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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला: पानी-सीवर इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज घटा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में अब घर बनाना सस्ता हो जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घर बनाने के दौरान पानी और सीवर पर लगने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज (IFC) को 70 प्रतिशत तक घटाने का शुक्रवार को फैसला किया। यह चार्ज सिर्फ घर के निर्माण वाले हिस्से और पानी की वास्तविक मांग पर लिया जाएगा। पहले IFC चार्ज प्लॉट के आकार पर लगता था। इसमें पार्किंग जैसी खुली जगह (नॉन FAR) भी शामिल की जाती थी। यानी प्लॉट बड़ा तो यह चार्ज ज्यादा देना पड़ता था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि IFC चार्ज अब नई निर्माण परियोजनाओं या किसी संपत्ति में अतिरिक्त निर्माण पर ही लागू होगा। जिन रिडिवेलपमेंट प्रोजेक्ट्स में पानी की मांग नहीं बढ़ती, उन पर यह चार्ज नहीं लगेगा। सीएम ने कहा कि A-B कैटिगरी की कॉलोनियों में इन्फ्रा चार्ज में 59% की कमी की गई है। ई, एफ कैटिगरी में 50% और G-H कैटिगरी में 70% की कमी की गई है। दिल्ली में घर बनाने की मुख्य बातें अब प्लॉट के आकार के हिसाब से नहीं देना होगा चार्ज जितने में कंस्ट्रक्शन, उतने पर ही IFC लगेगा इंफ्रास्ट्रक्चर चार्ज क्या होता है?  घर, फ्लैट, या व्यावसायिक इमारत बनाने (या खरीदने) पर बिल्डर/अथॉरिटी द्वारा एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज ( EDC ) और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट चार्ज (IDC) वसूला जाता है इसका उपयोग कॉलोनी या क्षेत्र में बाहर की मुख्य सड़कें, पार्क, और सीवरेज सिस्टम जैसी सुविधाएं देने के लिए किया जाता है।  जब आप किसी नए या बड़े प्लॉट पर पानी और सीवर का नया कनेक्शन लेते हैं, तो संबंधित जल बोर्ड (जैसे दिल्ली जल बोर्ड) द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर शुल्क लगाया जाता है। इसके अलावा, सार्वजनिक या निजी स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा (चार्जिंग स्टेशन का सेटअप) से जुड़े शुल्क को भी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर चार्ज कहा जाता है।  

आवारा कुत्तों के लिए Sonu Sood ने उठाई आवाज, लोगों से की अपनाने की अपील

मोगा/चंडीगढ़. पंजाब में लावारिस कुत्तों को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच अब पंजाबी और बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद भी खुलकर सामने आ गए हैं। अभिनेता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि सड़क पर रहने वाले कुत्तों को मारना समाधान नहीं है। उन्होंने सरकार से इन बेजुबान जानवरों के लिए शेल्टर होम बनाने की मांग की और खुद भी इस दिशा में प्रयास करने की बात कही। सोनू सूद पंजाब के मोगा के रहने वाले हैं। उनकी बहन भी यहीं से कांग्रेस कार्यकर्ता हैं। सोनू सूद ने वीडियो में कहा कि इंसान सिर्फ किताबें लिख सकता है, लेकिन वफादारी अगर किसी से सीखनी हो तो वह कुत्तों से मिलती है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग सड़क के कुत्तों को अपनाते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और ऐसे कुत्ते आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाते। सोनू सूद ने कहा- यह भी माना कि कई मामलों में बच्चों पर हमलों जैसी घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को यह पता होता है कि कौन से कुत्ते खतरनाक हो सकते हैं और उनकी शिकायत भी की जाती है।' सोनू सूद ने आवाज उठाने की कही बात सोनू सूद ने कहा कि किसी आदेश के तहत गली-मोहल्लों से कुत्तों को पकड़कर हटाना और उनके साथ क्या होगा, यह सोचकर भी चिंता होती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस तरह के आदेशों को रुकवाने के लिए ज्यादा से ज्यादा आवाज उठानी चाहिए। अभिनेता ने कहा कि सरकार को ऐसे स्थान बनाने चाहिए जहां इन बेजुबान जानवरों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा स्ट्रे डॉग्स को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि लोग उनके गले में पट्टा डाल दें और उनकी देखभाल करें तो यह पता चलेगा कि कोई उनकी जिम्मेदारी ले रहा है। सीएम की पोस्ट के बाद शुरू हुई चर्चा दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से 21 मई की रात लावारिस कुत्तों को लेकर की गई पोस्ट के बाद पंजाब में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई थी। पोस्ट में 22 मई से अभियान शुरू करने की बात कही गई थी। इसके बाद पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री, सामाजिक संगठनों और कई नेताओं ने इसका विरोध जताया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव तजिंदर बग्गा ने भी इस मामले को लेकर देश के मुख्य न्यायाधीश को ईमेल भेजा। वहीं पंजाबी अभिनेत्री सोनम बाजवा, गायिका रुपिंदर हांडा और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने भी कुत्तों को न मारने की अपील की।

