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रांची में राज्यस्तरीय कार्यशाला: पेसा नियमावली 2025 को लेकर अधिकारियों को दिए गए निर्देश

रांची  पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 को लेकर राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा है कि ग्राम सभा को अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्हाेंने पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्यशाला के दौरान इसकी बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि राज्य में 25 साल बाद पेसा कानून लागू हुआ है और अब बारी गांव-गांव तक बेहतर क्रियान्वयन की है। बैठक में जिलों के उप विकास आयुक्त, समाहर्ता, बीडीओ – सीओ सहित पदाधिकारी शामिल हुए। धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के एनेक्सी सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि अब पारंपरिक ग्राम सभा को उनका अधिकार दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए गांव-गांव तक पेसा नियमावली के बेहतर एवं मजबूत क्रियान्वयन की आवश्यकता है। पेसा कानून के दायरे में आने वाले जिलों के अधिकारियों को अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को धरातल पर उतारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य करना आवश्यक है। दीपिका ने बताया कि देश के दस राज्यों में पेसा कानून लागू होना था, जिनमें झारखंड का कानून सबसे बेहतर और प्रभावी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून को लेकर कुछ स्थानों पर भ्रम फैलाने की कोशिश हो रही है, ऐसे में सभी संबंधित लोगों को इसके प्रविधानों का गहन अध्ययन करना चाहिए। गांव के लोगों के हर सवाल और परेशानियों का जवाब पेसा नियमावली के पन्नों में दर्ज है। उन्होंने निर्देश दिया कि पारंपरिक व्यवस्था के तहत तीन महीने के भीतर ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आगे की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से लागू की जा सकें। स्थानीय लोगों तक जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे : सचिव कार्यशाला को संबोधित करते हुए पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने कहा कि नियमावली लागू होने के बाद से ही इसे जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों तक इसकी जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचे इसके लिए नियमावली का क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद कराया गया है। कानून के विभिन्न प्रविधानों को राज्यभर में प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 125 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर जागरूकता बढ़ा रहे हैं। निदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है, जो कानून के लागू होने में आने वाली बाधाओं का अध्ययन कर रही है। मनोज कुमार ने कहा कि पारंपरिक न्याय व्यवस्था का भी गहन अध्ययन किया जा रहा है, ताकि स्थानीय संदर्भों को ध्यान में रखते हुए नियमावली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। कार्यशाला में पंचायती राज निदेशालय की निदेशक बी. राजेश्वरी ने बताया कि इस कानून को लागू करने से पहले कई आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, लेकिन इसके क्रियान्वयन के दौरान विभिन्न प्रकार की चुनौतियां भी सामने आई हैं। इन बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर सुधार की प्रक्रिया जारी है।  

