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हार्दिक पंड्या और रोहित शर्मा पर BCCI सख्त, फिटनेस टेस्ट के बाद ही होगा चयन

 नई द‍िल्ली  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को अपनी फिटनेस साबित करनी होगी. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साफ कर दिया है कि अंतिम एकादश में जगह से पहले उन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से फिटनेस क्लियरेंस हासिल करना होगा।  हार्दिक पंड्या को अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल तो किया गया है, लेकिन उनके नाम के साथ फिटनेस संबंधी शर्त भी जोड़ी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक हार्दिक 2 जून को बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे और सीरीज शुरू होने से पहले वहां एक सप्ताह से अधिक समय बिताएंगे।  इस दौरान 32 वर्षीय ऑलराउंडर को फिटनेस ड्रिल, फिजिकल असेसमेंट से गुजरना होगा. सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उन्हें RTP (Return To Play) मंजूरी मिलेगी. इसके बाद ही अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में उनकी उपलब्धता पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।  हार्दिक के लिए यह फिटनेस टेस्ट इसलिए भी अहम है क्योंकि IPL 2026 में मुंबई इंडियंस की कप्तानी करते हुए उन्हें पीठ में ऐंठन (Back Spasms) की समस्या हुई थी. इसी वजह से वह टूर्नामेंट के दौरान कुछ मुकाबलों में नहीं खेल पाए थे. उनका आखिरी वनडे मुकाबला ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ था।  रोहित शर्मा को भी CoE में रिपोर्ट करने का निर्देश सिर्फ हार्दिक ही नहीं, पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा को भी BCCI ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिपोर्ट करने के लिए कहा है. रोहित IPL 2026 के दौरान हैमस्ट्रिंग चोट से जूझ रहे थे. इसी कारण अफगानिस्तान सीरीज के लिए घोषित भारतीय टीम में उनके नाम के आगे भी फिटनेस संबंधी शर्त लगाई गई है।  हालांकि मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने ने हाल ही में दावा किया था कि रोहित पूरी तरह फिट हैं. जयवर्धने के मुताबिक रोहित को चोट से उबरने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था और मेडिकल टीम ने उन्हें 100 प्रतिशत फिट माना है।  उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि IPL में रोहित का इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल टीम की रणनीति का हिस्सा था, इसका उनकी फिटनेस से कोई संबंध नहीं था. जयवर्धने ने कहा कि मुंबई इंडियंस अपनी टीम की जरूरतों के हिसाब से फैसले लेती है और रोहित हमेशा टीम की मांग के अनुसार खुद को ढालते हैं।  भारत और अफगान‍िस्तान की वनडे सीरीज कब से है? भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज 13 जून से धर्मशाला के HPCA स्टेडियम में शुरू होगी. दूसरा मुकाबला 17 जून को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि तीसरा और अंतिम वनडे 20 जून को चेन्नई में आयोजित होगा।  अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा*, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या*, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।  अब सबकी नजर हार्दिक पंड्या और रोहित शर्मा की फिटनेस रिपोर्ट पर रहेगी. अगर दोनों खिलाड़ियों को समय पर क्लियरेंस मिल जाती है तो अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की टीम और भी मजबूत नजर आएगी। 

खुद को ‘डीलमेकर’ और नेतन्याहू को ‘हार्डलाइनर’ बता रहे ट्रंप? वायरल दावे से सियासी हलचल

