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बाइक पर सवार होकर नक्सलियों के गढ़ रहे गांवों में पहुंचे कलेक्टर-सीईओ

रायपुर. बस्तर के सुदूर वनांचलों से डर और उपेक्षा का अंधेरा अब छंटने लगा है, और इसकी गवाह बनी सुकमा की वो तस्वीरें जहां जिले के मुखिया खुद दुर्गम रास्तों की परवाह किए बिना जनता के द्वार पहुंचे रहे हैं। कलेक्टर अमित कुमार और जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने कोंटा विकासखंड के धुर नक्सल प्रभावित रहे और पहुंचविहीन गांवों भेज्जी, मैलापुर, दंतेशपुरम, बुर्कलंका, गछनपल्ली, बोदराजपदर और डब्बाकोंटा का ऐतिहासिक दौरा किया। सालों से मुख्यधारा से कटे इन गांवों के उबड़-खाबड़ और पथरीले रास्तों पर जब अधिकारियों का काफिला मोटरसाइकिल पर सवार होकर निकला, तो यह सिर्फ एक निरीक्षण नहीं, बल्कि ग्रामीणों के मन में प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास जगाने का सफर बन गया। आजादी के बाद पहली बार किसी कलेक्टर को अपने बीच पाकर ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे। चौपाल पर संवाद और 'सुशासन परिसर' की सराहना अधिकारियों ने बुर्कलंका में बन रहे 'सुशासन परिसर' का बारीकी से निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने दुर्गम घने जंगलों के बीच बसे इस गांव में बने परिसर की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी बताया। इस बहुद्देशीय परिसर में एक ही बाउंड्रीवाल के भीतर स्कूल, आंगनबाड़ी, पंचायत भवन, पीडीएस सेंटर और सामुदायिक भवन को समेटा गया है, जो ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे सारी मूलभूत सुविधाएं देने का बेहतरीन मॉडल है। सुशासन शिविर के दौरान मैलासुर पंचायत में अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर सरपंच, पटेल, मुखिया और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी और निर्माणाधीन कार्यों को समय पर पूरा करने का संकल्प दोहराया। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगातें प्रशासन का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीणों की सेहत और बच्चों की शिक्षा पर रहा। कलेक्टर ने संवेदनशील पहल करते हुए भेज्जी पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई, जबकि मैलासुर में इसके लिए तत्काल जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए। गछनपाल्ली में स्वास्थ्य कर्मियों के रहने के लिए स्टाफ क्वार्टर को मंजूरी दी गई, ताकि चौबीसों घंटे इलाज की सुविधा मिल सके। शिक्षा की लौ को मजबूत करने के लिए दंतेषपुरम में निर्माणाधीन प्राथमिक शाला भवन को बारिश के मौसम से पहले हर हाल में पूरा करने का निर्देश शिक्षा विभाग को दिया गया, साथ ही अंदरूनी इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया गया। पेयजल, आजीविका और कृषि को मिला नया जीवन गांवों में खुशहाली और आत्मनिर्भरता लाने के लिए कलेक्टर ने आजीविका के नए द्वार खोले। मैलासुर और दंतेषपुरम के ग्रामीणों की मांग पर मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए तालाबों का चिन्हाँकन किया गया और ग्रामीणों को मछली बीज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। पानी की किल्लत को दूर करने के लिए दंतेषपुरम में एक नए डैम और तालाब निर्माण की बड़ी स्वीकृति दी गई, साथ ही क्रेड़ा विभाग को पानी टंकी बनाने के निर्देश दिए गए। मैलासुर और बोदराजपदर में पेयजल संकट को खत्म करने के लिए नए हैंडपंप और बोरिंग की तत्काल मंजूरी दी गई। पीएचई विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन गांवों में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है, वहां बिना देरी किए तत्काल जलापूर्ति शुरू की जाए। जहाँ काम पूरा नहीं हुआ है वहां तेजी से कार्य पूरा कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाये। कलेक्टर अमित कुमार ने बताया कि दूरस्थ और पहुंचविहीन गांवों में 'सुशासन परिसर' और बुनियादी सुविधाओं का निर्माण वाकई प्रेरणादायी है। कलेक्टर ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त हो चुके इन अंतिम छोर के गांवों तक विकास की रफ्तार पहुंचाना है। बारिश से पहले स्कूल, अस्पताल, सड़क, पुल-पुलिया और जल जीवन मिशन से जुड़े सभी निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरा किया जाएगा, ताकि हर ग्रामीण तक शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सके। सड़कों से जुड़ेंगे दिल और रास्ते, विकास की रफ्तार होगी तेज बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे पहुंचविहीन रास्तों को अब पक्की सड़कों की मजबूती मिलने जा रही है। कलेक्टर ने बोदराजपदर, मैलासुर, दंतेशपुरम, गछनपल्ली और बुर्कलंका को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजेएसवाई) का तत्काल प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। आरईएस विभाग द्वारा डब्बाकोंटा में निर्माणाधीन आश्रम का भी मुआयना किया गया। मोटर साइकिल के पहियों से शुरू हुआ प्रशासन का यह सफर सुकमा के इन दूरस्थ अंचलों में विकास की नई इबारत लिख गया है, जो यह साबित करता है कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर की पहचान बंदूक से नहीं, बल्कि सुशासन और समृद्धि से हो रही है। केलक्टर के निरीक्षण के दौरान एसडीएम कोंटा सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ सुमित ध्रुव, एडिशनल एसपी मनोज तिर्की, कार्यपालन अभियंता पीएमजेएसवाई रविंद्र ताती, महिला एवं बाल विकास अधिकारी रितिश टंडन, बीएमओ डॉ. दीपेश चंद्राकर सहित अन्य जिलाधिकारी मौके पर उपस्थित थे।

गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों की बढ़ती पैठ, जिगाना और PX-5 पिस्टल पर एजेंसियों की नजर

कुरुक्षेत्र  गांव रतनगढ़ के पास एसटीएफ द्वारा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए दोनों शूटरों से बरामद हथियार एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय हथियार नेटवर्क की ओर गंभीर संकेत दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि आरोपितों के कब्जे से पीएक्स-5 टर्किश पिस्टल बरामद की गई हैं। पिछले कुछ समय से भारत में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क में टर्किश हथियारों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। जानकारी के अनुसार, जोराकी, रेटे और जिगाना जैसी टर्किश पिस्टल्स अब अलग-अलग राज्यों में अपराधियों के बीच लगातार देखी जा रही हैं। हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय सूत्रों के अनुसार, ये टर्किश पिस्टल्स मूल रूप से तुर्किये में स्पोर्ट्स शूटिंग और सेल्फ-डिफेंस के लिए वैध रूप से तैयार की जाती हैं, लेकिन बाद में इनका बड़ा हिस्सा अवैध तस्करी नेटवर्क के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच जाता है। यहां से यह हथियार यूरोप, पश्चिम एशिया और बाल्कन देशों के रास्ते होते हुए दक्षिण एशिया तक लाए जाते हैं। भारत में इन हथियारों के प्रवेश के लिए एक संगठित सप्लाई चेन सक्रिय है, जिसमें हथियारों को छोटे-छोटे खेपों में अलग-अलग देशों के डीलरों तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद इन्हें सीमा पार तस्करी, कोरियर नेटवर्क, फर्जी बिलिंग और छिपे हुए लाजिस्टिक चैनलों के जरिए भारत लाया जाता है। कई मामलों में इन्हें पार्ट्स में अलग-अलग भेजकर बाद में असेंबल करने की भी बात सामने आई है। गैंगस्टरों की पसंद बनी टर्की मेड जिगाना पिस्टल जिगाना पिस्टल, जिसे तुर्किये की ड्यूरेबल और हाई-रिलायबिलिटी सेमी-आटोमैटिक पिस्टल माना जाता है और हाल के वर्षों में गैंगस्टर नेटवर्क में खास तौर पर चर्चित रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन टर्किश हथियारों का बढ़ता उपयोग संगठित अपराध के बदलते स्वरूप और अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई नेटवर्क की सक्रियता को दर्शाता है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हैं कि आखिर ये आधुनिक टर्किश हथियार किन अंतरराष्ट्रीय रास्तों से भारत में प्रवेश कर रहे हैं और किन स्थानीय संपर्कों के जरिए गैंगस्टरों तक पहुंच रहे हैं। टीटी-30 और ग्लाक इससे पहले थी मनपसंद विदेशी हथियारों के मामले में इससे पहले गैंगस्टरों के बीच टीटी-30 और ग्लाक पिस्टल सबसे ज्यादा लोकप्रिय मानी जाती थीं। लंबे समय तक रूस के टीटी-30 (स्टार-30 के नाम से भी जाना जाता) के चाइनीज माडल भारत के गैंग नेटवर्क में खूब इस्तेमाल हुए। वहीं पिछले कुछ सालों से आस्ट्रिया मेड ग्लाक गैंगस्टरों के बीच काफी लोकप्रिय थी। हालांकि अब पुराने टीटी और ग्लाक की जगह अब टर्की मेड पिस्टल्स जैसे जिगाना और अन्य हाई-एंड माडल तेजी से ले रहे हैं।

