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इंदौर में कड़ाके की ठंड, पारा 4.5° तक गिरा, 10 साल में सबसे कम तापमान, पचमढ़ी भी ठंडी

भोपाल   मध्य प्रदेश में बुधवार को भीषण सर्दी का असर देखने को मिला। शहडोल का कल्याणपुर ठंड से कांप उठा। यहां सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 3 डिग्री दर्ज हुआ। आज गुरुवार को भी कई जगहों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी गई है। आइए एक नजर डालते है मौसम के ताजा हाल पर… मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिससे एमपी में भीषण ठंड पड़ रही है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी हो रही है। जिससे प्रदेश में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। आज भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर और सीहोर में कोल्ड वेव का अलर्ट है। पचमढ़ी में पारा 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 5 बड़े शहरों में भोपाल में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 8.2 डिग्री और जबलपुर में तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात अधिकांश शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे ही रहा। रायसेन में 5 डिग्री, रीवा में 5.9 डिग्री, शिवपुरी में 6 डिग्री, उमरिया में 6.1 डिग्री, बालाघाट के मलाजखंड में 6.8 डिग्री, नौगांव में 7.1 डिग्री, मंडला में 7.3 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, रायसेन-छिंदवाड़ा में 7.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.4 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, रतलाम में 9.2 डिग्री, श्योपुर-गुना में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसलिए बढ़ी सर्दी मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर भी है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है। इस कारण गुरुवार को भी शीतलहर का अलर्ट है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर बात करें बीती रात की तो इस सीजन में पहली बार पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में 3 डिग्री दर्ज हुआ। उमरिया में 4.9 डिग्री, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, इंदौर में 5.4 डिग्री, शाजापुर के गिरवर में 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रीवा में 5.8 डिग्री, मलाजखंड में 6.7 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री, मंडला-नौगांव में 7 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8 डिग्री, शिवपुरी में 8 डिग्री, सतना में 8.1 डिग्री, बैतूल में 8.2 डिग्री, खजुराहो में 8.4 डिग्री, उज्जैन में 8.7 डिग्री, दमोह में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, जबलपुर में 9.1 डिग्री और ग्वालियर में 9.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में भी गिरावट मध्य प्रदेश में जहां न्यूनतम में काफी गिरावट दर्ज की गई है तो वहीं अधिक तापमान भी लुढ़का है। बालाघाट के मलाजखंड में पारा 22.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। वहीं नरसिंहपुर, धार, सीधी, रीवा और बैतूल में पारा 26 डिग्री से कम रहा। क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की मानें तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इसकी रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा इस बार सर्दी बढ़ाएगी। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही होना है। उत्तर से बर्फीली हवाएं आ रही देश के उत्तरी हिस्से यानी, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी हुई है। इस वजह से हवा की रफ्तार उत्तरी हो गई है। बर्फीली हवा की वजह से ही प्रदेश में शीतलहर की स्थिति है। बुधवार को भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर और रायसेन में शीतलहर का असर देखा गया। दिसंबर में भी रिकॉर्ड तोड़ रही सर्दी मौसम विभाग की मानें तो इस बार सर्दी का असर तेज है। भोपाल में नवंबर की सर्दी का 84 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है, जबकि इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी है। ऐसी ही सर्दी दिसंबर में भी है। इंदौर में दिसंबर की सर्दी का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।

गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात

जरूरतमंद के आवास, बीमार के उपचार की करेंगे व्यवस्था : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में की लोगों से मुलाकात करीब 300 लोगों की समस्याएं सुनी सीएम योगी ने, बोले – हर समस्या का कराएंगे सन्तुष्टिपरक निस्तारण गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने आवास के लिए जरूरतमंद लोगों को आवास दिलाने और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के इलाज में भरपूर आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है।  गुरुवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।  जनता दर्शन में एक महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। कहा कि सरकार की मंशा है कि हर जरूरतमंद के पास पक्का आवास हो। जनता दर्शन में एक महिला ने अपने पति की बीमारी में इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला को आश्वस्त किया कि वह अपने पति का अच्छे से इलाज कराएं, पैसे की व्यवस्था विवेकाधीन कोष से करा दी जाएगी। इलाज में आर्थिक मदद मांगने कई अन्य लोग भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। एक महिला ने अपनी ही जमीन पर काबिज होने के संबंध में कुछ लोगों द्वारा व्यवधान उत्पन्न करने की समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महिला को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। जनता दर्शन में सीएम योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी पात्र को योजनाओं का लाभ मिलने में अड़चन आ रही हो तो इसकी जांच जरूर करें कि किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज करेंगे बस्तर ओलंपिक 2025 का शुभारंभ, 4 लाख खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली होंगे शामिल

