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अरुण साव बोले- मां के सम्मान में लगाया हर पौधा प्रकृति संरक्षण के संकल्प का प्रतीक

मां के सम्मान में लगाया गया प्रत्येक पौधा प्रकृति संरक्षण के संकल्प का प्रतीक – अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया पौधा बिलासपुर.   उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज जगदलपुर में जनजातीय गौरव वाटिका कुम्हड़ाकोट में ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ हरित राष्ट्रीय राजमार्ग पौधारोपण कार्यक्रम में पौधारोपण किया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी अभियान के तहत पौधे लगाए।  उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि मां के सम्मान में लगाया गया प्रत्येक पौधा प्रकृति के संरक्षण के संकल्प का प्रतीक है। जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढाई हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। नगर निगम और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह वृहद अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय मार्ग के डिवाइडर और किनारे पौधारोपण से शहर की हरियाली बढ़ेगी। इससे पर्यावरण के संरक्षण के साथ जगदलपुर की सुंदरता भी निखरेगी। साव ने कहा कि बस्तर में शांति और विकास का वातावरण बनने से देश-दुनिया से पर्यटकों का आगमन बढ़ रहा है। ऐसे में जगदलपुर को सुंदर और सुविधायुक्त बनाने के लिए हरित वातावरण जरूरी है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए वन विभाग और जगदलपुर नगर निगम को बधाई दी।

दिव्यांग बच्चों ने CM डॉ. यादव को भेंट कीं श्री गणेश की प्रतिमाएं, भावुक कर देने वाला रहा पल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को दिव्यांग बच्चों ने भेंट कीं भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिव्यांग बच्चों ने मिट्टी से बनाई भगवान श्री गणेश जी की मिट्टी की सुंदर प्रतिमाएं भेंट कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन सुंदर और पर्यावरण अनुकूल गणेश प्रतिमाओं के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा और सृजनशीलता के साथ प्रकृति से जुड़ने तथा पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना के लिए बच्चों के हाथों से बनी प्रतिमाओं को खरीदकर उनकी प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने का जनसामान्य से आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गणेशोत्सव पर बच्चों द्वारा बनाई गई यह प्रतिमाएं उनके सपनों को संबल प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भाजपा प्रदेश कार्यालय में बच्चों ने प्रतिमाएं भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को नगद राशि प्रोत्साहनस्वरूप प्रदान की। इस अवसर पर वरिष्ठ विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, संस्था की संरक्षक श्रीमती गुंजन चौकसे एवं संस्था के अध्यक्ष श्री अर्जुन सिंह भी उपस्थित थे। वसुंधरा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा सीहोर में संचालित वसुंधरा विशेष विद्यालय के बच्चों द्वारा बनाई गई इन प्रतिमाओं का स्टॉल भाजपा प्रदेश कार्यालय परिसर में लगाया गया है।  

