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सिलेंडर की मारामारी, शादी समारोहों का मेन्यू तक घटा

नई दिल्ली शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। जिन घरों में विवाह समारोह हैं उनके लिए सिलेंडर का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। परेशान लोग पेट्रोलियम मंत्रालय तक शिकायत कर रहे हैं। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने से पहले एलपीजी की किल्लत नहीं थी। शादी या अन्य समारोह के लिए लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर आसानी से मिल रहे थे। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि लोग आकर शादी का कार्ड दिखाते थे और जरूरत के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडर ले जाते थे। अब गैस कंपनियों की ओर से सख्ती कर दी गई है। मौजूदा समय में कनेक्शन धारकों को भी उनकी जरुरत का सत्यापन करने के बाद सिलेंडर दिए जा रहे हैं। किसी कनेक्शन धारक की औसत खपत अगर महीने में 10 सिलेंडर की है, तो उसे महज 6-7 सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि शादी-समारोह के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर सिर्फ शादी के कार्ड के आधार पर उपलब्ध करा पाना अब संभव नहीं हो पा रहा है। सोशल मीडिया के जरिये मंत्रालय को बता रहे समस्या सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये अपनी शिकायतें गैस कंपनियों और मंत्रालय तक पहुंचा रहे हैं। किरण नाम के एक्स हैंडल से की गई शिकायत में बताया गया कि घर में शादी है, लेकिन गैस नहीं मिल रही है। ऐसे ही कई अन्य यूजर्स ने अपनी शिकायतें साझा की हैं। इन सभी शिकायतों पर उत्तर दिया गया है और गैस सिलेंडर दिलाने का प्रयास किया गया है। शादी के लिए सिलेंडर लेने के लिए लोग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भी मदद ले रहे हैं। छापेमारी में 2027 सिलेंडर जब्त कालाबाजारी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों ने अब तक 540 स्थानों पर छापेमारी की है। इसमें 2027 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए विकास भवन स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां पर शिकायत मिलने के बाद जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की टीमें भी गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सक्रिय हैं। सगाई-शादी में व्यंजनों की संख्या को कम करना पड़ा गैस सिलेंडर मिलने में हो रही परेशानी का असर अब शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों पर साफ नजर आने लगा है। गैस की कमी के चलते लोगों को अपने कार्यक्रमों में व्यंजनों की संख्या कम करनी पड़ रही है। जिससे आयोजनों का स्वाद और रंग दोनों फीके पड़ते जा रहे हैं। ज्योति नगर निवासी महेश शर्मा ने बताया कि उनके बड़े बेटे आलोक की शादी 23 अप्रैल को तय है। 21 अप्रैल को सगाई का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने बताया कि पहले सगाई के लिए करीब 25 व्यंजनों का मेन्यू तय किया गया था, लेकिन गैस की किल्लत के चलते अब इसमें कटौती करनी पड़ी है। महेश ने बताया कि इस बदलाव के लिए वधू पक्ष से भी सहमति ली गई, जिसके बाद उन्होंने भी शादी के मुख्य कार्यक्रम में सात-आठ व्यंजन कम करने का फैसला किया है। दिल्ली के बजाय गांव से करना पड़ रहा आयोजन राजधानी में रहने वाले उत्तराखंड के कुछ लोग शादी समारोह को एलपीजी संकट की वजह से गांव से करने का मन बना चुके हैं। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कैटरिंग संचालक अधिक रुपये की मांग कर रहे हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आरके पुरम निवासी मोहित सिंह ने बताया कि उनकी बहन की शादी इस माह के आखिरी सप्ताह में है। काफी कोशिश के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही एलपीजी का संकट शुरू हुआ, वैसे ही कैटरिंग संचालक ने अधिक रुपये की मांग कर दी। साथ ही मेन्यू में भी कटौती की बात की थी। ऐसे में उन्होंने बीते माह ही शादी समारोह का आयोजन अपने गांव में करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गांव में लकड़ी से खाना बनेगा, जिससे कोई परेशानी नहीं होगी। समारोह के लिए ऐसे मिल सकता है गैस सिलेंडर दिल्ली की एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने बताया कि शादी के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब सिलेंडर तभी मिल पाएगा, जब डीलर्स के पास उपलब्धता होगी। सिलेंडर पाने के लिए शादी का कार्ड लेकर नजदीकी एलपीजी डीलर के कार्यालय जाकर वहां अस्थायी कनेक्शन लेना होगा। इसके बाद प्रत्येक सिलेंडर के लिए तय करीब 2500 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करानी होगी। गैस की कीमत अलग से देनी होगी। अगर डीलर के पास व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध है, तो वे कार्ड के आधार पर ही सिलेंडर दे देंगे। सिलेंडर लौटाने पर सिक्योरिटी की रकम वापस हो जाएगी।

