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एयर इंडिया-इंडिगो ने घटाईं उड़ानें, ईंधन संकट और युद्ध का असर; बढ़ सकता है किराया

मुंबई  भारतीय घरेलू विमानन (एविएशन) क्षेत्र इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है. वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ते ईंधन के दाम, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश की बड़ी विमानन कंपनियां भारी दबाव में हैं. इस गंभीर संकट से निपटने और खुद को वित्तीय घाटे से बचाने के लिए एयरलाइंस ने अब विस्तार की जगह 'सर्वाइवल मोड' अपना लिया है. इसके तहत जून 2026 से देश में रोजाना लगभग 250 घरेलू उड़ानों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया गया है।  इस कटौती का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है, जिससे आगामी महीनों में हवाई सफर बेहद महंगा और सीमित हो जाएगा।  किन एयरलाइंस ने कितनी की कटौती? भारत के घरेलू विमानन बाजार में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली तीन बड़ी कंपनियां—एयर इंडिया, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस—मिलकर अपनी उड़ानों में भारी कटौती कर रही हैं: एयर इंडिया: कंपनी जून और जुलाई के महीनों में अपने घरेलू परिचालन में करीब 22 प्रतिशत की कटौती करेगी. एयर इंडिया रोजाना लगभग 500 उड़ानों का संचालन करती है, जिसमें से हर दिन करीब 110 उड़ानें रद्द रहेंगी. आंकड़ों के अनुसार, जहां अप्रैल-मई में कंपनी ने 31,184 उड़ानें संचालित की थीं, वहीं जून-जुलाई के लिए केवल 22,868 उड़ानें ही शेड्यूल की गई हैं।  कितनी कटौती करेगी एयरलाइंस इंडिगो: देश की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन इंडिगो भी अपनी घरेलू क्षमता में 5 से 7 प्रतिशत की कमी कर रही है. इसके तहत कंपनी रोजाना अपनी करीब 110 उड़ानों को रोक देगी।  एयर इंडिया एक्सप्रेस: टाटा समूह की यह सहयोगी एयरलाइन भी अपने घरेलू नेटवर्क से लगभग 10 प्रतिशत उड़ानों को कम करने जा रही है।  टियर-2 और टियर-3 शहरों पर गिरेगी सबसे गाज एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, इस कटौती का सबसे पहला और गंभीर असर देश के छोटे और टियर-2 शहरों पर पड़ेगा. एयरलाइंस अब केवल उन्हीं रूटों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं जहां से उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है।  विशेषज्ञ अजय जसरा के मुताबिक, नागपुर, इंदौर, रायपुर, रांची, सूरत, वडोदरा, कोयंबटूर और विशाखापत्तनम जैसे शहरों की कनेक्टिविटी सबसे ज्यादा प्रभावित होगी. ये ऐसे रूट हैं जो मुख्य रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के यात्रियों और बजट ग्राहकों पर निर्भर करते हैं, जहां प्रीमियम या बिजनेस क्लास के यात्री बहुत कम होते हैं।  प्रभावित होने वाले मुख्य रूट: नागपुर-बेंगलुरु, नागपुर-कोलकाता, इंदौर-अहमदाबाद, सूरत-हैदराबाद और विशाखापत्तनम-पुणे जैसे मार्गों पर उड़ानों की संख्या काफी कम कर दी जाएगी।  हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी की आशंका उड़ानों की संख्या घटने और सीटों की उपलब्धता कम होने के कारण टिकटों के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं. विशेषज्ञों का अनुमान है कि:     मेट्रो रूट (बड़े शहर): दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के बीच किराए में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है.     टियर-2 रूट (छोटे शहर): सीमित उड़ानों के कारण इन शहरों के किराए 20 से 40 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे.     लास्ट-मिनट बुकिंग: यदि कोई यात्री यात्रा से ठीक पहले या वीकेंड पर टिकट बुक करता है, तो उसे 50 से 80 प्रतिशत तक का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है. संकट के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं? विमानन क्षेत्र के इस अचानक 'सुरक्षात्मक रवैये' के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं: एटीएफ (विमानन ईंधन) की आसमान छूती कीमतें ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई है. इसके कारण घरेलू हवाई ईंधन (ATF) की कीमतों में 25 प्रतिशत तक का उछाल आया है।  अंतरराष्ट्रीय परिचालन का खर्च पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है. इससे विदेशी उड़ानों का ईंधन खर्च करीब 100 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जिसका असर घरेलू बजट पर भी पड़ रहा है।  कैश बचाने की मजबूरी एविएशन एक्सपर्ट और एवियालाज कंसल्टेंट्स के सीईओ संजय लाजर के अनुसार, एयरलाइंस इस समय केवल नगदी (Cash) बचाने और अपने ऑपरेटिंग मार्जिन को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही हैं. जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य नहीं होते, उद्योग के लिए अगली दो तिमाहियां बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाली हैं।  मांग में सुस्ती गर्मियों की मुख्य छुट्टियों के बाद जून और जुलाई में वैसे भी पर्यटन यात्राएं कम हो जाती हैं. आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण लोग गैर-जरूरी यात्राओं पर खर्च करने से बच रहे हैं।  अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी लगा ब्रेक घरेलू उड़ानों के साथ-साथ एयर इंडिया ने अपने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय रूटों पर भी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित या कम कर दिया है. दिल्ली-शिकागो, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर और मुंबई-ढाका जैसी उड़ानों पर इसका सीधा असर पड़ा है. इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को, टोरंटो, पेरिस और ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न व सिडनी जाने वाली उड़ानों के फेरे (Frequencies) भी घटा दिए गए हैं।  आने वाले कुछ महीने भारतीय हवाई यात्रियों के लिए काफी परेशानी भरे हो सकते हैं. यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी यात्रा की योजना काफी पहले बनाएं और किसी भी असुविधा से बचने के लिए एयरलाइंस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस लगातार चेक करते रहें। 

