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मरकंटक “चचाई” थर्मल पॉवर स्टेशन ने 609 दिनों तक बिजली उत्पादन का बनाया रिकार्ड

भोपाल  राज्य क्षेत्र के थर्मल पॉवर स्टेशनों में एक नया इतिहास रचते हुए, मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई (ATPS) की 210 मेगावॉट (MW) क्षमता वाली यूनिट नंबर 5 ने लगातार 609 दिनों तक निर्बाध रूप से क्रियाशील रहकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह शानदार सफर 1 अक्टूबर 2024 से शुरू होकर 2 जून 2026 तक करीब पौने दो साल तक बिना रुके जारी रहा, जो राज्य क्षेत्र (State Sector) की किसी भी थर्मल यूनिट के लिए अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। दो जून को अचानक आई एक तकनीकी विद्युत खराबी (Electric Fault) के कारण इस यूनिट को रोकना पड़ा, जिससे यह अद्भुत सफर थम गया। इस ऐतिहासिक परिचालन अवधि के दौरान प्लांट के कार्यकुशलता सूचकांक (Performance Indices) भी बेहद उत्कृष्ट रहे, जो यूनिट की बेहतरीन तकनीकी देखरेख और परिचालन क्षमता को दर्शाते हैं। मजबूत परफॉर्मेंस: आंकड़ों में देखें यूनिट का दमदार प्रदर्शन इस मैराथन रन के दौरान प्लांट के कार्यकुशलता सूचकांक (Performance Indices) बेहद बेमिसाल रहे। PAF (प्लांट उपलब्धता) 98.82%, PLF (प्लांट लोड फैक्टर) 95.61% और APC (सहायक बिजली खपत) 9.29% रही। "यह टीम वर्क की ऐतिहासिक जीत" : ऊर्जा मंत्री  तोमर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने पॉवर स्टेशन के सभी अभियंताओं, तकनीकी स्टाफ और कर्मचारियों को इस ऐतिहासिक सफलता की बधाई दी है। प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि लगातार 609 दिनों तक बिना किसी ट्रिपिंग के यूनिट का चलना हमारे उत्कृष्ट रखरखाव, कुशल प्रबंधन और ग्राउंड स्टाफ की दिन-रात की मेहनत का परिणाम है। चचाई थर्मल पॉवर स्टेशन ने राज्य क्षेत्र में जो बेंचमार्क सेट किया है, उस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।  

टीम इंडिया में एंट्री के साथ इतिहास रच सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, सचिन का रिकॉर्ड खतरे में!

नईदिल्ली  भारत के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टी20 स्क्वॉड का ऐलान कल यानी शनिवार, 6 जून को हो सकता है। नए कप्तान के साथ-साथ स्क्वॉड में कई आईपीएल स्टार्स को भी मौका मिल सकता है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी की भी किस्मत चमक सकती है और उन्हें सीनियर टीम से पहली बार बुलावा आ सकता है। अगर वैभव सूर्यवंशी का चयन आयरलैंड दौरे पर होता है और उन्हें टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने का मौका मिलता है तो वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल डेब्यू पाकिस्तान के खिलाफ 1989 में हुआ था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी। वहीं वैभव सूर्यवंशी आज यानी शुक्रवार, 5 जून को उनकी उम्र 15 साल 70 दिन की है। 26 जून को भारत को आयरलैंड के खिलाफ पहला टी20 खेलना है, अगर वैभव सूर्यवंशी का चयन सीनियर टीम में होता है और उन्हें डेब्यू करने का मौका मिलता है तो वह सचिन तेंदुलकर का यह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। श्रेयस अय्यर के रूप में भारत को मिल सकता है नया टी20 कप्तान रिपोर्ट्स की मानें तो बीसीसीआई सूर्यकुमार यादव से कप्तानी छीनकर टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपने का मन बना चुके हैं। टीम के ऐलान के साथ नए कप्तान का भी ऐलान हो सकता है। वैसे तो अय्यर ने 2023 से भारत के लिए कोई टी20 मैच नहीं खेला है, मगर इस साल की शुरुआत में उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ बतौर इंजरी रिप्लेसमेंट भारतीय स्क्वॉड में जगह मिली थी, मगर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था। अय्यर की कप्तानी आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट में लाजवाब रही है। 2024 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया था, वहीं 2025 में वह पंजाब किंग्स की कप्तानी करते हुए फाइनल तक पहुंचे थे, जहां उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। अय्यर की कप्तानी के साथ-साथ उनकी बल्लेबाजी भी टी20 में लाजवाब रही है, जो उन्हें कप्तानी का दांवेदार बनाती है। श्रेयस अय्यर के पिछले दो सालों में 1000 से अधिक रन है, वहीं इस सीजन में उन्होंने अपना पहला आईपीएल शतक भी ठोका था।  