बस्तर  छत्तीसगढ़ में आज से बस्तर ओलंपिक 2025 शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इसका शुभारंभ करेंगे। ये संभाग स्तरीय आयोजन जगदलपुर में 11 से 13 दिसंबर तक चलेगा। इसके समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। आयोजन की खास बात यह है कि इसमें सरेंडर नक्सली भी खिलाड़ी के रूप में हिस्सा ले रहे हैं। कांकेर से 54 आत्मसमर्पित नक्सली “नुआ बाट” टीम के साथ कबड्डी, रस्साकशी में प्रतिस्पर्धा करेंगे। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में अन्य खेलों में उनकी भागीदारी रहेगी। प्रशासन के अनुसार यह पहल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है। ये दूसरा साल है जब आत्मसमर्पित नक्सली भी खिलाड़ियों की तरह इस ओलंपिक का हिस्सा बनेंगे। सीएम विष्णु देव साय करेंगे बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर ओलंपिक का शुभारंभ करेंगे। वहीं इसके समापन अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह मुख्य उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन समारोह में देश की दिग्गज बॉक्सर और छह बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हो रही हैं। वे इस ओलंपिक की मशाल उठाएंगी। इस बार लगभग लगभग 4 लाख खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। डिवीजन स्तर पर कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और कोंडागांव इन सात जिलों से सैकड़ों खिलाड़ी बस्तर ओलंपिक में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विविध खेल विधाओं में प्रतिभागियों की बढ़ती संख्या इस आयोजन की लोकप्रियता और क्षेत्र में स्थिर होते माहौल को दर्शाती है। आत्मसमर्पित नक्सली भी विभिन्न खेलों में हिस्सा लेंगे इस वर्ष की सबसे उल्लेखनीय पहल है ‘नुआ बात’ टीम, जिसमें सरेंडर कर चुके नक्सलियों और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हैं। यह टीम सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा में लौटने की दिशा में बस्तर के बदलते परिवेश का प्रतीक मानी जा रही है। प्रशासन के अनुसार, ‘नुआ बाट’ टीम में खिलाड़ियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2024 में जहां 350 खिलाड़ी शामिल हुए थे, वहीं इस बार 761 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों में उतर रहे हैं।

इथेनॉल फैक्ट्री पर किसानों का विरोध, राजस्थान में पथराव और आगजनी के बाद भारी पुलिस बल तैनात

हनुमानगढ़  राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में बुधवार को किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. महापंचायत के बाद सैकड़ों किसानों ने फैक्ट्री परिसर की ओर कूच किया, दीवार तोड़ी और वहां खड़ी 16 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. इसमें 10 कारें, कई बाइक, पुलिस जीप और एक जेसीबी मशीन जलकर राख हो गई. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनका इलाज जारी है. बवाल के बाद 7 किसानों को डिटेन किया गया है. जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव और एसपी ने असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. घटना बुधवार शाम की है जब टिब्बी क्षेत्र में एसडीएम कार्यालय के पास महापंचायत हुई. किसान लंबे समय से ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की 450 करोड़ रुपये की लागत वाली अनाज आधारित एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि फैक्ट्री से प्रदूषण बढ़ेगा, भूजल दूषित होगा और फसलें प्रभावित होंगी. महापंचायत शांतिपूर्ण रही, लेकिन बाद में कुछ प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर बढ़ गए. ट्रैक्टरों से दीवार तोड़ने के बाद पथराव शुरू हो गया. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर बुलेट्स का इस्तेमाल किया. देर रात जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव का बयान सामने आया. दीवार तोड़े जाने के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और किसानों तथा पुलिसकर्मियों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों ओर से हुई धक्का-मुक्की और पथराव में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पुनिया भी इसमें चोटिल हुए और उन्हें हनुमानगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थिति बिगड़ने पर आक्रोशित किसानों ने पुलिस और प्रशासन के वाहनों में आग लगा दी। हिंसा बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने टिब्बी और आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। साथ ही आगामी आदेश तक स्कूलों और दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इलाके में धारा 144 लागू कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हनुमानगढ़ के एसपी हरि शंकर ने बताया, "इथेनॉल प्लांट के खिलाफ महापंचायत की गई थी। कुछ लोगों ने फैक्ट्री की तरफ कूच किया और वहां तोड़फोड़ की। झड़प में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस के द्वारा कार्रवाई की जा रही है। 7 लोगों को हिरासत में लिया गया है।"

