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अमेरिका से भारत डिपोर्ट हुई सिख महिला ने कहा, ‘मुझे गोमांस खाने को दिया गया था

नई दिल्ली  अमेरिका में तीन दशक से अधिक समय बिताने के बाद हाल ही में वहां से निर्वासित की गई 73 वर्षीय सिख महिला हरजीत कौर ने शनिवार को कहा कि किसी को भी उस कष्ट से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे वह गुजरी हैं। उन्होंने अमेरिका में अपने परिवार से फिर से मिलने की इच्छा भी व्यक्त की। कौर ने अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन वह स्वीकार नहीं किया गया। कौर को कैलिफोर्निया में आव्रजन अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद भारत भेज दिया गया था, ऐसा उनके वकील ने पहले कहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें खाने के लिए गोमांस दिया गया, जो वह नहीं खा सकती थीं। कैलिफोर्निया में आव्रजन अधिकारियों ने आठ सितंबर को उन्हें उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह नियमित जांच के लिए गई थीं, जिसके बाद उनके परिवार और समुदाय के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनकी स्थिति को लेकर चिंता जतायी थी। कौर 1992 में दो बेटों के साथ अकेली मां के रूप में अमेरिका पहुंचीं। उनके शरण के आवेदन को 2012 में अस्वीकार कर दिया गया था, लेकिन तब से, वह 13 साल से भी ज्यादा समय तक हर छह महीने में सैन फ्रांसिस्को स्थित आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) में “निष्ठापूर्वक रिपोर्ट” करती रहीं, यह बात उनकी पुत्रवधू मंजी ने उनके निर्वासन के बाद कही। मोहाली में अपनी बहन के घर पर पत्रकारों से बात करते हुए, तरनतारन जिले के पंगोटा गांव की रहने वाली कौर ने कहा, “मैं हर छह महीने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वहां (आईसीई कार्यालय) जाती थी। आठ सितंबर को, मैं अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वहां गई थी, लेकिन उन्होंने बिना कुछ बताए मुझे गिरफ्तार कर लिया।” कौर ने राज खोलते हुए यह भी बताया कि उन्हें उनके परिवार के करीबी सदस्यों को अलविदा कहने का भी मौका दिए बिना वापस भेज दिया गया। कौर ने कहा, “मेरे परिवार ने मुझे भारत लाने के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति मांगी और हवाई जहाज का टिकट भी दिखाया। लेकिन वे नहीं माने।” उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, “मेरे पास वर्क परमिट, आईडी और लाइसेंस था। मेरे पास सब कुछ था।” जब उनसे पूछा गया कि आव्रजन अधिकारियों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया, तो उन्होंने आंखों में आंसू भरकर कहा, “मैं क्या कहूं? किसी को भी उस तकलीफ से नहीं गुजरना चाहिए, जिससे मुझे गुजरना पड़ा।” 'मुझे गोमांस परोसा गया, जो मैं नहीं खा सकती थी' विवरण साझा करते हुए कौर ने बताया कि सैन फ्रांसिस्को में हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें एक कमरे में ले जाया गया। दोनों घुटने की सर्जरी करा चुकीं कौर ने कहा, “उन्होंने मेरी तस्वीर ली और मुझे पूरी रात कमरे में ही रखा। बहुत ठंड थी और मैं लेट भी नहीं पा रही थी।” उन्होंने कहा, “जब वे मुझे सैन फ्रांसिस्को से बेकर्सफील्ड ले गए, तो मुझे हथकड़ी और बेड़ियां पहना दी गईं।” यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें दवाइयां लेने की इजाजत थी, कौर ने सिर हिलाते हुए कहा, “मेरी सारी मिन्नतें अनसुनी कर दी गईं।” कौर ने कहा, “मैं शाकाहारी होने के कारण उनका दिया हुआ खाना भी नहीं खा सकी। उन्होंने गोमांस परोसा, जो मैं नहीं खाती।” कौर के अनुसार, उन्हें विमान में सवार 132 लोगों के साथ निर्वासित किया गया, जिनमें 15 कोलंबियाई नागरिक भी शामिल थे। यह पूछे जाने पर कि क्या विमान में उन्हें हथकड़ी लगाई गई थी, कौर ने कहा, “नहीं। विमान में दो अच्छे अधिकारी थे, जिन्होंने मुझे हथकड़ी नहीं लगाई, हालांकि अन्य निर्वासितों को हथकड़ी और बेड़ियां लगाई गई थीं।” कौर ने कहा, “मेरा पूरा परिवार अमेरिका में बसा हुआ है, जिसमें मेरे बच्चे, पोते-पोतियां भी शामिल हैं। जब मैं उनकी आवाज़ सुनती हूं, तो मैं कुछ बोल नहीं पाती। मैंने उनकी देखभाल की है।” महिला ने ट्रंप को ठहराया जिम्मेदार यह पूछे जाने पर कि क्या वह अमेरिका लौटना चाहेंगी, कौर ने कहा, “जरूर। मेरा पूरा परिवार वहीं है।” उन्होंने हाल के महीनों में बड़ी संख्या में भारतीयों के निर्वासन के लिए पूरी तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया। कौर ने कहा, “मैं 1992 से अमेरिका में थी, लेकिन मैंने अधिकारियों द्वारा ऐसी कोई कार्रवाई कभी नहीं देखी। किसी को भी वापस जाने के लिए नहीं कहा गया।” उनकी हिरासत के बाद कैलिफोर्निया में विरोध प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों ने कौर की रिहाई की मांग की तथा उनके हाथों में तख्तियां थीं जिन पर लिखा था, “हमारी दादी को हाथ मत लगाओ” और “दादी को घर लाओ”।  