914 गांवों की प्यास बुझाएगी नर्मदा-गंभीर परियोजना, उज्जैन में ट्रायल रन शुरू

 उज्जैन  मालवांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट काे स्थायी रूप से खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भूमिपूजित 1275 करोड़ रुपये की ‘नर्मदा-गंभीर समूह जल प्रदाय परियोजना’ अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। उज्जैन के गंभीर बांध पर नया विशाल इंटकवेल और झिरन्या गांव में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो गया है। सिस्टम की मजबूती जांचने के लिए जल निगम ने अब जलप्रदाय का परीक्षण (टेस्टिंग) भी प्रारम्भ कर दिया है। अब केवल बची हुई पाइपलाइन जोड़ने का काम शेष है। अफसर से पूछा गया कि घर-घर पानी नियमित रूप से कब से मिलेगा, इस पर जवाब मिला- बहुत जल्द। तस्वीरें दे रही हैं गवाही, ढांचागत काम लगभग पूरा योजना के धरातल पर आने की तस्वीर इन दो निर्माण कार्यों से साफ देखी जा सकती है। पहली तस्वीर घटि्टया विकासखंड के ग्राम झिरन्या (उन्हेल रोड) में बने अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) की है, जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं दूसरी तस्वीर गंभीर बांध के जल भंडारण क्षेत्र में बने नए विशाल इंटकवेल की है, जो पानी की लिफ्टिंग के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है। परियोजना की वर्तमान स्थिति को लेकर जब मध्य प्रदेश जल निगम के अधिकारियों से बात की गई, तो उनका कहना है कि योजना के मुख्यतः समस्त अवयव जैसे—इंटेक वेल, जल शोधन संयंत्र, एम बी आर (मास्टर बैलेंसिंग रिज़ैवर), आई पी एस (इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन) और टंकियां इत्यादि लगभग पूर्ण हो गए हैं। अफसरों के मुताबिक, अब केवल कुछ पाइपलाइन बिछाने और जोड़ने का कार्य ही शेष बचा है, जिसे बहुत शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है। 2023 में हुआ था प्रोजेक्ट शुरू, 2025 में हो जाना था पूरा इस महत्वाकांक्षी परियोजना का जमीनी स्तर पर काम सितंबर-2023 में शुरू हुआ था। काम शुरू होने के चार महीने बाद 29 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका विधिवत भूमि पूजन किया था। जल निगम ने इस काम को पूरा करने की अंतिम तारीख 7 नवंबर 2025 तय की थी। गंभीर बांध के पास 20 मीटर गहरा और 14 मीटर व्यास वाला इंटकवेल, पंप हाउस तो समय पर आकार ले चुका था मगर परियोजना की असली रीढ़- झिरन्या का जल शोध संयंत्र और ग्रामीण इलाकों में आंतरिक पाइपलाइन बिछाने तथा पानी की टंकियों का निर्माण कार्य सबसे अधिक लंबित रहा। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में 1856 करोड़ रुपये की नर्मदा–शिप्रा बहुउद्देशीय परियोजना की पाइपलाइन भी बाधा बनी। ‘नर्मदा-गंभीर परियोजना’ के लटकने से उन हजारों ग्रामीण परिवारों का इंतजार लंबा हुआ है, जो बरसों से घरों में नर्मदा जल आने की आस लगाए बैठे हैं। योजना के तहत दो जिलों (उज्जैन के 830 और इंदौर के देपालपुर विकासखंड के 84) के कुल 914 गांवों में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए खुशखबरी! ग्वालियर में IPL Fan Park का रोमांच, लाइव मैच का मजा

