samacharsecretary.com

यूक्रेन की राजधानी पर रूस का भीषण हमला, सरकारी बिल्डिंग्स ध्वस्त

यूक्रेन  युद्धविराम के लिए चल रहे प्रयासों के बीच रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक रूस ने सैकड़ों ड्रोन अटैक किए हैं। हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 11 लोग घायल हो गए। यूक्रेनी अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। कीव नगर प्रशासन के प्रमुख तैमूर तकाचेंको ने बताया कि मृतकों में एक साल का बच्चा भी शामिल है। उसका शव बचावकर्मियों ने मलबे से निकाला। वहीं रूस के ड्रोन अटैक में कीव की एक सरकारी इमारत में भी आग लग गई। कीव के मेयर विटालि क्लिट्स्को के अनुसार, रूसी ड्रोन का मलबा स्वियातोशिन्स्की जिले और डार्नित्स्की जिले में एक आवासीय इमारत पर गिरा। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म करने के लिए कई प्रयास कर चुके हैं। हालांकि अब तक उन्हें कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई है। बीते दिनों राष्ट्रपति पुतिन ने अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इसके बाद ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी बातचीत की। हालांकि रूस और यूक्रेन दोनों ही अपने शर्तों पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। एक दिन पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि सितंबर के पहले छह दिनों में ही रूस ने 1300 से ज्यादा ड्रोन अटैक किए हैं। इसके अलावा 900 गाइडेड हवाई बम और 50 से ज्यादा मिसाइलें दागी गई हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध थमने की बजाय जोर पकड़ रहा है।  

संसद के सामने विरोध का बवंडर: ब्रिटेन में भारी प्रदर्शन, 400 से ज्यादा लोग हिरासत में

ब्रिटेन  ब्रिटेन की संसद के बाहर बड़ी संख्या में लोगों ने फिलिस्तीन एक्शन समूह पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 400 से ज्यादा लोगों गिरफ्तार कर लिया। ब्रिटेन की सरकार ने फिलिस्तीन एक्शन समूह को आतंकवादी संगठन घोषित किया है और इसी के विरोध में प्रदर्शनकारी संसद के बाद इकठ्ठा हुए थे। इन लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की। विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने वाले समूह डिफेंड अवर ज्यूरीज ने कहा कि लंदन में प्रदर्शन में 1500 लोग शामिल हुए। उन्होंने ‘मैं नरसंहार का विरोध करता हूं, मैं फिलिस्तीनी कार्रवाई का समर्थन करता हूं’ जैसे नारे लिखे हुए पोस्टर लिए हुए थे। कुछ ही मिनटों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया, जबकि राहगीर ‘शर्म करो’ और ‘मेट पुलिस, एक पक्ष चुनो, न्याय या नरसंहार’ के नारे लगा रहे थे। किन धाराओं में हुई गिरफ्तारी विरोध प्रदर्शन शुरू होने के 8 घंटे बाद पुलिस ने कहा कि उसने 425 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से 25 से अधिक को अधिकारियों पर हमला करने या सार्वजनिक व्यवस्था के उल्लंघन के लिए और बाकी को आतंकवाद अधिनियम के तहत अरेस्ट किया गया। इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने शनिवार को सभी स्तरों के मंत्रिस्तरीय पदों में बड़े फेरबदल किया। इसके तहत महिला सांसदों को मंत्रिमंडल के सबसे सीनियर पदों पर नियुक्त किया है। पाकिस्तानी मूल की शबाना महमूद की गृह मंत्री के पद पर पदोन्नति हुई। गृह कार्यालय की पूर्व अधिकारी यवेट कूपर को विदेश मंत्री नियुक्त किया गया। चांसलर रेचल रीव्स के साथ-साथ शीर्ष तीन सरकारी पदों का नेतृत्व पहली बार महिलाओं के हाथ में होगा।  

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत! 3% DA बढ़ने वाला है, तारीख सामने आई

