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एक तरफ वेनेजुएला संकट, दूसरी तरफ अमेरिकी सहयोगी पर हमला; जेट विमानों से की गई भीषण बमबारी

वाशिंगटन एक तरफ अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण और गिरफ्तारी में लगा हुआ था, दूसरी ओर उसके नए सहयोगी सीरिया में हवाई हमले हो रहे थे। सबसे बड़ी बात यह है कि ये हवाई हमले नाटो सदस्य देशों ब्रिटेन और फ्रांस ने किए। दरअसल, ब्रिटेन और फ्रांस ने शनिवार शाम को सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमला किया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई सीरिया के एक भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाकर की गई, जहां हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे जाने की संभावना थी।   ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटिश और फ्रांसीसी वायु सेनाओं ने शनिवार शाम सीरिया में एक संयुक्त अभियान चलाकर इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह द्वारा पहले उपयोग किए गए एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडारण स्थल पर बमबारी की। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के विमानों ने प्राचीन स्थल पल्मायरा से कुछ मील उत्तर पहाड़ों में एक भूमिगत सुविधा की पहचान की। उसने साथ ही यह भी कहा कि इस सुविधा का उपयोग हथियारों एवं विस्फोटकों के भंडारण के लिए किया जाता था। मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश सेना ने टाइफून एफजीआर4 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया, और संयुक्त हमले में फ्रांसीसी विमान भी शामिल थे। बयान में कहा गया है कि ब्रिटिश वायु सेना ने सुविधा केंद्र तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाने के लिए पेववे IV निर्देशित बमों का इस्तेमाल किया। इसमें यह भी कहा गया कि हालांकि अभी विस्तृत मूल्यांकन चल रहा है, लेकिन शुरुआती संकेत यह हैं कि लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई ब्रिटेन के नेतृत्व और मध्य पूर्व में आईएस तथा उसकी हिंसक विचारधाराओं के किसी भी पुनरुत्थान को खत्म करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। सीरियाई सरकार की ओर से इन हमलों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई। सीरिया पिछले साल के अंत में आईएस विरोधी गठबंधन में शामिल हुआ था। गौरतलब है कि 2019 में सीरिया में हार के बावजूद, आईएस के स्लीपर सेल अभी भी सीरिया और इराक में घातक हमले कर रहे हैं, जहां चरमपंथियों ने कभी अपना खिलाफत घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सीरिया और इराक में अपने पूर्व गढ़ों में आईएस के अभी भी 5000 से 7000 सदस्य सक्रिय हैं। बता दें कि पिछले महीने ट्रंप प्रशासन ने सीरिया में आईएस लड़ाकों और हथियार स्थलों को नष्ट करने के लिए सैन्य हमले शुरू किए, जो पल्मायरा के पास हुए एक घात लगाकर किए गए हमले के प्रतिशोध में किए गए थे, जिसमें कुछ दिन पहले दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे।

अमेरिका के वेनेजुएला हमले पर भड़के शशि थरूर, बोले— अब दुनिया में ‘जंगलराज’ चल रहा है

