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एमपी के मैहर जिले में कक्षा 5 तक स्कूलों की छुट्टियां, प्रशासन ने जारी किया आदेश

 मैहर  एमपी के मैहर जिले में कक्षा 5 तक छुट्टियां घोषित की गई है। इसके लिए आदेश जारी किया गया है। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक 21 अप्रैल से 30 अप्रैल तक छोटे बच्चों के स्कूल बंद रहेगे। शहर में भीषण गर्मी के कारण छात्रों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह अहम निर्णय लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, मैहर जिले में कक्षा नर्सरी से 5वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया गया है। जिसमें सभी सरकारी, प्राइवेट और सीबीएसई और केंद्रीय स्कूल बंद रहेंगे। जबकि कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक लगेगी। वहीं, शिक्षक दोपहर 1:30 बजे तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे। मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ये आदेश जारी किया है। 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश जारी आदेश के अनुसार, प्री-प्रायमरी से लेकर कक्षा 5वीं तक के सभी शासकीय, अशासकीय, केन्द्रीय, सीबीएसई और अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 21 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश रहेगा। Maihar Collector Order Heatwave हालांकि, कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद नहीं किए गए हैं; उनकी कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय यानी सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक यथावत संचालित रहेंगी। स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक उपस्थित रहकर करना होगा काम विद्यालय के शैक्षणिक स्टाफ को दोपहर 1:30 बजे तक उपस्थित रहकर अपने प्रशासनिक कार्य पूर्ण करने होंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित परीक्षाएं और अन्य आवश्यक कार्यक्रम अपने तय समय पर ही होंगे।मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, जिले में अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।  

जिला प्रशासन की सजगता से बाल विवाह पर लगा ब्रेक, कटनी और ढीमरखेड़ा में 3 विवाह रुकवाए गए

जिला प्रशासन की टीम की सजगता और सतर्कता से रूका बाल विवाह, कटनी शहर में 1 और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में हो रहे 2 बाल विवाह को प्रशासन ने रूकवाया कटनी अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर संभावित बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा गठित कोर ग्रुप पूरे जिले सतर्क और सजग रहा। जिससे जिला प्रशासन की की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए, कटनी शहर और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में बाल विवाह की गुप्त सूचना मिलने पर फौरी तौर पर पहुंचे अधिकारियों की टीम ने दोनों स्थानों में हो रहे 3 बाल विवाह को रुकवाया और परिजनों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। कलेक्टर  तिवारी के निर्देश पर इस साल संभावित बाल विवाह पर रोक लगाने एक सशक्‍त, समन्वित और बहुस्‍तरीय व्‍यापक कार्ययोजना के तहत संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया और जिला व विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर निगरानी तंत्र को पुख्ता और मजबूत कर पैनी नजर रखी गई। इसी वजह से समय रहते प्रशासन की सजगता से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने में कामयाबी मिली। संयुक्त कार्यवाही महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना प्राप्त हुई कि कटनी के आधार कॉप में एक 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह किया जा रहा है। सूचना प्राप्त होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग एवं कोतवाली थाना की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम द्वारा बालिका एवं बालक के आयु सम्बन्धी दस्तावेजों की जाँच कर पाया गया कि बालिका की आयु 16 वर्ष है और बालक की आयु 22 वर्ष है। अधिकारियों द्वारा परिजनों, बारातियों, बैंड, कैटरिंग कर्मियों,कैमरा मैन को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह बाल विवाह है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। संयुक्त टीम के परामर्श उपरांत परिजन बालिका के 18 वर्ष के होने के उपरांत विवाह करने पर सहमत हो गये ।संयुक्त टीम में निधि पटेल, पर्यवेक्षक, रजनीश सोनी, महिला एवं बाल विकास, सुनील सिंह, कोतवाली थाना आदि सम्मिलित रहे। ढीमरखेड़ा में रोके गये दो बाल विवाह विकासखंड ढीमरखेड़ा में ग्राम संकुई के दो 21 वर्ष से कम आयु के बालकों का विवाह किया जा रहा था। बालकों का विवाह जिन बालिकाओं से तय हुआ था,।उनमें से एक बालिका ग्राम पिपरिया सहलावन की थी, जिसकी आयु 19 वर्ष थी। वहीं दूसरी बालिका जो ग्राम बरेली की थी कि ,आयु 20 वर्ष पाई गई। अंजना पटेल, पर्यवेक्षक एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम द्वारा दोनो बालकों के परिजनों को समझाया गया कि विवाह के लिए वर की वैधानिक आयु 21 वर्ष है। इससे कम आयु में बालक का विवाह करना कानूनन अपराध है। मौके पर टीम द्वारा पंचनामा भी तैयार किया गया। परिजनों द्वारा बालकों की आयु 21 वर्ष होने पर विवाह करने की सहमति दी गई।