यरुशलम तुम्हारा दिमाग खराब हो चुका है, अगर मैं न होता, तो तुम अब तक जेल में होते. ये मैं हूं जो तुम्हारी जान बचा रहा हूं. अब हर कोई तुमसे नफरत करता है. इसी वजह से हर कोई इजरायल से भी नफ़रत करता है। ये दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्राध्यक्ष की भाषा तो कतई नहीं है. तो फिर क्या हुआ कि ट्रंप अपने सबसे करीबी साथी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर इस तरह बिफर गए।  हैरान करने वाले ये जुमले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की है. जो उन्होंने फोन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बेहद गुस्से में कहे. इस टकराव का खुलासा अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में की है।  ये झगड़ा नहीं स्ट्रैटेजिक डिफरेंस है तो क्या अमेरिकी राष्ट्रपति सचुमच इजरायली प्रधानमंत्री से नाराज है. ट्रंप और नेतन्याहू के बीच टकराव मुख्य रूप से ईरान डील और लेबनान/हेजबुल्लाह पर है. यह कोई पुराना व्यक्तिगत झगड़ा नहीं, बल्कि ईरान-इजराइल-यूएस टेंशन के बीच का स्ट्रैटेजिक डिफरेंस है।  दरअसल ट्रंप की प्राथमिकता अब एक ऐसी डील है जिसे वह अपनी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर सकें. ट्रंप ईरान के साथ डील में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से बड़ी लकीर खींचना चाहते हैं।  उन्होंने हाल ही में दावा किया कि ईरान के साथ समझौता निकट हो सकता है और बातचीत तेज गति से चल रही है. लेकिन ये वार्ता बार बार डिरेल हो रही है.  दूसरी ओर इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों और लेबनान में बढ़ते संघर्ष ने इन वार्ताओं को बार-बार बाधित किया है. ईरान ने भी आरोप लगाया है कि इजरायली हमले कूटनीतिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  नेतन्याहू 'हार्डलाइनर' और ट्रंप 'डीलमेकर' विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की रणनीति दोहरी हो सकती है. पहला वह ईरान को यह संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका बातचीत के लिए गंभीर है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला पक्ष हमेशा वॉशिंगटन नहीं है. तेल अवीव भी ऐसा करता है. दूसरा वह नेतन्याहू पर अप्रत्यक्ष दबाव बनाना चाहते हैं कि इजरायल की सैन्य कार्रवाइयां अमेरिकी कूटनीतिक लक्ष्यों को बाधित न करें।  कुछ विशेषज्ञों का तर्क है कि यदि ट्रंप को लगता है कि समझौता उनकी राजनीतिक जीत साबित हो सकता है, तो वह नेतन्याहू को "कठोर नेता" की छवि में दिखाकर खुद को "डीलमेकर" के रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं. इसलिए वह ट्रंप को कथित रूप से कड़वे शब्द कह रहे हैं।  एक्सियोस के अनुसार लेबनान में ऑपरेशन के लिए ट्रंप ने नेतन्याहू को खरी-खोटी सुनाई और अपशब्दों तक का प्रयोग कर डाला. ट्रंप इजरायल द्वारा लेबनान में शुरू की जा रही सैन्य कार्रवाई से बेहद खफा थे. खासकर बेरूत पर हमले की योजना से. इजरायल का ये कदम  ट्रंप की ईरान के साथ चल रही डिप्लोमेसी को बर्बाद कर सकती थी।  इजरायल को सता रहा अलग डर वहीं इजरायली पक्ष को डर है कि ट्रंप ईरान को कमजोर करने के बजाय अस्थायी डील पर राजी हो जाएंगे, जिससे तेहरान को सांस लेने का मौका मिलेगा और हेजबुल्लाह जैसे प्रॉक्सी मजबूत होंगे।  ट्रंप ईरान के साथ अपनी डील को पूरा करने के लिए इजरायल की कार्रवाइयों को समस्या के रूप में पेश कर सकते हैं. इससे अमेरिकी जनता और गल्फ सहयोगियों में इजरायल पर दबाव बढ़ेगा।  ट्रंप के लिए ईरान युद्ध जल्द खत्म करना राजनीतिक जरूरत है. अमेरिका की इकोनॉमी, तेल कीमतें और 2026 के मध्यावधि चुनावों को देखते हुए ट्रंप इसे किसी भी कीमत पर पूरा करने चाह रहे हैं।  इजरायल को 'प्रॉब्लम' दिखाकर ट्रंप ईरान पर भी डील के लिए राजी होने का अप्रत्यक्ष दबाव डाल रहे हैं. इसके बाद ट्रंप के पास इजरायल को ये कहने का अधिकार होगा कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इजरायल को लेबनान पर हमला करने से रोक दिया अब ईरान की बारी है कि वो डील के शर्तों पर राजी हो।  ईरान बातचीत तेज करने का दावा कर रहा है, लेकिन लेबनान में छोटे-मोटे हमले जारी हैं. ट्रंप की 'आर्ट ऑफ डील' फिर परीक्षा की कसौटी पर है. क्या वे इजरायल को काबू में रख ईरान को मना पाएंगे, या क्षेत्र फिर आग की चपेट में आ जाएगा?   

राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी, यहाँ राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा स्थापित यह भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। यहाँ दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व.  बनसिंह, स्व.  अंतरसिंह एवं स्व.  लक्मृण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री  मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुये हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी को बधाई दी। समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिकता संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रिगण को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे। प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के तीन विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 बच्चों को प्लेस किया है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है। वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूं उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेंहू का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय किया गया, जो कि गेहूं विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूं विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूं का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है। जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से दो लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य 'अमृत सरोवरों … Read more

निवेशकों के लिए खुशखबरी! बैंकों की नई FD योजनाओं में मिल रहा शानदार रिटर्न

नई दिल्ली  वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के मन में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इस समय क्या कहां पैसा लगाएं? गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भी भारी उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। शेयर बाजार पिछले एक साल में 7 प्रतिशत से अधिक लुढ़क चुका है। इस अनिश्चितता के माहौल में फिक्सड डिपॉजिट एक शानदार विकल्प हो सकता है। यहां रिटर्न की पूरी गारंटी रहती है। मौजूदा समय में कुछ बैंक 2.5 प्रतिशत से 8 प्रतिशत तक का रिटर्न फिक्सड डिपॉजिट पर दे रहे हैं। बैंकों की तरफ से कुछ खास एपडी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। यह स्कीम के तहत 444 दिन की एफडी ग्राहकों को करवानी होगी। इस योजना में कोई भी व्यक्ति 1000 रुपये से 3 करोड़ रुपये तक निवेश कर सकता है। स्कीम में मंथली, तिमाही और छमाही मैच्योरिटी का विकल्प प्रदान करता है। SBI Amrit Vrishti एफडी स्कीम पर सामान्य नागिरकों को 6.45 प्रतिशत का ब्याज बैंक की तरफ से दिया जा रहा है। सीनियर सिटीजन को बैंक 6.95 प्रतिशत ब्याज और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया जा रहा है। बता दें, समय से पैसा निकालने पर 5 लाख रुपये तक की एफडी पर 0.5 प्रतिशत की पेनाल्टी लगेगी। वहीं, अगर अमाउंट 5 लाख रुपये से अधिक है तब की स्थिति में पेनाल्टी 1 प्रतिशत होगी। इंडियन बैंक IND सिक्योर एफडी यह स्कीम भी 444 दिन की है। इस योजना के तहत ग्राहक 1000 रुपये से 3 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकता है। सामान्य नागरिकों के लिए 6.60 प्रतिशत ब्याज दिया जा रहा है। सीनियर सिटीजन के लिए बैंक की तरफ से 7.10 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.35 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। इस स्कीम में मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने की अनुमति ग्राहकों को है। बैंक ऑफ बड़ौदा bob Square Drive Deposit Scheme यह योजना भी 444 दिन की है। बैंक की तरफ से इस एफडी स्कीम पर 6.45 प्रतिशत से 7.10 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर किया रहा है। सामान्य नागिरकों को बैंक 6.45 प्रतिशत तक ब्याज ऑफर कर रहा है। सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 6.95 प्रतिशत और सुपर सीनियर सिटीजन को बैंक की तरफ से 7.05 प्रतिशत तक ब्याज देने का फैसला किया गया है। सीनियर सिटीज के लिए अलग एफडी स्कीम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने वी केयर डिपॉडिट स्कीम को शुरू किया है। इस स्कीम के तहत बैंक की तरफ से 50 बेसिस प्वाइंट ब्याज 5 साल और 10 साल तक के एफडी पर ब्याज दिया जा रहा है। इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौडा और आईसीआईसीआई बैंक सीनियर सिटीजन को स्पेशल एफडी दे रहा है।

BCCI के ऐलान से चर्चा में आकिब नबी, क्या अफगानिस्तान के खिलाफ मिलेगा डेब्यू का मौका?

