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स्टार्टअप हब बना हरियाणा, महिलाओं की भागीदारी 60% लक्ष्य

 चंडीगढ़ हरियाणा में खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम और इलेक्ट्रिक वाहनों में निवेश के अवसर तेजी से बढ़े हैं। स्टार्टअप में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिसे अब 60 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषकर आइटी, एग्री-टेक, फिनटेक, हेल्थ-टेक और विनिर्माण क्षेत्र में उद्यमी काफी रुचि दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उद्यमियों के सम्मेलन में 12 देशों और 27 राज्यों के उद्योगपतियों को हरियाणा में निवेश का न्योता दिया। प्रदेश में ईज आफ डूइंग बिजनेस और ईज आफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फूड प्रोसेसिंग की 28 हजार इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। लाजिस्टिक्स में हरियाणा राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे और उत्तर भारत में पहले स्थान पर है। जो प्रदेश कृषि और पारंपरिक उद्योगों के लिए जाना जाता था, वह अब नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी प्रगति का केंद्र बनकर उभरा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और हिसार जैसे शहर स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। प्रदेश में 9500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं। स्टांप ड्यूटी में भी छूट मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा भारत के निर्यात में एक प्रमुख योगदानकर्ता है, जिसने वर्ष 2023–24 में 2.75 लाख करोड़ रुपये के निर्यात हासिल किए हैं। इंटीग्रेटेड मिनी फूड पार्क योजना के तहत सी और डी श्रेणी के ब्लॉक में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत (अधिकतम 10 करोड़ रुपये) तक पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भूमि की खरीद या लीज पर स्टांप ड्यूटी में भी छूट दी जा रही है। डी श्रेणी के ब्लाक में 100 प्रतिशत, सी श्रेणी में 75 प्रतिशत और ए और बी में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल रूफ क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से एकीकृत आनलाइन पोर्टल पर 230 से अधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। 48 विभागों में 1100 से अधिक अनुपालनों को सरल बनाया गया है ताकि नियामक बोझ को कम किया जा सके। उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा आइटी और आइटीईएस के क्षेत्र में एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बरवाला, पंचकूला में विकसित किए जा रहे आगामी औद्योगिक क्षेत्र में निवेश के अवसरों का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया। कई बड़े प्रोजेक्ट जल्द चढ़ेंगे सिरे कई प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें आइएमटी सोहना में 500 एकड़ में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नारनौल में एकीकृत मल्टी-माडल लाजिस्टिक्स हब और हिसार में एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। आइएमटी मानेसर की तर्ज पर राज्यभर में 10 नए इंडस्ट्रियल माडल टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं।  

कर्मचारियों को एरियर न देना पड़ा भारी, जींद में शिक्षा विभाग के दो अधिकारी निलंबित

जींद. शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी के 50 जूनियर कर्मियों को स्पेशल केस के तहत एरियर देने पर डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन, हरियाणा ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक जयवीर, उप अधीक्षक रमेश कुमार और लिपिक राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। इन तीनों को विभाग के आदेशानुसार चार सदस्यीय कमेटी गठित कर और मुख्यालय की अनुमति लेकर ही एरियर का लाभ जारी करना था। आदेशानुसार निलंबन के दौरान तीनों कर्मियों की सेवा शिक्षा सदन मुख्यालय पंचकूला पर रहेगी। तीनों कर्मचारी मुख्यालय की अनुमति के बिना स्टेशन नहीं छोड़ सकते। यह कार्रवाई बगैर नियम पूरा किए 50 कर्मचारियों लाभ देने पर की गई है।  एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 2004 से एरियर सहित अन्य लाभ ले रहा था जबकि अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा था। लाभ न मिलने पर कर्मचारियों ने कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर कोर्ट ने शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को जांच के आदेश दिए थे। डायरेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को निर्देश दिए थे कि सीनियर कर्मचारियों की प्रेजेंटेशन की जांच की जाए और सीनियर कर्मचारी एरियर सहित अन्य लाभलेने के हकदार हैं तो उन्हें लाभ दिए जाएं। जांच के दौरान कर्मचारियों को चार सदस्यीय कमेटी बनानी थी। लेकिन विभाग के तीन कर्मियों ने बिना कमेटी बनाए ही प्रेजेंटेशन के आधार पर 50 सीनियर कर्मियों को एरियर के लाभ दे दिए। बाद में शिक्षा विभाग को पता चला कि जूनियर कर्मी को स्पेशल केस के तहत एरियर दिए थे। इस पर शिक्षा विभाग ने 50 सीनियर कर्मियों के एरियर रोक दिए। इस पर 50 सीनियर कर्मियों ने कोर्ट में याचिका दायर की कि उनके एरियर को रोका जा रहा है। इस मामले को अब संज्ञान में लेते हुए अब डायरेक्टर जनरल सेकेंडरी एजुकेशन ने जींद के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अधीक्षक, उप अधीक्षक और लिपिक को निलंबित कर दिया है।