पंत के बल्ले से इतिहास की आहट, 6 छक्के और लगते ही बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

चंडीगढ़  भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज ऋषभ पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका है। विकेटकीपर ने भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाए हैं और उनके पास 100 छक्के तक पहुंचने वाला पहला भारतीय बल्लेबाज बनने का सुनहरा मौका है। आईपीएल में निराशाजनक प्रदर्शन को भुलाकर पंत आगामी टेस्ट में नई शुरुआत करने उतरेंगे। उनका फॉर्म खेल के सबसे बड़े प्रारूप में सवालों के घेरे में था, जिसके बाद उन्हें उपकप्तानी के पद से भी हटा दिया गया। भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच शनिवार से होने जा रहा है। भारत के टेस्ट में सर्वाधिक छक्के भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम है। उन्होंने भारत के लिए 49 टेस्ट मैच में 94 छक्के लगाए हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज ने टीम के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग को इस लिस्ट में पीछे छोड़ा था, जिन्होंने 104 मैचों में 90 छक्के मारे थे। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने 67 मैचों में 88 छक्के जड़े हैं। वह इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने 89 मैचों में 80 छक्के जड़े हैं। इसके अलावा दिग्गज एमएस धोनी भी इस लिस्ट में मौजूद हैं। धोनी ने 90 मैच खेलते हुए 78 छक्के ठोके थे। सचिन तेंदुलकर ने 200 मैचों में भारत के लिए 69 छक्के लगाए हैं। ऋषभ पंत ने भारत के लिए अब तक 49 टेस्ट मैच खेले हैं और वह शनिवार को 50 टेस्ट मैच खेलने उतरेंगे। पंत ने 49 टेस्ट मैच में 3476 रन बनाए हैं। उनका औसत 42.91 का है। विकेटकीपर बल्लेबाज ने टेस्ट फॉर्मेट में आठ शतक और 18 अर्धशतक लगाए हैं। हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में ऋषभ पंत नए रूप में दिख सकते हैं और थोड़ा संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिखेंगे। क्योंकि टीम मैनेजमेंट ने उनसे मैच के हिसाब से खेलने के लिए कहा है। आईपीएल 2026 में पंत का प्रदर्शन ऋषभ पंत के आईपीएल का 19वां सीजन बेहद खराब रहा। पिछले सीजन की तरह इस बार भी टीम उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और 10 टीमों के टूर्नामेंट में अंतिम पायदान पर रही। ऋषभ पंत बतौर बल्लेबाज भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। सीजन खत्म होने के बाद उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी के पद से इस्तीफा दे दिया था। भारत के लिए टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के ऋषभ पंत – 94 वीरेंद्र सहवाग-90 रोहित शर्मा-88 रविंद्र जडेजा-80 एम एस धोनी-78 सचिन तेंदुलकर-69

सुकमा के किसान पुत्र ने रचा इतिहास JEE एडवांस में 634वीं रैंक हासिल कर बारसे रोशन ने बढ़ाया जिले का गौरव

