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राजधानी में बड़ी पुलिस बैठक: ASP, CSP और थाना प्रभारियों को दिए गए सख्त निर्देश

रायपुर छत्तीसगढ़ में आगामी DG–IG कॉन्फ्रेंस को ध्यान में रखते हुए राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग की महत्वपूर्ण क्राइम बैठक जारी है, जिसमें शहर में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए विस्तृत रणनीतियों पर मंथन किया जा रहा है। यह बैठक कंट्रोल रूम स्थित C4 सभागार में हो रही है, जहां आईजी और एसएसपी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य फोकस हाल के दिनों में बढ़ रहे चाकूबाजी के मामलों पर सख्ती से नकेल कसना है। पुलिस अधिकारी शहर के ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर रहे हैं, जहां इस तरह की वारदातें अधिक हो रही हैं। इसके साथ ही साल के अंत (ईयर-एंडिंग) से पहले लंबित मामलों के निराकरण में आ रही दिक्कतों पर भी विस्तृत चर्चा की जा रही है। 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में 60वां अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन होगा। इसे ध्यान में रखते हुए राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष रूप से समीक्षा की जा रही है। बैठक में बताया गया कि इस राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, देशभर के लगभग 70 डीजी/आईजी रैंक के अधिकारी और 6 अन्य विशेष डिग्निट्री शामिल होंगे। ऐसे में रायपुर पुलिस के लिए सुरक्षा प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होने वाला है, जिसे देखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बैठक में शहर के सभी एएसपी, सीएसपी और प्रत्येक थाना प्रभारी मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों को शहर में फ्लैग मार्च, नाइट पेट्रोलिंग, असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का मानना है कि संयुक्त प्रयासों और सख़्त मॉनिटरिंग से न केवल शहर में अपराध नियंत्रण के प्रयासों को गति मिलेगी, बल्कि आगामी बड़े कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रहेगी।

धान खरीदी सीज़न का शुभारंभ: मंत्री दयालदास बघेल के निर्देश—समय पर भुगतान और निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करें

सूरजपुर  प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का बहुप्रतीक्षित सीजन आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के तहत किसान अब सीधे अपने नजदीकी धान उपार्जन केंद्रों में धान बेच सकेंगे। सूरजपुर जिले में खरीदी का आगाज़ प्रदेश के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने चंदरपुर धान उपार्जन केंद्र में पूजा-अर्चना कर किया। इस दौरान उन्होंने किसानों का स्वागत करते हुए तौल कांटे पर धान की पहली बोरी तौलकर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की। किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री बघेल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि धान बेचने के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी समिति प्रबंधक द्वारा किसान से दुर्व्यवहार किया गया या धान पलटी करने जैसे अवैध कार्य कराने की शिकायत मिली तो संबंधित प्रबंधक पर तत्काल सख़्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री बघेल ने यह भी निर्देश दिया कि धान खरीदी के बाद 72 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान अवश्य पहुंच जाए। उद्घाटन कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक भुलन सिंह मरावी, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। जिले में खरीदी का लक्ष्य और व्यवस्था सूरजपुर जिले में इस वर्ष 425009 मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की 54 समितियों में कुल 63,819 पंजीकृत किसान इस प्रक्रिया में शामिल होंगे। पहले ही दिन लगभग पाँच किसानों से करीब 250 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। प्रदेश में खरीदी व्यवस्था : 15 नवंबर से 31 जनवरी तक अभियान राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए इस वर्ष भी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक का समय निर्धारित किया है। किसानों को सप्ताह में पाँच दिन- सोमवार से शुक्रवार धान बेचने की अनुमति होगी। समर्थन मूल्य और लक्ष्य     समर्थन मूल्य : 3100 रुपये प्रति क्विंटल     राज्य स्तरीय लक्ष्य : 160 लाख मीट्रिक टन धान उठाव     पूरे प्रदेश में उपार्जन केंद्र : 2739 अवैध परिवहन पर निगरानी तेज राज्य सरकार ने अवैध खरीद–फरोख्त रोकने कड़े कदम उठाए हैं। सीमा क्षेत्रों पर चेक पोस्ट सक्रिय कर दिए गए हैं, ताकि बाहरी राज्यों से धान की अनियमित ढुलाई रोकी जा सके। खरीदी केंद्रों में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, ड्रेनेज व्यवस्था, तिरपाल और अन्य सुरक्षा साधन लगाए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध बिक्री या परिवहन पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तुंहर टोकन ऐप अनिवार्य, किसानों के लिए राहत राज्य में पंजीकृत किसानों को इस वर्ष भी तुंहर टोकन ऐप से ही टोकन लेना होगा। किसान घर बैठे ही अपने निर्धारित तारीख के लिए टोकन प्राप्त कर सकते हैं। जो किसान ऐप का उपयोग नहीं कर पा रहे, उनके लिए मंडी स्तर पर टोकन जारी करने की सुविधा रखी गई है। टोकन वितरण नियम     2 एकड़ तक जमीन वाले किसान : 1 टोकन     2 से 10 एकड़ तक : 2 टोकन     10 एकड़ से अधिक : अधिकतम 3 टोकन ऐप से रोज़ाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक टोकन लिए जा सकेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी किसान को टोकन या पंजीयन में कोई समस्या न आए।