सागर में सड़क हादसे में मरे चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में दी गई अंतिम विदाई, हर आंख नम

मुरैना ड्यूटी के दौरान हुए दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में बीडीडीएस टीम के चार जांबाज़ पुलिसकर्मियों की मौत के बाद आज पुलिस लाइन का पूरा परिसर शोक में डूबा दिखाई दिया। गुरुवार सुबह उनके पार्थिव शरीर जैसे ही पुलिस लाइन लाए गए, माहौल अचानक गमगीन हो गया। साथी जवानों की आंखें भर आईं और पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि, भारी पुलिस बल मौजूद श्रद्धांजलि समारोह में डीआईजी, एडिशनल एसपी सहित जिलेभर का बड़ा पुलिस अमला मौजूद रहा। चारों शहीद जवानों के ताबूत तिरंगे में लिपटे थे, जिनके सामने खड़े होकर हर किसी की भावनाएं छलक उठीं। पूरे परिसर में सिर्फ एक ही आवाज़ गूंज रही थी— “अमर रहें हमारे वीर जवान”। सागर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले मुरैना पुलिस के चार जवानों का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जा रहा है। रात 2 बजे सभी की पार्थिव देह मुरैना पहुंची। यहां पुलिस लाइन में सभी को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि स्थल पर डीआईजी ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए के चेक दिए। वहीं, चार-चार लाख रुपए के चेक बाद में दिए जाएंगे। सरकार अंतिम संस्कार के लिए कुल पांच लाख रुपए देती है। हादसे में जान गंवाने वाले परिमाल सिंह तोमर को मुरैना जिले के ग्राम नख्ती, डॉग मास्टर विनोद शर्मा को मुरैना के जौरा, प्रद्युम्न दीक्षित को भिंड के फूप और अनिल सिंह कौरव को भिंड के ग्राम टेंटोन में अंतिम विदाई दी जाएगी। हादसा बुधवार सुबह सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में हुआ था। मुरैना बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) पुलिस टीम की गाड़ी (MP03 A 4883) सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई थी। ये सभी जवान बालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान में अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस मुरैना लौट रहे थे। 4 पुलिसकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल आरक्षक राजीव चौहान को सागर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली भेजा गया है। परिजनों का रो-रोकर हाल बेहाल— शव पैतृक गांव रवाना श्रद्धांजलि के बाद चारों जवानों के पार्थिव शरीरों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनके-उनके पैतृक गांव के लिए रवाना कर दिया गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घरों में मातम पसरा हुआ है, परिवार अपने लाड़लों को अंतिम बार देखने के लिए तड़प उठा। अंतिम संस्कार के लिए दी गई एक-एक लाख की सहायता राशि पुलिस विभाग की ओर से मृतक जवानों के परिवारों को अंतिम संस्कार हेतु एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। डीआईजी ने कहा— “हमने अपने चार बहादुर साथी खो दिए हैं, उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।” कैसे हुआ हादसा? डीआईजी ने बताया कि बीडीडीएस की टीम बालाघाट में ड्यूटी पूरी कर मुरैना लौट रही थी, तभी सागर जिले में तेज रफ्तार और अनियंत्रित वाहन से हुए भीषण हादसे में चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। एक जवान गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। शहर में पसरा मातम— पुलिस परिवार सदमे में पूरा पुलिस बल अपने साथियों की शहादत से स्तब्ध है। जवानों को अंतिम सलामी देते वक्त हर चेहरे पर दुख और गर्व दोनों दिखाई दिए।

जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा, सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में जल जीवन मिशन की बुधवार को समीक्षा बैठक में कहा कि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जल स्रोतों में किसी भी स्थिति में सीवरेज का दूषित जल न मिले और इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन मध्यप्रदेश इस मिशन को मार्च 2027 तक पूरा कर देश में मिसाल पेश करेगा। मिशन के संचालन और संधारण के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल आपूर्ति कभी प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जल जीवन मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच और महिला समूहों को राज्य, संभाग, जिला और ग्राम स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। पिछले दस वर्षों में जल संकट का सामना करने वाले गांवों की रिपोर्ट तैयार कर उन क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जल वितरण का समय पानी की उपलब्धता के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। मिशन के प्रभाव का विश्लेषण अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से कराया जाएगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक 80 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन मिल चुके हैं और मिशन की कुल प्रगति 72.54 प्रतिशत है। वर्ष 2024-25 में 8.19 लाख कनेक्शन का लक्ष्य पूरा किया गया और 2025-26 में अब तक 5.50 लाख कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। प्रदेश बोरवेल दुर्घटना रोकने वाला पहला राज्य बन गया है और “स्वच्छ जल से सुरक्षा अभियान” में प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। एकल नल जल योजनाओं में 93 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। डिजिटल मॉनिटरिंग, NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं और सौर-ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से जल जीवन मिशन को तकनीकी और ऊर्जा सुरक्षा के साथ संचालित किया जा रहा है। बैठक में बताया कि आगामी तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित नल जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नए ग्राम, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों में जल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस योजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश जल प्रदाय व्यवस्था में देश में अग्रणी राज्य बन सकेगा।  

रायपुर: अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन काशी-अयोध्या धाम के लिए रवाना, विशेष सुविधाएं दी गईं

रायपुर : अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन काशी-अयोध्या धाम के लिए रवाना, तीर्थयात्रियों को मिली विशेष सुविधाएं रायपुर सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव स्पेशल ट्रेन काशी और अयोध्या धाम के लिए अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई । इस पवित्र यात्रा का प्रारंभ महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, श्री भारत सिंह सिसोदिया और अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर किया। स्टेशन परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण से सराबोर था, जहाँ यात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत-सत्कार किया गया।  जिला प्रशासन एवं आईआरटीसी ने तीर्थयात्रियों की आवागमन व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा एवं भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के कर्मचारियों ने यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान की। समर्पित स्टाफ यात्रियों की हर समस्या का समाधान तत्परता से कर रहे थे, जिससे तीर्थयात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का भरोसा मिला। प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि साय सरकार द्वारा आम जनता के लिए योजना बनाकर तीर्थयात्रा का प्रबंध करना बेहद प्रशंसनीय है। हमें पूरा विश्वास है कि यह यात्रा हमारी आस्था को और प्रगाढ़ करेगी। दुर्गा प्रसाद यादव ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा, यह सुविधाजनक व्यवस्था और सम्मानजनक सेवा हम सभी तीर्थयात्रियों के लिए यादगार रहेगी। मुझे छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री श्री साय और पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल का विशेष धन्यवाद कहना है जिन्होंने इस योजना को जनहित में सफल बनाया। मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी तीर्थ यात्रियों को रामलला के दर्शन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उनकी आस्था के अनुरूप सुविधाजनक और सम्मानजनक सेवा मिले। भारत गौरव ट्रेन के माध्यम से इस प्रकार की यात्राओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोया जा सके। यह यात्रा न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं  सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा देगी। तीर्थयात्रियों को इस योजना के तहत यात्रा के दौरान भोजन, मेडिकल सहायता, वैकल्पिक आवास और सुरक्षा जैसी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अम्बिकापुर से शुरू हुई भारत गौरव ट्रेन की यात्रा भक्तिमय वातावरण और प्रशासनिक तत्परता के बीच सफलतापूर्वक प्रारंभ हुई, जिससे सरगुजा संभाग के श्रद्धालुओं का मनोबल और विश्वास बढ़ा है। इस अवसर पर पूर्व सभापति श्री ललन सिंह, जिला प्रशासन के अधिकारी, आईआरसीटीसी के उपमहाप्रबंधक एवं छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक सड़क हादसा, कांस्टेबल जावेद के परिवार के 5 सदस्य जिंदा जले

