samacharsecretary.com

तेजस MK-2 बनेगा भारत का ‘मिनी राफेल’… बंकर फाड़ने वाली मिसाइलों से दुश्मनों में खौफ

नई दिल्ली भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को पानी पिलाने वाले राफेल लड़ाकू विमान जैसा ही तेजस MK-2 को बनाने का प्लान किया है। भारत के स्वदेशी और अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान तेजस एमके-2 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) बना रहा है, जिसने तेजस एमके-2 को और उन्नत ओर ताकतवर बनाने का फैसला किया है। इसमें SCALP‑EG और Crystal Maze जैसी मिसाइलें लगाई जाएंगी। HAL के तेजस फैमिली के सबसे ताकतवर एडवांस संस्करण के रूप में डिजाइन किया गया यह विमान आने वाले दशक में भारतीय वायु सेना की रीढ़ बनने की उम्मीद है। दुश्मन के भीतरी इलाकों तक सटीक मार करेगा तेजस एमके-2     मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे-जैसे भारत अपनी लंबी दूरी की मारक क्षमता का विस्तार कर रहा है, तेजस एमके2 को एडवांस स्टैंडऑफ मिसाइलों को एकीकृत करने के लिए पहले से ही लैस किया जा रहा है।     इसका मकसद यह है कि भारी सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र से बाहर रहते हुए दुश्मन के क्षेत्र में गहराई तक स्थित रणनीतिक लक्ष्यों को भेदने में तेजस एमके-2 सक्षम होगा। इससे वायुसेना की सटीक मारक क्षमता भी बढ़ेगी। तेजस MK-2 वायुसेना के MK-1 से ज्यादा ताकतवर     रिपोर्टों के अनुसार, तेजस एमके-2 को एक मध्यम-वजन बहु-भूमिका लड़ाकू विमान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो वर्तमान में सेवा में मौजूद एचएएल तेजस एमके-1 संस्करणों की तुलना में बड़ा और कहीं अधिक ताकतवर है।     इस विमान का विकास वैमानिकी विकास एजेंसी द्वारा किया जा रहा है और इसका निर्माण हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। तेजस MK-2 की ये हैं खूबियां, जो बनाती हैं मारक     तेजस MK-2 का बड़ा एयरफ्रेम होगा।     तेजस MK-2 में अधिक पेलोड क्षमता होगी।     बेहतर एवियोनिक्स और सेंसर से लैस होगा।     इसकी दुश्मन के इलाके में अधिक युद्धक रेंज होगी।     GE F414-GE-INS6 टर्बोफैन इंजन से शक्ति मिलेगी।     Mk1 सीरीज में इस्तेमाल इंजन की तुलना में अधिक थ्रस्ट देता है।     लंबी दूरी के मिशनों के दौरान भारी हथियार भी ले जा सकेगा। लंबी दूरी की मारक मिसाइलों से लैस होगा तेजस एमके-2     तेजस Mk2 के लिए नियोजित सबसे महत्वपूर्ण अपग्रेड में से एक लंबी दूरी की सटीक मारक हथियारों का एकीकरण है। इसमें सबसे पहले SCALP-EG क्रूज मिसाइल और इजरायली मूल की क्रिस्टल मेज मिसाइलें लगाई जाएंगी।     ये दोनों हथियार पहले से ही भारतीय वायु सेना के हथियार भंडार का हिस्सा हैं और वर्तमान में डसॉल्ट राफेल और उन्नत डसॉल्ट मिराज 2000 लड़ाकू विमानों जैसे विमानों पर तैनात हैं। SCALP-EG क्रूज मिसाइल की खूबी जान लीजिए     SCALP-EG एक लंबी दूरी की वायु-प्रवेशित क्रूज मिसाइल है जिसे अत्यधिक सुरक्षित लक्ष्यों पर सटीक हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह बंकरों और सैन्य ठिकानों पर तेजी से वार करती है।     यह रडार से बचते हुए कम ऊंचाई पर चुपके से उड़ान भरने में सक्षम है। ऊंचाई वाले लक्ष्यों के लिए सटीक मार्गदर्शन प्रणाली से लैस होगी। सैकड़ों किलोमीटर दूर के लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता है। यह दुश्मन की सीमा में जाए बिना ही टारगेट्स तबाह कर सकती है। क्रिस्टल मेज से कोई बच नहीं सकता है क्रिस्टल मेज मिसाइल वायु से सतह तक सटीक मारक हथियार के रूप में भी जाना जाता है। यह दुश्मन के रडार स्टेशनों, कमांड केंद्रों और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों जैसे ज्यादा अहम टारगेट्स पर हमला करने के लिए डिजाइन की गई है। इसकी मारक क्षमता करीब 250 किमी तक है। इन चीजों से भी लैस होंगे तेजस विमान एस्ट्रा एमके-1 बियॉन्ड-विजुअल-रेंज मिसाइल, एस्ट्रा एमके-2 एक्सटेंडेड-रेंज बीवीआर मिसाइल और एस्ट्रा एमके-3 का भविष्य में एकीकरण। निकटवर्ती हवाई लड़ाइयों के लिए लड़ाकू विमान इन्फ्रारेड-गाइडेड एएसराम मिसाइल ले जाएगा, जिसका उपयोग भारतीय वायु सेना पहले से ही तेजस एमके1ए सहित कई प्लेटफार्मों पर कर रही है।

