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टैरिफ और भारत की शक्ति पर मोहन भागवत की खुली टिप्पणी, जानें असर

नागपुर  टैरिफ और रूस से तेल आयात के चलते भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में गिरावट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है, जिसके चलते दुनियाभर में उनकी किरकिरी हो रही है। इस बीच, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका का बिना नाम लिए हुए टैरिफ को लेकर उनपर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि दुनिया में लोगों को डर लगता है कि ये बड़ा हो जाएगा तो मेरा क्या होगा? मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में कहा, ''भारत बड़ा होगा तो हमारा स्थान कहां होगा, इसलिए लागू करो टैरिफ। हमने तो कुछ किया नहीं। जिसने किया था, उसको पुचकार रहे हैं, क्योंकि ये साथ रहेगा तो भारत पर थोड़ा दबाव बना सकते हैं। यह क्यों है, सात समंदर पार आप लोग हैं, हम यहां पर हैं। कोई संबंध तो है नहीं, लेकिन डर लगता है। मैं, मेरा के चक्कर में ये सारी बातें हो रही हैं। जब समझ में आता है कि मैं मेरा, हम हमारा है। ये सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं। दुनिया को आज हल चाहिए। उन्होंने अपनी अधूरी दृष्टि के आधार पर हल निकालने का बहुत प्रयास किया, लेकिन नहीं मिला, क्योंकि मिलना संभव नहीं है।'' भागवत ने कहा कि भारत महान है और भारतीयों को भी महान बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत बड़ा है तथा वह और बड़ा होना चाहता है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अगर मनुष्य अपना रवैया ‘‘मैं’’ से ‘‘हम’’ में बदल लें तो सभी मुद्दे सुलझ जाएंगे। दुनिया समाधान तलाश रही है। भागवत ने कहा कि मनुष्य और राष्ट्र जब तक अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, तब तक वे समस्याओं का सामना करते रहेंगे। नागपुर में ब्रह्माकुमारी विश्व शांति सरोवर के सातवें स्थापना दिवस समारोह में भागवत ने कहा कि ब्रह्माकुमारी की तरह ही आरएसएस भी आंतरिक चेतना को जागृत करने के लिए काम करता है। जब तक मनुष्य और राष्ट्र अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, तब तक वे समस्याओं का सामना करते रहेंगे। अगर हम करुणा दिखाएं और भय पर विजय पाएं, तो हमारा कोई शत्रु नहीं रहेगा। बता दें कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में सिर्फ भारत से ही नहीं, बल्कि चीन-रूस समेत तमाम देशों के साथ अमेरिका के रिश्ते खराब हुए हैं। दरअसल, रेसिप्रोकल टैरिफ के नाम पर ट्रंप दुनियाभर पर शुल्क लगा रहे हैं। पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, लेकिन बाद में रूस से तेल खरीदने के चलते 25 फीसदी और शुल्क लगा दिया। इससे भारत, चीन और रूस एक बार फिर से करीब आते हुए दिखाई दिए। ट्रंप को अपनी यह गलती समझ आई और हाल ही में भारत के प्रति उन्होंने अपना रुख नरम किया। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता सफल निष्कर्ष पर पहुंचेगी।  

उड़ान भरते ही रनवे पर गिरा SpiceJet विमान का पहिया, मुंबई एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

