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डॉ. रमन सिंह के गुणों की सराहना, CM साय बोले – मितभाषिता और सेवा ही उनकी पहचान

राजनांदगांव  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव के स्टेट स्कूल ग्राउंड में युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य समारोह में  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह जी जन-जन के नेता हैं, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को नई दिशा दी। प्रभु से मेरी यही प्रार्थना है कि वे दीर्घायु हों, स्वस्थ रहें और अपना मार्गदर्शन इसी तरह देते रहें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हम एक ऐसे व्यक्तित्व का जन्मदिन मना रहे हैं, जिन्होंने पंद्रह वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का नया इतिहास रचा।  उन्होंने कहा कि  डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार हुआ, जिसे पूरे देश ने अपनाया। गरीबों और वंचितों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने की यह योजना आज भी उनकी संवेदनशीलता की मिसाल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह ने किसानों को सशक्त बनाने के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया और किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य दिलाया। आज छत्तीसगढ़ अपने किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान कर रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक की खरीदी कर रहा है — यह उनके द्वारा स्थापित मॉडल की निरंतरता है। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए। विशेषकर जनजातीय अंचलों में स्कूलों और अस्पतालों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। यही कारण है कि जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी दंतेवाड़ा के एजुकेशन सिटी पहुँचे, तो वहाँ के बच्चों से मिलकर उन्होंने राज्य की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि सादगी और मितभाषिता डॉ. रमन सिंह के स्वभाव की पहचान है। वे अपनी विशाल उपलब्धियों के बावजूद सदैव विनम्र रहे हैं। छोटे-बड़े हर व्यक्ति से वे सहजता से मिलते हैं और हर किसी पर अपनी सौम्य व्यक्तित्व की गहरी छाप छोड़ते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ विधानसभा अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रही है। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में विधानसभा ने कई नवाचार किए हैं, जैसे प्रबोधन कार्यक्रम, जिसमें विधायकों को संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की गहन समझ दी गई। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक पद्मश्री कैलाश खेर ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से वातावरण को सुरमयी बना दिया।  इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल,  राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की, 20 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि

रायपुर : बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियां जोरों पर, अब तक 3.09 लाख खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तैयारियों की समीक्षा की, 20 अक्टूबर पंजीयन की अंतिम तिथि बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाएं समय के पहले सुनिश्चित करने के निर्देश बस्तर ओलंपिक की ख्याति पूरे देश में, यह मात्र क्षेत्रीय आयोजन नहीं –  अरुण साव रायपुर बस्तर संभाग के सभी विकासखंडों में आयोजित होने वाले बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियाँ जोरों पर हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के साथ ही सभी मूलभूत जरूरतों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार और संचालक मती तनूजा सलाम भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थीं। बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में भागीदारी के लिए अब तक तीन लाख नौ हजार से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। इनमें कांकेर जिले के 42 हजार 228, कोंडागांव के 43 हजार 333, दंतेवाड़ा के 44 हजार 395, नारायणपुर के 46 हजार 074, बस्तर के 52 हजार 312, बीजापुर के 40 हजार 437 तथा सुकमा जिले के 40 हजार 830 प्रतिभागी शामिल हैं। विगत 22 सितम्बर से बस्तर ओलंपिक के लिए पंजीयन की शुरूआत की गई थी। खिलाड़ियों के पंजीयन का काम आगामी 20 अक्टूबूर तक जारी रहेगा। बस्तर ओलंपिक का विकासखंड स्तर पर आयोजन 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक, जिला स्तरीय आयोजन 5 नवम्बर से 15 नवम्बर तक तथा संभाग स्तरीय आयोजन 24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओं—जैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।  साव ने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  साव ने फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा खेल विभाग से प्राप्त बजट के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के सहयोग से सीएसआर निधि से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक मती रश्मि ठाकुर तथा खेल अधिकारी  गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे। 11 खेलों की स्पर्धाएं होंगी, नक्सल हिंसा के दिव्यांग और आत्मसमर्पित नक्सली भी दिखाएंगे अपना दमखम विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर एक महीने से भी अधिक समय तक चलने वाले बस्तर ओलंपिक में 11 खेलों को शामिल किया गया है। जूनियर वर्ग में बालक और बालिकाओं तथा सीनियर वर्ग में महिला और पुरूषों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी। नक्सल हिंसा के दिव्यांगों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी संभाग स्तर पर पुरूषों और महिलाओं के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। बस्तर ओलंपिक के दौरान एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साखींच में पूरे बस्तर के खिलाड़ी अपना खेल कौशल दिखाएंगे। 

