samacharsecretary.com

यूपी बनेगा एडवांस ट्रेनिंग हब, 17 राज्यों के छात्र सीखेंगे फॉरेंसिक साइंस और साइबर सिक्योरिटी

17 राज्यों के छात्र-छात्राएं यूपी में लेंगे फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी समेत अन्य विषयों में प्रशिक्षण यूपीएसआईएफएस में 6 हफ्ते की समर इंटर्नशिप शुरू, 108 छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा हमारा मुख्य उद्देश्य सर्टिफिकेट देना ही नहीं, कौशल विकास करना है: डॉ. जीके गोस्वामी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी का हब बनकर उभर रहा है। अब यूपी अपने ही नहीं, दूसरे राज्यों के छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न माध्यम से प्रशिक्षण दे रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस लखनऊ (यूपीएसआईएफएस) में ग्रीष्मकालीन (समर) इंटर्नशिप कार्यक्रम की शुरूआत सोमवार से हुई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित 17 राज्यों के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से कुल 108 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। यह सभी छात्र-छात्राएं छह हफ्ते तक विषय विशेषज्ञों द्वारा लॉ, फोरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिक विषयों की गहनता से जानकारी व दक्षता प्राप्त करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ मिले निर्देश पर इंटर्नशिप कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने किया। उन्होंने डेटा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में जिसके पास जितना डाटा रहेगा वह उतना ही सबल होगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक के क्षेत्र में युवाओं के लिए रोजगार के लिए बेहतर अवसर है, जिसके लिए आप में लगनशीलता होनी चाहिए। अगर लगन है तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।  उन्होंने यह भी कहा कि यूपीएसआइएफएस में बिताये गए आपके छह हफ्ते आपके भविष्य के द्वार को खोलेगा, आपको अपनी योग्यता से ऐसे अवसर का लाभ लेना चाहिए। सीएम योगी का निर्देश- देशभर के बच्चों का भविष्य संवारें डॉ. जीके गोस्वामी ने विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेज से आए हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि यह संस्थान न केवल उत्तर प्रदेश के छात्र-छात्राओं, युवाओं के भविष्य को विकसित करने में अग्रणी रहे बल्कि देश के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र एक सर्टिफिकेट देना नहीं है बल्कि आपके भीतर कौशल विकास करना है ताकि आप बाहर की दुनिया में स्वयं को प्रतिष्ठापित कर सकें। वहीं अपर निदेशक राजीव मल्होत्रा ने कहा कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता है। आप यूपीएसआईएफएस में एक संकल्प लेकर आये हैं और आप लगनशील हैं तो तो वह निश्चित पूरा होगा।   इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर चिरंजीव मुखर्जी, जनसंपर्क अधिकारी संतोष कुमार तिवारी, डॉ. सपना शर्मा, डॉ. प्रेरणा, डॉ.अजीत कुमार डॉ. प्रीती, डॉ. नेहा, डॉ. निताशा सहित अन्य उपस्थित रहे।

‘अपनापन’ पुस्तक के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे CM विष्णुदेव साय

‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं, कहा – जनसेवा के अनुभव समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं रायपुर /नई दिल्ली मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।  कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