हर जरुरतमंद तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  सरकार की मंशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक राज्य सरकार कीजनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। यह बात ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शनिवार को अपने ग्वालियर रेसकोर्स रोड स्थित 38 नम्बर सरकारी कार्यालय पर जनसुनवाई करते हुए कही। उन्होंने आमजन की समस्याओं को सुनते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। सख्त हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी समस्या का निदान निर्धारित समय-सीमा में किया जाना सुनिश्चित करें। ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस अवसर पर मुलाकात करने आए लोगों को भरोसा दिलाया कि आपका यह सेवक किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देगा। आपकी सेवा के लिए आपका यह सेवक सदैव तत्पर रहा है और आगे भी आपके हर सुख-दु:ख में हमेशा आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, इसके लिए जिला स्तर पर पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंत्री तोमर ने जनसुनवाई में आए आवेदकों के पास जाकर उनकी समस्याएँ सुनीं और सम्बन्धित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम में पक्षियों की चिंता मंत्री तोमर ने गर्मी के मौसम में पक्षियों को भीषण प्यास और हीटस्ट्रोक से बचाने के उद्देश्य से रिंकू बुंदेला के सहयोग से मिट्टी से निर्मित पानी के पात्र (सकोरे) आमजन को वितरित करते हुए आहवान किया कि इन सकोरों को अपने-अपने घर की छत, बालकनी या पेड़ों पर रखकर हर रोज ताजा पानी भरें। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में आसमान से आग बरसती है। गर्मी में मानव हो या फिर पशु-पक्षी सभी को ठंडे जल की तलाश रहती है। आम लोगों के लिए तो जगह-जगह प्याऊ व नल के साथ ही पानी की उचित व्यवस्था मिल ही जाती है, लेकिन पक्षियों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में हम लोगों की जिम्मेदारी है कि वे पक्षियों के लिए दाना व पानी की उचित व्यवस्था कर अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन करें। जिससे खुले आसमान और धूप में विचरण करने वाले पछियों को राहत मिल सके।  

कूनो में खुशखबरी: मादा चीता गामिनी ने दिए 4 शावकों को जन्म, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता 'गामिनी' द्वारा 4 शावकों को जन्म देने पर उद्यान के प्रबंधकों और वन्य जीव चिकित्सकों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को चीतों का घर बनाया, इससे प्रदेश में वन्य जीव पर्यटन को बढ़ावा मिला है। अब मध्यप्रदेश चीतों के 'पुनरुद्धार' के मुख्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। मादा चीता 'गामिनी' द्वारा कूनो उद्यान में 4 शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश का पर्यावरण चीतों के संवर्धन के लिये  पूरी तरह अनुकूल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चीतों की बढ़ती संख्या प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि चीतों की बढ़ती संख्या के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन और वन्य जीव चिकित्सक बधाई के पात्र हैं। 

त्रासदी पर संवेदना: पंजाब CM मान ने योगी से की बात, रेस्क्यू ऑपरेशन पर लिया अपडेट

