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क्रिकेट में होने जा रहे बड़े फेरबदल, कोलकाता टेस्ट से पहले बदल सकते हैं कई अहम नियम

नईदिल्ली  क्रिकेट की दुनिया में जल्द ही बहुत कुछ बदलता हुआ नजर आ सकता है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) प्लेइंग कंडीशन्स में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है और इन प्रस्तावों ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. सबसे चौंकाने वाला प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट से जुड़ा है, जहां अब एक ही मैच में लाल गेंद और गुलाबी गेंद दोनों का इस्तेमाल देखने को मिल सकता है. इसके अलावा T20 मैचों के ब्रेक टाइम, कोच की मैदान पर एंट्री और संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर भी नए नियम लागू होंगे।  क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक ICC इन सभी बदलावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है. 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली आईसीसी बोर्ड मीटिंग में इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है. अगर सब कुछ तय रहा तो नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू किए जा सकते हैं।  ♦ आईसीसी का सबसे बड़ा और सबसे चर्चित प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट को लेकर है, चर्चा है कि अगर किसी टेस्ट मैच में खराब मौसम या रोशनी की समस्या आती है और खेल को फ्लडलाइट्स में जारी रखना पड़े, तो दोनों टीमों की सहमति से लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी।  यानी पहली बार ऐसा हो सकता है कि एक ही टेस्ट मैच में रेड बॉल और पिंक बॉल दोनों देखने को मिलें. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया कैसी होगी और इसका बल्लेबाजों और गेंदबाजों पर क्या असर पड़ेगा. लेकिन आईसीसी इस बदलाव को लेकर गंभीर दिखाई दे रही है।  ♦ आईसीसी ओडीआई क्रिकेट में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. नए प्रस्ताव के तहत अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हेड कोच को मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बात करने की अनुमति मिल सकती है. मौजूदा नियमों के मुताबिक सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स लेकर मैदान पर जा सकते हैं. हालांकि T20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से यह अनुमति है. अगर यह नियम लागू होता है, तो वनडे मैचों में भी रणनीतिक चर्चाएं सीधे मैदान पर देखने को मिल सकती हैं।  ♦ आईसीसी T20 इंटरनेशनल क्रिकेट को और तेज बनाने की तैयारी में है. प्रस्ताव के मुताबिक अब दोनों पारियों के बीच मिलने वाला 20 मिनट का ब्रेक घटाकर सिर्फ 15 मिनट किया जा सकता है. इसका मतलब खिलाड़ियों को आराम, प्लानिंग और रणनीति बनाने के लिए 5 मिनट कम मिलेंगे।  ♦ आईसीसी अब संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के खिलाफ भी कड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. प्रस्ताव है कि ऑन फील्ड अंपायरों को Hawk-Eye डेटा इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए, ताकि मैच के दौरान ही गेंदबाज के एक्शन की जांच की जा सके. अगर यह नियम लागू हुआ, तो चकिंग को लेकर विवादों पर काफी हद तक लगाम लग सकती है।  बताया जा रहा है कि इन सभी प्रस्तावों पर आईसीसी चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटी (CEC) की वर्चुअल मीटिंग में चर्चा हुई, जिसमें आईसीसी क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन सौरव गांगुली भी शामिल हुए। 