‘मेरी उड़ान’ से बुलंद हुए सपने, KGBV की बेटियों ने मेहनत से छुआ सफलता का आसमान

मेरी उड़ान: केजीबीवी की बेटियों ने मेहनत से हासिल किया सफलता का आसमान अलीगढ़ में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों से निकली बेटियों ने खाकी पहन बढ़ाया प्रदेश का मान वंचित परिवारों की छात्राओं ने शिक्षा और संकल्प के दम पर लिखी प्रेरणा की नई कहानी लखनऊ  सपनों को पंख तब मिलते हैं, जब अवसर, शिक्षा और आत्मविश्वास एक साथ जुड़ते हैं। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय आज ऐसी ही हजारों बेटियों की उड़ान का मजबूत आधार बन रहे हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई करने वाली वंचित परिवारों की बेटियां अब प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर समाज में नई पहचान बना रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल, शिक्षकाओं के मार्गदर्शन और छात्राओं की अथक मेहनत ने इन विद्यालयों को केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को साकार करने का माध्यम बना दिया है। जनपद अलीगढ़ के विकास खण्ड अतरौली स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मढ़ौली की पूर्व छात्रा यामिनी वर्मा की कहानी संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा है। वर्ष 2012 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली यामिनी ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा। निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने पहले ही प्रयास में प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण की और 18 जून 2025 को जनपद इटावा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और विद्यालय का नाम रोशन किया। यामिनी वर्मा कहती हैं, “केजीबीवी ने मुझे केवल शिक्षा ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास भी दिया। यहां की शिक्षिकाओं ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अगर मुझे यहां का सहयोग और मार्गदर्शन नहीं मिलता तो शायद मैं अपने सपने तक नहीं पहुंच पाती। आज जो भी हूं, उसमें मेरे विद्यालय का बहुत बड़ा योगदान है।” इसी विद्यालय की छात्रा रहीं मुनिशा यादव ने भी अपने सपनों को हकीकत में बदलकर मिसाल पेश की। वर्ष 2008 में कक्षा-06 में प्रवेश लेने वाली मुनिशा शुरू से ही पुलिस सेवा में जाना चाहती थीं। पढ़ाई के साथ नियमित व्यायाम, दौड़ और अनुशासित तैयारी को उन्होंने अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर 12 जुलाई 2018 को जनपद अमरोहा में कांस्टेबल पद पर नियुक्ति प्राप्त की। मुनिशा यादव बताती हैं, “केजीबीवी में रहकर मुझे अनुशासन, आत्मनिर्भरता और बड़े सपने देखने की सीख मिली। यहां शिक्षिकाएं हर कदम पर हमारा हौसला बढ़ाती थीं। विद्यालय का माहौल ऐसा था जिसने मुझे अपने लक्ष्य के लिए लगातार मेहनत करने की ताकत दी।” विकास खण्ड गंगीरी की छात्रा कंचन ने भी अपनी लगन से सफलता का नया अध्याय लिखा। 2010 में कक्षा-08 उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने लगातार शिक्षा जारी रखी। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और विज्ञान वर्ग से बीएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद कंचन ने यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण की और 13 मार्च 2023 को जनपद सहारनपुर में सब इंस्पेक्टर पद पर ज्वाइन किया। उनकी सफलता आज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन चुकी है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की ये बेटियां आज यह साबित कर रही हैं कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, अगर शिक्षा और संकल्प साथ हो तो हर सपना पूरा किया जा सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग की पहल अब हजारों बेटियों के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और नई उड़ान बनकर सामने आ रही है।

योगी सरकार का बड़ा रिकॉर्ड, यूपी में 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार

योगी सरकार ने किया रिकॉर्ड 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार देश भर में बने अमृत सरोवरों का 30 प्रतिशत यूपी में निर्मित गोरखपुर सरोवर निर्माण में पहले स्थान पर, जिले के 735 स्थानों पर काम पूरा सरोवर अभियान से ग्रामीण रोजगार में हो रही वृद्धि लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी 'अमृत सरोवर योजना' के तहत उत्तर प्रदेश 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण और पुनरुद्धार पूरा हो चुका है। ग्राम्य विकास विभाग के मुताबिक देश में मौजूद सभी अमृत सरोवरों में से लगभग 30 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में निर्मित किए गए हैं। साथ ही इस योजना के तहत स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित हो रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 19,978 सरोवरों का निर्माण  सरोवर निर्माण अभियान में प्रदेश में गोरखपुर सबसे आगे है। यहां 735 सरोवरों का निर्माण हो चुका है। वहीं महाराजगंज में 601 और प्रयागराज में 525 सरोवर निर्माण के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। अब तक 19,978 सरोवरों का निर्माण पूरे प्रदेश में हो चुका है।  कई स्तर पर हो रहा फायदा उत्तर प्रदेश अमृत सरोवरों के निर्माण और पुनरुद्धार करने में देश में पहले स्थान हासिल कर चुका है। यह पहल केवल जल स्रोतों के संरक्षण तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने, भूजल स्तर में सुधार लाने और कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने में भी सहायक है। अमृत सरोवरों का निर्माण वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दे रहा है, जिससे किसानों को सिंचाई में सहायता मिल रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में जल की उपलब्धता में सुधार हो रहा है। साथ ही यह अभियान गांवों में हरियाली, स्वच्छता और सतत विकास को एक नई दिशा दे रहा है। जल संरक्षण के ये प्रयास ग्रामीण समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए एक मजबूत आधार बन रहे हैं। पर्यावरण को स्वच्छ बना रहे अमृत सरोवर योगी सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इन जल निकायों को सिर्फ पानी इकट्ठा करने का साधन नहीं बनाया गया। प्रत्येक अमृत सरोवर को न्यूनतम 1 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है, जिसकी जल क्षमता लगभग 10 हजार क्यूबिक मीटर है। इसके चारों तरफ ग्रामीणों के ग्रामीणों के टहलने के लिए पक्का रास्ता बनाया गया है। बैठने के लिए बेंच और लाइट की व्यवस्था की गई है। साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए वृक्षारोपण भी किया गया है। ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार योगी सरकार ने इस योजना को न केवल पर्यावरण से जोड़ा, बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी लाभकारी बनाया है। अमृत सरोवरों की खुदाई, गाद निकालने और उनके सुंदरीकरण के काम को वीबी जी राम जी (पूर्व में मनरेगा) से जोड़ा गया। इससे प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को उनके गांव में ही रोजगार मिल रहा है।

महिला उत्पीड़न मामलों पर MP महिला आयोग की सख्ती, 6 साल बाद सुनवाई में तेज हुई कार्रवाई

भोपाल   मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनसुनवाई की शुरुआत होने से पीड़ित महिलाओं में न्याय की नई उम्मीद जगी है. भोपाल में सोमवार को आयोजित पहले सत्र में आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक की संयुक्त बेंच ने घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और उत्पीड़न से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई की. पहले ही दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं, जहां उनकी समस्याएं विस्तार से सुनी गईं और संबंधित पक्षों को भी बुलाकर जवाब-तलब किया गया।  छह साल बाद शुरू हुई जनसुनवाई, महिलाओं को राहत की उम्मीद महिला आयोग के नए गठन के बाद यह पहला मौका है, जब जनसुनवाई आयोजित की गई. लंबे समय से लंबित मामलों और शिकायतों के कारण पीड़ित महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा था. ऐसे में इस पहल को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।  पहले दिन 40 मामलों की सुनवाई आयोग कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई में भोपाल जिले के करीब 40 प्रकरण प्रस्तुत किए गए. अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक ने एक-एक कर सभी मामलों को गंभीरता से सुना. आवेदिकाओं की शिकायतों के साथ-साथ दूसरे पक्ष के बयान भी दर्ज किए गए, ताकि मामलों का निष्पक्ष समाधान किया जा सके।  बेटी से मिलने नहीं देने का मामला बना चर्चा का केंद्र जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील मामला सामने आया, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसे अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है. महिला ने बताया कि ससुराल पक्ष उस पर मानसिक दबाव बना रहा है. वहीं, दामाद पर आरोप है कि वह अपनी पत्नी के जरिए मायके वालों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है. इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया, जहां बहू पर ससुराल पक्ष के खिलाफ झूठी घरेलू हिंसा की शिकायत करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इसके बदले एक करोड़ रुपए के लेन-देन की बात कही गई. आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।  समझौते के बावजूद भरण-पोषण विवाद एक अन्य मामले में घरेलू हिंसा के साथ आर्थिक विवाद भी जुड़ा हुआ था. सुनवाई में सामने आया कि पहले ही समझौते के तहत महिला को राशि दी जा चुकी है और बच्ची के नाम पर एक प्लॉट भी रजिस्टर्ड किया गया है. इसके बावजूद आवेदिका अतिरिक्त भरण-पोषण की मांग कर रही थी. आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए।  आयोग की सख्त चेतावनी आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. शिकायतों के निराकरण में देरी नहीं होने दी जाएगी और हर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।  मंगलवार को भी जारी रहेगी सुनवाई सोमवार की तरह मंगलवार को भी जनसुनवाई का सिलसिला जारी रहेगा. इसके लिए करीब 42 नए मामलों को सूचीबद्ध किया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में और भी कई पीड़ित महिलाओं को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अवसर मिलेगा। 

मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां

मुस्लिम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए आयोग तत्पर मदरसों में बच्चों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं में मिली खामियां डॉ. वर्णिका शर्मा के निरीक्षण में मदरसों की अव्यवस्था आई सामने बाल संरक्षण मानकों में मिली कमियां, सुधार के दिए निर्देश रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के नेतृत्व में रायपुर स्थित दो मदरसों एवं यतीमखानों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।  निरीक्षण के दौरान बैजनाथ पारा स्थित मदरसा इस्लाहुल मुस्लिमीन एवं दारुल यतामा में बच्चों की दिनचर्या अत्यधिक लंबी एवं असंतुलित पाई गई। निरीक्षण में परिसर एवं रसोईघर में गंदगी, स्वच्छ पेयजल की कमी तथा अस्वच्छ भोजन व्यवस्था जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं मानसिक विकास के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मदरसों में बच्चों से सफाई एवं अन्य दैनिक कार्य कराए जा रहे हैं, जिसे बाल अधिकारों के विरुद्ध माना गया। डॉ वर्णिका शर्मा ने संस्था प्रबंध को आदेशित किया है कि बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य नहीं कराया जाए तथा बाल संरक्षण संबंधी सभी मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। इसके अलावा खेलकूद एवं मनोरंजन की समुचित व्यवस्था नहीं मिलने पर भी चिंता व्यक्त की। बाल आयोग ने संबंधित संस्थानों को तत्काल निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग बच्चों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी करेगा और आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्यवाही भी की जाएगी।आयोग द्वारा संबंधित अधिकारियों को और  मदरसे को निर्देशित किया गया है कि निर्धारित अवधि में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट कहा कि बच्चों के अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ट्विशा केस में बड़ा एक्शन, CBI आज करेगी समर्थ से पूछताछ; चैट और कॉल डिटेल्स जांच के दायरे में

भोपाल  ट्विशा शर्मा की मौत मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच करेगी. सीबीआई ने ट्विशा के पति समर्थ और सास के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इससे पहले सोमवार (25 मई) को एजेंसी ने जांच का जिम्मा संभालने और आवश्यक दस्तावेज और सबूत जुटाने के लिए भोपाल में एक स्पेशल क्राइम यूनिट भेजी।  मुलाकात के बाद, सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार, भोपाल पुलिस की एफआईआर को पुनः दर्ज किया, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था।  सीबीआई के हाथ में आई जांच, नई टीम गठित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है. भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज एफआईआर को एजेंसी ने री-रजिस्टर किया है. इस मामले की जांच दिल्ली में पदस्थ एसपी राजबीर सिंह के नेतृत्व में की जाएगी, वहीं डीएसपी निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी (आईओ) नियुक्त किया गया है. सीबीआई टीम अब पूरे मामले की नई सिरे से पड़ताल करेगी।  आज समर्थ सिंह की कस्टडी लेगी CBI सूत्रों के अनुसार, सीबीआई बुधवार को मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर सकती है. एजेंसी डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर उससे गहन पूछताछ करेगी. सीबीआई की नजर व्हाट्सएप चैट्स, कॉल डिटेल्स और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिनके जरिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जाएगी।  12 मई को हुई थी संदिग्ध मौत यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का है, जहां 12 मई 2026 की रात करीब 10:20 बजे ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पुलिस को मिली थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि ट्विशा की मौत फांसी लगाने से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटेमॉर्टम हैंगिंग' यानी जीवित अवस्था में फांसी की पुष्टि हुई, लेकिन शरीर पर चोटों के निशान मिलने से मामला और संदिग्ध हो गया।  गिरिबाला सिंह का आरोप, ट्विशा को ड्रग्स की लत थी ट्विशा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था. उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. वहीं, ट्विशा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे मादक पदार्थों की लत थी।  दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप मृतका के परिजनों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में कहा गया है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था. बताया गया कि शादी के दौरान करीब 2 लाख रुपए का दबाव डालकर लेन-देन कराया गया और इसके बाद भी लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही. इसके अलावा, ट्विशा के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप भी सामने आए हैं।  गर्भपात कराने का भी आरोप एफआईआर के अनुसार, अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती थी. परिजनों का आरोप है कि पति और सास ने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाकर गर्भपात करवाया. यह आरोप मामले को और गंभीर बना रहे हैं, जिस पर सीबीआई विशेष रूप से जांच कर रही है।  इन कानूनी धाराओं में दर्ज हुआ मामला सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत प्रकरण दर्ज किया है. मध्यप्रदेश सरकार की सहमति के बाद केंद्र सरकार ने 25 मई को अधिसूचना जारी कर सीबीआई को जांच का अधिकार सौंपा था।  डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य होंगे अहम सीबीआई अब इस मामले में डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच करेगी. व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर घटनाक्रम को पुनर्निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही पोस्टमार्टम में मिले चोटों के निशान और उनके कारणों का भी विश्लेषण किया जाएगा।  परिवार को निष्पक्ष जांच की उम्मीद सीबीआई की एंट्री के बाद परिजनों को अब निष्पक्ष और सटीक जांच की उम्मीद जगी है. यह मामला न सिर्फ एक संदिग्ध मौत बल्कि दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करता है. आने वाले दिनों में आरोपी से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।  चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो।  पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. प्राथमिकी में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है।  दोनों परिवारों को सलाह- मीडिया से बात न करें पीठ ने कहा, ‘‘हम पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं, ताकि जारी जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और कोई पूर्वाग्रह नहीं हो। 

खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर बनेगा आस्था और विकास का नया केंद्र, मंत्री सारंग का बड़ा बयान

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनेगा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर : मंत्री सारंग लगभग 100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर मंत्री विश्वास सारंग ने दिए तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश भोपाल  राजधानी भोपाल के प्राचीनतम और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर के निर्माणाधीन कार्यों का सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि कॉरिडोर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को शीघ्र बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। आस्था और विरासत को मिलेगा भव्य स्वरूप मंत्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों से यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इसी विरासत को संरक्षित करते हुए “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भोपाल की सांस्कृतिक धरोहर को भव्य स्वरूप प्रदान करेगी और आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगी। निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों एवं व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन में न्यूनतम विस्थापन सुनिश्चित किया जाए तथा यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। 100 करोड़ की लागत से विकसित होगा हनुमान लोक मंत्री सारंग ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। करीब 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, भव्य कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए अधोसंरचना, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। नागर शैली में होगा मंदिर परिसर का विकास मंत्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर के विकास कार्यों में राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग करते हुए प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। मंदिर परिसर में सुंदरकांड की झलक दर्शाने वाला भव्य और गरिमामयी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा। दशहरा मैदान में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं मंत्री सारंग ने कहा कि दशहरा मैदान के खुले स्वरूप को संरक्षित रखते हुए वहां दर्शक दीर्घा, विशाल मंच, रावण दहन स्थल एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। साथ ही परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के आवागमन में सुविधा होगी। रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित मंत्री सारंग ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दुकानें एवं अन्य सुविधाएं आधुनिक व्यवस्थाओं से युक्त होंगी। भोपाल की नई पहचान बनेगा हनुमान लोक मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल की आस्था, संस्कृति और विकास का प्रतीक बनेगा तथा आने वाले समय में यह परियोजना शहर की नई पहचान के रूप में स्थापित होगी।  

MSP पर रिकॉर्ड गेहूं खरीदी, 13.27 लाख किसानों से 102 लाख मीट्रिक टन उपार्जन

समर्थन मूल्य पर 13.27 लाख किसानों से हुआ 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी भोपाल  मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 27 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान पर है। अब तक लगभग 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है। किसानों को 22,165.21 करोड़ से अधिक का भुगतान किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 22,165.21 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है। किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।  

