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23 सितंबर से कोडरमा में सांसद खेल महोत्सव, विविध खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन

कोडरमा झारखंड के कोडरमा लोकसभा क्षेत्र में 23 सितंबर से सांसद खेल महोत्सव की भव्य शुरुआत होगी, जो 25 दिसंबर तक चलेगा। सांसद खेल महोत्सव के तहत आठ प्रकार के विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय और ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। आज इस महोत्सव का पोस्टर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों के साथ मिलकर जारी किया। सांसद खेल महोत्सव के दौरान कई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 23 सितंबर से 25 अक्टूबर तक फुटबॉल टूर्नामेंट संपन्न होगा। इसके बाद 6 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक खो-खो, लगोरी और कबड्डी प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसी के साथ 1 से 4 नवंबर तक बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं, 6 से 10 नवंबर वॉलीबॉल, 9 नवंबर को टेबल टेनिस, तथा 10 से 15 नवंबर तक शतरंज और एथलेटिक्स में प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। यह आयोजन स्थानीय खेल प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर देगा। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सांसद खेल महोत्सव की शुरुआत 2014 में हुई थी। इसका उद्देश्य खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत स्थानीय खेलों और खिलाड़यिों को मजबूत बनाना है। इस महोत्सव के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। हर साल सभी संसदीय क्षेत्रों में इसी तरह के आयोजन बड़े पैमाने पर होते हैं।

तेजस्वी ने क्यों चुनी राहुल से अलग राह? कांग्रेस बहिष्कार के बाद महागठबंधन पर मंडराया संकट

