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चुनाव खत्म होने के बावजूद बंगाल में रहेंगे केंद्रीय सुरक्षा बल, क्या है अमित शाह का प्लान?

पश्चिम बंगाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार (27 अप्रैल) को कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी कम से कम 60 और दिन तक केंद्रीय सुरक्षा बल राज्य में तैनात रहेंगे। उन्होंने मतदाताओं से चुनाव के अंतिम चरण में "दीदी के गुंडों" से डरे बिना मतदान करने की अपील की। शाह बेहाला में रोड शो के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे, जहां 29 अप्रैल को दूसरे और अंतिम चरण में मतदान होना है। 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था, जबकि मतगणना चार मई को होगी। शाह ने कहा, "भाइयों और बहनों, 29 तारीख को जाकर वोट दीजिए, गुंडों से डरने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन आयोग ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं और मैं आपको बता दूं कि भाजपा के सत्ता में आने पर भी केंद्रीय बल यहां 60 दिन तक रहेंगे।" यह रोड शो बेहाला पूर्व और बेहाला पश्चिम सीटों के भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार के अंतिम दिन आयोजित किया गया था। इस दौरान दक्षिण कोलकाता का यह इलाका भगवा रंग में रंग गया। खुले वाहन पर खड़े होकर शाह ने समर्थकों का अभिवादन किया। "जय श्री राम" तथा "भारत माता की जय" के नारे खुले वाहन पर सवार शाह ने समर्थकों का अभिवादन किया। इस दौरान भाजपा समर्थक "जय श्री राम" तथा "भारत माता की जय" के नारे लगाते रहे। बाद में शाह ने हुगली जिले के चंदननगर में भी एक और भव्य रोड शो किया, जिसमें भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में भाजपा के पक्ष में जबरदस्त लहर है और सत्ता में आने के बाद पार्टी "सभी घुसपैठियों और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश न की जाए चंदननगर में एक रोड शो के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कड़े शब्दों में कहा कि 29 अप्रैल को मतदाताओं को डराने-धमकाने की कोशिश न की जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चार मई के बाद दोषियों को सजा दी जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाने का विरोध कर रही हैं और वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध प्रवासियों को संरक्षण दे रही हैं। शाह ने कहा कि चार मई के बाद सभी घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें पश्चिम बंगाल से बाहर निकाल दिया जाएगा। भाजपा की सरकार बनने का दावा रोड शो के बाद शाह ने दावा किया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि चार मई के बाद किसी को भी बहुविवाह की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक चुनाव शांतिपूर्ण रहे हैं और कोई बड़ी हिंसक घटना या मौत नहीं हुई है। तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद का जिक्र किया और निलंबित टीएमसी विधायक व एजेयूपी के संस्थापक हुमांयू कबीर का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके जरिए बंगाल में "बाबरी मस्जिद" बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर सामाजिक कल्याण योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में आने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल को "सोनार बांग्ला" बनाने, कानून-व्यवस्था सुधारने और विकास व सुशासन स्थापित करने के लिए भाजपा को सत्ता में लाना जरूरी है।  

न्यूजीलैंड से FTA समझौते में आम भारतीय के लिए बड़ी राहत, 5000 वीजा और 0 ड्यूटी का फायदा