ग्वालियर   ग्वालियर में शुक्रवार को आईपीएल के इस सीजन के फ़ैनपार्क का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आईपीएल क्रिकेट के फैन्स यहाँ बैठे-बैठे स्टेडियम के माहौल का मजा लेंगे. आईपीएल फैन पार्क की व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी बीसीसीआई की और से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई।  ग्वालियर में शुक्रवार को होगा आईपीएल फैन पार्क का आयोजन देश चार अन्य शहरों के साथ ग्वालियर में शुक्रवार को बीसीसीआई द्वारा आईपीएल फैन पार्क का आयोजन किया जा रहा है. ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम के पास बने श्रीमंत माधवराव खेल परिसर में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा. जिसमें एक बड़ी स्क्रीन पर आईपीएल क्रिकेट के दीवाने लाइव मैच का प्रसारण देख सकेंगे. इसके साथ ही यहाँ आईपीएल फैन्स के लिए कई तरह की एक्टिविटीज भी होंगी।  एंट्री फ्री लेकिन रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई के सीनियर मैनेजर संदीप वागड़े ने बताया, हर सीजन में बीसीसीआई की और से 50 फैन पार्क आयोजित किए जाते हैं. इस हफ्ते शुक्रवार को ये आयोजन ग्वालियर समेत देश के पाँच शहरों में होगा. शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच होने वाले प्लेऑफ मैच का सीधा प्रसारण एक बड़ी स्क्रीन के साथ फैन पार्क में किया जाएगा जहाँ आने वाले सभी क्रिकेट फैन्स इसका लुत्फ उठा सकेंगे. इसमें एंट्री पूरी तरह फ्री रहेगी हालांकि इसके लिए आने वाले क्रिकेट प्रेमियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा।  लॉटरी से मिलेगा आईपीएल टीम की सिग्नेचर की गई टीशर्ट जीतने का मौका रजिस्ट्रेशन के साथ ही एंट्री करने वालों को एक कूपन दिया जाएगा जो अंदर रखे बॉक्स में सबमिट करना होगा. ब्रेक टाइम में बीसीसीआई की टीम उस बॉक्स में से दो कूपन्स निकालेगी. इन विजेताओं को राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस दोनों टीमों की टी-शर्ट दी जाएगी जिन पर पूरे टीम प्लेयर्स के सिग्नेचर होंगे।  फन इवेंट होगा आईपीएल का फ़ैनपार्क ये फ़ैनपार्क एक फ़न इवेंट होगा जहाँ आने वाले लोगों को कई तरह की एक्टिविटीज भी मिलेंगी जिनमे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए कई तरह के गेम्स होंगे. फूड स्टॉल्स होंगे, मैच का लाइव प्रसारण तो होगा ही, साथ ही लाइव म्यूजिक भी होगा. एक तरह से जैसे स्टेडियम में बैठ कर लोग क्रिकेट का मजा लेते हैं ठीक उसी तरह इस फैन पार्क में आने वाले लोगों को भी वहीं आनंद और माहौल मिलेगा जो मैच का मजा बढ़ा देगा।  12 हज़ार लोग एक साथ उठायेंगे आईपीएल का आनंद बीसीसीआई के सीनियर मैनेजर संदीप वागड़े के मुताबिक, एंट्री के साथ ही फैन्स के लिए सभी सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान भी रखा जा रहा है. सुरक्षाकर्मियों के साथ ही किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी के एक एंबुलेंस वाहन मौजूद रहेगी. इस फैनपार्क में लगभग 12 हज़ार लोग एक समय पर मौजूद रह कर आईपीएल का आनंद ले सकेंगे। 

