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मेट्रो विस्तार की बड़ी ख़बर: PM मोदी ने दिल्ली में ₹33,500 करोड़ की परियोजना का किया उद्घाटन

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च को मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो जाएंगे। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिलेगी। वहीं, तीन अन्य कॉरिडोर की नींव भी रखी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देंगे।   नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो के 2 नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं। नई कनेक्टिविटी से दिल्ली के कई इलाकों को फायदा होगा, जिनमें बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क आदि शामिल हैं। पीएम मोदी की दिल्ली को ₹33,500 करोड़ की सौगात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज दिल्ली मेट्रो के दो कॉरिडोर चालू हो गए। इसमें से एक कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली को देश की पहली रिंग मेट्रो मिली। वहीं, तीन अन्य काॅरिडोर की नींव भी रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन प्रोजेक्टों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली को 33,500 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। इसमें जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के अंतर्गत तैयार की गई परियोजनाएं भी शामिल हैं। यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'आज प्रधानमंत्री मोदी जिन 2 महत्वपूर्ण कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं (मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर और दीपाली चौक-मजलिस पार्क) यह दिल्ली के लोगों के जीवन को आसान बनाएंगे। जिन 3 कॉरिडोर का यहां शिलान्यास होने वाला है, वे भी दिल्ली को गति देने वाले हैं।'   दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इनमें लगभग 12.3 किमी का मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर और लगभग 9.9 किमी का दीपाली चौक-मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) कॉरिडोर शामिल हैं।   महत्वपूर्ण रहा यह प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी अहम है। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं, मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर: नोएडा में लोग कर रहे टंकी फुल कराने की दौड़

नई दिल्ली  ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध के कारण भारत में भी पेट्रोल व डीजल महंगा होने वाला है। इसकी आशंका पर शनिवार को ग्रेटर नोएडा के काफी पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। वहां लंबी लाइन लगी थी। ज्यादातर लोग कार व बाइक के टैंक को पूरा भरवा रहे थे। वहीं प्रशासन भी लगातार पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में हैं। अफसरों का कहना है कि युद्ध का असर हर जगह है। पेट्रोलियम कंपनियां यहां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।   ईंधन की आपूर्ति पर पड़ा असर खाड़ी देशों में युद्ध का असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। ईरान पर हमले के कारण ईंधन की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वहां से दुनिया भर में 20 प्रतिशत तेल जाता है। आपूर्ति बंद होने पर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी है। इस कारण अन्य देशों में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं। अगर युद्ध जारी रहा तो भारत में भी तेल की कीमतें जल्द बढ़ जाएंगी। पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें शनिवार को शहर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका रही। इस कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर शाम को काफी भीड़ रही। ग्रेनो वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू निवासी संजीव ने बताया कि एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम को काफी भीड़ रही। बाइक और कारों की लंबी लाइन लगी थीं। ज्यादातर लोग बाइक व कार का टैंक फुल करवा रहे थे। ताकि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के कारण उनकी जेब ढीली होने से बच सके। अफसर बोले- अभी आशंका है हालांकि जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि आशंका है, लेकिन इस संबंध में कंपनियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है। साथ ही कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल तेल की कीमतें बढ़ने संबंधी कोई आदेश नहीं है। पाकिस्तान में 55 रुपये प्रति लीटर का उछाल खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस कारण वहां पर पेट्रोल की कीमतें 335 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है। वहीं अमेरिका और यूरोप में भी तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। जबकि इस्राइल में भी कीमतें बढ़ी हैं।  

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ दार्जिलिंग में विवादित व्यवहार, झारखंड राजनैतिक हलकों में आक्रोश

 दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर सियासत तेज हो गई है। झारखंड के कई नेताओं ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रपति पद और आदिवासी समाज का अपमान बताया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के व्यवहार को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को संविधान का अपमान बताया मरांडी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह का रवैया प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इससे आदिवासी समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता दिखाई दी, उसे पूरे देश ने महसूस किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और संथाल आदिवासी समाज का भी अपमान किया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को संविधान का अपमान बताया है। मुर्मु के साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद शर्मनाक आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद शर्मनाक है। सुदेश महतो ने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपति नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने दार्जिलिंग पहुंचीं, तब उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थीं और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मान नहीं दिया गया, जो बेहद आपत्तिजनक है। आजसू पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्रपति पद का अपमान बताया है।  

उड़ान के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर में गड़बड़ी, श्रीनगर में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग

श्रीनगर गढ़वाल टिहरी से लौट रहे राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी के तौर पर श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर उतार दिया। जिससे किसी तरह की अनहोनी टल गई। फिलहाल राज्यपाल के आगे के कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही अगली उड़ान को लेकर निर्णय लिया जाएगा। कोतवाली निरीक्षक कुलदीप सिंह ने कहा कि राज्यपाल पुलिस गेस्ट हाउस में हैं। तकनीकी खराबी ठीक होते ही वह यहां से रवाना होंगे।

बालेंद्र शाह ने ओली को हराया, नेपाल चुनाव में RSP अगली सरकार बनाने की ओर

काठमांडू  आरएसपी के बालेंद्र शाह ने शनिवार को चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को भारी अंतर से हराकर नेपाल में अगली सरकार बनाने की राह पर कदम रखा. पिछले साल पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग को लेकर हुए हिंसक ‘जेन जेड’ प्रदर्शनों के बाद हुए पहले आम चुनाव में उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों को करारा झटका दिया. रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेंद्र शाह ‘बालेन’, जो राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) – सीपीएन-यूएमएल – के अध्यक्ष ओली को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया। निर्वाचन आयोग ने बताया कि 35 वर्षीय बालेन ने 74 वर्षीय ओली के 18,734 वोट के मुकाबले 68,348 वोट हासिल किए. रात साढ़े आठ बजे तक घोषित परिणामों के अनुसार, रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित आरएसपी ने अब तक घोषित 87 सीटों के परिणाम में 70 सीट पर जीत दर्ज की है. चुनाव निकाय के आंकड़ों में कहा गया कि आरएसपी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीट जीतकर सूपड़ा-साफ कर दिया तथा देश भर में 52 सीट पर आगे है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, नेपाली कांग्रेस (एनसी) ने दस सीट जीतीं और नौ सीटों पर आगे है. सीपीएन (यूएमएल) ने सिर्फ तीन सीट जीतीं और आठ सीट पर आगे है. इसके आलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) ने दो सीट जीतीं और पांच सीटों पर आगे है. वहीं, श्रम शक्ति पार्टी (एसएसपी) तीन सीट पर आगे है और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है. जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है। नेपाल में 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ था. मतों की गिनती बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई और शनिवार शाम 5 बजे तक 162 निर्वाचन क्षेत्रों में गिनती जारी थी. भारत इस चुनाव पर बारीकी से नजर रख रहा था, जो राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। इस बीच, ओली ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “बालेन बाबू, जीत के लिए बधाई.” नेपाल पिछले 18 साल में 14 सरकार देख चुका है. ओली ने बालेन को बधाई देते हुए कहा, “मैं कामना करता हूं कि आपका पांच साल का कार्यकाल निर्बाध, सफल हो और हार्दिक बधाई हो। ओली ने 2022 की एक तस्वीर संलग्न की जिसमें वह रैपर से राजनीतिक नेता बने बालेन को तबला भेंट करते हुए दिख रहे हैं, जब बालेन ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता था. आरएसपी ने बालेंद्र शाह ‘बालेन’ को प्रधानमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित किया था और मधेस के जनकपुर से अपने पहले चुनाव अभियान की शुरुआत की थी. पार्टी इस प्रांत में दूसरे दलों का सूपड़ा साफ करती दिख रही है।

सूरत के मंदिर में मिलीं दो छात्राएं: बेहोशी के इंजेक्शन और सुसाइड के बारे में पूछा ChatGPT से