एंबुलेंस में चल रही थी मदिरा तस्करी, पुलिस को देखकर ड्राइवर फरार

खरगोन  अजब-गजब मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग का गजब कारनामा सामने आया है। एंबुलेंस से स्वास्थ्य सुविधाओं की जगह की अवैध शराब की तस्करी जा रही थी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई है। एंबुलेंस से परिवहन करते शराब की 52 पेटी हेलापड़ावा चौकी पुलिस ने जब्त की है। कार्रवाई के दौरान ड्राइवर एंबुलेंस छोड़कर मौके से फरार हो गया। दरअसल सोशल मीडिया पर एंबुलेंस से शराब तस्करी का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद थाना चैनपुर पुलिस ने 52 पेटी शराब व एंबुलेंस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चौकी के सामने लगे बेरिकेड्स को तोडकर ड्राइवर भागने में सफल हो गया। आज हेलापड़ावा में स्वास्थ्य शिविर आपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बना ली और जानकारी देने में आनाकानी करते रहे। आज हेलापड़ावा में स्वास्थ्य विभाग का स्वास्थ्य शिविर लगा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि तस्करी में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है। यदि ऐसा नहीं है तो स्वास्थ्य विभाग अंधेरे में पड़ा है।

कुश्ती जगत में हलचल: WFI ने हटाया दोनों खिलाड़ियों पर लगा बैन, जानें पूरी कहानी

चंडीगढ़  भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत और जूनियर पहलवान नेहा सांगवान पर लगा निलंबन हटा लिया। इन दोनों पहलवानों को इस साल की शुरुआत में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में अधिक वजन का पाए जाने के कारण प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस फैसले का मतलब है कि दोनों पहलवान प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) के आगामी चरण की नीलामी में भाग ले सकेंगे। पेरिस खेलों के कांस्य पदक विजेता अमन को सितंबर में क्रोएशिया के जगरेब में विश्व चैंपियनशिप के दौरान अधिक वजन के कारण निलंबित कर दिया गया था जबकि नेहा को अगस्त में बुल्गारिया के समोकोव में जूनियर विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित किए जाने के बाद निलंबन सामना करना पड़ा था। दोनों पहलवानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। अमन को 22 सितंबर और नेहा को 25 अगस्त को भेजे गए नोटिस के जवाब क्रमशः 28 सितंबर और 18 सितंबर को प्राप्त हुए। जगरेब प्रतियोगिता के लिए नियुक्त कोचों को भी नोटिस जारी किए गए थे। डब्ल्यूएफआई के अनुसार पहलवानों ने अपने लिखित बयान में इस घटना को अपनी पहली गलती बताया और महासंघ को आश्वासन दिया कि इस तरह के उल्लंघन दोबारा नहीं होंगे। डब्ल्यूएफआई अनुशासन समिति की 13 नवंबर को हुई बैठक में इन दोनों के जवाबों की जांच की गई और पाया गया कि दोनों पहलवानों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन शानदार रहा है। इसलिए समिति ने उनकी पिछली उपलब्धियों को देखते हुए उनके प्रति नरम रुख अपनाने की सिफारिश की। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने सिफारिश को स्वीकार करते हुए उनके निलंबन को हटाने और उन्हें भविष्य की सभी प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति देने का आदेश जारी किया। महासंघ ने हालांकि चेताया कि भार प्रबंधन या अनुशासन से संबंधित किसी भी उल्लंघन के बार बार किए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।  