चंडीगढ़ में अवैध निर्माणों पर शिकंजा! Chandigarh Housing Board ने 32 हजार लोगों को भेजे नोटिस

चंडीगढ़. चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अवैध निर्माण और अतिक्रमण स्वयं हटाकर दंडात्मक कार्रवाई से बचें। बोर्ड अब तक करीब 32,000 नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें भवन नियमों के उल्लंघन और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को चिन्हित किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत इस महीने की शुरुआत में सीएचबी ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस उन मकान मालिकों को दिए गए हैं जिन्होंने स्वीकृत नक्शे से हटकर अतिरिक्त कमरे, स्टोर, छतों पर बालकनी या अन्य निर्माण किए हैं। कई मामलों में अतिरिक्त खंभे खड़े कर मूल संरचना में बदलाव किया गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बताया गया है। यूटी प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भवन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। सेक्टर-41 और सेक्टर-45 में कुछ अवैध ढांचे पहले ही गिराए जा चुके हैं। इसके बाद सेक्टर 29 और 30 के मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है जिसको लेकर इस समय यहां के निवासियों में हाहाकार मचा हुआ है। सीएचबी ने अलाटियों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द उल्लंघन हटाएं और भवन की मूल संरचना—जैसे खंभे, दीवारें और नींव—को अपने खर्च पर बहाल करें, साथ ही स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा कराएं। उच्च न्यायालय ने 28 नवंबर 2019 के आदेश में असुरक्षित इमारतों की जांच के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 21 अप्रैल 2022 के फैसले में अदालत ने एक महीने के भीतर जरूरी संरचनात्मक सुधार करने और इसकी लागत संबंधित अलॉटियों से वसूलने को कहा था। इस बीच, 8 अप्रैल को सेक्टर-45 में तोड़फोड़ अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई। मेयर सौरभ जोशी समेत कई पार्षद मौके पर पहुंचे और विरोध जताया, जिसके बाद अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। वहीं, सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा है कि लोगों के घर तोड़ना समाधान नहीं है। उन्होंने जरूरत के मुताबिक किए गए बदलावों को नियमित करने के लिए व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की है। वही हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोग भी वन टाइम रहता की मांग कर रहे हैं। कब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त का कहना है कि जब दूसरे राज्यों में वन टाइम राहत मिल सकती है तो चंडीगढ़ में क्यों नहीं। इस साल के अंत में नगर निगम चुनाव भी होने हैं ऐसे में जहां लोगों के मकान पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है वहीं राजनीति भी गरमाई हुई है।

दिव्यांगजनों के लिए बड़ी सुविधा: प्रमाणन और रिन्यूअल कैंप आज से, तीन फेज में चलेगा अभियान

उत्तर बस्तर कांकेर. जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के हित में विशेष पहल करते हुए निःशुल्क सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, नवीनीकरण एवं प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन 22 अप्रैल से किया जा रहा है. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में यह शिविर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के सामाजिक दायित्व के अंतर्गत तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम  जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा. उपसंचालक समाज कल्याण क्षमा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे. पहला शिविर 22 अप्रैल को लाइवलीहुड कॉलेज गोविंदपुर कांकेर में, दूसरा 23 अप्रैल को भानुप्रतापपुर और तीसरा शिविर 24 अप्रैल को कोयलीबेड़ा में आयोजित होगा. सभी शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किए जाएंगे. शिविर में दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, चिन्हांकन, प्रमाणीकरण, पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों का सत्यापन किया जाएगा. साथ ही जिन दिव्यांगजनों के मेडिकल प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बने हैं, उनका मौके पर ही पंजीयन एवं समाधान किया जाएगा. निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पात्र दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता अन्य सहायक उपकरण हेतु तथा 100 प्रतिशत दिव्यांग नेत्र सुगम्य केन, स्मार्टफोन के लिए आय प्रमाण-पत्र, जिनकी सभी स्रोतों से मासिक आय 22,500 रुपये से कम है, उन्हें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण एवं आधार की छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा. शिविर में ऐसे दिव्यांग जिनका मेडिकल प्रमाण-पत्र नहीं बना है, उनका मेडिकल यूडीआईडी, अन्य पेंशन विषयक समस्या का समाधान समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा. शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण, नवीनीकरण, यूडीआईडी कार्ड बनने से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता एवं त्वरित लाभ मिलेगा. शिविर में आने से पूर्व अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक या अपडेट करा लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.

