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खुशियों की दावत में मातम: बिरयानी-तरबूज खाने के बाद परिवार पर टूटा मौत का साया

देश  मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चारों सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शनिवार रात परिवार के साथ बिरयानी की दावत करने के कुछ घंटों बाद ही एक परिवार के चार सदस्यों की फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई। महज 12 घंटे के अंदर माता-पिता और उनकी दोनों बेटियों की मौत हो से सभी सकते में आ गये। मृतकों की पहचान अब्दुल्लाह अब्दुल कादर, उनकी पत्नी नसरीन, बड़ी बेटी आयशा और छोटी बेटी जैनब के रूप में हुई है। कैसे हुई चारों की मौत? अब्दुल्लाह मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाते थे। परिवार ने शनिवार रात करीब 10:30 बजे पांच अन्य रिश्तेदारों के साथ बिरयानी की दावत की थी। घर लौटने के बाद रात करीब 1 बजे उन्होंने तरबूज खाया। रविवार तड़के करीब 5 बजे पूरे परिवार को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर पड़ोस के डॉक्टर जियाद कुरैशी ने उन्हें देखा और तुरंत JJ अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर कुरैशी ने बताया, 'वे बहुत बुरी हालत में थे। उल्टी और दस्त के साथ थकान भी थी। अस्पताल जाते समय उन्होंने बताया कि उन्होंने तरबूज खाया था।' जांच में जुटी पुलिस  अस्पताल पहुंचने के बाद छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद मां नसरीन और बड़ी बेटी आयशा भी इलाज के बावजूद नहीं बच सकीं। पिता अब्दुल्लाह की मौत रात करीब 10:30 बजे हुई। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान शवों के सैंपल लिए गए हैं। आधा खाया हुआ तरबूज भी लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण मुंडे ने कहा कि फॉरेंसिक टीम और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग जहर या मिलावट की जांच कर रहा है। JJ अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बैक्टीरिया और इंफेक्शन की जांच हो रही है। फिलहाल हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार है।  

12 मामलों में घिरे बाबा अशोक खरात, SIT की जांच तेज, फार्महाउस से मिले संदिग्ध वीडियो

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में नासिक की एक स्थानीय अदालत ने स्वयंभू 'बाबा' अशोक खरात को यौन शोषण के छठे मामले में रविवार को नौ मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसपर कई महिलाओं का यौन शोषण और 'दैवीय शक्तियों' तथा काला जादू का ज्ञान होने का दावा कर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। जीवन बर्बाद करने की दी थी धमकी छठे मामले में खरात पर एक युवती का यौन शोषण करने का आरोप है। यह युवती अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान पाने के लिए खरात के पास गई थी। लिस के अनुसार, खरात ने कथित रूप से युवती को धमकी दी कि वह अपनी 'दैवीय शक्तियों' से उसके परिवार को बर्बाद कर देगा। उसने पीड़िता के परिवार के सदस्यों के आधार, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिए थे। नासिक और अहिल्यानगर जिलों में दर्ज यौन शोषण और धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुरुवार को अदालत में आवेदन देकर छठे मामले में खरात की हिरासत की मांग की थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने उसे अपनी हिरासत में लिया और शुक्रवार को अदालत में पेश किया था। अदालत ने तब उसे रविवार तक पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस हिरासत समाप्त होने पर रविवार को उसे अदालत में पेश किया गया। सुरक्षा कारणों से कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई और उसे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने खरात को नौ मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फार्महाउस से मिले संदिग्ध वीडियो एसआईटी खरात को सोमवार को फिर अदालत में पेश करेगी और एक महिला के यौन उत्पीड़न से जुड़े सातवें मामले में पुलिस हिरासत की मांग करेगी। इस बीच, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिन्नर तालुका स्थित खरात के फार्महाउस से कुछ और आपत्तिजनक एवं संदिग्ध वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को खरात के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया, जिसमें उस पर 2018-23 के दौरान अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से 8.76 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। पीड़ित कभी उसका करीबी था और सिन्नर तालुका के एक मंदिर के प्रबंधन से जुड़े उसके 'शिवानिका ट्रस्ट' में ट्रस्टी के रूप में कार्यरत था। अब तक खरात के खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें आठ महिलाओं के यौन शोषण और चार धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में उसके खिलाफ सात और मामले दर्ज किए गए हैं।