दिल्ली धमाके की गुत्थी सुलझी! पठानकोट का डॉक्टर गिरफ्तार, अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ाव आया सामने

पठानकोट  दिल्ली ब्लास्ट की साजिश सिर्फ हरियाणा में ही नहीं रची गई थी, बल्कि पंजाब तक इसके तार जुड़े थे। इस मामले में अब पंजाब के पठानकोट के मामून कैंट में काम करने वाले एक डॉक्टर को इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट पर गिरफ्तार किया गया है। शनिवार देर रात उसे पकड़ा गया। उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले 45 वर्षीय रईस अहमद भट्ट के रूप में हुई है। वह 4 साल फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है और अब भी इस यूनिवर्सिटी के अपने कई फेलो के संपर्क में था। यह भी पता चला है कि डॉक्टर रईस भट्ट का दिल्ली विस्फोट के मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर के साथ भी संपर्क था।   डॉ. रईस अहमद भट्ट को किस जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया है, ये अभी तक पता नहीं चला है। यहां तक कि लोकल पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। लेकिन पठानकोट के इस मेडिकल कॉलेज के प्रबंधक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पठानकोट के मामून कैंट इलाके में व्हाइट मेडिकल कॉलेज है। यहां के प्रबंधक स्वर्ण सलारिया ने बताया कि डॉ. भट्ट को देर रात अज्ञात एजेंसी की ओर से गिरफ्तार किया गया। वह यहां तीन साल से बतौर सर्जन काम कर रहा था। वह एमबीबीएस, एमएस, एफएमजी और सर्जरी का प्रोफेसर था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में 4 साल रहा इससे पहले वह चार साल तक फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में भी काम कर चुका है। सबसे गंभीर बात ये है कि डॉ. रईस की गिरफ्तारी पठानकोट के केंट इलाके से हुई है। पाकिस्तान की सीमा से लगा पंजाब का पठानकोट बेहद संवेदनशील शहर है। यहां के एयर फोर्स स्टेशन पर घातक आतंकी हमला हो चुका है। आपरेशन सिंदूर में भी पठानकोट पाकिस्तान के निशाने पर रहा था। डॉ. रईस तक ऐसे पहुंची जांच एजेंसी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सामने आए व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल में जांच एजेंसी मौजूदा डॉक्टरों व स्टॉफ के अलावा पुराने लोगों को भी चेक कर रही है। जांच कर रही टीम ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पहुंचकर ये पता लगाया कि यहां पहले कौन डॉक्टर व स्टॉफ काम कर चुके हैं। इसमें टीम ने पूछा कि वे लोग कितने समय पहले यहां से छोड़कर जा चुके हैं। उनके यहां से छोड़ने के कारण का भी पता किया गया कि वे किन वजहों से छोड़कर गए और वे कहां के रहने वाले थे। सभी के नाम, नंबर और यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यरत रहने के दौरान उनके पद के अनुसार डिटेल ली गई थी। इसी डिटेल के आधार पर टीम पठानकोट में चल रहे मेडिकल कॉलेज तक पहुंची और डॉ. रईस अहमद भट्ट को गिरफ्तार किया।

झारखंड के 25वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने दी बधाई

रांची मोदी ने जनजातीय अधिकार नेता एवं स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की विरासत को याद करते हुए कहा, ‘‘जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है।'' प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।'' झारखंड 2000 में बिहार से अलग करके बनाया गया था। 15 नवंबर को राज्य का स्थापना दिवस होने के साथ ही आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की जयंती भी है। 

बिहार चुनाव परिणाम पर शेखावत का बयान—‘जनता ने सच का साथ दिया’

जोधपुर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों, जम्मू-कश्मीर विस्फोट और अंता उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों ने इस चुनाव में मजबूत एकजुटता का परिचय दिया और सामूहिक संगठन शक्ति का उपयोग करते हुए चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव में मुख्य मुकाबला ‘जंगल राज बनाम विकास’ के बीच था, और जनता ने जब चुनाव का समय आया, तो प्रचंड बहुमत देकर यह संदेश दिया कि अब देश की राजनीति का मुख्य आधार केवल और केवल विकास होगा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठे नैरेटिव गढ़कर, वोट चोरी जैसे अर्थहीन और आधारहीन आरोप लगाकर, संवैधानिक संस्थाओं पर लांछन लगाने वालों को जनता ने इस चुनाव में सख्त संदेश दिया है। शेखावत ने कहा कि देश में कई बार जनता ने सरकार बदलने के लिए घर से बाहर निकलकर अधिक मतदान किया, लेकिन इस बार जनता ने नकारात्मक और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए लगभग 10% अधिक मतदान किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद के नेताओं ने चुनाव को हल्के स्तर पर ले जाने की कोशिश की। माननीय प्रधानमंत्री की माता जी से लेकर छठ मैया तक को उन्होंने नहीं बख्शा। बिहार की जनता ने इनके मुंह पर तमाचा मारकर जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि जो दल सरकार बनाने की बातें कर रहे थे, वे दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। शेखावत ने आगे कहा कि एनडीए के सभी घटक दल भाजपा, जदयू, लोजपा और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए 80 से 90% स्ट्राइक रेट हासिल किया। आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस जम्मू-कश्मीर में हुए विस्फोट पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दिल्ली हादसे से पहले ही सभी एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उससे पहले 2900 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने एक बड़े नुकसान को टाल दिया। शेखावत ने कहा, “सरकार का संकल्प है कि आतंकवाद के प्रति हमारा जीरो टॉलरेंस है। ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले, चाहे देश के भीतर हों या बाहर, उन्हें निश्तेनाबूत किया जाएगा।” अंता उपचुनाव पर कही ये बात अंता उपचुनाव पर शेखावत ने कहा कि उपचुनाव कई मुद्दों से जुड़े होते हैं और इन्हें सामान्य चुनाव की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अंता सीट ज्यादातर समय भाजपा के पास रही है, लेकिन जो भी कारण रहे हैं, वह आत्म अवलोकन का विषय है। शेखावत ने कहा, “हम सभी इस पर विचार करेंगे और आगे इस बात पर काम करेंगे कि भाजपा सरकार की नीतियों का प्रभाव देश की जनता के हृदय तक पहुँचे।”  

फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट स्कीम लागू: पंजाब सरकार ने बताए पात्रता नियम

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। इस महत्वपूर्ण कदम के तहत, पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों (लगभग 6.5 करोड़ लोग) को प्रति परिवार 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है। पंजाब अब दुनिया का पहला ऐसा राज्य बनने की ओर अग्रसर है जिसने न केवल सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा की बात की है, बल्कि इसे प्रदान करने के साधन भी उपलब्ध कराए हैं। यह योजना जल्द ही पूरे पंजाब में लागू की जाएगी। खास बात यह है कि इस योजना के लिए किसी आय प्रमाण पत्र या राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। पंजाब के निवासी होने का सत्यापन करने के लिए केवल आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र ही कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य कार्ड बन जाएगा। सरकारी कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता भी इस योजना के दायरे में आएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि अब कोई नीला, पीला कार्ड नहीं देखा जाएगा, जो भी पंजाब का निवासी है, उसे इस योजना के तहत इलाज मिलेगा। इस योजना के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में हर बीमारी का मुफ्त इलाज किया जाएगा। 

खराब सड़क निर्माण पर सख्त हाईकोर्ट: NHAI को नोटिस, सड़क सुधारने के निर्देश

  इंदौर  मध्यप्रदेश के हाईकोर्ट की इदौर खंडपीठ ने NHAI (National Highways Authority of India भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के बनाए गए 8.5 किलोमीटर के हाईवे (सड़क) को लेकर लगी याचिका मामले में 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। गड्ढों के कारण हो रहे हादसे याचिकाकर्ता के एडवोकेट के मुताबिक 106 करोड रुपए की लागत से बनी सड़क 6 महीने में उखड़कर गड्ढे में तब्दील हो गई है। मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI से 15 दिसंबर तक जवाब मांगा है। याचिका में बताया गया है कि सड़क पर हुए गड्ढों के कारण हादसे हो रहे हैं। इंदौर सेंधवा हाईवे का मामला इंदौर हाईकोर्ट ने NHAI को सड़क ठीक करने के निर्देश दिए हैं। साल 2009 से 2024 के बीच 3000 से ज्याद एक्सीडेंट में 450 से ज्यादा मौतें हो चुकी है। घाट को कम करने के लिए 8.5 किलोमीटर का रोड का निर्माण किया था। जनहित याचिका लगने के बाद ही इंदौर सेंधवा हाईवे का यह रोड बनाया गया था।

नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे की अटकलें: नया शपथ ग्रहण कब होगा?

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने तीन चौथाई से भी बड़े बहुमत के साथ राज्य के चुनावी इतिहास में अभूतपूर्व तथा अप्रत्याशित जीत दर्ज की है और विपक्षी महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया है। कुल 243 सदस्यीय विधान सभा के चुनाव की शुक्रवार को हुई मतगणना में अब तक प्राप्त नतीजों और रुझानों में राजग को 202 और महागठबंधन को 35 सीटें मिली हैं जबकि छह सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजय हुए हैं। वहीं अब बिहार के सियासी गलियारों में नई सरकार का गठन कब होगा, इस विषय पर चर्चा चल रही है। नीतीश कुमार 10वीं बार लेंगे CM पद की शपथ? बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि सीएम नीतीश कुमार आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां मुलाकात कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते है। साथ ही शपथ ग्रहण समारोह को लेकर भी चर्चा कर सकते है। उम्मीद है कि अगले हफ्ते तक 18वीं विधानसभा का गठन हो सकता है। NDA ने बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से 202 सीटों पर कब्जा करते हुए प्रचंड जीत हासिल की। इसी रिकार्ड तोड़ जीत के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने को तैयार हैं। हालांकि, अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गौरतलब हो कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सबसे अधिक वोट प्रतिशत हासिल किया है। Election Commission Data के अनुसार RJD को 23% वोट शेयर मिला, जबकि BJP को 20.08% और JDU को 19.25% वोट मिले। इसके बावजूद दोनों एनडीए दलों ने आरजेडी से कहीं ज्यादा सीटें जीत लीं। RJD का वोट प्रतिशत ज्यादा होना उसकी सत्ता तक की दूरी को कम नहीं कर सका क्योंकि— उसने सबसे ज्यादा सीटों पर उम्मीदवार उतारे। कई सीटों पर बड़ा मार्जिन मिला पर सीटें नहीं बढ़ीं। महागठबंधन का कुल वोट शेयर NDA के मुकाबले काफी कम था। BJP-JDU का रणनीतिक सीट प्रबंधन ज्यादा कारगर रहा। यही वजह है कि RJD Highest Vote Share Winner होने के बावजूद Seat Tally में कमजोर साबित हुई।