महतारी वंदन योजना से बदल रही हैं छत्तीसगढ़ की महिलाओं की जिंदगी

रायपुर : हर महीने एक हजार रुपए बन रहा आत्मनिर्भरता का आधार महतारी वंदन योजना से बदल रही हैं छत्तीसगढ़ की महिलाओं की जिंदगी रायपुर में हर महीने 1000 रुपए से संवर रहा आत्मनिर्भरता का सपना रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई राह बना रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित यह योजना नारी सम्मान और गरिमा का प्रतीक बन चुकी है। रायगढ़ जिले में अब तक 3 लाख 15 हजार 78 महिलाओं के खातों में 523 करोड़ 47 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरण की जा चुकी है। दीपावली से पहले जारी 20वीं किस्त के तहत 25 करोड़ 38 लाख 75 हजार रुपए की राशि भी महिलाओं को मिली है। हर माह मिलने वाले एक हजार रुपए ने महिलाओं को आर्थिक मजबूती दी है। ग्राम आमापाली की मती पुष्पा महंत बताती हैं कि योजना से बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च संभालना आसान हुआ है। मती मुस्तरी बेगम और मती दुरपति बरेठ कहती हैं कि यह योजना उनके जीवन में स्थिरता और आत्मनिर्भरता का आधार बनी है।राज्य की कई महिलाएं अब इस राशि को बीज पूंजी बनाकर छोटे व्यवसाय जैसे सिलाई-सेंटर, किराना दुकान और हस्तशिल्प कार्य शुरू कर रही हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि सशक्त महिला ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की नींव है।महतारी वंदन योजना आज छत्तीसगढ़ की महिलाओं के आत्मविश्वास और सम्मान की नई पहचान बन गई है।महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया आधार दिया है। यह योजना नारी सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।

गोवर्धन पूजा: छत्तीसगढ़ सरकार ने घोषित किया सरकारी अवकाश

रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के कर्मचारियों और आम जनता के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है. शासन ने आगामी गोवर्धन पूजा पर्व (21 अक्टूबर 2025, मंगलवार) के अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. यह अवकाश पूरे राज्य में सरकारी दफ्तरों और बैंकों पर लागू रहेगा. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर की ओर से अधिसूचना जारी की गई है. इसके पहले 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी. निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत घोषित हुआ अवकाश जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अवकाश “निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881” की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश के रूप में रहेगा. इसका अर्थ है कि इस दिन राज्य शासन के सभी शासकीय कार्यालयों, बैंकों और अन्य सरकारी संस्थानों में कार्य नहीं होगा.

मानसून हुआ विदा, अंबिकापुर में मौसम ने दिखाई ठंड की पहली झलक

अंबिकापुर छत्तीसगढ़ में बारिश का सिलसिला लगभग थम गया है. दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई का दौर जारी है. सूरज ढलने के बाद हल्की ठंडक महसूस होने लगी है. मौसम आज शुष्क रहने की संभावना है. इस दौरान तापमान में हल्की गिरावट हो सकती है. प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ. कहां कितनी हुई बारिश मौसम विभाग से मिली जानकारी मुताबिक, कोंटा और बड़े बचेली में 6 सेमी, कुआकोंडा में 4 सेमी, कटेकल्याण में 3 सेमी, दरभा में 2 सेमी तथा तोंगपाल में 1 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में आज आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

