samacharsecretary.com

​देवरी को 44 लाख के विकास कार्यों की सौगात

​रायपुर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार- भाटापारा जिला के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत देवरी के ग्रामीणों को बड़ी सौगात देते हुए 44 लाख रुपये की लागत वाले तीन महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आज गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण अंचलों में खुशहाली और समृद्धि का एक नया दौर दिखाई दे रहा है।   राजस्व मंत्री ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम देवरी में 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित चेक डैम  का लोकार्पण किया गया।  इसी प्रकार   महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए 16 लाख रुपये की लागत से बने भव्य 'महतारी सदन' भवन का उद्घाटन तथा सामुदायिक आयोजनों की सुविधा के लिए 8 लाख रुपये की लागत से बनने वाले शेड निर्माण कार्य की आधारशिला रखी गई। ​हर गांव तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ   ​  राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र और चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नवनिर्मित चेक डैम से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे किसान भाईयों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। वहीं दूसरी ओर महतारी सदन ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन, कौशल विकास और सामुदायिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।     ​   इस विकास उत्सव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सभापति  सहित स्थानीय सरपंच, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि तथा प्रबुद्ध ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

सिरफिरों की हरकत से ई-रिक्शा हो रहे हैक, पुलिस भी जांच में जुटी

 ग्वालियर ग्वालियर की सड़कों पर इन दिनों ई-रिक्शा चालकों के सामने एक अजीबोगरीब और बेहद परेशान करने वाली मुसीबत खड़ी हो गई है। कुछ शरारती और सिरफिरे युवक राह चलते ई-रिक्शा को निशाना बना रहे हैं। ये युवक 'चाइनीज मोबाइल एप्लीकेशन' का इस्तेमाल कर चलते-चलते ही ई-रिक्शा की इलेक्ट्रिक बैटरी को रिमोटली लाक कर देते हैं। बैटरी लॉक होते ही गाड़ी का चक्का जाम हो जाता है और वह टस से मस नहीं होती। इस नए किस्म की खुराफात से न सिर्फ गरीब ई-रिक्शा चालक परेशान होना पड़ रहा है, बल्कि पुलिस महकमा भी हैरान है। पुलिस के पास ऐसी एक-दो नहीं, बल्कि दर्जनों शिकायतें पहुंच चुकी हैं, लेकिन तकनीकी पेंच और अचानक गायब हो जाने वाले ऐसे सिरफिरों के कारण पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। ऐसे दिया जा रहा वारदात को अंजाम पीड़ित ई-रिक्शा चालकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि इन दिनों बाजार में आने वाले नए ई-रिक्शा आधुनिक फीचर्स और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से लैस हैं। शरारती तत्व इसी का फायदा उठा रहे हैं।    