लुधियाना. उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री मान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे बातचीत कर हालात की जानकारी ली है। राहत व बचाव कार्यों में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लगातार उत्तर प्रदेश प्रशासन के संपर्क में है और घटनास्थल पर चल रहे अभियान पर नजर बनाए हुए है। 11 की जा चुकी जान इस हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 22 लोग घायल हैं और पांच अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों में लुधियाना और जगराओं क्षेत्र के लोग अधिक हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, जगराओं से करीब 120 श्रद्धालु दो बसों में सवार होकर 9 अप्रैल को चार दिन की धार्मिक यात्रा पर वृंदावन गए थे। शुक्रवार दोपहर के समय केसी घाट के पास श्रद्धालुओं से भरी नाव गहरे पानी में पहुंच गई और नदी में मौजूद लोहे के ढांचे से टकराने के बाद पलट गई। यह बेहद दुखद घटना मुख्यमंत्री मान ने अपने संदेश में कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। कुछ श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जिससे पूरा प्रदेश शोक में है। हम हर पीड़ित परिवार के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों की सहायता में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। इसके साथ ही लुधियाना प्रशासन द्वारा नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, जहां से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। यूपी में बचाव कार्य लगातार जारी घटना के बाद पुलिस, आपदा राहत बल, सेना और स्थानीय गोताखोरों की टीमों द्वारा बचाव अभियान लगातार जारी है। लापता लोगों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। मुख्यमंत्री की सक्रियता से पीड़ितों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर गहरा दुख और संवेदना का माहौल बना हुआ है। 

यात्रियों के लिए खुशखबरी: दुर्ग से हावड़ा तक स्पेशल ट्रेन, सफर होगा आसान

रायपुर. ग्रीष्मकालीन अवकाश (School Holidays) के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने लोकमान्य तिलक टर्मिनल (LTT) और हावड़ा के बीच विशेष ट्रेन (Special Train) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन केवल एक-एक फेरे के लिए संचालित की जाएगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (Indian Railways) की ओर से संचालित इस स्पेशल ट्रेन का रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और गोंदिया स्टेशनों पर कमर्शियल स्टॉपेज रहेगा। इससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधी सुविधा और यात्रा में राहत मिलेगी। जाने का शेड्यूल एलटीटी-हावड़ा स्पेशल ट्रेन 14 अप्रैल को रात 08:15 बजे एलटीटी से रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 02:55 बजे रायपुर और शाम 04:45 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इसके बाद तीसरे दिन सुबह 06:00 बजे हावड़ा स्टेशन पहुंचेगी। वापसी का समय वापसी में हावड़ा-एलटीटी स्पेशल ट्रेन 16 अप्रैल को दोपहर 02:45 बजे हावड़ा से रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 03:15 बजे बिलासपुर और 05:10 बजे रायपुर पहुंचेगी, तथा रात 11:45 बजे एलटीटी पहुंचेगी। गोंदिया से रक्सौल के बीच नई समर Special Train का एलान ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Holidays 2026) के दौरान बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे (Indian Railways) ने गोंदिया से रक्सौल के बीच साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन (Special Train) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 25 अप्रैल से 27 जून तक 08867/08868 नंबर के साथ कुल 10-10 फेरों के लिए संचालित की जाएगी। प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव यह समर स्पेशल ट्रेन गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला, रांची, बोकारो स्टील सिटी, बरौनी, दरभंगा, समस्तीपुर और सीतामढ़ी स्टेशनों पर ठहरते हुए रक्सौल तक पहुंचेगी। इससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में राहत मिलेगी। तय किया गया पूरा समय-सारिणी गोंदिया-रक्सौल ट्रेन 25 अप्रैल से प्रत्येक शनिवार सुबह 6:30 बजे गोंदिया से रवाना होगी। यह डोंगरगढ़ 7:30 बजे, राजनांदगांव 7:58 बजे, दुर्ग 8:35 बजे, रायपुर 9:30 बजे, भाटापारा 10:25 बजे और 11:40 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। आगे चांपा, रायगढ़, झारसुगुड़ा, राउरकेला और बोकारो स्टील सिटी होते हुए शाम 17:00 बजे रक्सौल पहुंचेगी। वापसी का समय भी तय रक्सौल-गोंदिया समर स्पेशल ट्रेन 26 अप्रैल से प्रत्येक रविवार को 19:10 बजे रक्सौल से रवाना होगी। यह बिलासपुर 1:20 बजे पहुंचेगी और सुबह 7:00 बजे गोंदिया पहुंचेगी। यह ट्रेन 20 कोच के साथ संचालित होगी।

