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वोटर लिस्ट विवाद,सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई TMC की दलील, कहा- नामांकन के आखिरी दिन तक जुड़ सकते हैं नाम

नई दिल्ली टीएमसी का पक्ष रख रहे वकील कल्याण बनर्जी ने एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति ने 30 हजार फॉर्म 6 जमा किए हैं। फॉर्म 6 का प्रयोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने या फिर संसदीय क्षेत्र बदलने की स्थिति में किया जाता है। बेंच ने कहा कि यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही। हमेशा ऐसा होता है। ऐसा हर बार होता है; वोटर लिस्ट वाली TMC की आपत्तियों पर SC की दोटूक, नसीहत भी दी तृणमूल कांग्रेस की ओर से ऐतराज जताया गया था कि भाजपा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में फॉर्म 6 जमा करा रहे हैं। इसके जरिए मतदाताओं के नाम लिस्ट में जुड़वाए जा रहे हैं। उसकी इस दलील पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इसमें कुछ गलत नहीं है और ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। इस तरह ममता बनर्जी की पार्टी को करारा झटका लगा है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने राज्य में SIR के खिलाफ दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। चीफ जस्टिस ने कहा, 'ऐसा हर बार होता है। पहली बार नहीं हो रहा है। आप आपत्तियां दायर कर सकते हैं।' बेंच का कहना था कि यदि आपको किसी का नाम जोड़े जाने से आपत्ति है तो उस पर चुनाव आयोग में रिपोर्ट कर सकते हैं। टीएमसी का पक्ष रख रहे वकील कल्याण बनर्जी ने एक मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ही व्यक्ति ने 30 हजार फॉर्म 6 जमा किए हैं। फॉर्म 6 का प्रयोग वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने या फिर संसदीय क्षेत्र बदलने की स्थिति में किया जाता है। अधिवक्ता ने कहा कि पूरक सूचियां आ चुकी हैं। इसके बाद भी चुनाव आयोग के नए नोटिफिकेशन में फॉर्म 6 स्वीकार करने की बात कही गई है। लेकिन जब वोटर लिस्ट की पूरक सूची आ गई है और प्रक्रिया बढ़ चुकी है तो फिर फॉर्म 6 क्यों मंगाए जा रहे हैं। उनके बंडल तैयार होकर आ रहे हैं। मैं किसी राजनीतिक दल पर इसके लिए आरोप नहीं लगा रहा। हालांकि चीफ जस्टिस ने टीएमसी की इन आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बात करना जल्दबाजी होगा। पहले पूरी प्रक्रिया को समझने की जरूरत है। अदालत ने कहा कि हम इस मामले को बंद नहीं कर रहे हैं, लेकिन समय आने पर देखेंगे। वहीं चुनाव आयोग का पक्ष रखने वाले वकील डीएस नायडू ने कहा कि नियम यह कहता है कि मतदाताओं के नाम उम्मीदवारों के नामांकन के आखिरी दिन तक शामिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई आज ही 18 साल का हुआ है और वह मतदाता के तौर पर नाम जुड़वाना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है। इस पर बनर्जी ने कहा कि नए नाम जिनके शामिल किए जा रहे हैं। उनके बारे में हर बूथ पर सार्वजनिक सूचना जारी होना चाहिए। ऐसा होने पर ही आपत्तियां दायर हो सकेंगी। इस पर जस्टिस बागची ने दखल दिया। उन्होंने कहा कि एक चीज मतदाता सूची में संशोधन है। दूसरी चीज वह वोटर लिस्ट है, जिसके आधार पर चुनाव होना है। चुनाव उसी सूची के आधार पर होते हैं, जो आयोग की ओर से तय तारीख तक अपडेट हो जाती है। इसलिए यदि कोई उसके बाद शामिल भी हुआ तो वह इलेक्शन में मतदान का अधिकार नहीं रखता। इससे पहले शीर्ष अदालत ने कहा था कि बंगाल में SIR की प्रक्रिया को पूर्ण कराने के लिए न्यायिक अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। आज चीफ जस्टिस ने कहा कि सभी आपत्तियों पर 7 अप्रैल तक फैसला लिया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान,नेवी में शामिल हुआ ASW युद्धपोत मालवन, 80% स्वदेशी तकनीक से है लैस