रामपुर कोर्ट सख्त, आजम खान की सजा 3 साल बढ़ी; अब्दुल्ला आजम पर जुर्माना भी बढ़ाया

रामपुर सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को अब फर्जी पैन कार्ड केस में 10-10 साल की सजा काटनी होगी। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शनिवार को दोनों की सजा को तीन-तीन साल के लिए बढ़ा दिया। पहले इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को 7-7 साल की सजा मिली थी। मामले में दिसंबर 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से सजा बढ़ाने के लिए अपील की गई थी। अपने फैसले में अदालत ने दोनों के ऊपर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम पहले 50-50 हजार रुपये थी। आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान फिलहाल रामपुर की ही जेल में बंद हैं। दो पैन मामले में आजम की सजा 7 से 10 साल हुई, अब्दुल्ला पर जुर्माना बढ़ाया सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 17 नवंबर को अब्दुल्ला आजम के दो पैनकार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट से सात साल की सजा हुई थी। जिससे असंतुष्ट अभियोजन पक्ष ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई हुई और शनिवार को सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए सजा में बढ़ोतरी की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सपा नेता आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। विवादित बयान मामले में आजम को 2 साल की सजा आपको बता दें इससे पहले ये तनखइया हैं…इनसे मत डरियो…इंशा अल्लाह इनसे जूते साफ कराऊंगा…लोकसभा चुनाव के दौरान आजम खान के इस विवादित बयान पर एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा से दंडित किया था। अदालत ने 20 हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया है। मालूम हो कि 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में आजम खान समाजवादी पार्टी से प्रत्याशी थे। इस दौरान भोट थाना क्षेत्र में आयोजित रोड शो के दौरान आजम का एक विवादित बयान का वीडियो वायरल हुआ था। तत्कालीन रामपुर के डीएम को लेकर विवादित बयान दिया था जिसमें आजम खान तत्कालीन जिलाधिकारी पर निशाना साधते हुए कहते सुनाई दे रहे थे कि ये तनखइया हैं, इनसे मत डरियो, उन्हीं के साथ गठबंधन है जो जूते साफ करा लेती हैं, इंशा अल्लाह चुनाव बाद इनसे जूते साफ कराऊंगा….। आजम के इस वीडियो पर दिल्ली में चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट तलब की थी। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिस पर तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान में कमिश्नर मुरादाबाद आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विस क्षेत्र के एआरओ घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में केस दर्ज कराया था। 12 जून को झूठे शपथ पत्र मामले में सुनवाई आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम से जुड़े झूठे शपथ पत्र मामले की सुनवाई 12 जून को होगी। रामपुर की अदालत ने इस मामले में प्रशासन से अब्दुल्ला आजम की उम्र से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। अभियोजन पक्ष की दलील अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता सीमा राणा ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया. उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि फर्जीवाड़ा और संवैधानिक दस्तावेजों में हेरफेर एक गंभीर मामला है. इसमें कड़ी सजा की जरूरत है. कोर्ट ने सीमा राणा की दलील को स्वीकार करते हुए, आजम खान की सजा को तीन साल बढ़ा दिया और दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया।  क्या है मामला? बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की तरफ से शिकायत की गई थी की. आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दो अलग-अलग जन्म तिथि का पैन कार्ड बनवाया. इस फर्जीवाड़े के तहत आजम खान ने अब्दुल्ला का पासपोर्ट भी बनवाया और यूपी की स्वार सीट से चुनाव भी लड़वाया. इस मामले में हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन रद्द कर दिया था। 

अवैध कब्जों पर कार्रवाई जारी, बंगाल में TMC नेता के दफ्तर पर चला बुलडोजर

कोलकाता पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनने के बाद राज्यभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी कड़ी में पश्चिम बर्धमान जिले के आसनसोल के बर्नपुर इलाके में एक और तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया।  शनिवार को बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद अशोक रुद्र के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया. बताया जा रहा है कि ये दफ्तर सेल-आईएसपी (इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी) की जमीन पर बना हुआ था।  स्थानीय प्रशासन और सेल अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा. पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में ये चौथा टीएमसी पार्टी दफ्तर है जिसे बुलडोजर चलाकर हटाया गया है।  टीएमसी ने लगाया 'टारगेट पॉलिटिक्स' का आरोप इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर 'टारगेट पॉलिटिक्स' का आरोप लगाया है. टीएमसी नेताओं का कहना है कि विपक्षी दलों के दफ्तरों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है. हालांकि सेल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज किया है. अधिकारियों का कहना है कि संबंधित लोगों को पहले कई बार नोटिस दिया गया था, लेकिन अवैध कब्जा नहीं हटाया गया. इसके बाद मजबूरन बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।  सेल अधिकारियों ने ये भी कहा कि अब प्रशासन का सहयोग मिलने से अवैध कब्जों को हटाने का अभियान तेज किया गया है और आगे भी ये कार्रवाई जारी रहेगी. उनका कहना है कि किसी विशेष दल को निशाना नहीं बनाया जा रहा, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे।  इससे पहले मंगलवार को बर्नपुर के त्रिवेणी मोड़ स्थित तृणमूल युवा कांग्रेस के एक पार्टी दफ्तर पर भी बुलडोजर कार्रवाई की गई थी. IISCO प्रबंधन ने आरोप लगाए थे कि ये पार्टी दफ्तर उनकी जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था और जमीन खाली करने के लिए पहले नोटिस भी जारी किया गया था. हालांकि, नोटिस को अनदेखा कर दिया गया जिसके बाद दफ्तर पर बुलडोजर चलाया गया।  आसनसोल में टीएमसी के अवैध ऑफिस को तोड़ा पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कई चीजों में बदलाव देखने को मिल रहा है। शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद अवैध कब्जा हटाने के लिए लगातार बुलडोजर गरज रहा है। आसनसोल के बर्नपुर में सेल की जमीन से अवैध कब्जा को हटाया गया। यहां कब्जा कर टीएमसी का ऑफिस भी बनाया गया था, जिसे तोड़ दिया गया है। टीएमसी यूथ विंग का ऑफिस जमींदोज दरअसल, कोलकाता और हावड़ा के बाद आसनसोल के बर्नपुर में बुलडोजर की दहाड़ सुनाई दी है। त्रिवेणी मोड़ के करीब सेल की जमीन पर टीएमसी यूथ विंग का ऑफिस बना हुआ था। इस्को की तरफ से कई बार अवैध ऑफिस को हटाने के लिए नोटिस दिया गया था। टीएमसी सत्ता में थी तो यूथ विंग के लोग जबरदस्ती वहां निर्माण कर लिया। सत्ता बदलते ही भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में उस ऑफिस को तोड़ दिया गया है। बदले की भावना से कार्रवाई वहीं, बुलडोजर कार्रवाई के बाद टीएमसी के स्थानीय नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है। बिना किसी बातचीत के इस ऑफिस को तोड़ दिया गया है। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया है कि सेल की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर कई अन्य लोग भी व्यवसाय चला रहे हैं। मगर कार्रवाई सिर्फ टीएमसी ऑफिस पर की गई है। रेलवे की जमीनों से भी हटाया गया अतिक्रमण इसके साथ ही आसनसोल रेल मंडल की अतिक्रमित जमीनों से भी कब्जा हटाया गया है। अवैध क्वार्टर और घरों को बुलडोजर से तोड़ा गया है। बुलडोजर कार्रवाई के बाद वहां हड़कंप मच गया। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद शुभेंदु अधिकारी गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के सीएम बनने के बाद पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों में बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। कोलकाता, हावड़ा और नंदीग्राम में भी यह कार्रवाई हो रही है। यह कार्रवाई अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ है।