स्पाइसजेट और आकासा एयर के विमान भिड़े, दोनों को नुकसान

नई दिल्ली दिल्ली एयरपोर्ट पर गुरुवार को दो विमान की आपस में टक्कर हो गई। इस घटना में एक विमान के दाहिने विंगलेट तो दूसरे विमान के बाएं हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर को नुकसान पहुंचा है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता के अनुसार, विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा ‘16 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर टैक्सींग के दौरान स्पाइसजेट का एक विमान (Boeing 737-700) दूसरे विमान से टकरा गया। इस हादसे में स्पाइसजेट के विमान के दाहिने विंगलेट (पंख) और दूसरी एयरलाइन के विमान के पिछले हिस्से (हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइजर) को नुकसान पहुंचा है। उस विमान को फिलहाल दिल्ली में ही रोक दिया गया है।’ वहीं आकासा एयर के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें विमान से उतार लिया गया। आकासा की फ्लाइट (QP 1406) दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी मगर टक्कर के बाद उसे वापस पार्किंग में खड़ा करना पड़ा। बहरहाल फिलहाल इस पूरे की मामले की जांच की जा रही है। आकासा एयर के प्रवक्ता ने बताया कि 'उनकी फ्लाइट (QP 1406), जो दिल्ली से हैदराबाद जा रही थी, उसे वापस पार्किंग एरिया में वापस लाना पड़ा। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आकासा का विमान अपनी जगह खड़ा था, तभी दूसरी एयरलाइन के विमान ने उसे टक्कर मार दी। सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतार लिया गया और हमारी ग्राउंड टीमें यात्रियों को जल्द से जल्द हैदराबाद पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है।'  

#DELCares अभियान के तहत दिल्ली एयरपोर्ट का ‘Your Terminal Companion’ प्रोजेक्ट शुरू

