्रतिबंध, वक्फ संशोधन कानून, तिरंगा यात्राएं और आतंकवाद विरोधी अभियान जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाई है।

PMO अधिकारी बनकर लोगों को ठगता था बाबा चैतन्यानंद, दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में 17 छात्राओं से यौन शोषण करने के आरोपी स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को आज सुबह उत्तर प्रदेश के आगरा के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल बाबा को वसंत कुंज थाने में रखा गया है। पुलिस आज दोपहर बाद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। दिल्ली पुलिस ने बाबा के पास फर्जी विजिटिंग कार्ड और मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस के टॉप सूत्रों ने बताया कि बाबा PMO के नाम पर किसी से कॉल करवाता था। जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बाबा चैतन्यानंद को आगरा में ढूंढ निकाला। वह बीते 2 महीनों के दौरान यूपी के करीब 13 अलग-अलग होटलों में रुक चुका है। वह 2 महीने से वृंदावन, मथुरा, आगरा के साथ उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में छुप रहा था। पुलिस को चैतन्यानंद सरस्वती के पास से तीन फोन और आई पैड भी बरामद किए गए हैं। इनमें वह मोबाइल फोन भी है, जिसमें बाबा छात्राओं के वीडियो और गर्ल्स हॉस्टल की सीसीटीवी फुटेज का एक्सेस रखता था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। पहला विजिटिंग कार्ड संयुक्त राष्ट्र का है, जिसके अनुसार, बाबा ने खुद को संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत बताया है। दूसरे विजिटिंग कार्ड के अनुसार, बाबा ने खुद को ब्रिक्स देशों के संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया है। हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था बाबा डीसीपी (साउथ-वेस्ट) अमित गोयल ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया, ''हमने एक टीम बनाई थी और पिछले तीन दिनों से हम ​​चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसार्थी की तलाश में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि पश्चिम बंगाल जैसे कई राज्यों में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। हमें कल रात आगरा के एक होटल से उसे पकड़ने में सफलता मिली। उसकी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और दिल्ली लाया गया। आगे की जांच जारी रहेगी। हमने तीन मोबाइल फोन और एक आईपैड बरामद किया है, जिनकी जांच की जाएगी। इसके साथ ही उसके पास से कुछ फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद हुए हैं, जिनमें उसे ब्रिक्स और संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाला भारत सरकार का अधिकारी बताया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह हर रोज अपने ठिकाने बदल रहा था। वह ज्यादातर मथुरा, वृंदावन और आगरा में रहता था। चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर के अनुसार वह छात्राओं को देर रात उसके कमरे में आने के लिए मजबूर करता था और उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजता था। उस पर अपने फोन के जरिए छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी आरोप है।