नई दिल्ली  त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को तोहफा देने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी का ऐलान करने वाली है। इस फैसले से देशभर में 1.2 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। जानकारी के अनुसार, इसका औपचारिक ऐलान अक्टूबर के पहले हफ्ते में किया जा सकता है। अभी कितना भत्ता मिल रहा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने इस बार घोषणा का समय खास तौर पर दिवाली के समय करेगी। ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को त्योहारी मौसम में अतिरिक्त राहत मिल सके। बता दें कि संशोधन के बाद कर्मचारियों का डीए 55% से बढ़कर 58% हो जाएगा। यह बढ़ोतरी जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी यानी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई से सितंबर तक के तीन महीने का एरियर (बकाया) भी मिलेगा, जो अक्टूबर की सैलरी के साथ दिए जाने की संभावना है। कब-कब होता है डीए रिवीजन? केंद्र सरकार हर साल दो बार डीए में बढ़ोतरी करती है। पहला संशोधन होली से पहले (जनवरी-जून अवधि के लिए)। दूसरा संशोधन दिवाली से पहले (जुलाई-दिसंबर अवधि के लिए)। पिछले साल अक्टूबर 2024 में सरकार ने दिवाली से करीब 2 हफ्ते पहले डीए बढ़ाने का ऐलान किया था। इस साल दिवाली 20-21 अक्टूबर 2025 को है और उसी को देखते हुए इसे कर्मचारियों के लिए त्योहारी तोहफा माना जा रहा है। डीए कैसे तय होता है? डीए की गणना 7वें वेतन आयोग के तहत औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। इसका फार्मूला 12 महीने के CPI-IW औसत पर आधारित होता है। जुलाई 2024 से जून 2025 तक CPI-IW औसत 143.6 रहा, जिसके आधार पर डीए दर 58% तय हुई है। यानि अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता 3% बढ़कर 58% हो जाएगा, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक राहत और त्योहारी सीजन में अतिरिक्त लाभ मिलेगा। सैलरी और पेंशन पर असर अगर किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹50,000 है, तो पहले 55% डीए के हिसाब से उसे ₹27,500 मिल रहा था। अब 58% डीए लागू होने पर यह बढ़कर ₹29,000 हो जाएगा। यानी हर महीने कर्मचारी को ₹1,500 अतिरिक्त मिलेंगे। इसी तरह, यदि किसी पेंशनभोगी की बेसिक पेंशन ₹30,000 है, तो पहले 55% डीआर के तहत उसे ₹16,500 मिल रहा था। अब 58% पर यह राशि बढ़कर ₹17,400 हो जाएगी। यानी पेंशनभोगी को हर महीने ₹900 ज्यादा मिलेंगे। हालांकि, यह बढ़ोतरी व्यक्ति की सैलरी या पेंशन पर निर्भर करेगी, लेकिन सामूहिक रूप से देखें तो करोड़ों परिवारों की आय में अच्छा-खासा इजाफा होगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि फिलहाल यह डीए बढ़ोतरी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अल्पकालिक राहत देती है, लेकिन असली बदलाव 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद दिखेगा।  

मदरसा का भयानक सच: ओडिशा में छात्र के साथ शोषण और हत्या का मामला

ओडिशा  ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक मदरसा में नाबालिग छात्र की कथित तौर पर हत्या कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, उस छात्र का लंबे समय तक यौन उत्पीड़न किया गया और फिर उसके ही सीनियर ने उसे मार डाला। इस भयानक घटना के सिलसिले में पांच नाबालिगों को पकड़ा गया है। पीड़ित छात्र कटक जिले का रहने वाला था और नीलमणि में एक मदरसा में पढ़ता था। उसके पिता की शिकायत के अनुसार, उसकी हत्या मदरसा परिसर में एक सुनसान बाथरूम के अंदर की गई और उसके शव को एक सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित को एक सीनियर छात्र द्वारा बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा था। 31 अगस्त को दोपहर 1 बजे के करीब, दो छात्रों ने उसका यौन शोषण करने के बाद उस पर हमला किया और उसे मृत मानकर एक सेप्टिक टैंक में छोड़ दिया। बच्चा उस रात तो भागने में कामयाब रहा, लेकिन 2 सितंबर को उसे बचाने के बहाने दो छात्रों ने फिर से उसी जगह पर बुलाया। तीन अन्य छात्रों के साथ मिलकर उन्होंने कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को टैंक में फेंक दिया। एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए और गवाहों के बयानों ने आरोपियों की संलिप्तता की पुष्टि की। 12 से 15 साल की उम्र के सभी पांचों नाबालिगों पर यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम, 2012 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मदरसा ने उनके नाम अपने रिकॉर्ड से हटा दिए हैं और उनके जन्म प्रमाण पत्र जब्त कर लिए हैं। आगे की कार्यवाही के लिए यह मामला किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष रखा गया है।