लद्दाख DGP का खुलासा: सोनम वांगचुक के विदेश संबंधों की जांच जारी

लेह  लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस.डी. सिंह जामवाल ने शनिवार को कहा कि कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजने वाले एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की पिछले माह हुई गिरफ्तारी के संदर्भ में, पुलिस वांगचुक के पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच कर रही है। जामवाल ने सोनम वांगचुक को बुधवार को हुई हिंसा का जिम्मेदार बताया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान के जोधपुर की एक जेल में भेज दिया गया। जामवाल ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘जांच (वांगचुक के खिलाफ) में क्या पाया गया है, यह अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। प्रक्रिया जारी है। अगर आप उनका यूट्यूब पर उपलब्ध प्रोफाइल और इतिहास देखें, तो उनके भाषण लोगों को उकसाने वाले प्रतीत होते हैं, क्योंकि उन्होंने अरब क्रांति और नेपाल, बांग्लादेश एवं श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका (वांगचुक का) अपना एक एजेंडा था। उनके खिलाफ विदेशी चंदा और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघन की जांच जारी है। एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हमारी हिरासत में है, जो वांगचुक के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेज रहा था।’’ पुलिस प्रमुख ने वांगचुक की कुछ विदेश यात्राओं को संदिग्ध बताते हुए कहा, ‘‘उन्होंने पाकिस्तान में द डॉन (पाकिस्तानी समाचार पत्र) के एक कार्यक्रम में भाग लिया और बांग्लादेश भी गए।’’ वांगचुक, लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और केंद्रशासित प्रदेश को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर ‘लेह एपेक्स बॉडी’ और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा रहे हैं। जामवाल ने कहा कि वांगचुक ने आंदोलन के मंच को अपने नियंत्रण में लेने और केंद्र सरकार व लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच जारी संवाद को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने लद्दाख के नेताओं को छह अक्टूबर को बातचीत के एक नए दौर के लिए आमंत्रित किया है। जामवाल ने बताया कि वांगचुक जानते थे कि दोनों पक्षों के बीच 25 सितंबर को एक अनौपचारिक बैठक होने वाली है, इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। जामवाल ने आरोप लगाया, ‘‘अनौपचारिक बैठक से ठीक एक दिन पहले, भड़काऊ वीडियो और बयानों के जरिए शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई। इसी के चलते बुधवार को हिंसा हुई, जिसमें कई जानें गईं।’’ उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता द्वारा बुधवार की हिंसा में विदेशी साजिश के बारे में दिए गए बयान पर जामवाल ने कहा कि गोली लगने से घायल तीन नेपाली नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और कुछ अन्य विदेशी नागरिकों की संलिप्तता भी सामने आई है। उन्होंने बताया कि बुधवार की हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कम से कम छह लोगों के हिंसा में शामिल होने का संदेह है। डीजीपी ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल स्पष्ट है कि मामले में मुख्य रूप से लोगों को उकसाने वाले वांगचुक को लद्दाख से बाहर की जेल में रखा गया है।’’