भूजल संरक्षण की बड़ी पहल, गांव-गांव के कुएं और बोरवेल होंगे डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल

दुर्ग. भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जिले में अब गांवों के कुओं और बोरवेल की जल स्थिति का वैज्ञानिक सर्वे किया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 25 मई से 15 जून तक “जलदूत” मोबाइल एप के माध्यम से विशेष प्री-मानसून भूजल सर्वे अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत चयनित खुले कुओं एवं बोरवेल में उपलब्ध पानी की गहराई मापकर उसका डिजिटल डेटा ऑनलाइन एप में दर्ज किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा तकनीकी अमले को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों में जलदूत एप के माध्यम से बोरवेल के वाटर लेवल की भी जांच सुनिश्चित की जाए। सर्वे के दौरान जलस्तर मापन प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल की वास्तविक स्थिति का सटीक आंकलन हो सके। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल की उपलब्धता, जलस्तर में गिरावट और जल संकट की संभावित स्थिति का आकलन करना है। जलदूत एप के माध्यम से एकत्र किए गए आंकड़ों के आधार पर भविष्य में जल संरक्षण संरचनाओं की योजना, वर्षा जल संचयन कार्यों की प्राथमिकता तय करने तथा जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिलेगी। अभियान के तहत वर्ष में दो बार डेटा संग्रह किया जाएगा। पहली बार बारिश पूर्व यानी प्री-मानसून अवधि में तथा दूसरी बार बारिश के बाद पोस्ट- मानसून अवधि में कुओं का जलस्तर मापा जाएगा। इससे वर्षा के बाद भूजल स्तर में हुए सुधार का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव हो सकेगा। जिला प्रशासन ने सभी जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को अभियान की तैयारी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मापन अधिक वैज्ञानिक और एकरूप मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार इस बार भूजल स्तर मापन की प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक और एकरूप बनाया गया है। सभी ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि कुओं की माप केवल मेजरिंग टेप के माध्यम से ही की जाए, ताकि आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनी रहे। सर्वे में सूखे कुएं भी शामिल सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि इस बार ऐसे सूखे कुएं, जिनमें पानी उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी सर्वे में शामिल किया जाएगा। इन मामलों में जलस्तर के स्थान की कुल गहराई दर्ज की जाएगी। इसके लिए मंत्रालय ने प्री-मानसून 2026 पर कुएं सर्वे में “कुएं की कुल गहराई” नामक नया पैरामीटर जलदूत मोबाइल एप में जोड़ा है। इससे भूजल संरचना, जल उपलब्धता तथा जलस्तर में होने वाले बदलावों का अधिक विस्तृत विश्लेषण किया जा सकेगा।

भारत-अमेरिका रिश्तों पर बड़ी चर्चा, पीएम मोदी से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