फूलों की सजावट से भड़का विवाद: RSS झंडा-‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पुलिस ने की कार्रवाई

केरल  केरल में मंदिर में फूलों की सजावट पर RSS का झंडा और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) लिखने से बवाल मच गया। कोल्लम जिले में पार्थसारथी मंदिर के बाहर बने पूक्कलम में आरएसएस का झंडा और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखे जाने पर सस्तमकोट्टा पुलिस ने केस दर्ज किया है। केरल पुलिस ने आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना पर केरल बीजेपी प्रमुख राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करना ‘शर्मनाक’ और ‘देशद्रोह’ है। चंद्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इस मामले को तुरंत वापस लेने की मांग की और कहा कि यह सशस्त्र बलों और आतंकवाद के पीड़ितों का अपमान है। वहीं पुलिस का कहना है कि पहले ही सभी दलों से राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया था, लेकिन नियम तोड़ा गया जिससे तनाव की आशंका बनी।   बीजेपी प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-ऑपरेशन सिंदूर हमारी शान है. यह भारत की सेना के साहस और वीरता का प्रतीक है। यह वही ऑपरेशन है, जिसने 26 निर्दोष सैलानियों की हत्या का बदला लिया था, जिन्हें धर्म पूछकर मारा गया था। केरल पुलिस की यह एफआईआर उन 26 आतंकवाद पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ-साथ हर उस सैनिक का अपमान है, जो भारत की रक्षा अपने खून और बलिदान से करता है। चंद्रशेखर ने आगे लिखा- केरल कभी भी जमात-ए-इस्लामी या पाकिस्तान के इशारों पर चलने वाली जमीन नहीं बन सकती। केरल पुलिस को याद रखना चाहिए कि यह भारत है। मैं उनसे और मुख्यमंत्री/गृह मंत्री पिनराई विजयन जी से कहता हूं कि इस शर्मनाक और देशद्रोही एफआईआर को तुरंत वापस लिया जाए। पहले ही दी गई थी हिदायत जानकारी के मुताबिक, आरएसएस का झंडा फूलों की सजावट में लगाए जाने के बाद सस्तमकोट्टा पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पहले ही सीपीआई (एम) और बीजेपी दोनों पक्षों से कहा गया था कि पूक्कलम में किसी भी तरह का राजनीतिक झंडा या प्रतीक इस्तेमाल न करें, क्योंकि क्षेत्र में पहले से तनाव की स्थिति है। दोनों दल इस शर्त पर सहमत भी हो गए थे। हालांकि फेस्टिवल के दौरान फूलों की सजावट में आरएसएस का झंडा लगाया। पुलिस के अनुसार, इस वजह से समझौते का उल्लंघन हुआ और तनाव फैलने की आशंका थी, इसलिए मामला दर्ज किया गया। 

वेस्ट बैंक पर इजराइल का बड़ा कदम: नया नक्शा जारी, फिलीस्तीनियों के लिए चेतावनी

इजराइल मध्यपूर्व में तनाव और बढ़ने वाला है। इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेले स्मोट्रिच  ने एक ऐसा नक्शा पेश किया है जिसमें इज़राइल ने वेस्ट बैंक के 82% हिस्से को अपने कब्ज़े में लेने की योजना  दिखाई है। यह कदम न केवल फिलिस्तीनियों के लिए झटका है, बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय बन गया है। वेस्ट बैंक क्यों अहम  वेस्ट बैंक लाखों फिलीस्तीनियों का घर है। यह वही इलाका है जो लंबे समय से इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष का केंद्र रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक वेस्ट बैंक को  कब्ज़ा किया हुआ इलाका (Occupied Territory)  माना जाता है। यही कारण है कि यहां इज़राइल का नियंत्रण बढ़ाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादास्पद माना जाता है।   नक्शे में क्या दिखाया  स्मोट्रिच द्वारा जारी नक्शा इज़राइली रक्षा मंत्रालय (Defense Ministry)  के लोगो के साथ पेश किया गया। इस नक्शे में लगभग पूरा वेस्ट बैंक इज़राइल के हिस्से में शामिल कर लिया गया है। फिलिस्तीनियों के लिए केवल कुछ  छोटे-छोटे इलाके छोड़े गए हैं, जिन्हें चारों ओर से इज़राइल के कब्ज़े वाले क्षेत्रों ने घेर रखा है। इसका मतलब यह होगा कि फिलिस्तीनी इलाकों का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं रहेगा और वे अलग-थलग पड़ जाएंगे।    वैश्विक प्रतिक्रिया   यह फैसला फिलिस्तीनियों के लिए बेहद मुश्किल हालात पैदा कर सकता है। इससे उनकी जमीन, संसाधन और आवाजाही पर सीधा नियंत्रण इज़राइल का हो जाएगा। इस कदम को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ संघर्ष को और भड़काने वाला  मान रहे हैं।संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देश पहले ही साफ कर चुके हैं कि वेस्ट बैंक पर इज़राइल का कब्ज़ा अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। अब इज़राइल की इस नई योजना पर  दुनियाभर से कड़ी प्रतिक्रिया  आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम न केवल शांति प्रक्रिया को खत्म करेगा, बल्कि पूरे मध्यपूर्व को नए संकट की ओर धकेल सकता है। 