NEET RE-Exam में होगी हाई सिक्योरिटी, पेपर भेजने के लिए वायुसेना के विमानों की तैयारी

नई दिल्ली सरकार अब नीट-यूजी दोबारा परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए भारतीय वायुसेना यानी आईएएफ की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मुद्दे पर गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार बैठक में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, परिवहन और पूरी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। खास तौर पर इस बात पर विचार किया गया कि क्या पेपर ट्रांसपोर्ट के लिए वायुसेना के विमान इस्तेमाल किए जा सकते हैं ताकि लीक या छेड़छाड़ की कोई संभावना न रहे। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस पूरी योजना को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और उन्हें हर स्तर की जानकारी दी जा रही है। पीएम मोदी को दी जा रही हर अपडेट इस पूरे प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखा जाएगा. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी खुद NEET री-एग्जाम की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं।  सिर्फ ट्रांसपोर्ट नहीं, पूरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा बैठक में केवल प्रश्नपत्रों के ट्रांसपोर्ट पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, पैकिंग, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर फेज की समीक्षा की गई. इस दौरान NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहे।  कैसे शुरू हुआ विवाद? NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी. परीक्षा के बाद पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आए, जिसके बाद मामला बढ़ता गया. 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. फिलहाल इस मामले की जांच CBI कर रही है।  बैठक में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी छपाई, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षा व्यवस्था के हर पहलू की समीक्षा की गई। दरअसल, नीट-यूजी परीक्षा इस साल तीन मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के कुछ दिनों बाद पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए। एनटीए के मुताबिक सात मई की शाम को परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली, जिसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा किया गया। इसके बाद बढ़ते विवाद और जांच के बीच 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है। शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज केस में देशभर में कई जगह छापेमारी की गई है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई का दावा है कि पेपर लीक के असली स्रोत का पता लगा लिया गया है और अब पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। ऐसे में अब सरकार की कोशिश यही है कि दोबारा होने वाली परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराई जाए ताकि छात्रों का भरोसा फिर से कायम हो सके।