116.84 करोड़ स्कैम में खुलेंगे बड़े राज, जेल में बंद पूर्व CFO ने तोड़ी चुप्पी

चंडीगढ़  चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में हुए 116.84 करोड़ रुपए के घोटाले में गिरफ्तार पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नलिनी मलिक अब सरकारी गवाह बनने की तैयारी में है। बुड़ैल जेल में बंद नलिनी ने वार्डर के जरिए सीबीआई कोर्ट को अर्जी भेजकर जांच में शामिल होने गुहार लगाई।  अर्जी में नलिनी ने कहा है कि यदि उसे सरकारी गवाह बनाया जाता है तो वह स्मार्ट सिटी घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, वह नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़े कई बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी जानकारी देने को तैयार है। सीबीआई कोर्ट ने इस अर्जी पर जांच एजेंसी से जवाब मांगा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सीबीआई नलिनी मलिक को सरकारी गवाह बनाने पर सहमत होती है या नहीं। मेडिकल ग्राउंड पर लगाई जमानत अर्जी करीब दो महीने पहले सामने आए इस घोटाले में नलिनी मलिक की भूमिका जांच में सामने आने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उसे 2 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। तब से वह जेल में बंद है। इस बीच नलिनी ने मेडिकल ग्राउंड पर जमानत अर्जी भी दायर की है, जिस पर 26 मई को सुनवाई होनी है। मामले में कई बैंक कर्मियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। हालांकि शुरुआती जांच में नगर निगम के कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस उन तक नहीं पहुंच सकी। अब केस सीबीआई के पास पहुंचने के बाद कई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गृह मंत्रालय के आदेश पर CBI को सौंपा केस चंडीगढ़ पुलिस ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड में 116.84 करोड़ रुपए और चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) में करीब 83 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि स्मार्ट सिटी और क्रेस्ट की बड़ी रकम IDFC फर्स्ट बैंक में एफडी के रूप में जमा थी। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और सरकारी अफसरों की मिलीभगत से इस रकम को शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश किया गया। बदले में बैंक अधिकारियों ने मोटी रिश्वत दी। चंडीगढ़ पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग FIR दर्ज की थीं, लेकिन बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। अब पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। 11 फर्जी एफडी बनाकर घुमाने पैसे जांच के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद बैंक खाते में जमा रकम नगर निगम के खाते में ट्रांसफर होनी थी। लेकिन आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने रकम निकालकर शेल कंपनियों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश कर दिया। जहां नगर निगम के खाते में करोड़ों रुपए आने थे, वहां केवल 81.20 रुपए ही ट्रांसफर हुए। बाकी रकम कथित तौर पर आरोपियों ने आपस में बांट ली। सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि नलिनी मलिक समेत अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मियों ने मिलकर 11 फर्जी एफडी तैयार की थीं, ताकि किसी को गड़बड़ी का शक न हो। बाद में इन्हीं एफडी के जरिए रकम को अलग-अलग कंपनियों में निवेश किया गया।

बाल विवाह रोकने के लिए छत्तीसगढ़ में जागरूकता अभियान तेज, महिलाओं को दी गई अहम जानकारी

पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध कानून और हेल्पलाइन सेवाओं की दी गई जानकारी रायपुर प्रदेश में संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में लगातार जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम, महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 21 मई को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला के जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम द्वारा वैभव संकुल संगठन दनगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को पॉक्सो एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया गया कि बालिकाओं की वैधानिक विवाह आयु 18 वर्ष तथा बालकों की 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह किया जाना कानूनन मान्य है। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी देते हुए किसी भी आपात स्थिति या बाल संरक्षण से जुड़ी समस्या की सूचना तत्काल देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समाज से बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल अधिकारों, महिला सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

UPSC परीक्षा के चलते बदला दिल्ली मेट्रो का टाइम, तीनों लाइनें जल्दी होंगी शुरू

नई दिल्ली  सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा देने वालों की सुविधा के लिए रविवार को दिल्ली मेट्रो की सेवा सुबह छह बजे शुरू होगी। इससे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में आसानी होगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस) अनुज दयाल का कहना है कि आम तौर पर रविवार को पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार), मजेंटा लाइन (कृष्णा पार्क एक्स्टेंशन से बाटेनिकल गार्डन एवं दीपाली चौक से माजलिस पार्क) और ग्रे लाइन (धांसा बस स्टैंड से द्वारका) पर मेट्रो सेवा सुबह सात बजे शुरू होती है। तीनों लाइन के समय पर किया बदलाव  सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा को ध्यान में रखकर 24 मई को इन तीनों लाइन पर भी सभी टर्मिनलों से सुबह छह बजे मेट्रो सेवा शुरू हो जाएगी। सुबह सात बजे तक 15 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलेगी। अन्य काॅरिडोर पर समय सारिणी के अनुसार सुबह छह बजे से मेट्रो उपलब्ध होगी।  

सुशासन तिहार में भावुक पल: मुख्यमंत्री से मिलकर बच्चों और अभिभावकों की आंखों में छलकी खुशी