नईदिल्ली  कल तक जो सिर्फ फाइलों का हिस्सा था आज वो हकीकत बन चुका है. दिल्ली और वेलिंगटन के बीच समुद्र की दूरियां अब व्यापार के सेतु से सिमट गई हैं। जब दुनिया के बड़े-बड़े देश ट्रेड वॉर और मंदी के साये में दुबके हैं, तब भारत ने महज 270 दिनों के भीतर न्‍यूजीलैंड के साथ वो महाकरार कर लिया है जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तहलका मचा दिया है। यह सिर्फ सरकारों के बीच का हाथ मिलाना नहीं है बल्कि भारत के उस मध्यमवर्गीय युवा के सपनों की उड़ान है जो विदेश में करियर बनाना चाहता है और उस छोटे उद्यमी की हिम्मत है जो अपना सामान दुनिया के कोने-कोने में बेचना चाहता है। 5000 वीजा का वो ब्रह्मास्त्र और जीरो ड्यूटी की वो चाबी अब आपके हाथ में है। आइए, इसे बहुत आसान भाषा में समझते हैं।  समझौते की 5 सबसे बड़ी ताकत · 5,000 वीजा का ‘एक्सप्रेस-वे’: अब हर साल कम से कम 5,000 ‘Temporary Employment Entry Visa’ की गारंटी मिलेगी. इसके तहत स्किल्ड प्रोफेशनल्स 3 साल तक न्यूजीलैंड में रहकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकेंगे।  · 100% ड्यूटी फ्री एक्सेस: अब न्यूजीलैंड के बाजार में ‘मेड इन इंडिया’ का डंका बजेगा. भारत से जाने वाले टेक्सटाइल, लेदर, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग सामान पर अब जीरो ड्यूटी लगेगी, जिससे भारतीय व्यापारियों का मुनाफा कई गुना बढ़ जाएगा।  · $20 बिलियन का ‘इन्वेस्टमेंट बूस्टर’: अगले 15 वर्षों में न्यूजीलैंड भारत में 20 बिलियन डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम निवेश करेगा जिससे भारत के बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप्स को नई उड़ान मिलेगी।  · किसानों के लिए ‘कीवी’ तकनीक: केवल व्यापार ही नहीं बल्कि अब न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ भारतीय किसानों को कीवी, सेब और शहद के उत्पादन में वैश्विक स्तर की तकनीक सिखाएंगे. यह साझेदारी भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।  · शराब और वाइन पर रियायत: भारत से जाने वाली वाइन और स्पिरिट्स को वहां ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी, जबकि न्यूजीलैंड की वाइन पर भारत में मिलने वाली रियायतें 10 वर्षों में धीरे-धीरे बढ़ाई जाएंगी।  कैसे संभव हुआ यह ‘एक्सप्रेस’ एग्रीमेंट? आमतौर पर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) होने में वर्षों का समय लगता है लेकिन न्यूज़ीलैंड के साथ यह महज 9 महीनों में पूरा हो गया. इसके पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित रहे: · रणनीतिक तालमेल: न्यूज़ीलैंड की कृषि और डेयरी विशेषज्ञता और भारत की विशाल मार्केट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता एक-दूसरे की पूरक (Complementary) हैं।  · चीन से हटकर विकल्प की तलाश: दोनों देश अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए चीन पर निर्भरता कम करना चाहते हैं. यह साझा सुरक्षा और आर्थिक हित इस समझौते की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बना।  · विश्वास की नींव: पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय टीम ने पिछले साढ़े तीन साल में 7 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. यह ‘स्पीड’ भारत के नए वर्क कल्‍चर को दर्शाती है, जहां जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए डेडलाइन पर काम किया गया।  पाइपलाइन में और क्या है? न्यूज़ीलैंड तो बस शुरुआत है. भारत का असली लक्ष्य दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ सीधा व्यापारिक गलियारा बनाना है: · यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका: आने वाले कुछ महीनों में इन दो दिग्गजों के साथ समझौते होने की उम्मीद है. यह भारत के लिए अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत होगी. ईयू के साथ जनवरी में मदर ऑफ ऑल डील हुई थी. इसके पूरी तरह से लागू होने की प्रक्रियाएं जारी हैं।  · 9 समझौतों का जादुई आंकड़ा: इन समझौतों के बाद भारत के कुल 9 FTA हो जाएंगे. ये कोई साधारण देश नहीं बल्कि 38 विकसित देश होंगे।  · ग्लोबल GDP पर प्रभाव: इसके पूरा होते ही भारत की पहुंच दुनिया के लगभग दो-तिहाई व्यापार और 65-70% वैश्विक जीडीपी तक सीधे तौर पर हो जाएगी।  विकसित भारत 2047 के लिए यह क्यों जरूरी है? 1. मार्केट एक्सेस: भारतीय किसानों, कारीगरों और MSMEs को अब ग्लोबल मार्केट में अपनी जगह बनाने के लिए ऊंचे टैक्स (Tariffs) का सामना नहीं करना पड़ेगा।  2. निवेश का प्रवाह: न्यूज़ीलैंड का $20 बिलियन का वादा केवल शुरुआत है. अमेरिका और EU के साथ समझौते से भारत में अरबों डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आएगा।  3. सर्विस सेक्टर की ताकत: भारत के आईटी और सर्विस सेक्टर के युवाओं के लिए इन विकसित देशों में काम करने और सेवा देने के रास्ते और आसान हो जाएंगे।  सवाल-जवाब न्यूज़ीलैंड के साथ FTA इतनी जल्दी (9 महीनों में) कैसे पूरा हो गया? यह दोनों देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विश्वास और चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीतिक जरूरत की वजह से संभव हुआ. पीयूष गोयल ने इसे “भरोसे और मजबूत रिश्तों” का परिणाम बताया है।  क्या भारत का अमेरिका के साथ भी कोई समझौता होने वाला है? जी हाँ, वाणिज्य मंत्री के अनुसार आगामी कुछ महीनों में अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ दो बड़े समझौते पाइपलाइन में हैं।  इन 9 FTA समझौतों का भारत की जीडीपी पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इन समझौतों के बाद भारत की पहुंच दुनिया की लगभग 65-70% ग्लोबल जीडीपी तक हो जाएगी, जिससे भारत के एक्सपोर्ट में भारी बढ़ोतरी और अर्थव्यवस्था में तेज उछाल आने की उम्मीद है।  इस समझौते से आम युवाओं को क्या फायदा होगा? यह FTA स्टार्टअप्स, डिजिटल इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए मौके पैदा करेगा. साथ ही, युवाओं के लिए ग्लोबल मार्केट में कौशल और प्रतिभा दिखाने के रास्ते खुलेंगे।   