मुंबई  गुजरात के कांडला से मुंबई आ रहे स्पाइसजेट के Q400 विमान का आउटर व्हील टेकऑफ के तुरंत बाद रनवे पर गिर गया. मुंबई में लैंडिंग के समय पायलट ने इमरजेंसी की घोषणा की, हालांकि विमान की सेफ लैंडिंग हुई. स्पाइसजेट का बॉम्बार्डियर DHC8-400 विमान, जिसकी उड़ान संख्या SG-2906 थी, ने शुक्रवार दोपहर 2.39 बजे कांडला एयरपोर्ट के रनवे नंबर 23 उड़ान भरी. टेक आफ के तुरंत बाद टावर कंट्रोलर ने विमान से एक काले रंग की बड़ी वस्तु रनवे पर गिरती देखी. इंस्पेक्शन टीम ने जाकर देखा तो प्लेन का पहिया गिरा हुआ था. फ्लाइट ने दोपहर 15:51 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर तकनीकी खराबी की सूचना के बाद इमरजेंसी लैंडिंग की. एयरपोर्ट प्रशासन ने सावधानी के तौर पर फुल इमरजेंसी घोषित किया था. हालांकि, विमान ने रनवे नंबर 27 पर सुरक्षित लैंडिंग की. विमान में चालक दल समेत करीब 78 यात्री सवार थे. वे सभी सुरक्षित हैं. लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर सामान्य परिचालन बहाल हो गया. बॉम्बार्डियर DHC8-400 में ट्राइसाइकिल लैंडिंग गियर सिस्टम होता है, जिसमें नोज गियर पर दो पहिये और प्रत्येक मुख्य लैंडिंग गियर पर दो मुख्य पहिये होते हैं. स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, '12 सितंबर को कांडला से मुंबई जा रहे स्पाइस जेट Q400 विमान का एक बाहरी पहिया उड़ान भरने के बाद रनवे पर पाया गया. विमान ने मुंबई की अपनी यात्रा जारी रखी और हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा. लैंडिंग के बाद, विमान टर्मिनल तक पहुंचा और सभी यात्री सामान्य रूप से उतरे.' इससे पहले 29 अगस्त को स्पाइसजेट की दिल्ली-श्रीनगर फ्लाइट की श्रीनगर एयरपोर्ट पर प्रायोरिटी लैंडिंग करानी पड़ी थी. अधिकारियों ने बताया कि फ्लाइट अचानक तेजी से नीचे आने लगी, तभी कैप्टन ने श्रीनगर एयरपोर्ट के एटीसी से प्रायोरिटी लैंडिंग की अनुमति मांगी. दरअसल, फ्लाइट में केबिन प्रेशर की चेतावनी मिली थी. इसके बाद फ्लाइट SG-385 को श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. स्पाइसजेट की इस फ्लाइट में 4 बच्चों सहित 205 यात्री और चालक दल के 7 सदस्य सवार थे. यात्रियों या चालक दल के सदस्यों ने किसी भी प्रकार की चिकित्सा सहायता का अनुरोध नहीं किया.

डोनाल्ड ट्रंप की उम्मीदों पर पानी: नोबेल शांति कमेटी ने किया खारिज

ओस्लो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि उन्होंने 7 युद्ध रुकवाए हैं और इसके लिए तो उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। उनके इन बयानों से अनुमान लगाया जाता है कि वे नोबेल पुरस्कार के लिए आतुर दिख रहे हैं, लेकिन नोबेल कमेटी पर इसका कोई असर नहीं लगता। नॉर्वे की नोबेल कमेटी का कहना है कि हम पर किसी तरह का दबाव नहीं चलता है। हम पूरी स्वायत्तता और स्वतंत्रता के साथ फैसले लेते हैं। जनवरी में अमेरिका की सत्ता फिर से संभालने वाले डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। वह बराक ओबामा का भी जिक्र कर चुके हैं कि उन्हें तो यह सम्मान बहुत जल्दी मिल गया था। उनका कहना है कि वह 6 से 7 जंग रुकवा चुके हैं और वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं। यही नहीं उनका कहना है कि मैं रूस और यूक्रेन के अलावा इजरायल और हमास के बीच की जंग भी रुकवाने के लिए तत्पर हूं। एएफपी को दिए इंटरव्यू में नोबेल कमेटी के सचिव क्रिस्टियन बर्ग हार्पविकेन ने कहा, 'यह सही है कि किसी खास कैंडिडेट को लेकर मीडिया में काफी चर्चा है। लेकिन यह भी सच है कि इससे हमारे फैसले पर कोई असर नहीं पड़ता। हम अपने मानकों के अनुसार ही निर्णय लेते हैं। इसमें कोई बाहरी फैक्टर काम नहीं करता और ना ही किसी तरह का प्रेशर चलता है।' 10 अक्टूबर को होने वाला है नोबेल पुरस्कार का ऐलान इस साल के नोबेल पुरस्कारों का ऐलान 10 अक्तूबर को होने वाला है। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उनके नाम की सिफारिश बेंजामिन नेतन्याहू और अजरबैजान के इलहाम अलियेव ने भी की है। इसके अलावा पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप को इस बार यह पुरस्कार मिलने की संभावना बहुत कम है। 31 जनवरी ही थी नोबेल पुरस्कार के नामांकन की आखिरी तारीख इसकी वजह यह है कि नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 31 जनवरी ही थी, जबकि उससे ठीक 11 दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने पद संभाला था। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर विचार भी होगा तो वह अगले साल होगा। इस बार उनके नाम के ऐलान की कोई संभावना नहीं है। जुलाई में ही नेतन्याहू ने कहा था कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप का नाम आगे बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने नॉर्वे की नोबेल समिति को लेटर भी भेजा था।  