चिरायु योजना से मिली नई जिंदगी: समीरा और नितिन ने मुख्यमंत्री को थैंक यू कार्ड देकर जताया आभार सुशासन तिहार में भावुक पल: मुख्यमंत्री से मिलकर बच्चों और अभिभावकों की आंखों में छलकी खुशी गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी चिरायु योजना: निःशुल्क उपचार से बच्चों को मिला नया जीवन रायपुर   सुशासन तिहार के दौरान आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम करहीबाजार में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब चिरायु योजना से लाभान्वित बच्चों समीरा जांगड़े और नितिन पटेल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें थैंक यू कार्ड भेंट किया। बच्चों और उनके परिजनों ने निःशुल्क उपचार के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद और बच्चों को नई जिंदगी दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।  मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए उनके परिवारजनों का भी उत्साहवर्धन किया। उल्लेखनीय है कि विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पंडरिया निवासी 6 वर्षीय नितिन पटेल तथा ग्राम लच्छनपुर निवासी 9 वर्षीय समीरा जांगड़े ने अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उपचार के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए। समीरा के पिता जीवन लाल जांगड़े ने बताया कि इलाज से पहले समीरा अत्यंत कमजोर रहती थी और स्कूल आने-जाने में भी सांस फूलने लगती थी। शिक्षकों की सलाह पर चिरायु टीम से संपर्क किया गया। टीम ने घर पहुंचकर जांच की और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद 14 मई 2025 को रायपुर में सफल ऑपरेशन हुआ। इसी प्रकार नितिन पटेल का उपचार चिरायु योजना के माध्यम से 22 नवंबर 2025 को रायपुर में हुआ।  परिजनों ने बताया कि जिस इलाज की कल्पना लाखों रुपये खर्च होने के कारण संभव नहीं लगती थी, वह चिरायु योजना के माध्यम से निःशुल्क और सहज रूप से संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आमजन से सीधे संवाद, योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात और उनके जीवन में आए बदलावों को जानने की पहल शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