दुनिया की नजरें फाइनल पर: IND और PAK के बीच होगी अभिषेक और शाहीन की टक्कर

दुबई भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने कहा है कि रविवार को एशिया कप फाइनल में अभिषेक शर्मा की शानदार बल्लेबाजी का मुकाबला शाहीन शाह अफरीदी की सटीक गेंदबाजी से होगा और दोनों के बीच 'कांटे की टक्कर' देखने को मिलेगी। मोर्कल ने इन दोनों खिलाड़ियों के साथ काम किया है। मोर्कल इससे पहले पाकिस्तान टीम के साथ गेंदबाजी सलाहकार के रूप में कुछ समय के लिए काम कर चुके हैं जहां उन्हें बाएं हाथ के तेज गेंदबाज शाहीन को कोचिंग देने का मौका मिला था। पीछे नहीं हटेंगे अभिषेक मोर्कल ने कहा कि शाहीन निश्चित रूप से एक आक्रामक गेंदबाज है जो आपको पटखनी देने की कोशिश करेगा और अभिषेक भी पीछे नहीं हटेंगे। मुझे लगता है कि अब तक जब भी ये दोनों आमने-सामने आए हैं तो हम सभी क्रिकेट समर्थक और प्रशंसक अपनी सीटों से चिपके रहे हैं और यह खेल के लिए बहुत अच्छा है। दोनों खिलाड़ी 25 साल के हैं। हालांकि, शाहीन पिछले काफी समय से पाकिस्तान टीम का हिस्सा हैं लेकिन बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक ने मौजूदा एशिया कप में अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। इस भारतीय खिलाड़ी ने छह मैच में एक भी बार नाकामी नहीं झेली है। उन्होंने तीन अर्धशतक और तीन बार 30 या उससे अधिक के स्कोर बनाए हैं। अभिषेक रहे हावी भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक यहां हुए दोनों मैच में अभिषेक ने शाहीन की धज्जियां उड़ा दीं। अभिषेक ने 14 सितंबर के मैच की शुरुआत शाहीन पर फुलटॉस पर सीधा चौका लगाकर की और 21 सितंबर को इस तेज गेंदबाज पर स्क्वायर के पीछे हुक करके छक्का जड़ा। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज मोर्कल ने कहा कि हां, तो चलिए रविवार को इसका इंतजार करते हैं और इस टक्कर का आनंद लेते हैं। पाकिस्तान की कमजोरियां और भी अधिक अगर भारत अभिषेक पर बहुत अधिक निर्भर है तो सलमान आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तान टीम की कमजोरियां और भी अधिक स्पष्ट हैं। टीम का बल्लेबाजी क्रम काफी प्रभावी नहीं रहा है। जसप्रीत बुमराह को कुछ समय परेशान करने वाले साहिबजादा फरहान के अलावा अन्य बल्लेबाज दमदार प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। सईम अयूब का अभियान बेहद निराशाजनक रहा है। वह चार बार शून्य पर आउट हुए और एक समय तो टूर्नामेंट में उनके नाम पर रन से अधिक विकेट दर्ज थे। हुसैन तलत और सलमान अली आगा भारतीय स्पिनरों के सामने लड़खड़ा गए। रविवार का मैच एक बार फिर कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती की चतुराई से तय हो सकता है। पाकिस्तान की उम्मीदें नई गेंद से उसके खिलाड़ियों के आक्रामक प्रदर्शन पर टिकी हैं। अगर शाहीन शाह अफरीदी और हारिस राऊफ भारत के शीर्ष क्रम को जल्दी ध्वस्त कर देते हैं तो यह कम स्कोर वाला मुकाबला हो सकता है। लेकिन अभिषेक पर भारत की अत्यधिक निर्भरता की तरह शाहीन और राऊफ को भी अच्छे साथी गेंदबाजों की कमी खल रही है। रविवार के मुकाबले को शायद शिष्टाचार के लिए कम और नतीजे के लिए अधिक याद किया जाएगा। जैसा कि एक पुरानी कहावत है, ‘‘अंत भला तो सब भला।’’ भारत के लिए केवल एक ही स्वीकार्य अंत है: पाकिस्तान पर जीत, चाहे वह अच्छी लगे या खराब। मैच भारतीय समयानुसार रात आठ बजे से खेला जाएगा। भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा और रिंकू सिंह। पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमां, हारिस राऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी और सुफयान मोकिम।  

बड़ी राहत: हाईकोर्ट ने सहायक अध्यापकों की पदोन्नति पर शिक्षा विभाग को दी समय सीमा

ग्वालियर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को उनकी पदोन्नति पर तीन माह में विचार करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी वास्तविक नियुक्ति तिथि (पांच और सात सितंबर 1998) से मानी जाएगी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर तीन माह के भीतर उनके प्रमोशन पर निर्णय लेना होगा। साथ ही सभी लक्षित लाभ दिए जाएंगे, हालांकि बकाया वेतन नहीं मिलेगा।   यह था पूरा मामला     याचिकाकर्ताओं ने 25 अगस्त 2014 में जारी विभागीय आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गई थी।     उनका कहना था कि वे 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए, लेकिन विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनकर पदोन्नति से वंचित कर दिया।     विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता 2001 से मानी जाएगी, जब उनका समायोजन हुआ था, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ किया कि 2008 के नियमों के लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा।   इसके साथ ही, कोर्ट ने 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद कर दिया। इस फैसले से सहायक अध्यापकों को न केवल वरिष्ठता का लाभ मिलेगा, बल्कि पदोन्नति की राह भी खुल गई है।

टी20 एशिया कप का इतिहास बदला: सूर्यकुमार की रफ्तार से धोनी भी रह गए पीछे

नई दिल्ली  भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने शुक्रवार को एशिया कप 2025 में लगातार छठा मुकाबला जीता। इसके साथ ही सूर्यकुमार यादव ने एमएस धोनी का टी20 एशिया कप में सबसे ज्यादा मैच जीतने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने लगातार पांच मैच जीते थे, वहीं मौजूदा भारतीय टीम ने सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में छठा मुकाबला जीता। भारतीय टीम जारी एशिया कप में शानदार फॉर्म में हैं। भारत ने कुल 6 मैच जीते हैं और इस दौरान पांच टीमों को धूल चटाई है। भारत ने शुक्रवार को श्रीलंका को एशिया कप के आखिरी सुपर फोर मुकाबले में सुपर ओवर में हराया। एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने 2016 में लगातार पांच मुकाबले जीते थे और फिर फाइनल में बांग्लादेश को 8 विकेट से हराकर चैंपियन बनी थी। इस संस्करण में सिर्फ पांच टीमों ने भाग लिया था। भारत ने पहले मुकाबले में बांग्लादेश को 45 रनों से हराया। दूसरे मैच में पाकिस्तान को पांच विकेट से, तीसरे मुकाबले में श्रीलंका को 5 विकेट से और यूएई के खिलाफ नौ विकेट से जीत दर्ज की। इस तरह एमएस धोनी ने टी20 एशिया कप में पांच मैच खेलते हुए सभी में जीत दर्ज की थी। एशिया कप 2025 में कुल आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। जारी टूर्नामेंट में सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय टीम ने पहले मैच में यूएई को 9 विकेट से हराया। दूसरे मैच में पाकिस्तान को सात विकेट से रौंदा। तीसरे मैच में ओमान के खिलाफ 21 रन से जीत दर्ज की। सुपर फोर के पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 6 विकेट से रौंदा। बांग्लादेश के खिलाफ भारत ने 41 रनों से जीत हासिल की और अंतिम सुपर फोर मुकाबले में श्रीलंका को सुपर ओवर में धोया। इसके साथ ही सूर्यकुमार टी20 एशिया कप में 6 मैच जीतने वाले पहले कप्तान भी बन गए हैं। धोनी के अलावा दासुन शनाका ने टी20 एशिया कप में बतौर कप्तान पांच मैच जीते हैं।  