शहबाज शरीफ का हिंदुत्व पर विवादित बयान, भारत ने यूएन में पलटकर कर दिया हड़ताल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यूएन में भारत के खिलाफ जितनी डींगें हांकी हैं, अब उन्हें उतनी ही फजीहत झेलनी पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभ में वह जोश-जोश में थोथे दावे करते चले गए लेकिन जब भारत ने चुन-चुनकर जवाब देना शुरू किया तो सारी दुनिया के सामने एक बार फिर पाकिस्तान की हवा निकल गई। शहबाज शरीफ ने जब ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी जीत का दावा किया तो भारत ने तंज करते हुए कह दिया कि अगर जले हुए एयरबेस से उसकी जीत साबित होती है तो वह इसका आनंद ले सकता है। हिंदुत्व पर क्या बोल गए शहबाज शहबाज शरीफ ने भारत ही नहीं हिंदुत्व पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि भारत में कट्टरपंथी हिंदुत्व दुनिया के लिए चुनौती बन गया है। इस बार पर भारत ने पाकिस्तान की बखिया उधेड़कर रख दी। यूएन में भारत के परमानेंट मिशन के फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने कहा कि यह वही देश है जो कि ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को शरण देता है और दुनियाभर में आतंक का व्यापार करता है। शहबाज शरीफ ने कहा, हेट स्पीच की कहीं भी कोई जगह नहीं है। यह किसी भी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ हिंसा की तरह है। भारत में हिंदुत्व की कट्टरपंथी विचारधारा हिंसा भड़काती है। इससे सारी दुनिया को खतरा है।उन्होंने कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा, मैं कश्मीरियों से कहना चाहता हूं कि हम उनके साथ खड़े हैं। ए ना एक दिन कश्मीर में अत्याचार जरूर रुकेगा। इसपर भारत ने कहा, जो देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा करता है वही ओसामा बिन लादेन जैसे आतंकी को पनाह दे रहा था। वही देश आतंकियों के कैंप चलाता है। पेटल गहलोत ने कहा कि पाकिस्तान को अपने आतंकी कैंप बंद करने होंगे और भारत में वॉन्टेड आतंकियों को प्रत्यर्पित करना होगा। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सात मई को शुरू किए गए इस अभियान के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। वहीं भारत के ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। वहीं शरीफ ने दावा किया कि भारत के हमले में आम नागरिक मारे गए और फिर उसने जवाबी कार्रवाई शुरू की। हालांकि इसमें कोई शक नहीं है कि पाकिस्तान आतंकियों को भी आम नागरिक ही मानता है।  

VHP का बयान: 3 अक्टूबर के वक्फ आंदोलन पर जताई चिंता, हिंसा हुई तो मुस्लिम संगठनों की जवाबदेही तय होगी