रायपुर  सुदूर वनांचल और नक्सल प्रभावित क्षेत्र सुकमा के एक किसान परिवार के बेटे ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। झापरा क्षेत्र के निवासी बारसे रोशन ने देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE एडवांस 2026 में कैटेगरी रैंक 634 प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी कभी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने      बारसे रोशन एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रोशन ने पढ़ाई को अपना लक्ष्य बनाया और कठिन परिश्रम के बल पर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। जिला प्रशासन बना मजबूत सहारा      रोशन की उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने उनका सम्मान किया। तुंगल डेम में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर  अमित कुमार ने शाल एवं फल भेंटकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने घोषणा की कि रोशन की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। जिला प्रशासन उनकी आगे की पढ़ाई की पूरी फीस का वहन करेगा, जिससे वे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में बिना किसी आर्थिक चिंता के अध्ययन कर सकें। ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ से मिला सफलता का मार्ग          सुकमा जिले में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘क्षितिज कोचिंग इंस्टीट्यूट’ का संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर  अमित कुमार और मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित यह पहल ग्रामीण और आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद बन रही है। जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन तथा नोडल अधिकारी के सतत पर्यवेक्षण में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। शिक्षकों और टीम के समर्पण का परिणाम          बारसे रोशन की सफलता के पीछे संस्थान के शिक्षकों और प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्थान के प्रबंधक  सूरज सिंह ने विद्यार्थियों के लिए अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार किया। वहीं, शिक्षकों ने विद्यार्थियों को विषयगत ज्ञान के साथ परीक्षा रणनीति और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके प्रयासों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाया और सफलता की राह आसान बनाई। शासन की शिक्षा उन्मुख पहल का सकारात्मक परिणाम           यह सफलता दर्शाती है कि शासन और जिला प्रशासन की शिक्षा केंद्रित योजनाएं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग जैसी सुविधाएं ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद कर रही हैं। सुकमा के युवाओं के लिए प्रेरणा बने बारसे रोशन  बारसे रोशन की उपलब्धि आज सुकमा के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वन एवं प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप ने भी रोशन को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिला प्रशासन ने विश्वास जताया है कि आने वाले वर्षों में सुकमा से ऐसे अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी निकलेंगे, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

रक्षा सौदे में नया मोड़: भारत के रुख से फ्रांस को लग सकता है झटका, मित्र देश ने दिया नया ऑफर

नई दिल्ली भारत फाइटर जेट स्क्वाड्रन की घटती संख्या को मेंटेन करने के लिए फ्रांस के साथ 114 राफेल जेट की डील पर बातचीत कर रहा है. यह करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील है. इसको लेकर इंडियन एयर फोर्स चीफ एपी सिंह एक दिन पहले तक फ्रांस में थे. लेकिन, अभी तक इस डील का सबसे बड़ा पेच नहीं सुलझा है. भारत चाहता है कि फ्रांस इस जेट का सोर्स कोड नहीं तो कम से कम इंटरफेस डॉक्यूमेंट साझा करे जिससे कि भारत इस जेट में देसी ब्रह्मोस जैसी घातक मिसाइलें लगा सके. लेकिन, फ्रांस इंटरफेस डॉक्यूमेंट भी नहीं देना चाहता है. उसकी चिंता है कि अगर वह भारत के साथ यह डॉक्यूमेंट साझा करेगा तो उसकी पूरी गोपनीयता भारत के हाथ लग जाएगी. फिर ये गोपनीय जानकारी भारत के जरिए उसके दुश्मन देश यानी रूस तक पहुंच जाएगी. इसी कारण वह फिलहाल राफेल का इंटरफेस डॉक्यूमेंट नहीं देना चाहता है।  भारत के लिए सुखद ऑफर इस बीच भारत के लिए एक सुखद खबर आई है. राफेल को लेकर बनी भ्रम की स्थिति के बीच पुराने दोस्त रूस ने बड़ा ऑफर दिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद एक बड़ी पेशकश कर दी है. उन्होंने इंटरनेशनल प्रेस मीट में कहा कि रूस पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट Su-57 से लेकर एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम तक हर स्तर पर भारत का सहयोग करने के लिए तैयार है. पुतिन का स्पष्ट रूप से यह कहना दुनिया खासकर फ्रांस के लिए एक बड़ा संदेश है. भारत रूस से एसयू-57 खरीदने की भी योजना पर काम कर रहा है. ऐसे में भारत कितनी संख्या में यह जेट खरीदेगा यह काफी हद तक राफेल डील पर निर्भर करेगा।  दरअसल, एसयू-57 पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. अभी तक दुनिया में केवल तीन देश ही पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स इस्तेमाल कर रहे हैं. इसमें एक अमेरिका, दूसरा चीन और तीसरा देश रूस है. हालांकि रूसी पांचवीं पीढ़ी के जेट एसयू-57 को लेकर एक्सपर्ट कई सवाल भी उठाते रहे हैं लेकिन, रूस की ओर से पूरा सोर्स कोड़ साझा करने, भारत में इस जेट को बनाने और भारत की जरूरत के हिसाब से इस जेट में बदलाव करने जैसे ऑफर को आसानी से खारिज नहीं किया जा सकता है. सामरिक मामलों के एक्सपर्ट यहां तक कह रहे हैं कि भारत की योजना राफेल के साथ-साथ सुखोई-57 के कम से कम तीन स्क्वाड्रन लेने की है. इससे भारत पांचवीं पीढ़ी की अपनी तात्कालिक जरूरत को पूरा कर लेगा. इसके बाद 2035 तक भारत का अपना 5+ पीढ़ी का जेट एम्का तैयार हो जाएगा. भारत एम्का प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है।  फ्रांस को संदेश रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का ऑफर भारत के नजरिए से काफी अहम है. पुतिन इंटरनेशनल प्रेस के सामने यह बात कही है. ऐसे में पुतिन का यह बयान काफी कुछ कहता है. इसमें यह संदेश छिपा है कि अगर फ्रांस भारत के साथ इंटरफेर डॉक्यूमेंट नहीं साझा करता है तो भारत के विकल्प खुले हैं. भारत पहले ही से रूस का एक बड़ा सैन्य पार्टनर रहा है. इस वक्त भी भारतीय एयरफोर्स की रीढ़ सुखोई-30 एमके जेट हैं. ये चौथी पीढ़ी के जेट हैं और भारत के पास इसके 250 से अधिक यूनिट हैं. इनको भारत में ही असेंबल किया गया है. रूस ने सुखोई-30एमकेई के प्लांट में ही सुखोई-57 को असेंबल करने का ऑफर दिया है. इससे भारत के लिए खर्च में काफी कमी आ जाएगी. इसके साथ ही रूसी विमानों में किसी भी भारतीय मिसाइल को जोड़ना आसान रहेगा. ऐसे में पुतिन का संदेश केवल भारत के लिए नहीं है बल्कि फ्रांस के लिए भी है। 

