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पेंशनधारकों को बड़ी राहत, जीवन प्रमाण पत्र जमा करना हुआ आसान – अब घर से ही कर सकेंगे सबमिट

नई दिल्ली देश के लाखों पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) देश के सभी 1600 जिलों और प्रमंडल मुख्यालयों में 1 से 30 नवंबर 2025 तक चौथा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान चलाने जा रहा है। इसके जरिए पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना आसान हो जाएगा। फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से बुजुर्ग घर बैठे ही अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर पाएंगे। इधर, बैंक और आईपीपीबी अक्टूबर 2025 में एसएमएस, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया, बैनर और स्थानीय मीडिया प्रचार द्वारा पेंशनरों को निवेदन विकल्पों के बारे में सूचित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करेंगे। हर साल जमा करना होता है लाइफ सर्टिफिकेट दरअसल,साल के अंतिम महीनो में खासकर नवंबर के महीने में पेंशनर्स को लाइफ सर्टिफिकेट को जमा करना होता है, क्योंकि पेंशनधारकों की ओर से जमा किया जाने वाला लाइफ सर्टिफिकेट एक साल के लिए वैलिड होता है।पिछले वर्ष जिन पेंशनर्स ने लाइफ सर्टिफिकेट जमा कराया था वो 30 नवंबर 2025 तक ही वैलिड है, ऐसे में दिसंबर महीने से पेंशन पाने के लिए ये जरूरी है कि 30 नवंबर तक पेंशनर्स अपना जीवन प्रमाण पत्र को जमा कर दें।30 नवंबर तक जो पेंशनभोगी यह सर्टिफिकेट जमा नहीं कराएगा, उसे दिसंबर से पेंशन मिलनी बंद हो जाएगी।हालांकि बाद में लाइफ सर्टिफिकेट जमा होने पर बकाया अमाउन्ट के साथ पूरी पेंशन की राशि खाते में आ जाती है। क्यों जरूरी है जीवन प्रमाण पत्र जीवन प्रमाण पत्र पेंशनभोगियों के लिए एक बायोमेट्रिक सक्षम डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र है। यह केंद्र सरकार, राज्य सरकार और अन्य शासकीय संस्थान के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इससे पता चलता है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है या नही। नियम के तहत 60 साल से 80 साल की उम्र वाले हर पेंशनर को 1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच अपना जीवन प्रमाण पत्र या लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होता है। 80 साल के सुपर सीनियर पेंशनर को 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच में ये सर्टिफिकेट जमा करना होता है। फेस ऑथेंटिकेशन से कैसे जमा होगा जीवन प्रमाण पत्र, यहां समझें पूरा प्रोसेस     सबसे पहले फोन पर UIDAI द्वारा बनाई Aadhaar Face RD Application डाउनलोड करना होगा।     Aadhaar Face RD ऐप इंस्टॉल करने के बाद आपको अपने फोन पर ‘जीवन प्रमाण ऐप’ डाउनलोड करना होगा।     यहा आपको ‘Operator Authentication’ स्क्रीन दिखेगी। यहां आधार चेकबॉक्स पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर डालें।     मोबाइल नंबर दर्ज करें और ईमेल पता डालें, सबमिट का बटन दबाएं। इसके बाद आपके मोबाइल और ईमेल पर एक OTP आएगा, उसे दर्ज करें।     आपके सामने एक नई स्क्रीन आएगी। यहां अपना नाम दर्ज करें और चेक बॉक्स पर टिक करके ‘Scan’ ऑप्शन को चुनें।     फिर ऐप आपका फेस स्कैन करने की अनुमति मांगेगा। यहां Yes पर टैप करें।     स्क्रीन पर निर्देश दिखेंगे उसे पढ़ें और “I am aware of this” पर टैप करके Proceed पर टैप करें।     अब आपका चेहरा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद पूछी गई जानकारी दर्ज करें और एक बार आपके चेहरे को फिर से स्कैन किया जाएगा और आपको प्रमाण ID और PPO नंबर मिलेगा।     लास्ट में सर्टिफिकेट डाउनलोड करने के लिए जीवन प्रमाण की वेबसाइट पर लॉगिन करें और अपनी प्रमाण ID डालें। इसके तुरंत बाद आपका जीवन प्रमाण डाउनलोड हो जाएगा।