नई दिल्ली अमेरिका ने देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया। अब दोनों पर अमेरिका में ही मुकदमा चलाने की तैयारी है। इसके साथ ही, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि फिलहाल वेनेजुएला को अमेरिका ही चलाएगा। वेनेजुएला मामले को लेकर दुनियाभर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं शशि थरूर, अभिषेक मनु सिंघवी आदि ने भी रिएक्शन दिया है।   लोकसभा सांसद शशि थरूर ने कहा कि कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को नजरअंदाज किया जा रहा है, और अब जंगल का कानून चल रहा है। एक्स पर एक पोस्ट में थरूर ने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर को कुछ सालों से तोड़ा जा रहा है। आज जंगल का कानून चल रहा है। 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' ही नया नियम है।" वहीं, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन, युद्धपोत से लोकतंत्र और खुद बनाए गए सिद्धांत के तहत संप्रभुता को फिर से लिखना? यह लीडरशिप नहीं है, यह 21वीं सदी की भाषा में 19वीं सदी का साम्राज्यवाद है। अगर अंतर्राष्ट्रीय कानून सिर्फ कमजोरों के लिए मायने रखता है, तो यूएन को बंद हो जाना चाहिए। दुनिया नियमों की हकदार है, न कि सनकी शासकों की।" बता दें कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर दुनिया भर में कड़ी प्रतिक्रियाएं हुई हैं। चीन, रूस, फ्रांस और ईरान सहित कई देशों ने अमेरिका की इस कार्रवाई की आलोचना और निंदा की है। इसके अलावा, भारत ने भी वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम को लेकर रविवार को गहरी चिंता व्यक्त की। भारत ने कहा कि वह वेनेजुएला में तेजी से बदल रही स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं। हम तेजी से बदलती स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।’’ भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का भी आह्वान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत वेनेजुएला के लोगों के कुशल-क्षेम और उनकी सुरक्षा के प्रति समर्थन की फिर पुष्टि करता है।’’ बयान में कहा गया, ‘‘हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।’’  

दलित महिला हत्याकांड: आरोपी की रहस्यमयी मौत, जंगल से बरामद हुआ शव, मामले में लव जिहाद का एंगल

बेंगलुरु कर्नाटक में उत्तर कन्नड़ जिले के येल्लापुर कस्बे में 30 वर्षीय दलित महिला की सड़क पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि यह हत्या उसके परिचित व्यक्ति ने की। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक दीपन एमएन ने बताया कि आरोपी रफीक इमामसाब का शव रविवार को येल्लापुर के पास जंगल में पेड़ से लटका हुआ मिला। इस घटना से कस्बे में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया है और कई हिंदू संगठनों ने रविवार को येल्लापुर में बंद का आह्वान किया है। उन्होंने महिला की हत्या को लव जिहाद का मामला बताया है। मृतका की पहचान येल्लापुर के कलम्मा नगर निवासी 30 वर्षीय रंजीता भानसोड के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसी इलाके का रहने वाला रफीक महिला की हत्या का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने बताया कि रफीक और रंजीता स्कूल के दिनों से दोस्त थे। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि आरोपी महिला पर शादी का दबाव डाल रहा था। जब महिला ने इससे इनकार किया, तो उसने सरे आम कथित तौर पर चाकू से महिला पर हमला कर दिया।’ यह घटना शनिवार दोपहर को हुई, जब रंजीता अपने कार्यस्थल से घर लौट रही थी। पहले से शादीशुदा थी महिला पुलिस ने बताया कि रंजीता ने लगभग 12 साल पहले महाराष्ट्र के सोलापुर के सचिन कटेरा से शादी की थी और उनका 10 साल का बेटा है। पुलिस ने बताया कि वह अपने पति से अलग येल्लापुर में अपने परिवार के साथ रह रही थी, जहां वह एक सरकारी स्कूल में मध्याह्न भोजन सहायिका के रूप में काम करती थी। आरोपी अक्सर उसके घर भोजन के लिए आता था, लेकिन तनाव तब बढ़ गया जब उसने शादी करने पर जोर दिया जिसका रंजीता और उसके परिवार ने विरोध किया। हत्या के बाद, आक्रोशित निवासियों और हिंदुत्व कार्यकर्ताओं ने आरोपी की गिरफ्तारी में देरी का आरोप लगाते हुए येल्लापुर थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है। लव जिहाद का बताया जा रहा मामला इसी बीच, रफीक का शव जंगल में एक पेड़ से लटका हुआ मिला। श्री राम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक ने कहा, ‘यह पूरी तरह से लव जिहाद का मामला है, जिसमें अविवाहित महिलाओं, विधवाओं या तलाकशुदा महिलाओं को निशाना बनाया जाता है।’ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र रविवार को रंजीता के परिवार से मुलाकात करेंगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने येल्लापुर और उसके आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

सर्दी का कहर: उत्तर भारत ठंड की गिरफ्त में, एक हफ्ते तक कोहरे का अलर्ट; जानें शीतलहर की स्थिति

