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Piyush Goyal का BRICS देशों को बड़ा संदेश, लोकल करेंसी में व्यापार बढ़ाने और बाजार खोलने की अपील

नई दिल्‍ली दिल्‍ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS शिखर सम्‍मेलन में रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन आ चुके हैं और पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी हुई है. जबकि चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग भी कल आएंगे और पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे।  इस बीच, ब्रिक्‍स बिजनेस फोरम में बोलते हुए देश के वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्‍स देशों से एक बड़ी अपील की है. गोयल ने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने का आग्रह किया. साथ ही स्‍थानीय मुद्रा में ट्रेड को लेकर भी जोर दिया।  नियमों को आसान करें ब्रिक्‍स देश: पीयूष गोयल उद्योग मंत्री ने कहा कि मैं ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बाजारों को खोलें और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और शिपमेंट को सुविधाजनक बनाने के लिए मिलकर काम करें. उन्होंने आगे कहा कि ब्रिक्स उन उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, जिन्हें भारत दुनिया के सामने पेश करना चाहता है।  उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ग्‍लोबल ट्रेड का एक चौथाई हिस्सा है. भारत ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है. इंजीनियरिंग सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत के निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. भारत को दुनिया की फार्मेसी के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने आगे कहा कि साझेदारों के बीच व्यापार व्यापक, सही और विविध आपूर्ति चेन वाला होना चाहिए, और यह व्यापार किसी भी स्थिति में गुट के सदस्यों के विकास और कल्याण में बाधा नहीं बनना चाहिए।  करेंसी को जोड़ने पर जोर उन्होंने कहा कि हमें कच्चे माल समेत एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए. हमारी सप्‍लाई चेन सही होनी चाहिए और दोनों दिशाओं में चलनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने ब्रिक्स देशों से अपने-अपने पेमेंट सिस्‍टम को जोड़ने  के लिए भी कहा और कहा कि एक-दूसरे के साथ सहयोग को गहरा करने की अपार संभावनाएं हैं।  गौरतलब है कि ब्रिक्‍स शिखर सम्‍मेलन ऐसे वक्‍त में हो रहा है, जब ग्‍लोबल तनाव ज्‍यादा है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति कई बार ब्रिक्‍स समूह के खिलाफ बयान दे चुके हैं. साथ ही डॉलर और टैरिफ को लेकर इन देशों पर दबाव डाल चुके हैं. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है ब्रिक्‍स समूह देश कई मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। 

11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव, 120 ट्रेनें प्रभावित; कई कैंसिल और डायवर्ट