भारत का रक्षा खर्च 8.66 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा, ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव

  नई दिल्ली स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) ने 27 अप्रैल 2026 को अपनी नई रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में पूरी दुनिया का सैन्य खर्च रिकॉर्ड 28.87 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. यह 2024 की तुलना में 2.9 प्रतिशत ज्यादा है. दुनिया भर में लगातार संघर्ष और युद्ध बढ़ रहे हैं, इसलिए हर देश अपनी सुरक्षा के लिए ज्यादा पैसे खर्च कर रहा है. यह 11वां साल है जब दुनिया का सैन्य खर्च लगातार बढ़ा है।  भारत 2025 में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा रक्षा खर्च करने वाला देश रहा. भारत ने अपना सैन्य खर्च 8.9 प्रतिशत बढ़ाकर 8.66 लाख करोड़ रुपये कर लिया. इस बढ़ोतरी के पीछे मुख्य वजह मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर था।  इस ऑपरेशन के बाद भारत ने ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियारों की खरीद तेज कर दी। पाकिस्तान का रक्षा खर्च भी 11 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.12 लाख करोड़ रुपये हो गया।  मध्य पूर्व में खर्च लगभग स्थिर मध्य पूर्व का सैन्य खर्च 2025 में 2.05 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024 से सिर्फ 0.1% ज्यादा है. इजरायल का खर्च 4.9% घटकर 4.54 लाख करोड़ रुपये रह गया क्योंकि जनवरी 2025 में हमास के साथ संघर्ष विराम हो गया था. लेकिन तुर्की का खर्च 7.2% बढ़कर 2.82 लाख करोड़ रुपये हो गया. ईरान का खर्च दूसरी बार घटा और 5.6% कम होकर 69,560 करोड़ रुपये रह गया।  दुनिया के टॉप तीन देश: अमेरिका, चीन और रूस दुनिया के सबसे ज्यादा रक्षा खर्च करने वाले तीन देश अमेरिका, चीन और रूस हैं. इन तीनों ने मिलकर 2025 में 13.91 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो पूरी दुनिया के सैन्य खर्च का 51 प्रतिशत है. अमेरिका ने 2025 में लगभग 8.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो 2024 से 7.5 प्रतिशत कम है।  मुख्य वजह यह थी कि साल भर में यूक्रेन को नई सैन्य मदद नहीं दी गई. लेकिन अमेरिका ने अपने परमाणु और सामान्य हथियारों में निवेश बढ़ाया ताकि चीन को इंडो-पैसिफिक में रोका जा सके।  यूरोप में 14% की भारी बढ़ोतरी 2025 में यूरोप का सैन्य खर्च सबसे तेजी से बढ़ा. यह 14% बढ़कर 8.12 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. रूस का खर्च 5.9% बढ़कर 1.79 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो उसके कुल जीडीपी का 7.5% है. यूक्रेन ने 20% बढ़ोतरी के साथ 7.9 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो उसके जीडीपी का 40% है।  NATO के 29 यूरोपीय देशों ने कुल 5.25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए. जर्मनी का खर्च 24 प्रतिशत बढ़कर 1.07 लाख करोड़ रुपये हो गया. स्पेन का खर्च तो 50 प्रतिशत बढ़कर 3.78 लाख करोड़ रुपये हो गया।  मध्य पूर्व में खर्च लगभग स्थिर मध्य पूर्व का सैन्य खर्च 2025 में 2.05 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2024 से सिर्फ 0.1% ज्यादा है. इजरायल का खर्च 4.9% घटकर 4.54 लाख करोड़ रुपये रह गया क्योंकि जनवरी 2025 में हमास के साथ संघर्ष विराम हो गया था. लेकिन तुर्की का खर्च 7.2% बढ़कर 2.82 लाख करोड़ रुपये हो गया. ईरान का खर्च दूसरी बार घटा और 5.6% कम होकर 69,560 करोड़ रुपये रह गया।  एशिया और ओशिनिया में सबसे तेज बढ़ोतरी एशिया और ओशिनिया में सैन्य खर्च 8.1 प्रतिशत बढ़कर 6.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. यह 2009 के बाद सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी है. चीन ने 7.4 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 3.16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए. जापान का खर्च 9.7 प्रतिशत बढ़कर 5.85 लाख करोड़ रुपये हो गया. ताइवान ने 14 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 1.71 लाख करोड़ रुपये खर्च किए।  मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया. इसके बाद भारत सरकार ने रक्षा खरीद को बहुत तेज कर दिया. खासतौर पर ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम, एयर डिफेंस और आधुनिक सैन्य प्लेटफॉर्म्स पर जोर दिया गया. SIPRI रिपोर्ट साफ बताती है कि भारत अब अपनी सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए लगातार खर्च बढ़ा रहा है।  दुनिया क्यों बढ़ा रही है रक्षा खर्च? SIPRI की रिपोर्ट कहती है कि दुनिया में संघर्ष बढ़ रहे हैं – यूक्रेन-रूस युद्ध, मध्य पूर्व में तनाव, चीन-ताइवान की स्थिति और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव. हर देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च कर रहा है. 2026 में अमेरिका का खर्च और बढ़ने की उम्मीद है।  भारत का 8.66 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट दिखाता है कि देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आधुनिक हथियारों को प्राथमिकता दे रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बढ़ोतरी भारत की मजबूत रक्षा नीति का प्रमाण है।  SIPRI की रिपोर्ट कहती है कि दुनिया में संघर्ष बढ़ रहे हैं – यूक्रेन-रूस युद्ध, मध्य पूर्व में तनाव, चीन-ताइवान की स्थिति और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव. हर देश अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च कर रहा है. 2026 में अमेरिका का खर्च और बढ़ने की उम्मीद है।  भारत का 8.66 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट दिखाता है कि देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा और आधुनिक हथियारों को प्राथमिकता दे रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बढ़ोतरी भारत की मजबूत रक्षा नीति का प्रमाण है। 