सूरत  गुजरात के सूरत शहर में स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर कॉलेज में पढ़ने वाली दो छात्राओं की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लड़कियों की उम्र 18 से 20 के बीच है। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने  बताया कि उन्हें घटनास्थल से बेहोशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनेस्थीसिया के इंजेक्शन मिले हैं। दोनों लड़कियों ने मौत से पहले ChatGPT पर "सुसाइड कैसे करें" इसके बारे में सर्च किया था। असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) एन.पी. गोहिल ने बताया कि कॉलेज में पढ़ने वाली दोनों छात्राएं शुक्रवार दोपहर से लापता थीं और बाद में उसी रात सानिया गांव के स्वामीनारायण मंदिर के बाथरूम के अंदर मरी हुई मिलीं। फोन कॉल नहीं उठा रही थीं उन्होंने बताया कि छात्राओं के परिजनों ने उनके लापता होने के बाद दिंडोली पुलिस थाने को सूचना दी थी। उनके फोन एक्टिव थे, लेकिन वो दोनों ही कॉल नहीं उठा रही थीं। फोन की लोकेशन ट्रेस होने के बाद, पुलिस की एक टीम सानिया गांव गई और उनकी तलाश शुरू की। हमें मंदिर के पास उनकी स्कूटी मिली। बाथरूम का दरवाजा तोड़कर निकाली गईं लाशें पुलिस अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में दोनों लड़कियों को मंदिर के बाथरूम की तरफ जाते हुए देखा गया। इसके बाद जब बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर दोनों बेहोश पड़ी मिलीं। उनमें से एक लड़की को सिविल अस्पताल और दूसरी को एसएमआईएमईआर अस्पताल ले जाया गया। दोनों अस्पतालों के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पास में पड़े थे बेहोशी के इंजेक्शन अधिकारी ने बताया कि बाथरूम की तलाशी में बेहोशी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ एनेस्थीसिया इंजेक्शन मिले, जबकि उनमें से एक के फोन की गैलरी में सुसाइड से जुड़ी कुछ तस्वीरें मिलीं। पुलिस ने बताया कि दोनों यहां अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ती थीं और स्कूल टाइम से ही अच्छी दोस्त थीं। पुलिस ने बताया कि दोनों ने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

आसमान में सुरक्षा का नया जंग: मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटते पायलट