नई दिल्ली अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटें तक चर्चा चलती रही है. इस बैठक में विदेश मंत्री एस जय शंकर के अलावा एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे हैं. हालांकि, कूटनीतिक हलकों में चर्चा चल रही है कि रूबियो की दिल्ली यात्रा भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मील का पत्थर साबित हो रही है. अपनी इस अहम कूटनीतिक यात्रा के दौरान रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर रक्षा, व्यापार, इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा और मौजूदा वैश्विक चुनौतियों जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. इस उच्च स्तरीय मुलाकात का सबसे बड़ा आकर्षण वह निमंत्रण रहा, जो रूबियो वाशिंगटन से अपने साथ लेकर आए थे. रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का विशेष न्योता दिया।  अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर हैं. उन्होंने आज प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. इस दौरान मार्को रुबियो ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है।  बैठक काफी सकारात्मक रही- रुबियो रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि यह बैठक काफी सकारात्मक और उपयोगी रही. दोनों नेताओं के बीच सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. अमेरिका ने साफ तौर पर भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अहम रणनीतिक साझेदार बताया है. दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला और उभरती टेक्नोलॉजी क्षेत्र में तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।  रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग न सिर्फ दोनों देशों को मजबूत करेगा, बल्कि एक मुक्त और खुला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होगा।  बैठक के बाद पीएम मोदी ने शेयर कीं तस्वीरें प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद X पर तस्वीरें पोस्ट करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच निरंतर प्रगति पर विस्तार से बातचीत हुई. इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक शांति व सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया. बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि भारत और अमेरिका वैश्विक हितों को ध्यान में रखते हुए आपसी सहयोग को आगे बढ़ाते रहेंगे. दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को भविष्य में और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।  करीब 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा हुआ. इससे पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने शहर का दौरा किया था. ऐसे समय में रुबियो का आगमन राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में पश्चिम बंगाल में भाजपा नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई है. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रुबियो के आगमन की जानकारी देते हुए कहा कि यह उनकी पहली भारत यात्रा है. उन्होंने बताया कि दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात होगी, जिसमें व्यापार, टेक्नोलॉजी, रक्षा सहयोग और क्वाड समेत कई रणनीतिक विषयों पर चर्चा की जाएगी. रुबियो का भारत दौरा 23 से 26 मई तक प्रस्तावित है. इस दौरान वह कोलकाता के अलावा नई दिल्ली, आगरा और जयपुर भी जाएंगे. माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।  इन बातों पर रहेगा फोकस दौरे से पहले मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा था कि अमेरिका भारत को जितनी अधिक एनर्जी (तेल, गैस) बेच सकेगा, उतना बेहतर होगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है. भारत की ऊर्जा जरूरतों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति के प्रभाव से जुड़े सवाल पर उन्होंने भारत को महान साझेदार बताया. इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव 26 मई को प्रस्तावित क्वाड देशों की बैठक मानी जा रही है. बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिस्सा लेंगे. इसमें भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar मेजबानी करेंगे, जबकि ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong और जापान के विदेश मंत्री Motegi Toshimitsu भी शामिल होंगे।  पीएम मोदी ने मार्को रूबियो से मुलाकात पर दी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस बैठक की अहम जानकारी साझा की है. पीएम मोदी ने रूबियो का भारत में स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और बताया कि इस उच्च स्तरीय बैठक में भारत-अमेरिका ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ में हो रही निरंतर प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई. इसके अलावा, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुद्दों पर भी गहरा मंथन किया. अपनी पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई और साझा हितों के लिए भविष्य में भी मजबूती से एक साथ मिलकर कार्य करते रहेंगे।   भारत-अमेरिका रिश्तों को और मजबूत बनाने पर मोदी-रूबियो की चर्चा- सर्जियो गोर मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के बाद मीडिया से बात कर बैठक के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच एक घंटे के करीब चली बैठक काफी सकारात्मक रही. बैठक में सुरक्षा, व्यापार और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे अहम क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई. गोर ने भारत को अमेरिका का एक अहम साझेदार बताया और कहा कि दोनों देश मिलकर फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं।   अब और मजबूत होगी भारत-US रणनीतिक साझेदारी, MEA ने किया जोरदार स्वागत मार्को रुबियो भारत यात्रा लाइव: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के भारत दौरे को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी किया है. MEA ने नई दिल्ली पहुंचने पर तस्वीर शेयर करते हुए रूबियो का हार्दिक अभिनंदन किया है. मंत्रालय की ओर से कहा गया कि ये यात्रा दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों में मील का पत्थर साबित होगी. मंत्रालय ने अपने बयान में साफ किया … Read more

ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज, कोर्ट ने आरोपी पति समर्थ को 7 दिन की रिमांड पर भेजा

भोपाल भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. कड़ी सुरक्षा के बीच समर्थ को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनुदिता गुप्ता की अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में भारी भीड़ देखने को मिली. इस दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मामले की विस्तृत बहस हुई।  पुलिस ने रिमांड के लिए तर्क देते हुए कहा कि घटनास्थल का वेरिफिकेशन, अन्य साक्ष्यों की जब्ती और विस्तृत बयान दर्ज करने के लिए आरोपी का कस्टडी में रहना जरूरी है. वहीं बचाव पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकांश साक्ष्य पहले ही जुटाए जा चुके हैं और एक दिन की रिमांड पर्याप्त है. सुनवाई के दौरान मृतका ट्विशा के भाई मेजर हर्षित समेत परिजन भी अदालत पहुंचे।  पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, कोर्ट ने तुरंत कर दी मंजूर, परिजन बोले- पहली जीत मिली ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड भोपाल कोर्ट ने मंजूर कर दी है. कोर्ट ने आरोपी का पासपोर्ट भी जब्‍त कर लिया है. कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को माना. इधर, समर्थ के वकीलों ने इसका विरोध किया और कोर्ट से केवल 1 दिन की रिमांड देने का अनुरोध किया था. ट्विशा के परिजनों ने इसे अपनी पहली जीत बताया है. पुलिस ने जिला अस्‍पताल में मेडिकल कराने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया था. समर्थ सिंह के भाई सिद्धार्थ और वकीलों की टीम पहले से ही कोर्ट परिसर में थी. समर्थ सिंह की अग्रिम बेल पहले ही कोर्ट रद्द कर चुकी थी, इसके बाद समर्थ फरार हो गया था और उस पर 30 हजार रुपए का इनाम रखा गया था।  दूसरे पोस्टमार्टम के लिए आज भोपाल पहुंचेगी AIIMS दिल्ली की टीम, चार्टर्ड विमान से रवाना होंगे डॉक्टर  ट्विशा शर्मा डेथ केस में दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. जानकारी के मुताबिक AIIMS दिल्ली की फॉरेंसिक टीम रविवार को भोपाल पहुंचेगी. यह टीम ट्विशा शर्मा के दोबारा पोस्टमार्टम के लिए गठित किए गए मेडिकल बोर्ड का हिस्सा होगी. सूत्रों के अनुसार अदालत के आदेश में केवल AIIMS दिल्ली के निदेशक को मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए अधिकृत किया गया था. कोर्ट का आदेश मिलने के बाद AIIMS दिल्ली के फॉरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने निदेशक की मंजूरी से चार वरिष्ठ डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड तैयार किया है. बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराने के लिए आधिकारिक अनुरोध AIIMS दिल्ली को भेजा गया. इसके बाद मेडिकल बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी. टीम अत्याधुनिक फॉरेंसिक उपकरणों के साथ रविवार शाम करीब 6 बजे राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चार्टर्ड विमान से भोपाल के लिए रवाना होगी. यही मेडिकल बोर्ड ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम करेगा. पूरे मामले पर देशभर की नजर बनी हुई है, क्योंकि केस पहले ही हाई प्रोफाइल और संवेदनशील बन चुका है।   