पटना  क्या बिहार महागठबंधन में सब कुछ ठीक है? यह सवाल तब से खड़ा होना शुरू हुआ है जब से तेजस्वी यादव ने अपनी अलग ‘बिहार अधिकार यात्रा’ निकालने की घोषणा की है. अब तक महागठबंधन के प्रमुख दल राजद और कांग्रेस के बीच की खटपट साफ तौर पर सियासी सतह पर दिखाई देने लगी है. हाल में ही इसकी एक बानगी बिहार के औरंगाबाद में तब दिखी जब कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम के आमंत्रण के बावजूद राजद का कोई भी नेता वहां नहीं पहुंचा. जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद के कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र में बीते 13 दिसंबर को एक सम्मेलन बुलाया गया था. कांग्रेस अध्यक्ष के बुलाए गए इस सम्मेलन में राजद नेताओं के नहीं आने से कांग्रेस के अंदर इसको लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है. खास बात यह है कि अब इसी विवाह भवन में आरजेडी सम्मेलन अपना सम्मेलन कर रहा है. सवाल यह है कि क्या कांग्रेस और राजद के भीतर तल्खी इतनी बढ़ गई हैं कि दोनों दलों के बीच की दरारें साफ-साफ नजर आने लगी हैं! कांग्रेस का आमंत्रण और राजद का बहिष्कार दरअसल, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के आयोजित सम्मेलन में राजद के नेताओं के नहीं पहुंचने की खबर ने गठबंधन के उठापटक को और हवा दी है. बता दें कि राजद के नेता तेजस्वी यादव 16 सितंबर से अपनी अलग राजनीतिक यात्रा निकाल रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह स्थिति कांग्रेस के तेवरों को भांपते हुए गठबंधन में राजद के अलगाव की स्थिति की ओर इशारा कर रही है. तेजस्वी यादव के अलग कार्यक्रम और इससे पहले औरंगाबाद में कांग्रेस के कार्यक्रम का राजद नेताओं के बायकाट के साथ ही राजद की ‘एकला चलो’ वाली सक्रियता यह संकेत दे रही है कि महागठबंधन में कुछ तो गड़बड़ है. बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव को महागठबंधन का सीएम फेस घोषित नहीं किये जाने से आरजेडी असंतुष्ट है. जानकारों की नजर में कांग्रेस-आरजेडी की इस तल्खी से महागठबंधन में समन्वय बिगड़ रहा है और सहयोगी दलों के बीच दूरियां बढ़ रही हैं. तेजस्वी की बिहार यात्रा का रोडमैप तेजस्वी यादव की मंगलवार से शुरू हो रही 'बिहार अधिकार यात्रा' का आगाज़ जहानाबाद से होगा. इसके बाद तेजस्वी नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर के रास्ते वैशाली तक का सफर तय करेंगे. इस तरह तेजस्वी यादव अपनी यात्रा के दौरान नीतीश कुमार के गढ़ नालंदा जिले से होकर गुजरेंगे तो गिरिराज सिंह के गढ़ बेगूसराय और पप्पू यादव के मधेपुरा और सुपौल की यात्रा भी करेंगे. बिहार के जिन जिलों से होकर तेजस्वी यादव गुजरेंगे, वो इलाका बीजेपी और जेडीयू का मजबूत गढ़ माना जाता है. इस तरह से एक बात साफ है कि तेजस्वी 'बिहार अधिकार यात्रा' के जरिए अपने कमज़ोर माने जाने वाले गढ़ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर आरजेडी के पक्ष में सियासी माहौल बनाने की कवायद करेंगे. तेजस्वी को क्यों निकालनी पड़ रही यात्रा? राहुल गांधी की यात्रा समाप्त हुए अभी 15 दिन ही गुज़रे हैं कि तेजस्वी यादव अकेले बिहार यात्रा पर निकलने जा रहे हैं. राहुल गांधी के साथ तेजस्वी ने वोटर अधिकार यात्रा के जरिए 1300 किलोमीटर का सफर तय किया है और अब तेजस्वी अकेले दस जिलों की यात्रा पर निकल रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो राहुल गांधी ने अपनी वोटर अधिकार यात्रा से बिहार कांग्रेस में एक नई जान फूँक दी है. राहुल गांधी के साथ यात्रा के दौरान तेजस्वी यादव को भी प्रमुखता मिली, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी जनता का ध्यान अपनी तरफ खींचा. राहुल की यात्रा का सियासी लाभ आरजेडी को कम, कांग्रेस को ज़्यादा मिला है. यात्रा से कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं और सीट शेयरिंग से लेकर मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर अपनी मर्ज़ी की बात रख रही है. कांग्रेस यह बताने में जुट गई है कि वो आरजेडी के बैसाखी के सहारे नहीं, बल्कि उसका अपना जनाधार और राजनीतिक कद है. राहुल गांधी ने अपने भाषणों से जनता को यह संदेश दिया कि कांग्रेस बिहार के मुद्दों को लेकर गंभीर है. तेजस्वी यादव अकेले यात्रा निकालकर आरजेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने की रणनीति अपनाए हैं. यही वजह है कि आरजेडी की तरफ से तेजस्वी के यात्रा का संदेश सिर्फ पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भेजा गया है. ऐसे में माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव अपनी खुद की यात्रा से यह साबित करना चाहते हैं कि वह महागठबंधन के निर्विवाद नेता हैं और मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में जनता की पहली पसंद हैं. तेजस्वी जनता से सीधे जुड़ने का प्लान तेजस्वी यादव अपनी यात्रा के जरिए एक तरफ जहां अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जनता से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं. आरजेडी नेता संजय यादव कहते हैं कि राहुल गांधी के साथ जो यात्रा थी, वो एसआईआर के मुद्दे पर रही है. वह वोटर अधिकार यात्रा थी और अब तेजस्वी बिहार के अधिकार के लिए यात्रा पर निकल रहे हैं. संजय कहते हैं कि तेजस्वी यादव अपनी यात्रा के दौरान किसान, नौजवान, महिलाएं, बुजुर्ग और रोज़गार के मुद्दे को उठाएंगे और लोगों के साथ संवाद करेंगे. चुनाव के दौरान हर पार्टी अपने लिहाज़ से रणनीति बनाती है, उसी तरह आरजेडी ने अपनी रणनीति बनाई है. तेजस्वी की लोकप्रियता बिहार में सबसे ज़्यादा है और वे प्रदेश के सभी क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं. वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी का यह कदम सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है. तेजस्वी अपने पिता आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की तरह जनता से सीधे तौर पर संवाद और उनसे जुड़ना चाहते हैं. लालू यादव भी हमेशा यात्राओं और रैलियों के जरिए लोगों से सीधे संवाद करते थे. तेजस्वी की यह यात्रा लालू की उस विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है. आरजेडी ने तेजस्वी की यात्रा को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है. पार्टी ने सभी जिलाध्यक्षों और विधायकों को साफ निर्देश दिया है कि वे तैयारी में कोई कसर न छोड़ें. यात्रा जिन-जिन विधानसभा क्षेत्रों से गुज़रेगी, वहाँ पर भीड़ जुटाएँ ताकि तेजस्वी यादव जनता से सीधे संवाद कर सकें. खास बात यह होगी कि … Read more