मोहन भागवत का ट्रंप पर करारा कटाक्ष: डर है तो टैरिफ लगाओ!

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि यह टैरिफ भारत के बढ़ते प्रभाव के डर का नतीजा है. भागवत ने कहा, "दुनिया में लोगों को डर लगता है, भारत बड़ा होगा तो हमारा क्या होगा? तो लगाओ टैरिफ, डर लगता है उनको." उन्होंने आगे कहा कि "हमे चाहिए, मुझे चाहिए, यही व्यक्ति के झगड़े से राष्ट्र झगड़े का कारण होता है." भागवत ने ज़ोर देकर कहा कि दुनिया को आज समाधान चाहिए और भारत ही पूरी दुनिया को सही रास्ता दिखा सकता है. उन्होंने भारत के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहां लोग अभाव में भी खुश रहते हैं, और हालात बदलेंगे तो बदलेंगे. ट्रंप ने भारत पर लगाया है 50 फीसदी टैरिफ  आपको बता दें कि अमेरिका ने 2025 में भारत पर रिकॉर्ड स्तर के टैरिफ लगाए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन्हें “रिसिप्रोकल टैरिफ” नीति के तहत लागू किया है. पहली बार जुलाई 2025 में यह टैरिफ लगाया गया था, जो 1 अगस्त से प्रभावी हुआ. उस समय अमेरिका ने कारण बताया गया कि भारत के ऊंचे टैरिफ और व्यापार घाटे का जवाब देना जरूरी है. इसके बाद अगस्त 2025 में ट्रंप प्रशासन ने दूसरा टैरिफ लगाया, यह कहते हुए कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है और इससे यूक्रेन युद्ध को फंड मिल रहा है. इन दोनों फैसलों के बाद अमेरिका ने भारतीय निर्यातों पर टैरिफ की दर 50% तक पहुंच गई है, जो अमेरिका के किसी भी बड़े व्यापारिक साझेदार पर लगाए गए सबसे ऊंचे टैरिफ हैं.  

धर्म और जाति भूलो, वर्दी की गरिमा निभाओ! सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को लगाई फटकार

मुंबई  सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को फटकार लगाई है. पुलिस को यह फटकार साल 2023 के मारपीट के एक मामले की जांच ना करने पर लगाई गई है. कोर्ट ने कहा, पुलिस की वर्दी पहनने के बाद व्यक्ति को धर्म और जाति सहित सभी तरह के पूर्वाग्रहों से ऊपर उठना चाहिए और कानून के अनुसार कर्तव्य निभाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के गृह सचिव को निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की एक SIT गठित कर जांच कराए. कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार? दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश उस याचिका पर दिया है जिसमें मई 2023 में महाराष्ट्र के अकोला में हुए सांप्रदायिक दंगे की जांच में लापरवाह पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी. अपने कर्तव्यों की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण जांच के लिए दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई थी. याचिकाकर्ता ने खुद को हत्या का चश्मदीद बताया और कहा कि असली दोषी के बजाय मुस्लिम व्यक्तियों पर FIR दर्ज की गई. याचिकाकर्ता ने दंगों के दौरान खुद पर हमले का भी आरोप लगाया था. इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी, यह कहते हुए कि याचिकाकर्ता ने समय पर पुलिस को जानकारी नहीं दी. हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि पीड़ित के परिजन खुद कोर्ट नहीं पहुंचे और याचिका किसी “छिपे मकसद” से दायर लगती है. क्या था पूरा मामला? दरअसल, महाराष्ट्र के अकोला में 13 मई को दो समुदाय में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी. जिसमें एक शख्स की मौत हो गई थी और 8 लोग घायल हुए थे. इस मामले में शुरू में पुलिस ने 6 FIR दर्ज की थी. इस मामले में महाराष्ट्र के अकोला दंगों में गंभीर रूप से घायल मोहम्मद अफजल मोहम्मद शरीफ ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने मामले की सही जांच नहीं की और गंभीर चोटों के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट की अनदेखी की. याचिका में पुलिस जांच में खामियों और न्याय मिलने में विफलता का मुद्दा उठाया गया है. याचिका में इसका भी ज़िक्र है कि घायल चश्मदीद गवाह (मो हम्मद अफ़ज़ल) को अभियोजन पक्ष के गवाहों की सूची से बाहर रखना और घटनाओं की जांच उसके पक्ष में न करना पुलिस अधिकारियों की बदनीयती का संकेत है. अब सुप्रीम कोर्ट नें इसी मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस को फटकार लगाई है.  