कनेक्टिविटी की कमजोरी: शरारती युवक ई-रिक्शा के पास आते हैं या पीछे बैठते हैं और अपने मोबाइल ऐप के जरिए रिक्शा के ब्लूटूथ सिग्नल को हैक कर लेते हैं।      बैटरी लॉक: ऐप के जरिए वे रिक्शा के 'बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' में सेंध लगाकर उसे लाक कर देते हैं।    एजेंसी के चक्कर: एक बार बैटरी लॉक होने के बाद रिक्शा सड़क पर ही ठप हो जाता है। इसे दोबारा चालू करने का कोई तरीका चालकों के पास नहीं होता। मजबूरी में उन्हें भारी-भरकम किराया देकर रिक्शा खिंचवाकर संबंधित कंपनी की एजेंसी ले जाना पड़ता है, जहां साफ्टवेयर के जरिए ही इसे दोबारा अनलाक किया जाता है। दिनभर की कमाई बैटरी खुलवाने में चली गई ग्वालियर थाने पहुंचे रमेश कुमार, नवीन कुशवाह सहित करीब आधा दर्जन ई-रिक्शा चालकों के साथ ऐसा हुआ। इन लोगों ने बताया कि पूरे दिन में 400 से 500 रुपये की कमाई होती है। ई-रिक्शा लाक होने के कारण एक बार में करीब एक हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं। साइबर एक्सपर्ट के मुताबिक यह मामला बीएमएस हैकिंग से जुड़ा है। कई चाइनीज और सस्ते ई-रिक्शा या उनकी बैटरियों में डिफाल्ट ब्लूटूथ पासवर्ड (जैसे 0000 या 1234) होता है। शरारती तत्व इंटरनेट पर मौजूद एपीके फाइलों या चाइनीज क्लोन ऐप्स के जरिए इन डिफाल्ट पासवर्ड को क्रैक कर लेते हैं। या कई कंपनियां पासवर्ड से लैस ही नहीं करती। ब्लूटूथ आन रख देती हैं। ई-रिक्शा चालक रखें इन बातों का ध्यान  डिफाल्ट पासवर्ड बदलें: ई-रिक्शा खरीदते ही चालक सबसे पहले अपनी बैटरी के ब्लूटूथ का डिफाल्ट पासवर्ड बदलें।  ब्लूटूथ विजिबिलिटी बंद रखें: यदि संभव हो, तो रिक्शा के ब्लूटूथ की 'विजिबिलिटी' को 'हिडन' मोड पर रखें ताकि कोई बाहरी डिवाइस उसे सर्च न कर सके।  लागिन-पासवर्ड याद रखें: जब ई-रिक्शा खरीदते हैं तो कंपनी द्वारा लागिन-पासवर्ड, कंपनी का एप डाउनलोड कर दिया जाता है। इसे हमेशा याद रखें। कंपनी सामान्य पासवर्ड रखती है। इसके अपने हिसाब से बदल दें। पुलिस की अपील- संदिग्धों की तुरंत दें सूचना इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतें लगातार मिल रही हैं। साइबर सेल को इस मामले की जांच में लगाया गया है और उस ऐप को भी ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है जिससे यह लाक किया जा रहा है। आरोपित राह चलते या सवारी बनकर इस हरकत को अंजाम देते हैं, इसलिए उन्हें तुरंत पकड़ना चुनौती बना हुआ है। पुलिस ने चालकों से अपील की है कि यदि कोई सवारी रिक्शा में बैठकर मोबाइल पर संदिग्ध हरकत करती दिखे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। आटो-टेंपो चालकों पर शक और सोशल मीडिया का असर पुलिस को इस मामले में आटो-टेंपो चालकों पर शक है। ऐसा इनपुट मिला है। सवारी के चक्कर में आटो, टेंपो चालक यह हरकत कर रहे हैं। ई-रिक्शा लाक करने की वीडियो इंस्टा, फेसबुक, यूट्यूब पर इन दिनों खूब चल रही हैं। इसी में एप का प्रचार भी हो रहा है।  