नई दिल्ली भारतीय नौसेना को दूसरा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शिप 'मालवन' सौंप दिया गया है। 80% स्वदेशी तकनीक से बना यह जंगी जहाज दुश्मनों की पनडुब्बियों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है। जानें इसकी ताकत और खासियतें। पनडुब्बियों का काल, पानी में छिपकर करेगा वार! नेवी को मिला समंदर का नया सिकंदर 'मालवन' भारतीय नौसेना की ताकत और तटीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए 31 मार्च, 2026 को 'मालवन' नामक पनडुब्बी रोधी युद्धक शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW SWC) नौसेना को सौंप दिया गया है। यह देश में स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने वाली 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस युद्धपोत का निर्माण कोच्चि स्थित 'कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड' (CSL) द्वारा किया गया है। नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किए जा रहे आठ विशेष युद्धपोतों की श्रृंखला में 'मालवन' दूसरा जहाज है। अधिकारियों के अनुसार, इस जहाज के शामिल होने से भारत की तटीय रक्षा और पानी के भीतर युद्ध (अंडरवाटर वारफेयर) करने की क्षमताओं में भारी वृद्धि होगी। शिवाजी महाराज की विरासत इस युद्धपोत का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवन के नाम पर रखा गया है, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की गौरवशाली समुद्री विरासत से गहराई से जुड़ा हुआ है। यह नाम भारतीय नौसेना के पूर्व जहाज 'आईएनएस मालवन' की विरासत को भी आगे बढ़ाता है, जो एक माइनस्वीपर था और जिसने वर्ष 2003 तक नौसेना में अपनी सेवाएं दी थीं। प्रमुख विशेषताएं और तकनीकी क्षमताएं इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो रक्षा उत्पादन में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) सहित घरेलू उद्योग की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इसकी लंबाई लगभग 80 मीटर है और इसका विस्थापन करीब 1,100 टन है। यह उन्नत 'वाटरजेट प्रोपल्शन' प्रणाली द्वारा संचालित होता है। हथियार और सेंसर यह आधुनिक रडार, सोनार सिस्टम, टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट से लैस है। यह पानी के भीतर छिपे खतरों का सटीक पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है। यह जहाज तटीय जल में पनडुब्बी रोधी अभियानों, अंडरवाटर सर्विलांस (निगरानी), कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन और खदान युद्ध (माइन वारफेयर) मिशनों को अंजाम देने में माहिर है।  मेक इन इंडिया के तहत एक और बड़ा रक्षा सौदा स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ावा देने के इस व्यापक अभियान के बीच, रक्षा मंत्रालय ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम को और गति देते हुए, मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए दो माउंटेन रडार की खरीद हेतु 'भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड' (BEL) के साथ लगभग 1,950 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए हैं।

Delhi Metro Rail Corporation की येलो लाइन ठप, असली वजह आई सामने, डेढ़ घंटे यात्रियों की परेशानी

नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन पर सोमवार सुबह पीक आवर्स के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक ट्रेनों की सर्विस प्रभावित रही। ऐसा इसलिए क्योंकि ट्रैक पर यात्री चलता देखा गया था। मेट्रो की ओर से जानकारी दी गई कि एक यात्री ट्रैक पर पाया गया जिसके चलते एहतियाती तौर पर संचालन बंद करना पड़ा। कुछ समय तक ट्रेनों का संचालन कंट्रोल किया गया ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इस दौरान येलो लाइन पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि येलो लाइन के अलावा मेट्रो की अन्य सभी लाइनों पर सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। डीएमआरसी ने क्या जानकारी दी? दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में कहा, ‘विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर ट्रैक पर एक यात्री के होने के कारण येलो लाइन पर ट्रेन सेवाओं में देरी हुई है।’ कई स्टेशनों पर प्रतीक्षा समय बढ़ गया इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से येलो लाइन पर ट्रेन सेवाओं को नियंत्रित किया गया, जिससे सुबह पीक आवर्स के दौरान इस कॉरिडोर के कई स्टेशनों पर प्रतीक्षा समय बढ़ गया और काफी भीड़ जमा हो गई। 'रुकावट बहुत परेशानी भरी थी' स्टेशन पर प्रतीक्षा करते हुए एक यात्री अमित ने कहा कि 'ऑफिस के समय में इस तरह का रुकावट बहुत परेशानी भरी थी। उन्होंने कहा, ‘यह ऑफिस का समय है और भारी भीड़ है। ट्रेनें आने पर भी उनमें इतनी भीड़ है कि आसानी से चढ़ना मुश्किल है।’ डेढ़ घंटे के बाद येलो लाइन पर सेवाएं बहाल वहीं डीएमआरसी के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे के बाद येलो लाइन पर सामान्य सेवाएं बहाल कर दी गईं। आपको बता दें कि येलो दिल्ली के प्रमुख इलाकों को जोड़ती है ऐसे में यात्रियों ने डीएमआरसी की पोस्ट पर कमेंट कर इस दौरान हुई परेशानी के बारे में बताया।

दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी, ISI के आतंकी मॉड्यूल का खुलासा

नई दिल्ली   दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए उसके हैंडलर शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हाल ही में सामने आए ‘मेट्रो पोस्टर केस’ में पकड़े गए आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन बांग्लादेश में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर संचालित हो रहा था। लोन का सीधा संपर्क लश्कर के शीर्ष आतंकियों हाफिज सईद और जकी-उर-रहमान लखवी से बताया गया है, जबकि मॉड्यूल को ISI से फंडिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट मिल रहा था। भर्ती और ब्रेनवॉश का नेटवर्क जांच में खुलासा हुआ है कि लोन बांग्लादेश से ऑपरेट करते हुए आतंकियों की भर्ती और ब्रेनवॉश करता था। खासतौर पर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथी बनाया जाता था। इसके बाद फर्जी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड तैयार कर उन्हें भारत में अलग-अलग जगहों पर छिपाया जाता था। संचार के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था और दिल्ली समेत कई शहरों में रेकी भी कराई गई थी। पहले भी हो चुका है गिरफ्तार शब्बीर अहमद लोन को वर्ष 2007 में भी दिल्ली पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार (AK-47 और ग्रेनेड) के साथ गिरफ्तार किया था। आर्म्स एक्ट के तहत सजा काटने के बाद वह 2018 तक तिहाड़ जेल में बंद रहा। जमानत पर बाहर आने के बाद वह बांग्लादेश चला गया और वहां से दोबारा आतंकी नेटवर्क को सक्रिय करने लगा। संवेदनशील ठिकाने थे निशाने पर एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल भारत में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था। लाल किले जैसे संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाने की योजना थी। फरवरी 2026 में दिल्ली पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। समय रहते टला बड़ा हमला अधिकारियों के अनुसार, शब्बीर अहमद लोन एक प्रशिक्षित और अनुभवी आतंकी ऑपरेटिव है, जिसने पाकिस्तान स्थित मुजफ्फराबाद के LeT कैंप में ट्रेनिंग ली थी। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लिंक खंगालने में जुटी हैं।

इंडिगो विमान की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग, 160 यात्री थे सवार, एक इंजन में आई खराबी