मौत से पहले अजमेर जाने को लेकर बढ़ा था तनाव, ट्विशा केस में समर्थ सिंह का खुलासा

भोपाल. भोपाल में त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान पति समर्थ सिंह ने बताया कि 17 अप्रैल को गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद त्विषा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। यह बयान उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया था कि समार्थ सिंह ने पत्नी से गर्भ में पल रहे बच्चे के पिता को लेकर सवाल पूछे थे, जिससे वह मानसिक तनाव में थी। अजमेर यात्रा को लेकर हुआ था विवाद मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि त्विषा शर्मा और समर्थ सिंह के बीच विवाह के पांच महीनों के दौरान अक्सर विवाद होते थे। मौत से कुछ घंटे पहले भी दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर जाने को लेकर बहस हुई थी। इसके बाद 12 मई को भोपाल स्थित उनके घर में त्विषा शर्मा मृत पाई गईं। मां को भेजे संदेशों में जताई परेशानी जांच के दौरान त्विषा शर्मा और उनकी मां के बीच हुए संदेश भी सामने आए हैं। इन संदेशों में उन्होंने गर्भावस्था के दौरान ससुराल के माहौल को लेकर तनाव और असहजता व्यक्त की थी। एक संदेश में उन्होंने लिखा था, “मेरा दम घुट रहा है मां।” परिवार का आरोप है कि त्विषा लगातार अपने माता-पिता से उन्हें वहां से ले जाने की गुहार लगा रही थीं। मौत से पहले मां को किया था फोन त्विषा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में अधिकारी हैं, ने बताया कि 12 मई की रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर अपनी परेशानियों के बारे में बताया था। बातचीत के दौरान अचानक समार्थ सिंह कमरे में पहुंचे, जिसके बाद कॉल कट गई। परिवार ने इसके बाद त्विषा , समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। कुछ घंटों बाद समार्थ की मां गिरिबाला सिंह ने ट्विशा की मौत की जानकारी परिवार को दी। समार्थ सिंह पुलिस रिमांड पर समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। वह घटना के बाद से लापता थे और बाद में जबलपुर में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर भोपाल ले आई। उनकी अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी है। उनकी मां गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, को अग्रिम जमानत मिली है। पुलिस ने उन पर जांच में सहयोग नहीं करने और नोटिसों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। अदालत में समार्थ सिंह के व्यवहार पर चर्चा शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान समार्थ सिंह का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना। मौजूद लोगों के अनुसार, वह अदालत में पूरी तरह शांत और आत्मविश्वास से भरे दिखाई दिए। उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछावे के संकेत नहीं थे। AIIMS करेगा दूसरा पोस्टमार्टम मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर रविवार को नई दिल्ली स्थित AIIMS के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल में त्विषा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम करेगी। त्विषा शर्मा नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी। मौत के बाद उनके परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इस मामले ने व्यापक जनआक्रोश पैदा कर दिया है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