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में घमासान के साथ-साथ दुनियाभर में चल रहे सैन्य संघर्षों ने सुरक्षित विमान यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच विमान पायलटों को भयानक तनाव के दौर से भी गुजरना पड़ रहा है। बीते ढाई वर्षों में सैन्य संघर्षों में आई तेजी के चलते विमान यात्रा न केवल महंगी हुई है, बल्कि यात्राओं में लगनेवाला समय भी बढ़ गया है। पश्चिम एशिया में जगह-जगह फंसे लोगों के लिए अपने देश वापस लौटना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, मिसाइलों और ड्रोन से हवाई अड्डों पर हमले ने जमीन से लेकर आसमान तक संकट खड़े कर दिए हैं। पायलटों पर बढ़ा बोझ विमान पायलटों और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यूक्रेन से अफगानिस्तान और इजरायल तक भीषण सैन्य संघर्षों ने पायलटों पर बोझ बढ़ा दिया है। उनके लिए एयर स्पेस बेहद सिकुड़ गया है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। पायलटों का कहना है कि वे सेना के पायलट नहीं है। उन्हें हवा में मौजूद खतरों से निपटने का प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। मौजूदा संकट की वजह से विमानन क्षेत्र में सुरक्षा का खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पायलटों में डर और चिंता गहराने लगी है। इसे देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने मदद के लिए पीयर प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, लेकिन इससे आंशिक मदद ही मिल रही है। जीपीएस स्पूफिंग से भी बढ़ा खतरा विमानन क्षेत्र को जीपीएस स्पूफिंग जैसे खतरों से भी निपटना पड़ रहा है, जिसमें विमानों को उनकी पोजीशन के बारे में दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। मिसाइल और ड्रोन के हमलों से बचने के लिए विमानों को ज्यादा ऊंचाई पर उड़ाया जा रहा है। मिसाइलों के हमले से बचने के लिए विमानों को 15000 फीट से ऊपर उड़ाया जा रहा है। इस मामले में पश्चिम एशिया के पायलट थोड़ा बहुत जोखिम भी उठा रहे हैं। लेबनान में बीते पांच मार्च को बेरूत हवाई अड्डे पर धुएं के बीच एक विमान के उड़ान भरने का वीडियो चर्चा में है। इस क्षेत्र के पायलटों का कहना है कि कोई भी ये गारंटी नहीं दे सकता कि हवाई अड्डों पर हमला नहीं होगा। विमानों के लिए नई चुनौती बन रहे ड्रोन विमानों को ड्रोन से भी खतरे बढ़ने लगे हैं। अपेक्षाकृत शांत इलाकों में भी ड्रोन उड़ने के मामले बढ़ रहे हैं। आकार में छोटे होने की वजह से ये जल्दी पहचान में नहीं आते और विमानों से टकराने का खतरा बना रहता है। विमानों में ट्रांसपोंडर के जरिये सिग्नल जारी होते रहते हैं, जिससे दूसरे विमानों को एक दूसरे की दूरी और पोजीशन का पता चलता रहता है, लेकिन ड्रोन के मामले में ऐसा नहीं होता। किसी पक्षी की तरह वे विमान से टकरा सकते हैं। यात्री विमानों के लिए इस्तेमाल होनेवाले नियमित राडार पर ड्रोन नजर नहीं आते। अमेरिका में काउंटरड्रोन तकनीक बनानेवाली कंपनी डीड्रोन के मुताबिक अमेरिका में 2025 में 12 लाख ड्रोन उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए हैं।  

बंगाल में चुनावी सियासत तेज, ममता बनर्जी ने 10वीं पास बेरोजगारों के लिए भत्ते की घोषणा की

कोलकाता बंगाल में कुछ दिन बाद होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने युवाओं और बेरोजगारों के लिए बड़ा दांव खेला। एसआइआर के बाद मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के खिलाफ कोलकाता के धर्मतल्ला में दूसरे दिन जारी धरना मंच से ममता ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर लोगों को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की कि राज्य के 10वीं पास या उससे उपर के बेरोजगार युवाओं को आज यानी शनिवार से ही अब हर महीने 1500 रुपये का बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। क्या है बांग्ला युवा साथी योजना? चुनाव से पहले बेरोजगारी युवाओं को भत्ता देने के लिए ममता सरकार ने हाल में पेश राज्य बजट में नई बांग्ला युवा साथी योजना की घोषणा की थी। विशेष बात यह है कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह योजना एक अप्रैल से लागू होनी थी, लेकिन ममता ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश देकर सबको चौंका दिया। ममता की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने इस योजना के तहत युवा लाभार्थियों को शनिवार से ही वित्तीय सहायता उनके बैंक खातों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी। योजना के तहत राज्य के ऐसे छात्र या युवा जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा पास कर ली है, लेकिन अभी तक उन्हें नौकरी नहीं मिली है, उन्हें प्रति माह 1,500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। भूमिहीन मजदूरों को भी मिलेगा सहयोग ममता ने राज्य बजट में युवा साथी के अलावा भूमिहीन खेत मजदूरों के लिए घोषित योजना को भी अप्रैल के बजाय आज से ही शुरू करने की घोषणा की। ममता ने कहा कि राज्य सरकार अपने वादों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम जो कहते हैं, वो करते हैं। युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के लगभग एक करोड़ युवाओं को इस वित्तीय सहायता का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह भत्ता उन छात्र-छात्राओं और युवाओं को दिया जा रहा है जो फिलहाल किसी अन्य सरकारी योजना के लाभार्थी नहीं हैं। उन्होंने इसे महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवाओं के लिए एक उपहार करार दिया। बंगाल की बेरोजगारी दर में गिरावट ममता ने राज्य में रोजगार के आंकड़ों को रेखांकित करते हुए दावा किया कि बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उन्होंने उत्कर्ष बांग्ला जैसे कौशल विकास कार्यक्रमों की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 40 लाख लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 10 लाख युवाओं को सीधे रोजगार प्राप्त हुआ है। ममता ने इस दौरान केंद्र सरकार पर बकाया फंड को लेकर निशाना साधा और कहा कि छह लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने के बावजूद बंगाल की विकास दर (जीएसडीपी) देश में शीर्ष पर है। उन्होंने राज्य में बन रहे छह आर्थिक गलियारों, बीरभूम के देवचा पचामी कोयला ब्लाक में एक लाख नौकरियों की संभावना और आइटी क्षेत्र में बेंगलुरु से बेहतर प्रदर्शन का भी दावा किया।  