अस्पताल में SMO से मारपीट का मामला, रेडियोग्राफर की पहले की लापरवाही भी आई सामने

बहादुरगढ़. सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एसएमओ एवं कार्यवाहक पीएमओ के साथ मारपीट के मामले में आरोपित रेडियोग्राफर संदीप के खिलाफ पहले भी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से विवाद की शिकायतें सामने आती रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, वह कई बार चिकित्सकों से उलझ चुका है। अधिकारियों के पास लगातार शिकायतें पहुंचने के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसी बीच हुई मारपीट की घटना ने अस्पताल के डॉक्टरों में रोष और बढ़ा दिया है। घटना के बाद डॉक्टरों ने वर्क सस्पेंड किया और नर्सिंग आफिसर एकत्रित हुए तो इससे सेवाएं प्रभावित हुई। स्टाफ के साथ मरीजों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। काफी मरीज बिना इलाज लौटे। अस्पताल की एसएमओ डॉ. ममता ने बताया कि रेडियोग्राफर को लेकर अधिकारियों के पास पहले भी शिकायतें पहुंची थीं। वहीं एसएमओ डॉ. विनय ने खुद बताया कि दो दिन पहले भी वह उनके कमरे में पहुंचा था और उस समय भी उसका व्यवहार तैश में था। तब उसे बाद में मिलने के लिए कहा गया था। वहीं स्टाफ ने बताया कि कुछ दिन पहले ट्रामा सेंटर के गेट के सामने गाड़ी खड़ी करने को लेकर भी विवाद हुआ था। एंबुलेंस का रास्ता रुकने की स्थिति में कई बार कहने के बावजूद गाड़ी नहीं हटाने पर पुलिस बुलाने की नौबत आ गई थी। हादसे के दौरान ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का आरोप डॉक्टरों के अनुसार दो दिन पहले केएमपी पर हुए भीषण हादसे के दौरान भी रेडियोग्राफर की रात्रि ड्यूटी थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी और 23 लोग घायल हुए थे। आरोप है कि आपात स्थिति में उसे बुलाए जाने के बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंचा। यह मामला भी अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया था। इसके बाद उससे जवाब-तलब करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बताया जा रहा है कि जिस समय एसएमओ ट्रामा सेंटर के निरीक्षण पर पहुंचे, उस समय रेडियोग्राफर की नियमित ड्यूटी नहीं थी। पुलिस की पूछताछ में सामने आई ये बात हालांकि, पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि संबंधित स्टाफ की मांग पर उसे बुलाया गया था। इसकी अभी विभाग ने पुष्टि नहीं की है। इसके बाद हुई घटना ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद डॉक्टरों के साथ नर्सिंग स्टाफ भी काफी देर तक एकत्रित रहा। चिकित्सकों ने आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक और अन्य अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार किया जा सकता है। इधर, पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि एसएमओ की ओर से शाम को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। अस्पताल कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

20 सितंबर से 16 अक्टूबर तक ट्रेनों पर असर, भोपाल मंडल से गुजरने वाली 20 ट्रेनें कैंसिल

भोपाल   पश्चिम-मध्य रेलवे के बीना स्टेशन और उत्तर-मध्य रेलवे के आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम किया जा रहा है। प्री-नॉन- इंटरलाकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग का ये काम 1 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलेगा। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया, यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन ट्रेनों का स्टेटस चेक करने के बाद ही निकलें। बीना और आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने के लिए चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग का असर भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों पर पड़ने लगा है। रेलवे ने 20 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों में 20 ट्रेनों को निरस्त की गई है। निरस्त रहने वाली प्रमुख ट्रेन -ललितपुर-बीना मेमू एवं बीनाललितपुर मेमू -बीना-कटनी मुडवारा मेमू एवं कटनी मुडवारा-बीना मेमू -जबलपुर-हज़रत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस और हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस -बीना-रूठियाई मेमू (दो जोड़ियां) -भोपाल-ग्वालियर इण्टरसिटी एवं ग्वालियर-भोपाल इण्टरसिटी -ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस एवं एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस -रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस एवं संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर एक्सप्रेस -भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस एवं दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस -भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस एवं खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस भोपाल के यात्रियों को होगी अधिक परेशानी इन ट्रेनों के निरस्त होने से मुख्य रूप से भोपाल और उसके साथ ससाथ एमपी के ग्वालियर, दमोह, खजुराहो और बीना की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा। खासकर इंटरसिटी और राज्यरानी जैसी नियमित सेवाएं रद्द होने से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ने की संभावना है। यार्ड रीमॉडलिंग से बढ़ जाएंगी ट्रेनों की क्षमता रेलवे का कहना है कि, काम पूरा होने के बाद बीना और आगासौद स्टेशनों के यार्ड की परिचालन क्षमता बढ़ जाएगी। इससे ट्रेनों के संचालन में अधिक सुगमता आएगी। साथ ही, ट्रेनों के ठहराव और परिचालन का बेहतर प्रबंधन होगा। वहीं, भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद भी मिल सकेगी। रीमॉडलिंग के बाद रेल परिचालन की दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ने के साथ ट्रेनों के समयपालन में भी सुधार की उम्मीद है।