खुशियों की दावत में मातम: बिरयानी-तरबूज खाने के बाद परिवार पर टूटा मौत का साया

देश  मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चारों सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। शनिवार रात परिवार के साथ बिरयानी की दावत करने के कुछ घंटों बाद ही एक परिवार के चार सदस्यों की फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई। महज 12 घंटे के अंदर माता-पिता और उनकी दोनों बेटियों की मौत हो से सभी सकते में आ गये। मृतकों की पहचान अब्दुल्लाह अब्दुल कादर, उनकी पत्नी नसरीन, बड़ी बेटी आयशा और छोटी बेटी जैनब के रूप में हुई है। कैसे हुई चारों की मौत? अब्दुल्लाह मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाते थे। परिवार ने शनिवार रात करीब 10:30 बजे पांच अन्य रिश्तेदारों के साथ बिरयानी की दावत की थी। घर लौटने के बाद रात करीब 1 बजे उन्होंने तरबूज खाया। रविवार तड़के करीब 5 बजे पूरे परिवार को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। हालत बिगड़ने पर पड़ोस के डॉक्टर जियाद कुरैशी ने उन्हें देखा और तुरंत JJ अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर कुरैशी ने बताया, 'वे बहुत बुरी हालत में थे। उल्टी और दस्त के साथ थकान भी थी। अस्पताल जाते समय उन्होंने बताया कि उन्होंने तरबूज खाया था।' जांच में जुटी पुलिस  अस्पताल पहुंचने के बाद छोटी बेटी जैनब की सुबह करीब 10:15 बजे मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद मां नसरीन और बड़ी बेटी आयशा भी इलाज के बावजूद नहीं बच सकीं। पिता अब्दुल्लाह की मौत रात करीब 10:30 बजे हुई। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमॉर्टम के दौरान शवों के सैंपल लिए गए हैं। आधा खाया हुआ तरबूज भी लैब टेस्टिंग के लिए भेजा गया है। मुंबई पुलिस के डिप्टी कमिश्नर प्रवीण मुंडे ने कहा कि फॉरेंसिक टीम और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग जहर या मिलावट की जांच कर रहा है। JJ अस्पताल के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बैक्टीरिया और इंफेक्शन की जांच हो रही है। फिलहाल हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार है।  

12 मामलों में घिरे बाबा अशोक खरात, SIT की जांच तेज, फार्महाउस से मिले संदिग्ध वीडियो

महाराष्ट्र महाराष्ट्र में नासिक की एक स्थानीय अदालत ने स्वयंभू 'बाबा' अशोक खरात को यौन शोषण के छठे मामले में रविवार को नौ मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसपर कई महिलाओं का यौन शोषण और 'दैवीय शक्तियों' तथा काला जादू का ज्ञान होने का दावा कर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। जीवन बर्बाद करने की दी थी धमकी छठे मामले में खरात पर एक युवती का यौन शोषण करने का आरोप है। यह युवती अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान पाने के लिए खरात के पास गई थी। लिस के अनुसार, खरात ने कथित रूप से युवती को धमकी दी कि वह अपनी 'दैवीय शक्तियों' से उसके परिवार को बर्बाद कर देगा। उसने पीड़िता के परिवार के सदस्यों के आधार, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिए थे। नासिक और अहिल्यानगर जिलों में दर्ज यौन शोषण और धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुरुवार को अदालत में आवेदन देकर छठे मामले में खरात की हिरासत की मांग की थी। अदालत की अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने उसे अपनी हिरासत में लिया और शुक्रवार को अदालत में पेश किया था। अदालत ने तब उसे रविवार तक पुलिस हिरासत में भेजा था। पुलिस हिरासत समाप्त होने पर रविवार को उसे अदालत में पेश किया गया। सुरक्षा कारणों से कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई और उसे व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने खरात को नौ मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फार्महाउस से मिले संदिग्ध वीडियो एसआईटी खरात को सोमवार को फिर अदालत में पेश करेगी और एक महिला के यौन उत्पीड़न से जुड़े सातवें मामले में पुलिस हिरासत की मांग करेगी। इस बीच, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सिन्नर तालुका स्थित खरात के फार्महाउस से कुछ और आपत्तिजनक एवं संदिग्ध वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस ने शुक्रवार को खरात के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया, जिसमें उस पर 2018-23 के दौरान अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से 8.76 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है। पीड़ित कभी उसका करीबी था और सिन्नर तालुका के एक मंदिर के प्रबंधन से जुड़े उसके 'शिवानिका ट्रस्ट' में ट्रस्टी के रूप में कार्यरत था। अब तक खरात के खिलाफ कुल 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें आठ महिलाओं के यौन शोषण और चार धोखाधड़ी के मामले शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में उसके खिलाफ सात और मामले दर्ज किए गए हैं।