टोल से राहत देने वाला NHAI का एनुअल पास अब पड़ेगा भारी, बढ़ सकती है फीस

नई दिल्ली आप अक्सर सड़कों पर मोटर गाड़ी (Car/Jeep/Van) लेकर निकल पड़ते हैं। राजमार्गों या एक्सप्रेसवे पर हर कुछ किलोमीटर पर बने टोल प्लाजा पर फीस भरते-भरते आप परेशान हैं। तो आपके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एनुअल पास जारी कर दिया है। अब यही पास महंगा होने वाला है। जी हां, एनएचएआई का एनुअल पास अगले एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। कितना महंगा होगा एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई का एनुअल पास आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन मतलब कि एक अप्रैल से महंगा होने वाला है। जब पूछा गया कि कितना महंगा होगा तो उन्होंने बताया कि इसमें 75 रुपये से 100 रुपये के बीच बढ़ोतरी हो सकती है। यह पास अभी 3,000 रुपये में मिलता है। क्यों महंगा होगा एनएचएआई का टोल जिस तरह से हर साल एक अप्रैल से बढ़ता है, उसी तरह से एनुअल पास में भी यही व्यवस्था है। टोल के दर में या एनुअल पास के रेट में बढ़ोतरी मुद्रास्फीति के थोक मूल्य सूचकांक (WPI) पर आधारित है। साल भर में डब्ल्यूपीआई इंडेक्स में जितनी बढ़ोतरी होती है, उसी हिसाब से एनएच के टोल भी बढ़ जाते हैं। उसी तरह से इस साल एनुअल पास का रेट करीब 100 रुपये बढ़ जाएगा। क्या है एनुअल पास जो व्यक्ति एनएच पर बराबर यात्रा करते हैं, उनकी सहूलियत के लिए पिछले साल 15 अगस्त से एनुअल पास की स्कीम लाई गई है। इसके तहत अभी 3,000 रुपये में एक पास जारी किया जाता है जो कि देश के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) या राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) के टोल प्लाजा पर वैलिड है। इस पास को खरीद लेने के बाद मोटर वाहन के मालिक एक साल या 200 टोल प्लाजा बिना शुल्क दिए पास कर सकते हैं। यदि आपने एक साल पूरा होने से पहले ही 200 टोल प्लाजा पार कर लिए तो उससे पहले ही पास खत्म हो जाएगा। कौन खरीद सकते हैं एनुअल पास एनएचएआई के एनुअल पास को कोई भी प्राइवेट या निजी कार, जीप या वैन के मालिक खरीद सकते हैं। कोई भी कॉमर्शियल व्हीकल या भाड़ा कमाने वाली गाड़ी के मालिक इसे नहीं खरीद सकते हैं। इस पास को राजमार्ग यात्रा ऐप और एनएचएआई पोर्टल से खरीदा जा सकता है।