800 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी, यूपी के आम बने वैश्विक पहचान: योगी आदित्यनाथ

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश देश के कुल आम उत्पादन में 26 प्रतिशत का योगदान देता है, जबकि इस फसल के अंतर्गत क्षेत्र का केवल नौ प्रतिशत ही होता है। उन्होंने कहा कि देश मे जब आम की बात होती है उत्तर प्रदेश का अपना स्थान है। नौ प्रतिशत जमीन में 26 प्रतिशत आम का उत्पादन होता है। सात श्रेणियों के 56 वर्गों में 800 से अधिक आम की किस्में है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ शुक्रवार को यहां उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में राज्य भर से आम की लगभग 800 किस्में प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें मलिहाबाद से दशहरी, वाराणसी और गोरखपुर से लंगड़ा, बागपत और सहारनपुर से रतोल और बस्ती से आम्रपाली शामिल हैं। आम की विविधता को 'उत्तर प्रदेश की ताकत' बताते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि प्रत्येक किस्म 'अपनी मिट्टी की खुशबू और अपने क्षेत्र की मिठास' को दर्शाती है। आम की खेती की आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, ''एक एकड़ आम की खेती ने साबित कर दिया है कि एक किसान लगभग 2.5 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर सकता है। अगर इसे मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण के साथ जोड़ा जाए, तो मुनाफा और बढ़ सकता है। अगर हम इसे निर्यात के लिए तैयार करते हैं, तो इसकी ताकत और किसानों की कमाई और भी बढ़ जाती है।' मलिहाबाद के दशहरी को मिला है जीआई का दर्जा आदित्यनाथ ने कहा कि यह महोत्सव किसानों के लिए अपनी उपज प्रदर्शित करने और खरीदार-विक्रेता बैठकों के माध्यम से खरीदारों से जुड़ने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, जिससे वे अपने उत्पादों को वैश्विक बाजारों में ले जाने में सक्षम होते हैं। ब्रांडिंग पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मलिहाबाद के दशहरी आम को भौगोलिक संकेत (जीआई) का दर्जा मिला है और यह 'एक वैश्विक ब्रांड' बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने मलिहाबाद आम को 'काकोरी' ब्रांड के तहत भी बढ़ावा दिया है, जिसका नाम काकोरी ट्रेन कार्रवाई के शहीदों के नाम पर रखा गया है, ताकि फल को एक विशिष्ट वैश्विक पहचान प्रदान करते हुए उनके बलिदान का सम्मान किया जा सके। सीएम योगी ने आगे कहा, इसमें हमारे किसानों की कड़ी मेहनत से पैदा हुई मिठास के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी है।’ चार जिलों में स्थापित होंगे चार आधुनिक आम पैक हाउस आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने निर्यात के लिए आमों की ग्रेडिंग, छंटाई और पैकेजिंग के लिए सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी में चार आधुनिक आम पैक हाउस स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य से आम अब ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस सहित अन्य देशों में निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में उनकी सरकार के सत्ता संभालने के बाद शुरू किया गया आम महोत्सव किसानों, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और केंद्र की 'वोकल फॉर लोकल' पहल को बढ़ावा देने के अलावा खरीदार-विक्रेता बैठकों की सुविधा और मशीनरी आपूर्तिकर्ताओं, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों, कृषि और बागवानी वैज्ञानिकों के जुटने के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है।