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं खेल, चिकित्सा, कला समेत अनेक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वालों को मिला सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में किया सम्मानित पद्म विभूषण से अलंकृत वायलिन वादिका एन. राजम व दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देयोल के परिजनों को भी बधाई दी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सोमवार को नई दिल्ली में सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पद्म विभूषण से अलंकृत वायलिन वादिका एन. राजम एवं दिवंगत फ़िल्म अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देयोल के परिजनों को भी बधाई दी।  डॉ. ठकराल के शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा आयुर्वेद के अनन्य साधक एवं प्रख्यात शोधकर्ता डॉ. केवल कृष्ण ठकराल जी को चिकित्सा के क्षेत्र में 'पद्म श्री' से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई। ​छह दशकों की दीर्घ साधना, ब्रोंकियल अस्थमा उपचार में 'कर्ण वेधन' जैसी युगांतरकारी तकनीक का विकास और प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को वैश्विक प्रतिष्ठा दिलाने वाले आपके शोध कार्य मानवता के लिए अमूल्य निधि हैं। प्रो. श्याम सुंदर के समर्पण, शोध और सेवा भावना को राष्ट्र की आदरपूर्ण अभिव्यक्ति है यह सम्मान सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के सुप्रसिद्ध कालाजार विशेषज्ञ प्रो. श्याम सुन्दर जी को ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया जाना अत्यंत गौरव का विषय है। कालाजार के उपचार हेतु प्रथम प्रभावी मौखिक दवा के विकास एवं त्वरित निदान परीक्षण विकसित कर आपने चिकित्सा अनुसंधान और मानव सेवा में ऐतिहासिक योगदान दिया है। यह सम्मान आपके समर्पण, शोध और सेवा भावना को राष्ट्र की आदरपूर्ण अभिव्यक्ति है, हार्दिक बधाई। आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं डॉ. सिंह के कार्य मुख्यमंत्री ने कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के गौरव डॉ. अशोक कुमार सिंह जी को 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने लिखा कि धान की उन्नत प्रजातियों के विकास, कृषि अनुसंधान एवं किसान हित में आपके द्वारा किए गए अभिनव कार्य 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। आपकी यह गौरवपूर्ण उपलब्धि समस्त देशवासियों के लिए हर्ष एवं गर्व का विषय है। प्रो. राजेंद्र प्रसाद का उत्कृष्ट योगदान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्वारा वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. (डॉ.) राजेंद्र प्रसाद जी को चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु 'पद्म श्री' सम्मान से विभूषित होने पर हार्दिक बधाई दी। सीएम ने कहा कि टीबी एवं एमडीआर-टीबी उपचार के क्षेत्र में पिछले पांच दशकों की आपकी निस्वार्थ एवं समर्पित सेवा सराहनीय है। लाखों मरीजों को नवजीवन प्रदान करने और जनस्वास्थ्य के प्रति आपका उत्कृष्ट योगदान संपूर्ण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। आपका यह सम्मान चिकित्सा जगत में सेवा, समर्पण और मानवता के उच्चतम मूल्यों का अभिनंदन है। प्रो. बुद्ध रश्मि मणि का भगीरथ प्रयास हर देशवासी के लिए प्रेरणापुंज  मुख्यमंत्री ने भारतीय पुरातत्व एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के गौरव प्रो. बुद्ध रश्मि मणि जी को 'पद्म श्री' सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने लिखा कि अयोध्या और सारनाथ जैसी हमारी पावन धरोहरों के पुनरुत्थान तथा भारतीय संस्कृति को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित करने का आपका भगीरथ प्रयास हर देशवासी के लिए प्रेरणापुंज है। आपके इस अप्रतिम पुरुषार्थ का अभिनंदन! प्रवीण की उपलब्धि प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत सीएम ने खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान हेतु उत्तर प्रदेश के पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता एवं लगातार पैरालंपिक पदक जीतने वाले सबसे युवा दिव्यांग हाई जंप खिलाड़ी प्रवीण कुमार को 'पद्म श्री' सम्मान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। सीएम ने लिखा कि आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि उत्तर प्रदेश सहित सम्पूर्ण देश के युवाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल स्रोत है। आपके समर्पण, संघर्ष और अनुशासन ने भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।