नई दिल्ली वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कई मुस्लिम संगठनों द्वारा 3 अक्टूबर को बुलाए गए देशव्यापी आंदोलन और बंद को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गंभीर चिंता जताई है. वीएचपी के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह आंदोलन देश की शांति और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला साबित हो सकता है. वीएचपी ने कहा कि आश्चर्य इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर अभी केवल अंतरिम आदेश दिया है, जिसे खुद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा ने स्वागत योग्य माना था. ऐसे में अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना इस तरह का आंदोलन शुरू करना पूरी तरह अनुचित है. ‘3 अक्टूबर को हिंसा हुई तो मुस्लिम संगठन होंगे जिम्मेदार’ आलोक कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में बारावफात और उसके बाद हुई हिंसा से यह साफ है कि ऐसे आंदोलनों की आड़ में अराजकता और तोड़फोड़ की संभावना बनी रहती है. वीएचपी ने चेतावनी दी कि यदि 3 अक्टूबर को बुलाए गए बंद और प्रदर्शनों में हिंसा हुई तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह मुस्लिम संगठनों की होगी. वीएचपी की मांग है कि आंदोलन कानून के दायरे और पूरी तरह शांतिपूर्ण हो. केंद्र और राज्य सरकारों को पहले से तैयारी करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले. साथ ही समाज से भी अपील की गई कि आत्मरक्षा और सतर्कता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. वीएचपी अध्यक्ष ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे नेता युवाओं को नेपाल और श्रीलंका जैसी अराजकता की राह पर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भारत में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी. वीएचपी ने साफ किया कि आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसकी आड़ में देश की शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी. सरकार, समाज और कानून व्यवस्था मिलकर किसी भी असामाजिक तत्व के इरादों को नाकाम करेंगे. शहबाज शरीफ को हिंदुत्व वाले बयान पर लताड़ा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र में हिंदुत्व को लेकर दिए बयान पर वीएचपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू कभी अतिवादी नहीं हो सकता, क्योंकि उसकी प्रार्थना ही सबके कल्याण और शांति की होती है. हिंदूफोबिया फैलाने की कोशिश पहले भारत में और अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की जा रही है, लेकिन सच यह है कि हिंदू हिंसक नहीं, बल्कि शांतिप्रिय है और यह सच्चाई दुनिया जानती है.

सोनम वांगचुक पर विवादित बयान: नेपाल विद्रोह और अरब क्रांति का तूल पकड़ता संदेश

लेह सोनम वांगचुक को लद्दाख में क्यों गिरफ्तार किया गया इस बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। लद्दाख प्रशासन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक सोनम वांगचुक की गतिविधियां क्षेत्र की सुरक्षा और शांति के लिए बड़ा खतरा बन गई थीं। बयान में यह भी कहा गया था कि वांगचुक जिस तरह से नेपाल के विद्रोह और अरब क्रांति का उदाहरण दे रहे थे, उससे लोगों का गुस्सा भड़क रहा था। लद्दाख प्रशासन के मुताबिक लेह में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी जरूरी थी। बयान के मुताबिक वांगचुक को हिरासत में लेने के बाद जोधपुर में रखा गया है। गौरतलब है लद्दाख को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के विस्तार की मांग को लेकर केंद्र शासित प्रदेश में हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद शुक्रवार को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस हिंसक प्रदर्शन में चार लोगों की मौत हो गई थी और 90 अन्य घायल हो गए थे। पुलिस प्रमुख एस डी सिंह जामवाल के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने वांगचुक को शुक्रवार दोपहर ढाई बजे हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अब राजस्थान के जोधपुर कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया है। प्रशासन की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि शांतिप्रिय कस्बे लेह में सामान्य स्थिति बहाल करना बेहद जरूरी है। इससे पहले की सोनम वांगचुक हालात को और खराब करते, उन्हें गिरफ्तार कर लेना जरूरी था। सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर थे। प्रशासन का दावा है कि इसके पीछे उनकी मंशा संदिध थी। अधिकारियों के मुताबिक सरकार ने मामले पर बातचीत का ऑफर दिया था। लेकिन वांगचुक ने इस पर ध्यान न देते हुए भूख हड़ताल जारी रखी। भाषणों में नेपाल विद्रोह-अरब क्रांति का जिक्र लद्दाख प्रशासन ने सोनम वांगचुक पर यह भी आरोप लगाया है कि उनके भाषण और वीडियो काफी भड़काऊ होते थे। इसके चलते ही 24 सितंबर को इस क्षेत्र में अशांति फैली। प्रशासन की विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि उनके भड़काऊ भाषण, नेपाल के विद्रोह की चर्चा,अरब क्रांति का हवाला और अन्य भ्रामक वीडियोज ने हालात को खराब किया। इसके प्रभाव में संस्थान, इमारतें और वाहन जलाए गए और उसके बाद पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया, जिससे चार व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हुई। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने विशेष जानकारी के आधार पर कार्रवाई की और सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया।  