पैकेट में कम निकला नमकीन, उपभोक्ता फोरम ने हल्दीराम को 1 लाख रुपये का जुर्माना ठोका

उमरिया जागो ग्राहक जागो नारा आपने कई बार सुना होगा, आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जो जागरूकता और आपके जेब की सेहत से जुड़ी है, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में उपभोक्ता न्यायालय ने देश की नामचीन पैकेजिंग फूड कंपनी हल्दीराम के ऊपर एक लाख की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। दरअसल पूरा मामला नगर के एक उपभोक्ता कैंप निवासी राकेश दर्दवंशी से जुड़ा है जिसने उमरिया के एक दुकानदार से हल्दीराम नमकीन की 400 ग्राम का पैकेट खरीदा जिसमे मात्रा में कमी का अंदेशा हुआ और उसने उसका वजन कराया तो पैकेट में दर्ज 400 ग्राम की अपेक्षा नमकीन की मात्रा महज 333 ग्राम मिली। नमकीन कम निकलने पर ग्राहक ने दुकानदार, हल्दीराम कंपनी के डीलर और कंपनी को मेल कर जानकारी दी और कार्यवाही की मांग की लेकिन सबने चुप्पी साध ली,लेकिन ग्राहक ने हार नहीं मानी और खरीदी के बिल सहित शिकायतों के सभी दस्तावेज लेकर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपभोक्ता कोर्ट पहुंच गया। उपभोक्ता फोरम में महीनों सुनवाई के बाद न्यायालय ने कंपनी के ऊपर जो फैसला दिया वह हर नजीर बन गया है और हर ग्राहक को जागरूक करने वाला है, उपभोक्ता न्यायालय के अध्यक्ष ने फैसले में हल्दीराम कंपनी नागपुर को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी माना और पैकेट में दर्ज बैच नंबर के आधार पर देश भर के 24230 उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का करना माना,और एक लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का फैसला दिया है। शिकायतकर्ता ने पूरी राशि को कर दिया दान  इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ग्राहक ने क्षतिपूर्ति की रकम जो उसे हासिल होनी थी उसे लेने से इनकार करते हुए किसी सामाजिक संस्था को दान देने का लिखित आवेदन किया जिसके बाद न्यायालय ने अपने आदेश में क्षतिपूर्ति की राशि वृद्धाश्रम को को दान करने का आदेश पारित किया गया। फैसला आम नागरिक के लिए एक संदेश उमरिया में उपभोक्ता की जागरूकता ने एक बड़ी कंपनी की चोरी को पकड़ा और उसे उचित सजा दिलवाने तक लड़ाई लड़ी इस देश के हरेक आम नागरिक के लिए एक संदेश है कि कंपनियों द्वारा बाजार में बेचे जाने जाने वाले किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता को जांच परख कर ले ताकि किसी प्रकार की चोरी का शिकार होने से बचे रहें।

