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जंग के माहौल में सोना-चांदी सस्ता, MCX पर गोल्ड फिसलकर ₹1.63 लाख के नीचे

इंदौर  अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में सुस्ती के बीच बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Gold का MCX रेट 0.09% गिरकर ₹1,63,149 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद ₹1,63,303 था। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 0.43% गिरकर ₹1,62,600 तक पहुंच गई। मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Silver की MCX कीमत 0.31% गिरकर ₹2,76,988 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद ₹2,77,850 था। चांदी की कीमत ₹2,850 (लगभग 1.02%) गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना आज 5,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 5,242.10 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने तक सोना 22.50 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 5,219.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इस साल अब तक सोने ने 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो COMEX पर चांदी का वायदा भाव 88.50 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 89.59 डॉलर था। कारोबार के दौरान यह करीब 0.82 डॉलर की गिरावट के साथ 88.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू लिया है।  स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% बढ़कर $5,213.99 प्रति औंस हो गई जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ़्यूचर्स 0.4% गिरकर $5,221.80 हो गए। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% बढ़कर $88.89 प्रति औंस हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर दबाव में आया जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,145 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमतों में लगभग 4% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 87.9 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आज सोना-चांदी की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। पढ़ें भारत में आज सोने का भाव कितना है?  दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 98.85 पर आ गया है,जो कि सोमवार को 99 के ऊपर था। इसके अलावा, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह वैश्विक अस्थिरता को माना जा रहा है।  हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान "बहुत जल्द" समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।  वहीं, ईरान ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरानी के सरकारी मीडिया पर कहा कि यह वाशिंगटन नहीं, तेहरान तय करेगा कि संघर्ष कब समाप्त करना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।

दुनियाभर में Instagram सेवाएं प्रभावित, ऐप और पोर्टल ठप होने की यूजर्स ने दी जानकारी

नई दिल्ली Instagram की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं और बहुत से यूजर्स ने इसको लेकर रिपोर्ट्स भी किया. यूजर्स ने बताया है कि ऐप और पोर्टल दोनों प्रभावित हुए हैं. यूजर्स को फीड एक्सेस करने में प्रॉब्लम आ रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर पर सैकडों यूजर्स ने रिपोर्ट की और बताया कि उनको इंस्टाग्राम पर प्रॉब्लम हो रही है. बहुत से यूजर्स फीड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं यानी वह नए पोस्ट आदि को चेक नहीं कर पा रहे है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस आउटेज की शुरुआत सुबह 9 बजे के आसपास हुई है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में दिखा सबसे ज्यादा असर  Instagram की सर्विस पर असर दुनियाभर में दिखाई दिया है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में दिखाई दिया. जहां करीब 12 हजार यूजर्स ने रिपोर्ट की है. हालांकि सवा दस के आसपास सर्विस दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं।  भारत में भी दिखा असर  Instagram की सर्विस भारत में भी प्रभावित दिखाई दीं, जहां करीब 1 हजार लोगों ने रिपोर्ट ने की है. यूके में भी इंस्टाग्राम की सर्विस प्रभावित हुई हैं।  एक पॉपुलर ऐप है Instagram  Instagram एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. साथ ही इंस्टाग्राम पर रील्स आदि को भी पसंद किया जाता है. इस प्लेटफॉर्म सेलिब्रिटी आदि भी मौजूद हैं, जो रेगुलर पोस्ट करते हैं।

बड़े घोटाले पर कार्रवाई: चंडीगढ़ ब्रांच फ्रॉड में IDFC फर्स्ट बैंक ने 645 करोड़ का क्लेम सेटल किया