 नई दिल्ली अगर आप 11 से 13 सितंबर के बीच ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें. दिल्ली डिवीजन से गुजरने वाली करीब 120 ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है. इनमें कई ट्रेनें कैंसिल रहेंगी, कुछ के रूट बदले गए हैं, जबकि कई ट्रेनों को रीशेड्यूल, रेगुलेट या उनके शुरुआती और आखिरी स्टेशन में बदलाव किया गया है. इसका असर राजधानी, तेजस राजधानी, वंदे भारत, पूर्वा एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों समेत कई EMU सेवाओं पर भी पड़ेगा।  क्यों बदला गया ट्रेनों का शेड्यूल? नॉर्दर्न रेलवे ने ऑपरेशनल कारणों से 11 से 13 सितंबर तक ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया है. इसके लिए रेलवे ने अलग ट्रेन हैंडलिंग प्लान जारी किया है. रेलवे के मुताबिक इस अवधि में कुछ ट्रेनों को कैंसिल और डायवर्ट किया गया है. इसके अलावा कुछ ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट, शॉर्ट ओरिजिनेट और रीशेड्यूल किया जाएगा. कुछ ट्रेनों के टर्मिनल भी बदले गए हैं।  11 सितंबर को किन ट्रेनों पर असर? 11 सितंबर को कई प्रमुख राजधानी ट्रेनें डायवर्ट रूट से चलेंगी. इनमें नई दिल्ली-रांची राजधानी, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी और नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी शामिल हैं. इसके अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, हजरत निजामुद्दीन-गाजियाबाद EMU और गाजियाबाद-मथुरा जंक्शन EMU के रूट में भी बदलाव किया गया है. इस दिन पलवल-शकूरबस्ती, गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-पलवल लेडीज और दिल्ली जंक्शन-शामली EMU कैंसिल रहेंगी।  12 सितंबर को कौन सी ट्रेनें प्रभावित 12 सितंबर को भी कई EMU सेवाएं प्रभावित रहेंगी. गाजियाबाद-नई दिल्ली, नई दिल्ली-गाजियाबाद और नई दिल्ली-पलवल लेडीज EMU समेत कई लोकल ट्रेनें कैंसिल रहेंगी. फरीदाबाद में RLDA के काम के चलते पलवल-शकूरबस्ती EMU भी कैंसिल रहेगी. इस दिन गोमती, श्रमजीवी, नई दिल्ली-सियालदह राजधानी, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी, वैशाली और मगध एक्सप्रेस डायवर्ट रूट से चलेंगी. वहीं एक वंदे भारत ट्रेन को 35 मिनट रेगुलेट किया जाएगा।  कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव हुआ 11 सितंबर को कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों के रवाना होने के समय में बदलाव किया गया है. नई दिल्ली-हैदराबाद एक्सप्रेस और ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस 120 मिनट रीशेड्यूल रहेंगी, जबकि पश्चिम एक्सप्रेस 90 मिनट देरी से चलेगी. 12 सितंबर को तेजस राजधानी, भुवनेश्वर तेजस राजधानी, राजेंद्र नगर टर्मिनल तेजस राजधानी और तमिलनाडु एक्सप्रेस को देरी से रवाना किया जाएगा. इसके अलावा हरियाणा एक्सप्रेस नई दिल्ली से चलेगी. नई दिल्ली-अलीगढ़ EMU गाजियाबाद से चलेगी, जबकि 64582 और 64557 MEMU के टर्मिनल में भी बदलाव किया गया है।  13 सितंबर को भी कई ट्रेनें हैं कैंसिल 13 सितंबर को भी दिल्ली डिवीजन में ट्रेन संचालन प्रभावित रहेगा. इस दिन पलवल-गाजियाबाद, गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन, साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद-शकूरबस्ती और नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU कैंसिल रहेंगी. इसके अलावा शिवगंगा एक्सप्रेस, सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन पैसेंजर, मेरठ कैंट-श्रीगंगानगर स्पेशल, मथुरा जंक्शन-गाजियाबाद EMU और पलवल-गाजियाबाद EMU डायवर्ट रूट से चलेंगी।  कुछ ट्रेनों के स्टार्ट-टर्मिनेट स्टॉप बदले 13 सितंबर को कुछ ट्रेनों को उनके तय स्टेशन की जगह दूसरे स्टेशन पर समाप्त किया जाएगा. मथुरा जंक्शन-नई दिल्ली EMU पलवल पर खत्म होगी. वहीं पलवल-नई दिल्ली EMU हजरत निजामुद्दीन पर समाप्त होगी. इसी तरह बुलंदशहर-तिलक ब्रिज MEMU दिल्ली शाहदरा पर ही समाप्त होगी।  यात्रियों को क्या करना चाहिए? अगर आप इन तीन दिनों में दिल्ली डिवीजन से सफर करने वाले हैं तो सिर्फ टिकट देखकर स्टेशन के लिए न निकलें. अपनी ट्रेन का नंबर, रूट, रवाना होने का समय और शुरुआती/आखिरी स्टेशन जरूर चेक करें. खास तौर पर नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन, गाजियाबाद, साहिबाबाद, पलवल, दिल्ली शाहदरा और हजरत निजामुद्दीन से जुड़ी ट्रेनों के यात्रियों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।  ट्रेन का ताजा स्टेटस चेक करने के लिए NTES का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है. नॉर्दर्न रेलवे का यह ऑपरेशनल प्लान 11 सितंबर से 13 सितंबर 2026 तक लागू रहेगा. हालांकि, इस दौरान अगर कोई और बदलाव होता है तो रेलवे की ओर से नया अपडेट जारी किया जा सकता है. इसलिए सफर से पहले ट्रेन का ताजा स्टेटस चेक करना सबसे बेहतर रहेगा।    ये रही पूरी लिस्ट 📅 11.09.2026 ✖ रद्द ट्रेनें   64015 (पलवल–SSB EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64910 पलवल से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64429 (GZB–NDLS EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64110 ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64433 (GZB–NDLS EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64114 ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी 64492 (NDLS–पलवल लेडीज़ EMU) – रद्द। लिंक ट्रेन 64491 भी रद्द 64491 (दिल्ली जं–शामली EMU) – रद्द ⇄ डायवर्टेड ट्रेनें 64419 (NZM–GZB EMU) – निज़ामुद्दीन–तिलक ब्रिज–BPNL–साहिबाबाद मार्ग से 20840 (NDLS–RNC राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12424 (राजधानी, NDLS–डिब्रूगढ़) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12314 (NDLS–सियालदह राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 12306 (NDLS–हावड़ा राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 22812 (NDLS–भुवनेश्वर राजधानी) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से 64904 (GZB–मथुरा EMU) – साहिबाबाद–तिलक ब्रिज–निज़ामुद्दीन मार्ग से 12394 (सम्पूर्ण क्रांति एक्सप्रेस) – NDLS–दिल्ली जं–साहिबाबाद मार्ग से ↪ शॉर्ट ओरिजिनेट/टर्मिनेट 15307 (हरियाणा एक्सप्रेस) – तिलक ब्रिज से शॉर्ट ओरिजिनेट (NDLS के बजाय) 64110 (NDLS–अलीगढ़ EMU) – ग़ाज़ियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट 64568 (तिलक ब्रिज–बुलंदशहर MEMU) – दिल्ली शाहदरा से शॉर्ट ओरिजिनेट 64567 (बुलंदशहर–तिलक ब्रिज MEMU) – दिल्ली शाहदरा पर शॉर्ट टर्मिनेट 🕑 पुनर्निर्धारित/विलंबित प्रस्थान 12724 (NDLS–हैदराबाद) – 120 मिनट पुनर्निर्धारित 12616 (NDLS–चेन्नई GT एक्सप्रेस) – 120 मिनट पुनर्निर्धारित 12926 (पश्चिम एक्सप्रेस) – 90 मिनट पुनर्निर्धारित 15304 (इंटरसिटी एक्सप्रेस, NDLS–कासगंज) – 75 मिनट पुनर्निर्धारित 12952 (तेजस राजधानी) – 50 मिनट विलंबित प्रस्थान 12310 (NDLS–राजेंद्र नगर तेजस राज) – 50 मिनट विलंबित प्रस्थान 64441 (GZB–NDLS EMU) – 20 मिनट विलंबित प्रस्थान 12382 (NDLS–हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस) – 35 मिनट विलंबित प्रस्थान 14212 (AGC इंटरसिटी एक्सप्रेस) – 20 मिनट विलंबित प्रस्थान ⚙ नियंत्रित (रेगुलेट)   64471 (GZB–पानीपत MEMU) – साहिबाबाद पर 20 मिनट नियंत्रित 📅 12.09.2026 ✖ रद्द ट्रेनें 64425 (GZB–NDLS EMU) – रद्द 64432 (NDLS–GZB EMU) – रद्द 64013 (पलवल–SSB EMU) – फरीदाबाद में RLDA कार्य के कारण पहले से रद्द 64015 (पलवल–SSB EMU) – पहले से रद्द 64429 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64110 शॉर्ट ओरिजिनेट 64433 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64114 शॉर्ट ओरिजिनेट 64441 (GZB–NDLS EMU) – रद्द, लिंक 64410 भी रद्द रहेगी 64492 (NDLS–पलवल लेडीज़ EMU) – रद्द, लिंक 64491 भी रद्द 64410 (NDLS–GZB EMU) – रद्द 64443 (GZB–दिल्ली जं EMU) … Read more

भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर IMF का बड़ा बयान, कहा- बेहतर डेटा से आर्थिक अनुमान होंगे और मजबूत

 वॉशिंगटन/नई दिल्ली भारत की GDP ग्रोथ और उसके आंकड़ों को लेकर चल रही बहस के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने नए आर्थिक आंकड़ों और उन्हें तैयार करने के तरीके को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की है. IMF के मुताबिक भारत अब भी दुनिया की ग्रोथ के लिए प्रमुख इंजन बना हुआ है. इस प्रमुख वैश्विक संगठन का कहना है कि अपडेट किए गए इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) सीरीज आगे भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को और बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।  नए IIP और PPI से क्या बदलेगा? वहीं, IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8% की रियल GDP ग्रोथ को उम्मीदों से बेहतर बताया है. वॉशिंगटन में हुई प्रेस ब्रीफिंग के दौरान IMF की कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट डायरेक्टर जूली कोजैक ने भारत के ताजा GDP आंकड़ों पर बात की. उन्होंने कहा कि नवीनतम GDP रिलीज में इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) का नया इंडेक्स और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की नई सीरीज शामिल की गई है. उनके मुताबिक, ये दोनों नई सीरीज भारत के GDP अनुमानों को बेहतर बनाने में मदद करेंगी. यानी आने वाले समय में आर्थिक गतिविधियों को मापने और GDP का अनुमान लगाने के लिए ज्यादा अपडेटेड डेटा उपलब्ध होगा।  IMF ने डेटा क्वालिटी पर क्या कहा? जूली कोजैक ने भारत के मैक्रोइकोनॉमिक डेटा सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारियों को स्टैटिस्टिकल फ्रेमवर्क और डेटा क्वालिटी को और मजबूत करने की दिशा में इसी तरह आगे बढ़ना चाहिए. IMF की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत के आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता और GDP की गणना को लेकर कांग्रेस पार्टी और उसके कुछ नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं. वहीं, सरकार का कहना है कि नए डेटा सेट और बदले हुए डेटा सिस्टम से आर्थिक गतिविधियों से जुड़े अनुमानों को ज्यादा मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।  7.8% GDP ग्रोथ पर IMF क्या बोला IMF ने भारत की आर्थिक ग्रोथ के ताजा आंकड़ों को उम्मीद से बेहतर बताया. कोजैक के मुताबिक, भारत की रियल GDP पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, जो IMF स्टाफ की उम्मीद और दूसरी रेटिंग एजेंसियों के अनुमान से ज्यादा रही. उन्होंने कहा कि इस ग्रोथ को सर्विसेज और एक्सपोर्ट से मजबूती मिली. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एनर्जी प्राइस में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की घरेलू इकोनॉमी की मजबूती इस आंकड़े में दिखाई देती है।  MOSPI के आंकड़ों में क्या आया है सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) ने 31 अगस्त को FY 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के GDP आंकड़े जारी किए थे. इसके मुताबिक पहली तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8% रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 6.9% थी. इस दौरान मजबूत कैपिटल एक्सपेंडिचर, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया. स्थिर कीमतों यानी 2022-23 के बेस ईयर पर रियल GDP ₹81.36 लाख करोड़ रही. FY 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹75.46 लाख करोड़ थी. वहीं मौजूदा कीमतों पर नॉमिनल GDP 10.3% बढ़कर ₹88.27 लाख करोड़ हो गई. एक साल पहले यह करीब ₹80 लाख करोड़ थी।  ग्रॉस वैल्यू एडेड में भी मजबूत ग्रोथ GDP के साथ ग्रॉस वैल्यू एडेड यानी GVA के आंकड़ों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली. पहली तिमाही में रियल GVA 8.2% बढ़कर ₹73.82 लाख करोड़ रही. वहीं नॉमिनल GVA 11.5% बढ़कर ₹80.53 लाख करोड़ पहुंच गई. इससे संकेत मिलता है कि सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और दूसरे प्रमुख सेक्टरों में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई थीं. GDP किसी देश की इकोनॉमी की सबसे अहम तस्वीरों में से एक होती है. इसलिए इसे तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले आंकड़ों की क्वालिटी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। 

पाकिस्तान में दो हिंदू बहनों का दर्दनाक वीडियो, ‘हमें घर जाना है’; जबरन धर्म परिवर्तन-निकाह का आरोप