रूस ने यूक्रेन ड्रोन हमलों का किया सामना, अब मोबाइल ऐप्स ऑफलाइन भी करेंगे काम

मास्को रूस और यूक्रेन को जंग में उलझे कई साल हो गए हैं। तमाम कोशिशाें के बावजूद शांत‍ि नहीं हो पाई है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमला करते रहते हैं। यूक्रेन के ड्रोन हमलों के दौरान रूस को उसके तमाम इलाकों में ब्लैकआउट करना पड़ता है, जिसकी वजह से इंटरनेट कनेक्ट‍िविटी प्रभावित होती है और लोग सोशल मीडिया समेत तमाम जरूरी ऐप्स को एक्सेस नहीं कर पाते। इसका तोड़ अब रूस की तरफ से न‍िकाला गया है। उसने ऐसा डिजिटल तरीका तैयार क‍िया है, जिससे लोकल ऐप्स बिना इंटरनेट भी काम करते हैं। रूस की तरफ से इन ऐप्स की लिस्ट जारी करके लोगों को अवेयर क‍िया गया है। जरूरी सेवाओं से जुड़े हैं ऐप रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हाल में रूसी सरकार ने ऐसे ऐप्स की लिस्ट जारी की है जो बिना इंटरनेट काम करेंगे। ये ऐप्स सोशल मीडिया से संबंधित है। ओला-उबर जैसी सेवाओं से जुड़े हैं। इसके अलावा सरकारी सेवाओं से जुड़े ऐप्स, पेमेंट ऐप्स भी लिस्ट में हैं, जो बिना इंटरनेट काम करेंगे। खास बात है कि रूसी लिस्ट में अमेरिकी ऐप्स जैसे- वॉट्सऐप आदि को जगह नहीं दी गई है। टेलिग्राम भी लिस्ट में शामिल नहीं है। इंटरनेट बंद होने पर नहीं होगी परेशानी रिपोर्ट के अनुसार, रूस की डिजिटल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री ने कहा है कि उसके पास एक ऐसा डिजिटल तरीका (special technical solution) है, जिससे लोकल ऐप बिना इंटरनेट के भी काम करेंगे। मिनिस्ट्री के अनुसार, इंटरनेट बंद रहने के दौरान लोगों को परेशानी होती है, उसे कम करने के लिए यह उपाय क‍िया गया है। हालांकि रूस की तरफ से इस मामलों को यूक्रेन के ड्रोन हमलों से नहीं जोड़ा गया है। हालांकि रिपोर्ट में रूस के बॉर्डर एरिया वाले कुछ गवर्नरों के हवाले से बताया गया है कि यूक्रेनी हमलों के दौरान ही ज्यादातर बार इंटरनेट बंद क‍िया जा रहा है। लोकल ऐप्स को बढ़ावा देना चाहता है रूस रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस अपने देश में ऐसे ऐप्स को बढ़ावा देने में जुटा है जो स्थानीय स्तर पर डेवलप क‍िए गए हैं। उसने कई बाहरी ऐप्स पर बंद‍िशें भी लगाई हैं। खास बात यह है कि रूस में वॉट्सऐप और टेलिग्राम पॉपुलर ऐप्स में शामिल हैं। दोनों ऐप्स को 18 करोड़ से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं। लेकिन रूस ने दोनों ऐप्स की बजाए वीके मैसेंजर और मैक्स मैसेंजर जैसे ऐप्स को प्राथमिकता दी है। 1 सितंबर से रूस में बिकने वाले सभी स्मार्टफोन्स में मैक्स मैसेंजर का पहले से इंस्टॉल होना जरूरी है। इसके यूजर्स भी तेजी से बढ़ रहे हैं।  