नई दिल्ली आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने मंगलवार को बताया कि उसने अपनी चंडीगढ़ शाखा में हुए धोखाधड़ी मामले से जुड़े दावों के रूप में 645 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। यह राशि बैंक के शुरुआती अनुमान से लगभग 55 करोड़ रुपए ज्यादा है। बैंक ने यह भी कहा कि जांच के दौरान अब तक कोई नई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि पहले 590 करोड़ रुपए की मूल राशि का अनुमान लगाया गया था, लेकिन बाद में मिले दावों के आधार पर कुल 645 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। बैंक के अनुसार, यह सभी दावे उसी घटना और उसी चंडीगढ़ शाखा से जुड़े हैं; कोई नया मामला सामने नहीं आया है। बैंक ने यह भी बताया कि सभी संबंधित खातों का मिलान पूरा कर लिया गया है और 25 फरवरी 2026 के बाद से देश भर में कोई नया दावा नहीं मिला है। बैंक ने कहा कि उसने अपने सिद्धांतों के अनुसार प्रभावित ग्राहकों को यह भुगतान किया है और आगे भी धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा ताकि नुकसान की राशि की वसूली की जा सके। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने बताया कि इस घटना के बावजूद बैंक की जमा राशि (डिपॉजिट बेस) स्थिर बनी हुई है। 28 फरवरी तक बैंक का कुल डिपॉजिट 2,92,381 करोड़ रुपए था, जबकि दिसंबर के अंत में यह 2,91,133 करोड़ रुपए था। बैंक ने अपने ग्राहकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सिर्फ चंडीगढ़ की एक शाखा से जुड़ी अलग घटना है। बैंक का लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) भी मौजूदा तिमाही में 114 प्रतिशत के आरामदायक स्तर पर है। बैंक को उम्मीद है कि भविष्य में भी डिपॉजिट और लोन की वृद्धि पहले की तरह जारी रहेगी। इससे पहले बैंक ने बताया था कि हरियाणा सरकार के खातों से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था, जिसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले की जांच के लिए बैंक ने केपीएमजी को फॉरेंसिक ऑडिट सौंपा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट चार से पांच सप्ताह में आने की उम्मीद है। साथ ही जांच पूरी होने तक बैंक ने चार अधिकारियों को निलंबित भी कर दिया है। घटना के बाद हरियाणा सरकार ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

ट्रंप के शांति संदेश से शेयर बाजार हरा, सेंसेक्स 77,945.95 तक पहुँचा, निफ्टी में 106 अंक की उछाल

मुंबई बेंचमार्क शेयर बाजार के सूचकांक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान युद्ध में तनाव कम करने वाली टिप्पणियों के बाद हरे रंग में खुले। एसएंडपी BSE सेंसेक्स 379.79 अंक बढ़कर 77,945.95 पर पहुंचा, जबकि NSE निफ्टी50 106.40 अंक की तेजी के साथ 24,134.45 पर पहुंच गया (सुबह 9:28 बजे तक)। चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट ने कहा कि क्रूड की कीमतों में अत्यधिक अस्थिरता ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में भी उथल-पुथल मचा दी है। उन्होंने कहा, "कल क्रूड की कीमतों में पैनिक रिएक्शन ने ब्रेंट क्रूड को लगभग $120 तक पहुंचा दिया था, जो आज सुबह $89 तक गिर गया। एक ही दिन में लगभग $30 की यह चरम उतार-चढ़ाव पश्चिम एशियाई संघर्ष के वैश्विक क्रूड आपूर्ति पर पड़ने वाले असमंजस को दर्शाती है।" 

UP के 2002 गांवों में BSNL की नई ओएफसी परियोजना, दो अरब रुपये से होगा डिजिटल विस्तार