छत्तीसगढ़ में माओवादी शक्ति कमजोर, 100+ आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के माओवादी हिंसा प्रभावित बस्तर अंचल में माओवाद विरोधी अभियानों को अभूतपूर्व सफलता मिली है। राज्य सरकार की प्रभावी 'माओवादी समर्पण नीति' की बदौलत कांकेर और सुकमा जिलों में एक साथ 100 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति की वापसी की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। कांकेर में शीर्ष कैडरों का समर्पण कांकेर जिले के पखांजुर थाना क्षेत्र में सक्रिय 60 से अधिक माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना सहित कई बड़े माओवादी भी शामिल हैं। अधिकारियों ने इस घटना को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का परिणाम बताया। सभी समर्पित माओवादियों को सरकारी नीति के तहत नकद प्रोत्साहन, आवास और व्यावसायिक प्रशिक्षण पैकेज प्रदान किए जाएंगे।   सुकमा- 27 माओवादियों का आत्मसमर्पण, माओवादी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी सुकमा जिले में माओवादी विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें दो हार्डकोर माओवादी शामिल हैं, जो पीएलजीए बटालियन-01 में सक्रिय थे। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम था, जिसमें एक पर 10 लाख, तीन पर 8-8 लाख, एक पर 3 लाख, दो पर 2-2 लाख और नौ पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। समर्पण करने वालों में 10 महिलाएं और 17 पुरुष शामिल हैं। इनमें एक सीवायसीएम, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन से जुड़े सदस्य हैं। यह आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस मुख्यालय में बुधवार को आयोजित एक समारोह में हुआ। सुकमा एसपी सुनील शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की “आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार योजना” के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में बढ़ते सुरक्षा कैंपों के दबाव ने माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इस सफलता में जिला बल, डीआरजी, विआशा, एसटीएफ, सीआरपीएफ की 02, 74, 131, 151, 216, 217 वाहिनी और कोबरा 203 बटालियन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आत्मसमर्पित माओवादियों ने संगठन में जबरन भर्ती, हिंसा और संसाधनों की कमी को समर्पण का कारण बताया। शांति प्रक्रिया को मिली गति यह सामूहिक आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि माओवादियों की विचारधारा खोखली साबित हो रही है। अब तक 500 से अधिक माओवादियों का पुनर्वास किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बड़े समर्पणों से बस्तर में विकास कार्य और शांति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। यह न केवल सुरक्षा बलों की बड़ी जीत है, बल्कि उन स्थानीय समुदायों की भी जीत है, जो अब हिंसा मुक्त भविष्य की ओर देख रहे हैं। बस्तर अब 'बंदूक' नहीं, बल्कि 'विकास' की बात कर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 01 नवंबर को पांच कार्यक्रमों में होंगे शामिल

अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छत्तीसगढ़ प्रवास को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। 01 नवंबर को प्रधानमंत्री श्री मोदी नया रायपुर अटल नगर में राज्योत्सव स्थल में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसके अलावा वे शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन और प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर एकेडमी फार ए पीसफुल वर्ल्ड “शांति शिखर” का शुभारंभ और सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय का ऑपरेशन कराने वाले बच्चों से चर्चा करेंगे।  अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ ने आज नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल में प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी 31 अक्टूबर की रात्रि राजधानी रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान नए विधानसभा भवन के लोकार्पण और राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर सभाएं होंगी। इन आयोजनों के लिए सभी तैयारियां शुरू कर दी जाए। बैठक में कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने प्रधानमंत्री के प्रवास को लेकर की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन, कमिश्नर रायपुर श्री महादेव कावरे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।   अपर मुख्य सचिव श्री पिंगुआ ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रवास के मद्देनजर ट्रैफिक प्लान और पार्किंग की व्यवस्था कर ली जाए। इसी प्रकार राज्योत्सव मेला स्थल और अन्य कार्यक्रमों के स्थल पर पार्किंग, पेयजल, शौचालय की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि नया रायपुर के चौक-चौराहों को व्यवस्थित और सौंदर्यीकरण कर ली जाए। राज्योत्सव मेला स्थल में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए को सेक्टरों में बांटकर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कार्यक्रम के दौरान सतत् रूप से बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी जाए। इसी प्रकार साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्तायुक्त हो। साथ ही दूर संचार विभाग के अधिकारियों को संचार व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए।  राज्योत्सव मेला स्थल पर मुख्य मंच के सामने तीन विशाल डोम बनाएं जा रहे हैं। जिनमें 60 एलईडी स्क्रीनिंग लगाए जाएंगे। मेला स्थल पर लोगों बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है। लोगों के प्रवेश के लिए दो द्वार होंगे। एक द्वार विभागीय प्रदर्शनी के लिए होगा। विभागीय प्रदर्शनी में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ ही सार्वजनिक उपक्रमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्य मंच के नजदीक ही डिजिटल प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मेला स्थल पर प्रधानमंत्री आवास का मॉडल भी बनाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्योत्सव मेला स्थल के दोनों तरफ 20-20 हजार वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य शहरों से रायपुर पहुंचने वाले मार्गों पर भी पार्किंग, पेयजल आदि की व्यवस्था की जा रही है। राज्योत्सव मेला स्थल पर 300 शौचालय बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 20 बैड का हॉस्पिटल तथा आईसीयू बनाया जा रहा है। इसके अलावा 25 एम्बुलेंस और पर्याप्त संख्या में फायर ब्रिगेड वाहन की व्यवस्था की जा रही है।

जेल के बाहर युवक की पिटाई का विवादित वीडियो, जेलर और आरक्षक दोषी?