सुप्रिया भट्टाचार्य ने देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संस्थाओं की दिशा पर गंभीर चिंता जताई

रांची झारखंड मुक्ति मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रिया भट्टाचार्य ने हिंदी दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हिंदी हम सभी का गौरव है और देश की एकता और अस्मिता का प्रतीक है। भट्टाचार्य ने झामुमो कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोकतंत्र में सबकी समान भागीदारी जरूरी है, लेकिन देश में पिछले 11 वर्षों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संस्थाओं की दिशा चिंताजनक हो गई है। भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे को लेकर उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मणिपुर, जो पिछले दो वर्षों में पूर्वोत्तर का सबसे अशांत राज्य रहा है, वहां की स्थिति बेहद भयावह है। लगभग 960 लोग जातीय संघर्ष में मारे गए, हजारों लोग घायल हुए और 10,000 से अधिक घर जल गए। भट्टाचार्य ने मणिपुर में कुकी और मैतई ट्राइबल समुदायों के बीच हुए एथनिक क्लैश को देश में सबसे बड़ा जातीय हिंसा करार दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस हिंसा के पीछे बीजेपी की संप्रदायिक और राजनीतिक नीतियों की भूमिका स्पष्ट है। भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मोदी को दिल्ली से इंफाल तक जाने में 870 दिन का इतना लंबा समय लग गया, जबकि इस बीच उन्होंने 44 देशों की यात्रा करके लगभग 1,70,000 किलोमीटर की दूरी तय कर ली। इस संदर्भ में उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों भारत के प्रधानमंत्री को मणिपुर जैसी संवेदनशील जगह पर इतनी देरी से जाना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर की 30 लाख की आबादी में 50,000 से अधिक लोग डिटेंशन सेंटर में बंद हैं और 10,000 से अधिक घर जल चुके हैं, लेकिन मोदी जी ने वहां जाकर केवल 7,000 पक्के घर बनाने की घोषणा की। उनका कहना था कि यह दौरा चुनावी उद्देश्य से किया गया था क्योंकि मणिपुर में आगामी चुनाव होने वाले थे। भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि मणिपुर की पूर्व मुख्यमंत्री को 2024 में इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन केंद्र की सरकार ने यहां की वास्तविक समस्याओं पर कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में बीजेपी की सरकार‘बांटने की राजनीति'कर रही है, जहां धर्म, जाति और लिंग के आधार पर विभाजन किया जा रहा है। इस राजनीतिक रणनीति से देश का समरसता भंग हो रही है और लोकतंत्र कमजोर पड़ रहा है। भट्टाचार्य ने झारखंड की बात करते हुए कहा कि झारखंड में कई आदिवासी समुदायों पर भी ऐसे दबाव बनाए जा रहे हैं और बार-बार एथनिक क्लैश कराने की कोशिश होती है, लेकिन झारखंड में ऐसा नहीं होने देंगे। वहीं उन्होंने कहा कि झारखंड हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सामुदायिक एकता और न्याय के साथ आगे बढ़ रहा है। भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार से मणिपुर की स्थिति को समझते हुए वहां तुरंत शांति स्थापित करने और वहां के लोगों को संरक्षण देने की मांग की। केवल चुनावी शोज़बाजी से कोई समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थायी शांति और विकास के लिए वास्तविक कदम उठाने होंगे ताकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में लोकतंत्र मजबूत हो सके।