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में पुलिस कांस्टेबल जावेद का पूरा परिवार खत्म हो गया. वैगन आर कार को पीछे से तेज रफ्तार ब्रेजा ने टक्कर मारी, जिससे कार का CNG टैंक फट गया और आग लग गई. इस भीषण हादसे में दो महिलाओं और तीन बच्चों समेत कुल 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. कांस्टेबल जावेद का पूरा परिवार खत्म  बाराबंकी में बीती शाम पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें आजमगढ़ में तैनात पुलिस कांस्टेबल जावेद की पत्नी और बच्चों समेत 5 लोगों की मौत हो गई. जावेद को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. उनका परिवार मऊ से लखनऊ जा रहा था. तभी एक तेज रफ्तार दिल्ली नंबर की ब्रेजा कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर के बाद कार का सीएनजी टैंक फट गया और भीषण आग लग गई. 5 लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हादसे में वैगन आर कार में बैठी दो महिलाएं और तीन बच्चे जिंदा जल गए. आग लगने के बाद वे कार का दरवाजा भी नहीं खोल पाए. पुलिस और स्थानीय लोगों ने 5 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी.  मृतकों की पहचान मृतकों की पहचान गुलिशता (49) पत्नी जावेद अशरफ, समरीन (22) पुत्री जावेद अशरफ, इलमा खान (12), इश्मा खान (6) और जियान (10) के रूप में हुई है. घायल जीशान पुत्र गफ्फार को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है. बाराबंकी के डीएम शशांक त्रिपाठी ने पुष्टि की कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर भीषण दुर्घटना में 5  लोगों की मौत हुई है और घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है. हादसे के बाद पुलिस ने दोनों कारों को अपने कब्जे में ले लिया है और जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि हादसा सिर्फ तेज रफ्तार की वजह से हुआ या ड्राइवर को नींद आ गई थी. इस भयावह मंज़र ने देखने वालों की रूह कंपा दी.

रायपुर: शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक, मुख्यमंत्री साय का वक्तव्य

रायपुर : शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान, आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का प्रतीक – मुख्यमंत्री  साय नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन, सियान सदन और मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने की घोषणा 101 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन मुख्यमंत्री सोनाखान में आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह की शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि शहीद वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ के आत्मगौरव, संघर्ष और स्वाभिमान का अमर प्रतीक है। वे आज सोनाखान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को नमन करने पहुंचे, जहां उन्होंने शहीद के वंशजों को सम्मानित किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। मुख्यमंत्री ने सोनाखान में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना अंतर्गत बस सेवा प्रारंभ करने, नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण हेतु 75 लाख रुपये, सियान सदन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा मड़ई मेला स्थल में शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सोनाखान में इको-टूरिज्म विकास और सड़क निर्माण हेतु आवश्यक प्रावधान आगामी बजट में शामिल किए जाएंगे जिससे इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं सुविधाओं में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंग्रेजी शासन के अत्याचार के विरुद्ध गरीबों, किसानों और वंचित समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़े हुए एक ऐसे वीर सपूत थे, जिन्होंने भीषण अकाल के समय गरीबों में अनाज बांटकर मानवता की ऐतिहासिक मिसाल पेश की। अंग्रेजी हुकूमत ने 10 दिसंबर 1857 को उन्हें फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और अन्याय के प्रतिकार की प्रेरणा देता आया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की ‘गारंटी’ के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि आज ही के दिन अंग्रेजी हुकूमत ने रायपुर के जयस्तंभ चौक में वीर नारायण सिंह को फांसी दी थी। वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए शहीद हुए और उनका बलिदान पीढ़ियों तक लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि विकास और कल्याण के लिए सरकार सतत् कार्यरत है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 101.44 करोड़ रुपये की लागत के 119 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण के 10 हितग्राहियों को घरों की चाबियाँ सौंपी तथा ‘हम होंगे कामयाब’ कार्यक्रम के अंतर्गत 37 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। आदिवासी समाज के पाँच प्रतिभावान छात्रों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। समारोह में वन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े तथा शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज  राजेंद्र दीवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  द्वारा जिन कार्यों का लोकार्पण किया गया उनमें ग्राम ओड़ान, खरतोरा, सकरी (स) और दतान (ख) में 9.88 करोड़ रुपये की लागत से रेट्रोफिटिंग नल-जल प्रदाय योजनाएँ तथा गोरधा में एकल नल-जल प्रदाय योजना शामिल है। जिन कार्यों का भूमिपूजन किया गया उनमें अर्जुनी में 5.84 करोड़ रुपये की लागत से जोंक शीर्ष जीर्णोद्धार एवं तटबंध निर्माण, लवन शाखा नहर के तिल्दा, करदा लाटा एवं सिरियाडीह माइनर के 3.63 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण, मटिया नाला में 3.36 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण, परसाडीह के खोरसीनाला में 2.99 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडैम निर्माण और लाहोद में 2.60 करोड़ रुपये की लागत से निरीक्षण कुटीर एवं आवासीय भवन निर्माण कार्य मुख्य रूप से शामिल हैं।