स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से गरमाएगा संसद का बजट सत्र, दूसरे चरण में टकराव तय

नई दिल्ली बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं। इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे इशारा मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। वहीं, सरकार भी कमर कसकर तैयार दिख रही है। सरकार भी कर सकती है पलटवार एआई इम्पैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ न मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है तो इसे देश के अपमान से जोड़कर सरकार भी करारा पलटवार कर सकती है। इन मुद्दों पर हो सकता है गतिरोध बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर संसद में भी इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है, क्योंकि राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल दे भी रहे हैं। इसके साथ ही भारतीय समुद्री क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं। उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एसआईआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। टीएमसी सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस टीएमसी इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी। सत्ता पक्ष की क्या है तैयारी? हालांकि, लोकसभा स्पीकर के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से जोर पकड़ने वाला सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में पीएम की कुर्सी का घेराव कर उन पर हमले का षड्यंत्र रचा। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरा चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं।  

अब रेल यात्रा होगी और आसान! टिकट बुकिंग के साथ मिल रही है ‘All-in-One’ सुविधा

नई दिल्ली रेलवे में यात्रियों के सफर को अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनाने के लिए रेलवे ने अपने आधिकारिक ‘सुपर ऐप’ रेलवन की शुरुआत की है। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को एक ही मंच पर रेलवे की कई सेवाएं प्रदान करना है। ई-कैटरिंग सुविधा के तहत यात्री इस ऐप का उपयोग कर सकते हैं और सीधे फूड एग्रीगेटर ऐप जोमैटो और स्विग्गी के जरिए भी अपना मनपसंद खाना अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट्स से ऑर्डर कर सकते हैं। ऐप की सुविधा जम्मू मंडल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों जम्मू, कटरा, पठानकोट जैसे स्टेशनों पर मिलेगी। RailOne App के जरिए यात्री को टिकट बुकिंग, फूड डिलीवरी, या ट्रेन स्टेटस के लिए अलग-अलग ऐप्स का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं है। रेलवन ऐप में ये सभी सुविधाएं एकीकृत हैं। यात्री अपने पी.एन.आर. नंबर का उपयोग करके RailOne App में जाकर जोमैटो या स्विगी से खाना चुन सकते हैं। भोजन सीधे यात्री की सीट या बर्थ पर पहुंचाया जाएगा। यह सेवा जम्मू मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है, जहां यात्री प्रसिद्ध रेस्तरां के भोजन का आनंद ले सकते हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उचित सिंघल ने कहा कि हमारा प्राथमिक लक्ष्य रेल यात्रियों के सफर को अधिक सुखद और बाधारहित बनाना है। इस ऐप के माध्यम से हमने टिकट बुकिंग, लाइव ट्रैकिंग और अब प्रीमियम फूड डिलीवरी सेवाओं को एकीकृत किया है। हम यात्रियों को प्रोत्साहित करते हैं कि वे अलग-अलग ऐप्स के बजाय इस ऑल-इन-वन' समाधान को अपनाएं।