सिंध प्रांत पाकिस्तान के सिंध प्रांत से सामने आई दो नाबालिग हिंदू बहनों की गुहार आपको झकझोरकर रख देगी. रोते-सिसकते उनकी बस एक ही मांग थी, कि उन्हें अपने माता-पिता के पास घर भेज दिया जाए. लेकिन कोर्ट ने उन्हें परिवार के साथ भेजने के बजाय दो दिनों के लिए सेफ हाउस भेजने का आदेश दे दिया।  मामला तंदो अल्लाहयार के जिला कोर्ट का है, जहां सुनावाई के बाद दोनों बहनें रोती बिलखती नजर आईं. दोनों बहनों की पहचान सीता और रूपी के तौर पर बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक उनकी उम्र करीब 13 और 14 साल है।  परिवार का आरोप है कि दोनों को पहले अगवा किया गया, फिर धर्म परिवर्तन कराया गया और मुस्लिम युवकों से जबरन उनकी शादी करा दी गई. हालांकि अभी कर किसी सार्वजनिक पुलिस या कोर्ट दस्तावेजों से बच्चियों की उम्र और दावे की पुष्टि नहीं हुई है।  कोर्ट के बाहर रोती रहीं बच्चियां दोनों बहनों को तंदो अल्लाहयार की अदालत में पिछले हफ्ते दर्ज हुए किडनैपिंग के मामले में पेश किया गया था. सुनवाई के बाद बच्चियों ने अपने परिवार के पास जाने की इच्छा जताई.वहां मौजूद पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे लगातार रो रही थीं और घर जाने की बात कह रही थीं।  अदालत ने फिलहाल दोनों को दो दिन के लिए सेफ हाउस भेज दिया. कुछ अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि बच्चियों की बात सीधे सुनी जाए और उन्हें स्वतंत्र कानूनी और मनोवैज्ञानिक मदद दी जाए।  10 दिन में 6 नाबालिग लड़कियों के दावे से चिंता बढ़ी यह मामला इसलिए भी और है क्योंकि एक दिन बाद तंदो अल्लाहयार से 14 साल की एक और हिंदू लड़की पांसी कोहली के अपहरण की खबर सामने आई थी.  एक पाकिस्तानी पत्रकार के मुताबिक, 10 दिनों के अंदर जिले में छह नाबालिग हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आ चुके हैं।   सिंध पाकिस्तान में सबसे ज्यादा हिंदू आबादी वाला इलाका है. यहां हिंदू लड़कियों के अपहरण, धर्म परिवर्तन और मुस्लिम युवकों से शादी के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं. खास तौर पर गरीब और कमजोर परिवारों की बेटियां ज्यादा असुरक्षित मानी जा रही हैं।  कानून की नजर में नाबालिग, फिर शादी कैसे? अगर दोनों बहनों की उम्र 13 और 14 साल होने की पुष्टि होती है, तो सिंध के कानून के मुताबिक वे नाबालिग मानी जाएंगी. सिंध में शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल है. यानी उम्र की पुष्टि होने पर 18 साल से कम उम्र में हुई शादी कानून के खिलाफ होगी. अब इस मामले में यह देखना अहम होगा कि बच्चियों की उम्र और उनकी इच्छा को लेकर कोर्ट क्या फैसला सुनाती है।  कब थमेगा डर का ये सिलसिला? यह कहानी दो बहनों के साथ पाकिस्तान में रहने वाले उन हजारों अल्पसंख्यक परिवारों की भी है, जो हर दिन अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर डर के साये में जीते हैं।  लगातार नाबालिग लड़कियों के अपहरण, जबरन शादी और धर्म परिवर्तन के मामलों से पाकिस्तान की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर अब सवाल उठ रहे हैं. अब नजर इस बात पर है कि आखिर इन बच्चियों को न्याय मिलेगा, या हजारों बच्चियों की तरह वो भी अदालती सुनवाई का हिस्सा बन कर रह जाएंगी। 

महाराष्ट्र के नांदेड़ में दर्दनाक हादसा, ट्रक और टाटा मैजिक की भिड़ंत में 9 की गई जान

नांदेड़ महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है. एक तेज रफ्तार ट्रक और टाटा मैजिक की भिड़ंत में 9 लोगों की मौत हो गई है. इसके अलावा तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए है. घायलों को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. कुछ घायलों की हालत नाजुक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. जानकारी के अनुसार यह भीषण हादसा शाम करीब 6:30 बजे नांदेड़-भोकर हाईवे पर वाकद गांव के पास सीताखंडी इलाके में हुआ.  भोकर से नांदेड़ की दिशा में जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सामने से आ रही टाटा मैजिक यात्री वैन को जोरदार टक्कर मार दी।  टक्कर इतनी भयानक थी कि टाटा मैजिक वैन के परखच्चे उड़ गए और वह छिटककर सड़क के किनारे जा गिरी. वैन में कुल 12 यात्री सवार थे, हादसे के वक्त दोनों वाहनों की रफ्तार काफी तेज थी. घायलों को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. कुछ घायलों की हालत नाजुक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.  मिली जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा शाम करीब 6:30 बजे नांदेड़-भोकर हाईवे पर वाकद गांव के पास सीताखंडी इलाके में हुआ।  जोरदार टक्कर की वजह से 9 यात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और सड़क पर क्षत-विक्षत शव बिखर गए. हादसे की तेज आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और पुलिस व एंबुलेंस को घटना की सूचना दी. इसके अलावा 3 घायलों को आनन-फानन में भोकर और नांदेड़ के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. वैन को टक्कर मारने के बाद ट्रक का अगला हिस्सा भी पूरी तरह पिचक गया. इसके चलते ट्रक ड्राइवर केबिन के अंदर ही फंस गया. पुलिस और बचाव दल उसे बाहर निकालने की लंबी कोशिश चली. वैन में सफर कर रहे सभी लोग स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस हादसे में गलती किसकी थी।   