 नई दिल्ली दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विशाखापत्तनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी की खबर मिली. विमान के इंजन फेल होने की आशंका के चलते रनवे 28 पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी गई थी. हालांकि, पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट प्रशासन की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया और विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई।  आपातकालीन प्रोटोकॉल के बीच, इंडिगो के इस विमान (6E 579) ने सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर आईजीआई एयरपोर्ट के रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की. लैंडिंग के वक्त रनवे पर दमकल की गाड़ियां और एम्बुलेंस तैनात थीं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में टेक्निकल फाल्ट होने की वजह से कॉल हुई थी. सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया था. इंडिगो की तकनीकी टीम अब विमान की सघन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खराबी कितनी गंभीर थी।  सभी यात्री सुरक्षित विशाखापत्तनम से उड़ान भरकर फ्लाइट दिल्ली की ओर आ रही थी। इस दौरान फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे। जब फ्लाइट आसमान में थी, तभी उसके एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। लैंडिंग के बाद सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, यात्री सहमें हुए हैं। इस घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार, 10 बजकर 39 मिनट पर इंडिगो की फ्लाइट नंबर 6E 579 के लिए इमरजेंसी की घोषणा की गई। इस दौरान बताया गया कि फ्लाइट का एक इंजन फेल हो गया था। फ्लाइट का इंजन फेल होने की जानकारी मिलने के बाद उसे इमरजेंसी हालत में दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करवाया गया है। इस फ्लाइट में सवार सभी यात्रा फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित हैं। सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, बोइंग 737 विमान में 160 यात्री सवार थे। उड़ान पर नजर रखने वाली वेबसाइट 'फ्लाइटरडार24 डॉट कॉम' के अनुसार, विमान सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर उतरा। इस मामले की जानकारी देते हुए इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि 28 मार्च की सुबह विशाखापत्तनम से दिल्ली जा रहा था। इस फ्लाइट में तकनीकी खारबी की जानकारी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर पायलट से लैंडिंग के लिए कहा गया। इसके बाद पायलट ने फ्लाइट को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करवाया। प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जानकारी तुरंत अधिकारियों को भी दी गई है। इस मामले की जांच की जा रही है।

Tatkal में बवाल: 3 मिनट में वेटिंग 300 पार, 10 मिनट में नो टिकट—जानें कौन-सी ट्रेनें फुल

 नई दिल्ली एक मिनट के भीतर एसी थर्ड क्लास की 165 सीटें फुल, 3 मिनट में 300 वेटिंग और 10 मिनट में स्लीपर और थर्ड के साथ ही सेकेंड और फर्स्ट क्लास एसी में भी REGRET। बिहार जाने वाली कुछ ट्रेनों में इन दिनों ऐसी ही मारामारी है। वैसे तो आमतौर पर पूर्वी भारत की अधिकतर ट्रेनों में टिकटों की किल्लत सालभर बनी रहती है, लेकिन पर्व-त्योहारों और गर्मी की छुट्टियों में स्थिति विकराल हो जाती है। नई दिल्ली से दरभंगा जाने वाली ट्रेन दो प्रमुख ट्रेनों बिहार संपर्क क्रांति और स्वतंत्रता सेनानी में टिकट बुकिंग यात्रियों के लिए इन दिनों एक बड़ी चुनौती है। यात्रा की तिथि से ठीक 60 दिन पहले जब टिकट की बिक्री शुरू होती है तो टिकट खिड़कियों और लैपटॉप-मोबाइल से टिकट बुकिंग के लिए हजारों लोग इंतजार में होते हैं, लेकिन कंफर्म तो छोड़िए वेटिंग टिकट भी मिल जाए तो लोग खुद को खुशनसीब समझ रहे हैं। ऐसे ही एक यूजर ने बुधवार को जब बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन में 24 मई की टिकट बुक करनी चाही तो जिस अनुभव से गुजरे वह हैरान करने वाला है। उन्होंने बताया, ‘मैंने ठीक 8 बजे टिकट आईआरसीटी की वेबसाइट को लॉग इन किया। तीन यात्रियों का ब्योरा भरते हुए 2 मिनट के भीतर यूपीआई से 4584.95 रुपये पेमेंट भी कर दिया। कुछ समय तक प्रोसेस के बाद 8.03 मिनट पर जब टिकट सामने आया तो वेटिंग संख्या देखकर मैं हैरान रह गया। वेटिंग थी- 291, 292 और 293। 10 मिनट बाद जब स्वतंत्रता सेनानी की स्थिति देखने के लिए दोबारा लॉग इन किया तो दोनों ही ट्रेनों में सभी सीटें फुल हो चुकी थीं। सिर्फ स्वतंत्रता सेनानी में एसी फर्स्ट क्लास में वेटिंग टिकट उपलब्ध था।’ ट्रेन में वेटिंग भी नहीं। टिकट का इंतजाम नहीं, कैंसिलेशन चार्ज का झटका यात्री ने कहा कि वह अगले दिन फिर बुकिंग की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, ‘संभव है कि आप फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट करके केबीसी में हॉट सीट पा जाएं लेकिन इन ट्रेनों में टिकट के लिए सुपरसोनिक स्पीड और किस्मत दोनों का साथ चाहिए। दुखद यह है कि 300 वेटिंग का कंफर्म होना संभव नहीं है और कैंसिल करने चार्ज कटता है। फुल रिफंड के लिए आपको दो महीने का इंतजार करना होगा। हर तरह से यात्री ही परेशान होता है।’ दिल्ली-पटना की ट्रेनों का क्या हाल दिल्ली से पटना जाने वाली अधिकतर ट्रेनों में भी सीटें फुल हो चुकी हैं। गनीमत है कि पटना के लिए ट्रेनों में वेटिंग टिकट उपलब्ध है। लेकिन 60 दिन पहले ही वेटिंग इतनी लंबी हो चुकी है कि कंफर्म होना मुश्किल है। दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए डिमांड में रहने वाली ट्रेन संपूर्ण क्रांति में स्लीपर में खबर लिखे जाने तक 123 वेटिंग है। एसी-3 इकॉनमी में REGRET हो चुका है। एसी-3 में 75, एसी-2 में 20 और एसी-1 में एक वेटिंग है। विक्रमशिला में स्लीपर और एसी-3 इकॉनमी में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं। एसी-3 में 95 और एसी-2 में 33 वेटिंग है। पटना राजधानी में एसी थर्ड में आरएसी की कुछ सीटें हैं तो सेकेंड एसी में कुछ ही सीटें खाली हैं।

वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर अक्षरधाम! 26 मार्च को अनोखी ‘वन-लेग’ प्रतिमा का भव्य उद्घाटन

दिल्ली दिल्ली का स्वामि‍नारायण अक्षरधाम 26 मार्च को एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का नया केंद्र बनेगा। वैश्विक आध्यात्मिक संस्था BAPS के वर्तमान प्रमुख महंतस्वामी महाराज के सान्निध्य में भगवान स्वामिनारायण (तपोमूर्ति श्रीनीलकंठवर्णी) की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। विश्व की पहली 'एक चरण' पर टिकी 108 फीट की प्रतिमा पंचधातु (मुख्य रूप से कांस्य) से निर्मित यह प्रतिमा कला और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी प्रतिमा 'एक पैर' पर खड़ी है, जो भगवान नीलकंठवर्णी की कठिन तपस्या का प्रतीक है।  ऊंचाई: 108 फीट (8 फीट ऊंचे बेस पर स्थापित)। निर्माण: अक्षरधाम के शिल्पी संतों और करीब 50 कुशल कारीगरों ने एक वर्ष के कड़े पुरुषार्थ से इसे तैयार किया है। महत्व: यह प्रतिमा मुक्तिनाथ (नेपाल) में भगवान द्वारा की गई चार महीने की उस कठोर तपस्या को जीवंत करती है, जो उन्होंने लोक-कल्याण के लिए की थी। महंतस्वामी महाराज का दिल्ली आगमन और उत्सव की धूम ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज 19 मार्च को दिल्ली पधारे, जिसके बाद से ही अक्षरधाम में उत्सव का माहौल है। 21 मार्च: भव्य स्वागत सभा का आयोजन किया गया। 22 मार्च: पंचकुला और कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित मंदिरों की मूर्ति प्रतिष्ठा के साथ संतों-भक्तों ने 'फूलों की होली' का आनंद लिया। 23 मार्च: आगामी सितंबर में पेरिस (फ्रांस) में स्थापित होने वाली प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया। नीलकंठवर्णी: 11 वर्ष की आयु में 12,000 KM की पदयात्रा भगवान स्वामिनारायण ने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में गृह त्याग कर 'नीलकंठवर्णी' के रूप में संपूर्ण भारत की यात्रा की थी। हिमालय से रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी से द्वारका तक, उन्होंने 7 वर्षों में 12,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा कर तप, त्याग और करुणा का संदेश फैलाया। यह तपोमूर्ति उन्हीं वैश्विक मूल्यों (मैत्री, सुहृद्भाव और मानव सेवा) को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। विश्व शांति महायज्ञ और लोकार्पण का समय महोत्सव का शुभारंभ 25 मार्च की सुबह ‘श्रीनीलकंठवर्णी विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुआ। इस वैदिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए अमेरिका, यूके, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर से 300 से अधिक संत दिल्ली पहुंचे हैं। महंतस्वामी महाराज ने आकाश में श्वेत कबूतर उड़ाकर विश्व शांति और युद्धों की समाप्ति की प्रार्थना की।  