काशी के आसमान में वायु सेना का पराक्रम, गंगा तट पर दिखेगा भव्य त्रिशूल फॉर्मेशन

वाराणसी  भारतीय वायु सेना (IAF) इस साल अपना 94वां स्थापना दिवस बड़े ही भव्य अंदाज में मनाने जा रही है. इस बार की सबसे खास बात यह है कि एयर फोर्स डे का फ्लाईपास्ट पहली बार पवित्र नदी गंगा के ऊपर वाराणसी में आयोजित किया जाएगा. काशी विश्वनाथ मंदिर के आसमान में वायु सेना के जेट विमानों की उड़ान देश के लिए एक यादगार क्षण होने वाला है।  वाराणसी भारत की आध्यात्मिक राजधानी मानी जाती है. गंगा नदी और काशी विश्वनाथ मंदिर के ऊपर वायु सेना का फ्लाईपास्ट पहली बार होने जा रहा है. अक्टूबर में होने वाले इस कार्यक्रम की तारीख जल्द ही अंतिम रूप से तय की जाएगी. यह आयोजन IAF की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होगा।  इससे पहले एयर फोर्स डे के मुख्य समारोह में औपचारिक परेड गाजियाबाद के हिंडन एयर फोर्स स्टेशन में 8 अक्टूबर को होगी. वहीं दूसरा चरण वाराणसी में फ्लाईपास्ट के रूप में मनाया जाएगा. इस बार वायु सेना का प्रयास है कि उत्सव को देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर से बाहर ले जाकर आम जनता तक पहुंचाया जाए।  फ्लाईपास्ट में क्या-क्या शामिल होगा? वाराणसी के आसमान में वायु सेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के विभिन्न फॉर्मेशन्स दिखाई देंगे. फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स के साथ-साथ भारी परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल होंगे।  एयरबोर्न पैराट्रूपर्स द्वारा प्रेसिजन पैराशूट जंप का प्रदर्शन भी हो सकता है. वायु सेना अपनी पूरी परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करेगी. इस प्रदर्शनी का मकसद सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि आम नागरिकों को वायु सेना से जोड़ना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना भी है।  पिछले वर्षों की परंपरा और बदलाव पिछले कुछ वर्षों में भारतीय वायु सेना ने अपनी वर्षगांठ के फ्लाईपास्ट को देश के विभिन्न शहरों में आयोजित किया है. चंडीगढ़, प्रयागराज, भोपाल और गुवाहाटी जैसे शहरों में यह कार्यक्रम हो चुका है. इसका उद्देश्य है कि देश के कोने-कोने के लोग वायु सेना की ताकत और प्रोफेशनरिज्म को करीब से देख सकें।  वाराणसी का चयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद खास है. गंगा के ऊपर विमानों का उड़ना आध्यात्मिकता और आधुनिकता के सुंदर संगम का प्रतीक बन जाएगा।  एयर फोर्स डे का महत्व भारतीय वायु सेना का स्थापना दिवस हर साल 8 अक्टूबर को मनाया जाता है. यह दिन 1932 में IAF की स्थापना की याद दिलाता है. शुरू में रॉयल इंडियन एयर फोर्स के नाम से शुरू हुई यह सेना आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है।  इस साल 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाला फ्लाईपास्ट न सिर्फ वायु सेना की बढ़ती ताकत को दिखाएगा बल्कि हाल के वर्षों में की गई आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण की उपलब्धियों को भी उजागर करेगा।  वाराणसी में होने वाला यह फ्लाईपास्ट आम जनता के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा. हजारों लोग गंगा घाटों और आसपास के इलाकों में जमा होकर आसमान में वायु सेना की शानदार उड़ान देख सकेंगे. वायु सेना का प्रयास है कि इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं में रक्षा बलों के प्रति आकर्षण बढ़े और वे करियर के रूप में वायु सेना को चुनें।  अभी अंतिम मंजूरी, तारीख और पूरा कार्यक्रम जल्द ही घोषित किया जाएगा. लेकिन यह तय है कि इस साल का एयर फोर्स डे वाराणसी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा।  गंगा के पावन किनारे पर पहली बार होने वाला IAF का फ्लाईपास्ट भारतीय वायु सेना की आधुनिक क्षमताओं और देश की सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सुंदर सेतु बनेगा. यह कार्यक्रम न सिर्फ वायुयोद्धाओं की निष्ठा और कौशल को सलाम करेगा बल्कि पूरे देश को एकजुट भी करेगा। 