 नई दिल्ली  अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से मुल्लांपुर में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच से पहले जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी भारतीय टीम के कैम्प से जुड़ गए हैं. हालांकि उन्हें अभी आधिकारिक टेस्ट स्क्वॉड में शामिल नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक वह बैकअप खिलाड़ी के रूप में शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं।  आकिब नबी का टीम इंडिया कैम्प में शामिल होना इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि टेस्ट टीम के ऐलान के समय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सेलेक्शन कमेटी को उनके नाम को लेकर ट्रोल होना पड़ा था. अजीत अगरकर की अगुआई वाली सेलेक्शन कमेटी ने जसप्रीत बुमराह को आराम दिए जाने के बाद आकिब की जगह गुरनूर बरार को मौका दिया था. इसके बाद कई क्रिकेट विशेषज्ञों और फैन्स ने नबी को नजरअंदाज किए जाने पर सवाल उठाए थे।  अब टीम इंडिया कैम्प में उनकी एंट्री को भविष्य की योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. भले ही अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में उनका खेलना तय नहीं है, लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन उनकी प्रगति पर करीबी नजर बनाए हुए है. श्रीलंका दौरे के लिए उनकी दावेदारी फिलहाल कमजोर मानी जा रही है, लेकिन अक्टूबर में न्यूजीलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजों के लिए मददगार परिस्थितियों को देखते हुए वह चयनकर्ताओं के रडार पर हो सकते हैं।  आकिब नबी ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था. जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक रणजी ट्रॉफी जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई और टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. नबी ने 10 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 60 विकेट चटकाए. इस दौरान उनका औसत सिर्फ 12.56 का रहा और उन्होंने सात बार पांच विकेट हॉल अपने नाम किए।  रणजी में धमाकेदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें IPL 2026 मिनी ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा था. वह फ्रेंचाइजी के सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहे. द‍िल्ली ने उनको 8.40 करोड़ रुपए में खरीदा था.  हालांकि IPL में उनका पहला सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. उन्होंने पांच मैच खेले लेकिन एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके।  भारत की टेस्ट टीम फिलहाल शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ मुकाबले की तैयारी कर रही है. टीम में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।  आकिब नबी को भले ही अभी आधिकारिक तौर पर टेस्ट कैप नहीं मिली हो, लेकिन टीम इंडिया कैम्प में उनकी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि चयनकर्ता और टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के लिए एक गंभीर विकल्प के रूप में देख रहे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कश्मीर का यह तेज गेंदबाज जल्द ही भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की कर पाता है।  अफगानिस्तान के ख‍िलाफ कमात्र टेस्ट के लिए भारत की टीम: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर) .

बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: हर्षवर्धन दीक्षित की संपत्तियों पर चला राजस्व विभाग का डंडा, दुकानें कुर्क

भोपाल   राजधानी के रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट, शुभ बिजनेस जोन  के खिलाफ जिला राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई दुकानों को कुर्क कर सील कर दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट वृत्त-गोविंदपुरा के आदेश पर पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रोजेक्ट संचालक एवं बिल्डर हर्षवर्धन दीक्षित पर खरीदारों से दुकान एवं व्यावसायिक संपत्तियों के नाम पर करोड़ों  रुपये लेने के बावजूद समय पर कब्जा (पजेशन) नहीं देने के आरोप हैं। मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा रेरा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था। न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पालन में राजस्व प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए ग्राउंड फ्लोर की दुकान क्रमांक 3, 4, 5, 16, 17 तथा प्रथम तल की दुकान क्रमांक 43, 44 एवं 45 को कुर्क कर दिया। दस्तावेजों के अनुसार यह कार्रवाई मध्यप्रदेश संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के प्रकरण क्रमांक एनबीपीएल-25-0118 में पारित आदेश के अनुपालन में की गई। नायब तहसीलदार न्यायालय द्वारा पुलिस उपायुक्त सुरक्षा एवं गुप्तवार्ता, नगर पुलिस भोपाल से पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद राजस्व अमले, पटवारी और पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में कुर्की की कार्रवाई संपन्न हुई। पीड़ित महिला खरीदार ने आरोप लगाया कि उसने दुकान के लिए पूरी राशि का भुगतान कर रजिस्ट्री भी करा ली थी, लेकिन लंबे समय से उसे पजेशन नहीं दिया गया। महिला का कहना है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद बिल्डर द्वारा केवल आश्वासन दिए जाते रहे। अंततः न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उसे राहत मिली। स्थानीय खरीदारों का आरोप है कि प्रोजेक्ट में कई लोगों से दुकानों और व्यावसायिक इकाइयों के नाम पर करोड़ों राशि वसूली गई, लेकिन निर्धारित समयावधि में निर्माण एवं कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे अनेक निवेशक आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। राजस्व प्रशासन का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कुर्की की कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया नियमानुसार जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य निवेशकों और खरीदारों में भी उम्मीद जगी है कि उनकी शिकायतों पर भी उचित कार्रवाई हो सकेगी। मुख्य बिंदु रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल प्रोजेक्ट शुभ बिजनेस जोन पर कार्रवाई। नायब तहसीलदार गोविंदपुरा के आदेश पर दुकानों की कुर्की की कार्यवाही। ग्राउंड फ्लोर की 5 एवं प्रथम तल की 3 दुकानों को किया गया कुर्क। रेरा आदेश के अनुपालन में राजस्व प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। पुलिस बल, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक अमले की मौजूदगी में हुई कार्रवाई। खरीदारों का आरोप, पूरी राशि लेने के बाद भी नहीं दिया गया पजेशन।