सर्वोदय शांति पदयात्रा के संतों ने राज्यपाल डेका से की मुलाकात

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में जैन मुनि राष्ट्र संत डॉ. मणिभद्र महाराज के नेतृत्व में संचालित सर्वाेदय शांति पदयात्रा से जुड़े संतों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ आगमन पर संतों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि संत समाज के विचार और जीवन मूल्य समाज में शांति, सद्भाव, नैतिकता तथा मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सर्वाेदय शांति पदयात्रा को सामाजिक समरसता, अहिंसा और विश्व बंधुत्व का प्रेरक अभियान बताते हुए इसकी सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उल्लेखनीय है कि यह पदयात्रा नेपाल से प्रारंभ होकर लगभग 1,600 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए छत्तीसगढ़ पहुंची है। यात्रा का उद्देश्य शांति, सद्भाव, अहिंसा और मानवीय मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवसर पर श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रमण संघ, रायपुर के अध्यक्ष अशोक पटवा, कार्यकारिणी अध्यक्ष विनय पटवा सहित संघ के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

₹400 करोड़ की लागत से बना जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल: 20 लाख यात्रियों की क्षमता वाला ग्रीन प्रोजेक्ट

जोधपुर राजस्थान की स्थापत्य कला और शाही विरासत अब आधुनिक विमानन तकनीकों के साथ आसमान छूने को तैयार है। सूर्यनगरी जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य उद्घाटन करने जा रहे हैं। करीब ₹400 करोड़ की लागत से 2.52 लाख वर्ग फुट में फैला यह भव्य टर्मिनल मारवाड़ के शाही गौरव और अत्याधुनिक पैसेंजर सुविधाओं का एक बेजोड़ उदाहरण है। 'स्थापति इंडिया' द्वारा डिजाइन किया गया यह नया टर्मिनल सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। आइए जानते हैं कि इस नए टर्मिनल में ऐसा क्या खास है जो इसे देश के सबसे खूबसूरत और ग्रीन एयरपोर्ट्स की कतार में खड़ा करता है। डिजाइन में राजपूताना विरासत की झलक जोधपुर का विमानन इतिहास बेहद पुराना है। साल 1931 में तत्कालीन शासक महाराजा उम्मेद सिंह ने 'जोधपुर फ्लाइंग क्लब' की स्थापना कर इसकी नींव रखी थी। इसी समृद्ध विरासत को नए टर्मिनल के डिजाइन में जीवंत किया गया है।     भव्य गुंबद और कलश: मुख्य द्वार पर राजस्थान के ऐतिहासिक किलों की तर्ज पर एक भव्य नक्काशीदार गुंबद बनाया गया है, जिसके शीर्ष पर कमल के बेस पर 'कलश' स्थापित है।     पारंपरिक नक्काशी: इसके बाहरी हिस्से में नक्काशीदार ग्लास फाइबर रीइन्फोर्स्ड कंक्रीट, बहु-कोणीय मेहराब और राजपूताना महलों जैसे सजावटी स्तंभों का उपयोग किया गया है।     भीतर जीवंत हुई मारवाड़ी संस्कृति: टर्मिनल के अंदर स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियां लगाई गई हैं, जिनमें मरुधरा के पारंपरिक मोर के रूपांकन और शाही दरबार के दृश्यों को समकालीन अंदाज में उकेरा गया है। हाई-टेक सुविधाएं और 'स्मार्ट' पैसेंजर फ्लो स्थापति इंडिया के निदेशक विपुल बी. वार्ष्णेय ने बताया कि जोधपुर के इस टर्मिनल की प्लानिंग यात्रियों की सुविधा और सुचारू आवाजाही को ध्यान में रखकर की गई है।टर्मिनल में 6 आधुनिक एयरोब्रिज लगाए गए हैं, जिससे यात्री सीधे विमान तक पहुंच सकेंगे। पीक-ऑवर में यह टर्मिनल एक साथ 1,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। यात्रियों की सुविधा के लिए आगमन और प्रस्थान को पूरी तरह अलग किया गया है। इसके अलावा आइलैंड चेक-इन काउंटर्स, लीनियर सिक्योरिटी ज़ोन और बेहतर बैगेज सर्कुलेशन की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी से निपटेगा 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' आर्किटेक्चर जोधपुर की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से निपटने के लिए इस टर्मिनल को खास 'क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव' तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसे इंसुलेटेड ग्लास और निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया है जिससे सूरज की तपिश अंदर न पहुंचे और एयर कंडीशनिंग पर लोड कम रहे, जबकि प्राकृतिक रोशनी पूरे परिसर में भरपूर बनी रहे। यह बिल्डिंग प्रतिष्ठित ग्रीन सर्टिफिकेशन हासिल करने के लक्ष्य के साथ बनाई गई है। इसके लिए बिल्डिंग में शेडिंग, कंट्रोल्ड ग्लेजिंग, सोलर इंस्टॉलेशन और एनर्जी-एफिशिएंट हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाए गए हैं।  

खिवनी अभयारण्य से लाए गए घायल बाघ “युवराज” का वन विहार में हो रहा उपचार

भोपाल खिवनी अभयारण्य, देवास में आपसी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए नर बाघ 'युवराज' का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल के रेस्क्यू सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बाघ को 27 जून 2026 को रेस्क्यू कर वन विहार लाया गया था। शुक्रवार को उसकी स्थिति का विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण राज्य पशु चिकित्सालय, जहांगीराबाद के वरिष्ठ वेटरिनरी सर्जन डॉ. एस.के. तुमड़िया, वन विहार के वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल गुप्ता तथा वन विहार के पशु चिकित्सक डॉ. विनीत द्वारा किया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बाघ के आगे के दोनों पैर और पिछले बाएं पैर में गहरे घाव हैं। एक्स-रे परीक्षण से आगे के दोनों पंजों में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है। उसके पिछले बाएं पैर में गहरा घाव होने के कारण छह टांके लगाए गए हैं। उपचार के दौरान बाघ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल की जा रही है। डॉ. अतुल गुप्ता घायल बाघ की स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वन विहार के संचालक  विजय कुमार, सहायक संचालक डॉ. रूही हक तथा सफारी प्रभारी  सीता काकोड़िया भी उपस्थित रहीं।    