Central Employees LTC: फ्री टूर का मौका बढ़ा, जम्मू-कश्मीर समेत 10 राज्यों की यात्रा पर 2028 तक मिलेगा लाभ

नई दिल्ली देश के 49 लाख से ज्‍यादा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए जम्मू-कश्मीर, लेह-लद्दाख, अंडमान-निकोबार और नॉर्थ-ईस्ट के 8 राज्‍यों की हवाई यात्रा LTC की विशेष सुविधा को 2 साल के लिए बढ़ा दिया है. केंद्रीय नौकरी में लगे लाखों कर्मियों को इन राज्‍यों के लिए फ्री टूर सुविधा दी जाती है. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के पत्र के मुताबिक, ये सुविधा जो पहले 26 सितंबर 2026 तक के लिए मान्‍य थी, वो अब 25 सितंबर 2028 तक लागू रहेगी।  होमटाउन LTC को टूर में कन्‍वर्ट करा सकेंगे कर्मचारी  इसमें होमटाउन के लिए मिलने वाली LTC स्‍कीम को टूर वाले राज्‍यों में कन्‍वर्ट कराने की सुविधा दी जाती है. इसके तहत पात्र सरकारी कर्मचारी 4 साल के ब्लॉक में अपने एक होमटाउन LTC को बदलकर नॉर्थ-ईस्ट रीजन, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर या लद्दाख का टूर कर सकते हैं।  LTC यानी लीव ट्रैवल कंसेशन स्‍कीम के तहत केंद्रीय कर्मियों को ग्रेड के अनुसार, घर जाने के लिए या देश में टूर के लिए रेल या हवाई यात्रा के टिकट का खर्च दिया जाता है. कर्मचारियों के टिकट का खर्च बाद में रीम्‍बर्श हो जाता है।  किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ? इस योजना का लाभ सभी पात्र सरकारी कर्मचारियों को दिया जाएगा. केंद्रीय कर्मी 4 साल के ब्लॉक में मिलने वाले अपने एक होमटाउन LTC को टूर के लिए कन्वर्ट करा सकते हैं. इससे उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी जो सितंबर 2026 तक यात्रा की योजना नहीं बना पाए थे।  नए भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए भी ये सुविधा उपलब्ध रहेगी. जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि अभी 9 साल से कम है, उन्हें चार साल के ब्लॉक में तीन होमटाउन LTC और एक ऑल इंडिया LTC का अधिकार होता है. ऐसे कर्मचारी भी अपने तीन होम टाउन LTC में से एक को नॉर्थ-ईस्ट, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर या लद्दाख की यात्रा के लिए बदल सकेंगे।  इसके अलावा, नए कर्मचारियों को चार साल के ब्लॉक में जम्मू-कश्मीर या लद्दाख जाने के लिए एक अतिरिक्त होमटाउन LTC कन्वर्जन की अनुमति होगी. इसका मतलब है कि पात्र नए कर्मचारियों को इन क्षेत्रों की यात्रा के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकता है।  किन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा फायदा? जिन सरकारी कर्मचारियों का होम टाउन और हेडक्‍वार्टर या जॉब-टाउन सेम है, उन्‍हें इस सुविधा का लाभ नहीं दिया जाता है. चूंकि उनके होमटाउन के लिए LTC नहीं मिलती तो वो इसे टूर में कन्‍वर्ट भी नहीं करा सकते।  इस बात को लेकर AINPSF को आ‍पत्ति है. AINPSF के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल का कहना है कि किसी कर्मी को अगर उसके होमटाउन में ही जॉब मिल जाती है, तो इसमें उसकी क्‍या गलती है, उसे इसका खामियाजा क्‍यों भुगतना पड़ता है. उनकी मांग है कि ऐसे कर्मचारियों को भी होम टाउन LTC मिले, ताकि इसे कन्‍वर्ट कर वे देश में टूर कर सकें।  हवाई यात्रा के नियम क्या हैं? जिन सरकारी कर्मचारियों को अपनी सेवा शर्तों के तहत हवाई यात्रा की पात्रता है, वे अपने हेडक्‍वार्टर से तय कैटगरी में किसी भी एयरलाइन से यात्रा कर सकते हैं. ये यात्रा तय शर्तों के अधीन करनी होती है।  जिन कर्मचारियों को सामान्य तौर पर हवाई यात्रा की अनुमति नहीं है, वे भी इस विशेष योजना के तहत इकोनॉमी क्‍लास में किसी भी एयरलाइन से यात्रा कर सकते हैं।  हालांकि, उनके लिए कुछ खास रूट तय किए गए हैं. जैसे कि      कोलकाता या गुवाहाटी से नॉर्थ-ईस्ट के किसी भी शहर तक.     कोलकाता, चेन्नई या विशाखापट्टनम से पोर्ट ब्लेयर तक.     दिल्ली या अमृतसर से जम्मू-कश्मीर या लद्दाख के किसी भी स्थान तक. इन रूट्स पर हवाई यात्रा के लिए कर्मचारी के हेडक्‍वार्टर से संबंधित शहर यानी कि कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, विशाखापट्टनम, दिल्ली या अमृतसर तक का सफर उन्‍हें ट्रेन से ही और तय कैटगरी में ही करना होगा। 