बीमा राशि दिलाने के बदले घूस मांगना पड़ा भारी, CBI ने बैंक मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ा

रांची. सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने गोड्डा स्थित एसबीआई की डुमरिया शाखा के शाखा प्रबंधक रोहित कुमार सिंह को 77 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की टीम ने उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके कार्यालय व आवासीय परिसर में भी तलाशी ली है। छानबीन अभी जारी है। उन्हें गिरफ्तार करने के बार सीबीआई ने उन्हें धनबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब रिमांड पर लेकर उनके व अन्य सहयोगियों तथा उनकी चल-अचल संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाएगी। पूरा मामला बीमा की राशि व खाते में पड़ी राशि के स्थानांतरण के एवज में रिश्वत मांगने से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने 31 मई को सीबीआई में शिकायत की थी कि उनकी मां का प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये का बीमा था। उनकी मां के दिवंगत होने के बाद दो लाख रुपये के बीमा की राशि के दावे को निष्पादित करने के एवज में बैंक मैनेजर रोहित कुमार सिंह ने 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी दिवंगत मां के बैंक खाते में पड़े 35 हजार रुपये के स्थानांतरण के बाद उसकी निकासी पर लगी रोक को हटाने के एवज में भी बैंक मैनेजर ने 17 हजार रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने पूरे मामले का सत्यापन कराया और इसके बाद आरोपित शाखा प्रबंधक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने जाल बिछाया और बैंक मैनेजर को सोमवार को गिरफ्तार किया था और उसके आवासीय व कार्यालय के परिसर में तलाशी ली थी। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच जारी है।

मोतियाबिंद ऑपरेशन की बड़ी उपलब्धि, छत्तीसगढ़ में 1.63 लाख से ज्यादा लोगों की लौटी रोशनी

रोशनी लौटाने की मुहिम में छत्तीसगढ़ आगे: 1.63 लाख से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन से हजारों चेहरों पर लौटी मुस्कान सरकारी, NGO और निजी संस्थानों की साझेदारी से 91% लक्ष्य हासिल, 15 जिले बने कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री रायपुर  छत्तीसगढ़ में आंखों की रोशनी बचाने और मोतियाबिंद से दृष्टिहिनता मुक्त समाज की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की पहल लगातार प्रभावी साबित हो रही है। राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य ने वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए 1 लाख 63 हजार 641 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन पूरे किए गए हैं। यह कुल निर्धारित लक्ष्य का लगभग 91 प्रतिशत है, जिसने प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और सुलभ नेत्र चिकित्सा सेवाओं की मजबूत तस्वीर प्रस्तुत की है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा Vision 20-20 की अवधारणा के अनुरूप शासकीय संस्थानों, गैर-शासकीय संगठनों (NGO) और निजी अस्पतालों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। इसका परिणाम यह है कि दूरस्थ क्षेत्रों तक भी नेत्र उपचार सेवाएं पहुँच रही हैं और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। शासन द्वारा अनुबंधित संस्थाओं को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किए जाने से सेवाओं की निरंतरता और प्रभावशीलता भी बनी हुई है। राज्य में कुल उपलब्धि में शासकीय एवं NGO अस्पतालों की भागीदारी 51 प्रतिशत रही, जबकि निजी क्षेत्र ने 49 प्रतिशत योगदान देकर इस स्वास्थ्य अभियान को गति दी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह साझेदारी मॉडल न केवल उपचार की पहुँच बढ़ा रहा है, बल्कि समयबद्ध और व्यवस्थित नेत्र चिकित्सा प्रबंधन का भी उदाहरण बन रहा है। कोविड काल में नेत्र ऑपरेशन प्रभावित होने के कारण मोतियाबिंद के लंबित मामलों में वृद्धि हुई थी, लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान चलाकर स्थिति को तेजी से सुधारा है। भारत सरकार की राष्ट्रीय नेत्र ज्योति योजना के तहत घर-घर सर्वे कर चिन्हित मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे जिलों को कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री स्टेटस (CBBFS) दिलाने की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है। प्रदेश के 15 जिले अब तक यह स्टेटस प्राप्त कर चुके हैं, जबकि अन्य जिलों में भी अभियान तेज गति से जारी है। रायपुर स्थित माना का 150 बिस्तरीय नेत्र चिकित्सालय राज्य स्तरीय रेफरल सेंटर के रूप में कार्य करते हुए दूर-दराज के मरीजों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध करा रहा है। वहीं, बड़े शहरों में स्थित NGO बेस अस्पतालों के माध्यम से विभिन्न जिलों के मरीजों का प्रोटोकॉल आधारित सुरक्षित ऑपरेशन सुनिश्चित किया जा रहा है। समय पर जांच, पहचान और निःशुल्क उपचार की यह व्यवस्था हजारों लोगों के जीवन में नई रोशनी लेकर आई है और छत्तीसगढ़ को नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।