दिल्ल  दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के सफर को और आसान बनाने के लिए #DELCares अभियान के तहत 'Your Terminal Companion' नाम से एक खास वीडियो सीरीज़ शुरू की है। यह पहल यात्रियों को एयरपोर्ट की हर प्रक्रिया आसान भाषा में समझाएगी। कई बार एयरपोर्ट पर खासकर पहली बार यात्रा करने वाले लोग या अलग भाषा बोलने वाले चेक-इन करने, सिक्योरिटी चेक या बैगेज कहां मिलेगा, ऐसी कई जानकारियों को लेकर उलझन में आ जाते हैं। इसी परेशानी को दूर करने के लिए यह पहल शुरू की गई है। वीडियो सीरीज़ में कुल 24 वीडियो हैं, जो यात्रा के तीन अहम हिस्सों- डिपार्चर, ट्रांजिट और अराइवल को कवर करते हैं। दिल्ली एयरपोर्ट ने 'Your Terminal Companion' नाम से एक वीडियो सीरीज़ की है लॉन्च हर वीडियो में स्टेप-बाय-स्टेप बताया गया है कि एयरपोर्ट पर क्या करना है, जिससे यात्रियों को किसी से पूछने की जरूरत कम पड़े और उनका सफर आसान हो जाए। खास बात यह है कि ये वीडियो 20 अलग-अलग भाषाओं में बनाए गए हैं, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ जर्मन, फ्रेंच, रशियन, कोरियन, डच, अरबी, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं और 5 भारतीय बोलियां भी शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट के सीईओ ने कहा कि यह पहल यात्रियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यात्री सहायता के नए आयाम दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि #DELCares सिर्फ सर्विस तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर उस अनुभव को परिभाषित करता है जिसे हम तैयार करते हैं। 'Your Terminal Companion' के जरिए हम यात्री सहायता को नए तरीके से परिभाषित कर रहे हैं। 2 लाख+ व्यूज़ DIAL के सीईओ विदेह कुमार जयपुरियार ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करती है कि हर यात्री, चाहे उसकी भाषा, पृष्ठभूमि या हवाई यात्रा का अनुभव कुछ भी हो आत्मविश्वास और आसानी के साथ एयरपोर्ट पर अपनी यात्रा पूरी कर सके। ये वीडियो एयरपोर्ट पर लगे QR कोड, वेबसाइट और यूट्यूब चैनल @Delhiairport पर आसानी से देखे जा सकते हैं। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में इन वीडियो को 2 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इससे यात्रियों के कई सवालों का समाधान भी हो रहा है।  

सरिता विहार में बड़ा एक्शन,मुठभेड़ के बाद 6 अपराधी दबोचे गए

दिल्ली साउथ-ईस्ट दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बीती रात पुलिस और बदमाशों के बीच एकनाउंटर हुआ। दोनों ओर से 6 राउंड गोलियां चलीं। हालांकि गोली किसी को नहीं लगी। इसके बाद पुलिस ने 6 बदमाशों को पकड़ा। ये सभी बांग्लादेशी हैं। जो यहां डकैती की वारदात करते थे। खबर लिखे जाने तक आरोपियों से पूछताछ की जा रही थी। पुलिस सूत्र ने बताया कि क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन किडनैपिंग सेल टीम को सूचना मिली थी कि सरिता विहार इलाके में कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम उन्हें पकड़ने पहुंची थी। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। 6 बांग्लादेशी बदमाशों को दबोचा बदमाशों की ओर से कुल तीन राउंड फायर किए गए। आत्मरक्षा और अपराधियों को काबू करने के लिए पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई में तीन राउंड गोलियां चलाईं। गनीमत रही कि इस गोलाबारी में पुलिस टीम का कोई भी सदस्य या आरोपी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी छह बांग्लादेशी बदमाशों को दबोच लिया। बड़ी संभावित वारदात को टली तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से तीन देसी कट्टे, 1 देसी 12 बोर की बंदूक, पांच कारतूस और एक बटनदार चाकू बरामद हुआ। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि ये लोग कब से दिल्ली में रह रहे थे और इनके तार किन-किन वारदातों से जुड़े हैं। साथ ही, इनके अवैध रूप से सीमा पार करने और स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि सफल ऑपरेशन ने इलाके में एक बड़ी संभावित वारदात को टाल दिया है।  

ED ने AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर मारा छापा, राघव चड्ढा की जगह डिप्टी लीडर बने थे मित्तल