समाज सुधार के मार्ग पर चलने का आह्वान, ज्योतिबा फुले के आदर्शों से प्रेरणा लें: अंजय

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक नेतृत्व के निर्देशानुसार आज गांव अभियान के अंतर्गत धरसीवां मंडल के ग्राम कन्हेरा एवं ग्राम बाना जाना हुआ जिसमें केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को विस्तार से बताते हुए श्री अंजय शुक्ला जी में प्रसिद्ध महापुरुष ज्योतिबा फुले जी का भी स्मरण किया एवं उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला उनकी जयंती में उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित किया साथ ही ग्राम पंचायत सरपंच भाजपा कार्यकर्ता व ग्रामवासियों के साथ स्वच्छता अभियान के तहत झाड़ू लगाकर साफ सफाई किया तथा लाभार्थियों से भेंट करते हुए नगर भ्रमण किया। आज के कार्यक्रम में वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक गण एवं पदाधिकारी गण श्री अंजय शुक्ला जी उपाध्यक्ष ( छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड ), श्री राकेश यादव (मंडल अध्यक्ष ), चंद्रशेखर शुक्ला सदस्य प्रदेश कार्य समिति, यशवंत भारती , युवा मोर्चा अध्यक्ष कन्हेरा ,रवि कोशले मंडल अध्यक्ष , अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, ओम प्रकाश निषाद  ग्राम अध्यक्ष बीजेपी , चंदू यादव बूथ अध्यक्ष कन्हेरा ,आसमीन सुखनंदन जांगड़े सरपंच ग्राम कन्हेरा एवं   बाना में  कामता साहू सरपंच बाना, विजय साहू  बूथ अध्यक्ष बाना, भोला राम बाना , लिखराम साहू बाना , राधे साहू बाना, अरविंद साहू, गजानंद साहू, लोकनाथ साहू, देवेंद्र साहू, जीवन निषाद, बलराम साहू एवं समस्त ग्राम पंचायत बाना मौजूदा रहे।

‘पांडुलिपियाँ’ हमारी पहचान, हमारा गर्व – संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान-वैभव का जीवंत प्रमाण हैं, जिन्हें सुरक्षित रखकर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ‘ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ इस दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित और डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं, तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल एप पर उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा-सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने में एक बड़ा योगदान सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों को सहेजते हुए इस सांस्कृतिक अभियान में सहभागी बनें और ज्ञान की इस अमूल्य धरोहर को गर्व के साथ आगे बढ़ाएँ। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा "ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान" एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ राज्य की भी नियमित सहभागिता हो रही है।  छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समिति का गठन और नोडल अधिकारी की नियुक्ति हो गई है, शेष 07 जिलों में गठन / नियुक्ति की कार्यवाही की जा रही है। जिलों में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित कर पाण्डुलिपि संग्रह कर्त्ता व्यक्तियों / संस्थाओं को चिन्हित किया जा रहा है, तथा ग्राम/क्षेत्रवार सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। प्रशिक्षकों को नोडल विभाग (संस्कृति विभाग) द्वारा ज्ञानभारतम के क्षेत्रीय संयोजकों के साथ मिलकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ज्ञानभारतम भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से 06 जिलों में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरम्भ हो गया है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वे ज्ञानभारतम एप के माध्यम से किया जा चुका है।