क्या आपके पास दो क्रेडिट कार्ड हैं? जानिए कैसे हो सकती है आपकी आर्थिक मजबूती

मुंबई  भारत में क्रेडिट कार्ड का यूज तेजी से बढ़ रहा है. अपने फाइनेंशियल खर्चों को मैनेज करने के लिए लोग क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते है. कई लोग तो एक से ज्‍यादा क्रेडिट कार्ड यूज करते हैं, लेकिन क्‍या 2 क्रेडिट कार्ड का यूज सही फैसला हो सकता है. आइए जानते हैं इसपर एक्‍सपर्ट क्‍या कहते हैं… कई एक्‍सपर्ट दो क्रेडिट कार्ड रखने को एक अच्‍छा फैसला मानते हैं, क्‍योंकि इससे खर्च को मैनेज किया जा सकता है. साथ ही रिवॉर्ड्स को ज्‍यादा से ज्‍यादा तक बढ़ाया जा सकता है. एक्‍सपर्ट इसे फाइनेंशियल कंडीशन को मैनेज करने का भी एक अच्‍छा तरीका मानते हैं. अब वो मुख्‍य तीन वजह जानते हैं, जिससे क्रेडिट कार्ड ज्‍यादा उपयोगी हो सकता है.  रिवॉर्ड और ज्‍यादा लाभ  2 क्रेडिट कार्ड होने से आप रणनीतिक रूप से हर कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग तरह के खर्चों के लिए कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, एक कार्ड का इस्तेमाल किराने के सामान या रोजमर्रा की जरूरी चीजों के लिए किया जा सकता है, जिन पर कैशबैक मिलता है, जबकि दूसरे कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग, यात्रा या अन्य कैटेगरी के लिए किया जा सकता है. बेहतर क्रेडिट स्‍कोर  अपने क्रेडिट स्‍कोर को दो कार्ड की मदद से कंट्रोल किया जा सकता है. दो कार्डों को जिम्‍मेदारी से यूज करने पर आपका क्रेडिट यूज रेशियो कम हो सकता है और आप अपने बिल का फटाफट पेमेंट भी कर सकते हैं. इससे आपके क्रेडिट स्कोर को बनाए रखने या सुधारने में मदद मिल सकती है, जो भविष्य के लोन या वित्तीय योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है.  खर्च करने में लचीलापन बढ़ाना  दूसरा क्रेडिट कार्ड आपके प्राथमिक कार्ड के खो जाने, ब्लॉक हो जाने या अस्वीकृत हो जाने की स्थिति में बैकअप का काम करता है. यह आपको खर्चों को अलग-अलग करने की सुविधा भी देता है. एक कार्ड का इस्तेमाल रोजमर्रा के खर्चों के लिए और दूसरे का इस्तेमाल हाई प्राइस या ऑनलाइन लेनदेन के लिए, जिससे धोखाधड़ी का जोखिम कम होगा है और खर्चों पर नजर रखना आसान होगा.  हालांकि दो क्रेडिट कार्ड होने से आपको रिवॉर्ड, लचीलापन और बेहतर क्रेडिट मैनेजमेंट मिल सकता है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है. ऊंची ब्याज दरें, छिपे हुए शुल्क और कर्ज का रिस्‍क वास्तविक परेंशानी है. वित्तीय विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दूसरे कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले इसके फायदे और नुकसान पर ध्यान से विचार करें और किसी एक्‍सपर्ट से सलाह लें. 

EPFO खाताधारकों को मिल सकती है राहत, अक्टूबर में अहम फैसलों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए काम की खबर है। EPFO 3.0 के लिए नए साल 2026 तक का इंतजार करना पड़ सकता है।खबर है कि अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में बैठक हो सकती है जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी और फिर नवंबर या फिर दिसंबर में अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बता दें कि EPFO 3.0 पोर्टल लॉन्च होने के बाद PF का पैसा यूपीआई और एटीएम से निकाल सकेंगे।इसके अलावा बैठक में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज न्यूनतम पेंशन को भी बढ़ाने पर विचार कर सकता है।वर्तमान में मासिक पेंशन 1,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 1,500–2,500 रुपये किए जाने की संभावना है। ATM से निकलेगा पीएफ का पैसा     कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। इससे कर्मचारी सीधे ATM से अपने PF फंड निकाल सकेंगे। यह बिल्कुल बैंक खाते की तरह होगा। इसके लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को एक्टिवेट करना और आधार को बैंक अकाउंट से लिंक करना जरूरी होगा।  केन्द्र सरकार ने इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों को भी शॉर्टलिस्ट किया है, जो डेवलपमेंट और मेंटिनेंस का काम संभालेगी।     ईपीएफओ ATM की सुविधा शुरू करने के लिए बैंकों के साथ-साथ, RBI से भी बात की है। इसके जरिए ऑटोमेटेड PF विड्रॉल और इंटीग्रेटेड ATM सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा।इसके लिए UAN नंबर के जरिए लॉगइन और UAN का आधार कार्ड, पैन कार्ड से लिंक अनिवार्य किया जाएगा।     वैसे तो इसे मई जून 2025 में लॉन्च किया जाना था, लेकिन तकनीकी टेस्टिंग और अन्य कारणों के चलते देरी हुई।संभावना है कि दिसंबर अंत तक इस पर फैसला हो सकता है और जनवरी 2026 से इसे लागू किया जा सकता है। PF विड्रॉल के लिए जारी होगा एक विशेष कार्ड     EPFO 3.0 के तहत खाताधारकों को ऑटोमेटेड PF विड्रॉल और इंटीग्रेटेड ATM सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप के जरिए भी पीएफ निकासी हो सकेगी। इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा।इसकी मदद से आप PF अकाउंट का बैलेंस, कॉन्ट्रिब्यूशन को भी ट्रैक कर पाएंगे।     इस नए सिस्टम के तहत ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स को ATM जैसा एक कार्ड इश्यू किया जाएगा। यह कार्ड पीएफ अकाउंट से लिंक होगा, जिससे एटीएम से पीएफ का पैसा निकाल पाएंगे। UPI से पैसा निकालने के लिए अकाउंट को UPI से लिंक कराना होगा।     EPFO 3.0 में सदस्य यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए तुरंत PF विड्रॉल कर पाएंगे। इससे इमरजेंसी की स्थिति में कर्मचारियों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के सीधे फंड तक पहुंच मिलेगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

इस दुर्गा अष्टमी पर बन रहे दो दुर्लभ संयोग, मान्यता है मिलती है खुशहाली और सफलता

हिंदू धर्म में नवरात्रि का काफी महत्व माना गया है। इसमें 9 दिनों तक माता के 9 स्वरूपों की पूजन की जाती है। नवरात्रि में महाअष्टमी का विशेष महत्व माना गया है। 30 सितंबर को शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि है। इस दिन माता गौरी की पूजन का विशेष महत्व माना गया है। अष्टमी के दिन माता महागौरी की पूजन करने के साथ व्रत रखा जाता है। इस दिन संधि पूजन भी होती है। इस बार शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर शोभन योग सहित कई मंगलकारी योग निर्मित हो रहे हैं। इन योग में जो माता गौरी की पूजन करेगा उसकी हर मनोकामना पूरी होगी। चलिए आपको इस बारे में बताते हैं। दुर्गा अष्टमी का मुहूर्त  29 सितंबर को 4:32 से शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। स्थिति का समापन 30 सितंबर शाम 6:06 पर होगा। महाष्टमी का व्रत 30 सितंबर को रखा जाएगा। विभिन्न संध्याकाल में पूजन का समय 5:42 से 6:30 तक का है। बन रहे कौन से योग अष्टमी तिथि पर बना रहे योग की बात करें तो इस दिन शोभन योग का निर्माण हो रहा है। यह देर रात 1:03 तक रहेगा। इसके अलावा शाम को 6:06 से शिव वास योग का निर्माण हो रहा है। यह ऐसा योग होता है जब भगवान शिव स्वयं माता पार्वती के साथ हिमालय पर वास करते हैं। इन योग में जो भी माता दुर्गा की पूजन करेगा उसे सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। ये हैं मुहूर्त इस दिन सूर्योदय का समय सुबह 6:10 और सूर्यास्त का समय शाम 6:05 है। चंद्रोदय दोपहर 1:36 मिनट पर होगा और चंद्रास्त रात 11:51 पर है। शुभ मुहूर्त की बात करें तो 4:33 से 5:22 तक ब्रह्म मुहूर्त है। दोपहर 2:07 से 2:54 तक विजय मुहूर्त। शाम 6:05 से 6:29 तक गोधूलि मुहूर्त। रात 11:43 से 12:46 तक निशिता मुहूर्त है।

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से मिलेगी ज्यादा राशि, सीएम मोहन यादव का ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। राशि में बढ़ोतरी लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे। भविष्य में और बढ़ोतरी सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है।  भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान  मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा. मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

मुंबई से अहमदाबाद तक 2 घंटे का सफर, देश की पहली बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?