यूरोप में गर्मी का कहर! सूखे नदी-तालाब, घटी मिट्टी की नमी; अगस्त ने बनाया तापमान का रिकॉर्ड

नई दिल्ली अगस्त 2026 दुनिया का अब तक का सबसे गर्म अगस्त रहा. यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने दुनिया का औसत तापमान जुलाई 2023 के रिकॉर्ड के बराबर रहा. अगस्त में धरती का औसत तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.65 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा।  इस बढ़ती गर्मी का असर यूरोप में भी साफ दिखा. जून से अगस्त 2026 की अवधि रिकॉर्ड में सबसे गर्म गर्मियों में शामिल रही और 2024 के स्तर के बराबर रही. पूरे यूरोप में 2026 की गर्मी रिकॉर्ड में तीसरी सबसे गर्म रही, जबकि पश्चिमी यूरोप में यह अब तक की सबसे गर्म गर्मी रही।  यूरोप में बारिश कम, सूखा बढ़ा अगस्त में यूरोप के बड़े हिस्से में बारिश कम हुई. इससे जमीन में नमी कम हो गई और कई नदियों में पानी भी घट गया. फ्रांस, ब्रिटेन, हंगरी, रोमानिया और सर्बिया में गंभीर सूखे की स्थिति रही. राइन, दानुबे, सदर्न बग और ड्नीपर जैसी बड़ी नदियों में पानी का बहाव सामान्य से काफी कम रहा।  कई इलाकों में लंबे समय तक गर्म और सूखा मौसम बना रहा. अगस्त के आखिर में कुछ जगहों पर बारिश हुई, जिससे सूखे से थोड़ी राहत मिली. वहीं, कुछ इलाकों में ज्यादा बारिश के कारण बाढ़ भी आई।  समुद्र भी रहा बहुत गर्म अगस्त में एक्सट्रा-पोलर महासागरों का औसत सी सरफेस टेम्परेचर (SST) भी रिकॉर्ड स्तर पर रहा. यह मार्च 2024 के रिकॉर्ड के बराबर था. वहीं, एक्सट्रा-पोलर महासागर का रोजाना का सबसे ज्यादा SST 21.11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  ट्रॉपिकल प्रशांत महासागर में भी समुद्र की सतह काफी गर्म रही. यहां अल नीनो की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है. ग्लोबल वार्मिंग के साथ समुद्र के बढ़ते तापमान का असर दुनिया के मौसम पर भी पड़ सकता है।  आर्कटिक में भी कम हुई समुद्री बर्फ अगस्त में आर्कटिक सी आइस का औसत फैलाव रिकॉर्ड में 12वां सबसे कम रहा. यानी आर्कटिक में समुद्री बर्फ का क्षेत्र सामान्य के मुकाबले काफी कम रहा. गर्मी और सूखे का असर इंडोनेशिया में जंगलों की आग पर भी पड़ रहा है. अगस्त में वहां मौसम जंगलों में मौसमी आग के और बढ़ने के लिए अनुकूल रहा।  कॉपरनिकस के आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में बढ़ती गर्मी का असर अब कई जगहों पर साफ दिखाई दे रहा है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फॉसिल फ्यूल्स का इस्तेमाल कम करना, क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देना और बदलते मौसम के असर से निपटने की तैयारी करना जरूरी है। 

मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, एडवांस टेस्टिंग उपकरणों की लागत उठाएगी सरकार

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने देश के मेडिकल डिवाइस (चिकित्सा उपकरण) क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस क्षेत्र में उन्नत परीक्षण उपकरणों के लिए सरकार की ओर से 100 प्रतिशत फंडिंग सहायता देने की घोषणा की है।सरकार के इस फैसले का एसोसिएशन आफ इंडियन मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री (एआइएमईडी) ने दिल खोलकर स्वागत किया है। एआइएमईडी ने इस प्रतिबद्धता को भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक बड़ा 'गेम-चेंजर' बताया है।संगठन का कहना है कि यह निर्णय भारत के मेडिकल डिवाइस उद्योग को न केवल लागत के मामले में, बल्कि तकनीक और गुणवत्ता के मामले में भी दुनिया में सबसे आगे खड़ा करेगा। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत के साथ MSME के लिए संजीवनी घोषणा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एआइएमईडी के फोरम समन्वयक राजीव नाथ ने कहा कि यह घोषणा भारत को दुनिया के शीर्ष पांच मेडिकल डिवाइस विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने के हमारे साझा दृष्टिकोण को मान्यता देती है। अब तक उन्नत परीक्षण बुनियादी ढांचे की कमी एक बड़ी बाधा थी। 100 प्रतिशत सरकारी सहायता मिलने से भारतीय निर्माता अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कामन टेस्ट सुविधाओं से छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ स्टार्टअप्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इससे विदेशी लैब पर निर्भरता कम होगी, परीक्षण की भारी लागत से राहत मिलेगी और परीक्षण रिपोर्ट को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता मिलेगी। 'ब्रांड इंडिया' को मिलेगा बड़ा बढ़ावा राजीव नाथ ने इस कदम को सरकार का एक "समझदारी भरा निवेश" करार देते हुए कहा कि इसका सीधा लाभ 'ब्रांड इंडिया' की साख मजबूत करने के रूप में मिलेगा। संगठन ने उम्मीद जताई है कि इस नीति के क्रियान्वयन में उद्योग जगत के सुझावों को शामिल किया जाएगा ताकि वास्तविक जरूरतों के अनुसार सुविधाओं का विकास हो सके।  

