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मुख्यमंत्री सैनी का एक्शन: निर्माण में कमी मिलने पर बड़ी कार्रवाई

 करनाल  जिला परिषद की 34 करोड़ रुपये की पांच मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में कमी पाए जाने पर पंचायती राज विभाग के दो कार्यकारी अभियंताओं (एक्सईएन) को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निलंबित कर दिया। इनमें पंचायती राज विभाग के तत्कालीन व वर्तमान में कैथल में तैनात परमिंद्र सिंह और करनाल में तैनात नारायण दत्त शर्मा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में जांच बैठाई है। शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय से जांच टीम मौके पर पहुंची और बिल्डिंग का मुआयना किया। बिल्डिंग बनाने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई की तैयारी है। क्वालिटी कंट्रोल विंग की ओर से निर्माणाधीन भवन के कुछ पिलरों में तकनीकी कमी संबंधी तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई थीं। तस्वीरों में पिल्लरों टेढ़े दिखाई देने पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने तुरंत संज्ञान लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा और एक्सईएन परमिंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। निर्माण कार्य एक्सईएन नारायणदत्त शर्मा की निगरानी में चल रहा था। करीब 34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस पांच मंजिला इमारत का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है, लेकिन निर्माण के बीच ही बिल्डिंग के ढांचे पर सवाल उठ गए और बड़ी कार्रवाई हो गई। चंडीगढ़ से करनाल पहुंची जांच टीम मामला सामने आने के बाद पंचायती राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी चंडीगढ़ से करनाल पहुंचे और निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। विभाग के चीफ इंजीनियर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं और क्वालिटी कंट्रोल विंग की रिपोर्ट को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बारे में कार्यकारी अभियंताओं का दावा है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उनका कहना है कि भवन पूरी तरह तय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है और क्वालिटी कंट्रोल विंग द्वारा खींची गई तस्वीरों का एंगिल सही नहीं था, जिसके कारण पिल्लर व बीम टेढ़े दिखाई दिए।

टेंडर घोटाले के मास्टरमाइंड से सांठगांठ पड़ी भारी, बिहार सरकार ने दो IAS अफसरों को किया निलंबित

पटना. चर्चित टेंडर घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रिशु श्री से लाभ लेने के आरोप में बिहार सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। निलंबित अधिकारियों में 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा शामिल हैं। योगेश कुमार सागर वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के एक निदेशालय में निदेशक पद पर तैनात थे, जबकि अभिलाषा शर्मा ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका परियोजना की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं। योगेश सागर पर यूरोप यात्रा का आरोप जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि टेंडर घोटाले के आरोपी रिशु श्री ने उन्हें और उनके परिजनों को अपने खर्च पर यूरोप की सैर कराई। जांच में सामने आया है कि इस यात्रा में योगेश सागर के साथ उनके आठ रिश्तेदार भी थे। बताया जा रहा है कि सभी ने कई यूरोपीय देशों का भ्रमण किया और यात्रा, होटल सहित अन्य खर्च रिशु श्री ने वहन किए। पूरी यात्रा पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी होने के बावजूद उन्होंने निजी लाभ स्वीकार किया, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है। अभिलाषा शर्मा पर भी गंभीर आरोप आईएएस अधिकारी अभिलाषा शर्मा पर भी रिशु श्री से अनुचित लाभ लेने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि रिशु श्री ने उनके आवास की छत पर करीब 9 लाख रुपये की लागत से बागवानी और सौंदर्यीकरण कार्य कराया था। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया है कि अभिलाषा शर्मा के कई रिश्तेदारों की देश के विभिन्न शहरों की यात्राओं का खर्च भी रिशु श्री ने उठाया। इतना ही नहीं, उन्हें और उनके परिजनों को महंगे उपहार, आईफोन सहित कई कीमती वस्तुएं भी दिए जाने के आरोप हैं। अभिलाषा शर्मा पूर्व में सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM) भी रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी पहचान एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में रही है। जांच के बाद सरकार की बड़ी कार्रवाई सूत्रों के अनुसार, टेंडर घोटाले की जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई थी। सरकार ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को बिहार प्रशासनिक सेवा तंत्र में भ्रष्टाचार और प्रभावशाली लोगों से सांठगांठ के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