बंगाल में PM मोदी का ‘ओपन लेटर’ दांव, बोले—अब डर नहीं भरोसे की ज़रूरत; जानें ख़त की बड़ी बातें

नई दिल्ली  चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे। भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए; प्रचार खत्म होते PM मोदी ने बंगाल में चला खुली चिट्ठी वाला दांव, ख़त में क्या-क्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव प्रचार की समय-सीमा खत्म होने के बाद राज्यवासियों के नाम एक खुली चिट्ठी लिखी है और लोगों से अपील की है कि सभी मिलकर बंगाल को विकसित बनाने का संकल्प लें। उन्होंने पत्र में भी लिखा है कि बंगाल के लोग विकासित बंगाल के लिए संकल्पित हैं। चिट्ठी में पीएम ने लिखा है कि भय बहुत हुआ, अब भरोसा चाहिए और राज्य में भाजपा चाहिए। पीएम ने इस पत्र में लिखा है कि अब बंगाल में भाजपा के सीएम की शपथ होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस शपथ ग्रहण का उत्सव सभी मिलकर मनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र को ट्वीट करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल के पूरे चुनाव अभियान के दौरान मुझे अपने परिवारजनों का जो अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है, उसने एक नई ऊर्जा से भर दिया है। यहां की युवाशक्ति हो या नारीशक्ति, हमारे किसान भाई-बहन हों, श्रमिक या फिर कारोबारी, सभी ‘विकसित बंगाल’ के लिए संकल्पित हैं। मैंने इस पत्र में उनके प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…” प्रधानमंत्री ने एक ऑडियो क्लिप भी साझा की है और ट्वीट कर लिखा," पश्चिम बंगाल के मेरे परिवारजनो, लोकतंत्र के महोत्सव में बीजेपी की विजय का ध्वज फहराने का सुनहरा अवसर आपके सामने है। मुझे विश्वास है कि 29 अप्रैल को आप मतदान का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर मैंने ऑडियो संदेश के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं…"  

ट्रंप का चेतावनी भरा बयान: ईरानी विदेश मंत्री की रूस यात्रा से भड़के, 3 दिन का वक्त दिया

वाशिंगटन ईरान के विदेश मंत्री की रूस की यात्रा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भड़क गए हैं। उन्होंने धमकी देते हुए कहा है कि अगर तीन दिन के अंदर ईरान समझौता नहीं करता है तो फिर उसकी तेल की पाइपलाइनों में भयंकर विस्फोट होगा। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान तेल निर्यात करने के लायक ही नहीं बचेगा। ट्रंप ने कहा कि नाकेबंदी की वजह से ईरान जहाजों के जरिए निर्यात नहीं कर पा रहा है। वहीं पाइपलाइन ध्वस्त होने के बाद उसका निर्यात एकदम से बंद हो जाएगा। बता दें कि ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से एक बार फिर रूस पहुंचे हैं और वह अब पुतिन से वार्ता करने वाले हैं। रूसी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है। ईरानी विदेश मंत्री के रूस दौरे से नाराज ट्रंप? दरअसल ईरान के विदेश मंत्री अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए पाकिस्तान गए थे। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधिमंडल को भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री अराघची भी रूस और ओमान की यात्रा पर निकल गए। रूस के दौरे से वह एक बार फिर पाकिस्तान लौटे। उधर ट्रंप ने कहा कि अब उनकी टीम पाकिस्तान नहीं जाएगी बल्कि जो भी बात होगी, फोन पर ही होगी। ईरान ने भेजा अपना प्रस्ताव ईरान ने एक लिखित प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप को भेजा था जिसे उन्होंने तुरंत खारिज कर दिया। ट्रंप ने दावा किया कि पहले प्रस्ताव खारिज होने के बाद ईरान ने दूसरा प्रस्ताव भेजा जो कि उससे बेहतर है। उन्होंने कहा कि वार्ता के लिए आने-जाने में सफर बहुत करना पड़ता है और अब सारी बातें फोन पर होंगी। ईरान जब चाहें उन्हें फोन कर सकता है। जानकारी के मुताबिक ईरानी विदेश मंत्री एक बार फिर रूस चले गए हैं और ईरान का कहना है कि मॉस्को में अब आगे की बातें होंगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा है कि उसकी तेल की पाइपलाइन को इस तरह तबाह किया जाएगा कि दोबारा वह वैसी पाइपलाइन नहीं बना पाएगा। जियो टीवी' ने ईरानी समाचार एजेंसी 'आईएसएनए' के हवाले से बताया कि अराघची ''युद्ध को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए किसी भी समझौते के ढांचे पर ईरान के रुख और विचारों'' से अवगत कराएंगे। ग्यारह और बारह अप्रैल को आयोजित शांति वार्ता का पहला दौर संघर्ष में शामिल पक्षों के लिए वांछित परिणाम लाने में विफल रहा। शनिवार को अराघची के ओमान रवाना होने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। रविवार को ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।