ऐसी सड़कें जो खुद बताएंगी खराब होने से पहले, भारत में आने वाली है नई AI तकनीक

नई दिल्ली भारत में बरसात के मौसम में सड़कों में गड्ढे होने या इनके टूटने की खबरें आती हैं। लेकिन क्या हो अगर सड़कों के टूटने या इनमें गड्ढे होने से पहले ही अलर्ट मिल जाए। इससे ना सिर्फ लोग दूसरा रूट ले सकते हैं, बल्कि लोगों की लाइफ पर भी रिस्क नहीं होगा। सुनने में भले ये नामुमकिन-सा लगे, लेकिन ऐसी तकनीक पर तेजी से काम चल रहा है, जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भारत की 63 लाख किलोमीटर लंबी सड़कों को बनाने, देखभाल करने और इनको मैनेज करने के काम को पूरी तरह से बदल देगी। चलिए, जान लेते हैं कि यह AI तकनीक कैसे काम करेगी और आमजन को इससे क्या फायदा होगा? वर्चुअल मॉडल में पता लग जाएगी कमजोरी ईटी इंफ्रा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल ट्विन्स नाम की एक तकनीक है जिससे इंजीनियर पूरी सड़क का वर्चुअल मॉडल बना सकते हैं। यह मॉडल ट्रैफिक और सड़क की कमजोरी का पहले से एनालिसिस कर लेता है।सॉफ्टवेयर सड़क की खराबी को पहले ही पकड़ लेंगे। इतना ही नहीं, बल्कि उसे ठीक करने के तरीके भी सुझाएंगे। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अपने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम में पहले ही AI का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जिससे सड़क निर्माण की क्वालिटी की जांच होती है। तकनीक का इस्तेमाल यहां हो रहा है भारत के शहरी क्षेत्र में AI पहले से ही काम पर लगा हुआ है। पुणे में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और बेंगलुरु का ऐडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम इसका उदाहरण हैं। ये सिस्टम ट्रैफिक को समझकर सिग्नल को अपने आप कंट्रोल करते हैं, जिससे जाम की समस्या से मुक्ति मिल सकती है। यही नहीं, रोड प्रोजेक्ट्स में ड्रोन और GPS का इस्तेमाल भी हो रहा है। सड़क मंत्रालय ने AI-MC नाम का एक सिस्टम शुरू किया है, जो ड्रोन और सेंसर की मदद से सड़क निर्माण को बेहतर बनाता है। बिहार में AI का इस्तेमाल कर 12000 से ज्यादा पुलों और 743 ब्रिजों की जांच की गई है। यह तकनीक खराब ढांचे को ढूंढकर उसकी मरम्मत का सुझाव देती है। ग्रामीण इलाकों में AI आया तो सुधर जाएंगी सड़कें केपीएमजी की एक रिपोर्ट बताती है कि AI से सड़कों की देखभाल करने से खर्च 30% तक कम हो सकता है और सड़कों की लाइफ भी बढ़ सकती है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में अभी भी 70% सड़कों की जांच पुराने तरीकों से होती है, जैसे कि कागजी रिकॉर्ड और Manual Inspection से। यदि ग्रामीण इलाकों में भी AI का इस्तेमाल बढ़े, तो सड़कों की हालत पहले के मुकाबले काफी सुधर सकती है। AI से सड़क हादसों की संख्या घट सकती है रिपोर्ट्स बताती हैं कि भारत में हर साल सड़क हादसों में 1.5 लाख से ज्यादा लोग अपनी जान गंवाते हैं। AI इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इंटेलिजेंट सिस्टम से इमरजेंसी रिस्पांस टाइम 60% तक कम हो सकता है और Traffic Efficiency 30% तक बढ़ सकती है। AI कार्बन उत्सर्जन को मापने, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कॉरिडोर बनाने और टिकाऊ डिजाइन में भी मदद करता है।  