403 करोड़ की लागत से नई रेल फैक्ट्री का निर्माण, बिहार में बढ़ेगा औद्योगिक विकास

 रोहतास बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर में रेल वैगन मरम्मत कारखाने का निर्माण किया जाएगा. फैक्ट्री के निर्माण को लेकर भारतीय रेलवे के डीडीयू रेल मंडल और राइट्स की तरफ से आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेल फैक्ट्री के बनने से बिहार के युवाओं को बड़ा फायदा हो सकेगा. नई फैक्ट्री की क्या है अनुमानित लागत? जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना की लागत लगभग 403.20 करोड़ रुपए है. इसे 219 एकड़ की जमीन पर विकसित किया जाएगा. रेल बजट 2026-27 में इस परियोजना के लिए राशि आवंटित की गई थी. समय के अंदर ही इस परियोजना के पूरा होने की संभावना जताई जा रही है. डीडीयू रेल मंडल के डीआरएम की माने तो, रोजगार के लिए यह बड़ा केंद्र बन सकेगा. युवाओं के साथ व्यापारियों को फायदा रेल फैक्ट्री के लगने से युवाओं के लिए रोजगार तो उपलब्ध होगा ही लेकिन इसके साथ-साथ आस-पास के इलाकों में वेल्डिंग, स्पेयर पार्ट्स निर्माण, पेंटिंग जैसे छोटे-बड़े उद्योगों को स्थापित भी किया जाएगा. इससे जिले की इकोनॉमी भी मजबूत हो सकेगी. नई रेल फैक्ट्री को लेकर आस-पास के लोगों और व्यापारियों के बीच उत्साह का माहौल है. 1984 में ही बंद हुआ था कारखाना डालमियानगर देश के फेमस औद्योगिक केंद्र में से एक है. 1984 में ही यह बंद हो गया था. लेकिन 2007 में फिर इसे चालू करने के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया. 2009 में शिलान्यास भी किया गया. लेकिन किसी ना किसी कारण से काम शुरू नहीं हो पाया. लेकिन अब कारखाने को स्थापित किए जाने के काम को तेज कर दिया गया है. पहलेजा रेलवे स्टेशन से कारखाना तक नया रेलवे फ्लाईओवर और ट्रैक बनाया जाएगा. इससे वैगनों को मरम्मत के लिए वर्कशॉप तक आसानी से लाया जा सकेगा.

केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह बोले – किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, किसानों के विकास के लिए हम हैं प्रतिबद्ध