 नई दिल्ली उत्तर भारत में अगले सात दिनों तक सुबह और शाम के समय बहुत घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पू्र्वी राजस्थान में चार जनवरी को शीतलहर की चेतावनी है। इसके अलावा, पांच से आठ जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के कुछ इलाकों, पांच से नौ जनवरी के दौरान पश्चिमी राजस्थान, पांच से 10 जनवरी के दौरान पूर्वी राजस्थान में और छह व सात जनवरी के दौरान झारखंड में शीतलहर चलने की पूरी संभावना है।   मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान, उत्तर पश्चिम भारत में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद इसमें दो दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिलेगी। अगले तीन दिनों के दौरान, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। अगले दो दिनों में महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभवना नहीं है। इसके बाद इसमें चार दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। जम्मू कश्मीर में पारा हिमांक के नीचे लुढ़का वहीं, उत्तर भारत शनिवार को भयंकर ठंड की चपेट में रहा तथा जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में पारा हिमांक बिंदु से नीचे चला गया। मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड का प्रकोप रहा और सुबह के शुरुआती घंटों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान लगाया है कि चार से सात जनवरी तक राष्ट्रीय राजधानी में अलग-थलग स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है। विभाग ने रविवार को यहां घना कोहरा छाये रहने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। जब न्यूनतम तापमान मौसमी औसत से 4.5 से 6.5 डिग्री नीचे गिर जाता है, तब शीतलहर घोषित की जाती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 1.2 डिग्री अधिक था। यहां अधिकतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम था। यहां आयानगर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोधी रोड पर सबसे अधिक अधिकतम तापमान 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

एलन मस्क से टकराव के बीच मादुरो का बड़ा दांव: गिरफ्तारी पर ट्रंप को सराहा, देश में 1 महीने इंटरनेट फ्री

नई दिल्ली दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के मालिक एलन मस्क ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी है। मस्क ने इस सैन्य सफलता को पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी जीत करार देते हुए कहा कि यह दुनिया भर के तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है। इससे पहले फरवरी 2025 में एलन मस्क ने तर्क दिया था कि अमेरिका को दूसरे देशों में शासन परिवर्तन की कोशिश करने के बजाय अपने आंतरिक मामलों पर ध्यान देना चाहिए।   शनिवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी थी कि अमेरिकी सेना ने एक गुप्त अभियान में निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मस्क ने ट्वीट किया, "बधाई हो राष्ट्रपति ट्रंप! यह पूरी दुनिया के लिए एक जीत है और हर जगह मौजूद दुष्ट तानाशाहों के लिए एक स्पष्ट संदेश है। वेनेजुएला अब उस समृद्धि और खुशहाली का हकदार है, जिसकी उसे प्रतीक्षा थी।" फ्री इंटरनेट इसके साथ ही मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने वेनेजुएला के नागरिकों के लिए एक महीने (3 फरवरी 2026 तक) के लिए मुफ्त इंटरनेट सेवा देने का भी ऐलान किया है, ताकि वहां के लोग दुनिया से जुड़े रह सकें। आपको बता दें कि एलन मस्क और निकोलस मादुरो के बीच पिछले काफी समय से कड़वाहट रही है। मादुरो ने मस्क को अपना 'कट्टर दुश्मन' बताया था और वेनेजुएला में 'X' पर प्रतिबंध भी लगाया था। मस्क लगातार मादुरो को तानाशाह कहते रहे हैं और वहां के विपक्ष का समर्थन करते आए हैं। मस्क का यह ताजा बयान उनके उसी पुराने रुख की पुष्टि करता है। निकोलस मादुरो की यह गिरफ्तारी अमेरिका द्वारा उन पर रखे गए इनाम को दोगुना करने के कुछ महीने बाद हुई है। अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं की तस्करी में उनकी कथित भूमिका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने उन पर 50 मिलियन डॉलर (लगभग 415 करोड़ रुपये) का इनाम घोषित किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो और उनकी पत्नी पर अब अमेरिका में 'नार्को-टेररिज्म' से जुड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मस्क के साथ-साथ कई अन्य वैश्विक नेताओं ने भी इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जबकि वेनेजुएला के भीतर इसे लेकर तनाव बना हुआ है।  