बंगाल में PM मोदी का ‘ओपन लेटर’ दांव, बोले—अब डर नहीं भरोसे की ज़रूरत; जानें ख़त की बड़ी बातें

नई दिल्ली  चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे। भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए; प्रचार खत्म होते PM मोदी ने बंगाल में चला खुली चिट्ठी वाला दांव, ख़त में क्या-क्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार की समय-सीमा खत्म होने के बाद राज्यवासियों के नाम एक खुली चिट्ठी लिखी है और लोगों से अपील की है कि सभी मिलकर बंगाल को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने पत्र में भी लिखा है कि बंगाल के लोग विकासित बंगाल के लिए संकल्पित हैं। चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल के पूरे चुनाव अभियान के दौरान मुझे अपने परिवारजनों का जो अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने एक नई ऊर्जा से भर दिया है। यहां की युवाशक्ति हो या नारीशक्ति, हमारे किसान भाई-बहन हों, श्रमिक या फिर कारोबारी, सभी ‘विकसित बंगाल’ के लिए संकल्पित हैं। मैंने इस पत्र में उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…” प्रधानमंत्री ने एक ऑडियो क्लिप भी साझा की है और ट्वीट कर लिखा," पश्चिम बंगाल के मेरे परिवारजनो, लोकतंत्र के महोत्सव में बीजेपी की विजय का ध्वज फहराने का सुनहरा अवसर आपके सामने है। मुझे विश्वास है कि 29 अप्रैल को आप मतदान का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर मैंने ऑडियो संदेश के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…"  

ट्रंप का चेतावनी भरा बयान: ईरानी विदेश मंत्री की रूस यात्रा से भड़के, 3 दिन का वक्त दिया

वाशिंगटन ईरान के विदेश मंत्री की रूस की यात्रा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भड़क गए हैं। उन्होंने धमकी देते हुए कहा है कि अगर तीन दिन के अंदर ईरान समझौता नहीं करता है तो फिर उसकी तेल की पाइपलाइनों में भयंकर विस्फोट होगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान तेल निर्यात करने के लायक ही नहीं बचेगा। ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी की वजह से ईरान जहाजों के जरिए निर्यात नहीं कर पा रहा है। वहीं पाइपलाइन ध्वस्त होने के बाद उसका निर्यात एकदम से बंद हो जाएगा। बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से एक बार फिर रूस पहुंचे हैं और वह अब पुतिन से वार्ता करने वाले हैं। रूसी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। ईरानी विदेश मंत्री के रूस दौरे से नाराज ट्रंप? दरअसल ईरान के विदेश मंत्री अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए पाकिस्तान गए थे। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री अराघची भी रूस और ओमान की यात्रा पर निकल गए। रूस के दौरे से वह एक बार फिर पाकिस्तान लौटे। उधर ट्रंप ने कहा कि अब उनकी टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी बल्कि जो भी बात होगी, फोन पर ही होगी। ईरान ने भेजा अपना प्रस्ताव ईरान ने एक लिखित प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप को भेजा था जिसे उन्होंने तुरंत खारिज कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि पहले प्रस्ताव खारिज होने के बाद ईरान ने दूसरा प्रस्ताव भेजा जो कि उससे बेहतर है। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए आने-जाने में सफर बहुत करना पड़ता है और अब सारी बातें फोन पर होंगी। ईरान जब चाहें उन्हें फोन कर सकता है। जानकारी के मुताबिक ईरानी विदेश मंत्री एक बार फिर रूस चले गए हैं और ईरान का कहना है कि मॉस्को में अब आगे की बातें होंगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा है कि उसकी तेल की पाइपलाइन को इस तरह तबाह किया जाएगा कि दोबारा वह वैसी पाइपलाइन नहीं बना पाएगा। जियो टीवी' ने ईरानी समाचार एजेंसी 'आईएसएनए' के हवाले से बताया कि अराघची ''युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए किसी भी समझौते के ढांचे पर ईरान के रुख और विचारों'' से अवगत कराएंगे। ग्यारह और बारह अप्रैल को आयोजित शांति वार्ता का पहला दौर संघर्ष में शामिल पक्षों के लिए वांछित परिणाम लाने में विफल रहा। शनिवार को अराघची के ओमान रवाना होने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। रविवार को ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।