गैंगस्टरों से अफसरों की मिलीभगत का दावा, सुखजिंदर रंधावा बोले- ‘कॉल डिटेल्स जांचें’

चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बॉर्डर रेंज के पुलिस अधिकारियों पर गैंगस्टरों से सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि डेरा बाबा नानक और बटाला से स्थानांतरित किए गए डीएसपी समेत संबंधित पुलिस अधिकारियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की गहन जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि इससे पता चल सकेगा कि उनके किन लोगों से संपर्क रहे हैं। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में रंधावा ने कहा कि वह पूरी जिम्मेदारी के साथ ये आरोप लगा रहे हैं। यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो पंजाब के डीजीपी उनके खिलाफ भी मामला दर्ज करवा सकते हैं। ये राजनीतिक बयानबाजी नहीं उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि पंजाब की कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। आरोप सही पाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। रंधावा ने डीजीपी गौरव यादव पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के परिवारों को सुरक्षा दे रही है, जबकि धमकियां और फिरौती की कॉल झेल रहे लोगों को सुरक्षा नहीं मिल रही। पंजाब को स्थायी डीजीपी की जरूरत उन्होंने कहा कि पंजाब को स्थायी डीजीपी की जरूरत है। गुरदासपुर नगर कौंसिल चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टरों ने फोन के जरिये मतदाताओं को धमकाया, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका। संगरूर के गुलजार सिंह मामले में रंधावा ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह ने मृत्यु से पहले सरपंच और चीमा का नाम लिया था। इसलिए दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए और चीमा को मंत्री पद से हटाया जाए।

कर्नाटक में वंदे मातरम को लेकर सियासी घमासान, शिवराज ने कांग्रेस पर साधा निशाना

सक्ती/ रायपुर. कर्नाटक सरकार के वंदे मातरम को लेकर लिए गए निर्णय पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना रोष जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस संविधान की धज्जियां उड़ा रही है. संसद में विधेयक को पारित कर वंदे मातरम पर कानून बना है. कर्नाटक सरकार का फैसला अलोकतांत्रिक है. कांग्रेस सरकार का यह फैसला भारत माता का अपमान है. सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित PM आवास और लखपति दीदी सम्मान कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा की. कार्यक्रम को लेकर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा को बहुत प्यार दिया. छत्तीसगढ़ में विकास की बाजार बह रही है. कका और कांग्रेस ने मिलकर छत्तीसगढ़ को तबाह किया था. उन्होंने कहा कि भाजपा ने गरीबों को मकान का अधिकार दिया. 3 लाख 65 हजार से ज्यादा मकान गरीबों के लिए स्वीकृत हुए हैं. आज मुख्यमंत्री को स्वीकृति पत्र दे रहा हूं. छत्तीसगढ़ में हर दिन 1600 मकान पूरे हो रहे हैं. विकसित भारत जीरामजी में भी छत्तीसगढ़ का सहयोग मिल रहा है. विकसित भारत के तहत खेत से सड़क योजना सम्मिलित कर ली गई है. 36 करोड़ रुपए की छत्तीसगढ़ स्वीकृत हुई है. ग्रामीण विकास विभाग ने छत्तीसगढ़ के लिए सड़कें स्वीकृत की हैं. 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व ने देश का स्वाभिमान बढ़ाया है. भारत माता फिर से अंगड़ाई ले रही है. विश्व गुरु के पथ पर चल रहा है. वहीं BRICS समिट पर कांग्रेस के सवाल उठाए जाने पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुनिया की आधी आबादी का नेतृत्व एक धरती पर इकट्ठा हो रहा है. पूरी दुनिया की नजर BRICS सम्मेलन पर हैं. जब दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ता है तो कांग्रेस के पेट में दर्द होता है. कांग्रेस हमारे देश की प्रतिष्ठा पर उंगली उठाती है. देश की प्रगति और विकास से कांग्रेस प्रसन्न नहीं हो सकती. 