वेनेजुएला हालात पर भारत चिंतित, MEA ने शांति और संवाद की अपील की

नई दिल्ली वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी सेना द्वारा गिरफ्तारी और वहां पैदा हुए तनावपूर्ण हालातों पर भारत ने बयान जारी कर चिंता जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर वेनेजुएला के घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारत वेनेजुएला में तेजी से बदलती स्थितियों पर करीबी नजर रख रहा है। भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता क्षेत्र की स्थिरता और वहां के लोगों की सुरक्षा है। भारत ने वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रमों को चिंताजनक बताया है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से आग्रह किया है कि वे विवादित मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से निकालें। क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी स्थिति साफ की है। कराकस स्थित भारतीय दूतावास वहां मौजूद भारतीय समुदाय के संपर्क में है। दूतावास को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारतीयों को हर संभव सहायता और दिशा-निर्देश प्रदान करना जारी रखें। विदेश मंत्रालय ने कहा, 'वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलती हुई स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करता है। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों को सुलझाएं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे। कराकस में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और सभी संभव सहायता देना जारी रखेगा।' पहले ही जारी हो चुकी है 'ट्रैवल एडवाइजरी' इससे पहले शनिवार रात को भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी भी जारी की थी। इसमें भारतीयों को वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही, वहां रह रहे भारतीयों को अपनी आवाजाही सीमित रखने और अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा गया है।  

RSS चीफ मोहन भागवत की नसीहत- ‘घर से ही लव जिहाद रोकना शुरू करें’

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख ने शनिवार को कहा कि ‘लव जिहाद’ को रोकने के प्रयास परिवार से ही शुरू होने चाहिए। उन्होंने इसके लिए परिवारों में संवाद, महिलाओं में जागरूकता और सामूहिक सामाजिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया। आरएसएस की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि संगठन की ओर से यहां आयोजित ‘स्त्री शक्ति संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने महिलाओं की सामाजिक भूमिका पर चर्चा के दौरान ‘लव जिहाद’ के मुद्दे का उल्लेख किया। ‘लव जिहाद’ शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी संगठन मुस्लिम पुरुषों द्वारा हिंदू महिलाओं का कथित तौर पर प्रेम संबंध या शादी के जाल में फंसाकर इस्लाम धर्म में धर्मांतरण कराने के संदर्भ में करते हैं। भागवत ने कहा कि परिवारों को यह आत्ममंथन करना चाहिए कि किसी परिवार की लड़की किसी अजनबी के प्रभाव में कैसे आ जाती है। उन्होंने इसे परिवारों में संवाद की कमी का परिणाम बताया। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि इस दिशा में तीन स्तरों पर प्रयास जरूरी हैं, जिनमें परिवारों के भीतर निरंतर संवाद, लड़कियों में जागरूकता पैदा करना और स्वयं की रक्षा के लिए उन्हें सक्षम बनाना तथा ऐसे अपराध करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों को भी सतर्क रहना चाहिए और समाज को सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया देनी चाहिए, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके। भागवत ने कहा कि धर्म, संस्कृति और सामाजिक व्यवस्था महिलाओं के कारण सुरक्षित है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तीकरण, वैचारिक दिशा और पारिवारिक व सामाजिक जीवन में उनकी सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘वह समय बीत चुका है जब सुरक्षा के नाम पर महिलाओं को घरों तक सीमित रखा जाता था।’ उन्होंने कहा कि परिवार और समाज पुरुषों और महिलाओं के संयुक्त प्रयासों से आगे बढ़ते हैं, इसलिए दोनों का ‘प्रबोधन’ आवश्यक है। कार्यक्रम में आरएसएस के मध्य भारत प्रांत के प्रांत संघचालक अशोक पांडे और विभाग संघचालक सोमकांत उमलाकर भी मंच पर मौजूद थे। भागवत ने कहा कि महिलाएं परिवार में देखभाल करने वाली की केंद्रीय भूमिका निभाती हैं और संतुलन, संवेदनशीलता एवं व्यवस्था बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि देश की आबादी में महिलाओं की संख्या लगभग आधी है और सामाजिक तथा राष्ट्रीय कार्यों में अधिक से अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जरूरत है। मानसिक स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि यह जरूरी है कि परिवार में कोई भी स्वयं को अकेला महसूस न करे। उन्होंने बच्चों पर वास्तविकता से परे अपेक्षाएं थोपने से बचने की सलाह दी और कहा कि सफलता से अधिक महत्वपूर्ण जीवन का अर्थ है। भागवत ने कहा कि भारत ‘मानसिक गुलामी’ से बाहर निकल रहा है और दुनिया उम्मीदों के साथ देश की ओर देख रही है।