पुलिस ने मांगी 7 दिन की रिमांड, समर्थ के वकील ने किया विरोध, बोले- एक दिन काफी  ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कोर्ट में शनिवार को अहम सुनवाई हुई. पुलिस ने अदालत से समर्थ सिंह की 7 दिन की रिमांड मांगी. पुलिस का तर्क था कि मामले में स्पॉट वेरिफिकेशन कराना है, कई अन्य साक्ष्यों की जब्ती बाकी है और कुछ लोगों के विस्तृत बयान भी दर्ज किए जाने हैं. जांच एजेंसी ने कहा कि केस में डिजिटल एविडेंस और घटनास्थल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल अभी जारी है, इसलिए आरोपी से लंबी पूछताछ जरूरी है. वहीं समर्थ सिंह के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध किया. बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में जरूरी साक्ष्यों की जब्ती पहले ही हो चुकी है और लंबे समय की रिमांड की आवश्यकता नहीं है. वकील ने कहा कि यदि पूछताछ करनी भी है तो एक दिन की रिमांड पर्याप्त होगी. मामले को लेकर अदालत में दोनों पक्षों के बीच विस्तृत बहस हुई. अब कोर्ट के फैसले पर सभी की नजर टिकी हुई है।  समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जबलपुर पुलिस ने समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस को हैंडओवर कर दिया था. पुलिस उसे भोपाल ले आई है और दोपहर तक उसे कोर्ट में पेश किया। समर्थ सिंह शुक्रवार (22 मई) को जबलपुर जिला जज के कोर्ट रूम में सरेंडर करने पहुंचा था. 12 मई से फरार चल रहे समर्थ सिंह पर 30 हजार रुपये का इनाम रखा गया था. इसके अलावा, पुलिस ने लुक आउट नोटिस भी जारी किया था. इस बीच समर्थ सिंह के वकील ने अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी और जज को बताया था कि समर्थ सरेंडर करने को तैयार है।  गिरफ्तारी से बच रहा था समर्थ सिंह शुक्रवार को सरेंडर करने के बाद भोपाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था. अब समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. पेशे से वकील समर्थ सिंह 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से गिरफ्तारी से बच रहा था. बार काउंसिल ने उसकी वकालत का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. जबलपुर जिला न्यायालय में उसके मौजूद होने की खबर मिलने के कुछ देर बाद जबलपुर पुलिस ने समर्थ को हिरासत में लिया और ओमती थाने ले गई, जहां उसे भोपाल पुलिस को सौंप दिया गया।  पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी. इससे पहले, शुक्रवार को समर्थ सिंह ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपनी याचिका वापस ले ली थी. इसके साथ ही समर्थ के पास आत्मसमर्पण करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था. आत्मसमर्पण के लिए जबलपुर जिला कोर्ट पहुंचने पर भी गहमागहमी रही क्योंकि ट्विशा के परिजनों के वकील ने यह कहते हुए विरोध किया कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आरोपी समर्थ को या तो भोपाल जिला न्यायालय या फिर मामले के जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करना चाहिए। 

सीमा पार ड्रोन और नशा तस्करी पर हाई कोर्ट सख्त, एजेंसियों को दी नियमित निगरानी की हिदायत