IMD ने गुजरात में गरज-चमक और तेज बारिश की चेतावनी जारी की

 अहमदाबाद IPL 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रव‍िवार (31 मई) को खेला जाना है, लेकिन उससे पहले मौसम ने क्रिकेट फैन्स और दोनों टीमों की चिंता बढ़ा दी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अहमदाबाद समेत गुजरात के कई इलाकों में गरज, बिजली और बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के वैज्ञानिक रामाश्रय यादव के अनुसार 31 मई को अहमदाबाद में गरज के साथ सामान्य से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं 4 जून तक गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं, बिजली और बारिश की संभावना बनी हुई है. हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके अलावा आज (30 मई) अरावली, महिसागर, पंचमहाल और दाहोद जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. दीव, दमन और दादरा एवं नगर हवेली में भी मौसम खराब रह सकता है. खराब समुद्री परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को अगले पांच दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. बारिश के चलते तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है. अगर फाइनल बारिश से रद्द हुआ तो क्या होगा? IPL के प्लेऑफ नियमों के अनुसार फाइनल मुकाबले के लिए रिजर्व डे रखा जाता है.मैच पूरा कराने के लिए मुख्य दिन और रिजर्व डे दोनों पर 120-120 मिनट का अतिरिक्त समय उपलब्ध रहता है. यदि बारिश के कारण पूरा मैच नहीं हो पाता तो पहले ओवरों में कटौती कर मुकाबला कराने की कोशिश की जाएगी. किसी भी स्थिति में दोनों टीमों को कम से कम 5-5 ओवर खेलने जरूरी होंगे. अगर मैच शुरू होने के बाद बारिश बाधा बनती है तो विजेता तय करने के लिए डकवर्थ-लुईस (DLS) नियम लागू किया जाएगा.समय बेहद कम होने पर मौसम अनुमति देता है तो सुपर ओवर के जरिए भी नतीजा निकाला जा सकता है. रिजर्व डे भी धुल गया तो कौन बनेगा चैम्प‍ियन? IPL प्लेऑफ नियमों की धारा 16.11.2 के मुताबिक यदि मौसम की वजह से फाइनल और रिजर्व डे दोनों दिन मैच या सुपर ओवर कराना संभव नहीं हो पाता, तो लीग चरण की अंक तालिका में ऊंचे स्थान पर रहने वाली टीम को विजेता घोषित कर दिया जाएगा. वैसे आईपीएल फाइनल के लिए ऑफ‍िश‍ियल तौर पर कोई र‍िजर्व डे नहीं रखा गया है. ध्यान रहे 2023 में जब चेन्नई और गुजरात के बीच आईपीएल फाइनल हुआ था तो मैच अगले दिन गया था. पहले द‍िन (28 मई) को एक भी गेंद नहीं फेंकी गई थी, फ‍िर 29 मई को तब टॉस हुआ था और मैच का नतीजा निकला था. इस बार आईपीएल 2026 फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) आमने-सामने हैं. वहीं दोनों दिन खेल नहीं हो पाता, तो लीग स्टेज में बेहतर रैंकिंग वाली टीम सीधे IPL 2026 की चैम्प‍ियन बन जाएगी. यानी RCB. ऐसे में मौसम पर सभी की नजरें टिकी होंगी, क्योंकि अहमदाबाद में बारिश सिर्फ मैच ही नहीं बल्कि पूरे सीजन के विजेता का फैसला भी प्रभावित कर सकती है.