सक्ती उप जेल के बाहर एक युवक के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में जेलर और तीन आरक्षकों द्वारा युवक की पिटाई करते हुए देखा जा सकता है. मामले में जेलर ने बताया कि युवक आदतन अपराधी है और नशे की हालत में जेल परिसर पहुंचा था. वह जेल में बंद अपने साथी कैदी से मिलने की जिद कर रहा था. कई बार समझाने के बावजूद जब उसने बात नहीं मानी, तो उसने जेलर पर हमला कर दिया, जिसके बाद जेल प्रबंधन को कार्रवाई करनी पड़ी. घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस और 112 की टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले गई. फिलहाल मामले की जांच जारी है, वहीं वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठने लगे हैं.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को मिला श्रेष्ठ प्रदर्शन का पुरस्कार

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन उत्कृष्ट कार्य हुआ है। पिछले जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़ इस योजना के क्रियान्वयन में देश में सबसे पिछले पायदान पर था, लेकिन मुख्यमंत्री साय की सतत मॉनीटरिंग के बाद पिछले नौ माह में छत्तीसगढ़ आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में देश में पहले पायदान पर आ गया है। भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ को श्रेष्ठ प्रदर्शन राज्य का सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान राज्य के अथक प्रयासों और स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुकरणीय कार्यशैली का प्रमाण है। सम्मान देने के मुख्य कारण पहचान किए गए सभी मुद्दों पर गहन फील्ड ऑडिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आयुष्मान योजना के दावा प्रक्रिया में टर्नअराउंड टाइम को उल्लेखनीय रूप से घटाया गया, जिससे लाभार्थियों को त्वरित सेवाएं मिलीं। सभी संबंधित हितधारकों की विस्तृत संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन कर उन्हें जागरूक बनाया गया। सीएम साय ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई एनएचए की पैनल्ड स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ प्रभावी संचार तंत्र स्थापित कर समन्वय को बेहतर किया गया। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास राज्य के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के लिए स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजना उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। यह योजना सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में द्वितीयक और तृतीयक देखभाल के लिए है और इसका उद्देश्य परिवारों पर स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है।

66 दिन के लिए रद्द हुई सारनाथ एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए अलर्ट

रायपुर रेलवे ने कोहरे की आशंका के कारण सारनाथ एक्सप्रेस को तीन माह में 66 दिन रद्द करने की घोषणा की है. ठंड के दौरान कोहरे की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. सारनाथ एक्सप्रेस 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में दोनों दिशाओं की ट्रेन रद्द रहेंगी. इससे प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ जाएगी. प्रयागराज, बनारस और छपरा जाने वाली प्रमुख ट्रेन दुर्ग-छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस के यात्री आने वाले दिनों में परेशान होंगे. रेलवे ने उत्तर भारत में पड़ने वाली कोहरे की आशंका को ध्यान में रखते हुए सारनाथ एक्सप्रेस को 1 दिसबंर से 15 फरवरी तक विभिन्न तिथियों में 66 दिनों के लिए रद्द करने का निर्णय लिया है. उत्तर पूर्व रेलवे द्वारा 15159/15160 छपरा-दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को घने कोहरे की अग्रिम आशंका को ध्यान में रखते हुए 1 दिसंबर से 15 फरवरी के बीच विभिन्न तिथियों में ट्रेन का परिचालन स्थगित करने का निर्णय लिया है. रेलवे द्वारा निर्धारित तिथियों के अलावा अन्य दिनों में भी यह ट्रेन अपने पूर्व निर्धारित समय सारिणी अनुसार यथावत चलेगी. छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस इस डेट पर रहेगी रद्द दिसंबर 1, 3, 6, 8, 10, 13, 15, 17, 20, 22, 24, 27, 29, 31 जनवरी- 3, 5, 7, 10, 12, 14, 17, 19, 21, 24, 26, 28, 31 फरवरी 2, 4, 7, 9, 11,14 दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस इस दिन रहेगी स्थगित दिसंबर 2, 4, 7, 9, 11, 14, 16, 18, 21, 23, 25, 28, 30 जनवरी 1, 4, 6, 8, 11, 13, 15, 18, 20, 22, 25, 27, 29 फरवरी 1, 3, 5, 8, 10, 12, 15