‘4 मई के बाद भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में वापसी करूंगा’, बंगाल में जीत को लेकर पीएम मोदी का भरोसा

बैरकपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले बैरकपुर में एक विजय संकल्प रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के साथ अपने लंबे जुड़ाव पर प्रकाश डाला और 4 मई को नतीजों के बाद भाजपा की जीत का भरोसा जताया।  उन्होंने कहा, "इस चुनाव में यह मेरी आखिरी रैली है और पश्चिम बंगाल में मैं जहां भी गया हूं, मैंने लोगों का मूड देखा है. मैं इस भरोसे के साथ लौट रहा हूं कि 4 मई को नतीजों के बाद मुझे भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आना होगा।  पीएम ने कहा, बैरकपुर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को शक्ति प्रदान की थी; आज यही भूमि बंगाल में बदलाव का मार्ग प्रशस्त कर रही है। पीएम ने कहा कि ओडिशा और बिहार के बाद इस बार पश्चिम बंगाल में कमल खिलेगा. उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत का विकास राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है; तृणमूल के पास बंगाल के विकास के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयं को बंगाल की सेवा करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की रक्षा करने के लिए समर्पित मानता हूं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त करके, भाजपा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों में से एक को पूरा किया. बंगाल में नई भाजपा सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य की समृद्धि के सपने को पूरा करेगी और शरणार्थी मुद्दे का समाधान करेगी।  बैरकपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- एक ओर मिलें बंद हो रही हैं, दूसरी ओर कच्चे बम बनाने की फैक्ट्रियां खुल रही हैं, गुंडों को नौकरियां मिल रही हैं, टीएमसी का गिरोह फल-फूल रहा है. उन्होंने कहा- टीएमसी का फॉर्मूला है गाली दो, धमकी दो, झूठ बोलो, इन्होंने सेना, संवैधानिक संस्थाएं सब को गालियां दी. वहीं रोजगार की कमी के कारण बंगाल ने दशकों तक पलायन का दर्द सहा है, बीजेपी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार प्रदान करना होगी. दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 

ईरान ने दिया अमेरिका को शर्त—स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलो, तब होगी चर्चा