वेनेजुएला पर हमले के बाद भारत ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली. वेनेजुएला में अमेरिका के हमले और पत्नी सहित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के पकड़े जाने के बाद भारत की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वेनेजुएला के हालात को देखते हुए वहां की गैर जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद सभी भारतीयों से भी अत्यधिक सावधानी बरतने और अपनी आवाजाही सीमित रखने को कहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि शनिवार तड़के काराकस में बड़े पैमाने पर किए गए अमेरिकी हमलों के दौरान मादुरो को पकड़ लिया गया। उन्होंने कहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी फिलहाल अमेरिकी युद्धपोत पर हैं और उन्हें न्यूयॉर्क लाया जा रहा है। न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। भारत की एडवाइजरी में क्या है विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘जो भारतीय किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी गतिविधियां सीमित रखने और काराकस स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।’ वेनेजुएला में लगभग 50 अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और 30 भारतीय मूल के लोग रहते हैं। अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति पैदा हो गई है। रूस और चीन सहित कई प्रमुख देशों ने मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई के लिए वॉशिंगटन की आलोचना की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े गिरोहों को समर्थन देने के आरोपों में मुकदमे का सामना करना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला पर कब्जे का कर दिया ऐलान वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वेनेजुएला में सुरक्षित सत्ता हस्तांतरण होने तक अमेरिका उस देश का प्रशासन संभालेगा। भारत ने अभी तक अमेरिका के इस अभियान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि केरल के मुख्यमंत्री ने अमेरिका के इस अभियान की निंदा की है। उन्होंने इसे आतंकवादी घटना बताया है। एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए विजयन ने कहा कि यह एक साम्राज्यवादी हमला है। उन्होंने कहा कि यह हमला एक दुष्ट राज्य के शातिर प्रशासन को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि अपने स्वार्थ को थोपने के लिए यह ग्लोबल साउथ में आशांति औऱ अस्थिरता पैदा कर रहा है। विजयन ने कहा कि कि वैश्विक समुदाय को इकट्ठे होकर इस तरह के हमले की निंदा करनी चाहिए।

बीजेपी नेताओं को नसीहत- ‘नितिन नबीन अब माननीय अध्यक्ष, सीधा नाम लेकर न बुलाएं’

नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांगठनिक ढांचे में हाल ही में हुए बदलावों के बाद पार्टी के भीतर एक नई कार्यशैली और कड़े अनुशासन का संदेश दिया जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां नए कार्यकारी अध्यक्ष के पद की गरिमा को लेकर कड़े निर्देश जारी हुए हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष ने पदभार संभालते ही बागी और गुटबाज तेवर रखने वालों को आईना दिखाना शुरू कर दिया है। भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के मनोनयन के बाद पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि संगठन में पद सर्वोपरि है। चूंकि नए अध्यक्ष उम्र और अनुभव में कई वरिष्ठ नेताओं से छोटे हैं, इसलिए अक्सर आपसी चर्चाओं में वरिष्ठ नेता उन्हें नाम से संबोधित कर देते थे। पार्टी ने अब सभी नेताओं और पदाधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि बातचीत के दौरान 'प्रोटोकॉल' का पूरा ध्यान रखा जाए। निर्देश दिया गया है कि पुराने निजी संबंध चाहे जो भी रहे हों, लेकिन चर्चा के दौरान पद की गरिमा के अनुरूप ही सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग होना चाहिए। विशेष रूप से इसलिए भी क्योंकि कार्यकारी अध्यक्ष के जल्द ही पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना है। हालांकि, स्वयं नितिन नबीन की सादगी चर्चा का विषय है। वे आज भी अपने वरिष्ठों से उसी पुराने सम्मान और सहजता के साथ मिल रहे हैं। खेमेबाजी पर पंकज चौधरी का कड़ा प्रहार वहीं, उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कमान संभालते ही यह साफ कर दिया है कि वे अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। हाल ही में एक खास जाति से जुड़े विधायकों की अलग बैठक और खेमेबाजी की खबरों पर अध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसी गतिविधियां पार्टी के संविधान और आदर्शों के खिलाफ हैं। सियासी गलियारों में इस सख्ती के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसे 'मिशन-2027' के लिए टिकट पक्का करने की होड़ मान रहे हैं, तो कुछ इसे नए अध्यक्ष की पहली बड़ी परीक्षा। अध्यक्ष के इस कड़े रुख से उन लोगों के पसीने छूट रहे हैं जो अब तक गुट बनाकर काम कर रहे थे। उन्हें डर है कि उनकी पिछली कारगुजारियां और जातिगत राजनीति की जानकारी नए अध्यक्ष तक पहुंच गई, तो उनके राजनीतिक भविष्य पर संकट आ सकता है। पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग अध्यक्ष के इस अनुशासन की सराहना कर रहा है, उनका मानना है कि चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं में यह संदेश जाना जरूरी था। वहीं, कुछ लोग इसे अतिरेक मान रहे हैं। फिलहाल, भाजपा मुख्यालय से लेकर जिलों तक में इस नए अनुशासन की चर्चा जोरों पर है।

ओवैसी ने दी चुनौती- ‘मोदी जी 56 इंच का सीना है तो 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को पाकिस्तान से पकड़कर लाएं’

मुंबई. अमेरिकी सेनाओं की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो को पकड़कर यूएस ले जाने का मामला गरमाया हुआ है। भारत में भी इस पर काफी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दे डाली। मुंबई में जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, 'आज हमने सुना कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेनाओं ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मदुरो को पकड़ लिया और उन्हें उनके देश से अमेरिका ले गए। अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उनके अपने देश से अपहरण कर सकते हैं, तो आप भी पाकिस्तान जाकर 26/11 आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को भारत ला सकते हैं।' असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मोदी जी हम आपको कह रहे हैं, आप भी पाकिस्तान में जाकर जो मुंबई की सड़कों पर साजिश करने वाले 26/11 के जालिम लोग हैं, चाहे वो मसूद अजहर हो या फिर लश्कर-ए-तैयबा का जालिम शैतान हो। उन्होंने कहा, 'मोदी जी 56 इंच का सीना है तो भेजकर उनको उठाकर लाओ। अगर ट्रंप कर सकते हैं तो क्या आप कम हैं। जब ट्रंप कर सकता है तो आपको भी करना पड़ेगा, क्योंकि मोदी ने कहा था- अबकी बार ट्रंप सरकार।' वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिकी सेनाओं ने वेनेजुएला पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया, जिसमें काराकास और आसपास के इलाकों में विस्फोट हुए। इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो व उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़ लिया गया और उन्हें देश से बाहर अमेरिका ले जाया गया। ट्रंप ने कहा कि मदुरो को नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी के आरोपों में न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाया जाएगा। अमेरिका अंतरिम रूप से वेनेजुएला को संभालेगा जब तक सब सुरक्षित नहीं हो जाता। इस कार्रवाई की कई देशों ने निंदा की, जबकि विपक्षी नेता और प्रवासी वेनेजुएलावासियों ने जश्न मनाया।