हाईस्पीड इंटरनेट में बड़ा कदम: भारत ने 6G पर शुरू की तैयारी

नई दिल्ली 5G के बाद अब भारत 6G के लिए तैयार है। पिछले काफी समय से देश में 6G टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है। अब इसे बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम लिया गया है। बता दें कि हाल ही में Telecommunications Standards Development Society, India ( TSDSI ) और भारत 6G एलायंस ने 6G कनेक्टिविटी के डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों संगठन के बीच समझौता हुआ है। 6G विजन को कामयाब बनाने के लक्ष्य से यह पार्टनरशिप की गई है। ये दोनों मिलकर अब 6G के लिए स्टैंडर्ड डेवलप करेंगी। ये संगठन ग्लोबल लेवल पर जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे। यह पार्टरनशिप भारत को 2030 तक 6G टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लेवल पर टॉप पर पहुंचाने में अहम रोल मिभाएगी। आइये, डिटेल में जानते हैं। दोनों संगठन मिलकर करेंगे ये काम भारत में 6G को सपने को साकार बनाने के लिए अब TSDSI और भारत 6G एलायंस मिलकर काम करेंगे। इससे 6G टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट में तेजी आएगी। दोनों संगठन मिलकर एक दूसरे का हाथ बताएंगे। इससे देश की प्राथमिकताएं 6G और भविष्य की टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की तरफ जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि TSDSI के डायरेक्टर-जनरल, ए.के. मित्तल का कहना है कि TSDSI को B6GA के साथ साझेदारी करके खुशी हो रही है। TSDSI और B6GA की एक्टिविटीज में आपसी तालमेल और सामंजस्य स्थापित करने के लिए उत्सुक है। इससे रिसर्च और डेवलपमेंट के परिणामों पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा। साथ ही, ग्लोबल स्टैंडर्ड के डेवलपमेंट में भी योगदान मिलेगा। इसका मतलब है कि TSDSI और B6GA मिलकर काम करके 6G तकनीक को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। भारत 6G एलायंस के डायरेक्टर-जनरल, राजेश कुमार पाठक का कहना है कि यह साझेदारी ग्लोबल स्टैंडर्ड के डेवलपमेंट की प्रोसेस में भारत की भागीदारी को मजबूत करेगी। इसका मतलब है कि इस साझेदारी से 6G विजन को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी। 2023 में देखा गया था 6G विजन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च, 2023 में भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट जारी किया था। इसका उद्देश्य 6G नेटवर्क को डिजाइन, विकसित और तैनात करना है। भारत का लक्ष्य 2030 तक 6G तकनीक में ग्लोबल लेवल पर उभरकर आना है। इसमें देश का साथ देने के लिए भारत 6G एलायंस आगे आ गया है। यह घरेलू उद्योग, शिक्षा, राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों और मानक संगठनों का एक गठबंधन है। यह भारत 6G विजन को ध्यान में रखते हुए एक योजना बनाएगा। इस समझौता से भारत को 6G तकनीक के क्षेत्र में बड़ा खिलाड़ी बनने में काफी मदद मिलेगी। इससे 6G के डेवलपमेंट में भी तेजी आएगी। साथ ही, लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।  

गुजरात में आज भारी बारिश का अलर्ट, मछुआरों को समुद्र में जाने से किया गया मना

अहमदाबाद, गुजरात में अगले सात दिनों तक मानसून की तेज सक्रियता का नया दौर देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुजरात में अगले सात दिनों तक लगातार बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को पूरे गुजरात में वर्षा का अनुमान जताया है। मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किए गए हैं। आईएमडी ने शनिवार को बताया कि गुजरात में आज और कल अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को 30 सेमी या इससे अधिक बारिश की संभावना जताई है। बनासकांठा, साबरकांठा, मेहसाणा, अरावली, सुरेंद्रनगर, राजकोट, वलसाड, दमन और दादरा नगर हवेली में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़, बोटाद, अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा, महिसागर, पाटन, नवसारी और डांग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इससे पहले, मौसम विभाग ने बताया था कि शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा और नगर हवेली, भावनगर और बोटाद के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर, मध्य और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्रों के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट के तहत भारी बारिश होगी। वहीं, रविवार को लेकर विभाग ने बताया कि बनासकांठा, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, नर्मदा, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी, डांग और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों जैसे राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, भावनगर, कच्छ और द्वारका सहित लगभग पूरे राज्य में व्यापक बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया कि मानसून की कम दबाव रेखा वर्तमान में गंगानगर से उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे म्यांमार तट पर एक ऊपरी हवा की चक्रवाती गतिविधि बनी हुई है।