भोपाल.  केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश की सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का समान महत्व है। दोनों ही अपनी मिट्टी के प्राण-प्रण से सेवा में तत्पर रहते हैं। किसान हमारे देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हमारी ताकत हैं। इनके बिना हमारे भोजन की थाली अधूरी है। किसानों की मुस्कान ही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी बड़े जोखिम का काम है, फिर भी हमारे किसान पूरी मेहनत और लगन से देशवासियों का उदर-पोषण करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक किसान पुत्र हैं। किसानों की वेदना और उनकी जरूरतों से वाकिफ हैं। किसानों का कल्याण हमारा लक्ष्य है। इनकी बेहतरी के लिए हम संकल्पबद्ध होकर प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि देश के किसानों के कल्याण की दिशा में हमारा मजबूत प्रयास है। किसान सम्मान निधि के रूप में हर पात्र किसान के बैंक खाते में 6000 रुपए सीधे ट्रांसफर किये जा रहे हैं, जिससे वे खाद, बीज और खेती-किसानी के अन्य जरूरी समान खरीद सकें। यह किसानों की मेहनत का सम्मान है। अब तक हमारी सरकार हजारों करोड़ रुपए की सहायता किसान भाइयों को दे चुकी है। उन्होंने किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि गांव, गरीब, नारी, युवा और खेती-किसानी की लगातार बेहतरी के लिए हमारे प्रयास आगे भी इसी तरह जारी रहेंगे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह शनिवार को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित "उन्नत कृषि महोत्सव-2026" को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा त्रि-दिवसीय कृषि महोत्सव प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारंभ किया गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय एवं राज्य शासन के कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण में मदद के लिए स्वॉइल मोबाइल ऐप ई-फॉर्म लान्च किया गया। इस ऐप की मदद से किसान बंधु खुद अपने खेत की मिट्टी की सेहत जांच सकेंगे। कार्यक्रम में नरवाई प्रबंधन, कस्टम हायरिंग एवं अन्य शासकीय योजनाओं के 10 क्षेत्रीय हितग्राही किसानों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए। इस दौरान देश में कृषि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास पर केंद्रित आकर्षक लघु फिल्म (एवी) का प्रदर्शन भी किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ह्दय प्रदेश को दी एक अलग पहचान केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सशक्त एवं कर्मठ नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि रायसेन की उर्वर भूमि पर हो रहा यह उन्नत कृषि महोत्सव प्रदेश के किसानों की तकदीर और उनकी माली हालत की तस्वीर बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस कृषि महोत्सव में किसानों को सरकारी योजनाओं के साथ बिचौलियों से मुक्त बाजार सहित वेयर हॉउसिंग और कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के हृदय प्रदेश को एक अलग पहचान दी है। मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत और लगन प्रेरणादायी है। प्रदेश की जनता का अतिथि सत्कार दिल जीत लेता है, यह मध्यप्रदेश की खासियत है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए उपहार केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि बीते सालों में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बेमिसाल कार्य किए हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक उपहार की तरह है। इसमें प्राकृतिक आपदा से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई अब फसल बीमा के माध्यम से की जा रही है। भारत सरकार ने देश के सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए हैं। इसकी मदद से किसान पता लगा पा रहे हैं कि उनके खेत में कौन सी फसल ली जा सकती है और उन्हें खाद की कितनी मात्रा डालनी है। इससे कृषि की लागत घटी है। भारत सरकार ने गांव-गांव तक सड़कें, नल से जल, बिजली कनेक्शन दिए और गांवों को शहरों से जोड़ा है। देशभर की मंडियां ऑनलाइन होने से किसान अब घर बैठे अपनी उपज बेच सकता है। हमारी सरकार ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि किसानों और गांवों के लिए अभी भी बहुत कुछ करना शेष है। किसानों के कल्याण के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि वे देश के रक्षा मंत्री है, लेकिन दिल से एक किसान भी हैं। प्राकृतिक और जैविक खेती के पैदा फसल-सब्जियों से जवानों की सेहत हुई अच्छी केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने किसानों के हित में रक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए नवाचार की जानकारी देते हुए बताया कि हमने देशभर में मौजूद सेना की छावनियों के आसपास के किसानों से ही प्राकृतिक खेती से पैदा किए गए फल एवं सब्जियां खरीदने का निर्णय लिया है। प्राकृतिक और जैविक खेती से पैदा फल और सब्जियां के उपभोग से जवानों की सेहत भी अच्छी हुई है। हमने इन खाद्य उत्पादों को बाहर से बुलवाना बंद कर दिया है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। रक्षा मंत्रालय ने श्रीअन्न को भी प्रोत्साहन दिया है। इससे छावनी इलाकों के आसपास के किसानों को श्रीअन्न का समुचित मूल्य मिल रहा है। हमारे प्रयासों से जय जवान, जय किसान का नारा सच्चे अर्थों में चरितार्थ हुआ है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था किसानों पर ही टिकी हुई है। किसानों द्वारा उत्पादित अनाज परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र को भी गति देता है। किसान केवल अन्न ही नहीं, वह अर्थव्यवस्था, रोजगार और सेवाओं को भी आगे बढ़ाता है। किसानों के बिना अर्थव्यवस्था बेजान है। हमारी सरकार खेती के पेशे को बड़े सम्मान से देखती है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि हमारे युवा साथी खेती-किसानी के व्यवसाय से जुड़ें। भारतीय युवा शक्ति की तारीफ पूरी दुनिया में हो रही है। खेती को ड्रोन, मोबाइल सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक और नवाचारों के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मिट्टी की जांच, मौसम का पूर्वानुमान, फसलों की निगरानी तकनीक से की जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण से भी कच्चे कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर लाभ कमाया जा सकता … Read more