25 मई से शुरू होगा नौतपा, मध्यप्रदेश में 10 दिन तक झुलसाएगी तेज लू

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा से पहले ही गर्मी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। शुक्रवार को कई जिलों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। मौसम विभाग ने निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन इलाके में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है। हालात ये हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही सड़कों पर गर्म हवाएं महसूस होने लगती हैं और दोपहर आते-आते बाजारों में भीड़ कम हो जाती है। भोपाल समेत कई शहरों में लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है और इसके बाद अगले 9 से 10 दिन गर्मी अपने चरम पर रहने की संभावना है। प्रदेश के 41 जिलों में लू के लिए चेतावनी जारी की गई है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, राजगढ़, विदिशा, सागर, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, जबलपुर, छिंदवाड़ा और बालाघाट समेत 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। इंदौर, धार, बड़वानी और नर्मदापुरम में भले ही लू की सीधी चेतावनी नहीं दी गई हो, लेकिन उमस और तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिन तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। दोपहर 12 से 3 बजे के बीच गर्मी सबसे ज्यादा असर दिखा रही है, और इसी दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कहीं 50 डिग्री ना पहुंच जाए?  नौतपा 25 मई से शुरू हो रहा है, लेकिन उससे पहले ही प्रदेश के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसी आशंका है कि कहीं पारा 50 डिग्री तक ना पहुंच जाए. लगातार गर्म हवाओं और सूखी पश्चिमी हवाओं के कारण प्रदेश में राहत की संभावना फिलहाल बेहद कम नजर आ रही है।  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार नौतपा के शुरुआती 8 से 10 दिन बेहद तीखे रह सकते हैं. उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बना हाई प्रेशर सिस्टम गर्मी को और खतरनाक बना रहा है. IMD के विस्तारित पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में गंभीर हीटवेव की स्थिति अगले कई दिनों तक बनी रह सकती है. प्रदेश के नौगांव, खजुराहो, दतिया, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार नौगांव में तापमान 47 डिग्री तक पहुंच चुका है जबकि खजुराहो में भी पारा 46 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया. गर्म रातें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं क्योंकि न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।  चार जिलों में रेड अलर्ट, कई शहरों में ऑरेंज वार्निंग IMD और मौसम केंद्र भोपाल के ताजा अलर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में गंभीर लू चलने की आशंका है. बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित माने जा रहे हैं. दतिया, भिंड, छतरपुर और टीकमगढ़ जैसे जिलों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई जा रही है. वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई शहरों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विभाग की सलाह है कि लोग लगातार पानी पीते रहें और धूप में जाने से बचें। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों-बुजुर्गों का खास ख्याल रखने की सलाह दी गई है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें लगभग सुनसान नज़र आ रही हैं। ग्वालियर और बुंदेलखंड में गर्म हवाओं का असर अधिक है। वहीं, भोपाल और इंदौर में गर्मी के बीच कभी-कभी बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी का भी ट्रेंड चल रहा है, लेकिन इससे उमस और बढ़ गई है। पिछले वर्षों के आंकड़ों पर ध्यान दें तो मई महीने में प्रदेश के बड़े शहरों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज हो चुका है। ग्वालियर में पारा 48 डिग्री के पार पहुंच चुका है, जबकि भोपाल और जबलपुर में भी कई बार तापमान 46 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार नौतपा के दौरान प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज गर्मी का लंबा दौर देखने को मिल सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक मौसम विभाग ने साफ कहा है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है. लगातार चल रही गर्म हवाओं ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं. अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट एक्सॉशन के मरीज बढ़ने लगे हैं।  