अब नहीं चलेगी अनंत सुनवाई! SC ने हाईकोर्ट को मामलों के निपटारे की समयसीमा दी

 नई दिल्ली देश की न्यायपालिका में सुधार की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने एक कड़ा कदम उठाया है। अब देश के सभी हाईकोर्ट्स को किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित रखने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना होगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपिन एम पंचोली की पीठ ने स्पष्ट किया है कि अदालती कार्यवाही में बेवजह की देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालतों में लंबित मामलों और फैसलों में होने वाली देरी पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्ट के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी किए हैं. शीर्ष अदालत ने आरक्षित फैसलों, जमानत आदेशों और उनके कारणों को सार्वजनिक करने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है।  सुरक्षित फैसलों को अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाना होगा सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि किसी भी मामले में फैसला सुरक्षित (Reserved Judgment) रखे जाने के बाद उसे अधिकतम तीन महीने के भीतर सुनाया जाना चाहिए. वहीं जमानत से जुड़े मामलों में आदेश आदर्श रूप से अगले दिन जारी किया जाए और उसी दिन जेल प्रशासन तक पहुंचाया जाए।  जमानत के मामलों में ‘इमीडिएट’ कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्राथमिकता देते हुए जमानत (Bail) के मामलों में बेहद सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि:     जमानत की अर्जी पर फैसला उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनाया जाना चाहिए।     आदेश को तुरंत जेल अधिकारियों को भेजा जाए ताकि 24 से 48 घंटे के भीतर आरोपी की रिहाई सुनिश्चित हो सके।     ट्रायल कोर्ट्स को अब इन मामलों में अपनी अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) संबंधित हाईकोर्ट को सौंपनी होगी। फैसला न आने पर अब केस हो सकेगा ट्रांसफर सुप्रीम कोर्ट ने इन दिशानिर्देशों को सिर्फ एक सुझाव नहीं, बल्कि अनिवार्य नियम बनाया है। यदि किसी मामले में फैसला तीन महीने की समय सीमा के भीतर नहीं आता है, तो प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार जनरल को मामले को तुरंत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के संज्ञान में लाना होगा। यदि इसके बाद भी देरी होती है, तो मामला किसी दूसरी बेंच को सौंप दिया जाएगा। इतना ही नहीं, यदि फैसला आने के 15 दिनों के भीतर विस्तृत आदेश वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया जाता, तो संबंधित पक्ष इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। देरी के 30 दिन पूरे होने पर केस को दूसरी बेंच में स्थानांतरित (Transfer) करने का विकल्प भी खुला रहेगा। पारदर्शिता के लिए डिजिटल बदलाव न्यायालय ने यह भी अनिवार्य किया है कि अब हर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर यह स्पष्ट रूप से दिखेगा कि किस तारीख को फैसला सुरक्षित रखा गया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पोर्टल्स पर जरूरी तकनीकी बदलाव करें ताकि फैसले सुरक्षित रखने, सुनाने और अपलोड करने की तारीखें जनता के लिए पारदर्शी हों। क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत? यह फैसला झारखंड हाईकोर्ट से जुड़े एक मामले के बाद आया है, जिसमें दिसंबर 2025 में फैसला होने के बावजूद वह महीनों तक न तो अपलोड हुआ और न ही वादी को मिल सका। सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने अपने 15 साल के अनुभव का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अपने कार्यकाल में हमेशा तीन महीने के भीतर निर्णय देने के मानक का पालन करते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ये निर्देश किसी जज या कोर्ट के खिलाफ नहीं, बल्कि न्यायिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए हैं। इससे पहले नवंबर 2025 से ही सुप्रीम कोर्ट सभी हाईकोर्ट्स से लंबित मामलों और उनके डेटा की रिपोर्ट मांग रहा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न्याय मिलने में देरी न हो। जमानत पाए कैदियों कि रिहाई उसी दिन हो सुनिश्चित अदालत ने यह भी कहा कि जिन अंडरट्रायल कैदियों को जमानत मिल चुकी है, उनकी रिहाई उसी दिन या अधिकतम अगले दिन सुनिश्चित की जानी चाहिए. नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अदालत पहले आदेश का प्रभावी हिस्सा (Operative Part) खुले कोर्ट में सुनाएगी और उसके विस्तृत कारण सात दिनों के भीतर वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. साथ ही, जिस दिन फैसला सुरक्षित रखा गया हो, उसकी जानकारी भी संबंधित हाईकोर्ट की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।  सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयसीमा का पालन नहीं किया जाता है तो मामला किसी अन्य पीठ को सौंपा जा सकता है. वहीं, यदि फैसले के कारण 30 दिनों के भीतर अपलोड नहीं किए जाते हैं तो मामला वापस लेकर नई पीठ के समक्ष भेजा जा सकता है. शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्टों के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया है कि वे इन दिशानिर्देशों को संबंधित मुख्य न्यायाधीशों के समक्ष प्रस्तुत करें, ताकि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। 

अवैध नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार! भोपाल के मकान से 700 से ज्यादा पेटियां जब्त

भोपाल  भोपाल के गांधी नगर से करीब डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप पकड़ा गया है। यह कार्रवाई एसटीएफ ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में की। एसटीएफ ने यहां से 700 से ज्यादा पेटियां और मशीनें जब्त की। इसके अलावा 10 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई गुरुवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जो शुक्रवार सुबह 3 बजे तक जारी रही। जानकारी के अनुसार, मकान में ‘आफ कफ’ नाम की अवैध कफ सिरप तैयार की जा रही थी। गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने यहां दबिश दी। मकान के दो अलग-अलग कमरों में नशीले कफ सिरप के कॉर्टन और बोतलें रखी हुई मिलीं। एसटीएफ ने कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर आगे भी कार्रवाई जारी है। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि गांधीनगर इलाके से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जा रही है। छापे की जानकारी स्थानीय गांधीनगर पुलिस को नहीं थी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे। जिस मकान में कार्रवाई की गई, वह किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का मकान मालिक से संपर्क नहीं हो सका था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कफ सिरप का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी।