आगामी पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त करें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बारिश से खराब सड़कों को तत्काल मोटरेबल बनाएं, बरसात के बाद नवीनीकरण भी हो: मुख्यमंत्री आगामी पर्व-त्योहारों से पहले प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता से गड्ढामुक्त करें: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी पर्वों के लिए 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित, प्राथमिकता के आधार पर होंगे गड्ढामुक्त शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और प्रमुख बाजारों की सड़कों को प्राथमिकता पर लेकर तत्काल शुरू कराएं मरम्मत कार्य: मुख्यमंत्री 09 विभागों के करीब 4.36 लाख किमी मार्गों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, 50 हजार किमी के गड्ढामुक्ति लक्ष्य पर चल रहा काम लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन के योग्य बनाने और बरसात के बाद जरूरत के अनुसार उनका नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि बारिश अभी जारी है, इसलिए सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का भी सर्वे कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पर्वों से पहले आवश्यक मरम्मत और नवीनीकरण के काम पूरे करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति का काम केवल पैचवर्क तक सीमित न रहे। जहां सड़क तत्काल खराब स्थिति में है, वहां उसे अभी मोटरेबल बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के बाद जरूरत के अनुसार स्थायी नवीनीकरण कराया जाए। बैठक में बताया गया कि अतिवृष्टि के साथ ही एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग, रेलवे आदि की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित कर गड्ढामुक्ति के विभागवार लक्ष्य तय किए जाएंगे। आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। साथ ही मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया। विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि गड्ढामुक्ति अभियान में 09 विभागों के मार्ग शामिल हैं। इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान लक्ष्य के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को गड्ढामुक्त किया जाना है, जिसमें अब तक करीब 5,751 किलोमीटर पर काम पूरा किया जा चुका है। क्षतिग्रस्त मार्गों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार नवीनीकरण के लिए करीब 30 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत के लिए करीब 5 हजार किलोमीटर का लक्ष्य रखा गया है। अब तक नवीनीकरण में करीब 14 हजार किलोमीटर और विशेष मरम्मत में करीब 700 किलोमीटर की प्रगति बताई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी है। शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और ऐसे अन्य स्थानों, जहां आमजन का आवागमन अधिक रहता है, वहां की सड़कों को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मार्गों पर तत्काल काम शुरू कराया जाए और जहां मरम्मत की जरूरत है, वहां बिना देरी किए सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने कहा कि काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए। बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्य मंत्री लोक निर्माण विभाग ब्रजेश सिंह, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास विभाग जसवंत सिंह सैनी, राज्य मंत्री जल शक्ति रामकेश निषाद तथा राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजय लक्ष्मी गौतम उपस्थित रहे।

उद्योगपतियों की समस्याओं का जल्द होगा समाधान, पीलूखेड़ी में संभाग आयुक्त ने दिए जरूरी निर्देश