गोंडा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने के लिए गोंडा व बलरामपुर में बीएसएनएल दो अरब रुपये खर्च कर अपना नेटवर्क सुधार रहा है। दोनों जिलों के 2002 गांवों में बीएसएनएल गांव-गांव ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा रही है। इसके बाद ब्लाक, स्कूल अस्पताल व थाने को फाइबर कनेक्शन देकर उन्हें तेज रफ्तार के इंटरनेट सेवाएं दी जाएगी। यही नहीं, करीब 300 रुपये प्रति माह में ग्रामीण उपभोक्ता भी कनेक्शन लेकर तीव्र गति वाले इंटरनेट का लाभ ले सकेंगे। सरकार भले ही डिजिटलाइज्ड व आनलाइन सेवाएं देने के लिए गंभीर है लेकिन ऑनलाइन आवेदन फॉर्म से लेकर बैकिंग,गेहूं बिक्री रजिस्ट्रेशन समेत अन्य सेवाएं डिजिटल होने के बाद उनका पूरा लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। कारण, गांवों में इंटरनेट की खराब हालत के चलते हमेशा सर्वर डाउन रहता है, जिससे लोगों को बार-बार मुख्यालय दौड़ना पड़ रहा है। यही नहीं आए दिन सर्वर डाउन रहने से बच्चे,महिलाएं व बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। कोई परीक्षा फॉर्म नही भर पा रहा है तो कोई पेंशन के लिए मुख्यालय तक दौड़ रहा है। इन्हें स्कूल में नामांकन परीक्षा व फॉर्म भरने से लेकर अन्य जरूरी कार्य भी निजी साइबर कैफे से कराना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालयों में आनलाइन कामकाज निपटाने के लिए कार्मिकों को एनआईसी या फिर साइबर कैफे का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें अधिक धन व श्रम अधिक व्यय होता है। साथ ही गोपनीयता भंग होने का भी डर रहता है। इन समस्याओं को देखते हुए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की इंटरनेट सेवाएं दुरुस्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकारी दूर संचार कंपनी बीएसएनएल ने गोंडा-बलरामपुर के 2002 गांवों में बीएसएनएल गांव-गांव ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछा रहा है। दो अरब रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जिम्मा उसने रेलवे विकास निगम को दिया है, जो इस साल 31 मई तक पूरा कर लिया जाना है। ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछने के बाद ब्लाक, स्कूल अस्पताल व थाने को फाइबर कनेक्शन दिया जाएगा, जिससे उन्हें तेज इंटरनेट की सेवाएं मिलेंगी। यही नहीं करीब 300 रुपये प्रति माह में ग्रामीण उपभोक्ता भी कनेक्शन लेकर इसका लाभ सकेंगे। दीपेंद्र गुप्ता, जिला प्रबंधक भारत संचार निगम लिमिटेड- ओएफसी केबल मई तक पड़ जाएगी, जिसके बाद जून से दोनाें जिलाें के सभी गांवों में तीव्र गति वाला इंटरनेट चलने लगेगा।

साइबर ठगी के शिकार? RBI देगी राहत, अब डिजिटल फ्रॉड पर मिलेगा मुआवजा

मुंबई डिजिटल ट्रांजेक्शन के दौर में ऑनलाइन ठगी का शिकार होने वाले करोड़ों भारतीयों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) राहत की एक बड़ी योजना लेकर आया है। आरबीआई ने डिजिटल लेनदेन में ग्राहकों की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव का एक प्रारूप (Draft) पेश किया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य छोटे मूल्य की धोखाधड़ी (Small Value Frauds) के लिए ग्राहकों को सीधा मुआवजा दिलाना और बैंकों की जिम्मेदारी तय करना है। प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार, जनता 6 अप्रैल, 2026 तक इस ड्राफ्ट पर अपने सुझाव दे सकती है और ये नियम 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो सकते हैं। अब बैंकों को साबित करनी होगी ग्राहक की गलती नए नियमों के तहत, डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में 'सबूत' जुटाने का पूरा बोझ अब बैंकों के कंधों पर होगा।     बैंक की जिम्मेदारी: बैंक को यह सिद्ध करना होगा कि धोखाधड़ी ग्राहक की लापरवाही से हुई है, न कि बैंकिंग सिस्टम की किसी खामी से।     व्यापक परिभाषा: 'अधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन' के दायरे को बढ़ाकर अब इसमें जबरदस्ती (Coercion) या धोखे से कराए गए भुगतान को भी शामिल किया गया है। इन स्थितियों में ग्राहक की होगी 'जीरो लायबिलिटी' (Zero Liability):     बैंक की चूक: यदि फ्रॉड बैंक की किसी तकनीकी कमी या लापरवाही के कारण हुआ हो।     थर्ड-पार्टी ब्रीच: यदि किसी तीसरे पक्ष की गलती से नुकसान हुआ है और ग्राहक 5 दिनों के भीतर इसकी सूचना बैंक को दे देता है। छोटे फ्रॉड के लिए मुआवजे का नया मॉडल RBI ने पहली बार ₹50,000 तक के डिजिटल फ्रॉड के लिए एक विशेष मुआवजे के ढांचे का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पीड़ित को उसके शुद्ध नुकसान का 85% या अधिकतम ₹25,000 (जो भी कम हो) वापस मिल सकेगा। मुआवजे की शर्तें:     यह लाभ एक व्यक्ति को जीवन में केवल एक बार ही मिल सकेगा।     धोखाधड़ी की रिपोर्ट 5 दिनों के भीतर बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल दोनों पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अलर्ट और रिपोर्टिंग के लिए सख्त निर्देश सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए RBI ने बैंकों के लिए नए रिपोर्टिंग मानक तय किए हैं:     अनिवार्य SMS अलर्ट: ₹500 से अधिक के हर डिजिटल लेनदेन पर बैंक को तुरंत SMS अलर्ट भेजना होगा।     24×7 रिपोर्टिंग चैनल: बैंकों को डिजिटल फ्रॉड की शिकायत के लिए चौबीसों घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन या पोर्टल की सुविधा देनी होगी। RBI का यह कदम न केवल ग्राहकों का डिजिटल बैंकिंग पर भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि बैंकों को अपने सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए भी प्रेरित करेगा।