चंडीगढ़  पंजाब में लगातार बढ़ रहे नशे के कारोबार, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी और हथियारों की सप्लाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को आदेश जारी किए हैं।  आदेशों में साफ कहा है कि वे हर तीन महीने में ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों, बरामदगी, नशे के निस्तारण और नशा मुक्ति अभियानों की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की लापरवाही, कमी या गंभीर स्थिति सामने आती है तो मामले को दोबारा सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश उस जनहित याचिका का निपटारा करते हुए पारित किया, जिसे अदालत ने स्वयं संज्ञान लेते हुए शुरू किया था। हाई कोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान अदालत ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया था। खबर में सीमा सुरक्षा बल द्वारा पंजाब में बढ़ती ड्रग तस्करी और सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजे जा रहे नशीले पदार्थों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। समाचार रिपोर्ट में बताया गया था कि बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को 75 ऐसे व्यक्तियों की सूची सौंपी थी, जो कथित रूप से ड्रग तस्करी में शामिल पाए गए थे। इसके साथ ही यह भी सामने आया था कि वर्ष 2023 के दौरान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से भारत भेजे जा रहे लगभग 755 किलोग्राम नशीले पदार्थ बरामद किए गए। इतना ही नहीं, तस्करी के इस नेटवर्क के साथ हथियारों की सप्लाई भी जुड़ी हुई मिली और कई राइफल तथा पिस्तौल भी जब्त की गईं। सरकारों व एनसीबी ने दी थी स्टेटस रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब, हरियाणा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई। इन रिपोर्टों में बताया गया कि राज्य सरकारों और एजेंसियों द्वारा नशे की रोकथाम, ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई, जब्त मादक पदार्थों के सुरक्षित निस्तारण और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। अदालत ने इन रिपोर्टों का अवलोकन करने के बाद कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी लगातार निगरानी और जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। हर तीन महीने में देंगे विस्तृत रिपोर्ट खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के डीजीपी व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक नियमित रूप से यह जानकारी देंगे कि कितने मामलों में एफआईआर दर्ज हुई, कितनी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए, उनका निस्तारण कैसे किया गया और नशा मुक्ति के लिए क्या कदम उठाए गए। अदालत ने यह जिम्मेदारी हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से तय की है ताकि भविष्य में इन रिपोर्टों की न्यायिक समीक्षा की जा सके।  

वनडे क्रिकेट में कोच को मिल सकती है मैदान में एंट्री, ICC की बैठक में होगा फैसला

 नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) खेल के नियमों में बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। ये फैसला 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी की बैठक के बाद लिया जा सकता है। आईसीसी समय-समय पर क्रिकेट के नियमों में बदलाव करती है और ऐसे में अब वनडे और टी20 क्रिकेट के नियम में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। सबसे बड़ा बदलाव ये हो सकता है कि एक ही फॉर्मेट में अलग-अलग रंग की गेंदों का इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल इन सभी नियमों को लेकर विचार चल रहा है और इस पर विस्तृत चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। वनडे क्रिकेट में हेड कोच को लेकर भी कुछ नियम बदले जा सकते हैं, जबकि टी20 में पारी के ब्रेक के समय में भी कटौती की जा सकती है। हेड कोच को लेकर नियमों में हो सकते हैं बदलाव क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक हेड कोच को लेकर वनडे क्रिकेट में नए नियम बनाए जा सकते हैं। मौजूदा नियमों के मुताबिक मुख्य कोच को ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान में जाने की अनुमति नहीं होती है। सब्सीट्यूट प्लेयर्स को ही मैदान में जाने दिया जाता है। अब इसमें बदलाव किया जा सकता है और रणनीति बनाने के लिहाज से कोच को मैदान में एंट्री की अनुमति दी जा सकती है। अभी तक के रूल के हिसाब से जब कोई खिलाड़ी ड्रिंक लेकर मैदान में आता है, तो उसे एक खास तरह की जर्सी पहननी होती है। हालांकि, अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि कोच को भी ऐसा करना होगा या नहीं। वनडे क्रिकेट में एक पारी के दौरान दो बार ड्रिंक्स ब्रेक की अनुमति होती है। प्रत्येक ब्रेक 1 घंटे 10 मिनट के अंतराल पर लिए जाते हैं। अब कोच को इस दौरान मैदान पर जाने की अनुमति दी जा सकती है। वहीं टी20 क्रिकेट में ये अनुमति पहले से ही है और ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान रणनीति बनाने के लिए मैदान के अंदर जाते हैं। टी20 के नियमों में भी हो सकते हैं बदलाव टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के नियमों में भी बदलाव हो सकते हैं। इस समय टी20 में एक पारी के बाद 20 मिनट का ब्रेक होता है। अब इसे बदलने पर आईसीसी विचार कर रहा है। इसको 20 से घटाकर 15 मिनट किया जा सकता है।  