ट्रैफिक और प्रदूषण पर काबू के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नए ऑटो परमिट पर लगाई रोक

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पहले से ही बहुत बड़ी संख्या में ऑटो परमिट जारी हो चुके हैं, जिससे शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप से बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक करीब 14 लाख ऑटो रिक्शा परमिट जारी किए जा चुके हैं. इनकी अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और  प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. मौजूदा ऑटो परमिट धारकों ने भी सरकार से शिकायत की थी कि नए परमिट जारी होने से रिक्शा चालकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और उन्हें पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही हैं. जिससे आय पर भी बुरा असर पड़ रहा है. सरकार ने इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है. महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा के बाहर ये घोषणा करते हुए बताया कि ट्रैफिक जाम, बढ़ता प्रदूषण और अवैध परमिट धारकों की शिकायतों के बाद ये कड़ा कदम उठाया गया है. इसके अलावा जांच में ये भी सामने आया है कि कुछ मामलों में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को भी ऑटो परमिट मिल गए थे. इस मामले की भी जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. ऑटो रिक्शा की अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और  प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में नए ऑटो परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है.

पानी के नीचे भारत की ताकत: पनडुब्बियों का ऐसा किला जिसे दुश्मन छू भी नहीं सकते

नई दिल्ली भारत ने अपने दुश्मनों से निपटने के लिए समुद्र के भीतर पनुडुब्बियों का अभेद्य किला बना लिया है। यह किला इतना ताकतवर है यह अरब सागर से लेकर हिंद महासागर तक पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से पार पाने में बेहद कारगर और मारक साबित होगा। भारत के इस किले में न्यूक्लियर पॉवर्ड समेत हर तरह की पनडुब्बियां हैं, जो दुश्मन की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं। भारत ने अपने दोनों तरफ के समुद्र में पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है। भारत ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली हमलावर स्वदेशी पनडुब्बियां बनाने के लिए भी तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं, मगर उसके नौसेना के बेड़े में शामिल होने में अभी एक दशक लग सकता है। भारत ने अपने पश्चिमी और पूर्वी तट पर समंदर के पास पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है, जिससे भारत के चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन अपनी हद पार करने से पहले सौ बार सोचेंगे। इसमें हर तरह की पनडुब्बियां शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय नौसेना के बेड़े में करीब 20-21 मारक पनडुब्बियां हैं। इनमें से 17 तो डीजल पॉवर्ड अटैक पनडुब्बियां हैं। इसके अलावा, कम से कम 2 न्यूक्लियर पॉवर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी हैं। इसके अलावा, एक पनडुब्बी रूस से लीज पर ले रखी है। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (एसएसबीएन) आईएनएस अरिदमन (S-4) को अप्रैल या मई तक सेवा में शामिल किए जाने की उम्मीद है। पनडुब्बी वर्तमान में समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है और आने वाले महीनों में सेवा में शामिल होने की संभावना है। आईएनएस अरिदमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास सामरिक बल कमान (एसएफसी) के तहत पहली बार तीन परिचालन एसएसबीएन हो जाएंगे। NTI पर छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना की पनडुब्बियां पश्चिमी तट मुंबई और पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम के पास समंदर में तैनात हैं। भारत ने हाल ही में दो पनडुब्बी अड्डे बनाए हैं। पहला मुंबई से 500 किलोमीटर दक्षिण में स्थित कारवार है। दूसरा, आईएनएस वर्षा नामक एक गुप्त नौसैनिक अड्डा है, जो चीन के हालिया उन्नयन के जवाब में भारत की नौसैनिक परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने की एक बड़ी परियोजना का हिस्सा है। यह अड्डा पूर्वी तट पर काकीनाडा के पास स्थित है और इसमें पनडुब्बियों के लिए भूमिगत ठिकाने होंगे। फरवरी, 2015 में भारत सरकार ने स्वदेशी 6 न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक सबमरींस को अपने जंगी बेड़े में शामिल करने की परियोजना को मंजूरी दी थी। ये पनडुब्बियां विशाखापत्तनम के शिप बिल्डिंग सेंटर में बननी हैं। भारत के पश्चिमी तट पर अरब सागर है, जिसकी सीमा पाकिस्तान को छूती है। वहीं, पूर्वी तट के पास बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर है, जहां चीन के जासूसी जहाज अक्सर मंडराते रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए न्यूक्लियर पॉवर्ड अटैक क्लास की पनडुब्बी की स्वदेशी क्षमता हासिल करना अभी भी एक दशक दूर का लक्ष्य है। माना जा रहा है कि इस तरह की पहली पनडुब्बी 2036 तक ही तैयार हो पाएगी। भारत के पास पहले से ही अरिहंत श्रेणी की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली और परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियां (एसएसबीएन) मौजूद हैं।