शिवसेना की चुनावी रणनीति: BMC चुनाव के लिए एकनाथ शिंदे ने बनाई कमेटी, जानें क्या है प्लान

मुंबई  महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में स्थानीय निकाय चुनाव हो सकते हैं. सभी दलों ने अब अपने-अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. महायुति के प्रमुख नेताओं की ओर से कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि हम राज्य में महायुति के रूप में चुनाव लड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर, इन चुनावों को लेकर महाविकास अघाड़ी की तस्वीर साफ नहीं है, खासकर तब जब आज मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना ठाकरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसने उत्सुकता और बढ़ा दी है. इस पूरी पृष्ठभूमि में शिवसेना शिंदे गुट ने महानगरपालिका चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है. मुंबई महानगरपालिका चुनाव की पृष्ठभूमि में शिवसेना की मुख्य कार्यकारी समिति की घोषणा कर दी गई है. इस टीम में 21 प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है. आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनावों की पृष्ठभूमि में, शिवसेना ने पार्टी की मुख्य कार्यकारी समिति का गठन किया है. इसमें पार्टी के प्रमुख नेता एकनाथ शिंदे समेत 21 शिलाधारक शामिल हैं. जानें मुख्य कार्यकारी समिति में कौन-कौन नेता हैं शामिल महानगरपालिका चुनावों में पार्टी स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय इसी समिति के माध्यम से लिए जाएंगे. इस समिति में शिवसेना के शीर्ष नेताओं, सांसदों, पूर्व सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों को शामिल किया गया है. 1) एकनाथ शिंदे, प्रमुख नेता 2) रामदास कदम, नेता 3) गजानन कीर्तिकर, नेता 4) आनंदराव अडसुल, नेता 5) मीनाताई कांबले, नेता 6) डॉ. श्रीकांत शिंदे, सांसद 7) रवींद्र वायकर, सांसद 8) मिलिंद देवड़ा, राज्यसभा – सांसद 9) राहुल शेवाले, पूर्व सांसद 10) संजय निरुपम, पूर्व सांसद 11) प्रकाश सुर्वे, विधायक 12) अशोक पाटिल, विधायक 13) मुरजी पटेल, विधायक 14) दिलीप लांडे, विधायक 15) तुकाराम काटे, विधायक 16) मंगेश कुडालकर, विधायक 17) श्रीमती। मनीषा कायंदे, विधान परिषद, विधायक 18) सदा सरवणकर, पूर्व विधायक 19) यामिनी जाधव, पूर्व विधायक 20) दीपक सावंत, पूर्व विधायक 21) शिशिर शिंदे, पूर्व विधायक. महाराष्ट्र में जल्द निकाय चुनाव का होगा ऐलान पूर्व सांसद राहुल शेवाले, पूर्व विधायक सदा सर्वणकर, यामिनी जाधव और शिशिर शिंदे को भी समिति में जगह मिली है. भारत के सबसे धनी नगर निकाय, बीएमसी, जिसका 2025-26 का बजट 74,427 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, के चुनाव मार्च 2022 से होने हैं. बीएमसी के अलावा, महाराष्ट्र में कई ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं.  