Raipur में नई शुरुआत: PNG गैस पाइपलाइन से सीधे घरों तक पहुंचेगी रसोई गैस

रायपुर. राजधानी रायपुर में नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने का कार्य जल्द शुरू होगा. इसके लिए हरियाणा सिटी गैस कंपनी को पेट्रोलियम मंत्रालय ने अधिकृत किया है. वर्तमान में यह कार्ययोजना शहर में प्रारंभिक दौर में है. (Raipur PNG Service) संबंधित एजेंसी को शहर में गैस पाइप लाइन डालने से पहले नियम अनुसार नगर निगम से एनओसी लेनी होगी. साथ ही निर्धारित दर अनुसार शुल्क भी जमा करना होगा, ताकि इस कार्य से नागरिकों को शहर में प्राकृतिक गैस लाइन की सुविधा केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप जल्द मिले. इस दौरान किसी भी नागरिक को कोई असुविधा न होने पाए. मंगलवार को निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसी सिलसिले में गांधी सदन के सभागार में हरियाणा सिटी एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और दस जोन के जोन कमिश्नरों के साथ बैठक की. निगम आयुक्त विश्वदीप ने हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया है कि वह निगम के संबंधित जोनों के जल और नगर निवेश विभाग के जोन अधिकारियों से तालमेल रखकर शहर में गैस पाइप लाइन डालने का कार्य करें. उन्होंने ये भी कहा कि पेयजल पाइप लाइन किसी भी हालत में क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए, साथ ही शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों को तत्काल मरम्मत किया जाना चाहिए, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए. बैठक के दौरान नगर निगम आयुक्त ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि नेचुरल गैस पाइप लाइन डालने के कार्य दौरान शहर गर्मी के मौसम में नागरिकों असुविधा न हो यह ध्यान रखें. बैठक में अपर आयुक्त पंकज शर्मा, दस जोन के जोन कमिश्नर, नगर निवेश विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सिंह, सहायक अभियंता नितीश झा, उप अभियंता नगर निवेश रविप्रभात साहू, हरियाणा सिटी गैस एजेंसी के प्रतिनिधि राकेश रंजन और अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

मध्य प्रदेश के 10 जिलों में हीट वेव अलर्ट: दिन-रात तापमान में बढ़ोतरी, नर्मदापुरम और खजुराहो सबसे अधिक गर्म