बिहार में 7 लाख करोड़ की लागत से विकसित होंगे 12 नए स्मार्ट सैटेलाइट शहर

पटना  बिहार में 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने को लेकर सम्राट चौधरी सरकार ने हुडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से 1 लाख करोड़ रुपये का करार किया है। इन नए शहरों को विकसित करने के लिए कुल 7 लाख करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे। हुडको के अलावा 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश बाहर से किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में शुक्रवार को पटना स्थित लोक सेवक आवास (सीएम हाउस) में नगर विकास एवं आवास विभाग और हुडको के बीच इसको लेकर करार हुआ। सीएम ने कहा कि किसानों को महज 30 दिन के भीतर जमीन का मुआवजा दिया जाएगा। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। राज्य में आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिससे लोगों को बेहतर आवास, उच्चस्तरीय नागरिक सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण जीवन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि लगभग तीन लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में टाउनशिप विकसित करने की योजना है। 30 दिनों में मिलेगा जमीन का मुआवजा मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में टाउनशिप बसाई जाएगी, वहां के स्थानीय किसानों और जमीन मालिकों को लैंड पुलिंग के जरिए इसमें भागीदार बनाया जाएगा। इसके अलावा, जो भी किसान मुआवजा के लिए आवेदन देंगे उन्हें 30 दिन के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। यानी महज एक महीने के भीतर ही मुआवजा की राशि रैयतों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। बड़े पैमाने पर आएगा निवेश सम्राट चौधरी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से बिहार की आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। बड़े पैमाने पर निजी और संस्थागत निवेश आएगा। निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। पूर्व में राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि इन नए शहरों को इंडस्ट्रियल और एजुकेशन के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे बिहार में बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधे खुलेंगे। सैटेलाइट टाउनशिप में होंगी ये सुविधाएं नए ग्रीनफील्ड सैटेलाइट शहरों में सभी तरह की आधुनिक नगरीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें सड़क के नेटवर्क से लेकर पेयजल, सीवरेज, बिजली आदि मूलभूत सुविधाएं होंगी। शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधा मिलेगी। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। कमर्शियल और सामाजिक संरचनाएं भी बनाई जाएंगी, ताकि लोगों को वर्ल्ड क्लास शहरी जीवन का अनुभव हो सके। इन प्रमुख शहरों के पास बनेंगी सैटेलाइट टाउनशिप     पटना – पाटलिपुत्र टाउनशिप     गयाजी- मगध टाउनशिप     मुजफ्फरपुर – तिरहुत टाउनशिप     भागलपुर – विक्रमशिला टाउनशिप     छपरा – सारण टाउनशिप     सोनपुर – हरिहरनाथ टाउनशिप     दरभंगा – मिथिला टाउनशिप     पूर्णिया – पूर्णिया टाउनशिप     मुंगेर – अंग टाउनशिप     सहरसा – कोसी टाउनशिप     सीतामढ़ी – सीतापुरम टाउनशिप     रोहतास – डेहरी टाउनशिप

पटना कोर्ट में खान सर केस: दस्तावेजों के आदेश के बाद अगली तारीख 7 जुलाई तय

पटना  खान ग्‍लाेबल स्‍टडीज के डायरेक्‍टर फैजल खान (खान सर) की अग्र‍िम जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी।   जिला जज के छुट्टी पर रहने के कारण खान सर और अन्य आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हुई। अब सुनवाई 7 जुलाई को होगी। इससे पहले 30 जून को कोर्ट ने हथ‍ियारों के डॉक्‍यूमेंट्स जमा करने का आदेश दिया था।  उस दिन लोक अभ‍ियोजक ने कोर्ट में कहा था क‍ि फैजल खान के दोनों गार्ड के पास अवैध हथ‍ियार थे। 30 जून को डॉक्‍यूमेंट्स जमा करने का द‍िया था निर्देश  दहशत फैलाने के उद्देश्‍य से 2 जून की रात फायरिंग की गई थी। बचाव पक्ष के वकील अरविंद मौआर ने हथ‍ियारों के लाइसेंसी होने की बात कही थी। उन्‍होंने दावा किया था कि दोनों के हथ‍ियार के दस्‍तावेज पुलिस ने जब्‍त कर लिए हैं।   इसके बाद कोर्ट ने हथ‍ियारों के डॅक्‍यूमेंट जमा करने को कहा था। तीन जुलाई सुनवाई की तिथ‍ि तय की थी।  अब 7 जुलाई पर सबकी नजर टिक गई है।   2 जून की रात हुई थी फायरिंग  पुलिस जांच में सामने आया था क‍ि जून की रात खान ग्‍लाेबल स्‍टडीज कोचिंग सेंटर पर पथराव और मारपीट के बाद चार राउंड गोली गार्डों ने चलाई थी।  खान सर के कहने पर ही गार्डों ने ऐसा किया था। इस आरोप में पूर्व में दर्ज एफआईआर में बाद में खान सर का नाम भी जोड़ा गया था।   उससे पूर्व ज्ञान बिंदु के डायरेक्‍टर रौशन आनंद व उनके दो अन्‍य सहयोग‍ियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में वे जमानत पर बाहर आए। 

दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने में मध्यप्रदेश निभाएगा बड़ी भूमिका

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार को जर्मनी के 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल में जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के कार्यकारी बोर्ड की सदस्या एवं बैंक की सीईओ सु क्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर  वूल्फन मूथ, जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि  गॉटफ्रीड वॉन और अन्य सदस्य, प्रबंध संचालक म.प्र. औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड  चंद्रमौली शुक्ला,  विशेष गढ़पाले सहित केन्द्र सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यनमंत्री डॉ. यादव ने भारत एवं जर्मनी के बीच दशकों पुरानी मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश भाईयों की तरह हैं। इनमें आपसी साझेदारी को और अधिक प्रबल बनाने में मध्यप्रदेश बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों से लगातार सम्पर्क में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए आशा जताई कि हमारी साझेदारी दिन-ब-दिन और भी सुदृढ़ होगी। जर्मनी के सहयोग से हमारा मध्ययप्रदेश एक ऊर्जा दक्ष हरित और समृद्ध राज्य बनेगा। केएफडब्ल्यू बैंक के प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया गया कि एनर्जी रिफार्म प्रोग्राम अन्तर्गत वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर की स्थापना एवं फीडर विभक्तिकरण कार्य के लिए लगभग 1120 करोड़ रूपये का वित्त पोषण किया जा रहा है। बैंक द्वारा इस साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए एनर्जी रिफार्म फेज-2 अंतर्गत प्रदेश में विद्युत वितरण अधोसंरचना निर्माण तथा सौर घंटों में कृषि फीडरों की आपूर्ति के लिये अधोसंरचनात्मक निर्माण कार्यों के लिए लगभग 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग पर भी रूचि दिखाई है।  

प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के प्रयास हों : मुख्य सचिव जैन

भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने मंत्रालय में शुक्रवार को वित्त विभाग के अधिकारियों और राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी के समन्वयक से कहा है कि वे जिलों से प्राप्त जिला स्तरीय क्रेडिट प्लान का हर हाल में क्रियान्वयन कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएं। मुख्य सचिव  जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा प्रस्तुत वार्षिक साख योजना 2026-27 का विमोचन कर जारी की। विमोचन के दौरान अपर मुख्य सचिव वित्त  मनीष रस्तोगी, आयुक्त संस्थागत वित्त सु सोनिया मीना, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक सु सुजाता लाल, उपमहाप्रबंधक नाबार्ड  विजेंद्र सिंह, उपमहाप्रबंधक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति  पवन कुमार अग्रवाल, भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक  निशंका रॉय सहित अन्य बैंक के अधिकारी उपस्थित हुये। जारी क्रेडिट प्लान के अनुसार कुल वार्षिक ऋण योजना रुपए 5,00,856 करोड़ निर्धारित की गई है। जो गत वर्ष के लक्ष्य 4,19,110 करोड़ रूपए का 119.50 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फार्म क्रेडिट के लिए 1,28,866 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के लक्ष्य का 106.56 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 120.56 प्रतिशत अधिक है। फसल ऋण (Crop Loan) का लक्ष्य रुपए 88,638 करोड़ रूपये रखा गया है, जो गत वर्ष के लक्ष्य का 101.22 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 122.36 प्रतिशत है। कुल कृषि क्षेत्र के लिए रुपए 1,65,117 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के लक्ष्य से 113.07 तथा उपलब्धि का 121.85 प्रतिशत है। मध्यप्रदेश शासन की उद्योगोन्मुखी नीतियों को देखते हुए एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,62,967 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो पिछले वर्ष के लक्ष्य का 121.64 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 120.90 प्रतिशत है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस क्षेत्र का लक्ष्य गत वर्ष के लक्ष्य की तुलना में 731.11 प्रतिशत तथा उपलब्धि की तुलना में 167.70 प्रतिशत बढ़ाया गया है। प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के लिए कुल 3,45,915 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो कुल वार्षिक ऋण योजना का लगभग 69 प्रतिशत है तथा गत वर्ष के लक्ष्य का 117.76 प्रतिशत एवं उपलब्धि का 121.58 प्रतिशत है। बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि समस्त बैंकों के साथ ही राज्य शासन के विभागों, भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड तथा सभी संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयास से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य में समयबद्ध ऋण प्रवाह सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति की जाएगी।