यात्रियों के लिए खुशखबरी: आपदा के बाद चारधाम यात्रा कल से शुरू, यमुनोत्री का रास्ता भी खुला

उत्तराखंड उत्तराखंड में 13 सितंबर यानी शनिवार से एक बार फिर चार धाम की यात्रा शुरू होने जा रही है. उत्तरकाशी के धराली में आई आपदा के बाद से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम जाने वाला हाईवे बुरी तरह छतिग्रस्त हुआ था, जिसके चलते यात्रा प्रभावित हुई थी. अब गंगोत्री धाम तक सड़क ठीक हो गई है, जिससे गंगोत्री धाम की यात्रा 9 सितंबर से शुरू हो चुकी है. अब यमुनोत्री धाम यात्रा को भी 13 सितंबर से शुरू करने की कवायद की जा रही है. यमुनोत्री धाम हाईवे को यातायात के लिए खोले जाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. केदारनाथ और बद्रीनाथ तक भी सड़क लगभग सभी जगह पर खुल गई है. ऐसे में अब श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आ सकेंगे. 13 सितंबर से यमुनोत्री यात्रा शुरू इसको लेकर उत्तरकाशी के जिलाधिकारी ने बताया कि यमुनोत्री में जंगलचट्टी के पास करीब 150 मीटर सड़क टूटी थी. इसे ठीक करने का काम अंतिम चरण में है. यमुनोत्री धाम की यात्रा 13 सितंबर से शुरू कराने का निर्णय लिया गया है. इसको लेकर ऋषिकेश और हरिद्वार में बनाए गए ऑफलाइन यात्रा पंजीकरण काउंटर भी खोल दिया गया है. उन्होंने कहा कि मौसम और सड़क मार्ग की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को सीमित संख्या में गंगोत्री धाम भेजा जा रहा है. वर्तमान में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू, नालूपानी, हेलगुगाड़, डबरानी संवेदनशील स्थान हैं, जहां रुक-रुक के भूस्खलन हो रहा है. रखें इन बातों का ध्यान सुरक्षा के मद्देनजर और सड़क मार्ग को सुचारू करने के लिए पर्याप्त मशीनरी एवं टीमें तैनात की गई है. उन्होंने कहा श्रद्धालु घर से निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरुर लें, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति मे उन्हें परेशानियों का सामना ना करना पड़े. चारधाम यात्रा खत्म होने में अब सिर्फ दो महीने से कम का समय बाकी है. विजयादशमी 2 अक्टूबर को बद्रीनाथ धाम का कपाट बंद होने का मुहूर्त और दिन निकाला जाएगा. इसके बाद 23 अक्टूबर भाईदूज के मौके पर कपाट को बंद कर दिया जाएगा  