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल के गुरुग्राम, जालंधर और पंजाब स्थित 8 से 9 ठिकानों पर छापेमारी की. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई यूनिवर्सिटी के फंड से संबंधित संदिग्ध वित्तीय गड़बड़ियों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में की जा रही है. आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है।  जानकारी के अनुसार, ईडी ने बुधवार सुबह जांच एजेंसी ने सांसद के बेटे के भी कई ठिकानों पर छापेमारी की है, क्योंकि वो भी कई व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हैं. जहां एजेंसी की टीम महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल सबूतों को खंगला रही है।  बताया जा रहा है कि ED की ये कार्रवाई यूनिवर्सिटी में फंड संबंधी कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन और फंड के दुरुपयोग की शिकायतों पर ED जांच कर रही है. ईडी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या किसी निवेश या दान में विदेशी मुद्रा कानूनों का उल्लंघन हुआ है।  ईडी की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टा का कहना है कि अशोक मित्तल को हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपना नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया था. उन्होंने इस पद पर राघव चड्ढा की जगह ली थी. 'AAP' ने छापेमारी को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है. हालांकि, ईडी सूत्रों का कहना है कि ये कार्रवाई पुख्ता इनपुट और वित्तीय अनियमितताओं के सबूतों के आधार पर की गई है। 

210 किमी लंबे एक्सप्रेसवे से बदलेगा सफर, दिल्ली से देहरादून अब ढाई घंटे में

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 210 किलोमीटर इस ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन और जनसभा के चलते रविवार शाम 6 बजे से 14 अप्रैल शाम 4 बजे तक सहारनपुर पुलिस ने ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत दिल्ली-देहरादून ग्रीन फील्ड रूट पर डायवर्जन प्रभावी रहेगा। वाहनों के मार्ग पूरी तरह बदले गए वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए देहरादून आने-जाने वाले वाहनों के मार्ग पूरी तरह बदले गए हैं। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से डायवर्जन प्लान लागू कराने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले डायवर्जन प्लान की जानकारी लेकर ही निकलें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। देहरादून से दिल्ली का रूट प्लान बदला इसी तरह देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और गणेशपुर में सड़क मरम्मत के कारण ट्रैफिक पुलिस ने देहरादून से दिल्ली का रूट प्लान बदल दिया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को 12 अप्रैल से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ऐसे में अगर आप दिल्ली, सहारनपुर या रुड़की की तरफ सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले नया ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें। एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने लोगों से अपील की कि वे यात्रा के लिए निर्धारित डायवर्ट रूटों का ही इस्तेमाल करें। भारी वाहनों को भी इन्हीं वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, ड्रोन उड़ाने पर भी रोक वहीं, पीएम मोदी के आगमन की तैयारियों पर रविवार शाम पुलिस लाइन में एडीजी वी मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने दून पुलिस की ब्रीफिंग की। कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के पूरे इलाके में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खेकड़ा-अक्षरधाम हाईवे पर नहीं चलेंगे बाइक-ऑटो दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड सेक्शन पर अक्षरधाम मंदिर से आगे गीता कॉलोनी से बागपत के खेकड़ा के बीच अब लोग बाइक या दोपहिया वाहनों पर यात्रा नहीं कर पाएंगे। एनएचआई ने इस हिस्से में दोपहिया वाहन चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऑटो, ट्रैक्टर और गैर मोटर चालित वाहनों को भी इस दायरे में लाया गया है। इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 12 हजार करोड़ की लागत से हुआ तैयार गौरतलब है कि 210 किलोमीटर लंबा यह दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस एक्सप्रेसवे में 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी शामिल है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून तक का सफर 5 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के देहरादून समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों को नई कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