सड़क हादसा त्रासदी: कार-बस टक्कर में नवजात और मां की मौत

सुंदरबनी जम्मू–पुंछ नेशनल हाईवे पर बलशामा के पास सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला और पांच दिन के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा उस समय हुआ जब पुंछ की ओर जा रही एक कार की टक्कर सुंदरबनी स्थित बीपी वर्ल्ड स्कूल की बस से हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार और स्कूल बस के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार लोगों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायलों को इलाज के लिए उप-जिला अस्पताल सुंदरबनी पहुंचाया गया। घायलों में शहनाज अख्तर (40 वर्ष), पत्नी अब्दुल मजीद निवासी पुंछ को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं कार में मौजूद पांच दिन के मासूम बच्चे ने भी दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया हादसे में कार चला रहे शकील अहमद पुत्र मोहम्मद सदीक भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया है। पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और सड़क पर अचानक नियंत्रण खोने को हादसे की वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से हाईवे पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने और वाहनों की गति पर नियंत्रण रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।  

रूस-ईरान संबंधों में मजबूती, पुतिन ने मोज़तबा खामेनेई को शपथ पर बधाई दी

नई दिल्ली इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। अयातुल्ला अली खामेनेई के मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई नए सर्वोच्च नेता के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिए हैं।मोजतबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर चुनने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें बधाई दी है। रूस ईरान के साथ सोमवार को क्रेमलिन द्वारा जारी एक बयान में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता का काम सम्मान के साथ जारी रखेंगे और कठिन मुश्किलों का सामना करते हुए ईरानी लोगों को एकजुट करेंगे। उन्होंने कहा कि रूस तेहरान के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने तेहरान के प्रति अपनी अटूट एकजुटता और पक्के समर्थन को दोहराते हुए कहा कि वह रूस ईरान के साथ खड़ा है।

परंपरा तोड़ मिसाल पेश की बेटियों ने, बागेश्वर में परिवार को किया सम्मानित

बागेश्वर काफलीगैर क्षेत्र के लोब गांव में एक भावुक तथा समाज को संदेश देने वाला दृश्य देखने को मिला। जब 85 वर्षीय बिश्नुली देवी के निधन के बाद उनकी बेटियों ने ही उन्हें मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इस मार्मिक क्षण में उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं तथा सभी ने बेटियों के इस साहस और मातृभक्ति की सराहना की। सोमवार को बिश्नुली देवी का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में परिवार और गांव के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सरयू-गोमती तट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। परंपरागत सोच से अलग बेटियों ने आगे आकर मां को मुखाग्नि दी तथा समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दौरान उनकी पुत्री गोविंदी लोबियाल पत्नी रमेश चंद्र, लीला देवी पत्नी शिव लाल सहित अन्य स्वजन ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। गोविंदी लोबियाल वर्तमान में हल्द्वानी के दमुवाढूंगा क्षेत्र में महिला कांग्रेस की ब्लाक अध्यक्ष भी हैं। अंतिम संस्कार में राजेंद्र प्रसाद, मनोज कुमार टम्टा, विवेक लोबियाल, सूरज कुमार, चंद्रशेखर, संजय कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे। ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