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रही, बल्कि रात में भी लोगों को चैन नहीं मिल रहा। दिन का तापमान 43 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, तो वहीं रात का पारा भी 27 डिग्री तक बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है। मंगलवार को खजुराहो और नर्मदापुरम प्रदेश के सबसे ज्यादा तपने वाले इलाके रहे। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में भी तेज गर्मी का असर साफ दिखा।  भोपाल, इंदौर, उज्जैन में 5 दिन लू से राहत आने वाले दिनों हीट वेव प्रदेश के कई और जिलों को अपनी चपेट में लेगी. हालांकि अगले 5 दिन तक प्रदेश की राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन क्षेत्र में हीट वेव से तो राहत रहेगी, लेकिन दिन में तपिश और बढ़ेगी. पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम और खजुराहो में सबसे ज्यादा तापमान 43 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।  10 जिलों में लू का अलर्ट, बढ़ेगा असर बुधवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में दोपहर के समय हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं। कई शहर 40 डिग्री के पार प्रदेश के ज्यादातर शहरों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। सीधी, नौगांव, रायसेन, रतलाम, नरसिंहपुर, सतना, टीकमगढ़, रीवा, दमोह और सागर जैसे शहर लगातार भीषण गर्मी की चपेट में हैं। बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में पारा 40 डिग्री के आसपास रहा, जबकि इंदौर भी इससे ज्यादा पीछे नहीं रहा।  किन-किन जिलों में चलेगी हीट वेव सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई सुरेन्द्रन ने बताया "साइक्लोनिक सकुर्लेशन नार्थ छत्तीसगढ़ बना हुआ है. इसके अलावा दो ट्रफ लाइन बनी हुई थी, इस वजह से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश देखी गई, लेकिन अब आसमान से बादल पूरी तरह साफ हो गए हैं और इसकी वजह से तापमान में 3 डिग्री तक की बढोत्तरी हो सकती है. इसके साथ ही गर्म हवाएं कई क्षेत्रों में लोगों को परेशान करेंगी।      22 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर के अलावा रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर और धार जिले में हीट वेव का अलर्ट।      23 अप्रैल को 7 जिलों में यलो अलर्ट. भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर जिले में हीट वेव का अलर्ट।      24 अप्रैल को भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर जिले में हीट वेव का अलर्ट।      25 अप्रैल को हीट वेव का और भी जिलों में विस्तार होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने 25 जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज का कुछ हिस्से, मैहर, उमरिया, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में अलर्ट जारी।      अगले 5 दिन भट्टी बनेगा मध्य प्रदेश, हीटवेव का अलर्ट, रात का भी बढ़ेगा तापमान     मध्य प्रदेश के 10 जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट, रातों को भी नहीं मिलेगा सुकून, गर्म हवाओं का जोर।  मध्य प्रदेश के 22 जिलों में तापमान 40 पार मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो और नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया. यहां तापमान 43 डिग्री पहुंच गया है. हालांकि रतलाम और शाजापुर के तापमान में एक दिन में 3 डिग्री की बढोत्तरी हुई, इसके चलते यहां तापमान बढ़कर 42 डिग्री पहुंच गया है. जबलपुर, भोपाल, धार, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, उज्जैन में दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया।   

वसुंधरा राजे के पत्र की पोस्टिंग मामले में मप्र कांग्रेस आईटी सेल का सदस्य हिरासत में, हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

जबलपुर  राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के एक कथित पत्र को इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में मप्र कांग्रेस आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को भोपाल की साइबर पुलिस ने हिरासत में लिया है। इनमें निखिल, बिलाल और इनाम शामिल हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने इसे गैरकानूनी बताया है। अब यह मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है। इसे फेक पत्र बताया जा रहा है मामले पर बुधवार को सुनवाई होगी। दरअसल, बीते दिनों भाजपा की एक नेता का पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसे कांग्रेस की आईटी सेल के कार्यकर्ताओं ने साझा किया था। इसे फेक पत्र बताया जा रहा है। इस मामले में तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा ने कहा कि पिछले 30 घंटों से अधिक समय से भोपाल की साइबर पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस की आईटी सेल के तीन कार्यकर्ताओं को बिना किसी वाजिब कारण के हिरासत में रखा है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य और निराशा का विषय है।  

भोपाल में तीसरी एयरलाइन की कमी: देहरादून, उदयपुर और जम्मू के लिए फ्लाइट्स की बहुप्रतीक्षित शुरुआत

 भोपाल  भोपाल में नया एकीकृत टर्मिनल बनने के 15 साल बाद भी तीसरे एयरलाइंस ऑपरेटर की सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। देहरादून, उदयपुर, जम्मू एवं जयपुर तक लंबे समय से सीधी उड़ान नहीं है। पैसेंजर फ्रेंडली गोवा रूट पर हाल ही में उड़ान बंद कर दी गई है। ग्रीष्मकाल में पर्यटन की दृष्टि से लोग जिन शहरों की ओर जाते हैं वहां के लिए सीधी उड़ानें भोपाल से नहीं मिलती। हाल ही में लागू समर शेड्यूल में भोपाल को केवल नवीं मुंबई तक सीधी उड़ान मिल सकी। गोवा उड़ान बंद कर दी गई। इसके पहले उदयपुर एवं जयपुर उड़ान अचानक बंद हो गई। एयरलाइंस कंपनियों का पूरा ध्यान दिल्ली, मुंबई पर है। दिल्ली रूट पर एक साप्ताहिक उड़ान सहित सबसे अधिक सात उड़ान हैं। पैसेंजर फ्रेंडली रूट पर उड़ान नहीं ग्रीष्मकाल में लोग देहरादून, गोवा, जम्मू, जयपुर एवं उदयपुर आदि शहरों तक सीधी उड़ान नहीं है। इन शहरों को पैसेंजर फ्रेंडली रूट माना जाता है लेकिन इन शहरों तक सीधी उड़ानें लगातार नहीं चल पातीं। एक समय इंडियन एयरलाइंस ने भोपाल से देहरादून तक सीधी उड़ान शुरू की थी। इस उड़ान से गर्मी के दौरान बड़ी संख्या में लोग सफर करते थे। इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में मर्जर होने के बाद इस रूट पर कभी उड़ान शुरू ही नहीं हुई। गोवा उड़ान तीन बार प्रारंभ होकर बंद हो चुकी है। जयपुर एवं उदयपुर रूट भी आए दिन शुरू होकर बंद कर दिया जाता है। जम्मू तक सीधी उड़ान की मांग कभी पूरी नहीं हुई। स्लॉट लिया पर उड़ान शुरू नहीं तीसरे ऑपरेटर के रूप में हाल ही में एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मुंबई रूट पर उड़ान शुरू करने की स्वीकृति दी है। कंपनी ने जुलाई माह का स्लॉट भी लिया है पर बुकिंग प्रारंभ नहीं की है। पिछले समर शेड्यूल में भी कंपनी ने मुंबई एवं बेंगलुरु उड़ान शुरू करने की स्वीकृति दी पर उड़ान शुरू नहीं हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि इस वर्ष उम्मीद से अधिक उड़ानें प्रारंभ होंगी। एआई एक्सप्रेस ने भी स्लॉट लिया है। जल्द ही उड़ान शुरू होगी। उन्होंने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं बंद हो चुकी उड़ानें पुन: शुरू हो जाएंगी।