इमरान खान की जेल से पोस्ट ने हिला दिया पाकिस्तान, रक्षा मंत्री ने बताया क्या कहा भारत के बारे में

इस्लामबाद  पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक इंटरव्यू के दौरान बुरी तरह घिर गए जब उनसे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर पूछ गया। आसिफ ने पहले दावा किया था कि इमरान का एक्स अकाउंट भारत से संचालित हो रहा है। लेकिन ब्रिटिश-अमेरिकी पत्रकार मेहदी हसन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इमरान खान तो रावलपिंडी की अडियाला जेल से अकाउंट चला रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान हसन ने इमरान खान के हालिया कोर्ट ट्रायल का जिक्र किया जिसमें उनके वकील ने दावा किया कि सुनवाई व्हाट्सऐप पर हुई और न तो जज और न ही इमरान एक-दूसरे को सुन सके। जब आसिफ से पूछा गया कि क्या यह न्यायपूर्ण ट्रायल था, तो उन्होंने इसे नकारते हुए कहा, “ऐसा हुआ ही नहीं। इमरान खान ट्विटर (X) अकाउंट चला रहे हैं।” हसन ने तुरंत पलटवार किया, “आपने अभी कहा कि वह जेल से अकाउंट चला रहे हैं, लेकिन कुछ दिन पहले आपने कहा था कि यह भारत से ऑपरेट हो रहा है।” इस पर आसिफ उखड़ गए और बोले, “सच क्या है? या तो वह जेल से ऑपरेट कर रहे हैं या फिर कम से कम यह बताएं कि कौन चला रहा है।” जब उनसे पूछा गया कि भारत से अकाउंट चलने के दावे का क्या सबूत है तो आसिफ ने कहा कि वह सार्वजनिक रूप से सबूत नहीं बता सकते। उन्होंने कहा, “नहीं, सबूत है, लेकिन यह इंटेलिजेंस से जुड़ा है।” हसन ने तंज कसा – “तो फिर यह दावा क्यों किया?” इसी इंटरव्यू में आसिफ ने पाकिस्तान के विदेश संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान और चीन का रिश्ता समय के साथ जांचा-परखा है। अमेरिका से संबंध अनौपचारिक रहे हैं और उन पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता है। पाकिस्तान की अधिकांश हथियार आपूर्ति, एयरफोर्स से लेकर पनडुब्बियों तक चीन से होती है और भविष्य में भी चीन ही सबसे भरोसेमंद रणनीतिक सहयोगी रहेगा।'' आपको बता दें कि हाल ही में आसिफ ने दावा किया था कि इमरान खान का सोशल मीडिया अकाउंट भारत से संचालित हो रहा है। इससे पहले, उन्होंने बाढ़ के दौरान अजीबोगरीब सुझाव दिया था कि लोग घरों में बाढ़ का पानी कंटेनर में भरकर रखें। सोशल मीडिया पर उनके इस तरह के बयान अक्सर मजाक और आलोचना का कारण बनते रहे हैं।  

निखिल गुप्ता पर बढ़ी मुसीबत: US ने लगाया नेपाल व पाकिस्तान में हत्या की योजना रचने का आरोप