गर्मी से राहत लेकिन खतरा भी! पंजाब-चंडीगढ़ में आज आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से लोगों को आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कहा है कि पंजाब में 80 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान, ओले और भारी बारिश होगी।  इससे पहले गुरुवार को बठिंडा में कोर्ट में पेशी पर आए एक युवक की लू लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग अलग-अलग जगहों पर बेहोश होकर गिर पड़े।  मृतक की पहचान वरिंदर सिंह (24) निवासी गांव महिमा सरजा के रूप में हुई है। वह कोर्ट में पेशी पर आया था। वहीं माल रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अधिक कैप्सूल खाने के बाद गर्मी से बेहोश हो गया, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी दो यात्री चक्कर खाकर गिर पड़े। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आएगा, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक शनिवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी।  फरीदकोट 45.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बठिंडा में 45.0, फाजिल्का में 43.0 और फिरोजपुर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन रेड अलर्ट के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।  मौसम विभाग ने ओलावृष्टि से फसलों, वाहनों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जबकि आम लोगों से कहा गया है कि वे पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि होने पर सिर की रक्षा करें। चंडीगढ़ में भी अलर्ट भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे ट्राइसिटी के लोगों को अगले 48 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 और 30 मई को तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 29 मई को आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 मई को मौसम और सुहावना हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई और 1 जून को भी राहत बनी रहेगी। इन दिनों अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि 2 जून से मौसम साफ होने के साथ तापमान दोबारा बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इधर, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी दिखाई देने लगा है। लंबे समय बाद चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के अनुसार वीरवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। मई माह में पहली बार एक्यूआई 100 के पार पहुंचा है। शहर के सेक्टर-22 में सबसे अधिक 154 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-25 में यह 108 रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के साथ वातावरण में धूल के महीन कण फैलने से प्रदूषण स्तर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलने और मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से कूड़ा और सूखी पत्तियां न जलाने की अपील की है ताकि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। मौसम विभाग का कहना है कि यदि धूल भरी हवाओं का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

कच्चे तेल में गिरावट का बाजार पर असर, Sensex 76,220 के पार; Nifty भी 24,000 के ऊपर

मुंबई पश्चिम एशिया से आ रही सकारात्मक खबरों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम विस्तार के चलते आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल देखा जा रहा है. घरेलू संस्थागत निवेशकों और वैश्विक संकेतों के दम पर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक, सेंसेक्स और निफ्टी, बढ़त के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं।  सुबह के सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 352 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,220 के इंट्राडे हाई (उच्चतम स्तर) पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी करीब 100 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की मजबूती दिखाते हुए 24,002 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर तनाव कम होता है, तो बाजार को और अधिक मजबूती मिल सकती है।  आईटी और फार्मा सेक्टर में जोरदार खरीदारी आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र में देखी जा रही है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा टेलीकॉम, हेल्थकेयर, फार्मा (दवा), और पीएसयू (सरकारी) बैंकिंग शेयरों में भी निवेशकों ने अच्छी रुचि दिखाई है. रियल्टी, मीडिया और मेटल (धातु) से जुड़े इंडेक्स भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।  दूसरी ओर, प्रॉफिट बुकिंग और बिकवाली के दबाव के कारण केमिकल्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई. वहीं, एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के शेयर लगभग सपाट स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।  शीर्ष पर रहने वाले और घाटे वाले शेयर निफ्टी के शीर्ष घाटे वाले शेयरों में प्रमुख रूप से भारती एयरटेल, ओएनजीसी (ONGC), आयशर मोटर्स, बीईएल (BEL) और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) शामिल रहे, जिनमें शुरुआती दौर में मुनाफावसूली देखी गई।  कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये के लिए सबसे बड़ी राहत है. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.24 प्रतिशत गिरकर $91.55 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ $87.37 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है. कच्चा तेल सस्ता होने से देश का आयात बिल कम होगा और राजकोषीय घाटे पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।  वैश्विक बाजारों का हाल एशियाई बाजारों में आज चौतरफा तेजी का माहौल रहा. जापान का निक्केई (Nikkei) 2 प्रतिशत से अधिक उछला, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 3 प्रतिशत तक की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. इससे पहले अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) भी बढ़त के साथ बंद हुए थे, जहां एसएंडपी 500 में 0.58 प्रतिशत और नैस्डैक में लगभग 1 प्रतिशत की तेजी आई थी। 