पीलूखेड़ी में उद्योगपतियों की समस्याओं के समाधान के संभाग आयुक्त ने दिए निर्देश मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए समन्वित कार्रवाई करें स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने और नए निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर जोर भोपाल     मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को राजगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीलूखेड़ी में ‘उद्यम संवाद’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाग आयुक्त भोपाल कर्मवीर शर्मा ने की। उन्होंने उद्योगपतियों एवं उद्यमियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेते हुए समस्याओं के निराकरण और औद्योगिक क्षेत्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।     संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने निर्देश दिए कि पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना एवं सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने उद्योगपतियों द्वारा रखी गई समस्याओं को प्राथमिकता से लेते हुए उनके निराकरण की दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने पर जोर दिया।     उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य उद्योग एवं व्यवसाय से जुड़े लोगों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को समझना तथा उनका समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करना है। उद्योगों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना शासन की प्राथमिकता है। जलापूर्ति, सीसीटीवी, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की सुविधाओं पर निर्देश     उद्यम संवाद में उद्योगपतियों ने पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में रेसाई डैम से जलापूर्ति, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, फायर ब्रिगेड एवं एंबुलेंस की सुविधा, उप स्वास्थ्य केंद्र, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट तथा महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े विषय संभाग आयुक्त के समक्ष रखे।     संभाग आयुक्त शर्मा ने इन विषयों पर संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने के लिए समन्वित रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।     उद्योगपतियों ने कर्मचारियों से संबंधित कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कार्यालय ग्वालियर में होने से दूरी के कारण आ रही कठिनाइयों से भी अवगत कराया और ईपीएफ से संबंधित सुविधाओं के दृष्टिगत कार्यालय भोपाल में स्थानांतरित किए जाने का सुझाव रखा। स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर     नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानी चाहिए। इससे क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा और औद्योगिक विकास को भी गति प्राप्त होगी। कचनारिया फूड क्लस्टर सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा     उद्यम संवाद में जिले के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और नए उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। कचनारिया फूड क्लस्टर, पचोर, डाबली कला एवं गोरखपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।     कार्यक्रम में नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा,सचिव ऊर्जा विभाग विशेष गढ़पाले, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा,पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति उपस्थित रहे।  

कमजोर मानसून ने बिगाड़ा धान का गणित, पिछैती फसल सूखे की चपेट में; बढ़ी सिंचाई लागत

बहादुरगढ़  धान उत्पादक किसान इस बार आशा और निराशा के बीच झूल रहे हैं। मानसून की बेरुखी ने खेती का पूरा गणित बिगाड़ दिया है। समय पर रोपाई या बिजाई की गई धान की फसल फिलहाल संभली हुई है, लेकिन उसे बचाए रखने के लिए किसान दिन-रात ट्यूबवेल चला रहे हैं। दूसरी ओर, पिछैती रोपाई वाले खेतों में सूखे का असर पहले ही दिखाई दे चुका है। कहीं फसल की जुताई की जा चुकी है तो कहीं किसान उसे पशु चारे के लिए काटने को मजबूर हैं। बहादुरगढ़ क्षेत्र में इस बार करीब 20 हजार हेक्टेयर में धान की फसल है। मानसून कमजोर रहने और लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों के सामने खेतों में नमी बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। समय पर रोपी गई फसल की स्थिति ठीक समय पर रोपी गई फसल की स्थिति अभी अपेक्षाकृत ठीक है, मगर इसके लिए लगातार सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि धान को पानी की जरूरत के समय नहरों में भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। ऐसे में ट्यूबवेल ही एकमात्र सहारा है। इससे डीजल और बिजली के साथ सिंचाई का खर्च बढ़ रहा है। किसान आनंद के अनुसार, पिछले सप्ताह तीन-चार दिन बूंदाबांदी हुई, जिससे कुछ राहत मिली, लेकिन खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई। तापमान बढ़ने के साथ पानी की जरूरत और बढ़ गई है। यदि ट्यूबवेल से सिंचाई नहीं की जाए तो फसल पर असर पड़ने का डर है। क्या इस बार बचेगा मुनाफा? लगातार सिंचाई के बावजूद इस बात की चिंता है कि अंत में उत्पादन कितना होगा और बढ़ी हुई लागत के बाद हाथ में मुनाफा कितना बचेगा। पिछैती रोपाई वाली फसल पर संकट सूखे की सबसे ज्यादा मार पिछैती रोपाई वाली फसल पर पड़ी है। मौसम में अगले एक-दो दिन में बदलाव और बारिश की संभावना से किसानों को उम्मीद बंधी है। अब देखना यह है कि आसमान से कितनी राहत मिलती है और खेतों में खड़ी धान की फसल किसानों की उम्मीद को उत्पादन और मुनाफे में कितना बदल पाती है। इधर, कृ़षि विभाग के एसडीओ डा. सुनील कौशिक ने बताया कि अभी फसल की स्थिति ठीक है।  