तेहरान  पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया शांति प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव में ईरान ने कहा है कि सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नाकेबंदी हटाई जाए और युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए। इसके बाद, दूसरे चरण की बातचीत में परमाणु हथियार के मुद्दे पर चर्चा की जाए। जानकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव को वाइट हाउस भेज दिया गया है। गौरतलब है कि ईरान की तरफ से यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब शांति वार्ता लगभग ठप पड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो वह अमेरिका को कॉल कर सकता है। हालांकि इस दौरान ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। इससे पहले ट्रंप ने अपनी टीम को ईरान भेजने का प्लान भी कैंसिल कर दिया था। खबर थी कि US ईरान के पुराने प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं था। नए प्रस्ताव में क्या? ईरान के इस नए प्लान में दो चरणों में वार्ता का जिक्र है। पहले चरण में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की मांग की गई है। ईरान चाहता है कि इसके लिए या तो युद्धविराम को बढ़ाया जाए या फिर युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए। वहीं दूसरे चरण में, यानी हालात सामान्य होने के बाद, परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक कोई भी गंभीर बातचीत संभव नहीं है। साथ ही ईरान ने सुरक्षा की गारंटी, मुआवजा और होर्मुज को लेकर नया कानूनी ढांचा बनाने की भी मांग रखी है। पुतिन से मिलेंगे अराघची इस बीच अमेरिका के साथ वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से रवाना हुए थे। यहां से निकलकर अराघची ओमान गए थे। वहीं अब दोबारा पाकिस्तान से निकलने के बाद अब वे रूस रवाना हो गए हैं और यहां अराघची पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान भी युद्ध के लेकर चर्चा हो सकती है। मानेगा अमेरिका? ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा जरूर है लेकिन इस पर सहमति बनना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 10 साल के लिए परमाणु कार्यक्रम यानी न्यूक्लियर एनरिचमेंट रोक दे और अपने मौजूदा भंडार को भी बाहर कर दें। अमेरिका ने कई मौकों पर इस शर्त के बिना युद्धविराम की संभावना से इनकार किया है। ऐसे में ईरान के नए ऑफर पर अमेरिका की सहमति मिलना मुश्किल है।

टेक्सास में फिर हुई फायरिंग, वॉशिंगटन के हमले के बाद दो लोग हुए घायल

 टेक्सास अमेरिका के टेक्सास के मिडलैंड शहर में एक बार के पास रविवार को सुबह-सुबह गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं की जांच चल रही है. यह घटना सुबह करीब रविवार को करीब 1 बजकर 30 मिनट की बताई जा रही है. मिल रही जानकारी के मुताबिक मिडलैंड पुलिस डिपार्टमेंट के कुछ ऑफ ड्यूटी पुलिसकर्मी ट्रेडविंड्स और ड्यूविले बुलेवार्ड के पास मौजूद एक बार में ड्यूटी पर थे. इसी दौरान उन्होंने पास ही गोली चलने की आवाज सुनी. मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों को एक हथियारों से लैस व्यक्ति मिला, जिस पर उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चला दी।  घटना में घायल संदिग्ध को तुरंत मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इसी दौरान पुलिस ने बताया कि उसी घटना के बाद दो अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हो गए थे. उन्हें निजी वाहन से अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. घटनाओं की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बार के सामने सड़क के दूसरी ओर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. इसी झगड़े के दौरान संदिग्ध ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे दोनों लोग घायल हो गए. फायरिंग के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने उसे घेर लिया, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।  मामले की जांच जारी इस पूरे मामले की जांच अब टेक्सास रेंजर्स की ओर से की जा रही है, खासकर उस हिस्से की जिसमें पुलिस की ओर से की गई गोलीबारी शामिल है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही साझा की जाएगी. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस सतर्क बनी हुई है।  एक अन्य घटना में 2 की मौत अमेरिका के कास काउंटी में  सुबह एक अन्य दर्दनाक घटना सामने आई, जहां आग लगने के बाद दो लोगों के शव बरामद किए गए. यह हादसा क्वीन काउंटी के पास एक ट्रक स्टॉप और भारतीय रेस्टोरेंट में हुआ. शेरिफ कार्यालय के मुताबिक रविवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस को अमेरिका के हाईवे 59 पर मौजूद पुंज ट्रक स्टॉप एंड इंडियन रेस्तरां में भी आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. जांच के दौरान इमारत की दूसरी मंजिल से दो लोगों के शव मिले. अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 