हरीश राणा का निधन: पिता का वो दिल छूने वाला आखिरी मैसेज, जिसने आंखों में आंसू ला दिए

  गाजियाबाद कभी जिंदगी से भरे सपनों के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने निकले हरीश राणा की सांसें मंगलवार को गहरे सन्नाटे में बदल गई. 13 साल तक कोमा में रहने के बाद हरीश ने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया. आज सुबह उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. उनके जाने की खबर पिता अशोक राणा ने जैसे सोसाइटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में जैसे ही दी लोगों की आंखें भर आईं. उन्होंने लिखा- सुबह 9 बजे पार्थिव शरीर (हरीश राणा जी) का अंतिम संस्कार ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा… ॐ शांति ॐ…  उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के राजनगर एक्शटेंशन निवासी हरीश राणा का 13 सालों का इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे 32 वर्षीय युवक ने मंगलवार शाम दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली। सुप्रीम कोर्ट की ओर से 11 मार्च को इच्छामृत्यु की अनुमति दिए जाने के बाद हरीश को एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां पर दर्दरहित मृत्यु की प्रक्रिया को पूरा कराया गया। जीवनरक्षक उपकरणों को हटाए जाने के बाद उन्होंने आखिरी सांस ली। बुधवार सुबह दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित श्मशान घाट में हरीश राणा का पार्थिव शरीर पहुंचा। हिंदू रीति रिवाज और ब्रह्माकुमारी के रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हुई है। राज एम्पायर सोसायटी में रहते थे हरीश हरीश राणा गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एम्पायर सोसाइटी में रहने थे। हरीश राणा की मंगलवार को एम्स में इच्छामृत्यु के बाद सोसायटी में गमगीन माहौल रहा। सोसायटी में रहने वाले लोगों को जैसे ही हरीश की मृत्यु की सूचना मिली, सभी भावुक हो गए। सोसायटी के लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई। सोसायटी के वॉट्सऐप ग्रुप में सुबह 9 बजे अंतिम संस्कार की सूचना में बाद मंगलवार की शाम ही लोगों ने तैयारियां कीं। हरीश के अंतिम संस्कार में सोसायटी से बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। हिमाचल के रहने वाले थे हरीश हरीश राणा का परिवार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश का रहने वाला है। हरीश राणा के पिता अशोक राणा मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के प्लेटा गांव के रहने वाले हैं। अशोक राणा वर्ष 1989 में दिल्ली आए। वह मुंबई के एक नामी होटल में शेफ का काम किया। 2013 में बेटे हरीश के साथ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दुर्घटना के बाद उन्होंने दिल्ली आकर परिवार की जिम्मेदारी संभाली। चंडीगढ़ में हादसे के बाद से हरीश कोमा में चले गए। वेजिटेटिव स्टेट में गए हरीश के इलाज की काफी कोशिश की गई, लेकिन वे ठीक नहीं हुए। हरीश के इलाज में अशोक राणा ने दिल्ली वाला घर बेच दिया। राज एम्पायर सोसायटी में आकर रहने लगे। घर चलाने के लिए अशोक राणा ने आसपास के इलाकों में सैंडविच बनाकर बेचना शुरू किया। 11 को आया फैसला 13 सालों के अथक इंतजार के बाद भी हरीश के ठीक नहीं होने पर अशोक राणा ने सुप्रीम कोर्ट में बेटे के लिए इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को हरीश को इच्छा मृत्यु की अनुमति दी। 14 मार्च को एम्स में इच्छा मृत्यु की आगे की प्रक्रिया के लिए भर्ती कराया गया था। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया हुई। मंगलवार दोपहर को कोमा में चल रहे हरीश राणा ने अंतिम सांस ली।