अहमदाबाद  रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर एक बड़ा अपडेट दिया है.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का 50 किलोमीटर का हिस्सा 2027 में शुरू हो जाएगा और 2029 तक मुंबई और अहमदाबाद के बीच का पूरा खंड चालू कर दिया जाएगा. यानी कि 2029 तक भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी.  रेल मंत्री ने कहा कि चालू होने के बाद, बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी केवल दो घंटे सात मिनट में तय होगी. उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है. यह जानकारी उन्‍होंने सूरत रेलवे स्‍टेशन के निरीक्षण के दौरान कही. उन्‍होंने यहां पर स्‍टेशन कार्य के अलावा, ट्रैक तैयार होने का कार्य और टर्नआउट इंस्‍टॉलेशन की भी जांच की.  2029 तक देश में दौड़ने लगेगी पहली बुलेट ट्रेन  रेल मंत्री ने कहा कि पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट तेजी से चल रहा है. सूरत और बिलिमोरा के बीच परियोजना का पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक शुरू हो जाएगा. हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. 2028 तक, पूरा ठाणे-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा और 2029 तक पूरा मुंबई-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा. वैष्णव ने बताया कि मुख्य लाइन की गति क्षमता 320 किमी प्रति घंटा और लूप लाइन की 80 किमी प्रति घंटा है.  नए टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षित और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह ट्रेनों की एक बहुत ही जटिल आवाजाही है, इसलिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां कई वाइब्रेट सिस्‍टम इंस्‍टॉल किए गए हैं, जब भी ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, तो यूटिलिटी केबल वाइब्रेट को खत्‍म कर देगा और ट्रेन स्‍मूथ चलेगी.  पटरियों के लिए खास सिस्‍टम इंस्‍टॉलेशन  उन्होंने आगे कहा कि पटरियों के भीतर भी, किसी भी वाइब्रेशन को कंट्रोल करने के लिए कई सिस्‍टम तैयार किए गए हैं. इनपर कुछ खास तरह की सुविधाएं जोड़ी गई हैं, ताकि तेज हवा या अचानक भूकंप आने पर भी ट्रेन पूरी तरह स्थिर रहे. वैष्णव ने कहा कि सूरत स्टेशन का पूरा भारी काम पूरा हो चुका है और ट्रैक लिंक के साथ-साथ फिनिशिंग और यूटिलिटी कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.  बुलेट ट्रेन शुरू होने से विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी उन्होंने कहा कि आज, बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सूरत स्टेशन पर पहला टर्नआउट स्थापित किया गया है. टर्नआउट वह स्थान होता है जहां पटरी या तो जुड़ती है या अलग होती है. यहां कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, उदाहरण के लिए, ये रोलर बेयरिंग जिन पर पटरियां चलेंगी. यह भी एक बिल्कुल नई तकनीक है, जिसका हम इस्तेमाल कर रहे हैं.  वैष्णव ने कहा कि महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई से अहमदाबाद तक सभी प्रमुख शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को एक कर देगी और जापान की तरह विकास को गति देगी, जब पहली बुलेट ट्रेन शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि नए प्रोजेक्‍ट पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा.