अमेरिकी प्रतिबंधों की आहट, चाबहार प्रोजेक्ट पर भारत के विकल्पों पर मंथन

नई दिल्ली   ईरान के चाबहार पोर्ट और रूस से तेल आयात को लेकर भारत जटिल कूटनीतिक स्थिति का सामना कर रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की समयसीमा समाप्त होने के करीब है, जिससे भारत के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वह अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को कैसे सुरक्षित रखे। अगर पाबंदियों में छूट नहीं मिलती है तो चाबहार परियोजना में भारत की भूमिका प्रभावित हो सकती है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चाबहार पोर्ट में अपनी भागीदारी को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें अस्थायी रूप से संचालन अधिकार किसी तीसरे पक्ष को सौंपना या निवेश ढांचे में बदलाव करना शामिल हो सकता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से सीधे टकराव से बचा जा सके। हालांकि, यह भी साफ किया गया है कि भारत इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर निकलने का इरादा नहीं रखता, बल्कि किसी भी तरह अपनी रणनीतिक उपस्थिति बनाए रखना चाहता है। चाबहार पोर्ट भारत के लिए कितना अहम चाबहार पोर्ट भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यह उसे पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच मुहैया कराता है। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है, जो भारत के व्यापारिक विस्तार और भू-राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में इस परियोजना से दूरी बनाना भारत के दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचा सकता है और क्षेत्र में उसकी भूमिका कमजोर कर सकता है। जानकारों का कहना है कि भारत को अमेरिकी दबाव में आकर चाबहार प्रोजेक्ट से बाहर नहीं निकलना चाहिए। नई दिल्ली की विदेश नीति हमेशा रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित रही है और उसे अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेने चाहिए। अगर भारत इस परियोजना से पीछे हटता है, तो इससे न केवल उसकी विश्वसनीयता प्रभावित होगी बल्कि क्षेत्रीय साझेदारों के साथ उसके संबंध भी कमजोर हो सकते हैं। रूस से तेल की खरीद कितनी जरूरी इसी तरह रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी भारत के लिए बेहद अहम है। रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत अमेरिकी दबाव में आकर रूस से तेल खरीद कम करता है, तो इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। भारत के सामने चुनौती यह है कि वह अमेरिका, ईरान और रूस के बीच संतुलन कैसे बनाए रखे। एक ओर अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी अहम है, वहीं दूसरी ओर ईरान और रूस के साथ आर्थिक व भू-राजनीतिक संबंध भी उतने ही जरूरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को संतुलित और स्वतंत्र नीति अपनाते हुए अपने दीर्घकालिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि वह बदलते वैश्विक हालात में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सके।

HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और चाइल्ड एजुकेशन भत्ते में बढ़ोतरी की मांग तेज

नई दिल्ली आठवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। इसके तहत वेतन आयोग लगातार बैठकों का दौर कर रहा है। बीते 24 अप्रैल को देहरादून में बैठक हुई तो अब दिल्ली में भी बैठकों का दौर शुरू होने वाला है। इसी कड़ी में अलग-अलग संगठनों की ओर से वेतन आयोग को डिमांड लिस्ट दी जा रही है। प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच (PSNM) की भी वेतन आयोग से कुछ डिमांड है। बता दें कि यह केंद्र सरकार के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है। क्या है डिमांड? वेतन आयोग से लेवल 1 (ग्रुप D) के कर्मचारी के लिए न्यूनतम मूल वेतन 50,000 रुपये और 3.83 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की गई है। इसके अलावा, PSNM चाहता है कि वेतन आयोग बच्चों के शिक्षा भत्ते यानी चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस को कम से कम 2,812.59 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह कर दे। बता दें कि केंद्र सरकार के शिक्षकों को बच्चे की 12वीं कक्षा तक की शिक्षा के लिए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस मिलता है लेकिन संगठन इसे ग्रेजुएशन तक के लिए मांग कर रहा है। इसके अलावा, हर महीने 2,000 रुपये के डिजिटल सपोर्ट अलाउंस (ब्रॉडबैंड और AI सपोर्ट) की भी मांग की गई है। यह पहली बार है जब वेतन आयोग के सामने इस तरह के अलाउंस की मांग हुई है। 7वां वेतन आयोग ऐसा कोई अलाउंस नहीं देता है। एचआरए में बदलाव कर्मचारी संगठन ने प्रस्ताव दिया है कि अलग-अलग शहरों के लिए हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA को मौजूदा दरों 10%, 20% और 30% से बढ़ाया है। नई दर 12%, 24% और 36% किए जाने की मांग है। कर्मचारी संगठन ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि ट्रांसपोर्ट अलाउंस को बढ़ाकर बेसिक पे का 12 से 15% किया जाए। इसे कम से कम 9,000 रुपये + महंगाई भत्ता यानी डीए प्रतिशत के हिसाब से बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। बता दें कि कर्मचारियों के अलग-अलग लेवल के लिए ट्रांसपोर्ट अलाउंस की दरें 1,800 रुपये, 3,600 रुपये और 7,200 रुपये हैं। लीव में भी बदलाव की मांग प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच हर साल 14 दिनों की कैजुअल लीव (CL) की मांग कर रहा है। वहीं 30 दिनों की अर्नड लीव (EL) और 20 दिनों की मेडिकल लीव की डिमांड है। अगर केंद्रीय कर्मचारी रिटायर होते हैं तो 400 दिनों तक की EL एनकैशमेंट होनी चाहिए। बता दें कि यह अभी 300 दिन है। कर्मचारियों का संगठन चाहता है कि 8वां वेतन आयोग नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को 6,908 रुपये से बढ़ाकर 27,640 रुपये कर दे। यह 5-दिन का वर्क वीक (45 घंटे) चाहता है।