रांची में साइंस, एआई और रोबोटिक्स पर फोकस, राज्य में शुरू होंगी तीन नई योजनाएं

रांची  राज्य में रोबोटिक्स, इंटरनेट आफ थिंग्स, ब्लाक चेन, बायोटेक्नोलाजी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष तीन बड़ी योजनाएं शुरू होंगी। इनमें रोबोटिक्स फेस्टिवल तथा साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज के आयोजन से लेकर राष्ट्रीय गणित दिवस तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना सम्मिलित हैं। इन तीनों योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी झारखंड काउंसिल आफ साइंस टेक्नेालाजी एंड इनोवेशन (जेसीएसटीआई) को दी गई है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन तीनों योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर संकल्प एवं दिशा-निर्देश जारी कर दिया है। साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज का आयोजन तीन श्रेणियों के विद्यार्थियों के बीच होगा। पहली श्रेणी में आठवीं से 10वीं कक्षा के स्कूली विद्यार्थी, दूसरी श्रेणी में 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थी के साथ आइटीआइ के विद्यार्थी तथा तीसरी श्रेणी के क्विज में पालीटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। ऑनलाइन जीतें हजारों के पुरस्कार पहले चरण में ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता होगी, जबकि दूसरे एवं अंतिम चरण में में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता लिखित होगी। अंतिम चरण में प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रोत्साहन पुरस्कार के रूप में पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह, प्रत्येक वर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस तथा 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन के लिए ''सर जैनेंद्र चंद्र घोष स्कीम फार साइंस एंड टेनोलाजी इंपारटेंस योजना'' शुरू होगी। 24 अंगीभूत कालेजों, 15 तकनीकी संस्थानों तथा 34 पालीटेक्निक में इन दोनों दिवसों के आयोजन के लिए एक-एक लाख रुपये सभी चयनित संस्थानों को अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बाद में केंद्र से भी अनुदान मिल सकता है। इसी तरह, राज्य स्तर पर पहली बार रोबोटिक्स फेस्टिवल भी आयोजित किया जाएगा। इसमें भी पुरस्कार से लेकर तकनीकी सहायता के प्रविधान योजना में किए गए हैं। तीनों योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए निदेशक, तकनीकी शिक्षा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। किस योजना पर कितनी राशि होगी खर्च     साइंस एंड टेक्नोलाजी क्विज : 30 लाख     राष्ट्रीय गणित दिवस तथा राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन : 3.21 करोड़     रोबोटिक्स फेस्टिवल : 1.54 करोड़  

राजस्थान पुलिस की चेतावनी: एक लापरवाही से हैक हो सकता है बैंकिंग डेटा और पर्सनल चैट

जयपुर आज के डिजिटल दौर में वॉट्सऐप (WhatsApp) हमारी जिंदगी का एक बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है. लेकिन इसी के साथ वॉट्सऐप पर डिजिटल फ्रॉड और हैकिंग का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. हैकर्स उड़ा सकते हैं आपकी पर्सनल फोटो और बैंकिंग डेटा साइबर क्राइम ADG वी.के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि हमारी एक छोटी सी लापरवाही या अवेयरनेस की कमी का फायदा उठाकर हैकर्स पर्सनल चैट, प्राइवेट तस्वीरें, वीडियो और बैंक अकाउंट की खुफिया डिटेल्स चोरी कर सकते हैं. साइबर ठगों के इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए एक्सपर्ट्स ने वॉट्सऐप पर कुछ खास प्राइवेसी और सिक्योरिटी सेटिंग्स को तुरंत चालू करने की सलाह दी है. साइबर पुलिस की इन गाइडलाइंस का तुरंत करें पालन सबसे पहले वॉट्सऐप के Settings > Account > Two-Step Verification में जाकर एक सीक्रेट पिन (PIN) जरूर सेट करें. इससे अगर कोई आपका सिम कार्ड क्लोन भी कर लेगा, तो भी बिना पिन के आपका व्हाट्सएप नहीं खोल पाएगा. फ्रॉड करने वाले लोग अक्सर वॉट्सऐप पर वायरस या मालवेयर वाली APK और PDF फाइलें भेजते हैं. अगर फोन में मीडिया ऑटो-डाउनलोड चालू है, तो ये फाइलें खुद डाउनलोड होकर बैकग्राउंड में आपका बैंकिंग डेटा चुरा सकती हैं. इसलिए Storage and Data सेटिंग्स में जाकर ऑटो-डाउनलोड को पूरी तरह बंद कर दें. अपनी प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और ग्रुप सेटिंग्स को हमेशा केवल 'My Contacts' पर ही सेट रखें. इससे कोई अनजान व्यक्ति आपकी फोटो का गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और न ही आपको किसी फ्रॉड ग्रुप में जोड़ सकेगा. वॉट्सऐप की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर 'Silence Unknown Callers' फीचर को ऑन करें ताकि इंटरनेशनल स्कैम कॉल्स और स्पैम कॉल्स से बचा जा सके. इसके अलावा 'Protect IP Address in Calls' को भी ऑन रखें, जिससे आपकी सही लोकेशन किसी को पता नहीं चलेगी.  समय-समय पर अपने वॉट्सऐप में जाकर चेक करें कि आपका अकाउंट किसी अनजान कंप्यूटर या लैपटॉप पर तो नहीं चल रहा है. कोई भी संदिग्ध डिवाइस दिखने पर तुरंत लॉगआउट करें. फ्रॉड होने पर यहां करें शिकायत अगर आपके साथ किसी भी तरह की डिजिटल ठगी या साइबर फ्रॉड हो जाता है, तो बिना देर किए अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं. इसके अलावा आप सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर जाकर या तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