PIN Code के बाद DigiPIN की एंट्री, 4×4 मीटर तक की लोकेशन को मिलेगा 10-अक्षरों-अंकों का यूनिक कोड

भोपाल  भारतीय डाक ने देश में जगहों की डिजिटल पहचान के लिए ‘डिजिपिन’ यानी डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर शुरू किया है। इसके तहत हर जगह को 10 अक्षरों और अंकों का एक खास कोड मिलेगा। इससे किसी जगह की पहचान मौजूदा 6 अंकों वाले पिन कोड से ज्यादा सटीक तरीके से की जा सकेगी। खास बात यह है कि डिजिपिन मौजूदा पिन कोड की जगह नहीं लेगा। इसे पुराने पते और पिन कोड के साथ इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसे डाक विभाग ने आईआईटी हैदराबाद और इसरो के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के साथ मिलकर तैयार किया है। भारतीय डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने देशभर में पते (एड्रेस) की खोज और डिलीवरी सेवाओं को अधिक सटीक और आधुनिक बनाने के लिए एक नया डिजिटल पोस्टल इंडेक्स नंबर यानी 'डिजिपिन' (DigiPIN) लॉन्च किया है। यह एक जियो-कोडेड एड्रेसिंग सिस्टम है, जिसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) और आईआईटी हैदराबाद के सहयोग से तैयार किया गया है। यह टैक्नोलॉज देश के किसी भी कोने में मौजूद किसी खास स्थान की सटीक पहचान करने में मदद करेगी। 6-अंकों वाले पिन कोड से कैसे अलग है डिजिपिन? हमारा पारंपरिक 6-अंकों का पिन कोड एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र, जैसे किसी पूरे इलाके, डाकघर या गांवों के समूह को दर्शाता है। इससे किसी खास मकान या जगह तक पहुंचना हमेशा आसान नहीं होता। इसके विपरीत, डिजिपिन पूरे भारत को करीब 4 मीटर x 4 मीटर के छोटे-छोटे ग्रिड में बांटता है। हर ग्रिड को 10 अक्षरों और अंकों (अल्फान्यूमेरिक) से मिलकर बना एक यूनिक कोड दिया गया है। यह कोड अक्षांश और देशांतर (लैटीट्यूड और लोंगिट्यूड) के आधार पर तैयार होता है, जिससे किसी भी सटीक स्थान को चंद मीटर के दायरे में पहचाना जा सकता है। क्या बंद हो जाएगा पुराना पिन कोड? डिजिपिन के आने से पुराना पिन कोड बिल्कुल बंद नहीं होगा। डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिपिन पुराने 6-अंकों वाले पिन कोड या पारंपरिक पते की जगह नहीं लेगा, बल्कि यह उनके साथ एक अतिरिक्त डिजिटल लेयर के रूप में काम करेगा। आम नागरिक अपने पारंपरिक पते और पुराने पिन कोड के साथ डिजिपिन का उपयोग भी कर सकेंगे, ताकि कोरियर या अन्य सेवाएं बिना किसी भटकाव के उनके दरवाजे तक पहुंच सकें। ऑफलाइन सुविधा और आम नागरिक को होने वाले फायदे डिजिपिन का सबसे बड़ा फायदा उन इलाकों में होगा जहां मकान नंबर, गली या सड़क का नाम सही तरीके से दर्ज नहीं है। गांवों, दूर-दराज के इलाकों और बिना नाम वाली गलियों में भी अब सटीक पता खोजना आसान हो जाएगा। इस सिस्टम की एक खास बात यह भी है कि यह ऑफलाइन काम कर सकता है। एक बार लोकेशन के आधार पर डिजिपिन कोड जनरेट हो जाने के बाद, इसे इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ती है। इमरजेंसी सेवाओं और डिलीवरी में क्रांतिकारी बदलाव ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए डिजिपिन बेहद मददगार साबित होगा। पार्सल डिलीवरी में लगने वाला समय और पते न मिलने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपदा राहत टीमों को आपात स्थिति में तुरंत और सटीक जगह पर पहुंचने में आसानी होगी। इसके अलावा, डिजिटल केवाईसी (KYC), सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन और सरकारी संपत्तियों की मैपिंग में भी डिजिपिन की बड़ी भूमिका होगी। पना डिजिपिन (DigiPIN) कैसे खोजें? डाक विभाग ने यूजर्स के लिए 'नो योर डिजिपिन' (Know Your DIGIPIN) नाम से एक वेब एप्लिकेशन लॉन्च किया है। इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी भी अकाउंट या लॉगिन की जरूरत नहीं है। नागरिक इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर जाकर अपने मोबाइल या डिवाइस की लोकेशन ऑन करके तुरंत अपनी वर्तमान जगह का डिजिपिन हासिल कर सकते हैं। यह पूरा सिस्टम ओपन-सोर्स है, ताकि अन्य संस्थाएं भी इसे आसानी से अपना सकें।

Bank Holiday Alert: आज से बैंक बंद रहने का सिलसिला, 11-13 सितंबर की छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखें

नई दिल्ली क्या आप भी इस हफ्ते कैश निकालने, केवाईसी (KYC) अपडेट कराने या चेक जमा करने बैंक जाने वाले हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की है. आज  यानी 11 सितंबर 2026 शुक्रवार को देशभर में बैंक यूनियनों ने हड़ताल का ऐलान किया है. सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि इस हड़ताल के ठीक अगले दिन 12 सितंबर को दूसरा शनिवार है और 13 सितंबर को रविवार है. ऐसे में लगातार तीन दिन बैंक से जुड़ा काम प्रभावित हो सकता है।  11, 12 और 13 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे या बंद? बता दें कि  11 सितंबर को RBI की तरफ से देशभर के लिए बैंक हॉलिडे नहीं है. इस दिन बैंक यूनियनों की हड़ताल (Bank strike in september 2026) है. वहीं 12 सितंबर को दूसरा शनिवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे और 13 सितंबर को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी होगी.हालांकि,वीकेंड की वजह से 2 दिन तो देश के सभी बैंक बंद रहेंगे लेकिन तीनों दिन देशभर के बैंको में एक जैसी बैंक छुट्टी नहीं रहेगी।  इसलिए बैंक जाने के लिए घर से निकलने से पहले ये जान लें कि कहीं उस दिन बैंक की छुट्टी तो नहीं है? जानिए सितंबर महीने के आने वाले दिनों में आखिरकब-कब और  क्यों बंद रहेंगे बैंक और इस दौरान आप अपने जरूरी काम कैसे निपटा सकते हैं।  11 सितंबर को क्यों होगी बैंक हड़ताल? यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने  5-डे बैंकिंग सिस्टम अन्य मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है.बैंक कर्मचारियों ने दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा बाकी शनिवार को भी छुट्टी देने की मांग है. इसके बदले वो सोमवार से शुक्रवार तक एक्स्ट्रा काम करने के लिए तैयार हैं ताकि ग्राहकों को किसी तरह की दिक्कत न हो।  बता दें कि सितंबर के महीने में सिर्फ 11 तारीख को ही हड़ताल नहीं है. यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 28, 29 और 30 सितंबर को भी तीन दिवसीय हड़ताल का प्लान बनाया है. इतना ही नहीं, अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।  दिल्ली में 11 सितंबर को बैंक खुलेंगे या नहीं? दिल्ली में रहने वाले लोगों के मन में ये सवाल है कि 11 सितंबर को बैंक की छुट्टी तो नहीं है. बता दें कि 11 सितंबर को आरबीआई की हॉलिडे लिस्ट के हिसाब से तो दिल्ली में बैंक की छुट्टी नहीं है. लेकिन इसी दिन बैंक यूनियनों की हड़ताल भी है. इसलिए खासकर सरकारी बैंकों की शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है. दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन भी है. इसके चलते कोर्ट और स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है. लेकिन बैंकों में सामान्य दिनों के तरह काम जारी रह सकता है।  12 और 13 सितंबर को कहां-कहां बैंकों की छुट्टी? अगर  11 सितंबर को बैंक का जरूरी काम है, तो आज ही उसे निपटा लेना बेहतर रहेगा. क्योंकि 12 सितंबर को दूसरा शनिवार है. इस दिन देशभर के बैंक बंद रहते हैं. इसके बाद 13 सितंबर को रविवार है. हालांकि 12 सितंबर को दूसरा शनिवार भी है. वैसे बैंक की छुट्टियां शहर के हिसाब से अलग हो सकती हैं. किसी दूसरे शहर में बैंक खुला हो सकता है, जबकि आपके शहर में उस दिन बैंक की छुट्टी हो सकती है।  जैसे- जयपुर में 11 सितंबर को नगर निगम चुनाव की वजह से भी बैंक  में छुट्टी रहेगी.वहीं गुवाहाटी में 12 सितंबर को श्रीमंत शंकरदेव की तिरुभाव तिथि के कारण भी बैंक बंद है. ऐसे में ब्रांच जाकर होने वाले काम के लिए आपको 14 सितंबर तक इंतजार करना पड़ सकता है।  सितंबर में कब-कब बैंक रहेंगे बंद?     14 सितंबर को गणेश चतुर्थी और इससे जुड़े त्योहारों के कारण बेलापुर, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा समेत कई केंद्रों में बैंक बंद रहेंगे.     15 सितंबर को अहमदाबाद, भुवनेश्वर और पणजी में क्षेत्रीय त्योहारों के कारण बैंक की छुट्टी है.      21 सितंबर को गुवाहाटी और कोच्चि में बैंक बंद रहेंगे.      22 सितंबर को रांची और 23 सितंबर को जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेगा.      25 सितंबर को गंगटोक में इंद्रजात्रा के कारण बैंक बंद रहेंगे.     26 सितंबर को चौथा शनिवार है. इस दिन भी देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी. बैंक की छुट्टी और हड़ताल में डिजिटल बैंकिंग का करें इस्तेमाल हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सर्विस बैंक की छुट्टी या हड़ताल के दौरान भी पर चलती रहेंगी. यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पेमेंट और पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. एटीएम से भी कैश निकाल पाएंगे.एसबीआई ने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, योनो, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है.लेकिन अगर आपको कैश जमा करना या निकालना है, केवाईसी अपडेट,चेक जमा करने  या लोन से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो उसे हड़ताल और छुट्टियों के बाद ही करा पाएंगे।  बैंक जाने से पहले आरबीआई हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक अपने शहर की छुट्टी की लिस्ट जरूर चेक कर लें. इससे बेवजह भागदौड़ भी नहीं होदा और आपका समय खराब भी नहीं होगा।