दिल्ली में बड़ी वारदात: सीलमपुर में व्यापारी से 1.5 करोड़ का सोना लूटा, आरोपी फरार

नई दिल्ली दिल्ली के सीलमपुर इलाके में सोमवार रात को बदमाशों ने चांदनी चौक के एक स्वर्ण व्यवसायी और उनके पिता से करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सोना और उनकी स्कूटी लूट ली। यह वारदात पुलिस उपायुक्त कार्यालय के पास हुई जहां पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनकी स्कूटी को टक्कर मारकर विवाद शुरू किया और फिर स्कॉर्पियो सवार साथियों के साथ मिलकर लूटपाट की। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश में जुटी है। डेढ़ करोड़ से ज्यादा का सोना और स्कूटी लूटी एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त कार्यालय और सीलमपुर पुलिस बूथ के पास सोमवार देर रात कार सवार बदमाशों ने एक कारोबारी से डेढ़ करोड़ से ज्यादा का सोना व स्कूटी लूट ली। वारदात के बाद आरोपी आराम से मौके से फरार हो गए। भोपुरा बॉर्डर के पास खड़ी मिली स्कॉर्पियो कार वारदात के कुछ ही देर बाद पुलिस को वारदात में शामिल एक स्कॉर्पियो कार भोपुरा बॉर्डर के पास खड़ी मिली, लेकिन कार सवार बदमाश फरार थे। पुलिस ने पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज व स्कॉर्पियो कार की मद्द से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। पीड़ित का गोल्ड का कारोबार पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि पीड़ित कारोबारी 24 वर्षीय प्रथम बंसल अपने परिवार के साथ राम नगर, शाहदरा में रहता है। वह अपने पिता अनेश बंसल के साथ चांदनी चौक के कूचा महाजनी इलाके में सोने का कारोबार करते हैं। स्कूटी को पीछे से मारी टक्कर पुलिस को दिए बयान में प्रथम बंसल ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे वह अपने पिता अनेश बंसल के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे वेलकम मेट्रो स्टेशन के पास पहुंचे, तभी स्कूटी पर सवार दो युवकों ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। सोने की चेन, सोने की छड़ और स्कूटी लूटी टक्कर मारने के बाद आरोपी उनसे बहस करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एक स्कॉर्पियो कार में सवार दो अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे और पहले से मौजूद हमलावरों के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया। इसके बाद चारों बदमाशों ने मिलकर उनसे सोने की चेन, सोने की छड़ और उनकी स्कूटी छीन ली और मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और इलाके में नाकाबंदी कर दी गई। जांच के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो कार भोपुरा सीमा के पास लावारिस हालत में मिली। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वारदात को सोच समझकर अंजाम दिया गया है। आरोपियों ने पहले से पीड़ित की रेकी की हो सकती है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए गठित की गई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की छानबीन कर रही है।