रांची में तेज बारिश और बिजली गिरने से हादसा, 2 की मौत

रांची झारखंड के रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड क्षेत्र के हेसलपीरी गांव में रविवार शाम वज्रपात से दो लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 52 वर्षीय बालगोविंद महतो, पिता समल महतो और 60 वर्षीय उदयनाथ महतो, पिता रामलाल महतो के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों शाम लगभग 5 बजे मवेशी चराकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक बिगड़ा और तेज बारिश के बीच आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आकर दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।         ग्रामीणों ने कहा कि वज्रपात की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को त्वरित मुआवजा और सहयोग दिलाने की मांग की है। इधर, हादसे के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

बेगूसराय में उड़ान की तैयारी! एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी पर सरकार की खास योजना

बेगूसराय बिहार के बेगूसराय में जल्द ही लोगों को एयरपोर्ट की सौगात मिलने वाली है. इस एयरपोर्ट पर सेवाएं शुरू होने के बाद व्यावसायिक उड़ान सेवा का लाभ मिल सकेगा. इसके साथ ही जिले का जुड़ाव हल्दिया रक्सौल एक्सप्रेसवे से भी होगा. यह बातें बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कही. इससे लोगों को बड़ी सहूलियत मिलने वाली है. बिहार सरकार की तरफ से इसे लेकर खास प्लानिंग की गई है. डिप्टी सीएम ने रखी अपनी बात बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इसे लेकर एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखी. सम्राट चौधरी ने कहा कि श्रेष्ठ भारत के लिए समृद्ध बिहार बनना जरूरी है. एनडीए की सरकार एक बार फिर से बिहार में बनानी पड़ेगी. मोदी जी ने अर्थव्यवस्था के विकास के लिए स्वदेशी अभियान पर जोर दिया है. एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा बेगूसराय सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भी जमकर तारीफ की और कहा कि सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी के नेतृत्व में लगातार विकास हो रहा. ऐसे में बदलते बिहार में अब हल्दिया रक्सौल एक्सप्रेसवे से बेगूसराय भी जुड़ेगा. हालांकि, इस दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने विपक्ष पर तंज भी कसा. बेगूसराय से कोलकाता की दूरी घटी दरअसल, हल्दिया रक्सौल एक्सप्रेसवे के बनने से सिर्फ 5 से 6 घंटे में ही बेगूसराय से कोलकाता की दूरी तय की जा सकेगी. इसके निर्माण के लिए 950 एकड़ में जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा. इसके अलावा जिले में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा. इन योजनाओं के जरिये जिले में अर्थव्यवस्था के साथ-साथ रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा. उलाव हवाई पट्टी पर हुई थी लैंडिंग दूसरी तरफ बेगूसराय के उलाव हवाई पट्टी पर सालों बाद किसी विमान की सफलतापूर्वक लैंडिंग हुई थी. जिला प्रशासन ने 8 यात्रियों वाले एवर डेलिवर लॉजिस्टिक्स के एयरक्राफ्ट को लैंडिंग की अनुमति दी थी. हालांकि, जिले में अब ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की बात कही गई है. ऐसे में देखना होगा कि जिले में एयरपोर्ट को लेकर सरकार अंतिम फैसला क्या कुछ लेती है.  