गुफा में जिंदगी बिताने वाली महिला और बेटियाँ अब रूस लौटेंगी, हाईकोर्ट का आदेश

नई दिल्ली कर्नाटक हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक रूसी महिला और उसकी दो नाबालिग बेटियों की वापसी के लिए यात्रा दस्तावेज जारी करने की अनुमति दे दी है। ये लोग तटीय कर्नाटक की एक गुफा में पाई गए थे। न्यायमूर्ति बी एम श्याम प्रसाद ने यह आदेश इजराइली नागरिक ड्रोर श्लोमो गोल्डस्टीन की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जो बच्चों का पिता होने का दावा करता है। गोल्डस्टीन ने अदालत से अनुरोध किया था कि केंद्र को नाबालिग बच्चों को तुरंत निर्वासित न करने का निर्देश दिया जाए। जुलाई में गुफा के अंदर मिले थे ये लोग नीना कुटीना नाम की यह महिला 11 जुलाई को कुमता तालुका के गोकर्ण के पास रामतीर्थ पहाड़ियों की एक गुफा में मिली थी। अधिकारियों ने बताया कि वह और उसके बच्चे बिना किसी वैध यात्रा या निवास दस्तावेज के लगभग दो महीने से वहां रह रहे थे। इजरायली नागरिक ने दर्ज कराई थी शिकायत गोल्डस्टीन ने भारत में अपने बच्चों का पता न लगा पाने के बाद पिछले साल दिसंबर में गोवा के पणजी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शुक्रवार की सुनवाई के दौरान, अदालत ने दर्ज किया कि रूसी वाणिज्य दूतावास ने कुटीना और उनकी बेटियों के लिए आपातकालीन यात्रा पत्र जारी किए हैं, जो केवल 9 अक्टूबर तक वैध हैं। कोर्ट ने वाणिज्य दूतावास को कुटीना की ओर से खुद को भेजे गए पत्र पर भी ध्यान दिया, जिसमें उसने जल्द से जल्द रूस लौटने की इच्छा व्यक्त की थी। अदालत में क्या हुआ? गोल्डस्टीन के वकील ने निर्वासन का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि ऐसा कदम बच्चों के सर्वोत्तम हितों के विरुद्ध होगा, जबकि हिरासत की कार्यवाही अभी भी लंबित है। हालांकि, अदालत ने पाया कि गोल्डस्टीन ने इस बात का कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया कि बचाव से पहले मां और बच्चे एक गुफा में अलग-थलग क्यों रह रहे थे। बच्चों के कल्याण के सिद्धांत पर जोर देते हुए पीठ ने कहा कि रूस वापस जाने के लिए मां का अनुरोध तथा उनकी वापसी में सहायता करने के लिए रूसी सरकार की तत्परता, अन्य बातों से अधिक महत्वपूर्ण है। 22 अगस्त को हुई पूर्व सुनवाई में गोल्डस्टीन की कानूनी टीम ने बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का हवाला दिया था, जबकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अरविंद कामथ ने अदालत को आश्वासन दिया था कि कुटीना और उनकी बेटियों की देखभाल महिलाओं के लिए विदेशी प्रतिबंध केंद्र में की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि निर्वासन तत्काल नहीं किया जाएगा, क्योंकि छोटे बच्चे के माता-पिता का पता लगाने के लिए डीएनए परीक्षण लंबित है, जिसके पास पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान, एएसजी ने अदालत को बताया कि दूसरी बेटी की डीएनए रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और रूसी सरकार को सूचित कर दिया गया है, जिसने बदले में, उन्हें रूस की यात्रा करने के लिए सक्षम बनाने हेतु रूसी नागरिकता और आपातकालीन यात्रा दस्तावेज (ईटीडी) जारी किए हैं।