क्या CM विजय बनेंगे INDIA गठबंधन का नया चेहरा? DMK की जगह TVK की एंट्री की चर्चाएं तेज

चेन्नई  द्रविड़ मुनेत्र कषगम(DMK) के इंडिया गठबंधन से बाहर निकलने और 08 जून की बैठक का बहिष्कार करने के फैसले के बाद तमिलगा वेट्टरी कषगम(TVK) गठबंधन में डीएमके की पार्टी की जगह ले सकती है और उम्मीद है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय इस अवसर का लाभ उठाकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखें। टीवीके का कांग्रेस के साथ गठबंधन और मजबूत हो गया है, क्योंकि विजय ने अपने मंत्रिमंडल में दो मंत्री पद और एक राज्यसभा सीट देकर इसे और पुख्ता किया है जबकि वह(यह सीट अपनी पार्टी के लिए भी रख सकते थे)। अब उनकी रुचि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका निभाने में है। इससे पहले  कांग्रेस के तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडनकर ने सचिवालय में विजय से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि विजय का इंडिया गठबंधन में प्रवेश और संभवतः द्रमुक के जाने से पैदा हुए खाली स्थान को भरना इस चर्चा का मुख्य विषय था। श्री विजय की उपस्थिति उनके विशाल जनाधार को देखते हुए गठबंधन को और अधिक मजबूती प्रदान कर सकती है, क्योंकि कांग्रेस और टीवीके दोनों का एक साझा लक्ष्य धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करना है। विजय से राहुल गांधी को भी मिलेगी ताकत लोकसभा में 22 और राज्यसभा में 08 सांसदों वाले द्रमुक का गठबंधन से अलग होना एक अस्थायी झटका हो सकता है, लेकिन विजय का इंडिया गठबंधन में शामिल होना इसे 'स्टार पावर' और एक नया आकर्षण प्रदान करेगा। कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार इससे राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने में काफी मदद मिलेगी। इसके अलावा श्री गांधी और श्री विजय के बीच का विशेष बंधन आने वाले लोकसभा चुनावों में राजनीतिक परिदृश्य को बदलने में सहायक सिद्ध होगा। विजय पहले ही तमिलनाडु के राजनीतिक नक्शे को बदल चुके हैं, और उनकी पार्टी टीवीके का लक्ष्य उस धर्मनिरपेक्ष स्थान पर कब्जा करना है, जिस पर कभी डीएमके का दावा हुआ करता था। कांग्रेस का साथ होने से उनके पास भाजपा का मुकाबला करने के लिए आवश्यक धर्मनिरपेक्ष साख मौजूद है। द्रमुक के लिए अब तक कांग्रेस ही वह पार्टी थी जिसने उसे धर्मनिरपेक्षता का आवरण प्रदान किया था। इसके अलावा श्री विजय का फिल्मी करिश्मा तमिलनाडु की सीमाओं से कहीं आगे तक फैला हुआ है। पड़ोसी राज्य केरल में उनके प्रशंसकों की विशाल संख्या है और कुछ हद तक आंध्र प्रदेश तथा कर्नाटक में भी उनके प्रशंसक मौजूद हैं। चुनावों के समय कांग्रेस के लिए यह स्थिति अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