पंजाब सरकार का बड़ा फेरबदल, 4 PCS अफसरों को मिली नई जिम्मेदारियां

गुरदासपुर. पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल करते हुए 4 PCS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। उक्त आदेश मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा के हस्ताक्षरों के तहत कार्मिक विभाग द्वारा जारी किए गए। अधिकारियों को तुरंत नए पदों पर कार्यभार संभालने के निर्देश जारी आदेशों के अनुसार, हरदीप सिंह (2014 बैच) को SDM गुरुहरसहाय नियुक्त किया गया है। वहीं अशोक कुमार (2020 बैच) को SDM गुरदासपुर लगाया गया है। इसके अलावा रमनदीप कौर (2026 बैच) को SDM बनूड़ नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद अंकिता कंसल को दिए गए अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया जाएगा। वहीं, रोबिनजीत कौर (2026 बैच), जो वर्तमान में सहायक आयुक्त (जनरल) तरनतारन के पद पर तैनात थीं, उन्हें तबादला कर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) गुरदासपुर नियुक्त किया गया है। पंजाब सरकार ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदों पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।

’मुख्यमंत्री साय के सुशासन में किसानों को समय पर मिल रही कृषि आदान सामग्री’

रायपुर. नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (तरल उर्वरक) कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी नवाचार हैं। ये पारम्परिक उर्वरकों (दानेदार यूरिया और डीएपी) की तुलना में बहुत कम मात्रा में उपयोग किए जाते हैं और पौधे के सीधे संपर्क में आकर तेजी से पोषक तत्व प्रदान करते हैं। नैनो तकनीक के कारण इनका आकार अत्यंत छोटा (20-50 नैनोमीटर) होता है। ये पौधों की कोशिकाओं के अंदर सीधे प्रवेश करके आवश्यक पोषक तत्व (नाइट्रोजन और फास्फोरस) प्रदान करते हैं, जिससे फसल का विकास अच्छा होता है और पैदावार बढ़ती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। जिले की सहकारी समितियों के माध्यम से खाद एवं उन्नत बीजों का पर्याप्त भंडारण किया गया है, जिससे कृषकों को समय पर आवश्यक कृषि सामग्रियां मिल रही हैं। किसान अब बिना किसी कठिनाई के अपनी आवश्यकतानुसार खाद-बीज प्राप्त कर रहे हैं। ’आधुनिक खेती से समृद्ध हो रहे कृषक छेदीलाल’ पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की बोतलें बहुत सस्ती और किफायती होती हैं पारंपरिक उर्वरकों से होने वाले गैसीय उत्सर्जन और लीचिंग (पानी के साथ बहकर जमीन में जाने) की समस्या नैनो उर्वरकों से न के बराबर होती है, इससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण कम होता है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के ग्राम ढेलवाडीह के निवासी कृषक श्री छेदीलाल उरांव ने विकासखंड सोनपुरी स्थित सहकारी समिति से आगामी खरीफ फसल के लिए खाद और बीज प्राप्त किया है। लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले श्री उरांव का 6 से 7 सदस्यों का परिवार पूरी तरह कृषि पर ही आश्रित है और वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। श्री उरांव ने बताया कि उन्होंने इस सीजन के लिए यूरिया एवं डीएपी उर्वरक ले लिया है। इसके साथ ही वे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अपनी 1 एकड़ भूमि में हरित खाद के रूप में ढैंचा एवं मूंग की बुआई भी करेंगे। ’नैनो उर्वरकों के चमत्कारी परिणाम’ कृषक उरांव ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के अपने बेहतरीन अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष इसके प्रयोग से उन्हें काफी लाभ हुआ था। नैनो डीएपी पौधों तक पोषक तत्वों की त्वरित और प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह मिट्टी की जैविक गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में सहायक है। यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यह टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देता है और खेती की लागत को भी नियंत्रित करता है। ’मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’ उरांव ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों के समावेश से अब खेती अधिक मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। उन्होंने संकटमुक्त होकर समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।