‘4 मई के बाद भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में वापसी करूंगा’, बंगाल में जीत को लेकर पीएम मोदी का भरोसा

बैरकपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले बैरकपुर में एक विजय संकल्प रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के साथ अपने लंबे जुड़ाव पर प्रकाश डाला और 4 मई को नतीजों के बाद भाजपा की जीत का भरोसा जताया।  उन्होंने कहा, "इस चुनाव में यह मेरी आखिरी रैली है और पश्चिम बंगाल में मैं जहां भी गया हूं, मैंने लोगों का मूड देखा है. मैं इस भरोसे के साथ लौट रहा हूं कि 4 मई को नतीजों के बाद मुझे भाजपा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आना होगा।  पीएम ने कहा, बैरकपुर ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम को शक्ति प्रदान की थी; आज यही भूमि बंगाल में बदलाव का मार्ग प्रशस्त कर रही है। पीएम ने कहा कि ओडिशा और बिहार के बाद इस बार पश्चिम बंगाल में कमल खिलेगा. उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत का विकास राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है; तृणमूल के पास बंगाल के विकास के लिए कोई दूरदृष्टि नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयं को बंगाल की सेवा करने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और राज्य की रक्षा करने के लिए समर्पित मानता हूं. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त करके, भाजपा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के संकल्पों में से एक को पूरा किया. बंगाल में नई भाजपा सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राज्य की समृद्धि के सपने को पूरा करेगी और शरणार्थी मुद्दे का समाधान करेगी।  बैरकपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- एक ओर मिलें बंद हो रही हैं, दूसरी ओर कच्चे बम बनाने की फैक्ट्रियां खुल रही हैं, गुंडों को नौकरियां मिल रही हैं, टीएमसी का गिरोह फल-फूल रहा है. उन्होंने कहा- टीएमसी का फॉर्मूला है गाली दो, धमकी दो, झूठ बोलो, इन्होंने सेना, संवैधानिक संस्थाएं सब को गालियां दी. वहीं रोजगार की कमी के कारण बंगाल ने दशकों तक पलायन का दर्द सहा है, बीजेपी सरकार की प्राथमिकता युवाओं को रोजगार प्रदान करना होगी. दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 

ईरान ने दिया अमेरिका को शर्त—स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलो, तब होगी चर्चा