पीएम मोदी-अमित शाह की मौजूदगी में सरकार की अहम रणनीति बैठक

नई दिल्ली पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच नई दिल्ली में सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और सीडीएस अनिल चौहान के साथ बैठक की। कुछ देर बाद प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बैठक में पहुंचे। इससे पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी एशिया के हालातों पर संसद के दोनों सदन (लोकसभा और राज्यसभा) में वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। गल्फ देशों में भारी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। ताजा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने का ऑपरेशन तेजी से जारी है। उन्होंने कहा, "सरकार इस समय भारतीय नागरिकों को सपोर्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है। लगभग 67,000 नागरिकों की सुरक्षित वापसी हुई है। आगे भी पश्चिमी एशिया से लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।" जयशंकर ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं, इसलिए यह लड़ाई भारत के लिए खास चिंता की बात है। उन्होंने बताया, "हालात की गंभीरता को देखते हुए 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की मीटिंग हुई। इसमें ईरान में हुए एयरस्ट्राइक और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस इस इलाके में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। इसने इलाके की सुरक्षा और आर्थिक और कमर्शियल गतिविधियों पर पड़ने वाले असर पर भी ध्यान दिया।" विदेश मंत्री ने कहा, "लड़ाई लगातार बढ़ रही है और इलाके में सुरक्षा की हालत काफी खराब हो गई है। हमने देखा है कि असल में, लड़ाई दूसरे देशों में भी फैल गई है और तबाही और मौतें बढ़ रही हैं। पूरे इलाके में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर साफ असर पड़ा है और कुछ मामलों में तो रुक भी गई हैं। इसलिए हमने 3 मार्च को बातचीत और डिप्लोमेसी की अपनी अपील दोहराई और लड़ाई को जल्द खत्म करने की बात कही। मुझे यकीन है कि पूरा सदन भी जानमाल के नुकसान पर दुख जताने में मेरे साथ है।"

सुरक्षा कारणों से फ्लाइट पलटी: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच इंडिगो की वापसी

नई दिल्ली दिल्ली से मैनचेस्टर जा (UK) जा रही इंडिगो की फ्लाइट यू टर्न लेकर वापस दिल्ली लौट रही है। इंडिगो की फ्लाइट 6E33 इथियोपिया की सीमा के पास पहुंचकर अचानक बीच हवा से वापस मुड़ गया। इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार24 के अनुसार, दिल्ली से उड़ान भरने के बाद इंडिगो का विमान इथियोपिया की सीमा के निकट हवाई क्षेत्र में पहुंचते ही अचानक यू-टर्न (वापस मुड़ गया) हो गया। इसके बाद विमान भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश लिया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली 26 फरवरी के बाद यह इंडिगो की पहली फ्लाइट थी। दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली इंडिगो की यह फ्लाइट करीब 7 घंटे उड़ान के बाद वापस लौट रही है। फ्लाइटराडार24 की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली-मैनचेस्टर मार्ग की ग्रेट-सर्कल दूरी लगभग 6,829 किलोमीटर है, और मार्ग और मौसम की स्थिति के आधार पर औसत उड़ान समय लगभग 11 घंटे है।   क्यों लौटी वापस? इंडिगो ने एक बयान में कहा कि आखिर वक्त में हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद एयरलाइन को यह निर्णय लेना पड़ा। इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, " मिडिल ईस्ट और उसके आसपास की बदलती स्थिति के कारण, हमारी कुछ उड़ानों को लंबे मार्ग से जाना पड़ सकता है या उनका मार्ग परिवर्तन करना पड़ सकता है। पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति के कारण अंतिम समय में हवाई क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते दिल्ली से मैनचेस्टर जाने वाली हमारी उड़ान 6E 033 को अपने मूल स्थान पर वापस लौटना पड़ा।" इंडिगो के प्रवक्ता ने कहा, "हम यात्रा फिर से शुरू करने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। हमेशा की तरह, हमारे ग्राहकों, चालक दल और विमान की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।" एयरस्पेस पर पाबंदियां इंडिगो का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बदलते हालात की वजह से, कुछ फ्लाइट्स लंबे रूट ले सकती हैं या उन्हें डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। एयरस्पेस पर पाबंदियों के कारण इंडिगो-दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही फ्लाइट 6E 033 को वापस अपने रूट पर लौटना पड़ा।  