दिल्ली और कोलकाता के बीच निर्णायक भिड़ंत, हारते ही खत्म होगा सफर

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स रविवार को आईपीएल की मौजूदा सत्र के अंतिम लीग मैच में जब आमने-सामने होगी. इस मैच में दोनों ही टीमों को प्लेऑफ की अपनी धुंधली उम्मीद बरकरार रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. मौजूदा स्थिति के अनुसार छठे स्थान पर काबिज केकेआर और आठवें स्थान पर चल रही दिल्ली की टीम अगर मगर के समीकरणों से अभी भी प्लेऑफ का अंतिम स्थान हासिल करने की दौड़ में हैं, लेकिन यह भी हो सकता है कि रविवार को मुकाबला शुरू होने से पहले ही यह मैच महज औपचारिकता बन जाए. प्लेऑफ में जगह बनाने की दौड़ में फिलहाल सबसे आगे चल रही पंजाब किंग्स शनिवार को लखनऊ सुपर जायंट्स से भिड़ेगी. अगर पंजाब किंग्स जीत जाती है तो उसके 15 अंक हो जाएंगे. इससे दिल्ली की प्लेऑफ की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, क्योंकि उसकी टीम अधिकतम 14 अंक ही हासिल कर सकती है. केकेआर के अभी 13 अंक हैं और उसकी टीम दिल्ली पर जीत हासिल करके 15 अंक तक पहुंच सकती है, लेकिन पंजाब के नेट रन-रेट में काफी आगे है. रनरेट के मामले में केकेआर से बहुत आगे है पंजाब किंग्स अगर आंकड़ों की बात करें तो पंजाब अगर लखनऊ को केवल एक रन से भी हरा देता है तो फिर केकेआर को दिल्ली को कम से कम 52 रन से हराना होगा. यही नहीं केकेआर को इससे पहले रविवार को दोपहर में होने वाले मैच में मुंबई इंडियंस की राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत के लिए भी प्रार्थना करनी होगी. राजस्थान के अभी 14 अंक हैं और वह इस मैच में जीत हासिल करके 16 अंक के साथ प्लेऑफ में जगह पक्की कर सकता है. दोनों टीम इन समीकरणों पर विचार करने की बजाय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देगी और उन चीजों पर काम करेंगी जो उनके नियंत्रण में हैं. केकेआर को टूर्नामेंट के शुरू में विभिन्न कारणों से अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों का सहयोग नहीं मिल पाया था जिसका असर उसके प्रदर्शन पर भी पड़ा. मुस्तफिजुर रहमान, हर्षित राणा, आकाश दीप और मथीशा पथिराना विभिन्न समस्याओं के कारण मैच नहीं खेल पाए, जबकि चोट से वापसी कर रहे कैमरन ग्रीन शुरुआती चरणों में गेंदबाजी नहीं कर सके. लेकिन केकेआर ने शानदार वापसी करते हुए अपने आखिरी सात मैचों में से छह जीतकर खिताब की दौड़ में बने रहने की उम्मीद जगाई. केकेआर की टीम इस मैच में अपने शीर्ष रन-स्कोरर अंगकृष रघुवंशी के बिना खेलेगी, जिन्होंने इस सत्र में पांच अर्धशतकों के साथ 422 रन बनाए हैं. इसके अलावा केकेआर परिस्थितियों के अनुसार अपने स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को अंतिम एकादश में रखने का फैसला करेगा. चक्रवर्ती चोटिल होने के बावजूद खेल रहे हैं. सीजन में अच्छी शुरुआत के बाद लय से भटकी केकेआर दिल्ली कैपिटल्स ने इस सत्र में कुछ महत्वपूर्ण मौके गंवाए जिसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ा है. उसकी बल्लेबाजी काफी हद तक केएल राहुल पर निर्भर रही है, जिन्होंने 13 पारियों में 171 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 533 रन बनाए हैं, जिनमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. डेविड मिलर की वापसी से उसके मध्य क्रम में कुछ स्थिरता आई है, लेकिन दिल्ली की गेंदबाजी में निरंतरता की कमी रही है. उसके कप्तान अक्षर पटेल और साथी स्पिनर कुलदीप यादव कोई खास प्रभाव नहीं डाल पाए हैं. अक्षर ने 32.30 के औसत से 10 विकेट लिए हैं, जबकि कुलदीप 50.28 के औसत से सात विकेट ही ले पाए हैं. टीम इस प्रकार हैं: केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, राहुल त्रिपाठी, फिन एलन, तेजस्वी सिंह, टिम सीफर्ट, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, कैमरन ग्रीन, सार्थक रंजन, दक्ष कामरा, नवदीप सैनी, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और प्रशांत सोलंकी. दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, पथुम निसांका, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अभिषेक पोरेल, समीर रिजवी, नितीश राणा, माधव तिवारी, कुलदीप यादव, विपराज निगम, टी नटराजन, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, दुशमंथा चमीरा, औकिब नबी, करुण नायर, आशुतोष शर्मा, साहिल परख, पृथ्वी साव, त्रिपुरा विजय, रेहान अहमद और अजय मंडल. मैच शुरू होने का समय: शाम 7.30 बजे.  