जमीन कब्जा और फाइनेंशियल फ्रॉड केस में कारोबारी रडार पर, जांच तेज

पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों ने  फरार अपराधी 'सोना पप्पू' से जुड़े कथित जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में कोलकाता के कई स्थानों पर छापे मारे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आनंदपुर और अलीपुर क्षेत्रों में दो कारोबारियों के आवासों पर छापे मारे। ईडी अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया, ''ये छापे वित्तीय अनियमितताओं और फरार आरोपी सोना पप्पू से संभावित संबंधों की जारी जांच का हिस्सा हैं।" सोना पप्पू को जमीन कब्जाने और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्रमुख आरोपी माना जाता है और वह पिछले कुछ समय से फरार है। अधिकारियों का मानना है कि उसके कई कारोबारियों से करीबी संबंध थे, जिसके कारण एजेंसी ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। ईडी अधिकारी ने कहा, ''पूछताछ के दौरान हमें कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर हम इन परिसरों तक पहुंचे।'' उन्होंने बताया कि ईडी दो कारोबारियों की कथित वित्तीय गड़बड़ियों में भूमिका की जांच कर रही है और यह भी देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने अवैध लेनदेन के माध्यम के रूप में काम किया। ईडी सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है तथा आने वाले दिनों में और भी छापेमारी हो सकती है। गेहूं घोटाले में भी ईडी की छापेमारी इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गेहूं घोटाले से जुड़े मामले में कोलकाता, बर्दवान और हाबरा स्थित नौ ठिकानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई निरंजन चंद्र साहा और अन्य आरोपियों से जुड़े आपूर्तिकर्ताओं तथा निर्यातकों के परिसरों पर की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह जांच धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत शुरू की है, जो पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा बशीरहाट थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गयी है। यह मामला घोजाडांगा भूमि सीमा शुल्क केंद्र के उप आयुक्त की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें कल्याणकारी योजनाओं के लिए निर्धारित गेहूं की बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से लाभार्थियों के लिए निर्धारित गेहूं को अवैध रूप से आपूर्ति श्रृंखला से बाहर निकालकर कम कीमत पर प्राप्त किया और फिर उसे खुले बाजार में ऊंची कीमत पर बेच दिया। इस प्रक्रिया में आपूर्तिकर्ताओं, अधिकृत वितरकों, डीलरों और बिचौलियों की मिलीभगत बतायी गयी है।