अंडमान सी में 300 मीटर गहराई पर मिला नैचुरल गैस का भंडार, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली  भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने ट्विटर पर जानकारी दी कि अंडमान सागर में स्थित श्री विजयपुरम 2 (Sri Vijayapuram 2) कुएं में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का पता चला है. यह कुआं अंडमान द्वीपसमूह के पूर्वी तट से लगभग 17 किलोमीटर (9.20 समुद्री मील) दूर है. कुएं की जलगहराई (Water Depth) 295 मीटर है, यानी यह समुद्र की सतह से 295 मीटर गहरे पानी में स्थित है. इसकी लक्षित गहराई (Target Depth) 2650 मीटर रखी गई थी. इसका मतलब है कि कुएं को पानी की सतह से लेकर समुद्र के नीचे जमीन में कुल 2650 मीटर तक खोदा गया. इसमें 295 मीटर पानी की गहराई और उसके नीचे जमीन में लगभग 2355 मीटर की गहराई शामिल है. शुरुआती उत्पादन परीक्षण (Initial Production Testing) से पता चला कि 2212 से 2250 मीटर की गहराई में प्राकृतिक गैस मौजूद है और इसमें समय-समय पर फ्लेयरींग (Intermittent Flaring) भी देखा गया. मीथेन गैस मिली गैस के नमूनों (Gas Samples) को जहाज के माध्यम से काकिनाडा (Kakinada) लाया गया, जहां उनका परीक्षण किया गया. जांच में सामने आया कि इस गैस में 87% मीथेन (Methane) है. मीथेन एक उच्च ऊर्जा क्षमता वाला घटक है और इसे वाणिज्यिक उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. अंडमान सागर में खोज का महत्व अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस की यह खोज भारत के ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिहाज से अहम है. इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्रोतों से पूरा करने में मदद मिलेगी और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी. आने वाले कदम केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अब कुएं से कमर्शियल प्रोडक्शन योजना तैयार की जाएगी. यह चरण देश की ऊर्जा रणनीति में एक नया आयाम जोड़ सकता है और अंडमान-निकोबार क्षेत्र में ऊर्जा निवेश के अवसर भी बढ़ाएगा. ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक लाभ इस खोज से न केवल घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय ऊर्जा बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करने में भी मदद करेगा. मीथेन की उच्च प्रतिशतता इस परियोजना को वाणिज्यिक रूप से आकर्षक बनाती है और भविष्य में एलएनजी (LNG) निर्यात के रास्ते भी खोल सकती है. कुल मिलाकर, श्री विजयपुरम 2 कुएं में प्राकृतिक गैस की पुष्टि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है और यह देश को आत्मनिर्भर ऊर्जा स्रोतों की ओर एक कदम और आगे ले जाएगी.

कांग्रेस संगठन में नई हलचल, एमपी के ज़िला अध्यक्ष मैदान में – नवंबर में राहुल और खड़गे की सीधी बैठक

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी 71 जिला अध्यक्षों के लिए 2 से 12 नवंबर तक पचमढ़ी में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सीधी क्लास लेंगे। राहुल गांधी की क्लास से पहले सभी जिला अध्यक्ष फील्ड में सक्रिय हो गए हैं। अध्यक्षों को एक महीने में कार्यकारिणी बनानी है, मुद्दों को उठाना है और जनता से सीधा संवाद करना है। यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती की नींव बनने जा रहा है। इस विशेष शिविर में कांग्रेस नेतृत्व कार्यकर्ताओं को दिशा दिखाने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।  जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे राहुल शिविर की शुरुआत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जबकि राहुल गांधी दो दिन तक प्रशिक्षण में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वे जिलाध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे और पूछेंगे कि आप ने  अभी तक संगठन में आपने क्या काम किया? किन मुद्दों पर आंदोलन किए? जनता के बीच कितनी बार पहुंचे? राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लेंगे, जिससे कार्यकर्ताओं को अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। राहुल गांधी दो दिन रहेंगे, प्रभात फेरी में होंगे शामिल  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दो दिन तक यहां मौजूद रहेंगे. राहुल जिला अध्यक्षों को संगठन की चुनौतियों, चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के गुर सिखाएंगे. वे नेताओं से वन टू वन चर्चा कर उनके जिलों की परिस्थितियों को समझेंगे और आगे की कार्ययोजना देंगे. इस शिविर का मकसद संगठन सृजन अभियान से बने जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना है. वरिष्ठ नेता महेंद्र जोशी को प्रशिक्षण स्थल की तैयारियां देखने के लिए पचमढ़ी भेजा गया है. अनुशासन और राहुल गांधी की रणनीति  पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के शिविर कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाते हैं. पचमढ़ी का शांत और प्राकृतिक वातावरण इसके लिए उपयुक्त माना गया है. राहुल गांधी का सीधा जुड़ाव शिविर की खासियत होगा. कांग्रेस इस शिविर से दो संदेश देना चाहती है. पहला यह कि पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देती है. दूसरा यह कि राहुल गांधी सीधे रणनीति बना रहे हैं. गौसेवा और प्रभातफेरी जैसी गतिविधियां परंपरा और आधुनिक राजनीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हैं. कांग्रेस का संगठनात्मक अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर इस शिविर का मकसद संगठन सृजन अभियान से बने जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना है. सुबह योग और प्रभात फेरी से दिन की शुरुआत होगी. इसके बाद प्रशिक्षण सत्रों में रणनीति, संवाद और चुनावी प्रबंधन सिखाया जाएगा. गौसेवा और स्वच्छता कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस संगठनात्मक अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर देना चाहती है. नेताओं की मजबूत टीम देगी मार्गदर्शन 2 से 12 नवंबर तक पचमढ़ी में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय प्रमुख सचिन राव, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिविर संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगा। जनसंवाद की रणनीति 1-सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग 2-जमीनी मुद्दों की पहचान और समाधान 