एआई कैमरों के जिक्र से लेकर अपराध पर सख्त संदेश तक, सम्राट चौधरी का संबोधन चर्चा में

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में आयोजित एआई समिट 2026 के उद्घाटन सत्र के दौरान एक ऐसी बात कही कि माहौल हल्का हो गया। कार्यक्रम में मौजूद लोग मु्स्कुराते हुए ताली बजाने लगे। उन्होंने हरा गमछा रखने वालों का उदाहरण देते हुए कहा कि एआई से एक बार कह दिया जाए तो तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। हालांकि, सीएम ने सफाई भी दी कि किसी खास व्यक्ति या व्यक्तियों की ओर मेरा इशारा नहीं है। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ता और नेता हरे गमछा का इस्तेमाल करते हैं। अब गमछे का स्थान हरी टोपी ले रही है। शनिवार को पटना के उर्जा भवन में सूचना प्रवैद्यिकी डिपार्टमेंट(आईटी) की ओर से एआई समिट 2026 का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया जबकि विभागीय मंत्री नीतीश मिश्रा ने होस्ट किया। सीएम ने इस मौके पर बिहार के विकास में एआई की भूमिका को रेखांकित किया। अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि पटना में करीब चार हजार एआई कैमरे लगे हुए हैं। अगर एक बार एआई से कह दिया जाए कि हरा गमछा वालों को खोजो तो क्या होगा। तुरंत सभी हरा गमछा वालों को पकड़ लेगा। यह कहते हुए सीएम के चेहरे पर हल्की मुस्कान फूट रही थी। हालांकि, उन्होंने तुरंत सफाई दी और कहा कि मैं किसी की तरफ इशारा नहीं कर रहा। लगे हाथ मुख्यमंत्री बिहार में अपराधियों की जाति के मसले पर स्वीच कर गए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए किसी अपराधी की कोई जाति नहीं है। हम पूछना चाहते हैं कि पुलिस अब अपराधी की जाति पूछ कर गोली मारेगी क्या? ऐसा करना सही होगा क्या? हमारी पुलिस को पूरी छूट है कि अपराधी को अपराधी की तरह ट्रीट करना है। अपराधी चाहे किसी जाति का या धर्म का हो, उसके साथ केवल अपराधियों जैसा व्यवहार करना है। अगर कोई भी आदमी बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ करता है तो उसके लिए कोई जात और धर्म का अड़चन नहीं है। सभी लोग एकदम स्पष्ट रहिए कि राज्य में कानून का राज स्थापित करना है।

देवरिया में विकास की सौगात: 172 करोड़ की सड़क परियोजना पर जल्द काम शुरू होने के संकेत