EPF का ब्याज कब आएगा खाते में? लाखों कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट

 नई दिल्‍ली देश के करोड़ों ईपीएफ सदस्‍य इन दिनों अपने अकाउंट में ब्‍याज आने का इंतजार कर रहे हैं. कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) ने मार्च 2026 में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 8.25 फीसदी ब्‍याज का ऐलान किया था, लेकिन नया फाइनेंशियल ईयर शुरू होने के 2 महीने से ज्‍यादा समय होने के बाद भी अभी तक सदस्‍यों के अकाउंट में ब्‍याज का पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ है।  ऐसे में पीएफ अकाउंट होल्‍डर्स को इस बात की टेंशन हो रही है कि उनके पीएफ का पैसा कब खाते में भेजा जाएगा? हालांकि, ईपीएफओ ने कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है. जल्‍द ही पीएफ अकाउंट के तहत पैसा सदस्‍यों के खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।  EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए मार्च 2026 में EPF पर 8.25% सालाना ब्याज दर की सिफारिश की थी. इसके बाद से सरकार की मंजूरी और नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार किया जा रहा है. यह अपडेट आने के बाद कर्मचारियों के खाते में ब्‍याज का पैसा जमा कर दिया जाएगा. फिलहाल, सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है। क्‍यों हो रही है देरी? फाइनेंशियल ईयर खत्म होते ही EPFO ब्याज कर्मचायों के पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर नहीं कर देता है, बल्कि इसके पीछे कई प्रॉसेस होते हैं. पहले सरकार की मंजूरी ली जाती है, फिर करोड़ों अकाउंट के आंकड़ों को चेक किया जाता है और रिकॉर्ड अपडेट किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में कुछ महीने लग जाते हैं. पिछले कुछ सालों में भी ब्याज जून और जुलाई के दौरान खातों में जमा किया गया था. इस कारण, इस बार भी ब्‍याज जमा होने में देरी हो रही है।  देरी से क्‍या होगा नुकसान?  ब्‍याज का पैसा लेट से आने का मतलब ये नहीं होता है कि सदस्‍यों को ब्‍याज में नुकसान होगा. EPFO के नियमों के अनुसार, अकाउंट होल्‍डर्स को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. ब्‍याज का कैलकुलेशन अकाउंट में मौजूदा बैलेंस के आधार पर की जाती है, यानी भले ही ब्‍याज की एंट्री बाद में दिखाई दे, लेकिन पूरे साल का ब्‍याज दर से जोड़ा जाएगा. EPFO कई बार यह कह चुका है कि ब्‍याज जमा होने में देरी का अस सदस्‍यों को मिलने वाले अमाउंट पर नहीं पड़ता है. पूरा ब्‍याज उनके अकाउंट में जमा किया जाता है।  कैसे करें चेक अकाउंट में ब्‍याज आया कि नहीं?      EPF मेंबर अपने अकाउंट की जानकारी कई तरह से देख सकते हैं.     UMANG ऐप पर लॉगिन कर View Passbook विकल्प चुन सकते हैं.      इसके साथ ही EPFO की Member Passbook सेवा के जरिए भी बैलेंस और ब्याज की जानकारी देखी जा सकती है.      सदस्य अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देकर या 7738299899 पर SMS भेजकर भी PF बैलेंस की जानकारी ले सकते हैं.     अगर पासबुक में Int. Updated up to 31/03/2026 लिखा दिखाई देता है, तो समझिए कि ब्याज अपडेट किया जा चुका है.     