नौतपा में क्यों बढ़ती है गर्मी भारतीय पंचांग के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब नौतपा की शुरुआत मानी जाती है. यह लगभग 9 दिनों की अवधि होती है जिसमें सूर्य की किरणें सीधे धरती पर असर डालती हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान यदि तेज गर्मी पड़ती है तो मानसून सामान्य रहने की संभावना बढ़ती है. हालांकि इस बार चिंता की वजह यह है कि नौतपा शुरू होने से पहले ही तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार शुष्क हवाएं, कम नमी और बादलों की अनुपस्थिति मिलकर गर्मी को और तीखा बना रही हैं. उत्तर भारत से आ रही गर्म हवाओं का असर सीधे मध्य प्रदेश पर पड़ रहा है।  22 शहरों में 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 22 से ज्यादा शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. नौगांव सबसे गर्म शहरों में शामिल है. खजुराहो, रीवा, सतना, सागर और ग्वालियर में भी तापमान तेजी से बढ़ा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।  स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा … Read more

हादसे से टूटा नहीं हौसला, सरकारी योजनाओं ने बदली नर्मदा प्रसाद की जिंदगी

हादसे की हार, हौसले की जीत: नर्मदा प्रसाद को मिला शासन की योजनाओं का संबल आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम ​  ​    रायपुर        नर्मदा प्रसाद यादव कभी एक प्लास्टिक कंपनी में काम कर पूरे सम्मान के साथ अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। वे अपने परिवार की उम्मीदों का मुख्य आधार थे। लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन, कार्यस्थल पर काम करने के दौरान वे एक भीषण विद्युत दुर्घटना (तगड़ा करंट लगने) का शिकार हो गए। इस हादसे ने न केवल उन्हें गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुँचाई, बल्कि उनके जीवन में पूर्ण विकलांगता की स्थिति उत्पन्न कर दी।    नर्मदा जी का चलना-फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इस हादसे के बाद मानो उनके पूरे परिवार पर अंधकार छा गया और अचानक आए इस गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से पूरा परिवार हताश हो गया। अचानक उनके जीवन की रफ्तार थम गई। ​संकट के समय सहारा बनीं शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं     ​जब नर्मदा जी और उनका परिवार भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित और असहाय महसूस कर रहा था, तब शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में एक नई सुबह बनकर आईं। शासन का मूल मंत्र ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद करना है, और यही संबल नर्मदा जी को भी मिला। ​     निराशा के दौर से उबरने के लिए नर्मदा प्रसाद ने शासन की योजना के तहत ग्राम पंचायत में ट्राई साइकिल के लिए आवेदन किया। शासन के संवेदनशील प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पूरी तत्परता दिखाई और बिना किसी कागजी देरी के नर्मदा जी को तुरंत एक ट्राई साइकिल प्रदान की। ​आत्मनिर्भरता की नई उड़ान      इस ट्राई साइकिल ने नर्मदा जी के जीवन की रुकी हुई रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया। अब उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों या कहीं आने-जाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शासन के इस छोटे से सहयोग ने उनके भीतर खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा जगा दिया है। ​     इसके साथ ही, परिवार को स्थाई आर्थिक मजबूती देने के लिए विभाग द्वारा उनकी विकलांगता पेंशन के आवेदन को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाया गया है। यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि नियमित रूप से आने लगेगी, जिससे उनके घर का खर्च आसानी से चल सकेगा।      ​नर्मदा प्रसाद ने कहा कि ये सिर्फ योजना नहीं, जीवन जीने की नई उम्मीद है। हादसे के बाद मुझे लगा था कि अब मेरी जिंदगी दूसरों के भरोसे ही कटेगी। लेकिन शासन की योजनाओं ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की हिम्मत दी है। ट्राई साइकिल मिलने से मैं अब खुद कहीं भी आ-जा सकता हूँ और पेंशन शुरू होने से मेरे परिवार का आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा। संकट के इस समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं शासन और प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ। ​