देवरिया  जिले में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सोनूघाट-बरहज मार्ग का कार्य शीघ्र ही शुरू हो जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दे दिया गया है। यह सुनकर उमड़ी जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम के आश्वासन के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि अब जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा। दरअसल, सोनूघाट-बरहज फोरलेन निर्माण की स्वीकृति शासन से कई माह पहले ही मिल चुकी थी। शासन ने इसके निर्माण के लिए 172 करोड़ 25 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की थी। साथ ही पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए गए थे। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए मिली 10 करोड़ की पहली किस्त को बिजली विभाग को देकर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराई गई, जिससे सड़क का काम लटक गया। बरहज से सोनूघाट के बीच की दूरी 21.750 किलोमीटर है। वर्तमान में इसकी चौड़ाई सात मीटर है। अब इसे फोरलेन बनाया जाएगा। प्रत्येक लेन की चौड़ाई सात मीटर होगी और दोनों लेन के बीच दो मीटर का डिवाइडर बनाया जाएगा। क्षेत्रवासी लंबे समय से इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अब क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है। लोगों को भरोसा है कि जल्द ही इस मार्ग का निर्माण शुरू होगा और आवागमन सुगम हो जाएगा जब-जब योगी आए देवरिया को मिली अरबों रुपये की सौगात मुख्यमंत्री ने पिछली बार 29 अप्रैल को देसही ब्लाक के पड़ियापार में आयोजित लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में 501 परियोजनाओं पर करीब सात अरब रुपये की सौगात दी थी। इसके एक साथ बाद ही शुक्रवार को पथरदेवा, रामपुर कारखाना व सदर ब्लाक में 19 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिस पर 655.45 करोड़ रुपये लागत आई है। मुख्यमंत्री ने सात विधानसभा में केवल तीन विधानसभा से जुड़े कार्य होने पर उन्होंने लोगों को जरूरत के हिसाब से आवश्यक कार्यों को पूरा करने का विश्वास दिलाया। जिसमें सोनूघाट-बरहज की सड़क का भी जल्द निर्माण कार्य कराए जाने की बात दोहराई। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देवरिया से काफी अधिक लगाव होने की बात कही। मुख्यमंत्री के भाषण के पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी जी इसके पहले 29 अप्रैल को देवरिया आए तो सात अरब का सौगात दे गए। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्ति का इस धरती पर बारंबार स्वागत है। वे ऐसे ही सौगात लेकर बार-बार आए ताकि क्षेत्र व जनपद का विकास हो सके।

भीषण गर्मी में गुरुग्राम को झटका, 7 बिजली घर ठप होने से सप्लाई बाधित

गुरुग्राम  दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां बिजली संकट गहरा गया है। गुरुग्राम में सेक्टर-72 के 220 केवीए बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फूंक गया। ऐसे में इससे जुड़े 7 बिजली घर ठप गए। इस कारण इन बिजली घरों से अटैच कई सेक्टर की बत्ती गुल हो गई है। वहीं बिजली संकट के चलते रैपिड मेट्रो सेवा भी एकक घंटे प्रभावित रही। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर जला जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम के सेक्टर 38 से 57 तक पावर सप्लाई ठप हो गई है। वहीं सेक्टर 72 में भी ट्रांसफार्मर जल गया। यहां 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फूंकने से 7 बिजली घर ठप हो गए हैं। इसके अलावा गुरुग्राम सेक्टर 18 भी बिजली नहीं आने से प्रभावित हुआ है। भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट से लोग परेशान हो गए हैं। गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित 220 KVA पावर स्टेशन के मुख्य ट्रांसफॉर्मर में आग लगने के बाद बिजली गुल हो गई। इससे शहर के कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई। 7-8 घंटे में फॉल्ट दुरुस्त होगा बिजली विभाग के अनुसार, तत्काल राहत की उम्मीद नहीं है, देर रात तक बिजली सप्लाई शुरू हो सकती है। वहीं ट्रांसफार्मर ठीक होने में 8 से 10 घंटे लगेंगे। देर रात तक सप्लाई बहाल होने की उम्मीद है। मेट्रो ने क्या कहा? DMRC प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित HVPNL के सबस्टेशन से बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण रैपिड मेट्रो प्रभावित हुई। HVPNL सबस्टेशन गुरुग्राम शहर और येलो लाइन के गुरुग्राम सेक्शन को बिजली सप्लाई करता है। रैपिड मेट्रो में शाम 7:50 बजे से 8:33 बजे तक ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं। हालांकि, येलो लाइन पर सेवाएं स्टैंडबाय सबस्टेशन के माध्यम से नियंत्रित रहीं और इस दौरान सामान्य रूप से चलती रहीं। सेक्टर-72 सबस्टेशन के माध्यम से HVPNL द्वारा बिजली सप्लाई बहाल किए जाने के बाद रैपिड मेट्रो की सामान्य सेवाएं भी पुनः शुरू कर दी गईं।