तेल उद्योग में हड़कंप: बहरीन की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी हुई निशाना

मनामा बहरीन की सरकारी तेल कंपनी बापको एनर्जीज ने अपनी गतिविधि पर 'फोर्स मेज्योर' घोषित किया है। इसका मतलब है कि अगर किसी वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कंपनी उसकी जिम्मेदार नहीं मानी जाएगी क्योंकि हालात उसके नियंत्रण से बाहर हैं। यह फैसला तब लिया गया जब देश की मुख्य तेल रिफाइनरी की तरफ से घना धुआं उठता हुआ देखा गया। इससे पहले सरकार ने कहा था कि सित्रा इलाके में ईरानी ड्रोन हमले के कारण कुछ लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को थोड़ा नुकसान भी हुआ है। बापको एनर्जीज बहरीन की मुख्य तेल रिफाइनरी चलाने वाली कंपनी है, और यह देश के ऊर्जा क्षेत्र का एक अहम केंद्र है। पोस्ट में कहा, “कंपनी ने साफ किया कि स्थानीय बाजार की सभी जरूरतें मौजूदा प्लान के हिसाब से पूरी तरह से काम कर रही हैं, जिससे सप्लाई जारी है। बापको एनर्जीज अपने सभी हितधारकों के साथ अपने रिश्तों को महत्व देती है और उन्हें अपडेट करती रहेगी।” यूएस-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष को एक हफ्ते से ज्यादा बीत गए हैं और इनकी लड़ाई का असर पूरे मध्य पूर्व पर दिख रहा है। अमेरिका-इजरायल के एयर स्ट्राइक के बदले ईरान मध्य पूर्व में स्थापित उनके बेस या उनसे जुड़े केंद्रों पर कर रहा है। फोर्स मेज्योर (अप्रत्याशित घटना) के तहत कंपनी को अपने कॉन्ट्रैक्ट में दिए दायित्वों को अस्थायी रूप से निलंबित या रद्द करने का अधिकार होता है। ये एक कानूनी धारा है। ऐसी अनुमति तब दी जाती है जब कंपनी के नियंत्रण से परे ऐसी असाधारण घटनाएं हो जाती हैं और उसे अपने दायित्वों को पूरा करने से रोकती हैं। इसके तहत कंपनी को बाद में कोई हर्जाना नहीं भरना पड़ता। 7-8 मार्च की दरमियानी रात ईरान की राजधानी तेहरान स्थित तेल ठिकानों पर जबरदस्त हमले किए गए थे। इसमें आग लगी और पूरा तेहरान जल उठा। कई तस्वीरें और वीडियो सोशल प्लेटफॉर्म पर अपलोड हुए जिसमें शहर धूं-धूं कर जलता दिखा। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बघाई ने कहा कि ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स पर यूएस-इजरायल की हवाई बमबारी लड़ाई के एक "खतरनाक दौर" की निशानी है और यह एक वॉर क्राइम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईंधन डिपो को निशाने पर ले, हमलावर हवा में खतरनाक और जहरीले तत्व छोड़ रहे हैं, आम लोगों को जहर दे रहे हैं, पर्यावरण को बर्बाद कर रहे हैं, और बड़े पैमाने पर इंसानों को खतरे में डाल रहे हैं।" बघाई ने आगे कहा कि ये पर्यावरण और इंसानी तबाही के नतीजे ईरान की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रहेंगे। ये हमले इंसानियत के खिलाफ अपराध और नरसंहार हैं।