दिल्ली दंगा मामला: उमर खालिद ने रिव्यू पिटीशन दाखिल की

नई दिल्ली दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है. उन्होंने खुली अदालत में सुनवाई की मांग की है, जबकि नियमों के मुताबिक रिव्यू पेटीशन पर जज अपने चैंबर में विचार करते हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वो मामले पर विचार करने के बाद ही सुनवाई प्रक्रिया तय करेंगे. दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों में से एक उमर खालिद ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब खालिद ने इस फैसले को चुनौती दे हुए एक पुनर्विचार याचिका दायर की है. उमर खालिद ने अपनी इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से एक स्पेशल अपील की है. उन्होंने मांग की है कि इस पुनर्विचार याचिका पर 'ओपन कोर्ट' में सुनवाई की जाए. नियमों के मुताबिक, पुनर्विचार याचिकाओं पर जज अपने चैंबर में ही विचार करते हैं. लेकिन खालिद चाहते हैं कि उनकी दलीलों को खुली अदालत में सुना जाए. 15 अप्रैल को होगी सुनवाई सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने आज अदालत में उमर खालिद की इस रिव्यू पिटीशन का जिक्र किया. बेंच ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बुधवार, 15 अप्रैल को सुनवाई करने का फैसला लिया है. उमर खालिद के मामले को ओपन कोर्ट में रखने की अपील पर जस्टिस सूर्यकांत कहा कि वो सोचने के बाद इसका फैसला करेंगे. उन्होंने कहा, 'हम इसे देखेंगे और सुनने की प्रक्रिया तय करेंगे.' 5 जनवरी के फैसले को चुनौती बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद को बेल देने से साफ इनकार कर दिया था. खालिद दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में लंबे समय से जेल में बंद हैं. उन पर दिल्ली दंगों की साजिश रचने और UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले निचली अदालतों और हाई कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था. अब 15 अप्रैल की सुनवाई में यह तय होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट अपने पुराने फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए तैयार है या नहीं. इसके साथ ही, इस बात पर भी नजर रहेगी कि अदालत नियमों में ढील देते हुए इस याचिका पर खुली अदालत में सुनवाई करती है या नहीं.

मेडिकल शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की बड़ी पहल, MAMC को मिलेंगे नए हॉस्टल

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में मेडिकल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (MAMC) में दो नए हॉस्टल के निर्माण के लिए दिल्ली सरकार ने 573.41 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत एक हॉस्टल छात्राओं और दूसरा छात्रों के लिए बनाया जाएगा। सीएम रेखा ने की बैठक की अक्ष्यक्षता यह मंजूरी एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) की बैठक में दी गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। सरकार का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य मेडिकल छात्रों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना और बढ़ती संख्या के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना है। छात्रों की दिन प्रतिदिन बढ़ रही संख्या दरअसल, MAMC में पिछले कुछ वर्षों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ी है। पहले जहां हर साल करीब 150 छात्रों का दाखिला होता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 250 तक पहुंच गई है। ऐसे में मौजूदा हॉस्टल सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। कई छात्रों को एक ही कमरे में रहना पड़ रहा है, जबकि कुछ को हॉस्टल मिल ही नहीं पा रहा। मौजूदा हॉस्टल की इमारतें कितनी पुरानीं सरकार के मुताबिक, मौजूदा हॉस्टल इमारतें 1965 से 1982 के बीच बनी थीं, जो अब काफी पुरानी हो चुकी हैं और इनमें सुधार की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए नए हॉस्टल बनाने का फैसला लिया गया है। कितनी लागत आने की उम्मीद योजना के अनुसार, छात्राओं का हॉस्टल साइट-A पर करीब 269.19 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जबकि छात्रों का हॉस्टल साइट-B पर 304.22 करोड़ रुपये में तैयार होगा। दोनों इमारतों में बेसमेंट और सुपर-स्ट्रक्चर की सुविधा होगी। कब तक काम पूरा होने के आसार (डेडलाइन) प्रोजेक्ट की डेडलाइन की बात करें तो इसे कुल 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शुरुआती 6 महीने प्लानिंग और जरूरी मंजूरियों के लिए तय किए गए हैं, जबकि अगले 30 महीनों में निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, सभी प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलने के छह महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