खजुराहो में अगले दशक में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, 2000 करोड़ होंगे खर्च

खजुराहो  भारत सरकार अब यूनेस्को की मान्यता प्राप्त खजुराहो को अगले दस सालों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने दो माह पहले ही इसका खाका तैयार कर लिया है। मप्र पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के अनुसार, सरकार चुनिंदा पर्यटन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए केवल खजुराहो में अगले 10 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से वहां रोड़ कनेक्टिविटी, पर्यटक गाइडिंग, सिटी ऐप व 'वन टूरिज्म कार्ड' जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खजुराहो को क्यों चुना खजुराहो पहले से ही दुनियाभर में अपने मंदिरों की विशिष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजना यूनेस्को की सूची में शामिल चुनिंदा स्थलों को विश्वस्तरीय बेंचमार्क पर विकसित करने की है. जिसके लिए खजुराहो का चयन किया गया है। खजुराहो हवाई अड्डे श्रेष्ठ एयरपोर्ट में भी शामिल है। टिकाऊ विकास पर होगा फोकस     प्रोत्साहन लैंड, व अनुदानः सब्सिडी, राज्यग ग्रांट और इंसेंटिव्स उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी निवेश आकर्षित हो सके।     स्वच्छता और पर्यावरणः सफाई और सफाई सेवाओं पर 2 सफाई विशेष जोर, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से हरित मानकों का पालन होगा। ये होगा खास     आधुनिक सुविधाएं: सड़क मार्ग, रेल-हवाई संपर्क बेहतर होगा. पाथवेज, एकोमोडेशन, पर्यटक सुविधा केंद्र, सिविक एमेनिटीज आदि पिक सीजन को ध्यान में रखते हुए बनेंगे।     सांस्कृतिक और कलात्मक केंद्रः मध्य प्रदेश और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भव्य कला केंद्र बनाया जाएगा।     वन टूरिज्म कार्डः सभी प्रकार की बुकिंग के लिए एक वन टूरिज्म कार्ड बनेगा, जिससे बुकिंग आसान होगी। इसी कार्ड से होटल, म्यूजियम, मंदिर, बस, ट्रेन, एयरपोर्ट आदि पर भी पेमेंट कर सकेंगे।     आधुनिक होटलः दुनिया के 20 से अधिक चर्चित होटलों को बनाया जाएगा, जिसका पूरा इंफास्ट्रक्चर आधुनिक, कला और तकनीक से परिपूर्ण होगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक अवसर है कि खजुराहो को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। इस निवेश योजना से न केवल ठोस बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएंगे। – शिव शेखर शुक्ला, एसीएस, पर्यटन विभाग