बेनाफ्शा सूनावाला की बिकिनी फोटो वायरल, पसलियां देखकर हैरान रह गए फैंस

मुंबई  रियलिटी शोज का हिस्सा बनने के बावजूद, कई अदाकारा ऐसे हैं, जो आज भी गुमनामी में जी रहे हैं। वह लाइमलाइट बटरोने में असफल साबित हुए। हम बात यहां बेनाफ्शा सूनावाला की कर रहे हैं, जिन्हें आपने 'बिग बॉस सीजन देखा था। इसमें इन्होंने काफी चर्चा बटोरी थी। अपने अतरंगी अंदाज के कारण इन्होंने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। और अभी-भी खींच रही हैं। वो बात अलग है कि ये किसी बड़े प्रोजेक्ट को ग्रैब कर पाने में नाकामयाब रहीं। वह अपने दिलकश लुक्स के कारण सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं और आग लगाती रहती हैं। एक्ट्रेस-होस्ट बेनाफ्शा सूनावाला ने अपनी बिकिनी फोटोज से सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। बिकिनी फोटोज में बेनाफ्शा का ट्रांसफॉर्मेशन नजर आ रहा है, जिसे देखकर उनके फैन्स को बड़ा झटका लगा है। फोटोज में बेनाफ्शा फ्रूट मार्केट में खड़ी दिख रही हैं. उनके एक हाथ में अनानास है और दूसरे हाथ में बास्केट।  टैन बॉडी और ओपन हेयर में बेनाफ्शा बिकिनी पहनकर अपना फिगर फ्लॉन्ट करती दिखीं।                 बिकिनी में बेनाफ्शा हद से ज्यादा पतली नजर आईं. टोन्ड फिगर के नाम उनकी पसलियां देखकर लोग दंग रह गए। एक ने यूजर ने लिखा कि ये क्या हाल बना लिया. दूसरे ने लिखा कि पहले कितनी क्यूट दिखती थी अब क्या हो गया। अन्य ने लिखा कि पहले कई लड़कियां ऐसी बॉडी बनाने के चक्कर में जान खो चुकी हैं. कुछ ने लिखा कि प्लीज अपने आप ऐसा जुर्म मत करो। बहुत सारे यूजर्स  बेनाफ्शा सूनावाला की फोटोज को जहर बता रहे हैं. बेनाफ्शा की बात करें तो MTV VJ रह चुकी हैं। उन्हें बिग बॉस 11 में भी देखा गया था. इसके अलावा शोज में भी नजर आ चुकी हैं. बेनाफ्शा, प्रियांक शर्मा और वरुण सूद को डेट कर चुकी हैं. उनके दोनों ही रिश्ते असफल रहे।  बेनाफ्शा सूनावाला इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहती हैं। यहां उनके 10 लाख फॉलोवर्स हैं। आए दिन वह अपनी एक से एक ग्लैमरस फोटोज पोस्ट कर तहलका मचाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट हालांकि कई बार आलोचना का भी शिकार होती हैं। वह जिस तरह से पोस्ट्स करती हैं, उसे देखकर लोग उनको ट्रोल करने में पीछे नहीं रहते। प्रोफेशनल से ज्यादा वो पर्सनल लाइफ के कारण खबरों में बनी रहती हैं। प्रियांक शर्मा और बेनाफ्शा का रिश्ता साल 2021 में बेनाफ्शा और प्रियांक शर्मा के ब्रेकअप की खबरें भी आई थीं। पहले दोनों ने अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था औक बाद में इनके अलग होने की चर्चा होने लगी। कहा जाने लहा कि प्रियांक ने एक्ट्रेस को धोखा दिया है। लेकिन बाद में एक्टर ने बताया था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव तो हर रिश्ते में देखने को मिलता है। उन्होंने जानकर एक्ट्रेस की फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट करना बंद कर दिया था। लोगों का ऐसा होता है रिएक्शन बेनाफ्शा पेशे से टीवी पर्सनालिटी और वीडियो जॉकी हैं। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1995 को हुआ था। गोवा की रहने वाली ये अदाकारा अक्सर अपनी बिकिनी फोटोज पोस्ट करती हैं। इसे देखने के बाद लोग उन पर तंज कसते हैं। कहते हैं कि कभी पूरे कपड़े भी पहन लिया करो। शक्ल अच्छी बना लिया करो। वहीं, कुछ उनके लुक्स और पतली कमरिया पर दिल-गुर्दा सब लुटा देते हैं। 