न्यूयॉर्क अमेरिकी सरकार ने जेल में बंद भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर नए आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में मनी लॉन्ड्रिंग, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के अलावा नेपाल या पाकिस्तान में किसी व्यक्ति की हत्या की कोशिश का आरोप भी शामिल है। अमेरिकी सरकारी वकीलों ने अदालत में दायर ताजा दस्तावेजों में दावा किया है कि कथित मर्डर-फॉर-हायर (किराए के हत्यारे के जरिए हत्या) की साजिश केवल न्यूयॉर्क तक सीमित नहीं थी, बल्कि नेपाल या पाकिस्तान में भी एक और व्यक्ति की हत्या की योजना बनाई गई थी। यह मामला भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता से जुड़ा है, जिस पर अमेरिका के न्याय विभाग ने पिछले साल आरोप लगाया था कि उसने न्यूयॉर्क में अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कोशिश की थी। वकीलों का कहना है कि गुप्ता को यह आदेश भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी के अधिकारी विकाश यादव से मिले थे। गुप्ता को जून 2023 में चेक गणराज्य से गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया, जबकि विकाश यादव अभी भारत में है। अदालत में नए आरोप न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में इस हफ्ते दाखिल दस्तावेजों में अभियोजकों ने कहा है कि निखिल गुप्ता और विकाश यादव ने नेपाल या पाकिस्तान में एक अन्य व्यक्ति की हत्या की योजना बनाई थी। यही नहीं, अदालत में यह भी दावा किया गया है कि दोनों का रिश्ता कनाडा में 2023 में मारे गए खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से भी जुड़ा है। निज्जर खालिस्तानी आतंकी था और भारत में खालिस्तान नामक अलगाववादी देश की मांग का समर्थन करता था। निज्जर और न्यूयॉर्क में निशाना बनाया गया खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू करीबी सहयोगी माने जाते हैं। दोनों ही भारत सरकार द्वारा आतंकवादी घोषित किए गए हैं। भारत का रुख भारत ने पहले कनाडा के आरोपों को खारिज किया था, लेकिन अमेरिका की शिकायत पर आंतरिक जांच शुरू की थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने जांच में पाया कि यह साजिश कुछ भटके हुए एजेंटों द्वारा रची गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने पिछले अक्टूबर में बताया था कि इस मामले में शामिल व्यक्ति को सेवा से हटा दिया गया। हालांकि, ताजा आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोई टिप्पणी नहीं की है। अमेरिका और भारत के रिश्तों में भी हाल के महीनों में खटास आई है। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50% का ऊंचा टैरिफ लगाया है, जो क्षेत्र के अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक है। इसका कारण भारत द्वारा रूस से तेल की लगातार खरीद बताई जा रही है। यह दस्तावेज ऐसे समय आया है जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहद बिगड़ गए थे। कनाडाई अधिकारियों ने निज्जर की हत्या के मामले में चार भारतीय नागरिकों पर आरोप तय कर दिए हैं और मुकदमा अदालत में चल रहा है। मुकदमे की अगली तारीख निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में सभी आरोपों से निर्दोष होने की दलील दी है। उनका ट्रायल 3 नवंबर 2025 से न्यूयॉर्क में शुरू होगा। अभियोजकों का कहना है कि उन्होंने गुप्ता और यादव के बीच सैकड़ों व्हाट्सएप चैट्स और ईमेल्स की जांच की है। अदालत में पेश दस्तावेजों में यह भी दर्ज है कि गुप्ता और यादव ने निज्जर को निशाना बनाने, नेपाल या पाकिस्तान में एक और हत्या की योजना बनाने और हथियार उपलब्ध कराने जैसी बातचीत की थी।  