West Asia संकट का असर: शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1353 अंक गिरा

मुंबई पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसके चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.35 पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन भर में, यह सूचकांक 2,494.35 अंक या 3.16 प्रतिशत गिरकर 76,424.55 पर पहुंच गया। इसी क्रम में, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 752.65 अंक या 3.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,697.80 पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इसके शेयरों में 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक को लाभ हुआ। क्यों गिरा बाजार? ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशकों की भावना पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में तेजी से नीचे बंद हुए। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर धकेल दिया और भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे मुद्रास्फीति और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.96 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.20 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में काफी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 12.34 प्रतिशत की उछाल आई और यह 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450.45 पर समाप्त हुआ। पिछले सप्ताह, बीएसई बेंचमार्क 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत गिर गया।

मिडिल ईस्ट संकट का असर, रुपया टूटा — डॉलर के मुकाबले 92.5 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर

नई दिल्ली भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया। शुरुआती कारोबार में रुपया 92.20 प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन जल्दी ही गिरकर 92.528 तक पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 25% से ज्यादा उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध ने तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतें बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों में डॉलर की मांग बढ़ जाती है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आयातकों और तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाल सकता है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुदी आर के मुताबिक, डॉलर-रुपया जोड़ी फिलहाल अपने नए ऑल-टाइम हाई के आसपास 92.30-92.32 के दायरे में कारोबार कर रही है। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल और मजबूत डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। तकनीकी चार्ट के आधार पर फिलहाल ट्रेंड अमेरिकी डॉलर के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और शेयर बाजार में भारी गिरावट ने भी रुपये की कमजोरी को बढ़ाया है। इससे पहले शुक्रवार को रुपया 18 पैसे गिरकर 91.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। घेरलू शेयर बाजार में दिखी बड़ी गिरावट इधर डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.66% बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया। वहीं घरेलू शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2,400 से ज्यादा अंक गिर गया, जबकि निफ्टी 708.75 अंक टूटकर 24,000 के नीचे पहुंच गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि इस बीच एक सकारात्मक संकेत यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया।  

Ferrari 849 Testarossa हाइपरकार 14 मार्च को भारत में होगी लॉन्च, कीमत ₹10 करोड़ से ज्यादा