पंजाब चुनाव में दिलचस्प नतीजे, बरनाला में BJP ने बनाई सबसे बड़ी और सबसे मामूली जीत की कहानी

बरनाला. बरनाला के राजनीतिक इतिहास में पहली बार हुए नगर निगम चुनावों ने इलाके की राजनीति को एक बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है। 29 मई को घोषित किए गए चुनावी नतीजों ने जहां राज्य के पारंपरिक राजनीतिक दलों को बड़ा झटका दिया है, वहीं राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान करके रख दिया है। इस बार के चुनाव न केवल राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के लिए, बल्कि वोटों के बेहद दिलचस्प और अनोखे आंकड़ों के कारण भी लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। इन चुनावों का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि सबसे बड़ी जीत और सबसे बारीक (कम) अंतर से जीतने का रिकॉर्ड एक ही पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हिस्से आया है। कांग्रेस, अकाली दल और बसपा को लगा बड़ा झटका – इन चुनाव परिणामों ने कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसे बड़े पारंपरिक दलों के पैर उखाड़ दिए हैं। कांग्रेस पार्टी: कांग्रेस ने शहर के 39 वार्डों में अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन बड़े-बड़े दावों के बावजूद पार्टी के खाते में सिर्फ 2 सीटें ही आईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा): भाजपा ने 27 सीटों पर चुनाव लड़कर शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर जीत दर्ज की, जिसे मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक काफी अहम माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल: अकाली दल के लिए ये चुनाव सबसे निराशाजनक रहे। पार्टी ने 27 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन वह एक भी सीट जीतने में कामयाब नहीं हो सकी और अपना खाता भी नहीं खोल पाई। बहुजन समाज पार्टी (बसपा): बसपा ने भी 2 वार्डों में अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उसके दोनों उम्मीदवार बुरी तरह चुनाव हार गए। एक ही पार्टी के नाम रहे दोनों 'शीर्ष' रिकॉर्ड इन चुनावों का सबसे बड़ा उलटफेर और दिलचस्प पहलू वोटों के अंतर में देखने को मिला। चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों की सूची पर नज़र डालें, तो सबसे अधिक वोट लेकर इतिहास रचने वाला और सबसे कम (महज़ 10 वोट) के अंतर से जीत की नैया पार लगाने वाला, दोनों उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी के ही हैं। सबसे बड़ी जीत: वार्ड नंबर 41 से भाजपा की उम्मीदवार सुनेह लता गर्ग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे अधिक 733 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की और विजेताओं की सूची में पहला स्थान पाया। सबसे बारीक जीत: दूसरी ओर, वार्ड नंबर 40 से भाजपा के ही उम्मीदवार बारू सिंह ने सबसे कम महज 10 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उनकी इस जीत ने साबित कर दिया कि राजनीति में एक-एक वोट कितना कीमती होता है।

थाने में नाबालिग बालिका से गलत व्यवहार पड़ा भारी, SP ने दो पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिस कर्मियों की गंभीर लापरवाही पर एसपी ने सख्त एक्शन लिया है. रातभर थाने में नाबालिग बालिका और उसके परिवार को बैठाकर रखा गया. इस दौरान नाबालिग बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. मामले में थाना प्रभारी और महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र में भेज दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, सोमनी थाना में यह अमानवीय घटना हुई. जहां के टीआई  अरुण नामदेव ने एक नाबालिग बालिका को गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे गर्भवती बता दिया. इसके बाद नाबालिग और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा. इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात महिला प्रधान आरक्षण राजश्री सिंह ने नाबालिग से अभद्र व्यवहार किया. बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने पर एसपी खुद मौके पर पहुंची और हड़काते हुए दोनों तत्काल निलंबित कर दिया. आदेश जारी एसपी कार्यालय से इस संबंध में आज जारी आदेश किया गया है. दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है. साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता रहेगी.

सुरक्षाबलों पर हमले की थी तैयारी! दिल्ली में ISI मॉड्यूल का भंडाफोड़, 9 आरोपी दबोचे गए

 नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़े आतंकी हमले को नाकाम कर दिया है। एनडीआर ने ऐसे 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो पाकिस्तानी आईएसआई और मुंबई अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के इशारे पर काम कर रहे थे। इन सभी लोगों को दिल्ली की खास जगहों और सुरक्षा बलों पर हमला करने का काम दिया गया था। पुलिस ने इनके पास से कई हथियार और बारूद भी बरामद किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आईएसआई और अंडरवर्ल्ड से जुड़े 9 लोगों को दिल्ली में अलग-अलग जगह हमले का काम सौंपा गया था। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में खूफिया जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन चलाया गया था जिनमें इन आरोपियों को दबोच लिया गया। इसके लिए पिछले कुछ समय से मॉड्यूल पर नजर रखी जा रही थी। संवेदनशील इलाकों पर करने वाले थे हमला आरोप है कि गिरफ्तार किए गए नौ सदस्य पाकिस्तान की जासूसी एजेंसियों, इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़े हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे। उन्हें दिल्ली में संवेदनशील ठिकानों पर हमले करने का काम सौंपा गया था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपी दिल्ली, मुंबई और पंजाब के रहने वाले हैं। इनमें से कुछ विदेशी नागरिक भी हैं। आतंकवादियों के निशाने पर प्रमुख प्रतिष्ठान सूत्रों का कहना है कि आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाएं थीं. संभावित लक्ष्यों में पावर प्लांट, बिजली उत्पादन एवं वितरण केंद्र, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान शामिल थे. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन ठिकानों पर हमला कर व्यापक जनहानि के साथ-साथ देश की आवश्यक सेवाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही थी।  जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद विस्फोटक सामग्री कथित तौर पर सीमा पार से भारत पहुंचाई गई थी. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोटकों और हथियारों की खेप देश के भीतर किस नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे. बरामद सामग्री में ग्रेनेड और कई अत्याधुनिक विदेशी हथियार शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।  गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है. जांच एजेंसियां उनके डिजिटल उपकरणों, संचार माध्यमों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की संरचना, फंडिंग और विदेशी संपर्कों का पता लगाया जा सके. दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर (स्पेशल सेल) मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्रेस ब्रीफिंग करेंगे, जिसमें ऑपरेशन की पूरी जानकारी, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और बरामद हथियारों एवं विस्फोटकों से जुड़े विवरण साझा किए जाने की संभावना है।  सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है, क्योंकि इससे एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसके तार कथित तौर पर पाकिस्तान की आईएसआई, दुबई आधारित ऑपरेटरों और अंडरवर्ल्ड से जुड़े तत्वों तक पहुंचते हैं. हालांकि जांच अभी जारी है और कई तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत ब्रीफिंग के बाद ही हो सकेगी।  हाई अलर्ट पर दिल्ली खूफिया एजेंसियों से आतंकी हमले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जानकारी के मुताबिक इस महीने की शुरुआथ में ही सुरक्षा एजेंसियों को हमले की खूफिया जानकारी मिली थी। इसमें बताया गया था कि आतंकी सेंट्रल दिल्ली की संवेदनशील जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बना सकते हैं। इसके लिए वे आत्मघाती हमले, गाड़ियों में IED धमाके, गोलीबारी या कई जगहों पर हमले की साजिश रच रहे हैं। इसके बाद से ही दिल्ली पुलिस इस मॉड्यूल पर नजर बनाए रखी हुई थी। हालात देखते हुए दिल्ली के सभी थानों और जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा गया है। विदेश में बैठकर कौन रच रहा हमले की साजिश? दिल्ली पुलिस अब इस नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटाने और अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। इसके अलावा इतनी भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक कहां से मिले, इसका भी पता लगाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गैंग के तार विदेश से कैसे जुड़े हैं और हमलों के लिए फंडिंग कहां से हो रही है। इसके अलावा विदेश में बैठे कौन-कौन से लोग इन्हें ऑर्डर दे रहे हैं।

जलाशयों में सर्वे के बाद मछुआरों को आधुनिक मत्स्य शिकार तकनीक देने की तैयारी

रांची  मत्स्य शिकार (मछली पकड़ने) की आधुनिक और सही तकनीक से राज्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा। यहां मत्स्य उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि इससे जुड़े लोगों तथा मछुआरों को मछली पकड़ने की सही तकनीक का प्रशिक्षण मिले इस उद्देश्य से राज्य में मत्स्य उत्पादन की वर्तमान स्थिति, मछुआरों द्वारा उपयोग की जा रही पारंपरिक मछली पकड़ने की तकनीक तथा भविष्य में उन्नत मत्स्य प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं के आकलन के लिए राज्य के जलाशयों में तीन दिनों तक क्षेत्रीय सर्वेक्षण किया गया। यह सर्वेक्षण केंद्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के वैज्ञानिक डॉ. श्रवण कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने किया। सर्वेक्षण के लिए गेतलसूद, तेनुघाट, कांके, हटिया, मैथन एवं पंचेत जलाशयों का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान जलाशयों में उपलब्ध मत्स्य संसाधनों, मछली पकड़ने की वर्तमान पद्धति, उपयोग किए जा रहे मत्स्य जालों, नावों, मत्स्य शिकार की चुनौतियों तथा स्थानीय मछुआरों की प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं का अध्ययन किया गया। विभिन्न स्थलों पर मछुआरों, मत्स्य सहकारी समितियों तथा स्थानीय हितधारकों से चर्चा कर जलाशय आधारित मात्स्यिकी की व्यावहारिक समस्याओं और संभावित तकनीकी समाधानों की जानकारी प्राप्त की गई। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि झारखंड के जलाशयों में मत्स्य उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उन्नत एवं वैज्ञानिक मत्स्य शिकार तकनीक, उपयुक्त मत्स्य जालों, सुरक्षित एवं ऊर्जा दक्ष नावों तथा आधुनिक प्रशिक्षण की आवश्यकता है। जलाशयों की भौगोलिक स्थिति, जल की गहराई और स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के अनुरूप मत्स्य शिकार तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता महसूस की गई। इस सर्वेक्षण के आधार पर मछुआरों के लिए उन्नत एवं आधुनिक मत्स्य प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना बनाई जाएगी। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक तरीके से मछली पकड़ने की तकनीक, बेहतर एवं चयनात्मक मत्स्य जालों के उपयोग, जलाशय मात्स्यिकी के लिए उपयुक्त नावों का संचालन तथा पर्यावरण अनुकूल विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित मछली पकड़ने वाली नावों की जानकारी, मछली पकड़ने के दौरान सुरक्षा उपाय तथा मत्स्य संसाधनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा भविष्य में झारखंड के चयनित जलाशयों में उन्नत मत्स्य जालों, आधुनिक मत्स्य शिकार तकनीकों तथा विद्युत एवं सौर ऊर्जा आधारित मछली पकड़ने वाली नावों के प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने का प्रस्ताव है। वैज्ञानिक तरीकों से मत्स्य उत्पादन मछुआरों की समृद्धि में सहायक : निदेशक मस्त्य निदेशक अमरेंद्र कुमार ने बताया कि झारखंड के जलाशयों में वैज्ञानिक तरीकों, उपयुक्त प्रशिक्षण और उन्नत मत्स्य उपकरणों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन एवं मछुआरों की आजीविका में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय मात्स्यिकी प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा बेहतर मत्स्य प्रौद्योगिकी के प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।

कई केंद्रों पर देरी से शुरू हुई CUET परीक्षा, समय में बदलाव के बाद NTA का बड़ा अपडेट

नई दिल्ली  देश में पहले से ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट  को लेकर भारी घमासान मचा हुआ है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी चौतरफा विवादों से घिरी है. इसी बीच, आज यानी 30 मई 2026 को एनटीए की एक और परीक्षा सीयूईटी यूजी 2026 के परीक्षा केंद्रों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. देश के कई परीक्षा केंद्रों पर सुबह की शिफ्ट का पेपर अपने तय समय पर शुरू नहीं हो सका, जिससे सेंटर्स के बाहर तपती धूप में खड़े उम्मीदवारों और उनके माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा. इस हंगामे के बाद आनन-फानन में एनटीए को आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देना पड़ा है।  एनटीए ने अपने ऑफिशियल नोटिस में स्वीकार किया है कि सीयूईटी यूजी परीक्षा कराने वाली टेक्निकल पार्टनर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (M/s TCS) के एंड पर एक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी. इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण सुबह की शिफ्ट की परीक्षा में देरी हुई. इस बड़ी चूक का सीधा असर अब दोपहर की शिफ्ट पर भी पड़ा है, जिसके चलते एनटीए को दोपहर के सत्र के समय में बड़ा बदलाव करना पड़ा है. एजेंसी ने इस असुविधा के लिए छात्रों और अभिभावकों से खेद जताया है और भरोसा दिया है कि किसी भी उम्मीदवार का समय का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।  TCS के सर्वर में खराबी: अटकी सीयूईटी परीक्षा! भारत की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलता है. आज, 30 मई को सीयूईटी परीक्षा शुरू होते ही टीसीएस के सिस्टम ने जवाब दे दिया. एनटीए ने बताया कि टीसीएस की तरफ से आई इस तकनीकी खराबी के कारण कुछ चुनिंदा सेंटर्स पर परीक्षा समय से शुरू नहीं हो सकी. कंप्यूटर स्क्रीन और सर्वर डाउन होने की वजह से छात्र अपनी सीटों पर बैठे इंतजार करते रहे. हालांकि, एनटीए का दावा है कि अब इस तकनीकी खराबी को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है और प्रभावित सेंटर्स पर परीक्षा दोबारा सुचारू रूप से शुरू करा दी गई है।  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर के सत्र के समय में बदलाव किया है और छात्रों के लिए एक जरूरी नोटिस जारी किया है। दोपहर के सत्र की परीक्षा 4 बजे से होगी शुरू एनटीए ने दोपहर के सत्र की परीक्षा को एक घंटा आगे बढ़ा दिया है। अब रिपोर्टिंग और एंट्री का समय दोपहर 2:30 बजे से तय किया गया है। परीक्षा शुरू होने का समय दोपहर 4:00 बजे से (पहले यह परीक्षा दोपहर 3:00 बजे शुरू होने वाली थी) निर्धारित किया गया है। शनिवार सुबह से ही देश के कई परीक्षा केंद्रों से छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें आ रही थीं कि कंप्यूटर स्क्रीन काम नहीं कर रही हैं और लॉगिन करने में दिक्कत आ रही है। टीसीएस ने आधिकारिक तौर पर माना है कि उनकी तरफ से एक तकनीकी खराबी हुई थी, जिसकी वजह से सुबह का सत्र समय पर शुरू नहीं हो सका। सुबह की पाली के छात्रों को दिया जा रहा पूरा समय एनटीए ने आश्वासन दिया है कि सुबह के सत्र के जिन छात्रों की परीक्षा देरी से शुरू हुई थी, उन्हें पूरा समय दिया जा रहा है। छात्र अपना पूरा पेपर खत्म करने के बाद ही परीक्षा केंद्र से बाहर आ सकेंगे, ताकि किसी भी छात्र का नुकसान न हो। NTA ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों को हुई इस असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि अब इस तकनीकी समस्या को पूरी तरह सुलझा लिया गया है। यदि किसी छात्र को परीक्षा से जुड़ी कोई अन्य समस्या आ रही है, तो वे हेल्पलाइन नंबर +91-11-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं।   दोपहर की शिफ्ट का समय बदला: अब 3 नहीं, 4 बजे से शुरू होगा पेपर सुबह की शिफ्ट में हुई इस देरी का सीधा असर दोपहर के सत्र पर पड़ा है. एनटीए ने तुरंत एडवाइजरी जारी कर दोपहर की शिफ्ट के समय को री-शेड्यूल कर दिया है. नए टाइमिंग के मुताबिक:     रिपोर्टिंग और एंट्री का समय: दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा.     परीक्षा शुरू होने का समय: अब दोपहर 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे से परीक्षा शुरू होगी. एनटीए ने सभी संबंधित परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे नए टाइमिंग के हिसाब से ही उम्मीदवारों को एंट्री दें, जिससे सेंटर्स पर अफरा-तफरी का माहौल न बने।  सुबह वाले छात्रों को मिलेगा पूरा समय, बीच में निकलने पर रोक देरी से परेशान सुबह की शिफ्ट के उम्मीदवारों को राहत देते हुए एनटीए ने साफ किया है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. तकनीकी खराबी के कारण जितना भी समय बर्बाद हुआ है, उसकी पूरी भरपाई ‘कंपनसेटरी टाइम’ (Compensatory Time) देकर की जा रही है. छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित पूरा समय दिया जाएगा. इसके साथ ही एनटीए ने सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए सख्त नियम लागू किया है कि सुबह की शिफ्ट का कोई भी उम्मीदवार अपना पेपर पूरा किए बिना या निर्धारित समय से पहले एग्जाम हॉल से बाहर नहीं निकल सकेगा।  एनटीए ने जताया खेद, हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी पहले से ही विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही एनटीए ने इस घटना के तुरंत बाद उम्मीदवारों और अभिभावकों को हुई मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है. इसके साथ ही, किसी भी तरह की शंका, शिकायत या मदद के लिए एनटीए ने हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की है. उम्मीदवार और पेरेंट्स किसी भी अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रख सकते हैं:     हेल्पलाइन नंबर: +91-11-40759000     ऑफिशियल ईमेल: cuet-ug@nta.ac.in     ऑफिशियल वेबसाइट: https://cuet.nta.ac.in कई केंद्रों से परीक्षा रद्द होने की सूचना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एनटीए के ट्वीट के नीचे कमेंट सेक्शन में कई उम्मीदवार आज की सीयूईटी यूजी परीक्षा रद्द होने की जानकारी दे रहे हैं. इन उम्मीदवारों ने कमेंट में लिखा है कि नोएडा के सेक्टर 64 समेत कई केंद्रों में परीक्षा शुरू ही नहीं हुई।  कई अभिभावकों का कहना है कि जो सीयूईटी यूजी परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होकर 10.30 बजे खत्म होनी थी, वो शायद अब तक शुरू … Read more

फर्जी दस्तावेजों से बनाई गई कंपनी, जमीन और बिजली बिल का हुआ दुरुपयोग

 नई दिल्ली जीएसटी फर्जीवाड़े का एक चौकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कारोबारी की जानकारी के बिना उसके पते, बिजली बिल और कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म खड़ी कर दी गई। इसके बाद उसी फर्म के जरिए करोड़ों रुपये की बोगस बिलिंग कर जीएसटी लाभ हासिल करने का खेल खेला गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शिकायतकर्ता के बयान पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता रवि कुमार ने आरोप लगाया है कि सोनिया विहार स्थित उनकी संपत्ति के पते का दुरुपयोग कर एक नाम से जीएसटी फर्म रजिस्टर कराई गई। उन्हें जानकारी तब मिली, जब जीएसटी विभाग ने पूछताछ के लिए बुलाया। वहां अधिकारियों ने एक रेंट अग्रीमेंट दिखाया, जिसके आधार पर फर्म का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। कभी रेंट एग्रीमेंट पर साइन नहीं किया रवि कुमार का कहना है कि उन्होंने कभी अपनी संपत्ति किसी कपिल नामक व्यक्ति को किराये पर नहीं दी। न ही किसी रेंट एग्रीमेंट पर साइन किए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, दस्तावेज पर मौजूद हस्ताक्षर फर्जी हैं और जालसाजी कर तैयार किए गए शुरुआती जांच में सामने आया कि फर्म के जरिए करीब 34.28 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया कि फर्म के जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए उनके घर का बिजली बिल इस्तेमाल किया गया। रवि का दावा है कि उन्होंने कभी किसी को अपना बिजली बिल उपलब्ध नहीं कराया। यह भी आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित फर्म के नाम से बैंक खाता भी खुलवाया गया। इसी खाते से कथित तौर पर फर्जी कारोबारी लेन-देन किए गए और टैक्स लाभ लेने की कोशिश की गई। बोगस बिलिंग का आरोप शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी पहचान और संपत्ति का इस्तेमाल किया गया, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी। शुरुआती जाच में सामने आया कि फर्म के जरिए करीब 34.28 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की गई। आरोप है कि इसके माध्यम से करीब 6.17 करोड रुपये का अनुचित जीएसटी लाभ लेने का अनुचित प्रयास किया गया। जाच के दौरान धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल, आपराधिक विश्वासघात और साजिश सही पाए गए। EOW ने 21 मई को केस दर्ज किया। पुलिस अब कथित मास्टरमाइंड कपिल, और पूरे नेटवर्क की जाच कर रही है।  