ट्रंप और मेलानिया के बीच तनाव? वायरल वीडियो में उंगली का इशारा बना चर्चा का विषय

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप का राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर (मरीन वन) में हुआ एक तनावपूर्ण क्षण दुनियाभर में सुर्खियों में है। वायरल वीडियो में ट्रंप को मेलानिया की ओर उंगली उठाकर कुछ कहते हुए देखा गया, जिससे उनके रिश्तों को लेकर कयासबाजी तेज हो गई। लेकिन न्यूयॉर्क पोस्ट और द गार्जियन की रिपोर्टों में शामिल फॉरेंसिक लिप-रीडर्स ने इन अटकलों पर काफी हद तक विराम लगा दिया है। उनका कहना है कि यह झगड़ा मेलानिया से नहीं बल्कि संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई एस्केलेटर खराबी को लेकर था। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र भवन में प्रवेश के दौरान ट्रंप दंपत्ति एस्केलेटर से ऊपर जा रहे थे। अचानक एस्केलेटर बीच में ही रुक गया, जिससे मेलानिया झटका खाकर असंतुलित हो गईं। ट्रंप ने बाद में अपने UN भाषण में इसका जिक्र करते हुए कहा, “अगर मेलानिया की तबीयत ठीक नहीं होतीं तो वह गिर जातीं।" वाइट हाउस ने तुरंत जांच की मांग की और आरोप लगाया कि जानबूझकर एस्केलेटर रोका गया हो सकता है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि यदि ऐसा जानबूझकर हुआ है तो जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। वहीं, संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों ने सफाई दी कि मशीनरी में राष्ट्रपति का सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया था। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के ही वीडियोग्राफर ने अनजाने में सुरक्षा सेंसर ट्रिप कर दिया था। लिप रीडर्स ने क्या कहा? रिपोर्ट में लिप रीडर जेरेमी फ्रीमैन के हवाले से कहा ट्रंप ने मेलानिया से कहा, “हाउ कैन यू डू दैट?” यानी उनकी झुंझलाहट एस्केलेटर घटना को लेकर थी। द गार्जिय ने निकोल हिकलिंग के हवाले से कहा ट्रंप ने कहा, “मैं इन्हें माफ नहीं कर सकता, इन्होंने तुम्हें चोट पहुंचाने की कोशिश की।” मेलानिया ने जवाब दिया – “हम ऐसा नहीं कर सकते, हमें सुरक्षित रहना चाहिए, तुम सुरक्षित नहीं हो।” इसके बाद ट्रंप बोले – “ये खत्म हो गए। हमें इन्हें चुनौती देनी होगी।” मरीन वन से उतरते समय वीडियो में तनावपूर्ण पल के बावजूद दोनों हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद साउथ लॉन पर हाथ पकड़कर चलते दिखे। हालांकि एक्सपर्ट ने उनकी बॉडी लैंगवेज को औपचारिक और कठोर बताया है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप दंपत्ति का व्यवहार चर्चा में रहा हो। 2025 के शपथ ग्रहण समारोह में मेलानिया ने ट्रंप का हाथ झटक दिया था। इसके बाद एक और मौके पर उन्होंने ट्रंप को किस करने से रोकने के लिए टोपी का सहारा लिया था।  

BSNL का बड़ा कदम: स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च, 97,000+ साइटों पर सेवा शुरू