मुंबई  भारत में महंगी और उच्च प्रदर्शन वाली कारों के शौकीनों के लिए जल्द ही एक बड़ी पेशकश आने वाली है। इटली की प्रसिद्ध कार निर्माता कंपनी फेरारी अपनी नई कार Ferrari 849 Testarossa को भारतीय बाजार में 14 मार्च को लॉन्च करने जा रही है। यह कार कंपनी की अत्याधुनिक तकनीक और शानदार रफ्तार का बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है। भारत में इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 10.37 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दमदार क्षमता और आकर्षक बनावट के कारण यह कार लग्जरी स्पोर्ट्स कार सेगमेंट में खास पहचान बना सकती है और अन्य प्रीमियम कारों को कड़ी टक्कर देने वाली है। शक्तिशाली इंजन और जबरदस्त रफ्तार Ferrari 849 Testarossa में उन्नत हाइब्रिड तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें 4 लीटर क्षमता वाला ट्विन-टर्बो V8 पेट्रोल इंजन दिया गया है, जिसके साथ तीन इलेक्ट्रिक मोटर भी जोड़ी गई हैं। इनमें से दो मोटर आगे के पहियों के पास और एक इंजन तथा गियरबॉक्स के बीच लगाई गई है। यह पेट्रोल इंजन अकेले लगभग 830 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करता है, जबकि तीनों इलेक्ट्रिक मोटरों के साथ मिलकर इस कार की कुल क्षमता लगभग 1050 हॉर्सपावर तक पहुंच जाती है। इसमें 8-स्पीड ड्यूल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है, जो चारों पहियों तक ताकत पहुंचाता है। कंपनी के अनुसार यह कार केवल 2.3 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 330 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। सीमित दूरी तक केवल इलेक्ट्रिक शक्ति पर चलने की क्षमता इस कार में 7.45 kWh क्षमता की बैटरी भी दी गई है। इसकी मदद से Ferrari 849 Testarossa कुछ दूरी तक केवल इलेक्ट्रिक शक्ति पर भी चल सकती है। कंपनी के अनुसार यह कार केवल इलेक्ट्रिक मोड में लगभग 16 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इससे कार के प्रदर्शन के साथ-साथ ईंधन की खपत को भी संतुलित करने में मदद मिलती है। आकर्षक और दमदार बाहरी बनावट नई Ferrari 849 Testarossa को बेहद आकर्षक और आधुनिक रूप में तैयार किया गया है। कार के सामने की ओर एल-आकार की एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं, जो बोनट पर मौजूद चमकदार काली पट्टी से जुड़ी हुई दिखाई देती हैं। यह बनावट फेरारी के पुराने लोकप्रिय मॉडलों से प्रेरित मानी जा रही है। इसके आगे के हिस्से में बड़ा हवा प्रवेश मार्ग और उभरा हुआ फ्रंट लिप दिया गया है, जो कार को अधिक आक्रामक रूप देता है। साइड प्रोफाइल में बड़े अलॉय व्हील्स, काले रंग की छत और पीछे की ओर बड़े हवा प्रवेश मार्ग इसे बेहद स्पोर्टी रूप देते हैं। कार के पिछले हिस्से में दो भागों वाला टेल सेक्शन, पतली एलईडी टेललाइट्स, ऊपर की ओर लगाया गया दोहरी एग्जॉस्ट पाइप और बड़ा डिफ्यूजर देखने को मिलता है। चालक पर केंद्रित आधुनिक केबिन Ferrari 849 Testarossa का केबिन पूरी तरह चालक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें ऊंचा सेंटर कंसोल और पुल जैसी बनावट वाला डिवाइडर दिया गया है, जो दोनों स्पोर्ट्स सीटों को अलग करता है और अंदर बैठने पर एक खास स्पोर्टी अनुभव देता है। डैशबोर्ड में पारंपरिक टचस्क्रीन सिस्टम नहीं दिया गया है। इसके स्थान पर चालक के सामने लगभग 16 इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले मौजूद है, जिसमें वाहन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दिखाई देती है। साथ ही सामने बैठने वाले यात्री के लिए करीब 9 इंच की पतली स्क्रीन भी दी गई है। इसके अलावा इसमें वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto जैसी कनेक्टिविटी सुविधाएं तथा 7-स्पीकर वाला ऑडियो सिस्टम भी दिया गया है। Ferrari की यह नई कार अपनी तेज रफ्तार, दमदार क्षमता और आधुनिक तकनीक के कारण भारत के प्रीमियम स्पोर्ट्स कार बाजार में खास आकर्षण का केंद्र बन सकती है।

रसोई गैस सप्लाई नियम बदला: अब 21 दिन बाद ही कर सकेंगे अगली बुकिंग

नई दिल्ली   ईरान-इजराइल युद्ध और दुनियाभर में ईंधन की अनिश्चितता को देखते हुए घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति में बदलाव किया गया है। अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता पिछली डिलीवरी के 21 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर सकेगा। 15 नहीं अब 21 दिन के अंदर ही मिलेगा सिलेंडर पहले यह अंतराल 15 दिन का था, लेकिन अस्थिर वैश्विक हालात को ध्यान में रखते हुए इसे बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने गैस एजेंसियों के सिस्टम (सॉफ्टवेयर) में बदलाव कर नई व्यवस्था लागू कर दी है। उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी महावीर गैस एजेंसी के संचालक देव नारायण महतो ने बताया कि अब 21 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी में कोई परेशानी नहीं होगी। यह अस्थायी व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते।