samacharsecretary.com

मध्यप्रदेश उद्योग स्थापना का केंद्र बना, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ₹5000 रोजगार सब्सिडी की घोषणा की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में कृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। MP देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश- CM मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। CM गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया। पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित CM ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर ले देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी। MP और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा‍कि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य … Read more

हथियारों के साथ तीन शूटर पकड़े गए, सीतामढ़ी में कपूर झा गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सीतामढ़ी  बिहार के सीतामढ़ी जिले में आज यानी सोमवार सुबह पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात कपूर झा गैंग के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ सोमवार तड़के करीब 4 बजे बाजपट्टी थाना क्षेत्र के जंगल इलाके में हुई है। बताया जा रहा है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कपूर झा गिरोह के कुछ सदस्य किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। उक्त सूचना के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बाजपट्टी थाना क्षेत्र में छापेमारी शुरू की। पुलिस को देखते हुए अपराधियों ने अंधाधुंध गोलाबारी शुरू कर दी। वहीं पुलिस ने भी आत्मरक्षा के लिए जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग की गई। इस मुठभेड़ में तीन अपराधी घायल हो गए, जिन्हें पुलिस ने मौके पर ही हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया। वहीं कुछ अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले। पकड़े गए तीन शूटरों की पहचान राहुल झा, दीपक ठाकुर और लोहा सिंह के रुप में हुई है। पुलिस तीनों शूटरों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए अपराधी  हत्या, डकैती और रंगदारी जैसी वारदातों में सलिंप्त रहे हैं।

रेलवे स्टेशनों पर बैटरी गाड़ियों के खिलाफ कुलियों का हल्ला, राजनीतिक समर्थन भी साथ

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बैटरी चलित वाहन शुरू करने के फैसले के खिलाफ कुलियों का विरोध नहीं थम रहा है. इस कदम को अपनी आजीविका पर बड़ा संकट बताते हुए बड़ी संख्या में कुलि आज प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर लामबंद हुए. रेलवे लाइसेंसी पोर्टर्स के बैनर तले कुली प्रदर्शन कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे कुलियों का कहना है कि रेलवे में आधुनिकीकरण और निजीकरण के कारण उनकी आजीविका पर भीषण संकट मंडरा रहा है. महंगाई के दौर में उनकी सीमित आमदनी से परिवार का पालन-पोषण करना लगभग असंभव हो गया है. रेलवे ने कुलियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई आदेश जारी किए थे, जैसे उनके बच्चों को रेलवे विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा, परिवार के सदस्यों के लिए निःशुल्क चिकित्सा व्यवस्था, प्रतिवर्ष चार वर्दी प्रदान करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्रामालय उपलब्ध कराना. ये सभी प्रावधान अभी तक जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पाए हैं. विशेष रूप से रायपुर मंडल में कुलियों की उपस्थितिऔर स्टेशनों पर बैटरी चालित वाहनों की निःशुल्क सेवा उपलब्ध होने के बावजूद सामान ढोने का ठेकेदारी कार्य एक निजी कंपनी को सौंप दिया है—प्रति यात्री 50 रुपये तथा प्रति लगेज 30 रुपये की दर से. यह कुलियों की आजीविका का हनन है. गौरतलब है कि रेल्वे लायसेंसी पोर्टर्स मजदूर सहकारी संस्था मर्यादित, रायपुर ने 22 सितंबर को मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन दिया था. जिसमें उन्हें आश्वसन मिला था कि उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा, लेकिन कुछ घण्टों बाद बताया गया कि निविदा निरस्त हो सकती है. उन्होंने मांग की है कि निविदा को निरस्त कर कुलियों के रोजी-रोजगार को बचाने की व्यवस्था की जाए. नहीं तो जिस प्रकार 2003 में कुलियों को रेलवे में समायोजित किया गया था, उसी प्रकार पुनः किया जाए. छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की एंट्री कुलियों ने बताया कि वह आगे की लड़ाई छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के साथ मिलकर लड़ेंगे. ज्ञापन, प्रेस वार्ता, धरना, शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे.

कांग्रेस पर मंत्री नेताम का हमला: विजय रथ को रोकने में किसी में दम नहीं

रायपुर कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की दावेदारी को लेकर मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि सब घोड़े एक जगह जमा हो गए हैं. सभी घोड़े की स्थिति खराब है. कांग्रेस का कोई भी घोड़ा टिकने वाला नहीं है. भाजपा का रथ बहुत तेजी के आगे बढ़ रहा. जिसे रोकने का किसी में ना ही दुस्साहस है और ना ही क्षमता. धान खरीदी को लेकर मंत्री नेताम का बड़ा बयान छत्तीसगढ़ में जल्द ही धान खरीदी की शुरुआत होने वाली है. कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होगी. सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करेगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है. इसके बाद धान खरीदी की शुरुआत करेंगे. बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सहयोग केंद्र की शुरूआत मंत्री रामविचार नेताम ने आज फिर से ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की शुरूआत को लेकर कहा कि पहले की सरकार में भी सहयोग केंद्र खोले गए थे. यहां बारी-बारी से मंत्रियों की ड्यूटी लगती है. कार्यकर्ता अपनी समस्याओं को रखते हैं. सहयोग के माध्यम से निराकरण किया जाता है.

बिहार चुनाव की तारीखों का ऐलान, दो चरणों में वोटिंग और 14 नवंबर को नतीजे

पटना  बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों का का ऐलान हो गया है. राज्य में दो चरण में चुनाव होंगे. आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बिहार चुनाव की तारीखों के बारे में बताया. पहले चरण का चुनाव 6 नवंबर को होगा. दूसरे चरण का चुनाव 11 नवंबर को कराया जाएगा. मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी. उन्होंने बताया कि इस पर 14 लाख नए वोटर्स बिहार चुनाव में पहली बार मतदान करेंगे. इसी के साथ प्रदेश में आचार संहिता लागू होने जा रही है. आपको बता दें कि बिहार चुनाव की तारीखों का नेताओं के साथ ही राज्य की जनता को भी लंबे समय से बेसब्री से इंतजार था. आज चुनाव आयोग ने सारी तस्वीर साफ कर दी है. इस दौरान पत्रकारों ने कई सवाल पूछे और आयोग ने उनके सवालों का भी जवाब दिया. चुनाव आयोग से आयोग की विश्वसनीयता से लेकर एसआईआर के जरिए घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से बाहर करने के बारे में सवाल पूछा गया. बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान इलेक्शन कमिशन की ओर से हो रहा है। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में 7.42 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में कई नई चीजें शुरू हो रही हैं और उन्हें देश भर में आगे चलकर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधाओं के लिए तय किया है कि एक पोलिंग बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर ना रहें। बिहार में 90 हजार 700 पोलिंग बूथ रहेंगे। इनमें से महिलाओं द्वारा 1044 बूथ संचालित होंगे। इसके अलावा मॉडल पोलिंग बूथ 1000 के करीब रहेंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हर जगह पोलिंग स्टेशन ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को सुविधा रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने बिहार के दौरे पर जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि किसी भी तरह से उम्मीदवारों और मतदाताओं को धमकी मिलने जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहेंगे कि हर कोई मतदान करे और उसके लिए पर्याप्त सुविधा रहे। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि अवैध लेनदेन, कैश आदि पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा उम्मीदवारों के खर्चों पर भी नजर रहेगी। उन्होंने कहा कि हम कुल 17 नए कदम उठा रहे हैं, जो बाद में देश के अन्य चुनावों में भी लागू होंगे। बिहार में पहली बार वोट डालेंगे 14 लाख मतदाता उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में नए जुड़े हैं या फिर जिनके पते आदि बदल गए हैं, उन्हें नए वोटर आईडी कार्ड दिए गए हैं। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 15 दिनों के अंदर हमने इस पर अमल किया है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि बिहार चुनाव में 14 लाख मतदाता ऐसे होंगे, जो पहली बार वोट डालेंगे। इन सभी लोगों को वोटर कार्ड दे दिए गए हैं। बिहार चुनाव में मतदाताओं को यह सुविधा रहेगी कि वे पोलिंग बूथ तक मोबाइल ले जा सकेंगे। वे पोलिंग स्टेशन के ठीक बाहर मोबाइल जमा करा सकेगा और बाहर निकलकर उसे ले लेगा। चुनाव की तारीखों का पूरा शेड्यूल हर सीट के लिए होगा पर्यवेक्षक, 1950 होगा हेल्पलाइन नंबर होगा ECINET के माध्यम से BLO से संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा इलेक्शन कमिशन से बात करने के लिए 1950 डायल कर सकते हैं। इस नंबर को डायल करने से पहले +91 लिखना है और संबंधित एरिया का एसटीडी कोड लिखना है। फिर 1950 डायल करना है। हर सीट पर एक पर्यवेक्षक होगा। यह जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। जो अलग-अलग राज्यों से आएंगे। इनके नंबर भी ECINET और वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। कुल साढ़े 8 लाख चुनाव कर्मी मतदान संपन्न कराएंगे और रिजल्ट में शामिल होंगे।   बिहार विधानसभा के आम चुनाव का कार्यक्रम चुनाव इवेंट्स पहला चरण (121 विधानसभा क्षेत्र) दूसरा चरण (122 विधानसभा क्षेत्र) गजट अधिसूचना जारी करने की तिथि 10.10.2025 (शुक्रवार) 13.10.2025 (सोमवार) नामांकन करने की अंतिम तिथि 17.10.2025 (शुक्रवार) 20.10.2025 (सोमवार) नामांकन की जांच की तिथि 18.10.2025 (शनिवार) 21.10.2025 (मंगलवार) उम्मीदवारों की नाम वापसी की अंतिम तिथि 20.10.2025 (सोमवार) 23.10.2025 (गुरुवार) मतदान की तिथि 06.11.2025 (गुरुवार) 11.11.2025 (मंगलवार) मतगणना की तिथि 14.11.2025 (शुक्रवार)   जिस तारीख से पहले चुनाव संपन्न हो जाएगा 16.11.2025 (रविवार)     मुख्य बिंदु    बिहार में 6 और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग, 14 नवंबर को नतीजे आएंगे     बिहार चुनाव 2025: ‘EVM में उम्मीदवारों के कलर फोटो होंगे’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार विधानसभा चुनाव: ‘सीरियल नंबर भी बड़ा लिखा जाएगा’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चुनाव आयोग ने वोटर हेल्पलाइन नंबर 1950 जारी किया     बिहार चुनाव 2025: ‘प्रत्याशियों की कलर फोटो लगाई जाएगी’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कानून-व्यवस्था संवेदनशील मुद्दा- CEC ज्ञानेश कुमार     'बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में 17 नए प्रयोग किए जा रहे', बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव के दौरान किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी: CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव 2025: ‘फेक न्यूज पर कड़ी नजर रखी जाएगी’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव में 40 सीटें आरक्षित, SC के लिए 38 और ST के लिए 2: CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव 2025: ‘14 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार     ‘बिहार में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी होंगे’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार       बिहार चुनाव: 24 जून से SIR के जरिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण- CEC ज्ञानेश कुमार     बिहार चुनाव 2025: ‘30 अगस्त को फाइनल वोटर लिस्ट दी’, बोले CEC ज्ञानेश कुमार एक कॉल पर BLO से करें बात निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरी चुनावी मशीनरी को अब सिर्फ एक कॉल की दूरी पर ला दिया है. बिहार में कुल 90,712 बीएलओ (BLOs), 243 ईआरओ (EROs) और 38 डीईओ (DEOs) नियुक्त किए गए हैं, जिनसे अब सीधे संपर्क किया जा सकता है. मतदाता 1950 (Voter Helpline) नंबर पर कॉल करके जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इसके लिए केवल संबंधित जिले का STD कोड लगाकर +91-STD Code-1950 डायल करना होगा — जैसे पटना के लिए +91-612-1950. … Read more

जापान दौरे पर हरियाणा सीएम सैनी, निवेशकों को दिया समिट 2026 का न्यौता, ये है पूरा कार्यक्रम

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार से तीन दिवसीय जापान दौरे पर रहेंगे। यह दौरा विकसित भारत-विकसित हरियाणा के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री 6 से 8 अक्तूबर तक टोक्यो और ओसाका में कई उच्च स्तरीय बैठकों और निवेशक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। साथ ही विदेशी कंपनियों को हरियाणा में औद्योगिक साझेदारी और निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जापान पहुंच गए हैं। उनकी अध्यक्षता में जापान सरकार के साथ हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल मिला है। जापान के विदेशी मामलों के राज्यमंत्री मियाजी तकुमा से सीएम सैनी ने मुलाकात की है। हरियाणा और जापान के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक के संबंधों को और भी मजबूत करने पर दोनों देशों के नेताओं में बात हुई है। मुख्यमंत्री ने हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2026 का भी न्यौता दिया है।  9 अक्तूबर को वापसी कर पीएम नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे को लेकर दिल्ली हरियाणा भवन में सीएम सैनी सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक और दोपहर एक बजे भाजपा विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इससे पूर्व सीएम सैनी शनिवार को शताब्दी ट्रेन से चंडीगढ़ से दिल्ली रवाना हुए। ट्रेन में यात्रा के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि 17 अक्तूबर को प्रदेश सरकार के वर्तमान कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर सोनीपत में भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और प्रदेश को अनेक परियोजनाओं की सौगात देंगे। सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सैनी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में संकल्प पत्र के 42 वायदे पूरे किए जा चुके हैं और 90 पर कार्य प्रगति पर है। राज्य की 19 लाख बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिल रहे हैं और अब तक 25 हजार युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है। ऐसे रहेगा सीएम का विदेश दौरा 6 अक्तूबर: सीएम सुबह टोक्यो पहुंचेंगे और अपनी आधिकारिक गतिविधियों की शुरुआत जापान के विदेश मंत्रालय एवं अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय के मंत्रियों से मुलाकात से करेंगे। वे जापान के विदेश राज्य मंत्री मियाजी ताकुमा और उद्योग राज्य मंत्री कोगा यूइचिरो के साथ द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वे टोक्यो में भारतीय दूतावास में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे और जेईटीआरओ, डेंसो, सुमितोमो, निसिन फूड्स, टोप्पन जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे। 7 अक्तूबर : शिंकानसेन (बुलेट ट्रेन) से ओसाका जाएंगे जहां वे वर्ल्ड एक्सपो 2025 में भाग लेकर हरियाणा स्टेट जोन का उद्घाटन करेंगे। सीएम जापानी मेयरों और उद्योगपतियों के साथ निवेश बैठकें करेंगे तथा निवेश रोड शो में राज्य के औद्योगिक अवसरों को प्रस्तुत करेंगे। 8 अक्तूबर: सैनी सुजुकी और कुबोटा संयंत्र का दौरा करेंगे और ओसाका प्रिफेक्चर के गवर्नर से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा हरियाणा को वैश्विक औद्योगिक साझेदारी और विदेशी निवेश के नए अवसरों से जोड़ने वाला मील का पत्थर साबित होगा।  

मंत्री बैंस ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, कहा—शिक्षक हैं ज्ञान और मूल्यों के स्तंभ

चंडीगढ़ पंजाब में अब कोई भी शिक्षक पढ़ाने के सिवाय गैर शैक्षिक कार्य नहीं करेगा। शिक्षामंत्री हरजोत बैंस ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत प्रभाव से इस संदर्भ में सभी विभागों को सख्त हिदायत जारी करें। शिक्षामंत्री ने साफ कहा कि शिक्षकों के लिए कक्षाएं सबसे ज्यादा जरूरी कार्य हैं न कि अन्य कार्य। कई जिलों में शिक्षकों को कक्षाओं से हटाकर रुटीन प्रशासनिक कामों में लगाने की रिपोर्टों पर शिक्षामंत्री ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इस रिवायत को शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के साथ घोर अन्याय करार दिया। उन्होंने शिक्षण ड्यूटी को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि शिक्षक अपनी मुख्य जिम्मेदारी पर ही ध्यान केंद्रित करें। मुख्य सचिव को लिखे पत्र में मंत्री बैंस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक केवल साधारण सरकारी कर्मचारी नहीं हैं – वे ज्ञान और मूल्यों के ध्वजवाहक हैं, जिन्हें पंजाब के भविष्य को दिशा देने की पवित्र जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें कक्षाओं की जगह विभिन्न प्रशासनिक कामों में लगाना न केवल उनके साथ बल्कि हमारे बच्चों के साथ भी अन्याय है। ऐसा करने से बच्चों की शिक्षा का अधिकार प्रभावित होता है। बताते चलें कि इस संदर्भ में सूबे के शिक्षक भी मांग कर रहे थे, जिस पर अब शिक्षा मंत्री संज्ञान ले लिया है। मंत्री ने आरटीई एक्ट का दिया हवाला मंत्री ने बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम-2009 की धारा 27 का हवाला देते हुए कहा कि यह धारा गैर-शैक्षिक उद्देश्यों के लिए शिक्षकों की तैनाती पर रोक लगाती है। यह मनाही केवल कुछ विशेष मौकों जैसे दस वर्षीय जनगणना, आपदा राहत कार्य और स्थानीय संस्थाओं, राज्य विधानसभाओं या संसदीय चुनावों में ड्यूटी पर लागू नहीं होती। शिक्षा मंत्री बैंस ने बताया कि यह व्यवस्था बहुत सोच-समझकर लागू की गई थी ताकि शिक्षकों का समय और ऊर्जा क्लासरूम शिक्षण पर केंद्रित रह सके, जो हमारे समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि कई बार जरूरी सरकारी काम हो सकते हैं, लेकिन ऐसे कार्यों के लिए शिक्षक को पहला विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कक्षाओं में उनकी मौजूदगी के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। लिखित अनुमति लेना अनिवार्य पत्र में मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए मंत्री बैंस ने कहा कि सभी प्रशासनिक विभागों और जिला अधिकारियों को स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं कि आरटीई अधिनियम, 2009 की धारा 27 में बताई गई ड्यूटी के अलावा शिक्षकों की कोई भी गैर-शैक्षिक ड्यूटी न लगाई जाए। ऐसी कोई भी स्थिति, जहां शिक्षकों की तैनाती आवश्यक हो, ऐसी किसी भी तैनाती से पहले स्कूल शिक्षा विभाग से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य किया जाए।

फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई होने वाला 189 किलो पनीर लुधियाना में जब्त

लुधियाना  इन दिनों त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। त्योहार में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन बाजारों में मिलावटी मिठाई सेहत को खराब भी कर सकती है। त्योहारी सीजन में मिलावट खोर मोटा मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत बिगाड़ने से नहीं बाज नहीं आते। दूध एवं उससे बनने वाले मावा, पनीर आदि में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है। हालांकि मिलावटखोरी रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी अलर्ट हो गई हैं।  पंजाब के लुधियाना में नकली पनीर की बड़ी खेप पकड़ी गई है। सेहत विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने त्योहारी दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की है। सीआईए जगरांव की टीम के साथ मिलकर सेहत विभाग की टीम ने गांव रामगढ़ भुल्लर के पास सिधवां बेट रोड पर नाकेबंदी की। वाहनों की जांच के दौरान एक टेंपो से 189 किलो पनीर बरामद किया। यह पनीर हरियाणा के नरवाणा से 210 रुपये प्रति किलो की दर पर खरीदा गया था और जगरांव से नकोदर तक फास्ट फूड कॉर्नर और ढाबों में सप्लाई किया जाना था। फूड सेफ्टी विंग ने पनीर के सैंपल भरकर गुणवत्ता जांच के लिए स्टेट फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी में भेज दिए और शेष पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई जिसके तहत डेयरी उत्पादों के निर्माण, भंडारण और परिवहन के दौरान स्वच्छता, तापमान नियंत्रण व गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि पनीर की सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की पहचान और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  

दुर्गा पूजा मेले में भारी बारिश से दुकानदारों का नुकसान, व्यापारियों में बढ़ी चिंता

रांची झारखंड में भारी बारिश ने न सिर्फ दुर्गा पूजा उत्सव मनाने वालों के उत्साह को कम कर दिया, बल्कि त्योहारी खरीदारी से बेहतर लाभ की उम्मीद लगाए बैठे छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी बड़ा झटका दिया। व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य की राजधानी रांची, औद्योगिक केंद्र जमशेदपुर और कोयला क्षेत्र धनबाद के व्यापारियों को डर है कि उनके नुकसान 25 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच हो सकते हैं। ‘फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' (एफजेसीसीआई) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ​​ने को बताया कि हालिया जीएसटी कटौती के कारण व्यापारियों को पिछले साल की तुलना में अधिक बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘‘हमें त्योहारों के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद थी और प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने पूजा से पहले बोनस की घोषणा की थी। केंद्र द्वारा हाल ही में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की घोषणा किए जाने से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी कम हुई हैं। हालांकि, मूसलाधार बारिश के कारण हमारी सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं।'' व्यापारी संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि भारी बारिश के कारण दुर्गा पूजा के दौरान रांची में व्यापार में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। यह स्पष्ट रूप से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुदरा विक्रेताओं के लिए हाल के वर्षों में त्योहार के दौरान सबसे खराब बिक्री का आंकड़ा था। यहां 300 से अधिक दुर्गा पूजा आयोजित की गई थी। ‘सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के एक वरिष्ठ पदाधिकारी विजय आनंद मूनका ने कहा, ‘‘बारिश के कारण लोग दुकानों पर नहीं आए और अपनी जरूरत की चीज़ें ऑनलाइन ऑर्डर कर दीं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।'' बड़ी संख्या में कोयला खदानों वाले धनबाद में व्यापारियों ने अन्य वर्षों की तुलना में 60 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया है। ‘फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के सचिव अजय नारायण लाल ने छोटे दुकानदारों की परेशानियों के बारे में कहा, ‘‘बारिश के कारण उनका कारोबार चौपट हो गया, जिससे वे बेहद परेशान हैं। उन्होंने सामान खरीदने, पूजा पंडालों के पास जगह बुक करने और स्टॉल पर कर्मचारियों की व्यवस्था करने में भारी निवेश किया था। हालात ऐसे हैं कि वे अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नुकसान 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।'' रांची मौसम कार्यालय ने कहा कि राज्य में सितंबर तक 17 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश हुई है।  

पुलिस की बड़ी कामयाबी: नक्सलवाद के खिलाफ 3 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, इनाम राशि 1 लाख प्रति व्यक्ति

गरियाबंद नक्सल मोर्चे पर गरियाबंद पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. गरियाबंद-धमतरी-नुआपड़ा डिवीजन में सक्रिय तीन नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में नागेश समेत 2 महिला नक्सली- जैनी और मनीला शामिल है. नागेश ने देशी हथियार के साथ पुलिस में सरेंडर किया है. तीनों नक्सलियों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बताया जा रहा है कि ये सभी पिछले 5 से 8 सालों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे और कई बड़ी माओवादी वारदातों में शामिल रहे हैं. ये तीनों नक्सली बड़े माओवादी नेताओं के करीबी सहयोगी के रूप में काम करते थे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने सरकार की समर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियार डाले हैं. अब तक इस अभियान के तहत इलाके में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर 30 रह गई है. गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने बताया कि यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में शांति स्थापना को नई दिशा मिलेगी.