रवि किशन पहुंचे महाकाल की शरण में: भस्म आरती के बाद दिव्य दर्शन, गोरखपुर के उज्जवल भविष्य की की कामना

उज्जैन  भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता एवं गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने बुधवार तड़के बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाई। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के पश्चात पहुंचे रवि किशन ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। मंदिर पहुंचते ही उन्होंने नंदी हॉल में पूजा की और पारंपरिक मान्यता के अनुसार नंदी जी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद चांदी द्वार से गर्भगृह की चौखट पर माथा टेककर भगवान महाकाल के दर्शन किए और जल अर्पित कर श्रद्धापूर्वक जाप करते रहे। करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने देश, प्रदेश और विशेष रूप से अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर की खुशहाली और समृद्धि की प्रार्थना की। दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा में रवि किशन ने स्वयं को सौभाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल के चरणों में आने का हर अवसर जीवन को धन्य बना देता है। उन्होंने ‘देवतुल्य’ जनता के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि महाकाल के आशीर्वाद से भारत निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रहेगा। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से शाल और श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान भी किया गया। गोरखपुर और देश के लिए मांगी मंगल कामना दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन जीवन को धन्य बना देते हैं। उन्होंने गोरखपुर की जनता के लिए विशेष रूप से प्रार्थना की और सभी के स्वास्थ्य, समृद्धि एवं सुख-शांति की कामना की। अभिनेत्री जानकी बॉडीवाला ने भी किए दर्शन उज्जैन में ही 22 अप्रैल 2026 को फिल्म अभिनेत्री जानकी बॉडीवाला ने भी ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र उज्जैन श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। विशेष अवसरों और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान यहां देश-विदेश से भक्तों का आगमन होता है। भस्म आरती में सजा महाकाल का दिव्य स्वरूप बुधवार तड़के संपन्न भस्म आरती में भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारियों ने पंचामृत से अभिषेक कर भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से अलंकरण किया। शेषनाग का रजत मुकुट, मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाओं से सुसज्जित स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भस्म अर्पण की परंपरा के साथ आरती सम्पन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। पूरे मंदिर परिसर में ‘जय महाकाल’ के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।

सिंगरौली बैंक डकैती का खुलासा: नेपाल से मिले थे निर्देश, आरोपियों ने एक महीने तक की थी रेकी