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: बूंदी बनेगा पर्यटन और व्यापार का नया केंद्र

बूंदी बूंदी को अब सिर्फ पुरानी यादों या इतिहास के एक प्रतीक के रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे भविष्य की नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में आगे बढ़ना होगा. इसी सोच के साथ शहर की सूरत बदलने और इसे हर क्षेत्र में सबसे आगे ले जाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है. यह मेगा प्लान आने वाले सालों में बूंदी की तकदीर और तस्वीर दोनों को पूरी तरह बदल कर रख देगा, जिससे यहां की लोकल इकोनॉमी और टूरिज्म को एक नया पंख मिलेगा. कोटा-बूंदी एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से बदलेगी किस्मत इस भारी-भरकम प्लान में सबसे बड़ा फोकस कनेक्टिविटी पर है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, नया और आधुनिक रेलवे स्टेशन और आने वाला कोटा-बूंदी एयरपोर्ट इस इलाके के लिए गेम चेंजर साबित होने जा रहे हैं. इन सब बड़े प्रोजेक्ट्स के आने से बूंदी देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों और पर्यटन नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएगा. जब देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यहां पहुंचना आसान होगा, तो सीधे तौर पर यहां का बिजनेस बढ़ेगा और दुनिया भर में बूंदी की एक नई व मजबूत पहचान बनेगी. वैसे भी तालेड़ा इलाके में पहले ही हजारों करोड़ रुपये का बिजनेस आ चुका है, जो इस बात का बड़ा सबूत है. संसदीय क्षेत्र के बून्दी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही “बून्दी विकास मंथन” कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजनों और नागरिकों के साथ बून्दी में प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर सार्थक चर्चा हुई। हमारा संकल्प है कि बून्दी ऐतिहासिक विरासत के साथ… रात में रोशनी से जगमगाएंगी ऐतिहासिक बावड़ियां-किले इस पूरे प्लान की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसमें बूंदी की पुरानी पहचान और आधुनिकता का एक बेहतरीन मेल देखने को मिलेगा. शहर के पुराने दरवाजों, ऐतिहासिक प्राचीन बावड़ियों, छतरियों, किले की दीवारों और दूसरी पुरानी धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ उन्हें नया रूप दिया जाएगा. शाम और रात के समय पर्यटकों को लुभाने के लिए इन सभी पुरानी इमारतों पर शानदार फसाड लाइटिंग की जाएगी और पैदल घूमने के लिए हेरिटेज वॉकवे बनाए जाएंगे. इसका फायदा यह होगा कि शाम ढलते ही बूंदी रोशनी से नहाई हुई एक बेहद खूबसूरत और जिंदादिल हेरिटेज सिटी की तरह दिखाई देगी. अंडरग्राउंड बिजली लाइन, चौपाटी और भूमिगत पार्किंग की सौगात पुरानी पहचान को संभालने के साथ-साथ आम जनता के रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाने वाली सुविधाओं को भी इस प्लान में पूरी तरह शामिल किया गया है. इसके लिए शहर की मुख्य सड़कों को चौड़ा और मजबूत बनाया जाएगा. सड़कों पर फैले बिजली के नंगे तारों के जंजाल को हमेशा के लिए खत्म करके सारी लाइनें अंडरग्राउंड डाली जाएंगी. गंदे पानी के निकास के लिए पूरे ड्रेनेज सिस्टम को ठीक किया जाएगा. इसके अलावा लोगों के घूमने-फिरने और सुकून के पल बिताने के लिए नए सुंदर पार्क और एक शानदार चौपाटी बनाई जाएगी. शहर को रोज-रोज के सिरदर्द बन चुके ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए छुड़ाने के लिए जमीन के नीचे यानी अंडरग्राउंड पार्किंग की भी व्यवस्था होगी. नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और हॉस्टल्स का तोहफा इस महाप्लान में युवाओं के भविष्य को भी उतनी ही तरजीह दी गई है. स्थानीय युवाओं और खिलाड़ियों को देश और दुनिया के बड़े मंचों पर आगे बढ़ने का मौका देने के लिए बूंदी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिल्कुल नई और आधुनिक खेल सुविधाओं से सजाया जाएगा, ताकि वे इंटरनेशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा दिखा सकें. इसके साथ ही, युवाओं और महिलाओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए कई बड़े तोहफे जमीन पर उतारे जा रहे हैं. इनमें एक यूथ हॉस्टल, कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वुमन हॉस्टल, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग रहने के हॉस्टल्स, बूंदी-दलेलपुरा सड़क का काम और एक नया व आधुनिक आयुष अस्पताल शामिल हैं. 'बूंदी विकास मंथन' में रखी गई इन बड़े कामों की नींव शहर की सूरत बदलने वाले इस पूरे 500 करोड़ रुपये के ब्लूप्रिंट और रूपरेखा को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनता के सामने रखा. अपने बूंदी दौरे के दौरान ओम बिरला टाउन हॉल में आयोजित 'बूंदी विकास मंथन' कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इसी कार्यक्रम में उन्होंने करीब 49 करोड़ रुपये की लागत वाले इन सभी नए हॉस्टल्स, सड़कों और आयुष अस्पताल जैसे जरूरी कामों की शुरुआत और शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने शहर के समझदार लोगों, जनप्रतिनिधियों और अलग-अलग समाज के लोगों से बूंदी के भविष्य को लेकर उनके मन की बात और सुझाव भी जाने. इस बड़े मौके पर स्थानीय विधायक हरिमोहन शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष सरोज अग्रवाल और जिला कलेक्टर हरफूल यादव सहित शहर के कई जाने-माने लोग मौजूद रहे.

झारखंड में राज्यसभा सीटों को लेकर बढ़ी सियासी हलचल, दलों ने तेज की रणनीति

 रांची चुनाव आयोग ने 18 जून को राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव कराने की घोषणा की है. राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक की चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान की तीन-तीन सीटों तथा झारखंड की दो सीटों पर कराया जाएगा. इसके अलावा मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की एक-एक सीट पर भी चुनाव होंगे. झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर बढ़ी सियासी हलचल झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. इनमें एक सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश के कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही है, जबकि दूसरी सीट झामुमो संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त है. घोषणा के बाद दलों में रणनीति तेज चुनाव आयोग की घोषणा के बाद सभी राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और गर्माने की संभावना है. राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम: 1 जून से शुरू होगी प्रक्रिया, 18 जून को मतदान चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 1 जून को अधिसूचना जारी होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जून तय की गई है. 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी. चुनाव प्रक्रिया 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी.

लोक निर्माण विभाग सख्त: SDO, EE और ENC अधिकारियों की मुख्यालय में उपस्थिति अनिवार्य, ठेकेदारों के मासिक भुगतान के आदेश

रायपुर लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।