रायपुर: राष्ट्र और समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के शहीदों का योगदान, बोले मुख्यमंत्री साय

रायपुर : राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान: मुख्यमंत्री  साय राजाराव पठार ग्राम कर्रेझर में शहीद वीर नारायण सिंह के श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए मुख्यमंत्री  गौरवशाली है आदिवासी समाज की संस्कृति, इतिहास और विरासत  तालाब निर्माण हेतु 15 लाख सहित कई घोषणाएं 71.93 लाख रूपए के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण                   रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राष्ट्र व समाज के नव निर्माण में आदिवासी समाज के अमर शहीदों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जब-जब राष्ट्र व समाज पर विपत्ति आई है, आदिवासी समाज ने उनका डटकर मुकाबला कर विघटनकारी तत्वों को मुहतोड़ जवाब दिया है। मुख्यमंत्री  साय आज बालोद जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम कर्रेझर में आयोजित विराट वीर मेला महोत्सव को सम्बोबिधत कर रहे थे। मुख्यमंत्री  साय ने तीन दिवसीय विराट वीर मेला के अंतिम दिवस पर आयोजित शहीद वीर नारायण सिंह श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर अमर शहीद वीरनारायण सिंह को विनम्र श्रद्धांजलि दी।      मुख्यमंत्री  साय ने ग्राम कर्रेझर में मेला स्थल के समीप तालाब निर्माण हेतु 15 लाख, मेला आयोजन हेतु आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रदान कि जाने वाली 10 लाख रूपये की सहयोग राशि को बढ़ाकर 20 लाख रूपये करने तथा राजाराव पठार स्थित देवस्थल में किचन शेड निर्माण करने की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने मेला स्थल पर कुल 71 लाख 93 हजार रूपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केन्द्रीय मंत्री  अरविंद नेताम ने की। आदिम जाति कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, कांकेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक  आशाराम नेताम विशेष रूप से उपस्थित थे।       मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासियों के हितों के संरक्षण एवं देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के योगदानांे का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह एवं  गैंदसिंह नायक के अद्म्य वीरता, साहस एवं राष्ट्र भक्ति का उल्लेख करते हुए उसे अतुलनीय बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया गया है।      इस अवसर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री  अरविंद नेताम ने राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधक बने नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। आदिम जाति कल्याण एवं कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि जिन मुद्दों के लिए हमारे पूर्वजों ने संघर्ष किया, वे आज साकार हो रहे हैं। वन अधिकार की लंबी लड़ाई का परिणाम है कि आज उनके परिजनों को उनका अधिकार मिल रहा है। बस्तर वर्षों पुरानी नक्सली पीड़ा से मुक्त हो रहा है। यहां के लोगों के जीवन में खुशहाली आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्माण और विकास की मजबूत नींव बस्तर में रखी जा रही है।  इस अवसर पर आदिवासी समाज के लोक कलाकारों के द्वारा रेला, मांदरी, हुलकी आदि परंपरागत लोक विधाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जीवंत प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने आदिवासी समाज के रचनाकार मती हेमवती ठाकुर के द्वारा रचित पुस्तक ’आदिशक्ति माँ अंगारमोती’ एवं  मरई राधेश्याम बस्तरिया की पुस्तक ’घोटुल पुंदाना’ पुस्तक का भी विमोचन किया।