पोखरा में फंसी भारतीय टीम की आपबीती वायरल, उपासना गिल ने भावुक होकर मांगी मदद

काठमांडू  नेपाल में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने एक बड़ी राहत भरी कार्रवाई करते हुए फंसी हुई भारतीय वॉलीबॉल टीम को सुरक्षित निकाला. यह कदम उस समय उठाया गया, जब टीवी प्रेजेंटर उपासना गिल का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया. गिल नेपाल में एक वॉलीबॉल लीग के लिए गई थीं, लेकिन अचानक फैली हिंसा में फंस गईं. उनके वीडियो अपील ने ही भारतीय दूतावास को सक्रिय किया और पूरी टीम की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी. वीडियो अपील बनी सहारा उपासना गिल ने पोखरा से वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई थी. उन्होंने कहा, 'मेरा नाम उपासना गिल है और मैं यह वीडियो प्रफुल्ल गर्ग को भेज रही हूं. मैं भारतीय दूतावास से मदद की अपील करती हूं. जो भी मदद कर सकते हैं, कृपया करें. मैं पोखरा, नेपाल में फंसी हुई हूं.'  गिल ने अपने होटल पर हुए हमले का भी जिक्र किया.उन्होंने बताया कि जिस होटल में वह ठहरी थीं, उसे प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया. उन्होंने कहा, 'मेरे सारे सामान और सामान से भरा कमरा जल गया. मैं उस समय स्पा में थी और प्रदर्शनकारी बड़े-बड़े डंडों के साथ पीछा कर रहे थे. मैं मुश्किल से अपनी जान बचा पाई.' दूतावास की त्वरित कार्रवाई वीडियो सामने आते ही भारतीय दूतावास ने तुरंत हरकत में आते हुए वॉलीबॉल टीम को काठमांडू स्थित सुरक्षित घर में शिफ्ट किया. सूत्रों के मुताबिक टीम के अधिकांश सदस्य पहले ही भारत लौट चुके हैं और बाकी की वापसी की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों ने बताया कि दूतावास लगातार टीम के सभी सदस्यों से संपर्क बनाए हुए है और उनकी सुरक्षा पर नजर रखे हुए है. नेपाल में क्यों भड़के प्रदर्शन? नेपाल में सोमवार को सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे. लेकिन ये प्रदर्शन जल्दी ही भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ व्यापक जन आंदोलन में बदल गए. हालात इतने बिगड़े कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा. राजधानी काठमांडू से लेकर पोखरा तक प्रदर्शनकारियों ने सरकारी इमारतों और होटलों को निशाना बनाया, जिससे आम लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन भारतीय दूतावास ने न सिर्फ टीम को बचाया, बल्कि नेपाल में फंसे अन्य भारतीयों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. काठमांडू स्थित कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध करा रहा है. दूतावास के इस प्रयास ने एक बार फिर यह साबित किया कि संकट की घड़ी में विदेशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालना सरकार की प्राथमिकता रहती है. राहत की सांस वॉलीबॉल टीम के सुरक्षित निकलने के बाद उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है. जिन खिलाड़ियों की वापसी अभी बाकी है, उनके लिए भी जल्द इंतजाम किए जा रहे हैं. उपासना गिल ने भी भारतीय दूतावास का धन्यवाद करते हुए कहा कि अगर समय रहते मदद न मिलती, तो हालात बेहद गंभीर हो सकते थे. नेपाल में भले ही हालात अभी सामान्य नहीं हैं, लेकिन भारतीय दूतावास की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने न सिर्फ खिलाड़ियों की जान बचाई, बल्कि संकट में फंसे लोगों को भरोसा भी दिलाया कि भारत हमेशा अपने नागरिकों के साथ खड़ा है.

वैष्णो देवी यात्रा 14 सितंबर से संभावित, मौसम ठीक रहा तो यात्रियों को मिलेगी हरी झंडी

कटरा  खराब मौसम और ट्रैक की आवश्यक मरम्मत कार्यों के चलते अस्थायी रूप से स्थगित की गई श्री माता वैष्णो देवी यात्रा के फिर से शुरू होने की खबर सामने आ चुकी है। अब जल्द ही फिर से 'जय माता दी' के नारों से पूरा मार्ग गूंज उठेगा। आपको बता दें कि हाल ही में पहाड़ों पर हुई जोरदार बारिश के कारण भूस्खलन की बड़ी घटना हुई। कई यात्रियों की जान भी चली गई। अब मौसम में बदलाव देखने को मिला है। बारिश के दौरान खराब हुआ ट्रैक की मरम्मत हो चुकी है। अब 14 सितंबर से पुनः यात्रा शुरू होगी। अगर मौसम विपरीत होती है तो श्राइन बोर्ड आगे निर्णय लेगा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों यात्रा को रोकना पड़ा था। ट्रैक पर मरम्मत और रखरखाव के कार्य पूरे कर लिए गए हैं। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति और बोर्ड की ताजा एडवाइजरी अवश्य देखें। जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा से श्री माता वैष्णो देवी यात्रा 26 अगस्त से स्थगित है। तीर्थयात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण यात्रा स्थगित की गई है। उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त को अर्धकुंवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के निकट भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 34 लोग मारे गए थे जिनमें अधिकतर तीर्थयात्री शामिल थे जबकि कई अन्य घायल हुए थे। व्यापारियों की मांग थी कि श्राइन बोर्ड कम से कम यात्रा को पुनः शुरू करने के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट करे, क्योंकि 22 सितंबर से नवरात्र भी शुरू होने वाले हैं। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने 26 अगस्त को हुए भूस्खलन के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। जम्मू-कश्मीर जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा की अध्यक्षता वाली समिति में जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षक बीएस टूटी शामिल हैं और यह दो सप्ताह के भीतर उपराज्यपाल सिन्हा को एक व्यापक रिपोर्ट सौंपेगी।