Delhi Budget Highlights: फ्री बिजली पर बड़ा ऐलान, जानिए किन योजनाओं की हुई बरसात

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अपना दूसरा बजट पेश करते हुए कई बड़े ऐलान किए। लगातार दूसरे साल एक लाख करोड़ से अधिक का बजट अनुमान पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने मुफ्त बिजली को लेकर भी दिल्लीवासियों को बड़ी राहत की खबर दी। रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने मुफ्त बिजली योजना को पहले की तरह जारी रखने का फैसला किया है। इसके अलावा दिल्ली में बेटियों को मुफ्त साइकिल तो मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने का महत्वपूर्ण ऐलान भी किया गया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि 'ट्रिपल इंजन' सरकार के साथ राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से प्रगति हो रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार का 1,03,700 करोड़ रुपये का बजट पेश किया।। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए 21 प्रतिशत आवंटन होगा और इसलिए बजट को 'ग्रीन बजट' का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, यमुना सफाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण ऐलान किए। मुफ्त बिजली की स्कीम जारी रहेगी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि उनकी सरकार आगामी वित्त वर्ष में भी मुफ्त बिजली की स्कीम को जारी रखेगी। दिल्ली को 24 घंटे मुफ्त बिजली सुनिश्चित करने के लिए 3942 करोड़ का बजट रखा गया है। महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा मुख्यमंत्री ने कहा कि 450 करोड़ करोड़ मुफ्त बस यात्रा के लिए रखे हैं। लेकिन भ्रष्टाचार के लिए एक रुपया नहीं रखा है। इसलिए पिंक कार्ड बनवाए हैं। जितनी बहनें यात्रा करेंगी उनके बदले ही पैसा दिया जाएगा। इसलिए पिंक सहेली कार्ड बनवाए हैं। इनमें सिर्फ महिलाएं नहीं बल्कि ट्रांसजेंडर वर्ग को भी मुफ्त यात्रा का सौगात दिया गया है। महिला समृद्धि योजना के लिए कितना पैसा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए भरोसा दिलाया कि दिल्ली में जल्द ही महिला समृद्धि योजना के तहत पैसा मिलने की शुरुआत हो जाएगी। महिला समृद्धि योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2500 रुपये देने के लिए 5100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि इस योजना में लाभार्थी तय करने के लिए कमेटी बनाई गई है। उस पर काम हो रहा है। जल्द सरकार पोर्टल खोलेगी जिसमे बहनें आवेदन कर सकेंगी। मुफ्त खाना और सिलेंडर दिल्ली की सीएम ने कहा कि झुग्गी बस्तियों के लिए और अटल कैंटीन के लिए 634 करोड़ का फंड रखा गया है। मुफ्त सिलेंडर के लिए 260 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सीएम ने कहा कि होली में मुफ्त सिलेंडर का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा गया है और दिवाली में भी ऐसा किया जाएगा। शिक्षा के लिए बड़ा बजट, साइकिल से लैपटॉप तक दिल्ली सरकार ने शिक्षा के लिए 19 हजार करोड़ का बजट रखा है। स्कूलों के विस्तार और निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाली एक लाख से ज्यादा बेटियों को मुफ्त साइकिल तो 10वीं क्लास के मेधावी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने का ऐलान भी किया गया है। ड्रेनेज के लिए बड़ी रकम मुख्यमंत्री ने कहा कि नया ड्रेनेज मास्टर प्लान तैयार किया। कई ड्रेनेज को मंजूरी दी गई ताकि जलभराव को खत्म किया जा सके। इसके लिए 610 करोड़ का फंड बाढ़ नियंत्रण एवं सिंचाई विभाग को दिया गया है। बस और मेट्रो के लिए क्या सीएम ने कहा कि परिवहन के लिए 8374 करोड़ का बजट रखा गया है। हर महीने बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। दिल्ली में अगले वर्ष मार्च तक 5800 इलेक्टिक बेस होंगी और कुल बसों की संख्या 7500 हो जाएंगी। मेट्रो के लिए 2885 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया है। नमो ट्रेन के लिए 568 करोड़ का बजट रखा है। स्वास्थ्य के लिए बजट में कितना पैसा, आरोग्य मंदिर पर बड़ा ऐलान रेखा गुप्ता ने कहा कि उपचार अधिकार है, उपकार नहीं। इसलिए उनकी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को 12,645 करोड़ का बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले एक साल में दिल्ली में 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले हैं। इस साल 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जाएंगे। ग्रीन बजट दिया गया नाम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के इस बजट को ग्रीन बजट के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा, 'हर योजना को हमने ग्रीन लेंस से देखा है। इस बजट की हर नीति में पर्यावरण और हर योजना में प्रकृति और हर निर्णय में भविष्य की पीढ़ियों की चिंता समाहित है। इसलिए हमने पूरे बजट का 21 फीसदी हिस्सा ग्रीन बजट के लिए आवंटित किया है।'