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज BSNL का 4G नेटवर्क (5G रेडी) लॉन्च कर दिया है। ये नेटवर्क देशभर में 97 हजार साइटों पर रोलआउट किया गया है। यह नेटवर्क पूरी तरह से स्‍वदेशी तकनीक पर तैयार हुआ है। इसके साथ ही अब भारत उन टॉप-5 देशों में शामिल हो जाएगा, जो अपनी टेलिकॉम टेक्नोलॉजी और इक्पिमेंट्स खुद बनाते हैं। डेनमार्क, स्वीडन, साउथ कोरिया और चीन के बाद भारत पांचवां देश है। इसके साथ ही अब भारत में मौजूद सभी टेलिकॉम ऑपरेटर 4G नेटवर्क से लैस हो गए हैं। बता दें कि Jio, Airtel और Vi (Vodafone Idea) पहले ही देश में अपने 4G और 5G नेटवर्क लॉन्च कर चुके हैं। बता दें कि भारत में बीएसएनएल के 9 करोड़ से ज्यादा एक्टिव वायरलेस (मोबाइल) सब्सक्राइबर्स हैं। टावर लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बीएसएनएल की रजत जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने 97,500 से ज्यादा मोबाइल 4G टावरों का भी उद्घाटन किया, जिनमें बीएसएनएल के 92,600 4G टेक्नोलॉजी साइट भी शामिल हैं। ये टावर लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं। ये टावर सौर ऊर्जा पर काम करते हैं। 5G पर आसानी से शिफ्ट हो जाएगा नेटवर्क बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क क्लाउड-बेस्ड और फ्यूचर रेडी है और इसे आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। इसे 5G में अपग्रेड करने के लिए हार्डवेयर में बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, केवल सॉफ्टवेयर अपडेट से ही यह 5G पर आसानी से शिफ्ट हो जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने डिजिटल भारत निधि के माध्यम से भारत के 100% 4G सैचुरेशन नेटवर्क का भी अनावरण किया, जिसके तहत 29,000 से 30,000 गांवों को मिशन-मोड प्रोजेक्ट के तहत जोड़ा गया है।  

BKI के आतंकवादी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ की अबू धाबी से भारत में सफल वापसी

नई दिल्ली बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के कुख्यात आतंकी परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ को अबू धाबी (UAE) से सफलतापूर्वक भारत लाया गया है. पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के सहयोग से यह कामयाबी हासिल की है. पिंडी विदेश में बैठे कुख्यात आतंकियों हरविंदर सिंह उर्फ ‘रिंदा’ और हैप्पी पासिया का करीबी सहयोगी माना जाता है. वह गुरदासपुर के बटाला इलाके में पेट्रोल बम हमलों, हिंसक वारदातों और जबरन वसूली जैसे कई गंभीर अपराधों में वांछित था. कैसे पकड़ा गया पिंडी? पंजाब पुलिस के मुताबिक, बटाला पुलिस की ओर से अनुरोध किए गए रेड कॉर्नर नोटिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने 24 सितंबर UAE जाकर वहां की सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ समन्वय कर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आरोपी को भारत लेकर लौट आई. पंजाब पुलिस ने कहा कि यह सफल प्रत्यर्पण राज्य की आतंकवाद और संगठित अपराध के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति को दर्शाता है और पुलिस की उन्नत जांच क्षमताओं और वैश्विक स्तर पर पहुंच को भी साबित करता है. पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों, विदेश मंत्रालय और UAE सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. कौन है पिंडी? परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंडी’ का जन्म पंजाब के तरन तारन जिले में हुआ था. वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल का एक सक्रिय सदस्य और ऑपरेटिव है, जो संगठन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह वर्ष 2000 के बाद से विदेशों में रहते हुए भारत में आतंकवादी मॉड्यूल्स को संचालित करने में सक्रिय हो गया. उसकी उम्र लगभग 45-50 साल के बीच मानी जाती है. पिंडी को बब्बर खालसा के वरिष्ठ कमांडरों में से एक माना जाता है, जो हथियारों की तस्करी, टेरर फंडिंग और युवाओं के बीच कट्टरपंथ बढ़ाने में शामिल रहा है. उसका नाम पहली बार 2005 में तब चर्चा में आया, जब पंजाब पुलिस ने बब्बर खालसा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसमें वह एक प्रमुख साजिशकर्ता था. इसके बाद, उसने भारत छोड़ दिया और विदेश में बसे सिखों के जरिये संगठन को फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट देना शुरू किया. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पिंडी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से हथियार और विस्फोटक भारत में भेजने का जिम्मा संभाला. 2018 में पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन में उसके नेटवर्क से जुड़े 10 किलो आरडीएक्स जब्त किया. खुफिया जानकारी के मुताबिक, वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में है, जो BKI को हथियार और प्रशिक्षण मुहैया कराती है.