दिल्ली और बॉम्बे हाईकोर्ट को बम की धमकी, ई-मेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

नई दिल्ली/मुंबई  दिल्ली और बॉम्बे हाईकोर्ट में शुक्रवार दोपहर के दौरान मिली बम-धमकी की सूचना से हड़कंप मच गया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक  एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ जिसमें दिल्ली हाईको कोर्ट परिसर में तीन बम रखे होने और दोपहर 2 बजे तक हाईकोर्ट खाली कराने का आदेश दिया गया था. इस धमकी के तुरंत बाद बॉम्बे हाईकोर्ट में भी बम की धमकी का मेल आया जिसके बाद तुरंत ही कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और जजों तथा वकीलों को बाहर निकाला गया. पुलिस ने फौरन सुरक्षा-प्रोटोकॉल लागू करते हुए सभी जजों को कक्षों से बाहर निकाला और वकीलों, स्टाफ तथा लोगों को कोर्ट परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया. मौके पर बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad), स्पेशल सेल और दिल्ली पुलिस की कई यूनिट तैनात कर दी गईं और परिसर की बारी-बारी तलाशी चल रही है. पुलिस ने आसपास के इलाकों को भी सील कर सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन के सचिव विक्रम सिंह पंवार ने आजतक से बातचीत करते हुए कहा, 'सुरक्षा तंत्र स्थिति का आंकलन कर रहा है. ईमेल को गंभीरता से लिया जा रहा है. फिलहाल घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है.' मेल की मुख्य बातें दिल्ली हाईकोर्ट को लेकर भेजे गए धमकी वाले मेल में दावा किया गया है कि हाईकोर्ट परिसर में 3 बम रखे गए हैं और सभी को दोपहर 2 बजे तक वहां से हटा लिया जाना चाहिए. मेल में एक असामाजिक/आक्रामक राजनीतिक संदेश भी था जिसमें कुछ नेताओं को निशाना बनाने जैसी कड़वी बातें लिखी गईं; कुछ विशिष्ट नामों का भी जिक्र था. अधिकारियों का कहना है कि मेल की भाषा और संदर्भ इस घटना को “इंसाइड जॉब” जैसा बताने की कोशिश करते हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मेल में तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी डीएमके (DMK) का भी जिक्र है. मेल में कहा गया है, "हम प्रस्ताव करते हैं कि डॉ. एझिलान नागनाथन को डीएमके की कमान संभालनी चाहिए." इसके साथ ही, मेल में यह भी धमकी दी गई है कि उदयनिधि स्टालिन के बेटे इनबानिधि उदयनिधि को तेजाब से जलाया जाएगा. मेल में कहा गया है, 'एजेंसियों को इस बात की भनक तक नहीं लगेगी कि यह कोई अंदरूनी साजिश है.उदाहरण के तौर पर, आपके दिल्ली हाईकोर्ट में आज का धमाका पिछले झांसों के संदेह को दूर कर देगा. दोपहर की इस्लामी नमाज़ के तुरंत बाद जज चैंबर में धमाका होगा.' जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मेल को गंभीर मानते हुए उसकी फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है. मेल किस आईपी एड्रेस/सर्वर से भेजा गया, क्या मेल-हेडर में छेड़छाड़ हुई है, और मेल भेजने वाले की पहचान कैसे की जाए, इन पहलुओं पर काम चल रहा है. साथ ही मेल में जिन नामों का जिक्र था, उन पर भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है और सम्बंधित चैनलों को सूचित कर प्रतिक्रिया मांगी गई है.