115 फूड प्रोडक्ट्स पर FSSAI की कार्रवाई, किंडर जॉय से अमूल आइसक्रीम और एनर्जी ड्रिंक तक शामिल

रांची पतंजलि दूध बिस्कुट, किंडर जॉय, सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल, रेड बुल, स्टिंग एनर्जी, मॉन्स्टर एनर्जी, गेटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक और अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम समेत 115 खाद्य उत्पादों को बाजार से हटाने का निर्देश दिया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से भ्रामक दावों, मिस-लेबलिंग और खाद्य मानकों से जुड़े उल्लंघनों के मामले में इन उत्पादों को चिन्हित किया गया है। एफएसएसएआई, नई दिल्ली और झारखंड के अपर मुख्य सचिव-सह-खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर राज्यभर में इन उत्पादों की बिक्री और उपलब्ध स्टॉक की जांच शुरू कर दी गई है। रांची में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन जांच और कार्रवाई तेज कर दी है। कारोबारियों को स्टॉक तत्काल वापस लेने का आदेश रांची के अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (खाद्य सुरक्षा शाखा) की ओर से सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। इसमें खाद्य कारोबार संचालकों, वितरकों, खुदरा विक्रेताओं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को एफएसएसएआई की ओर से चिन्हित 115 उत्पादों का मौजूदा स्टॉक तत्काल बाजार से वापस लेने (रिकॉल) और उनकी बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया है। कई लोकप्रिय ब्रांड जांच के दायरे में एफएसएसएआई की सूची में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कई चर्चित उत्पाद हैं। इनमें पतंजलि दूध बिस्कुट, किंडर जॉय और सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल प्रमुख हैं। पतंजलि दूध बिस्कुट पर 100 प्रतिशत आटा होने के दावे, किंडर जॉय में मिल्क सॉलिड्स से संबंधित दावे और सफोला टोटल हार्ट प्रो में हार्ट-हेल्थ से जुड़े दावों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। रेड बुल, स्टिंग और गेटोरेड भी सूची में कैफीनयुक्त पेय पदार्थों में स्टिंग एनर्जी, रेड बुल, मॉन्स्टर एनर्जी, हेल एनर्जी, एड्रेनालिन रश, कैम्पा एनर्जी और गेटोरेड स्पोर्ट्स ड्रिंक शामिल हैं। इन उत्पादों में निर्धारित नियमों के अनुरूप आवश्यक प्रावधानों के बिना ‘एनर्जी ड्रिंक’ अथवा ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ जैसे नामों के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई गई है। आइसक्रीम, नूडल्स और बेबी फूड तक शामिल सूची में अमूल शुगर-फ्री आइसक्रीम, बिसलेरी के एडेड मिनरल्स संबंधी दावे वाले उत्पाद, रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंक, मास्टरचाउ रेमन नूडल्स, लोटे चोको पाई और डाबर हार्ट केयर समेत ब्राउन ब्रेड, टोफू और बेबी फूड के उत्पाद भी शामिल हैं। रॉ प्रेसरी मैंगो ड्रिंक में ‘बिना एडेड शुगर’ जैसे दावे को लेकर आपत्ति जताई गई है। नियम तोड़ा तो होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बाजार से उत्पाद वापस लेने के निर्देश का पालन नहीं करने, भ्रामक विज्ञापन करने या गलत ब्रांडिंग करने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 52 और 53 समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों को क्षेत्र में लगातार जांच कर संबंधित उत्पादों की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील विभाग ने उपभोक्ताओं से भी खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेजिंग पर लिखे दावों और पोषण संबंधी जानकारी को ध्यान से देखने की अपील की है। खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की बिक्री रोकना है, जिनकी लेबलिंग, ब्रांडिंग अथवा उत्पाद संबंधी दावे निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हैं।