सिंगरौली सिंगरौली में 17 अप्रैल को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 15 करोड़ की डकैती में नेपाल कनेक्शन सामने आया है। अब तक की पुलिस जांच में पता चला है कि नेपाल में बैठा शख्स पांचों आरोपियों को हैंडल कर रहा था। वारदात के वक्त इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क में था। आरोपियों ने सिंगरौली जिले में रहकर करीब एक महीने तक बैंक की रेकी भी की थी। हालांकि, पुलिस के अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मामले में एक आरोपी कमलेश कुमार पुलिस रिमांड पर है। मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है। तीसरा आरोपी राजेश कुमार झारखंड के गिरिडीह और चौथा आरोपी पंकज शर्मा पश्चिमी सिंहभूम जिले का रहने वाला है। पांचवें आरोपी छोटू (19) का स्थायी पता स्पष्ट नहीं हो पाया है। चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं। चारों आरोपी अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। कमलेश ने पुलिस पूछताछ में बताया कि करीब एक महीने पहले तीन लोगों ने जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर मोरवा थाना क्षेत्र के बड़ी मस्जिद के पास कमरा किराए से लिया था। यहां से रोज बैढ़न आते थे। सुबह से शाम तक बैंक की रेकी के बाद वापस चले जाते थे। कमलेश ने पुलिस को बताया कि फरवरी से मार्च महीने के बीच अलग-अलग समय पर तीन लोग कमरे में ठहरते रहे। प्लान के तहत डकैती डालने की तारीख 17 अप्रैल तय की। घटना में शामिल दो अन्य लोग तीन दिन पहले ही सिंगरौली पहुंचे थे। आरोपी एक-दूसरे को करीब से नहीं जानते जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी एक-दूसरे को बहुत करीब से नहीं जानते थे। उन्हें केवल इतना बताया गया था कि नेपाल में बैठा हैंडलर ही नेटवर्क को कंट्रोल कर रहा है। आरोपी सिर्फ इंटरनेट कॉलिंग के जरिए ही संपर्क में रहते थे। बताया जाता है कि वारदात से पहले और उस वक्त भी हैंडलर इन पांचों के संपर्क में था। मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए कोई बातचीत नहीं होती थी। यही वजह है कि पुलिस को आरोपी कमलेश से डिटेल पता करने में कठिनाई हो रही है। सभी पेशेवर अपराधी, उम्र 18 से 22 साल जांच में पता चला है कि आरोपी अपने घरों में ज्यादा समय नहीं बिताते थे। देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार वारदात को अंजाम देते रहते हैं। अगर पुलिस पकड़ लेती है, तो जेल चले जाते। छूटने के बाद फिर वारदात करने लग जाते। अगर पुलिस की गिरफ्त से बच जाते, तो दूसरे शहर या राज्य में जाकर नई वारदात की योजना बनाते हैं। यानी सभी पेशेवर अपराधी हैं। सभी आरोपियों की उम्र 18 से 22 साल है। पकड़ा गया आरोपी कमलेश भी हाल में बिहार में एक मामले में जेल से छूटकर आया था। इसके तुरंत बाद सिंगरौली में वारदात को अंजाम दे दिया। बैंक के अंदर कमलेश ही हेलमेट पहनकर घुसा था। मैनेजर बोलीं– मंजर आंखों के सामने घूम रहा बैंक मैनेजर करुणा बछर ने ऑफ कैमरा बताया कि अंदर आते ही एक बदमाश ने मेरी कनपटी से पिस्टल अड़ा दी। जब तक बदमाश बैंक के अंदर रहे, एक डकैत ने पिस्टल अड़ाकर खड़ा रहा। अलार्म का बटन दबाने का मौका नहीं मिला। वे कह रहे थे कि अलार्म का बटन किसी ने दबाया, तो गोली मार दी जाएगी। हम लोग दहशत में थे। कुछ समझ नहीं आया। आज भी वह खौफनाक मंजर आंखों के सामने घूम रहा है। डकैती के बाद बैंक में रखा सुरक्षा गार्ड 2018 में जब से बैंक खुली, तब से बैंक में गार्ड की नियुक्ति नहीं हुई थी। वारदात के बाद और दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद बैंक प्रबंधन ने निजी कंपनी का सशस्त्र गार्ड गार्ड की तैनाती की है। वारदात के चार दिन बाद भी मंगलवार को बैंक तो रोजाना की तरह खुला, लेकिन कम चहल-पहल देखी गई। बैंक परिसर के बाहर सन्नाटा रहा। वारदात के बाद बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी दहशत में हैं। मामले पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बैंक कर्मचारियों को क्लीनचिट नहीं एसपी मनीष खत्री ने बताया कि बैंक के कर्मचारियों को क्लीनचिट अभी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसकी जांच जा की जा रही है। बैंक के स्टाफ का डाटा भी निकलवा रहे हैं। यह भी प्रयास कर रहे हैं कि अगर किसी ने इस बीच में रिजाइन किया है, तो वो भी दिखवा रहे हैं।