माया रानी का ऐलान: बिहार की इस सीट पर लड़ेंगी चुनाव, राजनीति में नया मोड़

पश्चिमी चंपारण पश्चिमी चंपारण जिले की एक चर्चित किन्नर प्रतिनिधि माया रानी ने रविवार को ऐलान किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में नरकटियागंज से मैदान में उतरेंगी। माया रानी ने कहा कि अब समय आ गया है कि केवल समाज सेवा ही नहीं, बल्कि समाज के वास्तविक प्रतिनिधित्व के लिए भी कदम उठाना जरूरी है।   आज भी किन्नर समाज में उपेक्षित हैं… माया ने कहा कि किन्नर समाज को हमेशा समाज दूसरा दर्जे का समझा जाता है, लेकिन वास्तव में यह समाज हर मुश्किल वक्त के समय देश और समाज की सेवा करता है। उन्होंने कहा कि हम घरो में जा कर खुशिया बांटते हैं और किसी का बुरा नही सोचते। चाहे कोरोना महामारी हो, बाढ़ हो, सुखाड़ हो, गरीब बहनों की शादी हो या बच्चों की पढ़ाई- हर संकट में हमारी सहभागिता रही, लेकिन आज भी किन्नर समाज में उपेक्षित हैं। किन्नर माया ने कहा कि समाज में उपेक्षित माने जाने वाले किन्नर समाज के एक व्यक्ति ने अब राजनीतिक क्षेत्र में अपनी भागीदारी को मजबूत करने की ठानी है। माया ने चुनाव लड़ने की घोषणा स्थानीय नागरिकों, किन्नर समाज के प्रतिनिधियों, और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में की और कहा कि कोई सांसद, विधायक, सभापति, पार्षद कभी हमारे दुख-दर्द को समझने नहीं आया। इसलिए अब हम खुद चुनाव लड़ेंगे, ताकि समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाई जा सके।  

तेजस्वी यादव ने एशिया कप मैच को लेकर भाजपा को घेरा, कहा- ‘भाजपा का असली साथी पाकिस्तान’

पटना  राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव  ने रविवार को दुबई में खेले गए एशिया कप मैच को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा का असली पार्टनर पाकिस्तान है। पाकिस्तान भाजपा का सहयोगी तेजस्वी यादव ने यह टिप्पणी तब की जब पत्रकारों ने से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के बहिष्कार की मांग पर सवाल किया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि यह सवाल तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा जाना चाहिए, जिन्होंने कभी अपनी रगों में सिंदूर बहने का दावा किया था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भाजपा का सहयोगी है, जो पहले सैन्य संघर्ष और सिंधु जल संधि को टालना पसंद करता है और बाद में युद्धविराम की घोषणा करता है। अब वही भाजपा अपनी सुविधा के अनुसार क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हो गई है। गौरतलब है कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली राजग सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले के एक दिन बाद पाकिस्तान के साथ 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। इस हमले में 20 से अधिक लोगों की जान गई थी।  

झारखंड में नक्सलियों पर बड़ी कार्रवाई, हजारीबाग एनकाउंटर में तीन ढेर, एक पर था 1 करोड़ का इनाम

बरकट्ठा  झारखंड में चल रहे नक्सल अभियान के तहत हजारीबाग जिला अंतर्गत बरकट्ठा के गोरहर पांतितीरी गांव में आज सोमवार की सुबह पुलिस को बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई है. हजारीबाग पुलिस और कोबरा बटालियन के संयुक्त अभियान में 1 करोड़ के इनामी सहित तीन नक्सली ढेर हो गये हैं. भाकपा माओवादी सेंट्रल कमेटी सदस्य 1 करोड़ का इनामी सहदेव महतो उर्फ प्रवेश, सैक सदस्य 25 लाख का इनामी रघुनाथ हेंब्रम उर्फ चंचल और 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर बिरसेन गंझू एनकाउंटर में मारे गये. पुलिस मुख्यालय सूत्रों के द्वारा तीनों नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि की गयी है. बरही कोबरा के तीन जवान घायल इस अभियान में बरही कोबरा के तीन जवानों के घायल होने की खबर है. बरकट्ठा के गोरहर थाना क्षेत्र में यह मुठभेड़ हुई है. सर्च अभियान में तीनों नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गये हैं. साथ ही मौके से तीन एके-47 भी बरामद किए गए हैं. नक्सलियों ने शुरू की फायरिंग उक्त कार्रवाई हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन के नेतृत्व में हुई. हजारीबाग पुलिस और कोबरा बटालियन के जवान ने गोरहर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर जंगल में छापामारी की. इसकी भनक लगते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस और कोबरा बटालियन के जवानों की जवाबी कार्रवाई में तीनों नक्सली ढेर हो गये.