तेहरान  पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया शांति प्रस्ताव रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस प्रस्ताव में ईरान ने कहा है कि सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नाकेबंदी हटाई जाए और युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए। इसके बाद, दूसरे चरण की बातचीत में परमाणु हथियार के मुद्दे पर चर्चा की जाए। जानकारी के मुताबिक इस प्रस्ताव को वाइट हाउस भेज दिया गया है। गौरतलब है कि ईरान की तरफ से यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब शांति वार्ता लगभग ठप पड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो वह अमेरिका को कॉल कर सकता है। हालांकि इस दौरान ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। इससे पहले ट्रंप ने अपनी टीम को ईरान भेजने का प्लान भी कैंसिल कर दिया था। खबर थी कि US ईरान के पुराने प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं था। नए प्रस्ताव में क्या? ईरान के इस नए प्लान में दो चरणों में वार्ता का जिक्र है। पहले चरण में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की मांग की गई है। ईरान चाहता है कि इसके लिए या तो युद्धविराम को बढ़ाया जाए या फिर युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए। वहीं दूसरे चरण में, यानी हालात सामान्य होने के बाद, परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू की जाए। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक कोई भी गंभीर बातचीत संभव नहीं है। साथ ही ईरान ने सुरक्षा की गारंटी, मुआवजा और होर्मुज को लेकर नया कानूनी ढांचा बनाने की भी मांग रखी है। पुतिन से मिलेंगे अराघची इस बीच अमेरिका के साथ वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रविवार को तीन दिन में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से रवाना हुए थे। यहां से निकलकर अराघची ओमान गए थे। वहीं अब दोबारा पाकिस्तान से निकलने के बाद अब वे रूस रवाना हो गए हैं और यहां अराघची पुतिन से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान भी युद्ध के लेकर चर्चा हो सकती है। मानेगा अमेरिका? ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा जरूर है लेकिन इस पर सहमति बनना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका चाहता है कि ईरान कम से कम 10 साल के लिए परमाणु कार्यक्रम यानी न्यूक्लियर एनरिचमेंट रोक दे और अपने मौजूदा भंडार को भी बाहर कर दें। अमेरिका ने कई मौकों पर इस शर्त के बिना युद्धविराम की संभावना से इनकार किया है। ऐसे में ईरान के नए ऑफर पर अमेरिका की सहमति मिलना मुश्किल है।

टेक्सास में फिर हुई फायरिंग, वॉशिंगटन के हमले के बाद दो लोग हुए घायल

 टेक्सास अमेरिका के टेक्सास के मिडलैंड शहर में एक बार के पास रविवार को सुबह-सुबह गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं की जांच चल रही है. यह घटना सुबह करीब रविवार को करीब 1 बजकर 30 मिनट की बताई जा रही है. मिल रही जानकारी के मुताबिक मिडलैंड पुलिस डिपार्टमेंट के कुछ ऑफ ड्यूटी पुलिसकर्मी ट्रेडविंड्स और ड्यूविले बुलेवार्ड के पास मौजूद एक बार में ड्यूटी पर थे. इसी दौरान उन्होंने पास ही गोली चलने की आवाज सुनी. मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों को एक हथियारों से लैस व्यक्ति मिला, जिस पर उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चला दी।  घटना में घायल संदिग्ध को तुरंत मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इसी दौरान पुलिस ने बताया कि उसी घटना के बाद दो अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हो गए थे. उन्हें निजी वाहन से अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. घटनाओं की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बार के सामने सड़क के दूसरी ओर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. इसी झगड़े के दौरान संदिग्ध ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे दोनों लोग घायल हो गए. फायरिंग के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने उसे घेर लिया, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।  मामले की जांच जारी इस पूरे मामले की जांच अब टेक्सास रेंजर्स की ओर से की जा रही है, खासकर उस हिस्से की जिसमें पुलिस की ओर से की गई गोलीबारी शामिल है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही साझा की जाएगी. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस सतर्क बनी हुई है।  एक अन्य घटना में 2 की मौत अमेरिका के कास काउंटी में  सुबह एक अन्य दर्दनाक घटना सामने आई, जहां आग लगने के बाद दो लोगों के शव बरामद किए गए. यह हादसा क्वीन काउंटी के पास एक ट्रक स्टॉप और भारतीय रेस्टोरेंट में हुआ. शेरिफ कार्यालय के मुताबिक रविवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस को अमेरिका के हाईवे 59 पर मौजूद पुंज ट्रक स्टॉप एंड इंडियन रेस्तरां में भी आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. जांच के दौरान इमारत की दूसरी मंजिल से दो लोगों के शव मिले. अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।