IPL 2026 Playoff Scenario: राजस्थान, पंजाब और KKR में चौथे स्थान की जंग तेज

लखनऊ  लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ कप्तान श्रेयस अय्यर के धमाकेदार शतक की बदौलत पंजाब किंग्स ने मुकाबला 7 विकेट से जीत तो लिया है, लेकिन इसके बावजूद उनकी प्लेऑफ की राह पूरी तरह साफ नहीं हुई है। आईपीएल 2026 की अंक तालिका इस समय इतिहास के सबसे रोमांचक मोड़ पर खड़ी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद 18-18 अंकों के साथ पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। अब लड़ाई सिर्फ नंबर-4 के आखिरी पायदान की है, जिसके लिए राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच कांटे की टक्कर है। आइए जानते हैं कि पंजाब किंग्स की इस जीत के बाद प्लेऑफ का गणित किस तरह बदल गया है। पंजाब किंग्स के लिए सबसे दिलचस्प स्थिति, अब दुआओं के भरोसे है टीम लखनऊ को हराने के बाद पंजाब किंग्स के 14 मैचों में 15 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट +0.309 है, जो अभी काफी मजबूत है। हालांकि, पंजाब के लीग स्टेज के सभी मैच खत्म हो चुके हैं, जिसका मतलब है कि अब वे खुद मैदान पर कुछ नहीं बदल सकते। पंजाब को प्लेऑफ का टिकट पाने के लिए अब पूरी तरह मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले मैच पर निर्भर रहना होगा। यदि मुंबई इंडियंस इस मैच में राजस्थान रॉयल्स को हरा देती है, तब भी पंजाब किंग्स प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाएगी। उन्हें दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच होने वाले मैच का भी इंतजार करना पड़ेगा। राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे सीधा रास्ता प्लेऑफ की इस त्रिकोणीय जंग में राजस्थान रॉयल्स इस समय सबसे सुरक्षित और मजबूत स्थिति में खड़ी है। उनके 13 मैचों में 14 अंक हैं और उन्हें अभी अपना आखिरी मुकाबला रोहित शर्मा की मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेलना है। राजस्थान के लिए समीकरण बिल्कुल साफ है, उन्हें सिर्फ मुंबई को मात देनी है। जीत दर्ज करते ही संजू सैमसन की सेना के 16 अंक हो जाएंगे और वे पंजाब को पीछे छोड़कर शान से प्लेऑफ में एंट्री कर जाएंगे। लेकिन अगर राजस्थान यह मैच हारती है, तो वे 14 अंकों पर ही सिमटकर टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे। राजस्थान की जीत के कारण कोलकाता नाइट राइडर्स का भी सफर खत्म हो जागए। जीतकर भी प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी पंजाब किंग्स, कहीं बेकार ना जाए श्रेयस अय्यर का शतक कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी मौका श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी रास्ता बेहद कठिन कर दिया है। केकेआर के अभी 13 मैचों में 13 अंक हैं और उनका एक मैच दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बाकी है। केकेआर को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए सबसे पहले दिल्ली को हराना होगा ताकि उनके 15 अंक हो सकें। इतना ही नहीं, अगर राजस्थान हारती है और केकेआर जीतती है, तो पंजाब और केकेआर दोनों के 15-15 अंक होंगे। ऐसी स्थिति में केकेआर को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज करनी होगी, ताकि वे पंजाब के मजबूत नेट रन रेट (+0.309) को पीछे छोड़ सकें, क्योंकि वर्तमान में केकेआर का नेट रन रेट (+0.011) काफी कम है। आईपीएल इतिहास का सबसे रोमांचक मोड़, रविवार को होगा अंतिम फैसला पंजाब किंग्स ने लखनऊ की धरती पर अपना काम बखूबी तमाम कर दिया है और अब उनकी नजरें रविवार को वानखेड़े में होने वाले महामुकाबले पर टिकी हैं। पंजाब के फैंस अब मुंबई इंडियंस की जीत की मन्नतें मांग रहे होंगे, जबकि राजस्थान रॉयल्स की किस्मत पूरी तरह उनके अपने हाथों में है। आईपीएल 2026 की टॉप-3 टीमें तय होने के बाद अब चौथे स्थान का सस्पेंस रविवार को पूरी तरह खत्म हो जाएगा।  

पोल वॉल्ट में एशियन गेम्स के लिए निर्धारित 4.10 मीटर क्वालीफाइंग मार्क हासिल कर बढ़ाया प्रदेश का गौरव

भोपाल  रांची में 25 मई तक आयोजित 29वीं नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी नितिका आक्रे ने महिला पोल वॉल्ट स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित किया। नितिका ने 4.10 मीटर की शानदार छलांग लगाकर न केवल प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया, बल्कि एशियन गेम्स 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क भी हासिल कर लिया। मंत्री  सारंग ने दी बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नितिका आक्रे को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नितिका आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी देश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगी। एशियन गेम्स एवं एशियन अंडर-23 चैंपियनशिप में बनाई जगह नितिका आक्रे ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए निर्धारित क्वालीफाइंग मानक प्राप्त करते हुए प्रतियोगिता में स्थान सुनिश्चित किया है। साथ ही उन्होंने 9 से 12 जुलाई 2026 तक ऑर्डोस, चीन में आयोजित होने वाली प्रथम एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया है। यह उपलब्धि प्रदेश और देश दोनों के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। कोच घनश्याम के मार्गदर्शन में हासिल की सफलता नितिका आक्रे की इस उपलब्धि में उनके कोच  घनश्याम यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके तकनीकी मार्गदर्शन, निरंतर प्रशिक्षण एवं प्रेरणा ने नितिका को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया। यह सफलता खिलाड़ी और प्रशिक्षक के समर्पण एवं समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। मेहनत, लगन और अनुशासन का परिणाम नितिका आक्रे का यह प्रदर्शन उनकी निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण का प्रतिफल है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दबाव के बीच उत्कृष्ट तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए पदक अपने नाम किया। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को मिल रही नई पहचान मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। नितिका की यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रही मजबूत खेल संस्कृति और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं नितिका नितिका आक्रे की सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका यह प्रदर्शन दर्शाता है कि समर्पण, सतत अभ्यास और सही मार्गदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।  

वेतन भुगतान की मांग को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों का बड़ा प्रदर्शन, 25 मई को आर-पार की लड़ाई

भोपाल मध्य प्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रदेशभर के आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों से 25 मई को भोपाल के नीलम पार्क में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले पांच से छह महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी उपमुख्यमंत्री निवास पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है। 30 हजार कर्मचारी दे रहे हैं सेवाएं संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को समय पर वेतन, नौकरी की सुरक्षा और न्यूनतम वेतन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। निजी एजेंसियों की मनमानी और शोषण का आरोप संघ का आरोप है कि निजी एजेंसियों और अधिकारियों की मनमानी के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। शासन द्वारा स्वीकृत राशि और कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक भुगतान में बड़ा अंतर है। कर्मचारियों को आठ से 12 हजार रुपए तक वेतन दिया जा रहा है, जबकि न्यूनतम 26 हजार रुपए मासिक वेतन की मांग लंबे समय से की जा रही है। कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगें संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान कार्य के बदले समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा, अवकाश सुविधा, मातृत्व अवकाश और निजी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने जैसी प्रमुख मांगें उठाई हैं।  

राज्यसभा सीट पर कांटे की टक्कर, कांग्रेस उम्मीदवार लगभग तय लेकिन BJP की रणनीति ने बढ़ाई चिंता

भोपाल कांग्रेस मध्यप्रदेश से राज्यसभा की अपनी एक सीट बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई है। वर्तमान सांसद दिग्विजय सिंह के दोबारा राज्यसभा जाने से इंकार करने के बाद से उम्मीदवार पर सहमति बनाने की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस में दो स्तरों पर जद्दोजहद जारी है, पहला उम्मीदवार के नाम पर आम सहमति बनाना और दूसरा क्रॉस वोटिंग को रोकना। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने पहले प्रदेश के दिग्गज नेताओं से रायशुमारी की, इसके बाद 5 मई को दिल्ली में हुई बैठक में उम्मीदवार का फैसला हो गया है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी में राज्यसभा उम्मीदवार तय हो गया है। पार्टी, मध्यप्रदेश के ही सर्वस्वीकार्य और व्यापक जनाधार वाले नेता को आगे करेगी। राज्यसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद प्रदेश कांग्रेस में सक्रियता बढ़ी है। संभावित उम्मीदवार के लिए जल्द बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें उम्मीदवारों नामों पर चर्चा कर प्रस्ताव एआइसीसी को भेजे जाएंगे। कांग्रेस में सर्वसम्मति बनाने और क्रॉस वोटिंग रोकने पर पूरा जोर कांग्रेस खेमे में अभी भी उम्मीदवार के नामों को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। इतना ही नहीं, बीजेपी भी उनका खेल बिगाड़ने की कवायद में जुटी हुई है। चर्चा यहां तक है कि कांग्रेस की सीट हासिल करने के लिए बीजेपी डमी प्रत्याशी उतार सकती है। सिर्फ 4 विधायक ज्यादा, बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल और मुकेश मल्होत्रा के वोटिंग अधिकार निलंबन व राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कांग्रेस के विधायक घट गए दरअसल कांग्रेस के पास अपनी राज्यसभा सीट बचाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या बल तो है पर वरिष्ठ नेताओं को इसमें सेंधमारी का डर सता रहा है। मध्यप्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें हैं। एक सदस्य को राज्यसभा भेजने के लिए 58 विधायक जरूरी हैं। बीना से विधायक निर्मला सप्रे के दलबदल और मुकेश मल्होत्रा के वोटिंग अधिकार निलंबन व राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कांग्रेस के विधायक घट गए हैं। पार्टी के पास वोट डालने वाले अब 62 विधायक ही बचे हैं जोकि एक सदस्य को जिताने की जरूरी संख्या से चार ही अधिक हैं। क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस अपनी सीट गंवा सकती है, इसलिए पार्टी नेता अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हरियाणा-उड़ीसा में क्रॉस वोटिंग और बिहार में विधायकों की अनुपस्थिति के कारण कांग्रेस को झटका लग चुका है। अब मप्र में भी पार्टी को इसका डर सता रहा है। क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस अपनी सीट गंवा सकती है, इसलिए पार्टी नेता अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं।

छुट्टियों में राशन स्टॉक पर हरियाणा सरकार की नजर, खराब होने पर जिम्मेदार होगा स्कूल स्टाफ

फतेहाबाद/लुधियाना. भीषण गर्मी के बीच शिक्षा विभाग ने 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। छुट्टियों के साथ ही विभाग ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील के स्टाक को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने सभी स्कूलों से मिड-डे मील में उपयोग होने वाले गेहूं, चावल, दाल, तेल सहित अन्य सामग्री का पूरा ब्योरा मांगा है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लापरवाही के कारण यदि कोई खाद्यान्न खराब हुआ तो संबंधित स्कूल स्टाफ जिम्मेदार माना जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार अवकाश के दौरान स्कूल बंद रहेंगे, ऐसे में खाद्यान्न की सुरक्षित स्टोरेज सुनिश्चित करना जरूरी होगा। जिन स्कूलों में राशन अधिक मात्रा में बचा हुआ है या खराब होने की आशंका है, वहां से स्टाक तुरंत वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी स्कूल मुखियाओं से स्टाक का रिकॉर्ड निर्धारित समय में उपलब्ध करवाने को कहा है। अधिकारियों का मानना है कि गर्मी के मौसम में खाद्यान्न खराब होने का खतरा अधिक रहता है। बता दें कि पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील योजना के तहत भोजन दिया जाता है।

बैंकिंग सेवाएं रहेंगी सुचारु, SBI समेत अन्य बैंकों की प्रस्तावित हड़ताल फिलहाल स्थगित

नई दिल्ली देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहकों के लिए जरूरी खबर है। बैंक ने बताया कि 25 और 26 मई 2026 को होने वाली बैंक कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल टाल दी गई है। इसका मतलब है कि इन दोनों दिनों में देशभर में SBI की सभी शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी और ग्राहकों को सभी बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के मिलती रहेंगी। SBI ने क्या कहा? SBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, "हम अपने सम्मानित ग्राहकों को सूचित करते हैं कि ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) द्वारा 25 और 26 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल टाल दी गई है। हमारी सभी शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी और सभी नियमित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करेंगी।" क्यों टल गई हड़ताल? SBI स्टाफ एसोसिएशन, बंगाल सर्किल के सचिव सुदीप दत्ता ने कहा, ‘प्रबंधन के साथ मुंबई में हुई बैठक पॉजिटिव रही और कर्मचारी महासंघ की कई मांगों पर प्रगति हुई है। इन परिस्थितियों में प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है।’ SBI कर्मचारी महासंघ के महासचिव एल चंद्रशेखर ने अपने सदस्यों को भेजे संदेश में कहा, “मुंबई स्थित कॉरपोरेट सेंटर में बैंक प्रबंधन और महासंघ के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही। हमें यह बताते हुए खुशी है कि हमारी मांगों पर सकारात्मक प्रगति हुई है। चर्चा के दौरान हुई प्रगति को देखते हुए प्रस्तावित हड़ताल स्थगित कर दी गई है।” क्या थी मांगें? यह हड़ताल All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने बुलाई थी। यूनियन का कहना था कि बैंक में कर्मचारियों की कमी, आउटसोर्सिंग, पेंशन से जुड़े मुद्दे और वेतन असमानता जैसे कई मामलों पर लंबे समय से उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यूनियन ने 16 मांगों की एक सूची रखी थी। इसमें नए कर्मचारियों की भर्ती, खाली पदों को भरना, स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद करना, NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में ज्यादा लचीलापन देना और कर्मचारियों के ट्रांसफर नियमों में बदलाव जैसी मांगें शामिल थीं। कर्मचारी संगठन का कहना था कि स्टाफ कम होने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। साथ ही, कई शाखाओं में सुरक्षा गार्डों की कमी से सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई थी। हालांकि, बैंक प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद फिलहाल यह आंदोलन वापस ले लिया गया है। इससे बैंकिंग सेवाओं में संभावित रुकावट टल गई है और ग्राहकों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।