Siddaramaiah Resignation Accepted: अब कर्नाटक की कमान संभाल सकते हैं डीके शिवकुमार

बेंगलुरु  कर्नाटक सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता शुक्रवार सुबह साफ हो गया है. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज सुबह सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. बता दें, सिद्धारमैया ने गुरुवार को अपने आवास 'कावेरी' पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया था. राज्यपाल अभी कर्नाटक से बाहर इंदौर में हैं. इसके बाद दोपहर 3 बजे वे लोकभवन गए और राज्यपाल के सचिव को अपना त्यागपत्र सौंपा. इस्तीफा स्वीकार करते ही राज्य में नई सरकार के गठन होने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है।  कर्नाटक में आज 29 मई को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव होगा. जानकारी के मुताबिक यह बैठक शाम 5 बजे के करीब होनी है. नई सरकार को लेकर नई दिल्ली में भी कवायद शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व सीएम सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच चुके हैं।  राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी दिल्ली पहुंचे हैं. जहां दोनों नेता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार में किन नेताओं को मंत्रिपद मिलेगा, इसकी मंत्रणा की जाएगी।  इससे पहले सिद्धारमैया के आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट मीटिंग में पूरी कैबिनेट शामिल हुई थी, जहां सिद्धारमैया ने पद से हटने की घोषणा की. वहीं, डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पहले गले मिले और उसके बाद पैर छूकर आर्शीवाद लिया. आपको बता दें, राज्य में काफी दिनों से नेतृत्व परिवर्तन की बात चल रही थी, जिसका अब पटाक्षेप हो गया है. सूत्रों से जानकारी मिली है कि रविवार को नई सरकार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हो सकता है। 

राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी अस्वस्थ, नागदा में डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी

उज्जैन  कर्नाटक के राज्यपाल और पूर्व केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। गुरुवार को पत्नी की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत अपने घर उज्जैन के नागदा पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि थावरचंद गहलोत की बीमार पत्नी का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। वहीं थावरचंद गहलोत के अचानक नागदा पहुंचने पर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। थावरचंद गहलोत की पत्नी की तबीयत बिगड़ी कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी अनीता गहलोत की तबीयत गुरुवार को अचानक बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत नागदा के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। अभी अनीता गहलोत का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। बताया गया है कि अनीता गहलोत का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था। मुंबई से नागदा पहुंचे थावरचंद गहलोत जिस वक्त नागदा में अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ी उस वक्त थावरचंद गहलोत मुंबई में थे। जब उन्हें पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली तो वो तुरंत मुंबई से सीधे उज्जैन पहुंचे और फिर वहां से नागदा स्थित अपने घर। अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत के घर के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। पत्नी का हालचाल जानने के बाद थावरचंद गहलोत कुछ पर रुके और फिर कर्नाटक के लिए रवाना हो गए। राज्यपाल की गैर मौजूदगी में कर्नाटक में सीएम का इस्तीफा उधर कर्नाटक में राज्यपाल थावरचंद गहलोत की गैरमौजूदगी में बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा था लेकिन राज्यपाल के बेंगलुरू से बाहर होने के कारण उन्हें समय नहीं मिला था। अब खबरें हैं कि सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार कर सकते हैं। थावरचंद गहलोत के दामाद ने छोड़ी कांग्रेस पांच दिन पहले 23 मई को थावरचंद गहलोत के दामाद विशाल मालवीय ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। विशाल मालवीय थावरचंद गहलोत के दामाद होने के साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रहे राधाकिशन मालवीय के पोते हैं। विशाल वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत में सदस्य हैं और देवास-शाजापुर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र मालवीय के बेटे हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद विशाल मालवीय ने प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा था- जो लोग केवल नेताओं के आगे पीछे घूमकर व्यक्तिगत लाभ साधने में लगे हैं, उन्हें संगठन में पद व प्रतिष्ठा प्रदान की जा रही है। वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार उपेक्षित कर हाशिये पर धकेला जा रहा है। संगठन में आज स्वयं को उपेक्षित व असहज महसूस करना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।