वरिष्ठजनों के सम्मान और सुरक्षा का संदेश, 15 जून को विशेष जागरूकता दिवस का आयोजन

भोपाल वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, गरिमा, सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 15 जून को अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठजन दुर्व्यवहार रोकथाम जागरूकता दिवस मनाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण संचालनालय ने इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। दिवस के अवसर पर वृद्धाश्रमों, डे-केयर केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य उपयुक्त स्थलों पर विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें संगोष्ठी, परिचर्चा, जागरूकता रैली, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण तथा वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह शामिल हैं। युवाओं और वरिष्ठजनों के मध्य संवाद को बढ़ावा देने के लिए अंतर-पीढ़ी संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रमों के माध्यम से वृद्धजनों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता, पारिवारिक उत्तरदायित्व और सामाजिक सहभागिता का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए। इसके लिए स्थानीय समाचार-पत्रों, सामुदायिक रेडियो, सोशल मीडिया तथा अन्य प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण एवं कल्याण के लिए लागू अधिनियमों और नियमों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा वृद्धजनों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है।  

वित्त विभाग का बड़ा फैसला: पांच विभागों की सेवा पुस्तिकाओं का होगा परीक्षण

भोपाल  प्रदेश में 38 हजार कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों समेत अन्य इन विभागों में काम कर रहे अन्य अधिकारी कर्मचारी के रिटायरमेंट के पहले उनके संपूर्ण सेवाकाल के सर्विस रिकार्ड और वेतन निर्धारण की जांच की जाएगी। अगर किसी को नियम विरुद्ध फायदा पहुंचाया गया है तो ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी। ऐसे कर्मचारी प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग में सर्वाधिक हैं जिनकी जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इन विभागों में लंबित वेतन निर्धारण, वेतनमान स्वीकृति तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर उनका निराकरण सुनिश्चित करें। इन 5 विभागों में चलेगा विशेष अभियान सरकार ने पाया है कि सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले और गड़बड़ियां कुछ खास विभागों में हैं। इसलिए इस विशेष अभियान को मुख्य रूप से पांच बड़े विभागों में चलाया जाएगा।     लोक निर्माण विभाग      लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग     जल संसाधन विभाग     नर्मदा घाटी विकास विभाग     स्कूल शिक्षा विभाग लंबित मामलों का तुरंत निपटारा कई बार ऐसा होता है कि कर्मचारियों को समय पर उनका सही वेतन नहीं मिल पाता है। साथ ही प्रमोशन या रिटायरमेंट का लाभ नहीं मिल पाता है। वित्त विभाग ने माना कि वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला पैसे से ज्यादा विवाद होता है। इन विवादों की वजह से कर्मचारियों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि वे कर्मचारियों के इन अटके हुए मामलों की तुरंत जांच करें और उनका जल्द से जल्द निपटारा करें। अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही उन पर एक्शन हो सकता है। विभागों को इस अभियान की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी। 6 महीने में ठीक करनी होंगी सर्विस बुक वित्त विभाग ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें साफ कहा गया है कि वे कर्मचारियों की सर्विस बुक को अच्छे से चेक करें। उसमें कोई गलती मिलती है तो उसे तुरंत सुधारा जाए।  किसी मामले में पहले से मंजूरी लेने की जरूरत हो तो वह प्रक्रिया भी पूरी की जाए। इस पूरे काम को पूरा करने के लिए सरकार ने 6 महीने का समय तय किया है। आदेश में कई बातों का जिक्र आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित विवादों के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए विभागवार विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का समाधान किया जाएगा। विभागों को अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है। सेवा पुस्तिका की जांच कर गलतियां सुधारें वित्त विभाग ने संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर गलतियों का सुधार करें और आवश्यक होने पर पूर्व अनुमोदन प्राप्त कर कार्रवाई करें। साथ ही आगामी छह माह के भीतर सेवा-अभिलेखों और वेतन निर्धारण संबंधी लंबित मामलों का निराकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विशेष अभियान के अंतर्गत सेवानिवृत्त एवं सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, समयमान, क्रमोन्नति वेतनमान और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। .