साइबर ठगी रैकेट का खुलासा, बैंक कर्मचारी फर्जी खाते के आरोप में गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली में साइबर ठगी रैकेट से जुड़े मामले में एक निजी बैंक कर्मचारी की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग दिया है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय बैंक कर्मचारी इरशाद मलिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोलकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है. पुलिस ने बताया कि यह मामला अक्टूबर 2023 में द्वारका में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है. शिकायत एक पुलिस अधिकारी ने दर्ज कराई थी, जिसमें उनके बैंक खाते से बिना अनुमति और बिना ओटीपी प्रमाणीकरण के 88 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी की बात सामने आई थी. जांच के दौरान सामने आया कि रकम एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी. आगे की जांच में पता चला कि यह खाता एक निजी फर्म के नाम पर खोला गया था, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज फर्जी थे. दस्तावेजों में जिस व्यक्ति का नाम इस्तेमाल किया गया, उसने बाद में ऐसे किसी खाते की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. फर्जी दस्तावेजों से खोला गया खाता पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच में खाता खोलने वाले फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए. साथ ही यह भी सामने आया कि खाता बिना उचित केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए ही खोल दिया गया था. यह गंभीर लापरवाही और जानबूझकर नियमों की अनदेखी का मामला माना जा रहा है. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इरशाद मलिक की मुलाकात सह-आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी से हुई थी. हरजी ने उसे कमीशन का लालच देकर ऐसे फर्जी खातों को खोलने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के लिए तैयार किया. पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी को न्यू फ़्रेंड्स कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाता खोला और ठगी की रकम को आगे भेजने के बदले कमीशन लिया. पुलिस के अनुसार यह खाता एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में इस्तेमाल हो रहा था, जहां लोगों को सोशल मीडिया समूहों के जरिए नकली निवेश और पार्ट-टाइम नौकरी के झांसे देकर फंसाया जाता था. पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी पुलिस ने बताया कि इस मामले में चार सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

दिल्ली से ऋषिकेश का सफर होगा 3 घंटे में, RRTS विस्तार की तैयारी

नई दिल्ली  दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली नमो भारत ट्रेन जल्दी ही हरिद्वार-ऋषिकेश तक दौड़ती नजर आएगी। उत्तराखंड सरकार ने नमो भारत (RRTS) नेटवर्क को मेरठ से आगे हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। वर्तमान में नमो भारत ट्रेन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्ताव है कि मेरठ के मोदीपुरम से इस रैपिड रेल को राष्ट्रीय राजमार्ग-58 के साथ आगे बढ़ाया जाए, जो हरिद्वार और ऋषिकेश तक पहुंचे। अगर इस ट्रेन का विस्तार होता है तो दिल्ली-एनसीआर से ऋषिकेश तक का सफर ढाई से 3 घंटे में पूरा हो जाएगा। अभी ऋषिकेश पहुंचने में करीब 6 से 7 घंटे का समय लगता है। किन-किन शहरों से गुजरेगी ट्रेन? इस विस्तार में कई प्रमुख स्टेशनों पर विचार किया जा रहा है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। प्रस्तावित रूट पर ये नए स्टेशन शामिल होंगे:     पश्चिमी उत्तर प्रदेश: दौराला, सकौती, खतौली और पुरकाजी।     उत्तराखंड: रुड़की, हरिद्वार (ज्वालापुर) और ऋषिकेश। पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट इस प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच उच्च स्तरीय बैठक हो चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।     यह कॉरिडोर हाईवे पर लगने वाले लंबे जाम का एक विश्वसनीय विकल्प बनेगा। खासकर पीक टूरिस्ट सीजन और कुंभ जैसे धार्मिक आयोजनों के दौरान।     बेहतर कनेक्टिविटी से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड में पर्यटन, रियल एस्टेट और स्थानीय व्यवसायों को जबरदस्त गति मिलेगी।     दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए वीकेंड ट्रिप और तीर्थयात्रा पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगी। अभी क्या है रूट? नमो भारत ट्रेन अभी दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक चलती है। बीच में न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, गाजियाबाद, मुराद नगर, मेरठ साउथ, बेगमपुल आदि प्रमुख स्टेशन आते हैं। सराय काले खां से मोदीपुरम तक की दूरी करीब 82 किमी है। इसे पूरा करने में नमो भारत ट्रेन को करीब 60 मिनट लगते हैं