करनाल: खट्टर का गांवों का दौरा, 10 गांवों में योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

करनाल करनाल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीलोखेड़ी विधानसभा क्षेत्र के तहत कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक भी की। मंत्री ने बताया कि उनका यह दौरा 10 गांवों को कवर करने के लिए तय किया गया है, जिसमें यह देखा जा रहा है कि क्षेत्र में विकास योजनाएं किस तरह आगे बढ़ रही हैं, कहां दिक्कतें हैं और किन जगहों पर सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर बार करनाल आने पर वे इसी तरह जमीनी स्तर पर कामकाज की समीक्षा करते हैं। आरक्षण और सुप्रीम कोर्ट टिप्पणी पर प्रतिक्रिया IAS अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि आरक्षण का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को ही मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नीतियों का उद्देश्य कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है, न कि पहले से सक्षम वर्गों को अतिरिक्त लाभ देना। पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर विपक्ष को जवाब पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक तनावों का असर तेल की कीमतों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान जैसे वैश्विक हालात और सप्लाई बाधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर केवल आलोचना करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कई देशों में ईंधन कीमतें भारत से कहीं अधिक बढ़ी हैं। सरकार की योजनाओं पर जोर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित कई सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार लगातार विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है।

राशन कार्ड आवंटन में घूसखोरी का खुलासा, CBI ट्रैप में रंगे हाथ पकड़ा गया अधिकारी

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के एक असिस्टेंट कमिश्नर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी अधिकारी एशियन मार्केट, पुष्प विहार, नई दिल्ली स्थित फूड एंड सप्लाई विभाग में तैनात था। सीबीआई की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस मामले में 20 मई को केस दर्ज किया गया था। जांच एजेंसी को शिकायत मिली थी कि आरोपी अधिकारी राशन कार्ड ों के आवंटन और वितरण के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। आरोप था कि वह प्रत्येक राशन कार्ड पर 100 रुपए की अवैध रकम मांग रहा था। क्या है पूरा मामला बताया गया कि कुल 475 राशन कार्ड अलग-अलग नजदीकी दुकानों को आवंटित किए जाने थे। इनमें शिकायतकर्ता की दुकान को भी करीब 120 राशन कार्ड मिलने थे। इसी आधार पर आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से लगभग 12 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई की। 21 मई को सीबीआई की टीम ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया। इस दौरान आरोपी असिस्टेंट कमिश्नर को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई का बयान आया सामने सीबीआई ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सीबीआई ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो उसकी शिकायत तुरंत करें। इसके लिए लोग सीबीआई एसीबी दिल्ली कार्यालय, सीजीओ कॉम्प्लेक्स, लोधी रोड, नई दिल्ली में संपर्क कर सकते हैं। साथ ही 011-24367887 और मोबाइल नंबर 9650394847 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

Vinesh Phogat के पक्ष में हाईकोर्ट का फैसला, अब एशियन गेम्स ट्रायल में ले सकेंगी हिस्सा

नई दिल्ली मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह विशेषज्ञों की एक समिति गठित करे, जो विनेश फोगाट की फिटनेस का मूल्यांकन करेगी। इसी आधार पर उन्हें 30-31 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी। मातृत्व को नुकसान की वजह नहीं बनाया जा सकता: हाईकोर्ट सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में मातृत्व का सम्मान किया जाता है और इसे किसी खिलाड़ी के करियर के खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा, 'मातृत्व उत्सव है। इसे किसी खिलाड़ी के लिए नुकसानदायक नहीं बनाया जाना चाहिए।' दरअसल, विनेश फोगाट जुलाई 2025 में मां बनी थीं और इसके बाद अब घरेलू प्रतियोगिताओं में वापसी की तैयारी कर रही हैं। डब्ल्यूएफआई ने जून 2026 तक किया था अयोग्य घोषित भारतीय कुश्ती महासंघ ने हाल ही में विनेश फोगाट को 26 जून 2026 तक घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था। महासंघ का तर्क था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ी को यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत कम से कम छह महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है। डब्ल्यूएफआई के मुताबिक, विनेश ने यह अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी नहीं की, इसलिए वे घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने की पात्र नहीं हैं। 15 पन्नों का नोटिस, 'राष्ट्रीय शर्म' जैसी टिप्पणी पर भी सवाल विनेश को जारी किए गए 15 पन्नों के कारण बताओ नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। नोटिस में यह भी कहा गया था कि उनके आचरण से भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है। सुनवाई के दौरान विनेश की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत को बताया कि 9 मई को जारी नोटिस में पेरिस ओलंपिक डिस्क्वालिफिकेशन को 'राष्ट्रीय शर्म' बताना पूर्वाग्रहपूर्ण और अपमानजनक था। इस पर खंडपीठ ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'अगर किसी से नाराजगी या विवाद है तो खेल की बलि क्यों दी जाए? विनेश अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं। मातृत्व के सिर्फ 10 महीने बाद उन्हें ट्रायल से बाहर रखने का क्या औचित्य है?' सिंगल जज से नहीं मिली थी राहत इससे पहले 18 मई को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने विनेश को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ उन्होंने डिवीजन बेंच में अपील दायर की थी, जिस पर अब यह फैसला आया है। क्या है पूरा विवाद?     WFI ने विनेश फोगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।     उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए।     महासंघ ने दावा किया कि संन्यास के बाद वापसी के लिए जरूरी छह महीने का नोटिस नहीं दिया गया।     इसी आधार पर उन्हें जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं से बाहर कर दिया गया।     विनेश ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी।     अब हाईकोर्ट ने उन्हें एशियाई खेल चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति दे दी है।

देवास ब्लास्ट हादसा: एमवाय अस्पताल में भर्ती दो घायलों की मौत, अब तक 8 लोगों की गई जान

देवास  देवास जिले के टोंककला में 14 मई को हुए पटाखा फैक्टरी हादसे में झुलसे अजय और निरंजन ने भी दम तोड़ दिया। शुक्रवार रात इलाज के दौरान दोनों घायलों की मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। फैक्ट्री विस्फोट के बाद से दोनों का उपचार MYH में चल रहा था। बर्न यूनिट में दोनों मरीजों की हालत अभी बेहद गंभीर बनी हुई थी। दोनों बिहार के रहने वाले थे। वहीं इंदौर के एमवाय अस्पताल में एडमिट एक मरीज की सोमवार रात मौत हो गई थी। सोमवार को जिस मरीज की मौत हुई थी उसका नाम राम (20) पिता मुकेश कुमार था। वहीं हादसे में घायल विशाल (25) को सिर में गंभीर चोट आने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में एडमिट है। धमाके के दौरान विशाल दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और खून का थक्का जम गया। विशाल की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। विशाल को आज दोपहर 1 बजे बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। उधर, चोइथराम हॉस्पिटल में एडमिट चार मरीजों में से तीन को सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। अभी यहां एक मरीज एडमिट है। उसकी हालत ठीक है। उसे बुधवार को डिस्चार्ज किया जाएगा। देवास जिले के टोंककलां इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार के थे। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी। गुरुवार देर रात अमलतास अस्पताल में इलाजरत दो मजदूर अमर और गुड्डू ने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। अब राम की मौत सहित मृतकों की संख्या छह हो गई है। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान तक हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखे। कुछ लोगों के कपड़े स्किन से चिपक गए थे। फैक्ट्री के बाहर बाल और जले अवशेष बिखरे पड़े मिले।