सभा से पहले मनीष कश्यप का हंगामा! भाई से हाथापाई, कुर्सी फेंकी और मंच छोड़कर चले गए

चनटपटिया/पटना बिहार के पश्चिम चंपारण जिले की चनपटिया विधानसभा सीट से 2020 में निर्दलीय लड़कर हारे चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप 2025 में जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। भाजपा छोड़कर जन सुराज में शामिल हुए कश्यप की टिकट को लेकर राज किशोर चौधरी से तकरार चल रही है, जो गुरुवार को प्रशांत किशोर की जनसभा से पहले खुलकर सामने आ गई। सभा के पंडाल में पोस्टर लगाने को लेकर मनीष के भाई करण कश्यप और चौधरी के समर्थकों में बहस हाथापाई में बदल गई। इससे गुस्साए मनीष कश्यप का पंडाल से कुर्सी फेंककर तमतमाते हुए निकलने का एक वीडियो वायरल है। वीडियो की पुष्टि लाइव हिन्दुस्तान नहीं करता है। गुरुवार को चनपटिया के कुड़ियाकोठी खेल मैदान में प्रशांत किशोर की जनसभा हुई थी। इससे पहले दोपहर करीब 12 बजे मनीष कश्यप और जन सुराज पार्टी के युवा जिलाध्यक्ष राज किशोर चौधरी के समर्थक पोस्टर-बैनर लगाने को लेकर आपस में ही भिड़ गए। वायरल वीडियो में दोनों के समर्थक आपस में उलझते और हाथापाई करते दिख रहे हैं। इस बात की खबर मिलने पर मनीष कश्यप भी वहां पहुंच गए और अपने समर्थकों को पोस्टर लगाने को कहा। इसके बाद राज किशोर चौधरी के समर्थकों और कश्यप के बीच कहासुनी होने लगी। तब मनीष कश्यप गुस्से से तिलमिलाते हुए कुर्सी फेंक सभा स्थल से निकले और गाड़ी में बैठकर चले गए। उसके बाद करण कश्यप भी चले गए। हालांकि बाद में जब प्रशांत किशोर की सभा हुई तो मंच पर मनीष कश्यप नजर आए और भाषण भी किया।

निर्मम हत्या से दहला पटना: युवक का शव सड़क किनारे मिला, सिर और हाथ लापता

पटना  सिर कटा, हाथ गायब…राजधानी पटना में सोमवार सुबह क्षत-विक्षत हालत में शव मिला तो हड़कंप मच गया। इस भयानक नजारे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। स्थानीय लोगों में खौफ का माहौल है। फिलहाल, मौके पर पहुंची पुलिस मृतक की पहचान करने में जुटी हुई है। दरअसल, पूरा मामला नौबतपुर थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने सोमवार सुबह बिहटा-सरमेरा स्टेट हाईवे-78 पर ग्रामीणों की नजर एक शव पर पड़ी। शव का सिर पूरी तरह से कटा हुआ था और हाथ भी गायब थे। लोगों की आशंका जताई कि युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर शव को सड़क पर फेंक दिया गया है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि यह सड़क हादसा था या फिर हत्या।