पेरिस में इगा स्वियातेक का दबदबा जारी, मार्ता कोस्त्युक से होगी अगली टक्कर

 पेरिस  चार बार की चैंपियन इगा स्वियातेक और यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक ने शुक्रवार को फ्रेंच ओपन के चौथे दौर में जगह बनाई। पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता स्वियातेक ने हमवतन पोलिश खिलाड़ी मैग्डा लिनेट को 6-4, 6-4 से शिकस्त दी जबकि मार्ता ने विक्टोरिया गोलुबिच को 6-4, 6-3 से हराकर दूसरी बार चौथे दौर में प्रवेश किया। मार्ता का सामना अब अगले दौर में स्वियातेक से होगा। 15वीं रैंकिंग पर काबिज मार्ता इस समय बेहतरीन फॉर्म में है और उन्होंने क्ले कोर्ट पर अपनी जीत का सिलसिला लगातार 15 मैचों तक पहुंचा दिया है। रोलां गैरो से पहले उन्होंने मैड्रिड में अपने करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता था। इससे पहले उन्होंने फ्रांस के रूएन में भी क्ले कोर्ट पर एक और खिताब अपने नाम किया था। वह 2021 में भी पेरिस में चौथे दौर तक पहुंची थीं जहां उन्हें स्वियातेक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। चौथे दौर में पहुंचने वाली एक और खिलाड़ी चीन की वांग शियू हैं, जिन्होंने यूक्रेन की यूलिया स्टारोडुब्त्सेवा को 6-3, 7-5 से हराया। चीन की इस क्वालीफायर ने अब तक अपने अभियान में एक भी सेट नहीं गंवाया है। सिनर के बाहर होने इन खिलाड़ियों के लिए मौका दो बार के चैंपियन स्पेन के कार्लोस अलकराज की गैर मौजूदगी और अब गत उपविजेता इटली के जानिक सिनर के दूसरे राउंड में ही उलटफेर का शिकार होने के बाद फ्रेंच ओपन में पुरुषों के ड्रॉ में मुकाबला पूरी तरह से खुल गया है। ऐसे में 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब का काफी समय से इंतजार कर रहे नोवाक जोकाविक सहित एलेक्जेंडर ज्वेरेव और फेलिक्स आगर के पास यह खिताब जीतने का बड़ा मौका है। तीन बार के फ्रेंच ओपन चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविक अब सभी दावेदारों में सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। वह अपने रिकॉर्ड 25वें मेजर खिताब की तलाश में हैं और अगर वह जीतते हैं तो 2023 यूएस ओपन के बाद यह उनका पहला मेजर खिताब होगा। 39 साल के जोकोविक इस टूर्नामेंट में अपनी फॉर्म को लेकर सवालों के घेरे में थे। जोकोविक और ज्वरेव के पास मौका हालांकि टूर्नामेंट के पहले राउंड में फ्रांसीसी खिलाड़ी प्रीचर्ड और फिर दूसरे राउंड में रोयर को मैराथन मुकाबले में हराकर वह अपनी फिटनेस साबित कर चुके है। नोवाक के बाद खिताब के अगर सबसे बड़े दावेदार हैं तो वह 2024 के उपविजेता एलेक्जेंडर ज्वेरेव हैं। वह अपने पहले मेजर खिताब की तलाश में हैं। 29 वर्ष का यह जर्मन खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसके अलावा कनाडाई खिलाड़ी फेलिक्स आगर, स्पेन के नए उभरते सितारे राफेल जोडर, फ्रांस के किशोर खिलाड़ी मोइज कौमे और नार्वे के कैस्पर रूड के पास भी इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने का मौका बन गया है।